मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने किया देहरादून से पिथौरागढ़ विमान सेवा का शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर देहरादून-पिथौरागढ़-देहरादून विमान सेवा का शुभारंभ किया है। इस मौके पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि रामनवमी के शुभ अवसर पर देहरादून से पिथौरागढ़ के लिए 42 सीटर विमान सेवा शुरु होने से पिथौरागढ़ – देहरादून का सफर एक घंटे में पूरा हो सकेगा। उन्होंने कहा कि यह विमान सेवा सामरिक रूप से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय था जब हवाई यात्रा करना केवल विशिष्ट और सम्पन्न वर्ग के लोगों के लिए ही संभव माना जाता था। परंतु आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हवाई चप्पल पहनने वाला आम नागरिक भी हवाई यात्रा कर सकता है। प्रधानमंत्री जी ने वर्ष 2016 में UDAN योजना की शुरुआत कर देश में नागरिक विमानन के क्षेत्र में एक नई क्रांति का सूत्रपात किया था। जिसके माध्यम से छोटे शहरों, दूरस्थ और सीमांत क्षेत्रों को हवाई नेटवर्क से जोड़कर आम नागरिकों को सस्ती दरों पर हवाई सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने दो दिन पूर्व ही उड़ान योजना 2.0 को मंजूरी प्रदान की है। जिसके अंतर्गत, आगामी 10 वर्षों में लगभग 29 हजार करोड़ रुपये के बजट से 100 नए हवाई अड्डों और 200 नए हेलीपैड के विकास का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस योजना का विस्तार विशेष रूप से टियर-2 और टियर-3 शहरों में क्षेत्रीय हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत बनाने तथा दूरस्थ और पहाड़ी क्षेत्रों में सस्ती एवं सुगम हवाई सेवा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया है।

*जीवन रेखा बन चुकी है हवाई सेवाएं*
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य के लिए हवाई सेवाएँ मात्र एक परिवहन का साधन नहीं, बल्कि जीवन रेखा बन चुकी है। दुर्गम और दूरस्थ अंचलों में आवश्यक सामग्री पहुँचाने से लेकर गंभीर रोगियों को त्वरित उपचार के लिए बड़े अस्पतालों तक लाने में हवाई सेवाएं कारगर साबित हो रही हैं। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वर्तमान में उड़ान योजना के अंतर्गत राज्य में 26 हवाई मार्गों का संचालन किया जा रहा है। राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों को हवाई कनेक्टिविटी से जोड़ने के लिए वर्ष 2023 में “उत्तराखण्ड एयर कनेक्टिविटी योजना” प्रारंभ की गई है। वर्तमान में इस योजना के अंतर्गत 6 हवाई मार्गों पर उड़ानों का नियमित संचालन किया जा रहा है। बीते चार वर्षों में प्रदेश में हेलिपोर्ट्स की संख्या 2 से बढ़कर 12 हो गई है। साथ ही, हेलीपैड की संख्या 60 से बढ़कर 118 हो चुकी है। उत्तराखंड को “बेस्ट स्टेट फॉर प्रमोशन ऑफ एविएशन इकोसिस्टम” जैसा राष्ट्रीय सम्मान भी प्राप्त हो चुका है।

*एक घंटे में पूरा होगा पिथौरागढ़ का सफर*
मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून- पिथौरागढ़ हवाई सेवा के प्रारंभ होने से, पिथौरागढ़ के लोग एक घंटे में देहरादून तक पहुंच सकते हैं। इस सेवा से पिथौरागढ़ की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि पहले हमारे सीमांत क्षेत्रों को वर्षों तक उपेक्षित रखा, जिस कारण इन क्षेत्रों में विकास की गति सीमित रही। आज केंद्र और राज्य सरकार मिलकर सीमांत और दूरस्थ क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में काम कर रही हैं। इसी दिशा में चलते हुए पिथौरागढ़ और मुनस्यारी के बीच भी हेली सेवा प्रारंभ की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पिथौरागढ़ हवाई अड्डे को 450 करोड़ रुपये की लागत से विकसित करने का काम भी कर रही है। इसी क्रम में राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री की उपस्थिति में भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण और उत्तराखंड सरकार के मध्य नैनी सैनी हवाई अड्डे के अधिग्रहण के लिए एमओयू भी किया है, जिससे आने वाले समय में इस क्षेत्र को और भी अधिक फायदा मिलेगा।

इस अवसर पर केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू ने वीडियो संदेश के जरिए देहरादून- पिथौरागढ़ विमान सेवा के लिए अपनी शुभकामानाएं देते हुए राज्य में हवाई सुविधाओं को बढ़ावा देने का आश्वासन दिया। समारोह में कैबिनेट मंत्री खजान दास, भरत चौधरी, विधायक बृजभूषण गैरोला, पूर्व विधायक चंद्रा पंत, दायित्वधारी हेमराज बिष्ट, एलाइंस एयर के सीएमडी अमित कुमार, उकाडा के सीईओ डॉ. आशीष चौहान, एसीईओ संजय टोलिया मौजूद थे।

सीएम धामी से की बार एसोसिएशन देहरादून के प्रतिनिधिमंडल की शिष्टाचार भेंट

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से आज मुख्यमंत्री आवास में बार एसोसिएशन देहरादून के अधिवक्ताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल ने उत्तराखंड सरकार के सफलतापूर्वक चार वर्ष पूर्ण होने पर मुख्यमंत्री को शुभकामनाएं दीं एवं राज्य के समग्र विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।

प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा न्यायिक व्यवस्था को सुदृढ़ एवं पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से अधिवक्ताओं के हितों के संरक्षण, न्यायालय परिसरों में सुविधाओं के विस्तार एवं न्यायिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने हेतु किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।

इस दौरान नई आपराधिक संहिताओं के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में भी विस्तृत चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि नई संहिताओं के लागू होने से न्याय प्रणाली अधिक सुदृढ़, त्वरित एवं जनोन्मुखी बनेगी। मुख्यमंत्री ने इस संबंध में अधिवक्ताओं की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि न्याय व्यवस्था को प्रभावी बनाने में बार और बेंच के बीच समन्वय आवश्यक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार न्यायिक अधोसंरचना के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। न्यायालय परिसरों का आधुनिकीकरण, डिजिटल सुविधाओं का विस्तार, ई-कोर्ट प्रणाली को बढ़ावा तथा न्यायिक प्रक्रियाओं को सरल एवं पारदर्शी बनाने के लिए अनेक पहल की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं की सुविधा हेतु बार भवनों के निर्माण, पुस्तकालयों के सुदृढ़ीकरण तथा अन्य आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यह भी कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था को मजबूत करने, न्यायिक प्रक्रियाओं में तेजी लाने तथा आमजन को सुलभ न्याय उपलब्ध कराने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने आश्वस्त किया कि अधिवक्ताओं एवं बार संगठनों के सुझावों को प्राथमिकता के साथ लिया जाएगा तथा न्यायिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने हेतु हर संभव कदम उठाए जाएंगे।

देहरादून डीएम ने 136 से अधिक बालिकाओं की शिक्षा को किया पुनर्जीवित

ऋषिपर्णा सभागार कलेक्ट्रेट में आज ‘‘ नंदा-सुनंदा’’ 14वें संस्करण का आयोजन किया गया। नवंरात्र के पावन अवसर पर जिलाधिकारी सविन बसंल ने नंदा-सुनंद देवी रूपी 10 बालिकाओं की शिक्षा को पुनर्जीवित कर की देवियों की स्तुति। नंदा-सुनंदा देवी रूपी 10 बालिकाओं की शिक्षा 2.03 लाख के चैक वितरित किए गए। जिला प्रशासन का प्राजेक्ट ‘‘नंदा-सुनंदा’’ से जनपद अंतर्गत अब तक 136 से अधिक असहाय जरूरतमंद बालिकाओं की शिक्षा को पुनर्जीवित किया जा चुका है। यह पहल समाज के कमजोर वर्गों की बेटियों के लिए आशा की किरण बनकर उभरी है तथा बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक प्रभावी मॉडल के रूप में स्थापित हो रही है।

जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री का सकंल्प है कि जनमानस के विकास, शिक्षा आदि के लिए संचालित योजना के क्रियान्वयन में जिले स्तर पर यदि कहीं कोई गैप रह जाते हैं तो उनको भरते हुए जरूरममंदो को योजना से लाभान्वित किया जाना है।

मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देशन में जिला प्रशासन द्वारा संचालित प्रोजेक्ट ‘‘नंदा-सुनंदा’ का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता प्रदान करना नहीं, बल्कि नंदा-सुनंदा देवी रूपी बालिकाओं को शिक्षित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की नींव मजबूत करना है। इस योजना के माध्यम से ऐसी बालिकाओं को चिन्हित किया जा रहा है जिनके परिवार में किसी दुर्घटना/घटना से परिवार आर्थिक से शिक्षा बाधित हो गई है ऐसी होनहार बालिकाओं जिनमें शिक्षित होकर आगे बढने की ललक है उनकी शिक्षा को पुनर्जीवित कर सशक्त बनाना है।

जिलाधिकारी ने चयन समिति एंव ग्रांउड स्तर पर कार्य कर ही टीम के कार्यों की सराहना भी की। यदि हम किसी बेटी को सशक्त करते हैं तो पूरा कुल सशक्त होता है।

बनियावाला निवासी आराध्या सिंह जिनके पिता की मृत्यु होने के उपरान्त कक्षा 4की शिक्षा बाधित हो गई थी। ग्राम सुद्धोवाला निवासी मान्यता ठाकुर जिनके पिता लापता हैं तथा 05 भाई-बहन है तथा बड़ी बेटी विकलांग है परिवार की आर्थिक स्थिति खराब है बेटी की 10वीं शिक्षा बाधित हो गई है। मोलाराम कालोनी सहस्त्रधारा निवासी माही चौहान जिनके पिता की मृत्यु 2021 में हो गई है परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है। एमडीडीए कालोनी डालनवाला निवासी नियति वासुदेव जिनके पिता नशे के आदी है नशामुक्ति केन्द्र में भर्ती है परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है तथा कक्षा 06 की शिक्षा बाधित हो गई थी। नई बस्ती गुरूरोड पटेलनगर निवासी सोफिया अल्वी पिता की मृत्यु हो चुकी है परिवार की आर्थिक स्थिति दयनीय है।

झंडाबाजार निवासी अनुष्का शर्मा पिता की मृत्यु 2022 में हो गई चुकी माता कपड़े की दुकान काम करती है परिवार की आर्थिक स्थिति रूप से अत्यंत कमजोर होने से कक्षा 9 की शिक्षा बाधित हो गई है। ओगल भट्टा सुभाषनगर निवासी नंन्दनी व नंदिता जिनके पिता 01 वर्ष से अलग रह रहे है तथा माता घरों मे साफ-सफाई कर घर का खर्चा चलाती हैं, माता हार्ट पेंशेंट है तथा नंदनी की कक्षा 6 व नंदिता की कक्षा 4 की शिक्षा बाधित हो गई है। हरिपुर रायवाला निवासी हर्षिता की जिनके पिता की मृत्यु हो गई है परिवार की आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण बीकॉम की शिक्षा बाधित हो गई है। हर्रावाला निवासी त्रिशा जिनकी माता की कैंसर से मृत्यु हो गई है माता के उपचार पर अत्यधिक खर्चा होने के उपरान्त आर्थिक स्थिति खराब हो गई है पिता फीस देने में असमर्थ है तथा कक्षा 5 की शिक्षा बाधित हो गई थी सभी बालिकाओं की शिक्षा को प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा से पुनर्जीवित कर दिया है। पारिवारिक घटनाओं से आर्थिक संकट में फंसे परिवार की बेटियों को प्रोजेक्ट नंदा-सुनदां से शिक्षा पुनर्जीवित सशक्त बनाने बेड़ा उठाया है अब तक 136 बालिकाओं की शिक्षा पुनर्जीवित की गई है।

मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने कहा कि बालिकाएं अपनी पढाई पर ध्यान दें प्रशासन आपकी आगे भी सहायता करता रहेगा। उन्होंने अपेक्षा की सफल होकर अपने जैसे अन्य जरूरतमंदो को आगे बढाएं। पुलिस अधीक्षक नगर प्रमोद कुमार ने कहा कि जिला प्रशासन का यह प्रोजेक्ट सराहनीय है बालिकाओं एवं उनके परिजनों को पुलिस की सहायता की आवश्यकता है तो पुलिस सदैव तत्पर है।

कार्यक्रम में उपस्थित अभिभावकों ने मुख्यमंत्री के निर्देशन में जिला प्रशासन की इस पहल की सराहना करते हुए बालिकाओं की शिक्षा पुनर्जीवित करने पर राज्य सरकार का जिला प्रशासन का धन्यवाद ज्ञापित किया। इस योजना को समाज के लिए प्रेरणादायी बताया।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, पुलिस अधीक्षक नगर प्रमोद कुमार, मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार ढौंडियाल, जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास जितेन्द्र कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने किया सनातन परंपरा पर आधारित पंचांग कैलेंडर का भव्य विमोचन

हिन्दू नववर्ष के शुभ अवसर पर आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास पर सूचना एवं लोक संपर्क विभाग द्वारा प्रकाशित पंचांग कैलेंडर का विधिवत विमोचन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने इसे राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को सहेजने एवं जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड अपनी सनातन परंपराओं, धार्मिक आस्थाओं और सांस्कृतिक मूल्यों के लिए देश-विदेश में विशिष्ट पहचान रखता है। यहां की परंपराएं केवल आस्था का विषय नहीं हैं, बल्कि यह हमारी जीवनशैली, सामाजिक संरचना और सांस्कृतिक चेतना का अभिन्न अंग हैं। ऐसे में पंचांग कैलेंडर का प्रकाशन राज्य की इस गौरवशाली विरासत को संरक्षित करने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने का एक सशक्त माध्यम बनेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पंचांग कैलेंडर राज्यवासियों को न केवल तिथि, वार, पक्ष, मास, पर्व एवं विशेष दिवसों की सटीक जानकारी प्रदान करेगा, बल्कि पारंपरिक त्योहारों, व्रतों और धार्मिक आयोजनों की महत्ता से भी अवगत कराएगा। इससे लोगों को अपनी संस्कृति और परंपराओं के साथ और अधिक गहराई से जुड़ने का अवसर मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि इस पंचांग में देवभूमि उत्तराखंड के प्रमुख धार्मिक एवं आस्था स्थलों को विशेष रूप से स्थान दिया गया है। ये स्थल न केवल श्रद्धा के केंद्र हैं, बल्कि राज्य की ऐतिहासिक और आध्यात्मिक विरासत के प्रतीक भी हैं। इस प्रकार यह कैलेंडर एक जानकारीपरक दस्तावेज होने के साथ-साथ उत्तराखंड की सांस्कृतिक झलक प्रस्तुत करने वाला प्रेरणादायक संकलन भी है।

मुख्यमंत्री ने सूचना एवं लोक संपर्क विभाग के इस प्रयास की सराहना करते हुए आशा व्यक्त की कि यह पंचांग कैलेंडर राज्य के प्रत्येक नागरिक के लिए उपयोगी सिद्ध होगा और आने वाले समय में इसे और अधिक समृद्ध एवं व्यापक स्वरूप में प्रस्तुत किया जाएगा।

इस अवसर पर सचिव विनय शंकर पांडेय, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी सहित अन्य अधिकारीगण भी उपस्थित रहे।

एलपीजी सिलेंडर होमडिलिविरी सुनिश्चित कराने को जिले की प्रत्येक गैस एजेंसी पर अधिकारी तैनात

जिलें में एलपीजी गैस की आपूर्ति, वितरण, बैकलॉग के सम्बन्ध में जिलाधिकारी सविन बसंल की अध्यक्षता में ऋषिपर्णा सभागार कलेक्ट्रेट में जिला प्रशासन की क्यूआरटी एवं सम्बन्धित जिला स्तरीय अधिकारी, गैस एजेंसियों के स्वामी एवं तेल कम्पनियों के पदाधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिला प्रशासन ने गैस एजेसियों पर होमलिडिविरी व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने हेतु एजेंसियों पर अधिकारी तैनात कर दिए गए है, जो एजेंसी पर होने वाली प्रत्येक गतिविधि पर नजर रखेंगे वस्तुस्थिति से अवगत कराएगें।

जिलाधिकारी ने बढते बैकलॉग का कारण जाना तो तेल कम्पनियों के अधिकारियों ने बताया कि 03 दिन जब बुंकिग सोफ्टवेयर में काईसिस आ गई थी तो मैन्युअल रजिस्टर में अंकन कर उपभोक्ताओं को गैस की आपूर्ति की गई, जिसकी लगभग 25 से अधिक की एन्ट्री साफ्टवेयर पर अद्यतन होनी बाकी है तथा 11 मार्च से गैस बुकिंग व डिलिविरी के समय शहरी क्षेत्र में 25 दिन तथा ग्रामीण क्षेत्रों 45 दिन कर दिया गया है उससे पूर्व की जो एडवांस बुकिंग हो रखी हैं वह बैकलॉग में दर्शाई गयी है, जिससे बैकलॉग बढा हुआ दिख रहा हैं। जिस पर जिलाधिकारी ने जिला पूर्ति अधिकारी को निर्देश दिए कि तेल कम्पनियों से सम्पर्क करते हुए आज शाम तक मैन्युअल एन्ट्री को साफ्टवेयर पर एजेंसी के माध्यम से एन्ट्री कराएं तथा जिन उपभोक्ताओं की एडवांस बुकिंग 25 एवं  45 दिन का बैकलॉग दिख रहा है उनकी संख्या अलग-2 दर्शाते हुए शाम तक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। निर्देशों का अनुपालन न करने पर सम्बधित गैस एजेसीं तेल कम्पनियों पर कार्यवाही के निर्देश दिए हैं।

जिलाधिकारी ने पुलिस अधीक्षक नगर को निर्देश दिए कि छापेमारी में जो अवैध रूप सिलेंडर पकड़े जा रहे हैं उनको ट्रेस किया जाए कि वह किस गैस एजेंसी के है, सम्बन्धित गैस एजेंसी की पहचान करते हुए एजेंसी स्वामी को नामजद करते हुए मुकदमा दर्ज कर जेल भेजे। जिलाधिकारी ने जिले की गैस एजेंसीवार नामित क्यूआरटी में शामिल 30 अधिकारियों को निर्देश दिए कि गैस एजेंसी पर स्टॉक, बैकलॉग, वितरण आदि रजिस्टर का अवलोकन कर प्रतिदिन की सम्पूर्ण आख्या प्रेषित करें। साथ ही निर्देशित किया यह सुनिश्चित कर लिया जाए कि किसी भी गैस एजेंसी व गोदाम से सिलेंडर न दिया जाए तथा उपभोक्ताओं को सिलेंडर होमडिलिवरी के माध्यम से ओटीपी आधार पर ही दिया जाए तथा एजेंसियों पर उपभोक्ता जागरूकता फ्लैक्सी, बुकिंग नम्बर, उपभोक्ताओं के लिए बड़े-बडे अक्षरों में जानकारी चस्पा रहे।

जिला प्रशासन की होमडिलिविरी व्यवस्था से एजेंसियों पर जुटने वाली भीड़ से हो रही अव्यवस्था से निजात मिला है वहीं कानून व्यवस्था भी नियंत्रण में है। जिला प्रशासन की क्यूआरटी के औचक निरीक्षणों एवं  एलपीजी कालाबाजारी करने वालों पर दर्ज हुए मुकदमों एवं एजेंसियों की नाफरमानी पर की गई प्रवर्तन की कार्यवाही से गैस की कालाबाजारी करने वालों में भी भय का माहौल है। उपभोक्ताओं को होमडिलिविरी के माध्यम से ओटीपी आधार पर गैस उपलब्ध कराई जा रही है।  जिला प्रशासन द्वारा गैस की कालाबाजारी पर 05 मुकदमें दर्ज किए गए हैं तथा 03 को जेल भेजा, 150 घरेलू, 139 व्यवसायिक तथा 07 छोटे सिलेंडर जब्त किए हैं।

बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व के.के मिश्रा, पुलिस अधीक्षक नगर प्रमोद कुमार, नगर मजिस्ट्रेट प्रत्युष सिंह, नगर आयुक्त नगर निगम ऋषिकेश गोपालराम बिनवाल, उप जिलाधिकारी हरिगिरि, उप जिलाधिकारी अपर्णा ढौंडियाल, उप जिलाधिकारी अपूर्वा सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी के.के अग्रवाल, निदेशक ग्राम्य विकास अभिकरण विक्रम सिंह, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार एवं  क्यूआरटी के सभी अधिकारी सहित तेल कम्पनियों एवं गैस एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे तथा उप जिलाधिकारी ऋषिकेश योगेश मेहर,  उप जिलाधिकारी विकासनगर विनोद कुमार सहित क्यूआरटी में शामिल अन्य अधिकारी एवं तेल कम्पनियों के प्रतिनिधि ऑनलाईन माध्यम से जुडे़ रहे।

लार्ज स्केल पर दून के 168 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में 3.67 करोड़ से 884 स्मार्ट टीवी इंस्टालेशन प्रक्रिया प्रारम्भ

मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में जिलाधिकारी सविन बंसल की विशेष पहल एवं उनके व्यक्तिगत निर्देशन में जनपद देहरादून के राजकीय संचालित माध्यमिक विद्यालयों में “प्रोजेक्ट उत्कर्ष” के अंतर्गत डिजिटल एवं उन्नत शिक्षण सुविधाओं के विकास हेतु एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक, तकनीक-सक्षम एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है।

जिला प्रशासन द्वारा शिक्षा के आधुनिकीकरण की दिशा में बड़ी पहल करते हुए जनपद के 168 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में स्मार्ट शिक्षण व्यवस्था लागू की जा रही है। इसके अंतर्गत कुल 884 स्मार्ट टीवी स्थापित किए जा रहे हैं, जिनकी कुल लागत रू0 3.67 करोड़ है। सभी विद्यालयों में स्मार्ट टीवी की आपूर्ति पूर्ण हो चुकी है तथा इंस्टॉलेशन प्रक्रिया तेजी से जारी है।
स्मार्ट टीवी के माध्यम से कक्षाओं में ऑडियो-वीडियो कंटेंट, ई-लर्निंग मॉड्यूल एवं डिजिटल पाठ्îसामग्री का उपयोग किया जाएगा, जिससे शिक्षण प्रक्रिया अधिक प्रभावी, रोचक एवं सहभागितापूर्ण बनेगी। इस पहल से विद्यार्थियों को दिक्षा पोर्टल, पीएम ई-विद्या, शैक्षिक वीडियो एवं वर्चुअल कक्षाओं जैसी आधुनिक सुविधाओं का लाभ मिलेगा, जिससे उनकी अवधारणात्मक समझ एवं शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार होगा।

परियोजना के अंतर्गत विद्यालयों की आवश्यकता के अनुसार 43 इंच एवं 55 इंच के स्मार्ट टीवी क्रय किए गए हैं। इस हेतु स्वीकृत धनराशि जिला खनन निधि से उपलब्ध कराई गई है। इससे पूर्व भी जनपद के सभी सरकारी विद्यालयों को रू0 5 करोड़ के सीएसआर फंड से फर्नीचरयुक्त किया जा चुका है।
स्मार्ट टीवी का क्रय जैम पोर्टल के माध्यम से ई-टेंडर प्रक्रिया द्वारा पूर्ण पारदर्शिता एवं प्रतिस्पर्धात्मक प्रणाली के तहत किया गया। निविदा प्रक्रिया में 12 फर्मों ने प्रतिभाग किया, जिनमें तकनीकी एवं वित्तीय मूल्यांकन के उपरांत पात्र न्यूनतम दर वाली फर्म का चयन किया गया।

जिला प्रशासन की यह पहल शिक्षा के आधुनिकीकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी जिला प्रशासन विद्यार्थियों को आधुनिक संसाधनों से जोड़ने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। शीघ्र ही सभी विद्यालयों में डिजिटल शिक्षण सुविधा से आच्छादित करने का लक्ष्य रखा गया है।

यह पहल न केवल डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने का सशक्त प्रयास है, बल्कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के अनुरूप तकनीक-सक्षम शिक्षण वातावरण विकसित करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने इसे जनपद में शिक्षा के आधुनिकीकरण की दिशा में मील का पत्थर बताते हुए कहा कि प्रशासन विद्यार्थियों को आधुनिक संसाधनों से जोड़ने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। जनपद प्रशासन द्वारा स्मार्ट टीवी की आपूर्ति एवं स्थापना कार्य को समयबद्ध रूप से पूर्ण कराते हुए सभी विद्यालयों में शीघ्र ही डिजिटल शिक्षण सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

समाज में घटित हो रही संवेदनशील घटनाओं को उजागर करते हुए जागरूकता फैला रही द केरला स्टोरी 2 फिल्म: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मॉल ऑफ देहरादून में बहुचर्चित फिल्म ‘द केरला स्टोरी 2’ देखी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह फिल्म समाज में घटित हो रही संवेदनशील घटनाओं को उजागर करते हुए जागरूकता का एक सशक्त माध्यम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं की सुरक्षा, सामाजिक समरसता और जनसंख्या संतुलन को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य बना है जिसने समान नागरिक संहिता (UCC) लागू कर एक ऐतिहासिक पहल की है, जो समाज में समानता और न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून लागू किया गया है, जिससे अवैध और जबरन धर्मांतरण की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रकार के कानून समाज में पारदर्शिता, सुरक्षा और विश्वास को मजबूत करने का कार्य करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसी विशेष वर्ग के खिलाफ नहीं, बल्कि सभी नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करना है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे जागरूक रहें और समाज में सकारात्मक बदलाव के लिए अपनी भूमिका निभाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकार की फिल्में समाज को सोचने और समझने का अवसर देती हैं, और सरकार ऐसे हर प्रयास का समर्थन करती है।

इस अवसर पर मेयर सौरभ थपलियाल, विधायक उमेश शर्मा काऊ, दुर्गेश्वर लाल, पूर्व विधायक राजेश शुक्ला एवं अन्य जनप्रतिनिधि थे।

सीएम धामी ने शहरी विकास निदेशालय के नवीन भवन का किया वर्चुअल शिलान्यास

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में शहरी विकास विभाग के अन्तर्गत चयनित 63 सफाई निरीक्षकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने लगभग 62 करोड़ की अनुमानित लागत से बनने वाले शहरी विकास निदेशालय के नवीन भवन का वर्चुअल शिलान्यास भी किया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान कूड़ा निस्तारण वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि चार वर्षों में राज्य में लगभग 30 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान की जा चुकी है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लोक सेवा आयोग के माध्यम से चयनित सभी सफाई निरीक्षकों को शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि आज आपके जीवन में एक नई जिम्मेदारी की शुरुआत हो रही है। उन्होंने कहा कि राज्य के गठन के समय प्रदेश में केवल 63 स्थानीय नगर निकाय थे। आज प्रदेश में 11 नगर निगम, 46 नगर पालिका परिषद और 51 नगर पंचायत सहित कुल 108 स्थानीय नगर निकाय हैं। यह इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि आज हमारे शहर विकास और आर्थिक गतिविधियों के महत्वपूर्ण केंद्र बन चुके हैं। राज्य सरकार प्रदेश के अपने इन शहरों को स्वच्छ, सुव्यवस्थित और आधुनिक बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। इस दिशा में हमारे स्थानीय निकायों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि कूड़ा प्रबंधन से लेकर नागरिकों को मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं के सुचारू संचालन तक की बड़ी जिम्मेदारी इन्हीं संस्थाओं के कंधों पर होती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय निकाय हमारे शहरों के समग्र विकास के सबसे मजबूत स्तंभ हैं। सफाई निरीक्षक इसकी नींव के पत्थर हैं। प्रदेश में नगर निकायों की प्रशासनिक और तकनीकी क्षमता को लगातार सुदृढ़ किया जा रहा है। पिछले करीब 5 वर्षों में शहरी निकायों में 63 अधिशासी अधिकारियों, 22 कर एवं राजस्व निरीक्षकों तथा 32 अवर अभियंताओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए जा चुके हैं। 63 सफाई निरीक्षकों की नियुक्ति हमारे नगर निकायों की कार्यक्षमता को और अधिक सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि सभी नवनियुक्त निरीक्षक अपने कर्तव्यों का निष्ठा और ईमानदारी के साथ निर्वहन करते हुए प्रदेश के शहरों को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड आस्था, आध्यात्म और पर्यटन का प्रमुख केंद्र है। यहाँ स्थित चारधाम और गंगा-यमुना के पावन तीर्थ हर वर्ष लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करते हैं। वर्ष 2027 में कुंभ मेले का आयोजन होना है और अगले महीने से चारधाम यात्रा भी प्रारंभ होने वाली है। ऐसे अवसरों पर शहरों और तीर्थस्थलों की स्वच्छता और व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखना अत्यंत आवश्यक होता है। इसमें नगर निकायों की अहम भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शहरों को आधुनिक और सुरक्षित बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। जहाँ एक ओर स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत शहरों में ठोस कचरा प्रबंधन और सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है, वहीं स्मार्ट सिटी मिशन, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, अमृत मिशन, खुले में शौच मुक्त अभियान और लीगेसी वेस्ट प्रबंधन जैसी विभिन्न योजनाओं के माध्यम से नागरिकों को बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराने का प्रयास भी किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में सुलभ स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने के लिए अर्बन हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर भी स्थापित किए गए हैं। निराश्रित गौवंशों के संरक्षण के लिए आश्रय योजना संचालित की जा रही है। कचरा प्रबंधन के लिए आधुनिक मैकेनाइज्ड ट्रांसफर स्टेशन का निर्माण किया गया है और कूड़ा वाहनों की निगरानी के लिए इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित किया गया है। पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए शहर में 30 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जा रहा है तथा 11 स्थानों पर ईवी चार्जिंग स्टेशन भी स्थापित किए गए हैं। स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण में उत्कृष्ट योगदान देने वाले पर्यावरण मित्रों को ‘स्वच्छता सैनानी सम्मान’ के रूप में प्रोत्साहित भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वच्छता रैंकिंग में राज्य को और प्रयास करने होंगे।

इस अवसर पर विधायक खजान दास, बंशीधर भगत, उमेश शर्मा काऊ, सविता कपूर, सचिव शहरी विकास नितेश झा, निदेशक शहरी विकास विनोद गिरी गोस्वामी, नगर आयुक्त देहरादून नमामि बंसल एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

सीएम ने कन्याओं के साथ मनाया फूलदेई

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में सपरिवार लोकपर्व फूलदेई मनाया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश वासियों को फूलदेई की शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री आवास में लोकपर्व फूलदेई, हर्षोल्लास और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया। पारंपरिक परिधान पहनकर आए बच्चों ने घर की देहरी पर फूल व चावल अर्पित किए और सभी के सुख-समृद्धि की कामना की। बच्चों ने “फूल देई-छम्मा देई, जतुके दियाला- उतुके सई” जैसे लोकगीत गाए। मुख्यमंत्री ने बच्चों का स्वागत करते हुए उन्हें उपहार भेंट किए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकपर्व फूलदेई राज्य की समृद्ध लोकसंस्कृति, परंपराओं और प्रकृति के प्रति सम्मान के भाव को बनाए रखने का त्योहार है। उन्होंने कहा यह त्योहार बसंत ऋतु के आगमन के साथ प्रकृति की सुंदरता और जीवन में नई ऊर्जा का संदेश देता है। यह त्योहार दर्शाता है कि जीवन में हमेशा प्रकृति का आभार व्यक्त करना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा उत्तराखंड की लोक संस्कृति और लोकपर्व हमारी सांस्कृतिक धरोहर हैं, जिन्हें संरक्षित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा हमने अपने लोक त्योहारों को धूमधाम से मनाना चाहिए जिससे कि यह त्यौहार आने वाली पीढ़ी तक पहुंचे और हमारी लोक संस्कृति हमेशा अमर रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रकृति के प्रति कृतज्ञता, बसंत के स्वागत और हमारी लोकसंस्कृति के संरक्षण का संदेश देने वाला फूलदेई पर्व हमें अपनी जड़ों से जुड़े रहने और आने वाली पीढ़ियों को इन अमूल्य परंपराओं से परिचित कराने की प्रेरणा देता है।

इस अवसर पर गीता पुष्कर धामी भी मौजूद रहीं।

एलपीजी गैस की कालाबाजारी पर अब सीधे जेल, डीएम दून ने दिए निर्देश

जिलाधिकारी सविन बसंल ने ऋषिपर्णा सभागार कलेक्टेट में जनपद में एलपीजी गैस की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था को सुव्यवस्थित बनाए रखने के संबंध में आयल कंपनियों के पदाधिकारियों एवं गैस एजेंसी के संचालकों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद में घरेलू एवं व्यवसायिक गैस आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। जिला पूर्ति अधिकारी प्रतिदिन आपदा कन्ट्रोलरूम में आयल कम्पनियों के प्रतिनिधियों सहित प्रतिदिन 1 घंटा बैठकर वितरण/स्टॉक बैकलॉग की सूचना तथा एलपीजी गैस सम्बन्धी प्राप्त शिकायतों का निस्तारण करेंगे।

जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप एलपीजी गैस वितरण में प्रथम प्राथमिकता घरेलू उपभोक्ताओं को दी जाए, जिससे आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि घरेलू गैस सिलेंडरों की होम डिलीवरी ओटीपी आधारित प्रणाली के माध्यम से सुनिश्चित की जाए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके। साथ ही निर्देशित किया कि आनलाईन साफ्टवेयर पर बुकिंग में व्यवधान आने पर गैस एजेंसी अपना सम्पर्क नम्बर तथा एजेंसी में मैन्यूवल बुकिंग करना सुनिश्चित करेंगे। एजेंसी संचालकों द्वारा बताया गया कि एक बार बुकिंग होने पर अगली बुकिंग 25 दिन के उपरान्त ही होगी। इसपर जिलाधिकारी ने कम्पनिंयों के पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि उपभोक्ताओं को बल्क एसएमएस के माध्यम से तथा एजेसियों पर सूचना हेतु जागरूकता फ्लैक्सी चस्पा करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी के निर्देश पर जिले में प्राकृतिक गैस/एलपीजी सिलेंडर से संबंधित किसी भी प्रकार की समस्या, सूचना अथवा शिकायत के त्वरित समाधान हेतु आपदा कन्ट्रोरूम में नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) स्थापित किया गया है। नागरिकों की सुविधा तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के उद्देश्य से यह कंट्रोल रूम सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है। यदि किसी नागरिक को प्राकृतिक गैस या एलपीजी सिलेंडर से संबंधित कोई समस्या, सूचना अथवा शिकायत दर्ज करानी हो तो वह कंट्रोल रूम के दूरभाष नंबर 1077, 0135-2626066 एवं 0135-2726066 एवं वाट्सएप्प नम्बर 7534826066 पर संपर्क कर सकता है। प्राप्त सूचनाओं पर तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित विभागों द्वारा आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। जिलाधिकारी ने सभी नागरिकों से अपील की जाती है कि किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें तथा अनावश्यक रूप से चिंतित न हों। उन्होंने नागरिकों को आश्वस्त किया कि ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता है तथा ईंधन का समझदारी से प्रयोग करें। जिला प्रशासन स्थिति पर निरंतर निगरानी बनाए हुए है। 72 के 72 गैस एजेंसियों के गोदाम अब जिला प्रशासन के रडार पर हैं।

जिलाधिकारी ने समस्त उप जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि अपने क्षेत्र के पुलिस क्षेत्राधिकारियों संग अपने-अपने क्षेत्रान्तर्गत अवस्थित गैस एजेंसियों का रेंडमली स्टॉक, वितरण, बैकलॉग की जांच करेंगे। एजेसियों पर गैस वितरण में अनियमितता एवं अवैध संग्रहण एवं बाहरी लोगों की संलिप्तता, अवैध रिफिलिंग पाए जाने पर सम्बन्धित गैस एजेंसियों को सील करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए सभी उप जिलाधिकारी अपने-अपने क्षेत्रान्तर्गत होटल, व्यवसायिक संस्थानों के साथ बैठक कर लें। साथ ही निर्देशित किया कि घरेलू गैस का व्यवसायिक उपयोग पाए जाने पर जब्तीकरण की कार्यवाही करते हुए सम्बन्धित के विरूद्ध सख्त एक्शन लिया जाए।

उन्होंने समस्त उप जिलाधिकारियों तथा जिला पूर्ति अधिकारी को निर्देशित किया कि घरेलू गैस सिलेंडरों के व्यावसायिक उपयोग को रोकने के लिए नियमित छापेमारी अभियान चलाया जाए। यदि कहीं भी घरेलू गैस सिलेंडर का व्यावसायिक उपयोग पाया जाता है तो संबंधित सिलेंडर तत्काल जब्त करते हुए दोषियों के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 तथा बीएनएस के अंतर्गत निर्धारित प्राविधानों के अनुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि व्यवसायिक गैस सिलेंडरों के वितरण में चिकित्सालयों तथा छात्रावासों को प्राथमिकता प्रदान की जाए, ताकि आवश्यक सेवाओं के संचालन में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। साथ ही गैस आपूर्ति कंपनियों को निर्देश दिए गए कि जनपद की गैस एजेंसियों को मांग के अनुरूप समय पर गैस की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, जिससे वितरण व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो सके।

बैठक में जानकारी दी गई कि जनपद में वर्तमान में कुल 72 गैस एजेंसियां संचालित हैं, जिनके माध्यम से लगभग 7.81 लाख घरेलू उपभोक्ताओं तथा 19,624 व्यवसायिक उपभोक्ताओं को गैस आपूर्ति की जाती है। जनपद में गैस की आपूर्ति एचपीसीएल को भगवानपुर, बीपीसीएल को लंढौरा तथा इंडियन ऑयल कॉर्पाेरेशन को बादराबाद एवं लोनी गाजियाबाद से की जाती है।
बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोबाल, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व के.के मिश्रा, नगर मजिस्टेªट प्रत्युष सिंह, उप जिलाधिकारी सदर हरिगिरि, उप जिलाधिकारी कुमकुम जोशी, जिला पूर्ति अधिकारी के.के. अग्रवाल, भारत पेट्रोलियम कॉर्पाेरेशन, इंडियन ऑयल कॉर्पाेरेशन लि0, हिन्दुस्तान पेट्रोलियम लिमिटेड तथा गैस एजेंसी एसोसिएशन के अध्यक्ष चमनलाल सहित संबंधित अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।