उत्तराखंड में कैबिनेट मंत्रियों की संख्या में वृद्धि, इन विधायकों ने ली शपथ

कैबिनेट विस्तार आंखिरकार हो गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पांच विधायकों को मंत्री बनाया है। इनमें खजान दास, प्रदीप बत्रा, राम सिंह कैड़ा, भरत सिंह चौधरी और मदन कौशिक हैं। इन मंत्रियों को कम से कम 10 महीने के समय काम करने के लिए मिलेगा।

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने लोक भवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में उत्तराखण्ड सरकार के मंत्रिपरिषद के नवनियुक्त मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी उपस्थित रहे। राज्यपाल ने विधायक खजान दास, मदन कौशिक, भरत सिंह चौधरी, प्रदीप बत्रा एवं राम सिंह कैड़ा को मंत्री पद की शपथ दिलाई।

शपथ ग्रहण समारोह में महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल एवं उत्तराखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी, कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, रेखा आर्या, गणेश जोशी एवं सौरभ बहुगुणा, सांसद महेन्द्र भट्ट और नरेश बंसल सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन द्वारा किया गया।

मुख्यमंत्री ने किया सनातन परंपरा पर आधारित पंचांग कैलेंडर का भव्य विमोचन

हिन्दू नववर्ष के शुभ अवसर पर आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास पर सूचना एवं लोक संपर्क विभाग द्वारा प्रकाशित पंचांग कैलेंडर का विधिवत विमोचन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने इसे राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को सहेजने एवं जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड अपनी सनातन परंपराओं, धार्मिक आस्थाओं और सांस्कृतिक मूल्यों के लिए देश-विदेश में विशिष्ट पहचान रखता है। यहां की परंपराएं केवल आस्था का विषय नहीं हैं, बल्कि यह हमारी जीवनशैली, सामाजिक संरचना और सांस्कृतिक चेतना का अभिन्न अंग हैं। ऐसे में पंचांग कैलेंडर का प्रकाशन राज्य की इस गौरवशाली विरासत को संरक्षित करने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने का एक सशक्त माध्यम बनेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पंचांग कैलेंडर राज्यवासियों को न केवल तिथि, वार, पक्ष, मास, पर्व एवं विशेष दिवसों की सटीक जानकारी प्रदान करेगा, बल्कि पारंपरिक त्योहारों, व्रतों और धार्मिक आयोजनों की महत्ता से भी अवगत कराएगा। इससे लोगों को अपनी संस्कृति और परंपराओं के साथ और अधिक गहराई से जुड़ने का अवसर मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि इस पंचांग में देवभूमि उत्तराखंड के प्रमुख धार्मिक एवं आस्था स्थलों को विशेष रूप से स्थान दिया गया है। ये स्थल न केवल श्रद्धा के केंद्र हैं, बल्कि राज्य की ऐतिहासिक और आध्यात्मिक विरासत के प्रतीक भी हैं। इस प्रकार यह कैलेंडर एक जानकारीपरक दस्तावेज होने के साथ-साथ उत्तराखंड की सांस्कृतिक झलक प्रस्तुत करने वाला प्रेरणादायक संकलन भी है।

मुख्यमंत्री ने सूचना एवं लोक संपर्क विभाग के इस प्रयास की सराहना करते हुए आशा व्यक्त की कि यह पंचांग कैलेंडर राज्य के प्रत्येक नागरिक के लिए उपयोगी सिद्ध होगा और आने वाले समय में इसे और अधिक समृद्ध एवं व्यापक स्वरूप में प्रस्तुत किया जाएगा।

इस अवसर पर सचिव विनय शंकर पांडेय, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी सहित अन्य अधिकारीगण भी उपस्थित रहे।

एलपीजी सिलेंडर होमडिलिविरी सुनिश्चित कराने को जिले की प्रत्येक गैस एजेंसी पर अधिकारी तैनात

जिलें में एलपीजी गैस की आपूर्ति, वितरण, बैकलॉग के सम्बन्ध में जिलाधिकारी सविन बसंल की अध्यक्षता में ऋषिपर्णा सभागार कलेक्ट्रेट में जिला प्रशासन की क्यूआरटी एवं सम्बन्धित जिला स्तरीय अधिकारी, गैस एजेंसियों के स्वामी एवं तेल कम्पनियों के पदाधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिला प्रशासन ने गैस एजेसियों पर होमलिडिविरी व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने हेतु एजेंसियों पर अधिकारी तैनात कर दिए गए है, जो एजेंसी पर होने वाली प्रत्येक गतिविधि पर नजर रखेंगे वस्तुस्थिति से अवगत कराएगें।

जिलाधिकारी ने बढते बैकलॉग का कारण जाना तो तेल कम्पनियों के अधिकारियों ने बताया कि 03 दिन जब बुंकिग सोफ्टवेयर में काईसिस आ गई थी तो मैन्युअल रजिस्टर में अंकन कर उपभोक्ताओं को गैस की आपूर्ति की गई, जिसकी लगभग 25 से अधिक की एन्ट्री साफ्टवेयर पर अद्यतन होनी बाकी है तथा 11 मार्च से गैस बुकिंग व डिलिविरी के समय शहरी क्षेत्र में 25 दिन तथा ग्रामीण क्षेत्रों 45 दिन कर दिया गया है उससे पूर्व की जो एडवांस बुकिंग हो रखी हैं वह बैकलॉग में दर्शाई गयी है, जिससे बैकलॉग बढा हुआ दिख रहा हैं। जिस पर जिलाधिकारी ने जिला पूर्ति अधिकारी को निर्देश दिए कि तेल कम्पनियों से सम्पर्क करते हुए आज शाम तक मैन्युअल एन्ट्री को साफ्टवेयर पर एजेंसी के माध्यम से एन्ट्री कराएं तथा जिन उपभोक्ताओं की एडवांस बुकिंग 25 एवं  45 दिन का बैकलॉग दिख रहा है उनकी संख्या अलग-2 दर्शाते हुए शाम तक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। निर्देशों का अनुपालन न करने पर सम्बधित गैस एजेसीं तेल कम्पनियों पर कार्यवाही के निर्देश दिए हैं।

जिलाधिकारी ने पुलिस अधीक्षक नगर को निर्देश दिए कि छापेमारी में जो अवैध रूप सिलेंडर पकड़े जा रहे हैं उनको ट्रेस किया जाए कि वह किस गैस एजेंसी के है, सम्बन्धित गैस एजेंसी की पहचान करते हुए एजेंसी स्वामी को नामजद करते हुए मुकदमा दर्ज कर जेल भेजे। जिलाधिकारी ने जिले की गैस एजेंसीवार नामित क्यूआरटी में शामिल 30 अधिकारियों को निर्देश दिए कि गैस एजेंसी पर स्टॉक, बैकलॉग, वितरण आदि रजिस्टर का अवलोकन कर प्रतिदिन की सम्पूर्ण आख्या प्रेषित करें। साथ ही निर्देशित किया यह सुनिश्चित कर लिया जाए कि किसी भी गैस एजेंसी व गोदाम से सिलेंडर न दिया जाए तथा उपभोक्ताओं को सिलेंडर होमडिलिवरी के माध्यम से ओटीपी आधार पर ही दिया जाए तथा एजेंसियों पर उपभोक्ता जागरूकता फ्लैक्सी, बुकिंग नम्बर, उपभोक्ताओं के लिए बड़े-बडे अक्षरों में जानकारी चस्पा रहे।

जिला प्रशासन की होमडिलिविरी व्यवस्था से एजेंसियों पर जुटने वाली भीड़ से हो रही अव्यवस्था से निजात मिला है वहीं कानून व्यवस्था भी नियंत्रण में है। जिला प्रशासन की क्यूआरटी के औचक निरीक्षणों एवं  एलपीजी कालाबाजारी करने वालों पर दर्ज हुए मुकदमों एवं एजेंसियों की नाफरमानी पर की गई प्रवर्तन की कार्यवाही से गैस की कालाबाजारी करने वालों में भी भय का माहौल है। उपभोक्ताओं को होमडिलिविरी के माध्यम से ओटीपी आधार पर गैस उपलब्ध कराई जा रही है।  जिला प्रशासन द्वारा गैस की कालाबाजारी पर 05 मुकदमें दर्ज किए गए हैं तथा 03 को जेल भेजा, 150 घरेलू, 139 व्यवसायिक तथा 07 छोटे सिलेंडर जब्त किए हैं।

बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व के.के मिश्रा, पुलिस अधीक्षक नगर प्रमोद कुमार, नगर मजिस्ट्रेट प्रत्युष सिंह, नगर आयुक्त नगर निगम ऋषिकेश गोपालराम बिनवाल, उप जिलाधिकारी हरिगिरि, उप जिलाधिकारी अपर्णा ढौंडियाल, उप जिलाधिकारी अपूर्वा सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी के.के अग्रवाल, निदेशक ग्राम्य विकास अभिकरण विक्रम सिंह, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार एवं  क्यूआरटी के सभी अधिकारी सहित तेल कम्पनियों एवं गैस एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे तथा उप जिलाधिकारी ऋषिकेश योगेश मेहर,  उप जिलाधिकारी विकासनगर विनोद कुमार सहित क्यूआरटी में शामिल अन्य अधिकारी एवं तेल कम्पनियों के प्रतिनिधि ऑनलाईन माध्यम से जुडे़ रहे।

थारू संस्कृति उत्तराखंड की शान, इसे सहेजना हम सबकी जिम्मेदारी: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा में आयोजित थारू होली महामहोत्सव को मुख्यमंत्री आवास से वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित समस्त जनसमुदाय को नमन करते हुए अपनी प्रशासनिक व्यस्तताओं के कारण प्रत्यक्ष रूप से शामिल न हो पाने पर खेद व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि थारू समाज की सांस्कृतिक परंपराएं अत्यंत समृद्ध और गौरवशाली हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि थारू समाज के रीति-रिवाज, लोकगीत, पारंपरिक नृत्य और प्रकृति के प्रति उनका गहरा जुड़ाव राज्य की अमूल्य धरोहर हैं। उन्होंने कहा कि खटीमा ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड के लिए थारू संस्कृति गर्व का विषय है। विशेष रूप से थारू समाज की होली, जो कई दिनों तक उल्लास और उत्साह के साथ मनाई जाती है, अपनी विशिष्टता के लिए जानी जाती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन न केवल सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखते हैं, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं और मूल्यों से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य भी करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका मन सदैव खटीमा की जनता के साथ जुड़ा हुआ है, भले ही वे इस बार कार्यक्रम में प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित नहीं हो सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आधारभूत सुविधाओं के क्षेत्र में जनजातीय समुदाय को सशक्त बनाने हेतु अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। अटल आवास योजना में आय सीमा को व्यावहारिक बनाते हुए निर्माण लागत में वृद्धि की गई है, जिससे अधिकाधिक परिवारों को लाभ मिल रहा है। उधम सिंह नगर में इस योजना के अंतर्गत करोड़ों रुपये की सहायता प्रदान की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत भी बड़ी संख्या में जनजातीय परिवारों को आवास उपलब्ध कराए गए हैं तथा इस वर्ष प्राप्त आवेदनों में लगभग 28 प्रतिशत आवेदन जनजातीय परिवारों के हैं। प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के तहत जनपद में कई आवासों का निर्माण किया गया है।

शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आश्रम पद्धति विद्यालयों, छात्रावासों एवं आईटीआई संस्थानों के विकास के लिए धनराशि प्रदान की जा रही है तथा इन विद्यालयों को कक्षा 12 तक अपग्रेड किया जा रहा है। एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों के माध्यम से जनजातीय बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। खटीमा, बाजपुर और गदरपुर में छात्रावासों एवं शैक्षिक अवसंरचना के विकास हेतु महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय समाज की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत रोजगार एवं प्रशिक्षण के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। वन धन केंद्रों के माध्यम से उत्पादों को बाजार से जोड़कर आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है। महिलाओं को चक्रीय निधि एवं निवेश सहायता प्रदान कर उनके स्वरोजगार को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम के तहत अनेक योजनाओं को सफलतापूर्वक पूर्ण किया गया है तथा हजारों परिवारों को पेयजल, बिजली और गैस कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं। साथ ही थारू विकास भवन के निर्माण एवं जनजातीय क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए भी धनराशि स्वीकृत की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जनजातीय परिवारों को बेटी के विवाह हेतु आर्थिक सहायता भी प्रदान कर रही है, जिसका लाभ बड़ी संख्या में लोगों को मिल रहा है। उन्होंने बताया कि जनजातीय क्षेत्रों के विकास को गति देने के लिए विभिन्न जनपदों में जनजाति कल्याण अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार केवल योजनाओं की घोषणा तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें धरातल पर उतारकर वास्तविक परिवर्तन लाने के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि प्रत्येक जनजातीय परिवार को सम्मानजनक जीवन, बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त हों।

मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर जनजातीय समाज की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि वर्तमान सरकार जनजातीय समाज के सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ घोषित करना जनजातीय समाज के सम्मान का प्रतीक है।

अंत में मुख्यमंत्री ने थारू समाज के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प दोहराया तथा जनता से सहयोग की अपेक्षा व्यक्त की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनसमर्थन के साथ उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने का लक्ष्य अवश्य प्राप्त होगा।

लार्ज स्केल पर दून के 168 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में 3.67 करोड़ से 884 स्मार्ट टीवी इंस्टालेशन प्रक्रिया प्रारम्भ

मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में जिलाधिकारी सविन बंसल की विशेष पहल एवं उनके व्यक्तिगत निर्देशन में जनपद देहरादून के राजकीय संचालित माध्यमिक विद्यालयों में “प्रोजेक्ट उत्कर्ष” के अंतर्गत डिजिटल एवं उन्नत शिक्षण सुविधाओं के विकास हेतु एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक, तकनीक-सक्षम एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है।

जिला प्रशासन द्वारा शिक्षा के आधुनिकीकरण की दिशा में बड़ी पहल करते हुए जनपद के 168 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में स्मार्ट शिक्षण व्यवस्था लागू की जा रही है। इसके अंतर्गत कुल 884 स्मार्ट टीवी स्थापित किए जा रहे हैं, जिनकी कुल लागत रू0 3.67 करोड़ है। सभी विद्यालयों में स्मार्ट टीवी की आपूर्ति पूर्ण हो चुकी है तथा इंस्टॉलेशन प्रक्रिया तेजी से जारी है।
स्मार्ट टीवी के माध्यम से कक्षाओं में ऑडियो-वीडियो कंटेंट, ई-लर्निंग मॉड्यूल एवं डिजिटल पाठ्îसामग्री का उपयोग किया जाएगा, जिससे शिक्षण प्रक्रिया अधिक प्रभावी, रोचक एवं सहभागितापूर्ण बनेगी। इस पहल से विद्यार्थियों को दिक्षा पोर्टल, पीएम ई-विद्या, शैक्षिक वीडियो एवं वर्चुअल कक्षाओं जैसी आधुनिक सुविधाओं का लाभ मिलेगा, जिससे उनकी अवधारणात्मक समझ एवं शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार होगा।

परियोजना के अंतर्गत विद्यालयों की आवश्यकता के अनुसार 43 इंच एवं 55 इंच के स्मार्ट टीवी क्रय किए गए हैं। इस हेतु स्वीकृत धनराशि जिला खनन निधि से उपलब्ध कराई गई है। इससे पूर्व भी जनपद के सभी सरकारी विद्यालयों को रू0 5 करोड़ के सीएसआर फंड से फर्नीचरयुक्त किया जा चुका है।
स्मार्ट टीवी का क्रय जैम पोर्टल के माध्यम से ई-टेंडर प्रक्रिया द्वारा पूर्ण पारदर्शिता एवं प्रतिस्पर्धात्मक प्रणाली के तहत किया गया। निविदा प्रक्रिया में 12 फर्मों ने प्रतिभाग किया, जिनमें तकनीकी एवं वित्तीय मूल्यांकन के उपरांत पात्र न्यूनतम दर वाली फर्म का चयन किया गया।

जिला प्रशासन की यह पहल शिक्षा के आधुनिकीकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी जिला प्रशासन विद्यार्थियों को आधुनिक संसाधनों से जोड़ने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। शीघ्र ही सभी विद्यालयों में डिजिटल शिक्षण सुविधा से आच्छादित करने का लक्ष्य रखा गया है।

यह पहल न केवल डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने का सशक्त प्रयास है, बल्कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के अनुरूप तकनीक-सक्षम शिक्षण वातावरण विकसित करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने इसे जनपद में शिक्षा के आधुनिकीकरण की दिशा में मील का पत्थर बताते हुए कहा कि प्रशासन विद्यार्थियों को आधुनिक संसाधनों से जोड़ने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। जनपद प्रशासन द्वारा स्मार्ट टीवी की आपूर्ति एवं स्थापना कार्य को समयबद्ध रूप से पूर्ण कराते हुए सभी विद्यालयों में शीघ्र ही डिजिटल शिक्षण सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

समाज में घटित हो रही संवेदनशील घटनाओं को उजागर करते हुए जागरूकता फैला रही द केरला स्टोरी 2 फिल्म: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मॉल ऑफ देहरादून में बहुचर्चित फिल्म ‘द केरला स्टोरी 2’ देखी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह फिल्म समाज में घटित हो रही संवेदनशील घटनाओं को उजागर करते हुए जागरूकता का एक सशक्त माध्यम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं की सुरक्षा, सामाजिक समरसता और जनसंख्या संतुलन को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य बना है जिसने समान नागरिक संहिता (UCC) लागू कर एक ऐतिहासिक पहल की है, जो समाज में समानता और न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून लागू किया गया है, जिससे अवैध और जबरन धर्मांतरण की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रकार के कानून समाज में पारदर्शिता, सुरक्षा और विश्वास को मजबूत करने का कार्य करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसी विशेष वर्ग के खिलाफ नहीं, बल्कि सभी नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करना है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे जागरूक रहें और समाज में सकारात्मक बदलाव के लिए अपनी भूमिका निभाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकार की फिल्में समाज को सोचने और समझने का अवसर देती हैं, और सरकार ऐसे हर प्रयास का समर्थन करती है।

इस अवसर पर मेयर सौरभ थपलियाल, विधायक उमेश शर्मा काऊ, दुर्गेश्वर लाल, पूर्व विधायक राजेश शुक्ला एवं अन्य जनप्रतिनिधि थे।

मुख्य सचिव ने किया भवाली-रातिघाट बाईपास, श्री कैंचीधाम मंदिर में निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण

नैनीताल जिले के भ्रमण पर पहुंचे मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने जनपद नैनीताल के अंतर्गत कैंची धाम क्षेत्र में लगने वाले जाम की समस्या के स्थायी समाधान हेतु नव निर्मित भवाली बायपास, भवाली-रातिघाट बाईपास, श्री कैंचीधाम मंदिर में निर्माणाधीन विभिन्न निर्माण कार्यों सहित नैनीताल मालरोड में सड़क भू धसाव की रोकथाम हेतु कराए जा रहे सुरक्षात्मक कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया।

मुख्य सचिव ने अपने नैनीताल भ्रमण के दौरान नैनीताल जिले की प्रमुख परियोजना में शामिल कैंचीधाम बाईपास (सैनिटोरियम-रातीघाट) सड़क मार्ग का भी स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के उन्होंने इस महत्वपूर्ण सड़क मार्ग में किए जा रहे निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण करते हुए कराए जा रहे कार्यों की जानकारी अधिकारियों से ली।

मुख्य सचिव ने लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता को निर्देश दिए कि भवाली-रातिघाट बाईपास में कार्य तेजी से करते हुए इस मार्ग में पर्यटन सीजन से पूर्व यातायात सुचारू किया जाय। जबतक स्थाई मोटर पुल का निर्माण नहीं हो जाता है तबतक इसी सीजन में वैलिब्रिज स्थापित कर यातायात सुचारू कराया जाय।

मुख्य सचिव ने निर्माण कार्यों को तेजी से कराते हुए इस यात्रा सीजन जून मांह से पूर्व सभी कार्य पूर्ण करते हुए बाईपास मार्ग को संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विश्व प्रसिद्ध श्री कैंचीधाम मंदिर में लगातार श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है, इस हेतु यातायात सुविधा भी महत्वपूर्ण है, ताकि पहाड़ को जाने वाले यात्रियों को सुविधा मिले तथा जाम से निजात मिले। उन्होंने कहा कि यहॉं आने वाले पर्यटकों,श्रद्धालुओं, आम नागरिकों को सभी आवश्यक सुविधाऐं मोहैय्या कराना प्रशासन की प्राथमिकता व जिम्मेदारी है।

मुख्य सचिव ने कहा कि बाबा नीम करोरी के दर्शन हेतु देश-विदेश से श्रद्धालु यहां वर्ष भर आते जाते हैं आने वाले श्रद्धालुओं को समुचित व्यवस्था उपलब्ध हो, साथ ही ट्रैफिक जाम की स्थिति उत्पन्न ना हो इस लिए इस बाईपास का निर्माण प्राथमिकता से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस मार्ग के निर्माण से विश्व प्रसिद्ध श्रीकैंचीधाम में लगने वाले जाम से निजात मिलेगी।

इस दौरान लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता पी एस बृजवाल ने मुख्य सचिव को अवगत कराया कि भवाली सेनीटोरियम से रातीघाट तक 18.15 किलोमीटर बाईपास में से 8 किलोमीटर मार्ग का निर्माण पूर्ण कर लिया गया है। जिसमें यातायात सुचारू है। इस कार्य हेतु 12 करोड़ रुपये विभाग को प्राप्त हुए थे। शेष भाग 10.15 किलोमीटर मार्ग में पहाड़ कटिंग कार्य हेतु शासन से 5 करोड़ 6 लाख रूपये की धनराशि प्राप्त हुई है, पहाड़ कटिंग का कार्य पूरा किया जा चुका है। उक्त मार्ग में वर्तमान में 9 करोड़ 81 लाख रूपये की धनराशि से कलमठ व सुरक्षा दीवारों का निर्माण एवं अन्य सुरक्षात्मक कार्य तेजी से किए जा रहे हैं।

मुख्य अभियंता ने अवगत कराया कि इस बाईपास को रातिघाट स्थित भवाली- अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ने हेतु 74.15 किलोमीटर स्पान का मोटर पुल का भी निर्माण किया जाना है इस हेतु शासन से 9 करोड़ 63 रुपये की धनराशि प्राप्त हो हुई है जिससे पुल का निर्माण कार्य प्रगति पर है।
मुख्य सचिव ने कहा कि इस मार्ग के निर्माण से कैंचीधाम में लगने वाले जाम की स्थिति से भी निजात मिलेगी, साथ ही पहाड़ी जिलों को जाने वाले वाहनों हेतु यह वैकल्पिक मार्ग लाभप्रद होगा।

इस दौरान मुख्य सचिव ने 10 करोड़ रुपये की धनराशि से नव निर्मित सैनिटोरियम से भवाली अल्मोड़ा मार्ग तक भवाली बायपास सड़क निर्माण कार्य व इसी मार्ग में शिप्रा नदी पर नव निर्मित 30 मीटर स्पान डबल लेन मोटर पुल का भी निरीक्षण किया गया। यह मार्ग यातायात हेतु सुचारू हो गया है।
मुख्य सचिव ने कहा कि उक्त बाईपास के निर्माण से भवाली बाजार में लगने वाले जाम से निजाद मिलेगी, वहीं पर्यटन सीजन में पर्यटकों को आवागमन में किसी भी प्रकार की असुविधा भी नहीं होगी। निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने विश्व प्रसिद्ध श्री कैंचीधाम मंदिर परिसर में 40 करोड़ 81 लाख 39000 रुपये की लागत से मानस खंड मंदिर माला मिशन के अंतर्गत संचालित पर्यटन विकास व सौंदर्यीकरण कार्यों, जिसमें बहु मंजिला कार पार्किंग निर्माण, मेडिटेशन सेंटर, पाथवे व पैदल सेतु का निर्माण कराया जा रहा है, के निरीक्षण के अतिरिक्त कैंचीधाम में ही पर्यटन विभाग अंतर्गत स्वदेश दर्शन योजना के तहत 17 करोड़ 59 तक 87000 रुपये की लागत से बनाए जा रहे फैसिलिटेशन सेंटर व अन्य कार्यों का भी स्थलीय निरीक्षण किया गया।

कैंचीधाम में कराए जा रहे विभिन्न विकास कार्यों के स्थलीय निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि यह विश्व प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है, यहॉं आने वाले श्रद्धालुओं व पर्यटकों हेतु समुचित व्यवस्था हो विशेष रूप से पार्किंग की सही व्यस्था हो। उन्होंने कहा कि पार्किंग स्थल में वाहनों के प्रवेश एवं निकासी अलग अलग गेट से हो,ऐसी व्यवस्था हो इस सबन्ध में उन्होंने जिलाधिकारी को पुलिस एवं कार्यदाई संस्था के साथ बैठक कर आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए।
इस दौरान मुख्य सचिव ने विश्व प्रसिद्ध श्री कैंचीधाम में पंहुचकर बाबा नीम करौली के भी दर्शन कर राज्य की सुख एवं शांति की कामनां की।

भ्रमण के दौरान मुख्य सचिव ने वर्ष 2018 में नैनीताल स्थित लोअर माल रोड में हुई क्षति के मरम्मत तथा झील की तरफ से हो रहे भू-धसाव की रोकथाम हेतु 3 करोड़ 48 लाख रुपए की लागत से सड़क के भू- भाग में कराए जा रहे सुरक्षात्मक एवं सुधारीकरण कार्यों का भी स्थलीय निरीक्षण भी किया गया तथा अधिकारियों से जानकारी ली। इस दौरान लोनिवि के मुख्य अभियंता ने अवगत कराया टीएचडीसी के द्वारा तैयार डीपीआर व डिजाईन एवं उनकी देखरेख में ही सुरक्षात्मक व सड़क सुदृढ़ीकरण का कार्य किया जा रहा है। मुख्य सचिव ने विभाग को पूर्ण गुणवत्ता से निर्धारित समय पर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने सिंचाई विभाग को भी निर्देश दिए कि मालरोड में उनकी ओर से जो भी कार्य किए जाने हैं वह भी कार्य शीघ्रता से कराएं।

इस दौरान आयुक्त कुमाऊं व सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मंजूनाथ टीसी, मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पाण्डे, मुख्य अभियंता सिंचाई संजय कुमार शुक्ला ,अधीक्षण अभियंता लोनिवि मनोहर सिंह धर्मशक्तू, उपजिलाधिकारी नवाजिश खलीक, मोनिका सहित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

सीएम ने कुंभ मेले के भव्य आयोजन को सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध पूरी करने के अधिकारियों को दिए निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार का भ्रमण कर कुंभ मेला 2027 की तैयारियों की प्रगति की समीक्षा की। डामकोठी में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अगले वर्ष आयोजित होने वाले कुंभ मेले के दिव्य एवं भव्य आयोजन के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समयबद्ध ढंग से पूरी की जाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंभ जैसे विराट आयोजन में किसी भी स्तर पर कोई कमी नहीं रहनी चाहिए। सभी संबंधित विभाग पूरी क्षमता और समन्वय के साथ कार्य करते हुए समयबद्ध तरीके से तैयारियों को पूरा करें। उन्होंने कहा कि मेला आयोजन से जुड़े सभी हितधारकों, धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों तथा साधु-संतों के सहयोग से कुंभ मेले का भव्य और सुव्यवस्थित आयोजन सुनिश्चित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कुंभ से संबंधित कार्यों के लिए धनराशि की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी तथा प्रस्तावित कार्यों के लिए आवश्यक स्वीकृतियां शीघ्र जारी की जाएंगी। इस संबंध में मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान ही दूरभाष पर मुख्य सचिव से वार्ता कर शासन स्तर पर आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने सड़क, पुल, पेयजल, स्वास्थ्य, यातायात और पार्किंग व्यवस्था से जुड़े स्थायी प्रकृति के कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि आगामी चारधाम यात्रा, वर्षाकाल तथा कांवड़ यात्रा को ध्यान में रखते हुए सभी प्रमुख कार्यों के क्रियान्वयन की रणनीति बनाई जाए और विभाग निरंतर बेहतर समन्वय के साथ कार्य करें।

मुख्यमंत्री ने कुंभ मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित योजनाओं की समीक्षा करते हुए आधुनिक तकनीकों और सुविधाओं से सुसज्जित इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर की स्थापना को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। इसके लिए आवश्यक स्वीकृति शीघ्र जारी की जाएगी।

उन्होंने मेला नियंत्रण भवन के पास प्रस्तावित सीसीआर-2 भवन परियोजना की समीक्षा करते हुए कहा कि कुंभ मेले के सुचारु प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण इस परियोजना को भी शीघ्र वित्तीय स्वीकृति प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए खड़खड़ी पुल तथा श्रीयंत्र पुल से संबंधित योजनाओं को भी प्राथमिकता देते हुए उनके लिए आवश्यक स्वीकृतियां जल्द जारी करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऋषिकेश और मुनीकीरेती सहित कुंभ क्षेत्र के सभी सेक्टरों में बुनियादी सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण, सुरक्षा व्यवस्था, स्वच्छता तथा सीवरेज प्रबंधन के कार्यों पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने डामकोठी अतिथिगृह, हरिद्वार के विस्तार के निर्देश देते हुए कहा कि मौजूदा भवन से सटे क्षेत्र में एक आधुनिक एवं आकर्षक अतिथिगृह निर्माण की योजना तैयार कर प्रस्तुत की जाए।

बैठक में मेलाधिकारी सोनिका ने कुंभ मेला 2027 की तैयारियों से संबंधित व्यवस्थाओं की जानकारी देते हुए बताया कि सड़कों, पुलों, घाटों के निर्माण के साथ-साथ जलापूर्ति, चिकित्सा, सुरक्षा तथा मेला प्रबंधन से संबंधित स्थायी प्रकृति की 33 योजनाएं वर्तमान में निर्माणाधीन हैं। सभी परियोजनाओं पर निर्धारित समयसीमा के अनुसार कार्य प्रगति पर है। उन्होंने बताया कि कुंभ मेले के अंतर्गत मनसा देवी मंदिर तथा चंडी देवी मंदिर के मार्गों के सुधार की योजना को भी स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके अतिरिक्त मेले के लिए प्रस्तावित अन्य कार्यों और अस्थायी व्यवस्थाओं की भी जानकारी बैठक में दी गई।

बैठक में हरिद्वार की जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, मेयर नगर निगम किरण जैसल, रुड़की मेयर अनीता अग्रवाल, विधायक हरिद्वार मदन कौशिक, विधायक रानीपुर आदेश चौहान, विधायक रुड़की प्रदीप बत्रा, पूर्व मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, भाजपा जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा, राज्य मंत्री देशराज कर्णवाल, शोभाराम प्रजापति, सुनील सैनी, ओम प्रकाश जमदग्नि, जयपाल सिंह चौहान, पूर्व मेयर मनोज गर्ग, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर, मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्रा, अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती, सचिव एचआरडीए मनीष कुमार, उप मेलाधिकारी आकाश जोशी, मंजीत सिंह गिल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

आज विश्व के 180 से अधिक देशों में मनाया जा रहा योग दिवस: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद टिहरी के गंगा रिजॉर्ट मुनिकीरेती में आयोजित अन्तराष्ट्रीय योग महोत्सव 2026 में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि योग केवल व्यायाम नही समग्र जीवन पद्धति है। योग आत्मा को परमात्मा से जोड़ने का काम करता है। उन्होंने देश प्रदेश के युवाओं से योग को अपने जीवन का हिस्सा बनाने की अपील करते हुए कहा कि वर्तमान में विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने वाले युवा आमतौर पर थकावट महसूस करते है इसमें योग उनका सबसे अच्छा सहयोगी बन सकता है, राज्य सरकार ने योग नीति 2025 बनायी है। प्रदेश के प्रत्येक जनपद में 50 और 10 बेड वाले आयुष चिकित्सालय की स्थापना की जा रही है। योग और आध्यात्म को बढ़ावा देने के लिए 10 करोड़ का प्राविधान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गढ़वाल मंडल विकास निगम और उत्तराखंड पर्यटन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हो रहा ये अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव पिछले 35 वर्षों से योग की परंपरा को विश्व के कोने-कोने तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस बार आयोजित इस 7 दिवसीय भव्य योग महोत्सव में योग, प्राणायाम, ध्यान, आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा और आध्यात्मिक प्रवचनों के विविध सत्रों के साथ-साथ रन फॉर योगा, हेरिटेज वॉक तथा अंतरराष्ट्रीय योग सम्मेलन जैसे कई विशेष कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जा रहा है। इससे प्रतिभागियों को योग के विविध आयामों से परिचित कराने के साथ-साथ उन्हें स्वस्थ और संतुलित जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि योग भारत की प्राचीन और महान आध्यात्मिक परंपरा की अमूल्य धरोहर है। हजारों वर्ष पूर्व हमारे ऋषि-मुनियों ने योग के माध्यम से शरीर, मन और आत्मा के संतुलन का जो मार्ग दिखाया था, आज वो पूरी दुनिया के लिए स्वस्थ जीवन, मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति का सशक्त आधार बन चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि योग के महत्त्व को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2014 में संपूर्ण विश्व के कल्याण के लिए 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने का प्रस्ताव संयुक्त राष्ट्र संघ में रखा था। उसी का परिणाम है कि आज दुनिया के 180 से अधिक देशों में करोड़ों लोग योग का अभ्यास कर रहे हैं। उन्होने कहा कि उत्तराखंड केवल देवभूमि ही नहीं, बल्कि योगभूमि भी है। यहां की पवित्र नदियाँ, शांत वातावरण, स्वच्छ जलवायु और आध्यात्मिक ऊर्जा योग साधना के लिए एक आदर्श वातावरण प्रदान करती हैं। विश्वभर से हजारों-लाखों साधक प्रति वर्ष उत्तराखंड आकर योग और ध्यान का अभ्यास करते हैं। हमारे लिए यह भी अत्यंत गर्व की बात है कि आज पूरी दुनिया में ऋषिकेश को “विश्व की योग राजधानी” के रूप में पहचान मिल रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रदेश में आयुष आधारित 300 से अधिक आयुष्मान आरोग्य केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, साथ ही प्रदेश के प्रत्येक जनपद में 50 और 10 बेड वाले आयुष चिकित्सालयों की स्थापना भी की जा रही है। इसके साथ ही, ई-संजीवनी पोर्टल के माध्यम से विशेषज्ञों द्वारा नागरिकों को आयुष परामर्श भी प्रदान किया जा रहा है। यही नही उत्तराखंड आयुष नीति के माध्यम से औषधि निर्माण, वेलनेस, शिक्षा, शोध और औषधीय पौधों के संवर्धन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, इसके साथ ही राज्य में आयुर्वेद एवं प्राकृतिक चिकित्सा, योग और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए गढ़वाल और कुमाऊं मंडलों में एक-एक स्पिरिचुअल इकोनॉमिक ज़ोन की स्थापना की जा रही है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने गढ़वाल मंडल के हर गांव को पर्यटन से जोड़ने संबंधी उत्तराखंड खोज योजना का रिमोट दबाकर लोकार्पण भी किया।

इस अवसर पर पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि योग हमारी प्रचीन पद्धति में शुमार है। हमारे ऋषि मुनियों ने योग और तप बल से कई सिद्धियां हासिल की है। वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि आज योग से करोडों़ लोग निरोग हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र की सबसे बड़ी पहचान मे योग की मुख्य भूमिका है।

प्रबंध निदेशक गढ़वाल मण्डल विकास निगम प्रतीक जैन ने बताया कि इस बार अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव में 2500 से अधिक रजिट्रेशन हो चुके है। इस योग महोत्सव को 150 योग संस्थाओं के सहयोग से सफल बनाया जा रहा है। कार्यक्रम में गुरु कुल कांगड़ी सहित विभिन्न क्षेत्रों से आये के योग साधको द्वारा योग की विभिन्न क्रियाओं का भी प्रदर्शन किया गया।

इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष मुनिकीरेती नीलम बिजल्वाण, अध्यक्ष नगर निगम ऋषिकेश शम्भू पासवान, अध्यक्ष नगर पंचायत तपोवन विनीता बिष्ट, जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल, एसएसपी आयुष अग्रवाल, स्वामी चिदानन्द मुनि, महंत रविन्द्र पुरी, भारत भूषण, योगाचार्य ऊषा माता सहित हजारों की संख्या में योग साधक उपस्थित रहे।

सीएम धामी ने शहरी विकास निदेशालय के नवीन भवन का किया वर्चुअल शिलान्यास

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में शहरी विकास विभाग के अन्तर्गत चयनित 63 सफाई निरीक्षकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने लगभग 62 करोड़ की अनुमानित लागत से बनने वाले शहरी विकास निदेशालय के नवीन भवन का वर्चुअल शिलान्यास भी किया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान कूड़ा निस्तारण वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि चार वर्षों में राज्य में लगभग 30 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान की जा चुकी है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लोक सेवा आयोग के माध्यम से चयनित सभी सफाई निरीक्षकों को शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि आज आपके जीवन में एक नई जिम्मेदारी की शुरुआत हो रही है। उन्होंने कहा कि राज्य के गठन के समय प्रदेश में केवल 63 स्थानीय नगर निकाय थे। आज प्रदेश में 11 नगर निगम, 46 नगर पालिका परिषद और 51 नगर पंचायत सहित कुल 108 स्थानीय नगर निकाय हैं। यह इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि आज हमारे शहर विकास और आर्थिक गतिविधियों के महत्वपूर्ण केंद्र बन चुके हैं। राज्य सरकार प्रदेश के अपने इन शहरों को स्वच्छ, सुव्यवस्थित और आधुनिक बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। इस दिशा में हमारे स्थानीय निकायों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि कूड़ा प्रबंधन से लेकर नागरिकों को मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं के सुचारू संचालन तक की बड़ी जिम्मेदारी इन्हीं संस्थाओं के कंधों पर होती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय निकाय हमारे शहरों के समग्र विकास के सबसे मजबूत स्तंभ हैं। सफाई निरीक्षक इसकी नींव के पत्थर हैं। प्रदेश में नगर निकायों की प्रशासनिक और तकनीकी क्षमता को लगातार सुदृढ़ किया जा रहा है। पिछले करीब 5 वर्षों में शहरी निकायों में 63 अधिशासी अधिकारियों, 22 कर एवं राजस्व निरीक्षकों तथा 32 अवर अभियंताओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए जा चुके हैं। 63 सफाई निरीक्षकों की नियुक्ति हमारे नगर निकायों की कार्यक्षमता को और अधिक सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि सभी नवनियुक्त निरीक्षक अपने कर्तव्यों का निष्ठा और ईमानदारी के साथ निर्वहन करते हुए प्रदेश के शहरों को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड आस्था, आध्यात्म और पर्यटन का प्रमुख केंद्र है। यहाँ स्थित चारधाम और गंगा-यमुना के पावन तीर्थ हर वर्ष लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करते हैं। वर्ष 2027 में कुंभ मेले का आयोजन होना है और अगले महीने से चारधाम यात्रा भी प्रारंभ होने वाली है। ऐसे अवसरों पर शहरों और तीर्थस्थलों की स्वच्छता और व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखना अत्यंत आवश्यक होता है। इसमें नगर निकायों की अहम भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शहरों को आधुनिक और सुरक्षित बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। जहाँ एक ओर स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत शहरों में ठोस कचरा प्रबंधन और सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है, वहीं स्मार्ट सिटी मिशन, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, अमृत मिशन, खुले में शौच मुक्त अभियान और लीगेसी वेस्ट प्रबंधन जैसी विभिन्न योजनाओं के माध्यम से नागरिकों को बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराने का प्रयास भी किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में सुलभ स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने के लिए अर्बन हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर भी स्थापित किए गए हैं। निराश्रित गौवंशों के संरक्षण के लिए आश्रय योजना संचालित की जा रही है। कचरा प्रबंधन के लिए आधुनिक मैकेनाइज्ड ट्रांसफर स्टेशन का निर्माण किया गया है और कूड़ा वाहनों की निगरानी के लिए इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित किया गया है। पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए शहर में 30 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जा रहा है तथा 11 स्थानों पर ईवी चार्जिंग स्टेशन भी स्थापित किए गए हैं। स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण में उत्कृष्ट योगदान देने वाले पर्यावरण मित्रों को ‘स्वच्छता सैनानी सम्मान’ के रूप में प्रोत्साहित भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वच्छता रैंकिंग में राज्य को और प्रयास करने होंगे।

इस अवसर पर विधायक खजान दास, बंशीधर भगत, उमेश शर्मा काऊ, सविता कपूर, सचिव शहरी विकास नितेश झा, निदेशक शहरी विकास विनोद गिरी गोस्वामी, नगर आयुक्त देहरादून नमामि बंसल एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।