कम भूमि और कम जल में अधिक लाभ देने वाला उद्यम है मशरूम उत्पादन: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार जनपद के बुग्गावाला में एमबी फूड्स द्वारा विकसित ‘मशरूम ग्राम’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह पहल किसानों की आय बढ़ाने, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने और कृषि क्षेत्र में नवाचार को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री ने एमबी फूड्स की टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि मशरूम उत्पादन कम भूमि, कम जल और कम समय में अधिक लाभ देने वाला प्रभावी उद्यम है, जिससे किसान अतिरिक्त आय अर्जित कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना के माध्यम से स्थानीय युवाओं और महिलाओं को स्वरोज़गार के नए अवसर प्राप्त होंगे तथा स्वयं सहायता समूहों को भी आर्थिक मजबूती मिलेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ‘मशरूम ग्राम’ मॉडल राज्य के अन्य क्षेत्रों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगा और कृषि आधारित उद्यमिता को नई दिशा प्रदान करेगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में देश ‘विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। केंद्र सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य के साथ निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत देशभर के 11 करोड़ किसानों को आर्थिक सहायता दी जा रही है, जिसमें उत्तराखंड के लगभग 9 लाख किसान भी लाभान्वित हो रहे हैं। साथ ही न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और मृदा स्वास्थ्य कार्ड जैसी योजनाओं से किसानों को व्यापक लाभ मिल रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान मानधन योजना, मिलेट मिशन, बागवानी विकास मिशन, कृषि यंत्र सब्सिडी, बूंद-बूंद सिंचाई योजना और डिजिटल कृषि मिशन जैसी योजनाएं किसानों को सशक्त बना रही हैं। उन्होंने कहा कि इस वर्ष के बजट में किसान क्रेडिट कार्ड की सीमा को तीन लाख रुपये से बढ़ाकर पाँच लाख रुपये करना किसानों के लिए एक ऐतिहासिक निर्णय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भी किसानों के उत्थान के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। फार्म मशीनरी बैंक योजना के अंतर्गत कृषि उपकरणों पर 80 प्रतिशत तक सब्सिडी, तीन लाख रुपये तक ब्याजमुक्त ऋण तथा नहरों से मुफ्त सिंचाई की सुविधा दी जा रही है। उन्होंने बताया कि किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से पॉलीहाउस निर्माण हेतु 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसके तहत अब तक लगभग 350 पॉलीहाउस स्थापित किए जा चुके हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गेहूं खरीद पर प्रति क्विंटल 20 रुपये का बोनस, गन्ने के दामों में 30 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि, नई सेब नीति, कीवी नीति, स्टेट मिलेट मिशन और ड्रैगन फ्रूट नीति जैसी योजनाएं राज्य में कृषि और बागवानी को नई ऊंचाइयों तक ले जा रही हैं। इसके साथ ही ‘महक क्रांति’ के माध्यम से सुगंध फसलों की खेती को बढ़ावा देकर हजारों किसानों को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड के माध्यम से राज्य के स्थानीय कृषि उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन सभी प्रयासों से उत्तराखंड कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेगा और किसानों की समृद्धि सुनिश्चित होगी।

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने बुग्गावाला और हरिद्वार क्षेत्र के नागरिकों से सरकार के प्रयासों में सहयोग की अपील करते हुए कहा कि जनसहभागिता के माध्यम से ही देवभूमि उत्तराखंड को कृषि सहित सभी क्षेत्रों में अग्रणी राज्य बनाया जा सकता है।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक प्रदीप बत्रा, जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहित सभी जनपद स्तरीय अधिकारी तथा बड़ी संख्या में स्थानीय जनता उपस्थित थी।

प्रत्येक जनपद में वन्य जीवों के खोले जाएंगे रेस्क्यू व रिहैबीलीटेशन सेण्टर: धामी

राज्य में मानव वन्य जीव संघर्ष के मामलों को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस चुनौती से निपटने के लिए अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए जाने की घोषणा की है। जिसके तहत सोलर फेंसिग एवं सेंसर बेस्ड अलर्ट सिस्टम स्थापित किया जाएगा। साथ ही आधुनिक वन्यजीव बंध्याकरण (नसबन्दी) केन्द्र एवं जिलों में रिहैबीलीटेशन सेण्टर खोले जाएंगे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि राज्य में मानव जीवन संघर्ष के कई मामले सामने आ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा उत्तराखण्ड राज्य के उन क्षेत्रों में जहाँ वन्य जीव जैसे हाथी, नीलगाय, भालू, गुलदार एवं बंदर आदि के द्वारा कृषि एवं उद्यान फसलों, भौतिक अवस्थापनाओं, मानव जीवन आदि की क्षति की जाती है, वहाँ चरणवार एवं योजनाबद्ध रूप में सोलर फेंसिग एवं सेंसर बेस्ड अलर्ट सिस्टम से सुरक्षा तंत्र विकसित कर मानव वन्य जीव संघर्ष को कम करने के लिए प्रभावी कार्यवाही की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वन्य जीव लंगूर, बन्दर, सुअर, भालू आदि के जनसंख्या नियंत्रण के लिए प्रत्येक जनपद में वन विभाग के अंतर्गत आधुनिक वन्यजीव बंध्याकरण (नसबन्दी) केन्द्र की स्थापना की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा प्रदेश के समस्त जनपदों में मानव, वन्य जीव संघर्ष में चिन्हित वन्य जीवों के रेस्क्यू व रिहैबीलीटेशन सेण्टर खोले जायेंगे। इस हेतु पर्वतीय वन क्षेत्र में न्यूनतम 10 नाली व मैदानी वन क्षेत्र में न्यूनतम 1 एकड़ भूमि आरक्षित की जायेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उपरोक्त सभी कार्यों की आवश्यकता को देखते हुए इन्हें शीर्ष प्राथमिकता से किया जाएगा एवं 2 सप्ताह की अवधि में उक्त योजनाओं को क्रियान्वित करने की रणनीति प्रस्तुत की जाएगी। उन्होंने कहा इसके लिए वन विभाग को जाल, पिंजरा, ट्रेकुलाईजेशन गन आदि संसाधन की उपलब्धता के लिए ₹ 5 करोड़ की अतिरिक्त धनराशि की व्यवस्था की जायेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मानव वन्यजीव संघर्ष के प्रभावी रोकथाम हेतु केन्द्रीय वन्य जीव अधिनियम के सुसंगत प्राविधानों में हिंसक जीवों को निषिद्ध करने हेतु अधिकारों के विकेन्द्रीकरण कर वन विभाग के रेंजर स्तर के अधिकारियों को सशक्त बनाया जाएगा। इस हेतु नियमों में आवश्यकतानुसार संशोधन किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव से भी गतदिवस वार्ता हुई है।

विभागों को सेतु आयोग के साथ अपनी पॉलिसियों और कार्यक्रमों पर मंथन किए जाने की आवश्यकता: वर्धन

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सेतु आयोग के कार्यों की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने सेतु आयोग में कार्यरत विभिन्न विषयों के विशेषज्ञों के साथ विस्तार से महत्त्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि सेतु आयोग उत्तराखण्ड के विकास में राज्य सरकार के थिंक टैंक के रूप में कार्य करेगा।

मुख्य सचिव ने कहा कि विभागों को आयोग के साथ अपनी पॉलिसियों और कार्यक्रमों पर मंथन किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि आयोग अध्ययन करके बताए कि किस विभाग में किस पॉलिसी में क्या परिवर्तन किए जाने की आवश्यकता है, जिससे पॉलिसीज का अधिकतम लाभ मिल सके।

मुख्य सचिव ने कहा कि कोल्ड वाटर फिशरीज हमारी यूएसपी है, इसे हम किस प्रकार से पर्वतीय क्षेत्रों की आर्थिकी से जोड़ सकते हैं, इस पर अध्ययन किया जाना चाहिए। उन्होंने वन आर्थिकी को बेहतर बनाए जाने की दिशा में कार्य किए जाने की बात भी कही। उन्होंने पर्वतीय क्षेत्रों की वर्षा आधारित कृषि को सुनिश्चित कृषि की दिशा में शोध एवं सुधार की दिशा में भी कार्य किए जाने की बात कही।

मुख्य सचिव ने कहा कि सेतु आयोग के अंतर्गत एक मजबूत एक्सपर्ट टीम हमें मिली है। इससे राज्य की बेहतरी के लिए शोध क्षमता को बढ़ाए जाने की आवश्यकता है।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव श्रीधर बाबू अद्दांकी एवं उपाध्यक्ष सेतु आयोग राजशेखर जोशी सहित सेतु आयोग से विभिन्न विषयों के विशेषज्ञ उपस्थित थे।

आढ़त बाजार पुनर्निर्माण कार्य का 20 जनवरी तक जीओ जारी करने के निर्देश

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में देहरादून मोबिलिटी प्लान के सम्बन्ध में सम्बन्धित विभागों के साथ बैठक ली। मुख्य सचिव ने कहा कि देहरादून शहर का यातायात संकुलन कम करने के लिए लगातार नए कदम उठाने होंगे। उन्होंने आढ़त बाजार, इंदिरा मार्केट आदि विभिन्न कार्यों की प्रगति की जानकारी भी ली।

मुख्य सचिव ने निरंजनपुर मंडी को अन्यत्र शिफ्ट किए जाने हेतु एमडीडीए को नयी जगह तलाशने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्होंने आढ़त बाजार के पुनर्निर्माण कार्य को शीघ्र शुरू किए जाने की भी बात कही। कहा कि 20 जनवरी तक इसका शासनादेश जारी कर दिया जाए। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को शहर के 6 जंक्शनों के सुधार के लिए 15 जनवरी तक जीओ जारी किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने शहर के भीड़-भाड़ वाले महत्त्वपूर्ण क्षेत्रों में बनी पार्किंग के 100 प्रतिशत उपयोग न होने पर चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि अब तक तैयार पार्किंग का 100 प्रतिशत उपयोग होना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने नगर निगम द्वारा लागू की जा रही ऑन रोड पार्किंग को अन्य मार्गों में भी लागू किए जाने की बात कही, ताकि लोग अपने वाहनों को सड़कों के बजाय पार्किंग में लगाने को प्रेरित हों।

मुख्य सचिव ने परिवहन विभाग को दिसम्बर माह में एसपीवी रजिस्टर करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनवरी में पहली बोर्ड बैठक आयोजित कर ली जाए। उन्होंने आशारोड़ी में सीज वाहनों को रखने के लिए बनायी जा रही पार्किंग को शीघ्र शुरू किए जाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने उम्टा (UMTA) द्वारा तैयार मोबिलिटी प्लान के तहत चिन्हित नए पार्किंग स्थलों की ग्राउण्ड ट्रुथिंग भी कराए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि यदि ये स्थल पार्किंग के लिए उपयुक्त पाए जाते हैं तो इनको तैयार किया जाए। उन्होंने परेड ग्राउण्ड में अंडरग्राउण्ड पार्किंग का फीजिबिलिटी परीक्षण शीघ्र कराए जाने की बात भी कही।

मुख्य सचिव ने शहर के खम्बों में लटकी बिना परमिशन और अवैध तारों के जालों शीघ्र हटाए जाने की भी बात कही। कहा कि शहर में जहां-जहां अंडरग्राउण्ड इलेक्ट्रिसिटी केबल का कार्य पूर्ण हो गया है, सड़कों को तत्काल दुरूस्त किया जाए।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, अपर सचिव अहमद इकबाल, विनीत कुमार, वीसी एमडीडीए बंशीधर तिवारी एवं एसपी देहरादून अजय सिंह सहित अन्य सम्बन्धित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

डीएम का निर्देशः योजनाओं को क्लब कर करें निर्माण, जनता को मिलेगी सहूलियत

जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में जनपद स्तरीय परियोजना समन्वय समिति की बैठक हुई। बैठक में जल संस्थान, यूपीसीएल, यूएसडीडीए, एडीबी, टाटा, वोडाफोन, एयरटेल सहित 10 विभिन्न विभागों और संस्थानों द्वारा सीवर लाइन, पेयजल लाइन, विद्युत लाइन, फाइबर केबल को भूमिगत करने संबंधित 63 नए और 22 पुराने प्रस्तावों पर गहनता से विचार विमर्श किया गया। जिलाधिकारी ने परियोजनाओं के चल रहे कार्यों को निर्धारित मानकों एवं शर्तों के अनुसार शीघ्र पूरा करने की अनुमति प्रदान की। जबकि क्रिसमस और नव वर्ष को देखते हुए नए परियोजना के सार्वजनिक सुविधा वाले जरूरी कार्याे को 02 जनवरी के बाद ही अनुमति जारी करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि सार्वजनिक उपयोगिता जैसे बिजली लाइन, पेयजल, सीवरेज और गैस पाइप लाइन भूमिगत करने के लिए रात को सड़क खोदने की अनुमति दी जाएगी, किंतु इन सभी कार्यों पर प्रशासन की क्यूआरटी पैनी नजर रखेगी। जिलाधिकारी ने सीओ ट्रैफिक एवं क्यूआरटी को निर्देश दिए कि मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर तत्काल रिपोर्ट दी जाए।

डीएम ने स्पष्ट किया कि अनुमति से अधिक रोड कटिंग, खुदाई छोड़ देना या सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर प्रशासन जब्ती और मुकदमा दर्ज करने से गुरेज नहीं करेगा। जहां पर रात्रि को सड़क खुदाई की जाएगी वहां पर सुबह तक गढ्डा भराना का कार्य पूर्ण हो जाना चाहिए। सुरक्षा के दृष्टिगत खुदाई साइट पर बैरिकेडिंग व साइनबोर्ड होना भी अनिवार्य है। सभी एजेंसियों को निर्देश दिए गए कि वे मुख्य मार्ग पर रात्रि 10 बजे से प्रातः 6 बजे तक ही कार्य करें। केवल कुछ आंतरिक मार्गों पर ही दिन में अनुमति दी गई। डीएम ने कहा कि पर्याप्त संख्या में मैनपावर, मशीनरी लगाते हुए निर्माणाधीन परियोजनाओं के कार्यों को जल्द से जल्द पूरा किया जाए।

जिलाधिकारी ने सभी एजेंसियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य समाप्ति के बाद डब्लूपीएम करते हुए सड़क को वाहनों के चलने योग्य बनाना अनिवार्य है। जिन परियोजना का कार्य पूर्ण हो चुका है वहां पर तुरंत सड़क को ब्लैकटॉप कराया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, बेरिकेटिंग और साइट सुपरविजन का पूरा ध्यान रखा जाए। जिलाधिकारी ने चेताया कि निर्माण कार्यों में देरी या अव्यवस्था से जनता को परेशानी हुई तो जिम्मेदार विभागों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई तय होगी।

जिलाधिकारी ने पेयजल, विद्युत, यूएसडीडीए, एडीबी एवं अन्य संस्थानों को आपसी समन्वय से किसी एक स्थान पर योजनाओं को क्लब करते हुए निर्माण कार्य करने पर जोर दिया। कहा कि इससे बार-बार सड़क खराब नही होगी और जनता को भी सहुलियत मिलेगी।

बैठक में एसडीएम कुमकुम जोशी, लोनिवि के अधीक्षण अभियंता ओमपाल सिंह, उप नगर आयुक्त संतोष कुमार पांडेय, सीओ ट्रैफिक जगदीश पंत सहित समिति के अन्य सदस्य एवं विभिन्न एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

जिला सूचना अधिकारी, देहरादून।

एसडीजी के संकेतकों के आधार पर पहली बार जारी मासिक रैंकिग में जनपद चम्पावत पहले स्थान पर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर राज्य में सतत विकास लक्ष्य (एस.डी.जी.) के तहत चिन्हित विकास के लक्ष्यों के आधार पर जिलों के प्रदर्शन का मूल्यांकन कर मासिक रैंकिंग करने की व्यवस्था प्रारंभ की गई है। शुरूआती मासिक रैंकिंग में जनपद चम्पावत ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है।

मुख्यमंत्री द्वारा विकास के मोर्चे पर जिलों के प्रदर्शन के आकलन हेतु एस.डी.जी. के संकेतकों की कसौटी पर रैंकिंग करने की हिदायत दी गई थी। जिसके अनुपालन में नियोजन विभाग के सेंटर फॉर पब्लिक पॉलिसी एण्ड गुड गवर्नेस (सी.पी.पी.जी.जी.) द्वारा एस.डी.जी. की अवधारणा के अनुसार मासिक रूप से अनुश्रवण किए जाने योग्य चिन्हित संकेतकों की जनपदवार रैंकिंग शुरू की गई है। जिसके लिए सी.पी.पी.जी.जी. द्वारा इस वर्ष अप्रैल से अक्टूबर माह तक 11 सतत् विकास लक्ष्यों के कुल 39 संकेतकों का डाटा प्राप्त करते हुए समसामयिक लक्ष्यों के आधार पर पहली बार जिलों की रैंकिंग जारी कर दी गई है।

मासिक रैंकिग के आधार पर जनपद चम्पावत ने 96 अंक प्राप्त कर प्रथम, जनपद बागेश्वर ने 94 अंक प्राप्त कर द्वितीय तथा जनपद नैनीताल ने 92 अंक प्राप्त कर तृतीय स्थान प्राप्त किया है। सी.पी.पी.जी.जी. के विशेष कार्याधिकारी अमित पुनेठा ने कहा है कि रैंकिंग में पिछड़े जनपदों से वित्तीय वर्ष की शेष अवधि में सभी एस.डी.जी. में तय लक्ष्यों को प्राप्त कर करने की अपेक्षा की गई है। उन्होंने बताया कि रैंकिंग के लिए चिन्हित 39 संकेतकों के अलावा आवश्यतानुसार समसामयिक लक्ष्यों के सापेक्ष योजनाओं का अनुश्रवण करने के लिए भविष्य में अन्य संकेतकों को भी शामिल किया जा सकता है।

*एस.डी.जी. को लेकर उत्तराखंड में प्रतिबद्ध प्रयास : राष्ट्रीय स्तर पर बनी अलग पहचान*

वर्ष 2030 तक गरीबी, भुखमरी, बीमारी और अभाव से मुक्त विश्व की परिकल्पना को साकार करने के उद्देश्य से सतत विकास लक्ष्य, संयुक्त राष्ट्र के 193 सदस्य देशों द्वारा सितंबर 2015 में स्वीकृत और अपनाए गए थे। एसडीजी के चार प्रमुख आयाम हैं : सामाजिक समानता; समावेशी आर्थिक विकास; पर्यावरण संरक्षण; और शांतिपूर्ण एवं समावेशी समाज।
इन महत्वाकांक्षी लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए उत्तराखंड राज्य में गंभीरता के साथ प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। जिसके फलस्वरूप उत्तराखंड विभिन्न विकास क्षेत्रों में अग्रणी बनकर उभरा है और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। नीति आयोग द्वारा जारी एस.डी.जी. इंडिया इंडेक्स वर्ष 2023-24 में उत्तराखंड ने प्रथम स्थान प्राप्त कर सतत विकास के लिए प्रतिबद्ध प्रयासों की सार्थकता सिद्ध की है।

*सतत विकास के चिन्हित लक्ष्य*

एसडीजी सं. 1 गरीबी उन्मूलन
एसडीजी सं. 2. शून्य भुखमरी
एसडीजी सं. 3. उत्तम स्वास्थ्य
एसडीजी सं. 4. गुणवत्तापूर्ण शिक्षा
एसडीजी सं. 6. स्वच्छ पेयजल एवं स्वच्छता
एसडीजी सं. 7. संवहनीय स्वच्छ ऊर्जा
एसडीजी सं. 8. उत्तम कार्य एवं आर्थिक उन्नति
एसडीजी सं. 9. उद्योग, नवाचार एवं अवसंरचना विकास
एसडीजी सं. 10. असमानता दूर करना
एसडीजी सं. 11. संवहनीय शहर एवं समुदाय
एसडीजी सं. 15. भूमि पर जीवन

*प्रदेश में सतत विकास के लक्ष्यों को तेजी से प्राप्त करने के लिए योजनाओं के बेहतर निर्माण के साथ ही उनके सफल क्रियान्वयन के लिए प्रभावी एक्शन प्लान बनाया गया है। इससे हम आम आदमी के जीवन स्तर में सुधार के साथ राज्य के समग्र विकास की संकल्पना को साकार करने में भी सफल हो सकेंगे। इसी के दृष्टिगत सभी विभागों एवं जिलाधिकारियों को निर्धारित मानकों के अनुसार एस.डी.जी. के निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध रूप से प्राप्त करने हेतु कार्य करने की अपेक्षा की गई है। जिलों की पहली रैंंकंग में प्रथम स्थान पर रहने वाले चंपावत जिले सहित अच्छा प्रदर्शन करने वाले अन्य जिलों को बधाई। सभी जिले बेहतर प्रदर्शन के लिए निरंतर प्रयासरत रहें। जिन लक्ष्यों व इंडिकेटरों में हमें सुधार की आवश्यकता है, उन पर विशेष ध्यान दिया जाय।*

*-पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री*

डालनवाला पुलिस स्टेशन में लापरवाही पर मुख्यमंत्री का कड़ा प्रहार, अव्यवस्था और गंदगी पर मुख्यमंत्री सख्त

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून स्थित डालनवाला पुलिस स्टेशन के औचक निरीक्षण के दौरान थानेदार के ड्यूटी से अनुपस्थित पाए जाने पर तत्काल प्रभाव से उन्हें लाइन हाजिर करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में कहा कि कानून व्यवस्था और जनसेवा जैसे संवेदनशील दायित्वों में किसी भी स्तर की लापरवाही अक्षम्य अपराध है और ऐसे मामलों में तत्काल एवं कठोर कार्रवाई की जाएगी।

विभिन्न बैठकों के उपरांत मुख्यमंत्री धामी अचानक पुलिस स्टेशन पहुंचे और वहां की संपूर्ण कार्यप्रणाली का गहन निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री के औचक निरीक्षण से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और मौके पर व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति सामने आई।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने पुलिस स्टेशन में आए कई शिकायतकर्ताओं से सीधे बातचीत की और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने पुलिसकर्मियों को निर्देश दिए कि शिकायतों को औपचारिकता नहीं बल्कि उत्तरदायित्व समझकर दर्ज किया जाए तथा उनका तत्काल, निष्पक्ष और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री महिला हेल्प डेस्क पर भी पहुंचे और वहां मौजूद महिला फरियादियों से बातचीत कर उनकी शिकायतों की जानकारी ली। उन्होंने महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता, गोपनीयता और त्वरित कार्रवाई को अनिवार्य बताते हुए किसी भी प्रकार की ढिलाई पर सख़्त कार्रवाई की चेतावनी दी।

मुख्यमंत्री ने एफआईआर रजिस्टर का विस्तृत निरीक्षण करते हुए दर्ज मामलों पर की गई कार्रवाई, फॉलोअप की स्थिति तथा लंबित प्रकरणों की जानकारी ली। इसके साथ ही उन्होंने ड्यूटी रजिस्टर और उपस्थिति रजिस्टर का भी निरीक्षण कर कर्मियों की जिम्मेदारी और जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने थाने में स्थित कारागार में गंदगी और अव्यवस्था पर गहरी नाराज़गी व्यक्त की और तत्काल समुचित साफ-सफाई एवं मानकों के अनुरूप व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस थाने की स्थिति ही शासन-प्रशासन की कार्यसंस्कृति को दर्शाती है।

मुख्यमंत्री ने वाहन जांच अभियान, वेरिफिकेशन ड्राइव तथा अपराध नियंत्रण को लेकर चल रही कार्रवाई की समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि इन अभियानों में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही क्षेत्र की ट्रैफिक व्यवस्था पर गंभीर असंतोष व्यक्त करते हुए उन्होंने विस्तृत जांच कर जिम्मेदारी तय करने के आदेश दिए।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) देहरादून तत्काल पुलिस स्टेशन पहुंचे और मौके पर स्थिति का जायजा लेकर आवश्यक अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रारंभ की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का सख़्त शब्दों में कहा कि “ *कानून व्यवस्था से जुड़ा प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी जनता के प्रति जवाबदेह है। जनसेवा में लापरवाही, अनुशासनहीनता या संवेदनहीनता किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। पुलिस व्यवस्था में सुधार, पारदर्शिता और जवाबदेही हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। जनहित में सख़्त से सख़्त कार्रवाई करने से सरकार पीछे नहीं हटेगी।”*

सीएम धामी ने अग्निवीर भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं से सीधे संवाद कर बढ़ाया उत्साह

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल विभाग तथा खेल विभाग द्वारा प्रांतीय रक्षक दल निदेशालय, रायपुर (देहरादून) में संचालित अग्निवीर भर्ती प्रशिक्षण केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रशिक्षण व्यवस्थाओं का गहनता से जायजा लिया। भविष्य में मुख्यमंत्री श्री धामी प्रत्येक जिले में भ्रमण के दौरान अग्निवीर भर्ती प्रशिक्षण केंद्रों का निरीक्षण करेंगे।

मुख्यमंत्री ने अग्निवीर भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं से सीधे संवाद कर उनके प्रशिक्षण अनुभव, दिनचर्या और चुनौतियों के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने युवाओं से यह भी पूछा कि उन्हें प्रशिक्षण के दौरान किन-किन सुविधाओं की आवश्यकता महसूस हो रही है।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षण केंद्र में उपलब्ध शारीरिक प्रशिक्षण, दौड़ अभ्यास, खेल गतिविधियों एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं का अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि युवाओं को दी जा रही सभी सुविधाएं उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुरूप सुनिश्चित की जाएं।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार अग्निवीर भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं को निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण प्रदान कर रही है, ताकि वे पूरी आत्मविश्वास के साथ देश की सेवा के लिए चयनित हो सकें।

युवाओं का उत्साह बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री ने स्वयं भी प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित खेल गतिविधियों में भाग लिया और युवाओं के साथ संवाद कर उन्हें अनुशासन, परिश्रम और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों को समय-समय पर अपडेट किया जाए तथा विशेषज्ञ प्रशिक्षकों की सहायता से युवाओं को शारीरिक और मानसिक रूप से और अधिक सशक्त बनाया जाए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि अग्निवीर योजना देश के युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर है। हमारी सरकार का प्रयास है कि उत्तराखंड के युवा इस योजना के माध्यम से देश सेवा के साथ-साथ आत्मनिर्भर भी बनें। युवाओं को हर संभव सुविधा और मार्गदर्शन देना हमारी प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अग्निवीर योजना के माध्यम से युवाओं को देश की तीनों सेनाओं में सेवा का अवसर प्रदान किया जा रहा है। यह योजना युवाओं में राष्ट्रभक्ति, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और आत्मविश्वास का विकास करती है। कम आयु में सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त कर युवा न केवल देश की सुरक्षा में योगदान देते हैं, बल्कि जीवन के हर क्षेत्र में उपयोगी कौशल भी अर्जित करते हैं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का मानना है कि अग्निवीर प्रशिक्षण युवाओं को शारीरिक रूप से मजबूत बनाने के साथ-साथ मानसिक रूप से भी सशक्त करता है। कठिन प्रशिक्षण, अनुशासित दिनचर्या और टीम भावना के माध्यम से युवाओं में निर्णय लेने की क्षमता और जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है, जो उनके भविष्य को उज्ज्वल बनाती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अग्निवीर योजना से प्रशिक्षित युवा सेवा अवधि के पश्चात विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार और स्वरोजगार के लिए भी सक्षम बनते हैं। सैन्य प्रशिक्षण के दौरान अर्जित कौशल जैसे अनुशासन, समय प्रबंधन, नेतृत्व और तकनीकी दक्षता उन्हें निजी एवं सार्वजनिक क्षेत्र में बेहतर अवसर प्रदान करती है।

इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि उत्तराखंड के अधिक से अधिक युवा अग्निवीर योजना का लाभ उठा सकें। इसके लिए राज्य में निःशुल्क प्रशिक्षण, बेहतर संसाधन, अनुभवी प्रशिक्षक और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि प्रदेश के युवा राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें।

इस अवसर पर विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, अपर सचिव डॉ. आशीष चौहान सहित खेल एवं युवा कल्याण विभाग तथा प्रांतीय रक्षक दल के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

उत्तराखंड: अब खंड शिक्षा अधिकारी 20 हजार की घूस लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार

आज खंड शिक्षा अधिकारी बहादराबाद बृजपाल सिंह राठौड़ को पुलिस मॉडर्न स्कूल 40वीं वाहिनी पीएसी के नवीनीकरण/मान्यता प्राप्त आदि कार्यों के एवज में 20 हजार की रिश्वत लेते हुए विजिलेंस देहरादून द्वारा रंगे हाथ विकास भवन रोशनाबाद से हिरासत में लेकर वैधानिक कार्यवाही हेतु देहरादून ले जाया गया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विजिलेंस को भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए खुली छूट प्रदान की हुई है। इसका असर, साल दर साल बढ़ते विजिलेंस ट्रैप और गिरफ्तारियों की संख्या के रूप में नजर आ रहा है। यही नहीं मजबूत साक्ष्य के आधार पर सतर्कता विभाग आरोपियों को कोर्ट से सजा दिलाने में कामयाब रही है। मुख्यमंत्री के भ्रष्टाचार के विरूद्ध जीरो टॉलरेंस के स्पष्ट निर्देशों का असर विजिलेंस की कार्यवाही में निरंतर दिखाई दे रहा है।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर सतर्कता विभाग ने शिकायत दर्ज कराने के लिए टोल फ्री नम्बर 1064 भी जारी किया है। यही नहीं मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को अंतिम फैसला आने तक आरोपियों को पूर्व के दायित्व या अहम जिम्मेदारी नहीं देने के साथ ही ट्रैप के मामलों में अभियोजन की प्रक्रिया में तेजी लाने के भी निर्देश दिए हैं।

*देवभूमि उत्तराखंड को भ्रष्टाचार मुक्त करते हुए, सुशासन की कार्य संस्कृति विकसित करने का हमारा प्रयास है। भ्रष्टाचारियों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई किये जाने के लिये विजिलेंस को भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान छेड़ने के निर्देश दिए गये हैं। प्रदेश में भ्रष्टाचार में लिप्त किसी भी व्यक्ति के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जायेगी। उत्तराखण्ड में ईमानदार शासन व्यवस्था हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।*
*पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड*

मुख्यमंत्री की पहल पर राज्यभर में ‘‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’’ अभियान का शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर प्रदेश में ‘‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’’ अभियान का बुधवार को शुभारंभ हो गया है। न्याय पंचायतों में कैम्प आयोजित कर आम लोगों को सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी देने के साथ ही जरूरतमंद लोगों को मौके पर ही विभिन्न योजनाओं के लाभ प्रदान करने के लिए यह महत्वाकांक्षी अभियान पैंतालीस दिनों तक संचालित किया जाएगा। अभियान में राजस्व, ग्राम्य विकास, पंचायती राज, कृषि, समाज कल्याण सहित 23 विभाग शामिल रहेंगे। अभियान के पहले दिन राज्य के सभी जिलों में तय कार्यक्रम के अनुसार चयनित न्याय पंचायतों में आयोजित शिविरों में बड़ी संख्या में आम लोगों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की। राज्य सरकार की इस महत्वपूर्ण जन-कल्याणकारी पहल से शुरूआती दिन राज्य के विभिन्न स्थानों पर आयोजित शिविरों में हजारों ग्रामीणों को लाभान्वित किया गया।

*पिथौरागढ*
“जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान के तहत पिथौरागढ़ जिले के विकास खंड बिण की न्याय पंचायत दौला में आयोजित शिविर का शुभारंभ कुमाऊँ मण्डल के आयुक्त श्री दीपक रावत द्वारा किया गया। इस शिविर में 800 से अधिक लोगों ने प्रतिभाग कर शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाया तथा अपनी समस्याएँ आयुक्त के समक्ष रखीं, जिनमें से अधिकांश का मौके पर ही निस्तारण किया गया। इस अवसर पर आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सरकार की प्रतिबद्धता के अनुरूप इस अभियान के दौरान जनसमस्याओं का स्थायी, पारदर्शी एवं समयबद्ध समाधान का प्रभावी माध्यम सुनिश्चित किया जाय। जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने बताया कि पिथौरागढ़ जिले की सभी 64 न्याय पंचायतों में शिविरों के आयोजन की व्यवस्था की गई है।
इस अवसर पर दायित्वधारी गणेश भंडारी, अध्यक्ष जिला पंचायत जितेंद्र प्रसाद, मेयर नगर निगम श्रीमती कल्पना देवलाल ने मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा संचालित इस योजना को जनता के हित में प्रभावी एवं दूरदर्शी पहल बताते हुए कहा कि इससे शासन की योजनाएँ सीधे आमजन तक पहुँचेंगी और नागरिकों को त्वरित लाभ प्राप्त होगा।

*चम्पावत*
“जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान की अंतर्गत चम्पावत जिले के सिमल्टा में आयोजित शिविर में 500 से अधिक लोगों को लाभान्वित किया गया। शिविर में जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याओं व शिकायतों को गंभीरता से सुना और मौके पर ही 100 से अधिक शिकायतों का निस्तारण किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी द्वारा बाल विकास विभाग की बालिका जन्मोत्सव मनाने की पहल को आगे बढाते हुए नन्हीं बालिकाओं के साथ केक काटा गया।
इस शिविर में श्रम विभाग से 13, चिकित्सा विभाग से 100 से अधिक, महिला एवं बाल विकास से 30, ऊर्जा विभाग से 3, सहकारिता से 6, पशुपालन से 56, समाज कल्याण से 4, डेयरी विभाग से 70, वन विभाग से 19, राजस्व विभाग से 3, बैंक एवं वित्तीय संस्थानों से 6, ग्राम विकास विभाग से 10, पंचायती राज से 6, कृषि विभाग से 25, आयुष विभाग से 80, होम्योपैथी से 57, मत्स्य विभाग से 4, सेवायोजन विभाग से 11 तथा आपदा प्रबंधन विभाग से 17 लाभार्थियों को सेवाएँ प्रदान की गईं। शिविर में 6 आधार कार्ड भी बनाए गए और से कृषि यंत्र भी बांटे गए। शिविर में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के अंतर्गत पंजीकरण की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई। कार्यक्रम के दौरान सिंग्देव नौले में व्यापक स्वच्छता एवं संरक्षण अभियान भी चलाया गया।
इस अवसर पर ब्लॉक प्रमुख चम्पावत श्रीमती अंचला बोहरा सहित अनेक जन-प्रतिनिधिगण, मुख्य विकास अधिकारी डॉ जी.एस.खाती, अपर जिलाधिकारी श्री कृष्ण नाथ गोस्वामी भी उपस्थित रहे।

*अल्मोड़ा*
अभियान के पहले दिन अल्मोड़ा जिले में 11 विकासखंडों की 13 न्याय पंचायतों में शिविरों का आयोजन किया गया। न्याय पंचायत सल्लाभाटकोट के अंतर्गत रा.इ.का. भल्यूटा में आयोजित शिविर में मुख्य विकास अधिकारी रामजीशरण शर्मा, डीएफओ प्रदीप कुमार धौलाखंडी , पुलिस उपाधीक्षक जीडी जोशी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी दी गई तथा प्राप्त शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया गया। शिविर में दिव्यांगों को एक व्हीलचेयर एवं दो छड़ियाँ वितरित की गईं तथा 77 लोगों को चिकित्सीय परामर्श एवं उपचार उपलब्ध कराया गया। शिविर में राजस्व विभाग द्वारा 15 भूमि प्रमाणपत्र निर्गत करने के साथ ही नाम संशोधन का कार्य भी संपादित करने के साथ ही विभन्न विभागों द्वारा सेवाएं उपलब्ध कराई गईं।

*बागेश्वर*
बागेश्वर में जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे की अध्यक्षता में न्याय पंचायत गढ़सेर के अंतर्गत ब्लॉक सभागार गरूड़ में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर आमजन को केन्द्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई तथा पात्र लाभार्थियों को मौके पर ही आवेदन, शिकायत निस्तारण एवं लाभ स्वीकृति की सुविधा उपलब्ध कराई गई। शिविर में विभिन्न विभागों ने स्टॉल लगाकर विभागीय सेवाओं एवं योजनाओं से ग्रामीणों को लाभान्वित किया। इस दौरान ब्लॉक प्रमुख किशन बोरा, एसडीएम वैभव कांडपाल सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

*ऊधमसिंहनगर*
ऊधमसिंहनगर जिले में मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी के नेतृत्व में खटीमा में आयोजित शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा स्टाल लगाकर योजनाओं की जानकारियां दी गयी व पात्र लोगों को योजनाओं से लाभान्वित किया गया। इस अवसर पर 73 शिकायतें दर्ज की गई, जिसमे से 38 मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया गया। शिविर में एनआरएलएम योजनान्तर्गत 09 महिला स्वयं सहायता समूहों को रू. 36 लाख 15 हजार की धनराशि के चैक विततरित किए गए। कार्यक्रम में ब्लॉक प्रमुख सरिता राणा सहित अनेक जन-प्रतिनिधि एवं अधिकारीगण उपस्थित रहे।
अभियान के दौरान रूद्रपुर में उप जिलाधिकारी मनीष बिष्ट की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में भूमि जांच से सम्बन्धित 03 शिकायतों का निस्तारण करने के साथ ही खतौनी-वितरण के 46, स्थायी निवास के 21, जाति प्रमाण पत्र के 07, आय प्रमाण पत्र के 08, उत्तरजीवी प्रमाण पत्र के 02 तथा 01 हैसियत प्रमाण पत्र बनाकर शिविर में उपलब्ध कराये गये।

*देहरादून*
देहरादून जिले में अभियान का शुभारंभ विकास खंड चकाराता की सूदूरवर्ती न्याय पंचायत क्वांसी से हुआ। शिविर में 109 समस्याएं प्रस्तुत की गई। डीएम सबिन बंसल ने शिविर में उपस्थित रहकर जनता की समस्याओं व शिकायतों को सुना और अधिकारियों को मौके पर ही समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का संकल्प के अनुरूप सभी विभाग यह सुनिश्चित करें कि प्रत्येक नागरिक तक सरकार की योजनाओं का लाभ पारदर्शी और समयबद्ध ढंग से पहुँचे तथा कोई भी व्यक्ति बुनियादी सुविधाओं से वंचित न रहे। शिविर में 658 से अधिक लोगों की निःशुल्क स्वास्थ्य जांच, दिव्यांग एवं अन्य प्रमाण पत्र निर्गत करने के सेवाएं उपलब्ध कराई गई। शिविर में जिलाधिकारी ने तीन लाभार्थियों को 80 प्रतिशत सब्सिडी पर पावर वीडर प्रदान किए। वयोश्री योजना के अंतर्गत पीएम दिव्यांग केंद्र की तरफ से 50 बुजुर्गो को निःशुल्क 250 सहायक उपकरण वितरित किए। साध ही 15 लाभार्थियों को किशोरी व वेबी किट प्रदान किए। शिविर में पहुंची असहाय 90 वर्षीय दिव्यांग महिला रामू देवी का आधार कार्ड न बनने की समस्या पर डीएम ने समाज कल्याण अधिकारी को बुजुर्ग महिला को आधार केन्द्र तक ले जाकर आधार कार्ड बनवाने के निर्देश देते हुए कहा कि उन्हें दिव्यांग पेंशन सुविधा से भी लाभान्वित किया जाय।
शिविर में दायित्वधारी गीता राम गौड़ सहित अन्य जन प्रतिनिधि तथा अधिकारी मौजूद रहे।

*रुद्रप्रयाग*
जनपद रुद्रप्रयाग में राजकीय इंटर कॉलेज, तैला में जिलाधिकारी प्रतीक जैन की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में ग्रामीणों द्वारा लगभग 100 से अधिक समस्याएं प्रस्तुत की गई जिनमें से अधिकांश समस्याओं का मौके पर ही समाधान कर लंबित समस्याओं के शीघ्र निस्तारण हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए। शिविर में क्षेत्र पंचायत प्रमुख विनीता चमोली, मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत, अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा, उप जिलाधिकारी जखोली अनिल सिंह रावत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

*उत्तरकाशी*
उत्तरकाशी जिले में इस अभियान की शुरूआत दूरस्थ विकासखण्ड मोरी के न्याय पंचायत नानई से की गई। मुख्य विकास अधिकारी जय भारत सिंह की अध्यक्षता में आयोजित नानई में आयोजित शिविर में 42 शिकायतें प्रस्तुत की गई, जिनमें से मौके पर ही निस्तारण करने के बाद शेष मामलों पर संबंधित विभागों को त्वरित कार्यवाही के निर्देश दिए गए। शिविर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा 59 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा राजस्व विभाग द्वारा 20 लोगों के जाति व आय प्रमाण पत्र निर्गत किए गए है। इस अवसर पर कृषि और उद्यान विभाग द्वारा कृषि उपकरण और रसायनों का वितरण भी किया गया। कार्यक्रम में ब्लॉक प्रमुख रणदेव सिंह राणा, उपजिलाधिकारी मुकेश चन्द रमोला, सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

*टिहरी गढ़वाल*
टिहरी गढ़वाल जिले में अभियान के अंतर्गत जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में न्याय पंचायत दिखोलगांव के श्रीदेव सुमन राजकीय इंटर कॉलेज चम्बा में कार्यक्रम आयोजित किया गया। वहीं अपर जिलाधिकारी अवधेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में विकासखंड देवप्रयाग की पलेटी न्याय पंचायत अंतर्गत राजकीय इंटर कॉलेज, हिण्डोलाखाल में कार्यक्रम संपन्न हुआ। इसी क्रम में जिला विकास अधिकारी मो. असलम की अध्यक्षता में विकासखंड कीर्तिनगर के अंतर्गत राजकीय इंटर कॉलेज, मलेथा में तथा परियोजना निदेशक डीआरडीए पी.एस. चौहान की अध्यक्षता में विकासखंड कार्यालय थत्यूड़ में और मुख्य कृषि अधिकारी विजय देवराडी की अध्यक्षता में विकासखंड नरेंद्रनगर के मुख्यालय फकोट में कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन शिविरों में लगभग दो दर्जन विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर अपनी-अपनी विभागीय योजनाओं की जानकारी देने के साथ ही विभागीय सुविधओं एवं सेवाओं को उपलब्ध कराया गया। इस अवसर पर क्षेत्र पंचायत प्रमुख चंबा सुमन सजवान सहित भारी संख्या में जनता उपस्थित रही।

*हरिद्वार*
जनपद हरिद्वार में विकास खंड बहादराबाद, नारसन, खानपुर के अंतर्गत बहुउद्वेशीय शिविरों का आयोजन कर विभागों योजनाओं एवं सेवाओं से सैकड़ों लोगों को लाभान्वित किया गया। बहादराबाद में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में आयोजित शिविर में विभिन्न विभागों से सम्बन्धित 40 शिकायतें दर्ज करायी गयी। जिलाधिकारी द्वारा 18 प्रकरणों का मौके पर निस्तारण कर शेष समस्याओं पर संबंधित अधिकारियों को त्वरित निस्तारण करने के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर विधायक रानीपुर आदेश चौहान, दायित्वधारी देशराज कर्णवाल भी उपस्थित रहे।
विकासखण्ड नारसन के जूनियर हाई स्कूल मूण्डलाना में आयोजित शिविर में विभिन्न विभागों से सम्बन्धित 28 शिकायतें दर्ज करायी गयी। जिसमें से 12 शिकायतों का मौके पर निस्तारण किया गया। विकासखण्ड खानपुर में उपजिलाधिकारी सौरभ असवाल की अध्यक्षता में शिविर का आयोजन किया गया।

*चमोली*

अभियान के तहत चमोली जिले में न्याय पंचायत बैरांगना में बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन कर 23 विभागों के स्टॉल लगाकर ग्रामीणों को सरकार की जनोपयोगी योजनाओं की जानकारी दी गई। साथ इस दौरान दर्ज 181 शिकयातें एवं आवेदन पत्र प्राप्त हुए। अधिकांश शिकायतों का मौके पर निस्तारण कर शेष शिकायतों के निस्तारण के लिए विभागीय अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। मुख्य विकास अधिकारी डॉ अभिषेक त्रिपाठी की उपस्थिति में आयोजित इस शिविर में विभागीय सेवाओं से ग्रामीणों को लाभान्वित करने के साथ ही विभिन्न योजनाओं के पात्र लाभार्थियों के लिए आवेदन करने की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई। साथ ही ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच कर निशुल्क दवाइयों का वितरण भी किया गया।

पौड़ी जनपद में अभियान की शुरूआत गुरूवार को यमकेश्वर ब्लॉक के गंगा भोगपुर मल्ला न्याय पंचायत से होगी।