22 देशों के 300 से अधिक खिलाड़ियों ने दिखाया वाटर स्पोर्ट्स में दम, सीएम ने खिलाड़ियों से किया संवाद

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी टिहरी झील में आयोजित “इंटरनेशनल प्रेसीडेंट कप-2025’’ एवं “चतुर्थ टिहरी वाटर स्पोर्ट्स कप-2025’’ के भव्य समापन समारोह में पहुँचे। कार्यक्रम स्थल पर पहुँचकर उन्होंने भारत और विभिन्न देशों से आए खिलाड़ियों से संवाद किया तथा उनके उत्साह और उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि 22 देशों के 300 से अधिक खिलाड़ियों की भागीदारी इस आयोजन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक महत्वपूर्ण बनाती है तथा टिहरी झील को वैश्विक साहसिक खेल मानचित्र पर स्थापित करती है।

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने सभी प्रतिभागियों, आयोजकों और खेल प्रेमियों का स्वागत किया और आयोजन को सफल बनाने के लिए टीएचडीसी, एशियन कायकिंग एंड कैनोइंग एसोसिएशन, उत्तराखंड ओलंपिक एसोसिएशन सहित सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि टिहरी झील अब केवल ऊर्जा उत्पादन या जल प्रबंधन का केंद्र नहीं रह गई है, बल्कि पर्यटन, साहसिक खेलों और स्थानीय लोगों की आजीविका के नए अवसरों का सबसे बड़ा आधार बन चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य है कि यहां समय-समय पर ऐसे आयोजन होते रहें, ताकि साहसिक खेलों के साथ-साथ पर्यटन गतिविधियों को भी निरंतर बढ़ावा मिल सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल न केवल युवाओं के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं बल्कि अनुशासन, टीमवर्क और संघर्षशीलता जैसी आवश्यक जीवन मूल्यों को भी मजबूत करते हैं। उन्होंने इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा खेलो इंडिया और फिट इंडिया जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से देश में खेल संस्कृति को मजबूत बनाने के प्रयासों का उल्लेख किया और कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत ने अंतरराष्ट्रीय खेलों में अभूतपूर्व प्रगति की है। उन्होंने बताया कि हाल के वर्षों में ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने वाले भारतीय खिलाड़ियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है तथा 2023 में चीन में हुए एशियाई खेलों में भारत ने रिकॉर्ड 107 पदक जीतकर नया इतिहास रचा। उन्होंने यह भी कहा कि भारत 2030 में अहमदाबाद में कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी करेगा और केंद्र सरकार ने खेल बजट को भी तीन गुना बढ़ाया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष उत्तराखंड में आयोजित 38वें राष्ट्रीय खेलों की सफलता ने राज्य को “देवभूमि” के साथ-साथ “खेलभूमि” के रूप में भी स्थापित किया है। उन्होंने गर्व व्यक्त किया कि राज्य के खिलाड़ियों ने पहली बार राष्ट्रीय खेलों में 103 पदक जीतकर 7वाँ स्थान प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने विश्व स्तरीय खेल अवसंरचना तैयार करने की दिशा में लगातार कार्य किया है, जिसके परिणामस्वरूप उत्तराखंड अब अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं की मेजबानी करने में सक्षम हो चुका है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि हाल ही में देहरादून स्पोर्ट्स स्टेडियम में स्थित आइस रिंक में अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसने भारत में शीतकालीन खेलों के एक नए युग का द्वार खोला है।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि राज्य में शीघ्र ही “स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान” लागू किया जाएगा, जिसके अंतर्गत आठ प्रमुख शहरों में 23 खेल अकादमियाँ स्थापित की जाएँगी। इन अकादमियों में प्रत्येक वर्ष 920 अंतरराष्ट्रीय स्तर के एथलीट और 1000 अन्य खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सरकार हल्द्वानी में राज्य का पहला खेल विश्वविद्यालय और लोहाघाट में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज स्थापित करने के लिए भी तेजी से कार्य कर रही है। उन्होंने उल्लेख किया कि नई खेल नीति के अंतर्गत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी प्रदान की जा रही है, वहीं स्पोर्ट्स कॉलेजों में प्रशिक्षण और शिक्षा निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना, उदीयमान खिलाड़ी योजना, खेल-किट योजना, मुख्यमंत्री खेल विकास निधि, खेल छात्रवृत्ति, उत्तराखंड खेल रत्न पुरस्कार, हिमालय खेल रत्न पुरस्कार और प्रशिक्षकों के लिए देवभूमि उत्तराखंड द्रोणाचार्य अवार्ड जैसी व्यवस्थाएँ राज्य में खेलों के व्यापक विकास के लिए प्रभावी रूप से लागू की जा रही हैं। इसके साथ ही राजकीय सेवाओं में खिलाड़ियों के लिए चार प्रतिशत खेल-कोटा भी पुनः लागू किया गया है।

समापन समारोह में मुख्यमंत्री ने प्रतियोगिता के विजयी खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि खेल में हार-जीत से अधिक महत्वपूर्ण खेल भावना है और यह प्रसन्नता की बात है कि सभी खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन के माध्यम से सकारात्मक खेल-भावना का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने राज्य के युवा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि वे अपने सपनों को पूरा करने के लिए निरंतर मेहनत करते रहें। उन्होंने आश्वस्त किया कि केंद्र और राज्य सरकार उनके सपनों को पंख देने और हर संभव सहयोग प्रदान करने के लिए सदैव तत्पर रहेंगी। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि उत्तराखंड और देश के खिलाड़ी भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का परचम और अधिक ऊँचा करेंगे।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, विधायक किशोर उपाध्याय, जिलाधिकारी सहित जिला प्रशासन के अन्य अधिकारी, आयोजन समिति टीएचडीसी के सीएमडी सीपन गर्ग , देश और विश्व भर से आए हुए खिलाड़ी व स्थानीय जनता उपस्थित रही।

उत्तराखंडः गन्ना किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम, गन्ना मूल्य में ऐतिहासिक वृद्धि

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पेराई सत्र 2025 व 26 के लिए उत्तराखण्ड राज्य की चीनी मिलों द्वारा क्रय किए जाने वाले गन्ने के राज्य परामर्शित मूल्य में वृद्धि को स्वीकृति प्रदान कर दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार का लक्ष्य किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण को गति देना है और यह सुनिश्चित करना है कि गन्ना किसानों को उनकी उपज का पूर्ण और उचित मूल्य समय पर प्राप्त हो। इसी उद्देश्य के तहत वर्ष 2024व 25 की तुलना में इस वर्ष गन्ना मूल्य में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की गई है।

गत पेराई सत्र 2024 व 25 में अगेती प्रजाति का राज्य परामर्शित मूल्य ₹375 प्रति कुंतल तथा सामान्य प्रजाति का मूल्य ₹365 प्रति कुंतल निर्धारित था। मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि नए पेराई सत्र 2025 व 26 के लिए इन मूल्यों में वृद्धि करते हुए अगेती प्रजाति का मूल्य ₹405 प्रति कुंतल तथा सामान्य प्रजाति का मूल्य ₹395 प्रति कुंतल निर्धारित किया गया है।

मुख्यमंत्री धामी ने यह भी कहा कि मूल्य निर्धारण की संपूर्ण प्रक्रिया में सहकारी, सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र की चीनी मिलों, गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग, किसान संगठनों तथा संबंधित हितधारकों के साथ विस्तृत विमर्श किया गया। इसके साथ ही केन्द्र सरकार द्वारा निर्धारित एफ.आर.पी., उत्तर प्रदेश में प्रभावी गन्ना मूल्य तथा राज्य की भौगोलिक एवं कृषि परिस्थितियों का समुचित विश्लेषण कर संतुलित निर्णय लिया गया है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार प्रत्येक निर्णय में किसान हित को सर्वाेच्च प्राथमिकता देती है। गन्ना किसानों की आय बढ़ाना, उनकी उपज का उचित सम्मान सुनिश्चित करना तथा उन्हें सुविधाजनक, पारदर्शी और समयबद्ध भुगतान उपलब्ध कराना राज्य सरकार का दायित्व है। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि क्रय केंद्रों पर किसी प्रकार की असुविधा न हो और भुगतान बिना देरी के सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पेराई सत्र 2025 व 26 के लिए घोषित यह बढ़ा हुआ मूल्य न केवल गन्ना किसानों को राहत देगा, बल्कि राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगा तथा गन्ना उत्पादन को प्रोत्साहन देने में सहायक सिद्ध होगा।

सीएम ने वित्तीय अनियमितता मामले पर उत्तराखण्ड आयुर्वेद विश्वविद्यालय में जांच के दिए आदेश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रशासकीय व वित्तीय अधिकारों के दुरुपयोग के मामले में सख्त कदम उठाते हुए उत्तराखण्ड आयुर्वेद विश्वविद्यालय से संबंधित मामले की सतर्कता विभाग से खुली जांच कराए जाने के निर्देश दिए है। मुख्यमंत्री ने इस मामले में पत्रावली पर भी अनुमोदन प्रदान कर दिया हैं।

उत्तराखण्ड आयुर्वेद विश्वविद्यालय में विगत वर्षों में रू. 13.10 करोड़ के भुगतान में प्रशासकीय व वित्तीय अधिकारों के दुरुपयोग होने का मामला सामने आया था। शासन के द्वारा इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए जांच कराये जाने का निश्चय किया गया था। इससे संबंधित प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा अनुमोदन प्रदान कर सतर्कता विभाग से खुली जांच कराये जाने के निर्देश दिए गए हैं।
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सीएम द्वारा रू. 188.90 करोड़ की विकास योजनाओं तथा आपदा प्रबंधन कार्यों की स्वीकृतियों का अनुमोदन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के विभिन्न क्षेत्रों की महत्वपूर्ण विकास योजनाओं तथा आपदा प्रबंधन से संबंधित कार्यों के लिए रू. 188.90 करोड़ की लागत की स्वीकृतियां प्रदान की हैं।

मुख्यमंत्री द्वारा राज्य योजना के अन्तर्गत विधानसभा क्षेत्र नैनीताल के अर्न्तगत गर्जिया (घुघुतीधार)-बेतालघाट-खैरना-ओड़ाखान-भटेलिया-मुक्तेश्वर मोटर मार्ग (राज्य मार्ग संख्या-62) के कि.मी. 1 से 30 तक मार्ग के पुननिर्माण कार्य हेतु रू. 997.61 लाख, जनपद देहरादून के विधानसभा क्षेत्र विकासनगर में नवाबगढ़ पुल नं.-1 से खादर तक मोटर मार्ग का पुनः निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य किए जाने हेतु रू. 312.55 लाख की योजना के साथ ही कुम्भ मेला-2027 के अन्तर्गत हरिद्वार में हरकीपैड़ी से ललतारो सेतु तक गलियों का सुधारीकरण एवं सौन्दर्यीकरण कार्य हेतु रू. 925.94 लाख की योजना स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री धामी के द्वारा जनपद उधम सिंह नगर की किच्छा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत नगला-किच्छा मोटर मार्ग (राज्य मार्ग संख्या-44) के कि.मी. 12.6 से और कि.मी. 15 से 17.942 तक के हिस्से को दो लेन से चार लेन में बदलने की योजना के लिए रू. 8063.13 लाख की लागत की योजना को भी स्वीकृति प्रदान की गई है।

मुख्यमंत्री द्वारा नगर निगम रूद्रपुर के अंतर्गत स्मार्ट वेंडिंग जोन के निर्माण कार्य हेतु रू. 255 लाख की धनराशि अवमुक्त किये जाने के साथ ही स्वच्छ भारत मिशन 2.0 के अन्तर्गत एसएचपीसी द्वारा संस्तुत 07 नगर निकायों में कार्यों हेतु रू. 408.94 लाख की धनराशि अवमुक्त किये जाने और शहरी विकास विभाग के अन्तर्गत 11 नगर निकायों में पार्कों के सौंदर्यीकरण हेतु रू. 597.10 लाख की धनराशि स्वीकृत किये जाने हेतु भी अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री द्वारा राज्य आपदा मोचन निधि से विभिन्न जनपदों को रू. 73.30 करोड़ की धनराशि अवमुक्त किये जाने की भी स्वीकृति प्रदान की गई है। जिसके तहत जनपद चमोली को पुर्नप्राप्ति एवं पुनर्निर्माण मद में 5 करोड़ और राहत एवं बचाव मद में रू. 3 करोड़ की धनराशि दी गई है। इसी तरह जनपद नैनीताल को पुर्नप्राप्ति एवं पुनर्निर्माण मद में रू. 25 करोड़ के साथ ही जनपद उत्तरकाशी को पुर्नप्राप्ति एवं पुनर्निर्माण मद में रू. 30 करोड़ और राहत एवं बचाव मद में रू. 8 करोड़ की धनराशि दी गई है। जनपद चंपावत के लिए भी राहत एवं बचाव मद में रू. 2.30 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गई है।

कुंभ के आयोजन के लिए गंगा किनारे पहली बार बैठक की गई, सीएम रहे मौजूद

हरिद्वार में होने वाले 2027 के कुंभ के भव्य आयोजन के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज हरिद्वार में गंगा किनारे सभी 13 अखाड़ों के आचार्यों एवं संतगणों के साथ बैठक की। कुंभ के भव्य आयोजन के लिए पहली बार गंगा तट पर बैठक का आयोजन किया गया। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने 2027 कुंभ स्नान की महत्वपूर्ण तिथियों की घोषणा भी की। उन्होंने 14 जनवरी 2027 को मकर संक्रांति, 06 फरवरी 2027 को मौनी अमावस्या, 11 फरवरी 2027 को वसंत पंचमी, 20 फरवरी 2027 को माघ पूर्णिमा, 06 मार्च 2027 को महाशिवरात्रि (अमृत स्नान), 08 मार्च 2027 को फाल्गुन अमावस्या (अमृत स्नान), 07 अप्रैल 2027 को नव संवत्सर (नव वर्ष), 14 अप्रैल 2027 को मेष संक्रांति (अमृत स्नान), 15 अप्रैल 2027 को श्रीराम नवमी तथा 20 अप्रैल 2027 को चौत्र पूर्णिमा के स्नान की तिथियों की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कुंभ के सफल आयोजन के लिए अखाड़ों के आचार्यों से सुझाव एवं मार्गदर्शन लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंभ से जुड़े सभी निर्णयों में संतगणों की परम्पराओं, आवश्यकताओं एवं सुविधाओं को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उनका सौभाग्य है कि कुंभ के सुव्यवस्थित और भव्य आयोजन के लिए उन्हें संतगणों का आशीर्वाद और मार्गदर्शन प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि संतों की प्रेरणा, सुझाव और आशीर्वाद के बिना इस महायोजना की पूर्णता की कल्पना भी संभव नहीं है। हमारा प्रयास है कि सभी के अमूल्य सुझावों से कुंभ 2027 की तैयारियों को और अधिक व्यापक, सुव्यवस्थित और संत समाज की अपेक्षाओं के अनुरूप बनाया जा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सभी जानते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देवभूमि उत्तराखंड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने का आह्वान किया है। इसी संकल्प को आगे बढ़ाते हुए राज्य सरकार कुंभ 2027 को भव्य, दिव्य और ऐतिहासिक बनाने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2021 में आयोजित कुंभ कोरोना महामारी के प्रकोप के कारण केवल अल्प अवधि के लिए आयोजित किया गया था और शाही स्नान भी प्रतीकात्मक रूप से ही संपन्न हुआ था, लेकिन वर्ष 2027 में होने वाला हरिद्वार कुंभ कई दृष्टियों से ऐतिहासिक और विशेष महत्व का होगा। इस बार आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 2010 और 2021 के कुंभ की तुलना में कई गुना अधिक होने की संभावना है। राज्य सरकार ने हरिद्वार कुंभ 2027 को दिव्य, भव्य और सुरक्षित बनाने के लिए अभी से व्यापक स्तर पर तैयारियाँ प्रारंभ कर दी हैं। श्रद्धालुओं और साधु-संतों की सुरक्षा के लिए राज्य और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ पूर्ण समन्वय स्थापित किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस, एनडीआरएफ, पीएसी, स्वास्थ्य विभाग और फायर विभाग सहित सभी संबंधित विभाग सुरक्षा के हर पहलू को ध्यान में रखते हुए सभी संभव उपाय सुनिश्चित करेंगे। कुंभ के दौरान पूर्व में घटित दुर्घटनाओं को ध्यान में रखते हुए भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन और आकस्मिक आपात स्थिति की तैयारी पहले से ही प्रारंभ कर दी गई है। पूर्व में आयोजित कुंभ मेलों को सफलतापूर्वक संपन्न कराने वाले अधिकारियों का भी पूर्ण सहयोग लिया जाएगा, ताकि हर प्रक्रिया सुचारू और व्यवस्थित रूप से संचालित हो सके। कुंभ के दौरान नगर और घाट क्षेत्रों की स्वच्छता के लिए विशेष टीमों का गठन कर कचरा प्रबंधन, जल निकासी और पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

अखाड़ों के आचार्य एवं संतगणों द्वारा संस्कृति के संरक्षण के लिए प्रदेश में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना की गई। उन्होंने कहा कि भव्य एवं दिव्य कुंभ के आयोजन के लिए संत समाज द्वारा राज्य सरकार को पूर्ण सहयोग दिया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अखाड़ों के आचार्यों एवं संतगणों के साथ भोजन भी किया।

इस दौरान महंत रविन्द्र पुरी महाराज श्री पंचायती निरंजनी अखाड़ा, महंत कौशल गिरी महाराज-श्री पंचायती आनंद अखाड़ा, महंत हरिगिरी महाराज-श्री पंचदशनाम जूना भैरव अखाड़ा, डॉ. साधनानन्द जी महाराज-श्री पंचअग्नि अखाड़ा, महंत सत्यगिरि महाराज-श्री पंचदशनाम आवाहन अखाड़ा, महंत सत्यम गिरी महाराज-श्री पंचायती अटल अखाड़ा, महंत मुरली दास महाराज-श्री पंच निर्वाणी अनी अखाड़ा, महंत वैष्णव दास महाराज-श्री पंच दिगम्बर अनी अखाड़ा, महंत राजेन्द्र दास महाराज-श्री पंच निर्माेही अनी अखाड़ा, महंत दुर्गादास महाराज-श्री पंचायती बड़ा उदासीन अखाड़ा, महंत भगतराम दास महाराज-श्री पंचायती नया उदासीन अखाड़ा, महंत जसविंदर महाराज-श्री पंचायती निर्मल अखाड़ा, सांसद राज्यसभा कल्पना सैनी, विधायक हरिद्वार मदन कौशिक, विधायक रानीपुर आदेश चौहान, विधायक रुड़की प्रदीप बत्रा, महापौर नगर निगम हरिद्वार किरन जैसल, महापौर नगर निगम रुड़की अनीता देवी अग्रवाल, प्रदेश उपाध्यक्ष भाजपा/पूर्व मंत्री स्वामी यतीश्वरानन्द, आयुक्त गढ़वाल मंडल विनय शंकर पाण्डेय, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, मेलाधिकारी सोनिका, जिलाधिकारी हरिद्वार मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोभाल, मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्रा मौजूद थे।

सीएम निर्देशः ठंड व शीतलहर से बचाव को प्रदेश में अलावा व रजाई की समुचित व्यवस्था हो

मुख्यमंत्री धामी का निर्देश प्रदेशभर के ठंड एवं शीतलहर से बचाव हेतु सार्वजनिक स्थानों में अलाव के साथ ही सभी रेन बसेरों में आवश्यक रजाई-कंबल आदि की पुख्ता व्यवस्था हो

अपने नैनीताल भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बढ़ रहे ठंड को देखते हुए प्रदेशभर में रेन बसेरों में आवश्यक सुविधाओं को सुदृढ़ करने के साथ ही ठंड एवं शीतलहर से बचाव हेतु अलाव जलाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा है कि रेन बसेरों में सभी उचित व्यवस्था की जाए तथा जरूरतमंदों को ठंड से बचाव हेतु कंबल उपलब्ध कराए जाए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि हर जिले में टीमों को सक्रिय रखते हुए शहरों, कस्बों और प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जाए, ताकि असहाय एवं बेघर लोगों को समय पर राहत मुहैया कराई जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है। उन्होंने नगरीय क्षेत्रों के साथ ही कस्बों में भी सायंकाल में ठंड अधिक होने पर नियमित रूप से अलाव जलाने के साथ ही नियमित उनकी मॉनिटरिंग के भी निर्देश दिए।

इसके साथ ही उन्होंने प्रशासन से आवश्यक सामग्री की उपलब्धता, वितरण और निगरानी की दैनिक रिपोर्ट उपलब्ध कराने को भी कहा है।

नैनीताल में ग्राम सौड़ से आए ग्रामीणों ने पंगोट देचौड़ी सड़क स्वीकृति देने पर किया मुख्यमंत्री का आभार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने नैनीताल प्रवास के दौरान प्रशासनिक अकादमी नैनीताल में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आई जनता से मुलाकात की व उनकी समस्याएं सुनी। उन्होंने सम्बंधित अधिकारियों को समस्याओं के निस्तारण हेतु आवश्यक निर्देश दिए। इस दौरान ग्राम सौड़ से आए ग्रामीणों द्वारा पंगोट देचौड़ी सड़क स्वीकृति पर मुख्यमंत्री जी का आभार व्यक्त किया। ग्रामीणों ने कहा कि काफी लंबे समय से उनकी सड़क निर्माण की जो मांग थी आज उनके द्वारा पूरी कर ली गई है, इससे क्षेत्र वासियों को सड़क सुविधा का लाभ प्राप्त होगा।

इस दौरान ग्रामीणों ने राजकीय इंटर कॉलेज सौड़ में अध्यापकों की तैनाती एवं भवन निर्माण की मांग भी मुख्यमंत्री के सम्मुख रखी। इस संबंध में मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए।

इस अवसर पर विधायक नैनीताल सरिता आर्या, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, आयुक्त कुमाऊं मंडल दीपक रावत, पुलिस महानिरीक्षक कुमाऊँ रिद्धिम अग्रवाल, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मंजूनाथ टीसी सहित अनेक अधिकारी व जनप्रतिनिधि,जनता उपस्थित रही।

सीएम धामी फिर निकले मॉर्निंग वॉक पर, नैनीताल की सड़कों पर जो मिला, उससे की बात और लिया फीडबैक

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज नैनीताल में मॉर्निंग वॉक के दौरान आम नागरिकों, पर्यटकों एवं स्कूली बच्चों से मुलाकात की और सबके साथ आत्मीय वार्ता की। इस दौरान उन्होंने स्थानीय चाय विक्रेता भरत की दुकान पर चाय का स्वाद भी लिया।

मुख्यमंत्री ने मानस खंड मिशन के अंतर्गत नैना देवी मंदिर परिसर में चल रहे सौंदर्यीकरण कार्यों का निरीक्षण किया। बताया कि मंदिर को और अधिक भव्य व आकर्षक स्वरूप देने हेतु ₹11 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गई है, जिसके तहत कई महत्वपूर्ण कार्य तेजी से प्रगति पर हैं।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने मिशन के अन्य विकास कार्योंकृडीएसए मैदान के सुधार, वलिया नाला, एवं ठंडी सड़क पर भूस्खलन सुरक्षा कार्योंकृकी भी जानकारी अधिकारियों से ली और संबंधित विभागों को इन सभी कार्यों में तेजी लाने के सख्त निर्देश दिए।

इस दौरान जिलाध्यक्ष प्रताप सिंह बिष्ट एवं जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मंजूनाथ टी.सी. और अन्य मौजूद रहे।

ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के 1 लाख करोड़ से अधिक निवेश प्रस्ताव ज़मीन पर उतरेः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज देहरादून में आयोजित टाइम्स ऑफ़ इंडिया के “डेस्टिनेशन उत्तराखंड 2.0” कॉन्क्लेव में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने देश के सर्वाधिक लोकप्रिय अंग्रेजी समाचार पत्र टाइम्स ऑफ़ इंडिया द्वारा आयोजित इस विशिष्ट आयोजन में उपस्थित सभी गणमान्य अतिथियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कॉन्क्लेव उत्तराखंड के विकास मॉडल, निवेश संभावनाओं, पर्यटन, कृषि, स्टार्टअप एवं इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक चर्चा का अवसर प्रदान करेगा और इसके माध्यम से प्रदेश के विकास को नई गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की राज्य स्थापना के 25 वर्षों की यात्रा अनेक चुनौतियों के बावजूद उल्लेखनीय उपलब्धियों से भरी रही है। उन्होंने कहा कि 2014 के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की विकास यात्रा ने नई ऊँचाइयों को छुआ है, जिसका सकारात्मक प्रभाव उत्तराखंड पर भी स्पष्ट दिखाई देता है। डबल इंजन सरकार के सहयोग से प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, खेल, पेयजल और हवाई कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में व्यापक सुधार हुए हैं। उन्होंने बताया कि लोकल फॉर वोकल, मेक इन इंडिया और स्टार्टअप इंडिया जैसे राष्ट्रीय अभियानों को उत्तराखंड ने मजबूती से आगे बढ़ाया है और देवभूमि को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में विकसित करने हेतु कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण एवं आधुनिकीकरण के लिए केदारखंड और मानसखंड क्षेत्रों में सौंदर्यीकरण के कार्य जारी हैं। हरिपुर कालसी में यमुनातीर्थ स्थल के पुनरुद्धार के साथ हरिद्वार व ऋषिकेश कॉरिडोर और शारदा कॉरिडोर का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है। इसके साथ ही शीतकालीन यात्रा की पहल से राज्य में बारहों महीने पर्यटन गतिविधियों को निरंतरता मिली है। उन्होंने बताया कि धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ एडवेंचर, वेलनेस, फिल्म शूटिंग और वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में उत्तराखंड ने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशेष पहचान स्थापित की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए वर्ष 2023 में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट एक ऐतिहासिक उपलब्धि रही है, जिसमें मिले 3.56 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्तावों में से लगभग 1 लाख करोड़ रुपये के प्रस्ताव धरातल पर उतर चुके हैं। सिंगल विंडो सिस्टम को सुदृढ़ करने, 30 से अधिक नई नीतियाँ लागू करने तथा लाइसेंसिंग प्रक्रिया को सरल बनाने से उत्तराखंड निवेशकों के लिए एक पसंदीदा गंतव्य बन रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य में ‘एक जनपद-दो उत्पाद’ योजना तथा हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाई जा रही है। स्टेट मिलेट मिशन, एप्पल मिशन, होमस्टे नीति, नई फिल्म नीति एवं सौर स्वरोजगार योजना ने प्रदेश की स्थानीय अर्थव्यवस्था को और अधिक सशक्त किया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग्स में उत्तराखंड का प्रदर्शन लगातार उत्कृष्ट रहा है। नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्यों के इंडेक्स में देश में प्रथम स्थान, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में अचीवर्स श्रेणी, और स्टार्टअप रैंकिंग में लीडर श्रेणी हासिल कर राज्य ने निवेश और नवाचार के क्षेत्र में अपनी क्षमता सिद्ध की है। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी दर में रिकॉर्ड 4.4 प्रतिशत की कमी तथा 26 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिलना सरकार की पारदर्शी और सशक्त नीति का परिणाम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पारदर्शिता, सुशासन और सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा के लिए सरकार पूरी दृढ़ता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड ने देश में सबसे पहले समान नागरिक संहिता लागू कर सभी नागरिकों के लिए समान न्याय व्यवस्था सुनिश्चित की है। इसके साथ ही लैंड जिहाद, लव जिहाद, धर्मांतरण और नकल माफियाओं के विरुद्ध कड़े कानून लागू कर निर्णायक कार्रवाई की गई है। 10 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराया गया है और 250 से अधिक अवैध मदरसों को बंद किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के विकास और प्रगति का लक्ष्य जनता के सहयोग और सहभागिता से ही पूरा होगा और उन्हें विश्वास है कि सामूहिक प्रयासों से उत्तराखंड नई ऊँचाइयों को प्राप्त करेगा।

कार्यक्रम में प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, अपर सचिव बंशीधर तिवारी तथा टाइम्स ऑफ़ इंडिया समूह के वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।

धामी कैबिनेट में इन सात अहम बिंदुओं पर हुआ फैसला, आप भी जानिए…

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में कैबिनेट की अहम बैठक हुई। सचिवालय में होने वाली इस बैठक में लोक निर्माण विभाग, शिक्षा, आवास व वित्त विभाग समेत अन्य विभागों से जुड़े विषयों पर निर्णय लिए गए। बैठक में कुल 10 प्रस्ताव आए, जिनमें से सात को मंजूरी दी गई। इस दौरान पूर्व मंत्री दिवाकर भट्ट को कैबिनेट ने दी श्रद्धांजलि। दो मिनट का मौन रखा गया।

ये हैं अहम प्रस्‍ताव
1- उत्तराखंड में मानव वन्य जीव संघर्ष में मृतक के स्वजनों को अब मिलेगी 10 लाख रुपए की अनुग्रह राशि। पहले यह थी छह लाख। मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप वन्यजीवों के हमले में घायलों के उपचार का पूरा खर्च उठाएगी सरकार।

2- दुकानों, प्रतिष्ठानों में कार्यरत महिलाओं को रात्रि पाली में रात्रि 9 बजे से सुबह 6 बजे तक कार्य करने को मंजूरी। लेकिन, महिला कर्मियों को लिखित में देनी होगी सहमति।

3- देहरादून शहर में सार्वजनिक प्रणाली को बेहतर बनाने के लिए सरकार ने नियो मेट्रो के विकल्प के तौर पर ईबीआरटीएस (एलिवेटेड बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) की तरफ कदम बढ़ाए हैं। केंद्रीय आवासन मंत्रालय द्वारा सुझाए गए प्रस्ताव को किया जाएगा शामिल।

4-अभियोजन विभाग के नए ढांचे को दी गई मंजूरी, कुल 86 पद स्वीकृत करने को मंजूरी।

5-ऊर्जा निगम के वार्षिक प्रतिवेदन को विधानसभा की पटल पर रखने को मंजूरी।

6- पर्यावरण संरक्षण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के वार्षिक प्रतिवेदन को विधानसभा की पटल पर रखने को मंजूरी।

7- दुकान अवस्थापना अधिनियम में संशोधन को मंजूरी। केंद्रीय श्रम सहिता को किया अंगीकृत।

मुख्य सचिव ने स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट को लेकर की बैठक

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में देहरादून स्मार्ट सिटी लिमिटेड की उच्च स्तरीय संचालन समिति की बैठक संपन्न हुई। बैठक के दौरान स्मार्ट सिटी के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा कर निर्णय लिया गया।

मुख्य सचिव ने ग्रीन बिल्डिंग निर्माण में हो रही देरी पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि ग्रीन बिल्डिंग, स्मार्ट सिटी का फ्लैगशिप प्रोजेक्ट था। मुख्य सचिव ने ग्रीन बिल्डिंग निर्माण कार्य अगले 6 माह में पूर्ण कराए जाने हेतु जिलाधिकारी / सीईओ स्मार्ट सिटी को निर्देशित किया। उन्होंने कार्यदायी संस्था सीपीडब्ल्यूडी को भी 3 शिफ्ट में कार्य कराए जाने हेतु निर्देशित किया गया। उन्होंने कहा कि अगले 6 माह में प्रत्येक कार्य की टाईमलाईन निर्धारित कर लगातार मॉनिटरिंग की जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि देहरादून स्मार्ट सिटी के अंतर्गत चलायी जा रही 30 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन का कार्य परिवहन निगम द्वारा किया जाए। उन्होंने वीएमडी (एलईडी स्क्रीन) एवं पर्यावरण सेंसर को नगर निगम को हस्तांतरित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर को आईटीडीए के अंतर्गत ही संचालित किया जाएगा।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव नितेश कुमार झा, आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पाण्डेय, जिलाधिकारी देहरादून एवं सीईओ स्मार्ट सिटी सविन बंसल, अपर सचिव डॉ. इकबाल अहमद, एमडी परिवहन रीना जोशी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।