बागेश्वर में सीएम ने किया जिला भाजपा कार्यालय का उद्धाटन

बागेश्वर। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने विधानसभा क्षेत्र बागेश्वर की 12 योजनाओं का शिलान्यास धनराशि 4032.91 लाख तथा 05 योजनाओं का लोकार्पण धनराशि 848.33 लाख से किया। वहीं, विधानसभा कपकोट की 15 योजनाओं का शिलान्यास धनराशि 4480.59 लाख तथा 09 योजनाओं का लोकार्पण धनराशि 1825.34 लाख इस प्रकार 14 योजनाओं का लोकार्पण तथा 27 योजनाओं का शिलान्यास कुल धनराशि 11187.17 लाख के विभिन्न विभागों के योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया। मुख्यमंत्री ने जिला कार्यालय भाजपा का भी उद्घाटन किया।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य व अवस्थापना के क्षेत्र पर कार्य कर रही है। प्रदेश सरकार विकास को प्राथमिकता देते हुए अपना कार्य कर रही है। साढ़े तीन वर्षों में प्रदेश सरकार ने अपनी साफ सुथरी छवि बनाई है, इसी का परिणाम है कि इस अवधि में कोई भी भ्रष्टाचार का मामला नहीं आया। कोविड के दौरान भी प्रदेश सरकार ने विकास कार्यों को रूकने नहीं दिया। कोरोना संक्रमण के रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए स्वास्थ को सर्वोच्च प्राथमिकता मानते हुए प्रत्येक जनपद में आईसीयू तथा ऑक्सीजन बैड की उपलब्धता सुनिश्चित करायी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में वर्तमान समय में 2400 डॉक्टर कार्यरत है तथा 720 डॉक्टर तथा नर्सेज की भर्ती की जा रही है। उत्तराखण्ड अटल आयुष्मान योजना की राष्ट्रीय स्तर पर सराहना हुई है। इस योजना के अन्तर्गत देश के 22 हजार अस्पतालों में 05 लाख रूपये की राशि तक की चिकित्सा सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। उन्होंने कहा कि अगले सत्र से अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज में कक्षायें शुरू हो जायेंगी तथा पिथौरागढ़, हरिद्वार व रूद्रपुर में मेडिकल कॉलेजों की स्वीकृति मिल चुकी है।

महिला समूहों को 05 लाख तक का ऋण शून्य प्रतिशत ब्याज पर दे रही है तथा आगामी 09 नवम्बर से किसानों को 03 लाख तक का ऋण शून्य प्रतिशत ब्याज पर दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि प्रत्येक ऑगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चे स्वस्थ रहे इस ओर प्रदेश सरकार कार्य कर रही है जिससे ऑगनबाड़ी केन्द्रों में पढ़ने वाले बच्चों को 02 दिन दूध, 02 दिन अण्डा और 02 दिन फल दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऑगनबाड़ी केन्द्रों में सबसे अधिक पैसा देने वाले में देश के टॉप थ्री प्रदेशों में उत्तराखण्ड का भी नाम भी शामिल है। उन्होंने कहा कि आशा कार्यकत्रियों का पिछले 05 साल का मानधन की धनराशि का बकाया 25000 रूपये उनके खाते में डाला गया है तथा प्रदेश सरकार ने इसे सालाना रू0 5000 से बढाकर रू0 18000 सालाना किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं, किसानों व डॉक्टरों आदि के संबंध में अपनी घोषणाओं के अनुसार कार्य कर रही है।

मौके पर प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत, अध्यक्ष जिला पंचायत बागेश्वर बसंती देव, क्षेत्रीय विधायक चन्दन राम दास, विधायक कपकोट बलवन्त सिंह भौर्याल आदि मौजूद रहे।

गहरी नींद में सो रहे बागड़ियों पर चढ़ा बेकाबू ट्रक, चपेट में आए चार

ऋषिकेश। देहरादून मार्ग पर सड़क किनारे रहने को मजबूर बागड़ियों के समक्ष अब दहशत का माहौल है। पिछले दो दशक से सड़क किनारे रह रहे इन बागड़ियों के साथ पहली दफा ऐसी घटना हुई, जिसमें उनके परिजनों को जान से हाथ धो बैठना पड़ा।

बता दें कि पिछली देर रात्रि देहरादून मार्ग पर एक ट्रक बागड़ियों की झोपड़ी में जा घुसा। जिससे गहरी नींद में सो रहे चार लोग चपेट में आ गये। इसमें करण उर्फ करनैल की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि अस्पताल पहुंचने के बाद 19 वर्षीय विक्रम ने दम तोड़ दिया। हादसे दो संगे भाई रणजीत व संगीत का अस्पताल में उपचार किया जा रहा था। मगर, भगवान को कुछ और ही मंजूर था। इसमें उपचार के दौरान संगीत ने दम तोड़ दिया। वहीं, रणजीत की हालात खतरे से बाहर है। वहीं, मामले में कर्ण पुत्र बनवारी ने पुलिस को तहरीर दी है। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।

ला नीना के कारण इस वर्ष कड़ाके की ठंड पड़ने का अनुमान

इस वर्ष सर्दी अपना असल रूप दिखाने वाली है। मौसम वैज्ञानिक की मानें तो कड़ाके की ठंड और शीत लहर चलने का अनुमान है, जो कोरोना संक्रमण को देखते हुए सही नहीं होगा।

पंतनगर विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डा. आरके सिंह ने कहा कि सर्दी का मौसम लंबा खिंचने वाला है। ला नीना के चलते इस वर्ष कड़ाके की ठंड पड़ने का अनुमान है।

क्या है ला नीना
ला नीना एक प्रक्रिया है, जिसके तहत समुद्र में पानी ठंडा होना शुरू हो जाता है। समुद्री पानी पहले से ही ठंडा होता है, लेकिन इसके कारण उसमें ठंडक बढ़ती है, जिसका असर हवाओं पर पड़ता है। एल नीनो में इसके विपरीत होता है। दोनों ही क्रियाओं का असर सीधे तौर पर भारत के मानसून और सर्दी के मौसम पर पड़ता है।

उत्तराखंडः चीन सीमा को लेकर चिन्यालीसौड़ हवाई पट्टी पर उतरा वायुसेना का विमान

भारत-चीन की 345 किलोमीटर लंबी सीमा उत्तराखंड में है। इसमें उत्तरकाशी में करीब 122 किलोमीटर लंबी सीमा है। इस सीमा पर चैकसी की जिम्मेदारी आइटीबीपी (भारत तिब्बत सीमा पुलिस) के पास है। वायुसेना यहां चिन्यालीसौड़ हवाई पट्टी पर अस्थाई एयरबेस बना सकती है। इसी क्रम में वायुसेना का मल्टीपरपस विमान एएन-32 ने सात बार सुरक्षित लैंडिंग की और टेकआफ किया। चिन्यालीसौड़ हवाई पट्टी पर 29 अक्टूबर को एयर चीफ मार्शल आने वाले है।

भारत-चीन सीमा पर लद्दाख में चीन सेना की घुसपैठ के बाद बढ़े गतिरोध के बीच भारतीय सेना और वायु सेना अलर्ट मोड पर है। सीमा को अभेद्य बनाने के लिए वायु सेना अभ्यास में जुट गई है।

रनवे का परीक्षण करने के लिए पायलट दल ने आसमान में चक्कर भी लगाया। पायलट दल ने रनवे को सुरक्षित लैंडिंग के लिए मुफीद पाया है। यह भी बताया जा रहा है कि वायु सेना चिन्यालीसौड़ हवाई पट्टी को अस्थाई रूप से एयर बेस बना सकती है। इसके लिए 20 अक्टूबर को वायु सेना की टीम दो चेतक हेलीकॉप्टर के जरिये चिन्यालीसौड़ पहुंची, जहां वायु सेना की टीम ने हवाई पट्टी पर मौजूद सुविधाओं के अलावा हवाई पट्टी के निकट उत्तराखंड जल विद्युत निगम के गेस्ट हाउस को भी देखा। बताया जा रहा है कि अभी वायु सेना की ओर से अस्थाई एयर बेस को लेकर अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।

मुख्यमंत्री ने प्रदान की विभिन्न विकास कार्यों के लिये धनराशि स्वीकृत

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने ‘‘मेरा गांव मेरी सड़क‘‘ योजना के अन्तर्गत 7 सड़कों हेतु 01 करोड़ 83 लाख की धनराशि स्वीकृत की है। जिसमें जनपद टिहरी व अल्मोड़ा की दो हैं तथा उधम सिंह नगर की 03 सड़के शामिल है। मुख्यमंत्री की घोषणा के अधीन जनपद टिहरी के बौराड़ी स्टेडियम में अवशेष कार्यों के निर्माण हेतु 91.06 लाख की धनराशि स्वीकृत करने के साथ ही मुख्यमंत्री ने रामलीला भवन बागेश्वर के सौन्दर्यीकरण हेतु 15 लाख की धनराशि स्वीकृत की है।

मुख्यमंत्री द्वारा अनुसूचित जाति उपयोजना अन्तर्गत ग्राम पंचायत जसपुर, विकासखण्ड भिलगंना जनपद टिहरी में सांस्कृतिक भवन के निर्माण हेतु प्रथम किस्त के रूप में 3.99 लाख की धनराशि स्वीकृत की है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कुम्भ मेला 2021 के अन्तर्गत लालतारो पुल स्थित 33-11 केवी उप संस्थान कन्ट्रोल भवन निर्माण व 01 कि0मी0 33 के0वी0 भूमिगत लाइन के निर्माण हेतु 647.81 लाख की वित्तीय स्वीकृति प्रदान करने के साथ ही प्रथम किस्त के रूप में 77.74 लाख अवमुक्त किये जाने की भी स्वीकृति प्रदान की है।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने देहरादून नगरीय पेयजल कार्यक्रम के अन्तर्गत कौलागढ़ जौन में कैनाल रोड ओएनजीसी फायर स्टेशन के समीप नलकूप निर्माण हेतु 98.83 लाख की धनराशि स्वीकृत की है।

सीएम ने नाबार्ड से सौंग बांध निर्माण, ग्रोथ सेंटरों के विकास के लिए मांगा सहयोग

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की अध्यक्षता में राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) द्वारा राज्य के विकास में विभिन्न वित्तीय एवं विकासात्मक सहयोग से संचालित योजनाओं के क्रियान्वयन के सम्बन्ध में बैठक हुई। बैठक में नाबार्ड के चेयरमैन डॉ0 जी0आर0 चिंतला, सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज, कृषि मंत्री सुबोध उनियाल, सहकारिता मंत्री डॉ0 धन सिंह रावत के साथ ही मुख्य सचिव ओम प्रकाश उपस्थित थे। मौके पर नाबार्ड द्वारा प्रकाशित पैक्स-एक बहुउद्देशीय सेवा केन्द्र योजना मार्गदर्शिका का भी विमोचन किया गया।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने राज्य के विकास में नाबार्ड द्वारा दिये जा रहे सहयोग के प्रति आभार जताते हुए कहा कि राज्य में ट्राउट मछली पालन की दिशा में काफी कार्य हुआ है। इसके साथ पोल्ट्री, मसरूम उत्पादन की भी राज्य में काफी संभावनायें हैं। उन्होंने सौंग बांध के निर्माण, ग्रोथ सेन्टरों के विकास एवं ग्राम लाइट योजना को बढ़ावा देने में भी नाबार्ड से सहयोगी बनने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सौंग बांध की लागत 1200 करोड़ है। इसके बनने से प्रतिवर्ष 90 करोड़ की बिजली की बचत होने के साथ ही देहरादून को आगामी 60 वर्षो तक ग्रेविटी आधारित पेयजल की आपूर्ति हो सकेगी। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी 670 पेक्स को बहुउद्देशीय सेवा केन्द्र के रूप में संचालित करने के लिये सहयोग की अपेक्षा की।

उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड के सहकारी बैंक को स्थिति अन्य पहाड़ी राज्यों से बेहतर है इसका फायदा सहकारी बैंक ले सकते हैं जिसके तहत नाबार्ड 500 से लेकर 1000 करोड़ रूपए केवल 2-90 प्रतिशत की ब्याज दर से दे सकता है। साथ ही इसके तहत जो अनुपात बनाए रखना होता है उसमें भी नाबार्ड छूट् दे सकता है। आत्म निर्भर भारत के तहत कृषि आधारभूत सुविधा निधि के तहत कृषकों के लिए फसल कटाई उपरांत के प्रबंधन पर ध्यान देने की बात कही। यदि पैक्स नाबार्ड की स्कीम पैक्स- बहु उद्देशीय सेवा केंद्र तथा कृषि आधारभूत सुविधा निधि का लाभ मिलकर लेते हैं तो उन्हें केवल 01 प्रतिशत की ब्याज दर पर ऋण सुविधा उपलब्ध हो पायेगी। उन्होंने नाबार्ड की एलईडीपी तथा एमईडीपी योजनाओं के माध्यम से सुविधा देने पर अपनी सहमति जताई। कृषक उत्पादक संगठन के लिए प्रोहत्सन करने के साथ-साथ ओएफपीओं के गठन पर भी जोर दिया ताकि जिन लोगो के पास जमीन नहीं है उन्हें भी फायदा मिल सके।

कृषि मंत्री की तारीफ में बोले सीएम, सुबोध उनियाल ने मंत्री रहकर नए-नए काॅसेप्ट पर किया काम

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने माजरी ग्रांट डोईवाला, देहरादून में एकीकृत आदर्श कृषि ग्राम योजना का शुभारंभ किया। उन्होंने कृषि मंत्री सुबोध उनियाल को बधाई देकर कहा कि कृषि मंत्री रहते हुए उन्होंने नये-नये कॉन्सेप्ट पर काम किया है। उन्होंने कहा कि यदि कोई कार्य लगन से किया जाए तो निश्चित रूप से सफलता मिलती है। एकीकृत आदर्श ग्राम योजना एक ऐसा कॉन्सेप्ट है, जो मील का पत्थर साबित होगा। एफपीओ को बढ़ावा देने के लिए जागरूकता की आवश्यकता है। जब सभी किसान भाई जागरूक होंगे तो कृषि उत्पादन में सुधार के साथ ही किसानों की आय में बढ़ोत्तरी होगी।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि उत्तराखण्ड में पर्वतीय क्षेत्र में सिंचाई के साथ ही मशीनीकरण पर फोकस करने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जैविक खेती उत्तराखण्ड की विशेषता है, जिसे बढ़ावा दिया जाना चाहिए। किसानों की आय दोगुनी करने के लिए वैल्यू एडीशन एवं ब्रांड की आवश्यकता है। राज्य सरकार द्वारा इसके लिए एक अम्ब्रेला ब्राण्ड शीघ्र ही शुरू किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सूर्यधार झील निर्माण के बाद 29 गावों को सिंचाई एवं पेयजल के लिए गुरूत्व आधारित पानी मिल सकेगा। इसके साथ ही सिंचाई एवं पेयजल की व्यवस्था के लिए जमरानी एवं सौंग बाँध की बाधाओं को शीघ्र ही निस्तारण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जल संभरण एवं संरक्षण, मानव वन्यजीव संघर्ष आदि को रोकने के लिए 10 हजार लोगों को काम पर लगाया जाएगा। इससे एक ओर लोगों को रोजगार प्राप्त होगा वहीं दूसरी ओर प्रकृति का संरक्षण हो सकेगा। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही प्रदेश में चार बंदर बाडों को शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए पहले 2 लाख तक का ब्याजमुक्त ऋण दिया जा रहा था जिसे अब बढ़ाकर 3 लाख रूपए किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि एक स्वस्थ उत्तराखण्ड की परिकल्पना तभी की जा सकती है जब एक माँ और उसका बच्चा स्वस्थ हो। माँ और बच्चा स्वस्थ रह सके इसके लिए राज्य सरकार द्वारा सौभाग्यवती किट शुरू किया जा रहा है। उन्होंने उत्तराखण्ड के किसानों से कृषि के विकास के लिए वैज्ञानिक तरीके अपनाने का अनुरोध करते हुए कहा कि हमें मशीनीकरण को अपनाना होगा ताकि उत्पादन बढ़ाया जा सके।

राज्य और केंद्र सरकार कृषि क्षेत्र को सुधारने का कर रही प्रयास
कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि कोरोना काल में जहां सभी क्षेत्रों में मंदी आयी है, कृषि के क्षेत्र में सराहनीय कार्य हुआ है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार एवं केन्द्र सरकार कृषि के क्षेत्र में सुधार के लिए लगातार प्रयास कर रही है। राज्य को कृषि कर्मण पुरस्कार प्राप्त हुआ है। कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने नाबार्ड के अध्यक्ष डॉ. चिंतला से उत्तराखण्ड में मैकेनाईजेशन को बढ़ावा दिये जाने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पेड़ पौधों की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए नर्सरी एक्ट बनाया है, ताकि किसानों को उच्च गुणवत्ता के पेड़ पौधे मिल सकें। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया जहां ऑर्गेनिक के पीछे पड़ी है, हमारा राज्य उत्तराखण्ड बाय डिफॉल्ट ऑर्गेनिक है।

सहकारिता मंत्री धनसिंह रावत ने कहा कि राज्य सरकार के द्वारा 04 लाख किसानों को ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराया गया है। 12 हजार महिला स्वयं सहायता समूहों को भी 5-5 लाख रूप्ए का ऋण उपलब्ध कराया गया है।

चेयरमैन नाबार्ड डॉ जीआर चिंतला ने देवभूमि उत्तराखण्ड आगमन को अपना सौभाग्य बताते हुए कहा कि कोविड-19 की परिस्थितियों में भी कृषि क्षेत्र में बढ़ोत्तरी हुयी है। उन्होंने कहा कि नाबार्ड ग्रामीण कृषि के विकास के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में सुधार के साथ ही उत्तराखण्ड को जैविक खेती पर फोकस करना चाहिए।

उत्तराखंड सरकार ने तीन महिलाओं को दिया राज्यमंत्री का दर्जा

तीन तलाक के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में प्रथम याचिका करने वाली ऊधमसिंह नगर की शायराबानो को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने राज्यमंत्री के पद से नवाजा है। कुछ दिनों पूर्व ही शायरा बानो ने भाजपा का दामन थामा था। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने दो अन्य महिला कार्यकर्ताओं को भी राज्यमंत्री बनाया है। काशीपुर की शायरा को महिला आयोग में प्रथम उपाध्यक्ष, रानीखेत की ज्योति शाह को द्वितीय उपाध्यक्ष और चमोली की पुष्पा पासवान को तृतीय उपाध्यक्ष बनाया है।

कौन है शायदा बानो…

बीते साल दो बच्चों की मां 35 वर्षीय मुस्लिम महिला शायरा बानो जब सुप्रीम कोर्ट पहुंचती है तो तीन तलाक के खिलाफ अभियान एक बार फिर जिंदा हो उठता है।

शायरा बानो ने साल 2016 की फरवरी में अपनी याचिका दायर की। वे कहती हैं कि जब वह अपना इलाज कराने के लिए उत्तराखंड में अपनी मां के घर गईं तो उन्हें तलाकनामा मिला।

शायरा बानो ने इलाहाबाद में रहने वाले अपने पति और दो बच्चों से मिलने की कई बार गुहार लगाई लेकिन उन्हें हर बार दरकिनार कर दिया गया और उन्हें अपने बच्चों से भी मिलने नहीं दिया गया। शायरा बानो ने अपनी याचिका में इस प्रथा को पूरी तरह प्रतिबंधित करने की मांग उठाई। उन्होंने ये भी कहा है कि हलाला और कई पत्नियां रखने की प्रथा को भी गैर कानूनी ठहराया जाए।

वे कहती हैं, ये सारी प्रथाएं गैरकानूनी, असंवैधानिक, लैंगिक न्याय के खिलाफ और भेदभाव करने वाली हैं। कुुरान और शरिया में एक बार में तीन बार तलाक बोलने की प्रथा का जिक्र नहीं है, बीते कई सालों में कई महिलाएं अलग-अलग अदालतों में तीन तलाक को चुनौती देती आई हैं।

पति की बीमारी का फायदा उठा प्रेमी के साथ भागी पत्नी


शादी के वक्त सात वचन में पति की हर सूरत में देखभाल और सेवा करने का प्रण लेकर भी एक पत्नी ने पति को धोखा दे दिया। जी हां, ऋषिकेश में एक पति बीमार होने के चलते एम्स में भर्ती हुआ तो पत्नी ने मौका पाकर प्रेमी के साथ जाने का मन बनाया और वह फुर्र हो गई। मामला ऋषिकेश कोतवाली क्षेत्र के श्यामपुर चैकी का है।

यहां श्यामपुर अमित ग्राम निवासी संतोष कुमार के पुलिस को तहरीर दी। बताया कि लॉकडाउन के दौरान पत्नी को अपने पास बुलाया था। इसके बाद पीड़ित पति को कोरोना हो गया। इसके चलते उसे एम्स में भर्ती होना पड़ा। कोरोना की जंग जीतकर वह 12 दिन बाद घर आए तो इसके बाद पैर में दिक्कत होने लगी। तहरीर में उसने बताया कि वह चलने-फिरने में दिक्कत है। उसकी पत्नी का पड़ोस के युवक के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। बाजार कपड़े लेने जाने की बात कहकर वह घर से निकली और फिर वापस ही नहीं आई। पीड़ित संतोष कुमार ने मामले में तहरीर देकर पत्नी और बच्चों को वापसी गुहार लगाई है। वहीं, पुलिस भी मामले में जुट गई है।

बाल विकास कार्यालय में नौकरी और स्थाई निवास का प्रस्ताव लेकर हंसा प्रहरी से मिली रेखा आर्य

विधायक का चुनाव लड़ चुकी और वर्तमान में हरिद्वार में भीख मांगकर अपना और बच्चे का जीवन यापन करने वाली हंसा प्रहरी की सुध अब सरकार की ओर से राज्यमंत्री रेखा आर्य ने ली। उन्होंने हंसा प्रहरी के मीडिया में छाने के बाद उनके समक्ष हरिद्वार बाल विकास कार्यालय में नौकरी और स्थाई निवास का प्रस्ताव रखा।

कौन है हंसा प्रहरी
हंसा प्रहरी अल्मोड़ा जिले के हवालबाग ब्लॉक स्थित ग्राम रणखिला गांव की निवासी है। पांच भाई-बहनों में सबसे छोटी हंसी की इंटर तक की शिक्षा गांव में ही हुई और फिर उसने कुमाऊं विश्वविद्यालय के अल्मोड़ा परिसर में प्रवेश ले लिया। छात्र राजनीति में सक्रिय रहकर कुमाऊं विश्वविद्यालय के अल्मोड़ा परिसर में छात्रसंघ उपाध्यक्ष भी निर्वाचित हुई। अंग्रेजी और राजनीति शास्त्र में एमए डिग्रीधारी हंसा वर्तमान में हरिद्वार में अपने बेटे के साथ भीख मांगती है और फर्राटेदार अंग्रेजी बोलती है। उनकी एक बेटी नानी के पास रहती है।