अमेरिकन महिला से बनाए जबरन संबंध, पुलिस ने किया मुकदमा दर्ज

टिहरी जिले के थाना मुनिकीरेती में एक अमेरिकन महिला ने सेवानिवृत कर्नल के बेटे पर धोखे से ड्रग्स का सेवन करवाकर जबरन संबंध बनाने का आरोप लगाया है। पुलिस ने महिला की तहरीर के आधार पर आरोपी पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। वहीं, पीड़िता के बयान न्यायालय के समक्ष कराए गए।

दरअसल 37 वर्षीय अमेरिकन महिला ने बताया कि तपोवन निवासी 27 वर्षीय अभिनव राय पुत्र अनिल कुमार राय, हाल निवासी बालक नाथ मंदिर रोड, मूल निवासी देवनगर, इलाहाबाद’ द्वारा उसके साथ बलात्कार मारपीट व जान से मारने की धमकी दी गई है। अमेरिका निवासी महिला द्वारा आरोप लगाया कि अभिनव ने उसे कई बार अपने फ्लैट पर बुलाकर धोखे से ड्रग्स का सेवन कराकर कई बार जबरन संबंध बनाए। इससे परेशान होकर जब महिला अपने फ्लैट में रहने लगी तो अभिनव ने उसका लगातार पीछा करना शुरू किया और रात वह छत के रास्ते उसकी बालकोनी में आया और शीशा तोड़कर अंदर घुस कर उसके साथ मारपीट की इस दौरान पीड़ित के पैर में चोट लगी। पीड़ित द्वारा आरोप लगाया गया है कि अनुभव के पिता लगातर उस पर समझौते का दबाव बना रहे है। पुलिस ने मामले पर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। थानाध्यक्ष राम किशोर सकलानी ने बताया कि आरोपी अनुभव के पिता सेना से सेवानिवृत्त कर्नल है। अभिनव तपोवन में तथाकथित रूप से टूर ट्रेवेल का काम करता है।

कुंभ मेला में दिखेगा स्वच्छ भारत मिशन का का असर

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने बुधवार सांय सीएम आवास में कुम्भ मेला 2021 की तैयारियों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कुम्भ मेले की तैयारियों की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिये।

मेलाधिकारी को कोविड-19 के मानकों के अनुरूप सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने पर हरिद्वार की क्षमता का आंकलन करने के निर्देश दिये गये। यह भी देखा जाए कि स्नान घाटों की कितनी क्षमता है। अखाड़ों के संत महात्माओं से लगातार समन्वय बनाए रखें। कुम्भ मेला दिव्य और भव्य होगा। इसके आयोजन में धार्मिक और सांस्कृतिक परम्पराओं का ध्यान रखना है। कुम्भ मेला क्षेत्र में स्वच्छता का भी पूरा ध्यान रखा जाए। कुम्भ मेले के सुरक्षित आयोजन के लिए पुख्ता कार्ययोजना तैयार कर ली जाए। कुम्भ मेले के लिए कोविड के दृष्टिगत बङी संख्या में मास्क और सेनेटाईजर की व्यवस्था की जाए। मेले में जो भी श्रद्धालु बिना मास्क के दिखे, उन्हें निशुल्क मास्क दिये जाएं। इसमें सामाजिक संगठनों का भी सहयोग लिया जा सकता है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, मुख्य सचिव ओम प्रकाश, डीजी लॉ एंड आर्डर अशोक कुमार, सचिव नितेश झा, अमित नेगी, शैलेश बगोली, पंकज पाण्डेय, मेलाधिकारी दीपक रावत, आईजी संजय गुन्ज्याल, जिलाधिकारी हरिद्वार सी. रविशंकर उपस्थित थे।

अब रक्षकों की वर्दी पर लगे कैमरे रखेंगे कैदियों पर नजर

उत्तराखंड की जेलों की निगरानी के लिए तीन करोड़ रूपये आवंटित हुए है। इस मद से बंदीरक्षकों की वर्दी पर बाॅडी वार्न कैमरा लगाए जाएंगे। इससे न सिर्फ जेल परिसर के चप्पे-चप्पे की निगरानी होगी। साथ ही कैदियों की भी पूर्ण निगरानी हो सकेगी। पिछले दिनों अस्थाई जेलों से कैदियों के फरार होने के मामले आए थे। इसके बाद अब जेलों की सुरक्षा व्यवस्था के लिए जोर दिया जा रहा है। जेलों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने की योजना काफी पहली थी, लेकिन अब इसे अंतिम रूप दिया जा रहा है।

आईजी जेल के मुताबिक सभी जेलों को तीन करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। अब बंदी रक्षक सामान्य तरीके से पहरा नहीं देंगे। उनकी वर्दी पर अब अत्याधुनिक कैमरे लगाए जाएंगे। ताकि, वे कहीं भी जाएं हर प्रकार की गतिविधि पर उनकी नजर रहे। पहरा देने से लेकर बंदियों से बातचीत करने तक हर गतिविधि को रिकॉर्ड किया जाएगा। इसके साथ ही मुलाकातियों पर भी नजर रखी जा सकेगी। 

आईजी ने बताया कि सीसीटीवी कैमरे प्रदेश की सभी 11 जेलों में लगाए जाएंगे। लेकिन, इसके लिए सबसे पहले पांच जेलों को चुना गया है। इनमें देहरादून, हरिद्वार, रुड़की, सितारगंज और नैनीताल शामिल हैं।

जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीणों को पीने का स्वच्छ जल नल द्वारा मिलेगाः सीएम

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि लोगों को गुणवत्ता युक्त पेयजल मिले और पानी के उपभोग के अनुसार ही बिल भुगतान हो, इसके लिए ठोस कार्ययोजना बनाई जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि मीटर लगाने के साथ ही पानी की खपत के अनुसार ही लोगों से चार्ज लिया जाए। इसके लिए एक सरल और स्पष्ट नीति बनाई जाए, साथ ही इस बात का भी ध्यान रखा जाए कि मानकों का निर्धारण करना जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में मात्र एक रूपये में पानी का कनेक्शन दिया जा रहा है। इस योजना के तहत उत्तराखण्ड के सभी ग्रामीण परिवारों को पीने का स्वच्छ पानी नल द्वारा पहुंचाया जायेगा। जल संस्थान, स्वजल एवं पेयजल निगम को इसके लिए कार्यदायी एजेंसी बनाया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ईज आफ डूईंग बिजनेस की रैंकिंग में सुधार के लिए विभिन्न क्षेत्रों में सुधार की प्रक्रिया में और तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। निर्धारित रिफार्म एक्शन प्लान के अनुरूप कार्य किए जाएं। उत्तराखण्ड राज्य, राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धि प्राप्त करने वाले राज्यों की श्रेणी में सम्मिलित हो इसके लिये प्रभावी प्रयास किये जाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ईज आफ डूईंग बिजनेस में हालांकि उत्तराखण्ड वर्ष 2015 में 23 वें स्थान से अब 11 वें स्थान पर आ गया है। परंतु इसमें और सुधार के लिए पूरी गम्भीरता से प्रयास किए जाएं। कोविड-19 के दृष्टिगत तमाम सावधानियां भी रखनी हैं। साथ ही औद्योगिक इकाईयों को प्रोत्साहित भी करना है। राज्य के उद्यमी, आत्मनिर्भर भारत पैकेज में एमएसएमई क्षेत्र के लिए किए गए प्रावधानों का लाभ उठा सकें, इसके लिए उनका हरसम्भव सहयोग किया जाए। वोकल फोर लोकल के तहत स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा दिया जाए।

बैठक में अपर मुख्य सचिव मनीषा पंवार, सचिव नितेश झा, शैलेष बगोली, सौजन्या, अपर सचिव नीरज खैरवाल, नगर आयुक्त देहरादून विनय शंकर पाण्डे आदि उपस्थित थे।

पैरा ओलंपिक खिलाड़ी नीरजा दिव्यांग अधिकार समिति में बतौर सदस्य नामित

तीर्थनगरी की पैरा ओलंपिक खिलाड़ी नीरजा गोयल अब देहरादून में समाज कल्याण विभाग के समक्ष दिव्यांगों की समस्याओं के निराकरण के लिए काम करेंगी। देहरादून जिलाधिकारी आशीष श्रीवास्तव के निर्देश पर उन्हें जनपद देहरादून की दिव्यांग अधिकार समिति में बतौर सदस्य नामित किया गया है।

जिला समाज कल्याण अधिकारी हेमलता पांडेय ने नीरजा गोयल को भेजे पत्र में बताया कि बीती 30 जुलाई को जिलाधिकारी देहरादून की अध्यक्षता में दिव्यांगता अधिकार समिति की बैठक हुई थी। इसमें जिलाधिकारी ने समिति में 2 सदस्यों को आमंत्रित करने का निर्देश दिया था। इसी क्रम में नीरजा गोयल (पैरा ओलंपिक खिलाड़ी) को समिति का सदस्य नामित किया गया है

एम्स ऋषिकेश में ब्रेन हैमरेज का एन्यूरिज्म क्वाइलिंग द्वारा हुआ सफल इलाज

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश में चिकित्सकों ने एक पेशेंट की ब्रेन हैमरेज के सफल इलाज को अंजाम दिया है। पेशेंट को बीते दिनों हेलीकॉप्टर से एम्स ऋषिकेश पहुंचाया गया था। गौरतलब है कि पौड़ी गढ़वाल निवासी एक चिकित्सक जो कि बीती दो अक्टूबर को अस्पताल में अचानक चक्कर खाकर गिर गए थे, जिन्हें राज्य सरकार की ओर से एयरलिफ्ट कर उसी शाम को एम्स हेलिपैड पर उतारा गया था। सीटी स्कैन में उनको ब्रेन हैमरेज पाया गया था। और एंजियोग्राफी में नस फटने के कारण एन्युरिज्म पाया गया। चिकित्सकों के अनुसार उनके दिमाग की एक नस फट गई थी। जिसे इंडोवैस्कुलर क्वाईलिंग या एन्यूरिज्म क्वाइलिंग द्वारा ठीक किया गया।

एम्स निदेशक प्रो. रविकांत ने इस सफलता के लिए चिकित्सकों के प्रयास को सराहनीय बताया। उन्होंने बताया कि संस्थान में मरीजों को विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराई जा रही है। निदेशक प्रो. रविकांत ने बताया कि राज्य में एयर एंबुलेंस सेवा व एम्स परिसर में हेलीपैड की सुविधा उपलब्ध होने से मरीज को तत्काल एम्स पहुंचाया जा सका, जिससे तत्काल उनका उपचार शुरू हो सका।

पारंपरिक तरीके में क्षतिग्रस्त नस को दिमाग की सर्जरी द्वारा क्लिप किया जाता है। इस नवीनतम इंडोवस्क्युलर तकनीक में सिर को बिना खोले ईलाज सम्भव है। इंटरवेंशनल न्यूरो रेडियोलाजिस्ट डॉ. संदीप बुडाठोकी ने बताया कि इस प्रक्रिया को जांघ के पास 2.5 एमएम का सुराग करके वहां से नसों के जरिए कैथेटर को ब्रेन हेमरेज वाली जगह पर पहुंचाया गया व वहां पर दिमाग के हैमरेज वाले हिस्से को क्वायल किया गया। उन्होंने बताया कि मरीज अब पूरी तरह से खतरे से बाहर है। उन्होंने बताया कि मरीज के जीवन को बचाने में दो चीजों की भूमिका अहम रहीं। जिनमें हेमरेज के तत्काल बाद उन्हें एयरलिफ्ट करके एम्स ऋषिकेश पहुंचाने व इंडोवैस्कुलर क्वाइलिंग विधि से उपचार करना रहा। उन्होंने बताया कि इस विधि से उपचार करने से मरीज जल्दी रिकवरी कर सकेगा।

पलायन आयोग ने सीएम को सौंपी रिपोर्ट, रूद्रप्रयाग में पिछले 10 वर्ष में हुआ 22735 लोगों का अस्थाई पलायन

जनपद रूद्रप्रयाग के ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक-आर्थिक विकास को सुदृढ़ बनाने एवं पलायन को कम करने हेतु ग्राम्य विकास एवं पलायन आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. एसएस नेगी ने सचिवालय में ग्राम्य विकास एवं पलायन आयोग की रिपोर्ट मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत को सौंपी। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि जनपद के प्रमुख पर्यटक एवं धार्मिक स्थलों की ओर लोगों का ध्यान आकर्षित करना होगा। जनपद में रोजगार को बढ़ावा देने के लिए स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना जरूरी है। जनपद में महिलाओं की आबादी अधिक है, महिलाओं को कौशल विकास से संबंधित प्रशिक्षण के साथ ही महिला स्वयं सहायता समूहों को बढ़ावा देना होगा।

ग्राम्य विकास एवं पलायन आयोग की रिपोर्ट के अनुसार पिछले 10 वर्षों में रुद्रप्रयाग जनपद से 316 ग्राम पंचायतों से 22735 लोगों द्वारा अस्थाई पलायन किया। यह पलायन जनपद के अन्दर एक स्थान से दूसरे स्थान पर हुआ। जबकि 7835 व्यक्तियों द्वारा पूर्ण रूप से स्थाई पलायन किया गया। जनपद में स्थाई पलायन की तुलना में अस्थाई पलायन अधिक हुआ है। लगभग 40 प्रतिशत पलायन 26 से 35 वर्ष के आयु वर्ग द्वारा किया गया। 2011 की जनगणना के अनुसार जनपद रूद्रप्रयाग की जनसंख्या 02 लाख 42 हजार 285 है। जनपद की 80 प्रतिशत जनसंख्या ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है।

ग्राम्य विकास एवं पलायन आयोग की रिपोर्ट के अनुसार जनपद रूद्रप्रयाग विकासखण्ड ऊखीमठ की जनसंख्या में 11 प्रतिशत की वृद्धि एवं विकासखण्ड अगस्तमुनी की जनसंख्या में 02 प्रतिशत की कमी आई है। राज्य घरेलू उत्पाद के आधार पर वर्ष 2016-17 (अनन्तिम) अनुमानों में जनपद रूद्रप्रयाग की प्रतिव्यक्ति आय अनुमानित 83521 रूपये है। रूद्रप्रयाग एवं टिहरी जनपद की प्रति व्यक्ति आय अन्य पर्वतीय जिलों की तुलना में कम है। जनपद का मानव विकास सूचकांक अन्य पर्वतीय जिलों से कम है। जनपद रूद्रप्रयाग में कुल 688 ग्रामों में से 653 आबाद एवं 35 गैर आबाद ग्राम हैं। जनपद के तीनों विकासखण्डों में कुल 20 राजस्व ग्राम-तोक हैं।

ग्राम्य विकास एवं पलायन आयोग ने जनपद के आर्थिक, सामाजिक विकास एवं पलायन को रोकने के लिए सुझाव दिये कि विकासखण्ड स्तर पर आर्थिक विकास का एक ढ़ाचा तैयार किया जाय। जनपद में पर्यटन विकास योजना तैयार होनी चाहिए। राज्य सरकार की होम स्टे योजना को स्थानीय स्तर पर बढ़ावा देना होगा। भूजल पुनर्भरण योजनाओं को प्राथमिकता दी जाय। पानी के पारम्परिक स्रोतों के सूखने से जल की उपलब्धता एक चुनौती के रूप में आई है। सामाजिक-आर्थिक उत्थान और ग्रामीण विकास के लिए एक महिला केंद्रित दृष्टिकोण अपना होगा। सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्योगों कृषि आधारित, रेडिमेट वस्त्र, कताई-बुनाई लकड़ी आधारित, होटल एवं अन्य सर्विस ईकाइयों को जनपद के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के सामाजिक-आर्थिक व्यवस्था को मजबूत बनाकर आजीविका प्रदान करनी होंगी।

मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना का लाभ अधिक से अधिक लोगों को मिले। उद्यमिता विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करना जरूरी हैं। जनपद में फल, नर्सरियों की संख्या बढ़ाने एवं फल रोपण सामग्री उत्पादन करने के साथ ही निजी क्षेत्र की नर्सरियों को प्रोत्साहित करना होगा। फसलों को नुकसान से बचाने के लिए मनरेगा के तहत सुअर रोधी दीवार का निर्माण किया जाना होगा। ग्रामीण क्षेत्रों से पलायन को रोकने के लिए दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना एवं कौशल विकास से संबंधित प्रशिक्षण दिया जाना जरूरी हैं। जनपद में कृषि उत्पादन के लिए विशेष क्षेत्र या विकासखण्ड स्तर पर किसान उत्पादक संगठन के गठन पर सिफारिश की गई है। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाईन तथा चारधाम सड़क परियोजना से जनपद रूद्रप्रयाग के विकास में तेजी आयेगी तथा इसका लाभ उठाने के लिए जिला प्रशासन विशेष योजना बनाए।

सीएम ने की कुंभ मेला की समीक्षा, हरिद्वार-ऋषिकेश में कूड़ा निस्तारण करने का दिया निर्देश

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कुम्भ मेला 2021 की समीक्षा करते हुए स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि हरिद्वार व ऋषिकेश में कूड़ा निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। कुम्भ का आयोजन दिव्य और भव्य होगा। मेला क्षेत्र का सौंदर्यीकरण समय पर पूरा कर लिया जाए। कुम्भ मेले के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को बरकरार रखते हुए कोविड के दृष्टिगत सुरक्षित आयोजन किया जाना है। इस संबंध में अखाड़ों के संत महात्माओं का मार्गदर्शन और सहयोग लिया जाएगा। कुम्भ के सभी स्थायी प्रकृति के काम दिसम्बर माह तक पूरे कर लिये जाएं। अस्थायी कामों के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाए। मुख्य सचिव हर सप्ताह कुम्भ की तैयारियों की समीक्षा करें। स्वास्थ्य विभाग सामान्य रूप से होने वाली तैयारियों के साथ ही कोविड के दृष्टिगत भी योजना बनाकर काम करे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी धर्मशालाओं, आश्रमों व होटलों को कोविड के दृष्टिगत क्या करें और क्या न करें, की मार्गदर्शिका उपलब्ध कराने के साथ ही वहां काम करने वालों को यथासम्भव प्रशिक्षित किया जाए। सभी काम समय पर पूरे हो, इसके लिए दो शिफ्ट में भी काम किया जा सकता है। व्यापार मंडल के सहयोग से अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई की जाए। हरिद्वार में सड़कों को जल्द से जल्द दुरुस्त किया जाए। राष्ट्रीय राजमार्ग के साथ समन्वय स्थापित कर जरूरी काम कराए जाएं।

मेलाधिकारी दीपक रावत ने कुम्भ मेले के विभिन्न कार्यों की प्रगति की जानकारी दी। बताया कि हरिद्वार के कूड़ा निस्तारण के लिए कार्ययोजना तैयार की गई है। इस पर लगभग 35 करोड़ रूपए का व्यय अनुमानित है। हरिद्वार में 1000 बेड का कोविड केयर सेंटर बनाया जाएगा। लगभग 493 चिकित्सकों की व्यवस्था की जा रही है। एम्बुलेंस की भी आवश्यकतानुसार व्यवस्था की जा रही है। बाईक एम्बुलेंस और बोट एम्बुलेंस के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं। पूरे कुम्भ मेला क्षेत्र को 23 सेक्टर में विभाजित किया गया है। किसी भी आकस्मिक स्थिति के लिए अतिरिक्त टीमें रिजर्व में रहेंगी। अधिकारियों के लिंक अधिकारी भी नामित किए जाएंगे।

बैठक में शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक, मुख्य सचिव ओमप्रकाश, सचिव आरके सुधांशु, नितेश झा, शैलेश बगोली, सौजन्या, पंकज पाण्डेय, गढ़वाल मंडल आयुक्त रविनाथ रमन, आईजी अभिनव कुमार, संजय गुन्ज्याल आदि उपस्थित रहे।

स्मार्ट सिटी के कार्यों को स्वीकृत हुई 03 करोड़ की धनराशि

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रदेश के अर्द्धनगरीय क्षेत्रों में राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन द्वारा पेयजल आपूर्ति कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन हेतु 91 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने डोईवाला की प्रतीतनगर पेयजल योजना के लिये 25.65 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने की सहमति प्रदान की है। मुख्यमंत्री ने धोरण पेयजल योजना के सुदृढीकरण के लिये 145.91 लाख तथा देहरादून की कृष्णानगर पेयजल योजना हेतु 109.47 लाख की भी स्वीकृति प्रदान की है।

मुख्यमंत्री नदियों एवं झीलों के पुनर्जीवीकरण कार्य योजना के तहत जनपद पिथौरागढ़ के सोनगांव स्थित रणज्योति ताल के पुनर्जीवीकरण हेतु 75.50 लाख की धनराशि स्वीकृत की है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री द्वारा जनपद पिथौड़ागढ़ के ही कनालीछीना में टीटरी नहर के पुनरोद्धार हेतु 150 लाख की धनराशि मंजूर की है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रदेश में महिला उद्यमियों के लिये विशेष प्रोत्साहन योजना के तहत 03 करोड़ 50 लाख की स्वीकृति प्रदान की है। इस धनराशि से सूक्ष्म लघु एवं मध्यम विभाग के स्तर पर महिला उद्यमियों को विशेष प्रोत्साहन योजना के तहत उत्पादन स्वीकृत किये जाने में सुविधा होगी।

मुख्यमंत्री द्वारा देहरादून स्मार्ट सिटी के कार्यों के संचालन हेतु केन्द्रांश की प्रत्याशा में राज्यांश के रूप में 03 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की र्है इससे स्मार्ट सिटी के कार्यों को गति मिल सकेगी।

कांग्रेस पार्टी ने कृषि कानून पर की राजनीति, किसानों को भड़काने का किया कामः नैनीताल सांसद

उत्तराखंड में जल्द ही पांच सौ से एक हजार तक फूड प्रोसेसिंग यूनिट लगाई जाएगी। कांग्रेस पार्टी ने कृषि कानून पर हमेशा राजनीति की है, किसानों को बिल के संबंध में हमेशा भड़काने का ही काम किया है, जबकि यह कानून किसानों के हित में है। मोदी सरकार ने बिचैलिया राज खत्म किया है। इससे किसानों को किसी भी प्रकार की हानि नहीं है। मोदी सरकार फरवरी माह से पशुपालकों और मत्स्य पालकों को भी ऋण देकर किसानों की आय बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। सांसद अजय भट्ट ने पत्रकारों से वार्ता के दौरान यह बातें कहीं।

भाजपा जिला कार्यालय आयोजित वार्ता में उन्होंने कहा कि मोदी सरकार आत्मनिर्भर भारत के अंतर्गत करीब एक लाख करोड़ रूपये का ऋण किसानों को देगी। जिसमें मत्स्य पालन के लिए 20 हजार करोड़, पशुपालन में 15 हजार करोड़, हर्बल खेती के लिए चार सौ करोड़, फूड प्रोसेसिंग यूनिट के लिए 10 हजार करोड़ का प्रस्ताव रखा गया है। जिसकी शुरूआत फरवरी से होगी। कहा कि मौन पालन के लिए 500 करोड़ रूपये अवमुक्त भी किए जा चुके हैं। कहा कि दोनों विधेयक किसानों के हित में है। कांट्रेक्ट फार्मिग में किसानों को फसल की बुआई के पहले ही कीमत तय कर ली जाएगी। इसमें सिर्फ फसल की बात होगी न कि भूमि की। इसके अलावा किसान अपनी फसल की कीमत स्वयं लगाएगा। ऐसे में कहीं से भी किसानों को हानि नहीं होगा।

कहा कि वर्ष, 2009-10 में कांग्रेस सरकार ने किसानों के लिए 12 हजार करोड़ का बजट रखा था जिसे बीजेपी सरकार ने बढ़ाकर एक लाख 34 हजार करोड़ कर दिया गया। कहा कि किसान सम्मान निधि के रूप में डीबीटी के माध्यम से 10 करोड़ किसानों के खाते में 75 हजार करोड़ रूपये भेजे। इसके बाद भी कांग्रेस किस तरह से मादी सरकार को बदनाम कर रही है। कहा कि कृषि कानून में किसानों के लिए फसल बेचने में जो बैरियर लगे थे वह खत्म हुए। एमएसपी निर्धारित की गई है तभी धान की खरीद उसी आधार पर हो रही है। किसानों को बताना है कि मंडी अब भी है और भविष्य में भी रहेगी। किसान रेट पता करें और जहां आसानी हो वहां अपनी फसल बेच सकते हैं।