शायदा बानो ने भाजपा की सदस्यता ली, तीन तलाक के खिलाफ की थी प्रथम याचिका

सुप्रीम कोर्ट में तीन तलाक पर प्रथम याचिका करने वाली उत्तराखंड की शायरा बनो अब भाजपाई हो गई है। उन्होंने उत्तराखंड भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत के समक्ष पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि शायरा बानो ने दृढता के साथ तीन मामले की लड़ाई लड़ी। उसी प्रकार वह भाजपा के सिद्धांतों को आगे बढ़ाने के लिए कार्य करेंगी। विशेष तौर पर अल्पसंख्यक समुदाय में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। वहीं, शायरा बानो ने भाजपा को सिद्धांतवादी पार्टी बताया है।

बता दें कि दो साल पूर्व तत्कालीन भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने शायरा बनों के संदर्भ में कहा था कि उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई जाएगी।

कौन है शायदा बानो…

बीते साल दो बच्चों की मां 35 वर्षीय मुस्लिम महिला शायरा बानो जब सुप्रीम कोर्ट पहुंचती है तो तीन तलाक के खिलाफ अभियान एक बार फिर जिंदा हो उठता है।

शायरा बानो ने साल 2016 की फरवरी में अपनी याचिका दायर की। वे कहती हैं कि जब वह अपना इलाज कराने के लिए उत्तराखंड में अपनी मां के घर गईं तो उन्हें तलाकनामा मिला।

शायरा बानो ने इलाहाबाद में रहने वाले अपने पति और दो बच्चों से मिलने की कई बार गुहार लगाई लेकिन उन्हें हर बार दरकिनार कर दिया गया और उन्हें अपने बच्चों से भी मिलने नहीं दिया गया। शायरा बानो ने अपनी याचिका में इस प्रथा को पूरी तरह प्रतिबंधित करने की मांग उठाई। उन्होंने ये भी कहा है कि हलाला और कई पत्नियां रखने की प्रथा को भी गैर कानूनी ठहराया जाए।

वे कहती हैं, ये सारी प्रथाएं गैरकानूनी, असंवैधानिक, लैंगिक न्याय के खिलाफ और भेदभाव करने वाली हैं। कुुरान और शरिया में एक बार में तीन बार तलाक बोलने की प्रथा का जिक्र नहीं है, बीते कई सालों में कई महिलाएं अलग-अलग अदालतों में तीन तलाक को चुनौती देती आई हैं।

जौलीग्रांट व पंतनगर एयरपोर्ट का अंतराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होगा विस्तार

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत से केंद्रीय नागरिक उड्डयन सचिव प्रदीप खरोला ने मुलाकात की। उन्होंने मुख्यमंत्री से प्रदेश में हवाई सेवाओं के विस्तार एवं जौलीग्रांट एवं पंतनगर एयरपोर्ट का अन्तराष्ट्रीय मानकों के अनुसार विस्तार किये जाने के साथ ही प्रदेश में हेली पोर्ट के निर्माण आदि से सम्बन्धित विभिन्न विषयों पर मुख्यमंत्री से चर्चा की। उन्होंने जौलीग्रान्ट एयरपोर्ट पर हवाई जहाजों की नाइट पार्किंग की व्यवस्था से सम्बन्धित संभावनाओं पर भी विचार विमर्श किया। मौके पर सचिव नागरिक उड्डयन दिलीप जावलकर भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जौलीग्रान्ट एयरपोर्ट के विस्तार हेतु आवश्यक भूमि की उपलब्धता के लिए प्रदेश सरकार द्वारा सैद्धान्तिक निर्णय ले लिया गया है। जौलीग्रान्ट एयरपोर्ट अन्तराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार हो इसके लिए राज्य सरकार द्वारा सभी आवश्यक व्यवस्थायें की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जौलीग्रान्ट हवाई अड्डे के विस्तार एवं इसे अन्तराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार किये जाने बाद वहां पर हवाई जहाजों की नाइट पार्किंग की भी व्यवस्था हो सकती है। उन्होंने कहा कि जौलीग्रान्ट हवाई के विस्तार से राज्य में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। सीमान्त क्षेत्र होने के नाते सामरिक दृष्टि से भी इस हवाई अड्डे को अन्तराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाया जाना जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंतनगर हवाई अड्डे को भी ग्रीन फील्ड एयर पोर्ट बनाये जाने की दिशा में भी राज्य सरकार द्वारा प्रभावी पहल की गई है, इसके लिए आवश्यक भूमि की भी व्यवस्था राज्य सरकार द्वारा की गई है। यहां से भी अन्तराष्ट्रीय स्तर पर हवाई सेवा के संचालन में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की भौगोलिक परिस्थिति के दृष्टिगत राज्य में हवाई सेवाओं की नितान्त आवश्यकता बनी रहती है। इस दिशा में राज्य सरकार द्वारा प्रभावी कार्ययोजना भी तैयार की गई है।

केंद्रीय नागरिक उड्डयन सचिव ने मुख्यमंत्री को प्रदेश में हवाई सेवाओं के विस्तार में आवश्यक सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि जौलीग्रान्ट हवाई अड्डे का विस्तारीकरण का कार्य तेजी से किया जा रहा है। प्रथम चरण में लगभग 80 प्रतिशत कार्य पूर्ण किया जा चुका है।

राज्य वित्त आयोग के तहत पंचायतों का होगा विकास, 62.21 करोड़ की धनराशि हुई हस्तांतरित

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने पंचायतों को राज्य वित्त आयोग के अन्तर्गत प्राप्त धनराशि को डिजिटल माध्यम से प्रदेश के 7791 ग्राम पंचायतों, 95 क्षेत्र पंचायतों एवं 13 जिला पंचायतों को एक साथ कुल 62.21 करोड़ की धनराशि हस्तांतरित की। हस्तानान्तरित की गई धनराशि में ग्राम पंचायतों हेतु रू0 19.30 करोड़, क्षेत्र पंचायतों हेतु रू0 14.48 करोड़, जिला पंचायतों हेतु रू0 28.43 करोड़ की धनराशि शामिल है। सीएम ने कहा कि पंचायतों को धनराशि का डिजिटल स्थानान्तरण होने से कार्यों में तेजी व पारदर्शिता आयेगी। इससे सरकारी सिस्टम के प्रति लोगों का विश्वास भी बढ़ेगा।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के डिजिटल इण्डिया प्रोग्राम को साकार करते हुए पंचायतीराज विभाग द्वारा त्रिस्तरीय पंचायतों को केन्द्रीय वित्त-राज्य वित्त से प्राप्त सभी अनुदान पीएफएमएस के माध्यम से एक साथ डिजिटल हस्तान्तरित किये जा रहे है, तथा त्रिस्तरीय पंचायतों द्वारा प्राप्त अनुदानों तथा स्वयं के आय स्रोत आदि से प्राप्त सभी धनराशियों से कराये जा रहे विकास कार्यो एवं अन्य गतिविधियों के सापेक्ष सभी भुगतान शत प्रतिशत पीएफएमएस के माध्यम से डिजिटल रूप में किये जा रहे है। इस व्यवस्था के लागू होने से सभी पंचायतों को केन्द्र एवं राज्य सरकार से प्राप्त होने वाली धनराशि तत्काल पंचायतों के खाते में पहुंच रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल इण्डिया प्रोग्राम का उद्देश्य सरकारी सेवाओं की जानकारी ऑनलाईन माध्यम से जन सामान्य को पहुंचाने हेतु ग्राम पंचायत स्तर पर ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देते हुए समस्त ग्राम पंचायतों को ब्रॉडबेण्ड इंटरनेट से जोडना है, इसी उद्देश्य की पूर्ति हेतु उत्तराखण्ड में पंचायतीराज विभाग, उत्तराखण्ड द्वारा समस्त ग्राम पंचायतों, क्षेत्र पंचायतों एवं जिला पंचायतों के बैंक खातों को पंचायतीराज, भारत सरकार द्वारा लागू ई-ग्राम स्वराज पोर्टल के माध्यम से पीएफएमएस-प्रिआ सॉफ्ट इंटरफेस के साथ जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि इससे जहॉ एक ओर राजकीय कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी वहीं पंचायत के निवासी, जो पंचायत से बाहर अन्यत्र रहते हों, अपने मोबाईल अथवा किसी भी अन्य डिवाइस पर इस पोर्टल के माध्यम से पंचायत को केन्द्रीय वित्त एवं राज्य वित्त तथा अन्य स्रोतों से प्राप्त धनराशि तथा पंचायत में कराये जा रहे विकास कार्यों की प्रगति के साथ-साथ अन्य जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि सभी पंचायतों को एक साथ डिजिटल माध्यम से अनुदान की राशि हस्तान्तरित किये जाने के बाद पंचायतों को विकासपरक परियोजनाओं के साथ-साथ कोरोना वायरस महामारी से ग्रामवासियों के बचाव हेतु आवश्यक उपायों और बाहर से आये नागरिकों के संस्थागत क्वारंटीन सम्बन्धी व्यवस्था हेतु सामुदायिक भवनों (पंचायत भवन, आंगनबाड़ी केन्द्र, विद्यालय या अन्य राजकीय भवन आदि) की साफ-सफाई, विद्युत व्यवस्था, पेयजल व्यवस्था, शौचालय व्यवस्था, मरम्मत, सैनिटाईजेशन, प्रचार-प्रसार आदि कार्यो को पूर्ण करने में सहायता मिलेगी। इस धनराशि से पंचायतों के अन्तर्गत जलापूर्ति की व्यवस्था, सीवरेज ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, सैप्टेज प्रबंधन सहित जल निकासी एवं स्वच्छता, सामुदायिक परिसम्पत्तियों का रख-रखाव, स्ट्रीट लाईट तथा आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण-अतिरिक्त कक्षा-कक्ष आदि का निर्माण एवं सामुदायिक भवन निर्माण आदि विकास कार्य किये जाने में सुविधा होगी।

मुख्यमंत्री ने कोरोना महामारी से निपटने हेतु पंचायतों द्वारा किये गये प्रयासों के लिये पंचायत प्रतिनिधियों के साथ-साथ सभी ग्राम वासियों द्वारा निभायी जा रही भूमिका की भी सराहना की। मुख्यमंत्री ने सभी त्रिस्तरीय पंचायतों के निर्वाचित प्रतिनिधियों के साथ-साथ सभी ग्राम वासियों से यह अपील की गयी कि वर्तमान कोविड-19 परिस्थितियों से बचाव हेतु भारत सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का अनुपालन करते हुए ‘‘2 गज सामाजिक दूरी और मास्क जरूरी‘‘ नियम का अनुपालन आवश्यक रूप से किया जाय।

ऋषिकेश में चलते ट्रक से गिरी जेसीबी मशीन, बाल-बाल बचे लोग

ट्रक चालक की लापरवाही के चलते एक जेसीबी मशीन बीच सड़क पर गिर गई। मगर, गनीमत रही कि उसकी चपेट में कोई नहीं आया। शनिवार की शाम करीब पौने आठ बजे यह घटना पुराने रेलवे स्टेशन के समीप ढलान पर हुई।

यहां एक बड़ा ट्रक जेसीबी मशीन लेकर रेलवे स्टेशन से नीचे पुराने बस स्टैंड की ओर आ रहा था अचानक ब्रेक लगने से ट्रक से सड़क पर जेसीबी मशीन पलट गई। बड़ी तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग दहशत में आ गए। गनीमत रही कि जेसीबी मशीन की चपेट में कोई नहीं आया हालांकि एक स्कूटी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई पता चला कि जेसीबी मशीन को ट्रक में सुरक्षा के तहत जंजीरों से बांधना नहीं गया था वरना चलते ट्रक से जेसीबी मशीन के गिरने का कोई सवाल ही नहीं होता।

बड़ा सवाल है कि इस लिंक रोड पर बहुत हेवी ट्रेफिक चलता है पूर्व में पुलिस ने इस सड़क पर हैवी ट्रैफिक को रोकने की भरपूर कोशिश की थी क्योंकि इस रोड पर पूर्व में जो पूर्व में एक्सीडेंट हो चुके हैं जिसमें जान माल की हानि भी हुई है लेकिन भारी वाहन इस मार्ग पर निरंतर चल रहे हैं स्थानीय लोग सवाल खड़े कर रहे हैं इतनी भारी-भरकम मशीन ले जा रहे ट्रक ने आखिर सुरक्षा के मद्देनजर लोहे की चेन से इस जेसीबी मशीन को कवर क्यों नहीं किया। इस हादसे में किसी की जान चली जाती तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेता। बरहाल मौके पर पुलिस आई है और ट्रक के मालिक भी मौके पर आ गए हैं।

नई गाइडलाइन के अनुसार, धार्मिक आयोजन में मूर्ति को छूना प्रतिबंधित

कंटेनमेंट जोन में किसी भी तरह के धार्मिक आयोजन नहीं होंगे, जबकि अन्य स्थानों में धार्मिक आयोजन पर मूर्तियों को छूने पर प्रतिबंध रहेगा। यह बात स्वास्थ्य विभाग उत्तराखंड ने नई गाइड लाइन जारी कर कही।

सचिव स्वास्थ्य डा. पंकज कुमार पांडे ने कहा कि कंटेनमेंट जोन में किसी भी तरह के धार्मिक पूजा-पाठ, कार्यक्रम, मेले, सांस्कृतिक कार्यक्रम, जुलूस के साथ भीड़ जुटने वाले कार्यक्रमों की अनुमति नहीं होगी।

धार्मिक स्थानों और नवरात्रि के पंडालों में मूर्तियों को छूना प्रतिबंधित होगा। प्रशासन को नियमित सफाई, थर्मल स्क्रीनिंग और सेनेटाइजेशन के पुख्ता इंतजाम कराने होंगे।

स्वास्थ्य विभाग की गाइडलाइन में इस पर जोर दिया गया है कि लोग घरों में रहकर ही त्योहार मनाएं। 65 साल से अधिक के बुजुर्ग, दस साल से छोटे बच्चे एवं गर्भवती महिलाओं को घर पर रहने की सलाह दी गई है।

नवरात्रि में मूर्ति विसर्जन के स्थान तय करने होंगे। विसर्जन के दौरान बेहद कम लोगों को मंजूरी दी जाएगी। पंडालों में रिकॉर्ड गीत बजाने की मंजूरी होगी। मगर गायन समूहों को मंजूरी नहीं मिलेगी।

इसके अलावा कार्यक्रम स्थल की पहचान कर कार्य योजना तैयार करनी होगी। मूर्ति विसर्जन, रैली में निर्धारित संख्या से अधिक लोगों को मंजूरी नहीं, लंबी दूरी की रैली और जुलूस में एंबुलेंस सेवा जरूरी, थियेटर और सिनेमा कलाकारों के लिए जारी गाइड लाइन स्टेज कलाकारों पर भी लागू रहेगी। थर्मल स्क्रीनिंग, सामाजिक दूरी का कराना होगा पालन, सेनेटाइजेशन का पुख्ता इंतजाम करना होगा।

सिलेबस में 30 फीसदी कटौती के साथ परीक्षा देंगे छात्रः मीनाक्षी सुंदरम

कोरोना महामारी के बीच छात्रों के लिए राहत देने वाली खबर है। संक्रमण के चलते विद्यालयों के बंद रहने की वजह से उत्तराखंड सरकार ने सिलेबस में 30 फीसदी कटौती करने का निश्चय कर दिया है। शिक्षा सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम ने इसके आदेश जारी कर दिए है। इस आदेश के अनुसार राज्य में एनसीईआरटी के स्तर से सिलेबस इस वर्ष 70 फीसदी ही रहेगा।

इस क्रम में वर्ष 2020-21 शैक्षिक सत्र में गृह और बोर्ड परीक्षाएं करवाई जाएंगी। यह फैसला शिक्षा विभाग की ओर से संचालित सरकारी, अशासकीय सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त स्कूलों पर लागू होगा। शिक्षा सचिव ने बताया कि पहली से आठवीं तक एनसीईआरटी से तय सिलेबस लागू किया जाएगा। नौवीं से 12वीं तक का सिलेबस विद्यालयी शिक्षा परिषद की ओर से तय होगा।

उत्तराखंड में पहली से 12वीं तक एनसीईआरटी किताबें लागू हैं। लेकिन राज्यस्तर से भी कुछ किताब पढ़ाई जातीं हैं। इन किताबों में भी तीस फीसदी की कटौती होनी है। सचिव ने कहा, परीक्षा को देखते हुए जरूर सिलेबस में कटौती हो गई है।

स्वस्थ समाज के लिए गर्भवती महिलाओं व नवजात शिशुओं की बेहतर देखभाल की जरूरत

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत प्रदेश में गर्भवती महिलाओं एवं नवजात शिशुओं को साफ-सफाई आदि से सम्बन्धित सामग्री किटों की वितरण योजना सौभाग्यवती का शीघ्र ही शुभारम्भ करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि गर्भवती महिलाओं एवं नवजात शिशुओं को उचित देखभाल के साथ ही उन्हें उचित पुष्टाहार दिये जाने की व्यवस्था की गई है। अब उन्हें पौष्टिक आहार के साथ ही सफाई के प्रति प्रेरित करने की आवश्यकता है। इसी के दृष्टिगत गर्भवती महिलाओं एवं नवजात शिशुओं को दैनिक उपयोग की सामग्री आदि अलग-अलग किटों में तैयार कर प्रदान किये जाने की व्यवस्था की जा रही है। इससे उनके स्वास्थ्य एवं रहन सहन में निश्चित रूप से बदलाव आयेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वस्थ समाज के लिये गर्भवती महिलाओं एवं नवजात शिशुओं की बेहतर देखभाल समय की जरूरत है।

महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग द्वारा गर्भवती महिलाओं को सौभाग्यवती योजना के तहत दिये जाने वाली किट में 250 बादाम गिरी-सुखी खुमानी-अखरोट, 500 ग्राम छुआरा, 02 कॉटन गाउन-साड़ी-सूट, 01 शॉल गर्म फुल साईज, 01 स्कॉर्फ कॉटन-गर्म स्टेन्डर्ड साइज, 02 जोड़े जुराब स्टैण्डर्ड साइज, 01 तौलिया बड़े साइज का, 02 पैकेट सैनिटरी नैपकिन (08 प्रति पैकेट), 02 जोड़े बेड शीट (तकिये के कवर सहित), 01 नेल कटर, 01 नारियल-तिल-सरसों-चुलू का तेल, 200 एम.एल हैण्डवाश लिक्विड, 02 कपड़े धोने का साबुन 02 नहाने का साबुन शामिल रहेगा।

शिशुओं के लिये को दी जाने वाली किट में 02 जोड़े शिशु के कपड़े (सूती या गर्म-मौसम के अनुसार) टोपी और जुराब सहित, 01 पैकेट (10 पीस) कॉटन डाइपर, 01 बेबी तौलिया कॉटन सॉफ्ट, 03 बेबी साबुन, 01 तेल, 01 पाउडर, 02 बेबी ब्लैंककेट गर्म अथवा कॉटन (मौसम अनुसार), 01 रबर शीट, 01 समस्त सामग्री पैक करने हेतु सूती बैग शामिल रहेगा।
प्रदेश में शुरू की जाने वाली सौभाग्यवती योजना में आयकर देने वाले तथा सरकारी सेवकों के आश्रित शामिल नहीं रहेंगे। किट में स्थानीय पहनावों एवं मौसम के अनुकूल वस्त्र तैयार कर दिये जाने की भी व्यवस्था रहेगी।

क्लीन गंगा के तहत मुनिकीरेती स्लज मैनेजमेंट प्लांट परियोजना के लिए मिले 8 करोड 67 लाख रूपए

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने जल शक्ति मंत्रालय के नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा द्वारा नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत चोरपानी, मुनिकीरेती में स्लज मैनेजमेंट प्लांट परियोजना के लिए आठ करोड़ 67 लाख रूपये की प्रशासनिक और व्यय की स्वीकृति के साथ ही उत्तराखण्ड वन विभाग को ‘फोरेस्ट्री इनटरवेंशन फॉर गंगा’ के लिये 39 करोड़ 95 लाख 58 हजार रूपये की धनराशि स्वीकृत करने के लिये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत का आभार व्यक्त किया है।

जल शक्ति मंत्रालय के नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा द्वारा नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत चोरपानी, मुनिकीरेती में स्लज मैनेजमेंट प्लांट परियोजना के लिए 8 करोङ 67 लाख रूपये की प्रशासनिक और व्यय की स्वीकृति दी गई है। यह योजना शत प्रतिशत केन्द्र पोषित होगी। इस सम्बन्ध में स्पष्ट किया गया है कि स्वीकृति के दिनांक से चार माह के भीतर परियोजना अवार्ड कर दी जानी होगी, जबकि अवार्ड किए जाने के बाद 6 माह में इस परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। उत्तराखंड पेयजल निगम इसकी कार्यदायी संस्था होगी।

इसके साथ ही जल शक्ति मंत्रालय के नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा द्वारा उत्तराखंड के वन विभाग को ‘फोरेस्ट्री इनटरवेंशन फॉर गंगा’ के लिए नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत वर्ष 2020-21 के लिए 39 करोङ 95 लाख 58 हजार रूपये की प्रशासनिक और व्यय की स्वीकृति प्रदान की है। शत-प्रतिशत केंद्र पोषित इस परियोजना का उद्देश्य स्वच्छ गंगा में योगदान करना है। विशेष रूप से नदी क्षेत्र में भूगर्भीय व पारिस्थितिकीय पूर्णता को बनाए रखते हुए अनंत वन धारा विकसित करने का कार्य इसमें शामिल है।

नगर निगम ऋषिकेश में नामित पार्षदों को मेयर अनिता ने दिलाई शपथ

ऋषिकेश नगर निगम की प्रथम मेयर अनिता ममगाईं ने शासन द्वारा नामित पार्षदों को शपथ दिलाई। मेयर ने सभी आठों पार्षदों ने शपथ ग्रहण कर कर्तव्यनिष्ठा की शपथ लेने के साथ पूरी निष्ठा के साथ काम करने की बात कही।

स्वर्ण जयंती सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मेयर अनिता ममगाईं ने नामित पार्षद प्रमोद शर्मा, प्रदीप कोहली, ऋषिकांत गुप्ता, राजू नरसिम्हा, संजीव पाल, कमला गुनसोला, अनीता प्रधान, कमलेश जैन को कर्तव्य निष्ठा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने की शपथ दिलाई। मेयर ने सभी पार्षदों का स्वागत करते हुए अपील की, कि नगर की तमाम योजनाओं एवं विकास कार्यों में दलगत राजनीति से ऊपर उठकर नामित पार्षद अपना पूर्ण सहयोग करेंगे।

नगर आयुक्त नरेंद्र सिंह क्वीरियाल ने नामित पार्षदों का अभिनंदन करते हुए कहा कि आज निगम के परिवार में और वृद्धि हुई है। नव पार्षदों का हमारे नगर निगम परिवार में स्वागत है। हमारा परिवार बढ़ रहा है। आज से हमारे नगर निगम में 48 पार्षद नए शामिल हो गए है। निश्चित ही हम सभी मिलकर जनता को अब और बेहतर ढंग से प्रभावी सेवाएं दे सकेंगे। सहायक नगर आयुक्त विनोद लाल के संचालन में आयोजित अधिष्ठापन समारोह में पार्षद मनीष शर्मा, विजय बडोनी, विजेन्द्र मोघा, भगवान सिंह पंवार, विकास तेवतिया, जगत सिंह नेगी, राकेश सिंह मियां, देवेंद्र कुमार प्रजापति, राजेश दिवाकर, नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के कार्यकारी अध्यक्ष संजय व्यास, युवा व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष प्रतीक कालिया, भाजपा जिला मंत्री पंकज शर्मा, भाजपा मंडल मंत्री सुनील उनियाल, रमेश अरोड़ा, गौरव कैंथोला, प्रिया ढकाल आदि मौजूद रहे।

लाॅकडाउन में असहाय लोगों की मदद करने वाले राहुल दयाल हुए सम्मानित

कोविड 19 महामारी में लाॅकडाउन के दौरान जरूरतमंद लोगों को उनके घर तक राशन, सेनेटाईजर, साबुन, मास्क, ग्लब्स बांटे जा रहे थे। उसी क्रम में नेशविला रोड़ निवासी राहुल दयाल ने भी इस महामारी के दौरान असहाय लोगों की हरसंभव मदद की। इसके अलावा उन्होंने देहरादून पुलिस विभाग जो इस महामारी के समय लोगों की मदद कर रही थी उनको भी जरूरत का सामान जैसे मास्क, साबुन व सेनेटाईजर आदि दिये।

राहुल दयाल के इस प्रयास के लिए डीआईजी व एसएसपी देहरादून अरूण मोहन जोशी व एसपी क्राईम लोकजीत सिंह द्वारा प्रशस्ति पत्र दिया गया।

मौके पर राहुल दयाल ने कहा कि वे आगे भी पुलिस विभाग व देहरादून के नागरिकों की हरसंभव सेवा करने का प्रयास करेंगे।