उच्च गुणवत्ता की शिक्षा के साथ अटल आदर्श विद्यालय की स्थापना की जाए

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक ब्लाॅक में दो-दो अटल आदर्श विद्यालय स्थापित किए जाएं। इन विद्यालयों में जिन स्कूलों से शिक्षक स्थानान्तरित होकर आयेंगे। यह ध्यान रखा जाए कि उन विद्यालयों में पढ़ाई-लिखाई शिक्षकों के अभाव में किसी भी प्रकार से बाधित न हो।

अटल आदर्श विद्यालयों में हिंदी व अंग्रेजी दोनो माध्यम का विकल्प हो
मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल आदर्श विद्यालयों की स्थापना, उच्च गुणवत्ता की शिक्षा के सभी मानक पूरे करते हुए की जाए। इनसे ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले गरीब बच्चों को गुणवत्तापरक शिक्षा के समान अवसर मिल सकेंगे। इन विद्यालयों में हिंदी व अंग्रेजी दोनों माध्यमों का विकल्प बच्चों को उपलब्ध हो। स्पोकन इंग्लिश पर विशेष ध्यान दिया जाए। विज्ञान की प्रयोगशाला, सभी आवश्यक उपकरणों से सुसज्जित हो।

174 विद्यालय किए गए अटल आदर्श विद्यालय हेतु चिन्हित
बैठक में बताया गया कि 174 विद्यालयों को अटल आदर्श विद्यालय के रूप में विकसित करने के लिए चिन्हित कर लिया गया है। इनमें से 108 विद्यालयों में वर्चुअल क्लास की सुविधा उपलब्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां भी अटल आदर्श विद्यालय बनाए जाएं वहां स्थानीय स्थापत्य और सामग्री का प्रयोग किया जाए। बैठक में थानो में प्रस्तावित अटल आदर्श विद्यालय के डिजायन आदि से भी अवगत कराया गया।

वोकल फाॅर लोकलः ग्रामीण ग्रोथ सेंटर की संकल्पना को साकार करने में सीएससी सेंटर की अहम भूमिका

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि ‘’वोकल फाॅर लोकल’’ के अन्तर्गत स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से मंच उपलब्ध कराया जा सकता है तथा राज्य सरकार की ग्रामीण ग्रोथ सेंटर की संकल्पना को साकार करने में भी कॉमन सर्विस सेंटर महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। युवाओं को उन्हीं की ग्राम पंचायतों से विश्व स्तरीय शिक्षण संस्थानों तथा अन्तरराष्ट्रीय संस्थाओं द्वारा चलाये जा रहे ऑनलाईन शैक्षिक कार्यक्रमों हेतु भी कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से मंच उपलब्ध कराया जाये। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सचिवालय में पंचायतीराज विभाग की समीक्षा की।

पंचायतीराज विभाग द्वारा बैठक के दौरान डिजिटल इण्डिया कार्यक्रम तथा ई-गवर्नेंस में हेल्प डेस्क प्रणाली तथा आईटीडीए के माध्यम से सीएससी-एसपीवी के द्वारा सभी 662 न्याय पंचायतों में कॉमन सर्विस सेंटर को प्रारम्भ किये जाने की योजना का प्रस्तुतिकरण किया गया। जानकारी दी गई कि हेल्प डेस्क प्रणाली के तहत केन्द्रीय मध्यस्थ सहायता सेवा प्रणाली विकसित किया जाना प्रस्तावित है, जिसके अन्तर्गत एक केन्द्रीय नियंत्रण प्रणाली तैयार की जायेगी, जो विभागीय अधिकारियों एवं स्थानीय ग्रामीण निकायों को सहायता एवं सेवा प्रदान करेगी। हेल्प डेस्क प्रणाली के मुख्य कार्यों में त्रिस्तरीय पंचायतों में प्रतिनिधियों एवं जनसामान्य हेतु हेल्प डेस्क सेवा तथा रेखीय विभागों के साथ समन्वय हेतु तंत्र का विकास सम्मिलित है। पंचायतों में कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से ई-डिस्ट्रिक्ट सेवाओं के तहत प्रमाण पत्र से सम्बन्धित विभिन्न सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।

नौ अक्टूबर के राज्य के बाद चार जिलों में छा सकते हैं आंशिक बादल

उत्तराखंड में मौसम फिलहाल साफ रहेगा। मौसम केंद्र देहरादून के अनुसार, नौ अक्टूबर के बाद चमोली, रूद्रप्रयाग, उत्तरकाशी व पिथौरागढ़ में आसमान में आंशिक बादल छाए रहेंगे। मगर, बारिश का अभी अनुमान नहीं है। मौसम केंद्र के निदेशक विक्रम सिंह के अनुसार, दस दिनों के बाद राज्य के कुछ जिलों में मौसम में परिवर्तन हो सकते है।

राज्य का वर्तमान में अधिकतम तापमान 33-35 के बीच स्थिर चल रहा है, जबकि न्यूनतम तापमान भी 14 के आसपास है। अनलाॅक-5 के बाद पर्यटक काफी संख्या में उत्तराखंड पहुंच रहे हैं। पर्यटकों के आगमन पर मौसम रुकावट नहीं बनेगा। वहीं, पहाड़ी जिलों में बारिश न होने से चारधाम यात्रा भी बाधित नहीं होगी।

माटी कला के लिए प्रदेश में खुलने प्रशिक्षण केंद्र, मिट्टी गूंथने वाली 200 मशीनें दी जाएंगी

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मोथरावाला रोड, स्थित माटी कला बोर्ड कार्यालय में मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के अन्तर्गत कुम्हारी कला के लिए विद्युत चालित चाक वितरित किये। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि माटी कला के लिए प्रदेश में एक प्रशिक्षण केन्द्र खोला जायेगा। माटी कला बोर्ड को मिट्टी गूंथने वाली 200 मशीने दी जायेंगी। उन्होंने कहा कि मिट्टी के कार्यों से जुड़े शिल्पकारों का एक डाटा बेस बनना चाहिए। ऐसे स्थान चिन्हित किये जाय जहां पर इस शिल्प पर आधारित कार्य अधिक हो रहे हैं एवं मिट्टी के उपकरण बनाने के लिए उपयुक्त मिट्टी वाले स्थानों को चिन्हित करना जरूरी है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि तकनीक के साथ इस शिल्प को कैसे और उभारा जा सकता है, इस दिशा में प्रयासों की जरूरत है। युवा पीढ़ी आधुनिक तकनीक के कार्यों के महत्व को जानती है। हमें अपनी विशेषज्ञता वाले कार्यों से अपनी पहचान को बढ़ाना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्लास्टिक प्रतिबंधित होने से मिट्टी के उपकरणों की डिमांड बढ़ी है। त्योहारों का सीजन और उसके बाद हरिद्वार कुंभ में मिट्टी के उपकरणों की डिमांड बहुत तेजी से बढ़ेगी। बाजार की मांग के हिसाब से पूर्ति की व्यवस्था हो। उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यालयों में भी मिट्टी के उपकरणों एवं गमलों के इस्तेमाल के लिए प्रोत्साहित किया जायेगा।

विधायक विनोद चमोली ने कहा कि माटी के कार्य से जुड़े लोगों के जीवन स्तर में सुधार की दिशा में सरकार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि इन कार्यों को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न मेलों में माटी कला बोर्ड के स्टॉल लगने चाहिए। जिससे इस कार्य से जुड़े लोगों को अपने उत्पादों को बेचने में मदद मिलेगी।

माटी कला बोर्ड के उपाध्यक्ष शोभाराम प्रजापति ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा जो भी जन कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं, सभी योजनाओं में गरीबों के हितों का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। उन्होंने मिट्टी के कार्य से जुड़े लोगों की प्रमुख समस्याओं के बारे में जानकारी दी।

अब आवारा पशुओं से मुक्त होगा ऋषिकेश नगर निगम

नगर निगम ऋषिकेश ने क्षेत्र के मुख्य मार्गों सहित संकरी गलियों में परेशानी का सबब बन रहे आवारा पशुओं पर अब लगाम लग सकेगी। इस आवारा पशुओं को लेकर मेयर अनिता ममगाईं ने गैंडीखाता खाता (हरिद्वार) स्थित कृष्णायन आश्रम में पहुंचकर महंत ईश्वर दास से मुलाकात की। मेयर ने महंत से ऋषिकेश के निराश्रित पशुओं को आश्रम में पनाह देने का आग्रह किया। बताया कि तमाम प्रयासों के बावजूद अभी ऋषिकेश नगर निगम में निराश्रित पशुओं के लिए कांजी हाऊस की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। मेयर के आग्रह पर महंत ने हामी भरते हुए कहा कि आश्रम उनकी हर संभव सहायता करेगा। इस पर मेयर ने उनके सहयोग का उनका आभार व्यक्त किया।

मेयर अनिता ने बताया कि अब जल्द ही नगर में लोगों के लिए परेशानी बने आवारा पशुओं की धरपकड़ के लिए नगर निगम प्रशासन अभियान शुरू करेगा। कैटल कैचर वाहन के साथ सड़क पर निगम कर्मियों की विभिन्न टीमों को उतारकर आवारा और निराश्रित पशुओं को पकड़कर गैंडीखाता आश्रम पहुंचाया जाएगा। महापौर ने बताया कि पूर्व में भी ऋषिकेश नगर निगम द्वारा 200 निराश्रित पशुओं को गैंडीखाता आश्रम भिजवाया गया था लेकिन शहर में आवारा पशुओं की बढ़ती तादाद और कांजी हाऊस की व्यवस्था न होने की वजह समस्या का स्थाई समाधान ना हो सका। उन्होंने बताया चारधाम यात्रा के प्रवेशद्वार तीर्थ नगरी मैं बाहर से कोई आवारा पशुओं को नहीं छोड़े, इसके लिए निगम की निगरानी टीम गठित की गई है, जो सीधे मुख्य नगर आयुक्त को रिपोर्ट करेगी।

मास्क और सोशल डिस्टेंस की माॅनेटरिंग की जिम्मेदारी ले एसडीएम और सीओः सीएम

कोविड-19 पर प्रभावी नियंत्रण के लिए आने वाले कुछ माह और चुनौतीपूर्ण होंगे। इस चुनौती से निपटने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की जाए। पिछले एक सप्ताह में प्रदेश में कोविड पाॅजिटव केस कम आये हैं, लेकिन ऐसे समय में और सतर्कता बरतने की जरूरत है। मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का सभी जगह पूर्ण रूप से पालन हो, ताकि संक्रमण को रोका जा सके। मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग की नियमित माॅनेटरिंग की जाय। इसके लिए संबंधित क्षेत्र के उपजिलाधिकारी एवं पुलिस क्षेत्राधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाय। किसी क्षेत्र में इस तरह की शिकायत आती है, तो सबंधित अधिकारियों पर कार्यवाही भी की जाय। कोविड से बचाव के लिए आम जन के व्यवहार में परिवर्तन लाना होगा। कोविड के सबंध में सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से भ्रामक प्रचार करने वालों पर एफआईआर की जाय। ऐसे लोगों पर सख्त कारवाई भी की जाय। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सचिवालय में कोविड की बैठक के दौरान वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से यह निर्देश सभी जिलाधिकारियों एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दिये।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि कोविड पर प्रभावी नियंत्रण के लिए विभिन्न माध्यमों से जन जागरूकता अभियान चलाया जाय। कोविड से बचाव हेतु जागरूकता के लिए प्रमुख हस्तियों एवं गणमान्य व्यक्तियों के वीडियो एवं आॅडियो संदेश बनाये जाय। इससे समाज पर अच्छा प्रभाव पड़ता है। कोविड से बचाव के लिए जागरूकता के लिए आॅनलाईन लेख प्रतियोगिता, कार्टून प्रतियोगिता एवं इस तरह की अन्य गतिविधियां की जाय। इन प्रतियोगिताओं के लिए जनपद एवं राज्य स्तर पर पुरस्कार भी दिये जाय। धार्मिक स्थलों, भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर कोविड से बचाव हेतु सुरक्षात्मक उपायों के लिए स्थाई होर्डिंग लगाई जाय। अब अनेक गतिविधियों के लिए छूट मिल चुकी है। राज्य में पर्यटकों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। यह सुनिश्चित किया जाय कि पर्यटकों के साथ सबका शालीनता पूर्वक व्यवहार हो। पर्यटक स्थलों पर थर्मल स्क्रीनिंग और सैंपल टेस्टिंग के लिए बूथ बने।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि को-माॅर्बिड एवं डाइबिटीज के मरीजों के कोविड से बचाव के लिए विशेष सुरक्षात्मक उपाय भी किये जाय। हाई रिस्क लोगों की शत प्रतिशत सैंपलिंग की जाय। यह सुनिश्चित किया जाय कि जो लोग एंटीजन टेस्ट में सिंपटमैटिक हैं, उन सबका आरटीपीसीआर या ट्रू-नाॅट टेस्ट हो। होम आइसोलेशन में रहने वाले लोगों की नियमित निगरानी की जाय। स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा घरों में जाकर पूरी जानकारी ली जाय, स्वास्थ्य किट की भी पूरी जानकारी मरीजों को दी जाय। सभी विभागों द्वारा कोविड से बचाव के उपायों का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाय।

200 दर्शकों की संख्या के साथ सिनेमा हाॅल खोलने की छूट


मुख्य सचिव उत्तराखंड ओम प्रकाश ने अनलॉक-5 में नई गाइडलाइन जारी कर दी है। कंटेनमेंट जोन से बाहर इलाकों के लिए लगभग सारी छूट मिल गई हैं। राज्य सरकार तीन चरणों में स्कूल खोलना का प्लान कर रही है। सिनेमा, थियेटर, मल्टीपलेक्स 50 प्रतिशत क्षमता के साथ 15 अक्टूबर से खुलेंगे। इसके अलावा स्विमिंग पूल को भी खिलाड़ियो की ट्रेनिंग के लिए खोला जाएगा। शादी व अन्य सामाजिक, शैक्षिक, खेल, मनोरंजन, सांस्कृतिक, धार्मिक, राजनीतिक कार्यक्रमों में 100 लोग शामिल हो सकेंगे। हालांकि किसी बंद हॉल में 50 प्रतिशत क्षमता के अनुसार लोगों को एंट्री मिलेगी जो 200 से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। इस दौरान मास्क का उपयोग अनिवार्य है। 15 अक्तूबर से सशर्त खुल सकेंगे स्कूल-कॉलेज, ऑनलाइन शिक्षा व्यवस्था जारी रहेगी। शिक्षा विभाग सभी स्कूलों, शिक्षण संस्थाओं के प्रबंधन, अभिभावकों आदि से बातचीत कर फैसला करेगा।

कोचिंग इंस्टीटयूट को 15 अक्तूबर से खोलने के अनुमति संबंधित जिलाधिकारियों की ओर से दी जाएगी। जिलाधिकारी यह फैसला कोचिंग इंस्टीट्यूट के प्रबंधन से बातचीत और स्थिति का आकलन करने के बाद लेंगे। उत्तराखंड में होटल और होम स्टे में न्यूनतम अवधि के निवास का कोई प्रतिबंध नहीं होगा। होटल होम स्टे में चेक इन से पहले कोविड निगेटिव टेस्ट रिपोर्ट की जरूरत नहीं होगी।

राज्य में अंतर्जनपदीय आवागमन के लिए स्मार्ट सिटी की वेबसाइट पर पंजीकरण कराना होगा। किसी को भी क्वारंटीन नहीं होना होगा। कोविड पाए गए तो क्वारंटीन होना होगा। राज्यों के बीच आवागमन के लिए स्मार्ट सिटी की वेबसाइट पर पंजीकरण कराना होगा। जिला प्रशासन थर्मल स्कैनिंग की व्यवस्था करेगा। पांच दिन से अधिक समय के लिए बाहर जाने पर 10 दिन का होम क्वारंटाइन होने होगा।

प्रदेश से पांच दिन तक बाहर जाने वालों को लौटने पर होम क्वारंटाइन से छूट दी जाएगी। पांच दिन से अधिक समय के लिए बाहर जाने वाले को लौटने पर 10 दिनों के लिए होम क्वारंटाइन रहना होगा। उत्तराखंड के भीतर एक से दूसरे जिले में आने-जाने पर कोई रोकटोक नहीं होगी लेकिन उनके लिए पंजीकरण अनिवार्य है।
सरकारी कार्य से आने वाले केंद्रीय मंत्री, राज्यमंत्री, मुख्य न्यायाधीश, सुप्रीम और हाईकोर्ट के न्यायाधीश, विधिक अधिकारी, एडवोकेट जनरल, सरकारी वकील, राज्य व केंद्र सरकार के अधिकारी आदि को क्वारंटाइन से छूट रहेगी। उच्च शिक्षा में पीएचडी, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के स्नातकोत्तर विद्यार्थी प्रयोग के लिए 15 अक्तूबर से कॉलेज जा सकेंगे। राज्य विवि व निजी विवि, उच्च शिक्षा विभाग के निर्देश पर केवल कॉलेज जाने की अनुमति केवल प्रयोगात्मक कार्यों के लिए होगी।

सीएम ने दिया निर्देश 100 दिनों में सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में पानी का कनेक्शन दें

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शासन के वरिष्ठ अधिकारियों और जिलाधिकारियों के साथ जल जीवन मिशन की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि जल जीवन मिशन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए लक्ष्यों को निर्धारित अवधि में पूरा करना सुनिश्चित करें। हर जिलाधिकारी के पास शाम को यह सूचना होनी चाहिए कि उनके जिले में उस दिन कितने घरों को पानी का कनेक्शन दिया गया। इस सूचना से जिलाधिकारी, शासन को भी नियमित रूप से अवगत कराएं। रोजाना के टार्गेट तय कर मिशन मोड में काम किया जाए।

जल जीवन मिशन के लिए पूरे कमिटमेंट से काम हो
मुख्यमंत्री ने कहा कि जल जीवन मिशन प्रधानमंत्री का प्रमुख कार्यक्रम है। ग्रामीण क्षेत्रों में सभी घरों में पानी का कनेक्शन के साथ ही समुचित पेयजल की उपलब्धता और इसकी गुणवत्ता भी सुनिश्चित करनी है। इसमें सभी को मिलकर अधिक मेहनत और कमिटमेंट के साथ काम करना होगा। जल्द से जल्द विलेज एक्शन प्लान तैयार कर उसके अनुरूप काम किया जाए। प्रधानमंत्री ने राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में 1 रूपए में पानी का कनेक्शन दिए जाने की प्रशंसा कर हम सभी का उत्साह बढ़ाया है। अब हमें दोगुने उत्साह से काम करना है।

100 दिनों में सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में पानी का कनेक्शन
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के निर्देशों के अनुसार 2 अक्टूबर से 100 दिनों के अंदर सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में पानी का कनेक्शन सुनिश्चित किया जाए। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

दिसम्बर 2021 तक हर ग्रामीण घर में पानी का कनेक्शन
सचिव पेयजल नीतेश झा ने बताया कि प्रदेश में जल जीवन मिशन के तहत चार माईलस्टोन निर्धारित किए गए हैं। पहले माईल स्टोन के तहत लक्ष्य को और भी कम समय में हासिल करने की योजना है। अब प्रत्येक ग्रामीण घर में पानी का कनेक्शन दिसम्बर 2021 तक पहुंचाना है। इस वित्तीय वर्ष में कोरोना जैसी विषम परिस्थितियां होने पर भी 30 सितम्बर तक 61 हजार से अधिक पानी के कनेक्शन दिए जा चुके हैं। प्रदेश में कुल गांव 15218 हैं। इनमें से 623 गांव ऐसे हैं जहां पानी की लाइन नहीं गई है। जबकि कुल 14 लाख 61 हजार 910 घरों में से 2 लाख 78 हजार 124 घरों में पानी का कनेक्शन है। देहरादून और बागेश्वर के जिन गांवों में पानी की लाइन पहुंची हुई है, वहां इस वर्ष 25 दिसम्बर सुशासन दिवस तक सभी ग्रामीण घरों को पानी का कनेक्शन सुनिश्चित किया जाना है। अल्मोड़ा, चम्पावत, चमोली, नैनीताल, पौड़ी, पिथौरागढ़, रूद्रप्रयाग, टिहरी और उत्तरकाशी में पानी की लाइन वाले गांवों में 26 जनवरी 2021 तक सभी घरों को पानी का कनेक्शन उपलब्ध करवा देना है। हरिद्वार और ऊधमसिंहनगर जिले को यह लक्ष्य 31 मार्च 2021 तक पूरा कर लेना है। सभी एससी व एसटी गांवों को मार्च 2021 तक कवर करना है। जिन गांवों में पानी की लाइन नहीं है, वहां 30 सितम्बर 2021 तक लक्ष्य हासिल करना है।

प्रति व्यक्ति प्रति दिन 55 लीटर पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी
दूसरे माईल स्टोन के तहत पर्याप्त मात्रा में पेयजल की उपलब्धता के लिए प्रति व्यक्ति प्रति दिन 55 लीटर पानी सुनिश्चित किया जाएगा।

पेयजल की क्वालिटी बीआईएस रू 10500 मानक के अनुरूप
तीसरे माईल स्टोन के तहत पेयजल की क्वालिटी सुनिश्चित की जाएगी। इसमें भारत सरकार के पानी की गुणवत्ता के बीआईएस रू 10500 मानक को पूरा किया जाएगा। इसके लिए वाटर क्वालिटी लैब स्थापित कर उनकी मान्यता एनएबीएल से ली जाएगी। सभी वाटर लैब आम जन के लिए खुली रहेंगी। इनमें कोई भी व्यक्ति आकर अपने पानी के सैम्पल की गुणवत्ता की जांच करा सकेगा। ग्रामीण स्तर पर फील्ड टेस्ट किट उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके लिए कुछ ग्रामीणों को प्रशिक्षित भी किया जाएगा।

चैथे माईल स्टोन के तहत प्रधानमंत्री के दिए गए लक्ष्य के अनुरूप 2 अक्टूबर से 100 दिनों के भीतर सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में पानी का कनेक्शन उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही ग्रे वाटर मैनेजमेंट और स्प्रिंग शैड मैनेजमेंट भी किया जाएगा।

हल्द्वानी में सीएम बोले, प्रदेश में भ्रष्टाचार मुक्त व पारदर्शी सरकार देना हमारा लक्ष्य

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत द्वारा हल्द्वानी तहसील प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम में 11936.77 लाख की 62 योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। जिसमें 20 योजनाओं लागत 3163.56 लाख की धनराशि का लोकार्पण तथा 42 योजना लागत 8773.21 लाख की योजनाओं का शिलान्यास किया गया तथा प्लाज्मा डोनर राहुल दानी, तारा कोरंगा व 6 गरीब अनाथ बच्चियों कोमल राणा, कान्ता आर्या, अर्चना भारती, चन्द्रकला, केसिया गोरखा तथा फेबा गोरखा को उनकी पढाई हेतु 4 लाख 93 हजार के चेक वितरित किये।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रदेश में भ्रष्टाचार मुक्त एवं पारदर्शी सरकार देना हमारा लक्ष्य है। मुख्यमंत्री समाधान पोर्टल 1905 में प्राप्त 30 हजार समस्याओं का समाधान किया गया है। प्रदेश में 500 विद्यालयों में ऑनलाईन शिक्षा दी जा रही है। उन्होने कहा कि सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़को पर बेहतर कार्य किये हैं। सरकार द्वारा स्वरोजगार देने के ज्यादा से ज्यादा प्रयास किये जा रहे हैं। प्रदेश में स्वरोजगार की पर्याप्त सम्भावनाएं ह,ै प्रदेश में चीड की पत्तियों से विद्युत उत्पादन प्रारम्भ हो चुका है, प्रदेश की चीड के जंगलों से 200 मेगावाट विद्युत उत्पादन सामथ्र्य है तथा 40 हजार लोगों को रोजगार देने की भी सामथ्र्य है। उन्होने कहा कि 10 हजार व्यक्तियों को चीड़ की पत्तियों से विद्युत उत्पादन हेतु स्वरोजगार से जोड़ा जायेगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड पर्यटन प्रदेश है, राज्य सरकार स्वरोजगार हेतु 10 हजार नौजवानों को बाईक के लिए ऋण देगी तथा 02 वर्ष तक ब्याज सरकार वहन करेगी, साथ ही 03 माह में 25 हजार लोगो को कैम्पा योजना के तहत रोजगार दिया जायेगा। फसलों को बन्दरों से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए जनपदों में 04 बन्दरवाडे बनाये जायेगे, जिसका शिलान्यास 09 नवम्बर राज्य स्थापना दिवस पर किया जायेगा। जिनकी क्षमता 30 हजार बन्दरों को रखने की होगी। चिकित्सा विभाग को और सुदृढ़ किया जायेगा, 720 चिकित्सकों व 1000 नर्सो की शीघ्र भर्ती की जायेगी।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि मेडिकल कॉलेज के निर्माणाधीन ऑडिटोरियम हेतु 08 करोड़ की धनराशि अवमुक्त कर दी गई है। आई बैक के लिए 32 करोड तथा पनचक्की चैराहे से काठगोदाम तक सडक निर्माण हेतु 8 करोड की धनराशि स्वीकृत कर दी है। कैंसर रिसर्च इंस्टिटूट के लिए भूमि का ऑनलाइन प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा गया है स्वीकृति मिलते ही कार्य प्रारम्भ किया जायेगा। उन्होने कहा कि हल्द्वानी चिडियाघर एवं आईएसबीटी हेतु भूमि चयन कर वनभूमि हस्तान्तरण प्रस्ताव ऑनलाइन भारत सरकार को भेजा गया है तथा 1822 करोड से बनने वाले हल्द्वानी रिंग रोड का प्रस्ताव भी स्वीकृति हेतु भारत सरकार को भेजा गया है। जिसकी 5 अक्टूबर को केन्द्र सरकार मे महत्वपूर्ण बैठक भी है।

मुख्यमंत्री ने जनपद के विभिन्न पर्यटन में म्यूरल्स में लागत 50.56, आयुर्वेदिक चिकित्सालय भवन निमार्ण कालाआगर में लागत 51.46, माध्यमिक शिक्षा प्रयोगशाला रा.उ.मा.वि. किशनपुर निर्माण कार्य लागत 86.79, रा.उ.मा.वि. शिवपुर बैलजुडी रामनगर में लगात 102.34, रा.आ.इ.का. सुन्दरखाल धारी में लागत 27.85, रा.आ.इ.का. लामाचैड़ लगात 18.72, एन.आर.एल.एम. तहसील हल्द्वानी में कैन्टीन का निर्माण में लागत 7.70, सिंचाई विभाग नाबार्ड योजना के अन्तर्गत जनपद नैनीताल के विकास खण्ड कोटाबाग एंव रामनगर में 70.60 किमी लम्बी सिचांई गूलों के निर्माण में लागत 1092.02, नाबार्ड योजना के अर्न्तगत विकास खण्ड भीमताल, धारी, रामगढ़ में 64.07 किमी पर्वतीय नहरों का पुनरोद्धार व 2.65 किमी गूलों का निर्माण तथा 37 संख्या सिचांई टैकों की योजनाओं की लागत 607.04, विकास खण्ड बेतालघाट में 62.60 किमी नहरों का पुनरोद्धार, लाईनिंग एंव 11 संख्या सिचाई टेकों का निमार्ण योजना में लागत 738.45, बलियानाला में भू-स्खलन से आये मलवे की रोकथाम की योजना में लागत 86.60, पशुपालन विभाग में निराश्रित दुर्घटना ग्रस्त पशुओं की सहायतार्थ आपातकालीन वाहन के शुभारम्भ से संबंधित सूचना में लागत 10.70 एनआर.एल.एम. राष्ट्रीय ग्रामीण आजिविका मिशन के अन्तर्गत गठित स्वंय सहायता समूहों द्वारा संचालित 11 हिलान्स आउट्लेटस निर्माण में लागत 33.15, पर्यटन विभाग में जिला योजना के अन्तर्गत ट्रेक रूट सौन्दर्यीकरण हाईटैक शौचालय निमार्ण कार्य में लागत 67.85,चिकित्सा एंव स्वास्थ्य जिला योजना के अन्तर्गत सोबन सिंह जीना बेस चिकित्सालय हेतु 05 वेन्टीलेटरों की स्थापना में लागत 51.95, बीडी पाण्डे पुरूष चिकित्सालय हेतु कलर डॉप्लर अल्ट्रासाउण्ड मशीन की स्थापना लागत 17.84, निर्माण खण्ड लोनिवि जिला खनिज फाउन्डेशन न्यास मद के अन्तर्गत महिला चिकित्सालय से सरस बाजार तक डिवाईडर के ऊपर रैलिंग लगाने का कार्य नैनीताल माटर मार्ग के किमी 84 से 92 के माध्य फुटपाथ पर जाल लगाने व जल निकासी आउटलेट लगाने का कार्य किमी 87 से 90 के मध्य अनावश्यक क्रांसिग को बन्द करने एंव वर्कशाप लाईन मोटर मार्ग में डिवाईडर का कार्य शहर में यातायात को नियन्त्रण करने हेतु रोड सेफ्टी उपकरणों की आपूर्ति का कार्य लागत 64.69, जमरानी बाध निमार्ण खण्ड-2 गौला बेराज स्थित स्टोर की बाउड्री वाला तथा स्टोर रूम के पास चैकीदार हेतु कक्ष निर्माण का कार्य लगात 19.70, जल संस्थान रामनगर 07 नग हैण्डपम्पों का अधिष्ठापन का कार्य में लगात 22.61, प्राथमिक शिक्षा जिला खजिन फाउन्डेशन न्यास मद के अन्तर्गत विभिन्न विद्यालयों में सुदृढीकरण कार्य हेतु लागत 5.54 लोकार्पण किया।

मुख्यमंत्री ने बिसोद पाडली मोटर मार्ग का नव निर्माण लगात 38.13, घुघुखान सौड मोटर मार्ग के मध्य मिसिंग लिंक का निर्माण लागत 32.62, क्षतिग्रस्त लोअर माल रोड सुदृढीकरण कार्य लगात 82.01, पंगोट दैचोरी का नव निर्माण लागत 356 लाख, मैट्रोपोल पांर्किग समतलीकरण, नाली एंव वायर फेन्सीग कार्य 42.05 लाख, नैनीताल- कालाढूगी मोटर मार्ग नलनी तक हल्का वाहन मार्ग का पुनः निर्माण 179.08 लाख, भीमताल से ढुॅगसिल मोटर मार्ग डामरीकरण 60.47 लाख, भगवानपुर बिचला, हिम्मतपुर तल्ला, कमुलागांजा मेहता कबडाल एंव लोहरियासाल तल्ला के आन्तरिक मार्गो में पीसी एंव नव निर्माण 238.28 लाख, ग्राम सभा डडालय नयाबाद, वासुदेवपुरम हिम्मतपुर मल्ला, बच्चीनगर, भरतपुर न. 02, महाऋषि दयानन्द, कृष्णा इनक्लेव व केशव इनक्लेव आन्तरिक मार्गो का पीसी व नव निर्माण कार्य 86.44 लाख, कार्तिकेय कालोनी फेस -1, हिम्मतपुर मल्ला, लोहरियासाल तल्ला, शिवपुरम, हिम्मतपुर तल्ला, कृष्णा इन्कलेव, वैवभव कॉलोनी, ऊचापुल के आन्तरिक मार्गो का सुधारीकरण डामरीकरण का कार्य 117.34 लाख, विकासपुरम, जजफार्म, गिरिजा विहार, छडायल नायक, उत्तराचंल कालोनी, नीलाचंल कॉलोनी, केशर कॉलोनी व संगम विहार, फेस-5 के आन्तरिक मार्गो का सुधारीकरण एंव डामरीकरण का कार्य 189.44 लाख, रामनगर में पडने वाले विभिन मार्गो पर साईनेज लगाने का कार्य 25.92 लाख, रानीबाग-भीमताल-पदमपुरी-लोहाघाट-पंचेश्वर मोटर मार्ग लोडिग स्टील ट्रस सेतु का निर्माण 717.59 लाख,खैरना-रानीखेत मोटर मार्ग स्टाल गर्डर ब्रिज का निर्माण 1003.77 लाख, थाना भीमताल परिसर में टाईप- 2 के दो आवासीय भवनों के निर्माण कार्य 49.54, रा.इ.का कशियालेख में विज्ञान प्रयोगशाला, आर्ट एंव क्राफ्ट कक्ष निर्माण 86.84 लाख, राजकीय महाविद्यालय बेतालघाट भवन निर्माण हेतु 224.39 लाख , ओखलकाण्डा विकास खण्ड के खनस्यूॅ ग्राम में गौला नदी के बायें एंव दायें पाश्र्व पर बाढ़ सुरक्षा योजना 226.15 लाख, खैरना के अन्तर्गत कोसी नदी पर रोपा एंव चापड़ गांव को जोडने हेतु 125 मी. विस्तार सेतु का निर्माण का कार्य 700.88 लाख, खैरना के अन्तर्गत कोसी नदी पर अमेल एंव खैराली गांव को जोडने हेतु 160-200 मी. विस्तार के पैदल सेतु का निर्माण का कार्य 1186 लाख, खैरना के अन्तर्गत तल्ली सेठी एंव सिमटिया गांव को जोडने हेतु कोसी नदी पर 160ध्90 मी. विस्तार का पैदल सेतु का निर्माण का कार्य 581.43 लाख, विकास खण्ड रामनगर के गाम नया झरना न. 2 नया ढांग, देवीपुरा बॉसीटीला, रूपपुर एंव नािपर छोई में 05 सं. राजकीय नलकूपों के निर्माण की परियोजना 496.33 लाख, नलकूप निमार्ण की योजना हिम्मपुर, सावल्दें 198.19 लाख, विकास खण्ड कोटाबाग के गा्रम मोहनपुर बजवालध् मोहनपुरा मेहरा में 01 सं. राजकीय नलकूप निमार्ण की योजना 97.12 लाख, गरमापानी, कोश्याकुटोली, नैनीताल में कार पार्किग एंव कामर्शियल शॉप के निर्माण कार्य 251.42 लाख, के.एम.बी.एन. के बारातघर तक एंव देवदार लॉज के सामने सड़क के किनारे सतह पार्किग विकसित किये जाने का कार्य 70.03 लाख, विद्यालयों में सुदृढीकरण व नवावार का कार्य 80.05 लाख, विद्यालयों में सुदृढीकरण व नवाचार कार्य 78.80 लाख, पर्यटन स्थलों का अवस्थापना विकास, ओपन एयर थियेटर , ओपन एयर जिम तथा साइनेजेज की स्थापना 87.45 लाख, पर्यटन स्थलों में म्यूरल्स की स्थापना 60 लाख, बी.डी. पाण्डे महिला चिकित्सालय में उपकरणों की स्थापना एंव विभिन्न अनुभागों में लघु निर्माण व मरम्मत कार्य 41.98 लाख, राजकीय महाविद्यालय कोटाबाग के भवन निर्माण हुत 230.39 लाख, गौलापार नहर के 0.00 किमी से 1.100 किमी तक जीर्णोद्धार की योजना ध्तीनपानी बाईपास में पेराफीट निर्माण 33.41 लाख, बेतालघाट में रामनगर-भण्डारपानी-अमगढी-बोहराकोट-ओखलढूॅगा-तल्लीसेठी- बेताघाट-रतौडा- भुजान-विशालकोट-जैना- रीची-बिल्लेख मोटर मार्ग के किमी 52,53 एंव 54 में पुनः निमार्ण कार्य 104.11 लाख, हल्द्वानी नगरीय-ग्रामीण पेयजल योजना के सुदृढीकरण का कार्य 213.74 लाख, हल्द्वानी ग्रामीण, लालकुऑ अन्तर्गत वि.ध्या. एंव पाईन लाईन कार्य 46.35 लाख, 04 पेयजल योजनाओं ताकुला, बुरूसिया-देवीधुरा, दोगड़ा एंव रानीबाग में पाईप लाईन सुदृढीकरण एंव जलाशय निर्माण का कार्य 16.35 लाख, शक्तिनगर पूछडी में पाईप लाईन बिछाये जाने तथा नरसिंहपुर ऐरडज्ञ में सिचांई नलकूप से पाईप लाईन जोडे जाने का कार्य 26.54लाख, लालकुऑ मे निकासी नाली, शौचालय निर्माण तथा हाथी गेट निर्माण का कार्य 11.80 लाख, विभिन्न चिकित्सालयों में उपकरण क्रय व सुदृढीकरण कार्य 305.86 लाख, चित्रशाला गेट के समाने मुख्य मार्ग से चैहानपाटा तक हल्का वाहन मार्ग का निर्माण तथा जवाहर नवोदय विद्यालय गंगरकोट सुयालबाडी के छात्रावासों में प्लाईवुड व मुख्य द्वार के पास शैड निर्माण का कार्य 35.62 लाख तथा समम्त जनपद के विद्यालयों में सुदृढीकरण का कार्य 62.80 लाख की योजनाओं का शिलान्यास किया।

कालाढूगी विधायक एवं प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत ने कहा कि सरकार जनस्वास्थ को ध्यान मे रखते हुये 108 वाहनों की संख्या बढा रही है साथ ही एयर एम्बुलैस भी चलायेगी। उन्होने प्लाज्मा डोनरों का स्वागत करते हुये इस पुण्य कार्य हेतु उन्हंे बधाई दी।

सेवा से नदारद चल रहे 81 चिकित्सकों को हटाने के सीएम ने दिए निर्देश

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अहम कदम उठाते हुए 81 डाॅक्टर्स की सेवा समाप्ति के निर्देश दिए है। यह 81 डाॅक्टर्स राज्य में लंबे समय से अपनी सेवा से नदारद थे। इनके सेवा समाप्ति से जुड़े प्रस्ताव को मंजूर कर लिया गया है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत के निर्देश पर इन गायब डॉक्टरों की सेवा समाप्त करने का प्रस्ताव सहमति को लोक सेवा आयोग भेजा गया है।