सीएम त्रिवेंद्र ने किसानों से कालावासा की खेती करने का किया आह्वान

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने जनपद उत्तरकाशी के विकास खण्ड डुण्डा के ग्राम चकोन धनारी में 25 लाख लागत की 25 किलोवाट क्षमता की पिरूल से विद्युत उत्पादन की पहली परियोजना का लोकार्पण किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि पर्यावरणीय चक्र को आग से बचाने के लिए यह परियोजना बेहद उपयोगी होगी। जंगलों में आग लगने के कारण जहां अनेक पेड, औषधीय पौधे, वनसपत्तियां नष्ट हो जाती थी वहीं बड़ी संख्या में जंगली जानवर भी प्रभावित होते हैं।

पिरूल से विद्युत उत्पादन परियोजना के बनने से वनों एवं जीव जन्तुओं को आग से सुरक्षा होगी तथा इससे रोजगार के अवसर भी पैदा होगें। अभी राज्य को 1 हजार करोड़ की बिजली क्रय करनी पड़ रही है, इस प्रकार की परियोजना के बनने से राज्य को आर्थिक मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश भर में 23 लाख मिट्रीक टन सालाना पिरूल उत्पादन होता है, जिससे लगभग 200 मेगावाट बिजली उत्पादित की जा सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सुदूरवर्ती क्षेत्रों में कालावासा काफी मात्रा में पाया जाता है। इसमें औषधीय तत्व विद्यमान हैं। यह विकरण किरणों से भी बचाता है तथा एंटीबायटिक हैं। मुख्यमंत्री ने किसानों से कालावासा की खेती करने का आहवान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सीमान्त क्षेत्रों में नेटवर्किंग की समस्या को देखते हुए 250 सेटेलाईट फोन दिये गए है ताकि सीमान्त वासियों को नेटवर्क को लेकर कोई समस्या न हो। इसी तरह प्रदेश भर में जहां कनेक्टिविटी नहीं है तथा टावर लगाये जाने हैं वहां टावर लगाने के लिए सरकार द्वारा 40 लाख रूपये स्वीकृत किये हैं। सीमान्त वासियों की समस्याओं के निस्तारण के लिए बीएडीपी की तर्ज पर मुख्यमंत्री सीमान्त क्षेत्र विकास निधि में इस वर्ष 20 करोड़ रूपये की व्यवस्था की गई है, ताकि उनकी समस्याओं को हल किया जा सके। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि सामरिक दृष्टि से सीमान्त क्षेत्रों में स्थानीय समुदाय का होना अति आवश्यक है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि प्रदेश में जल जीवन मिशन के अन्तर्गत हर घर नल द्वारा जल देना है। इस वर्ष में 10 लाख लोगों को पानी का कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा गया है। इस हेतु हर जिले की दैनिक रूप से मॉनिटरिंग की जा रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में कुल 14 लाख कनेक्शन दिये जाने है। वर्तमान में तीन माह के भीतर 51 हजार कनेक्शन दिये जाने का लक्ष्य रखा गया था जिसमें आज तक 67 हजार कनेक्शन दिए जा चुके हैं।

अटल आयुष्मान योजना के अन्तर्गत अब तक 2 लाख लोगों ने इसका लाभ लिया है। तथा देश भर में 22 हजार अस्पतालों में गोलडन कार्ड से 5 लाख रूपये तक का ईलाज निःशुल्क करवा सकते हैं। इस योजना के अन्तर्गत 23 लाख लोगों को जोड़ा गया है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में तीन मेडिकल कालेज उद्यमसिंह नगर, हरिद्वार, व पिथोरागढ़ की स्वीकृति मिल चुकी है। जिसका शीघ्र ही निर्माण कार्य करवाया जाएगा। मेडिकल कालेज के क्षेत्र में उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य हैं जहां छोटी सी आबादी में 6 मेडिकल कालेज होगें। किसानों को पहले 2 लाख तक बिना ब्याज के ऋण दिया जाता है अब यह बढ़ाकर 3 लाख रूपये कर दिये है।

मुख्यमंत्री ने धनपति व इन्दिरावती नदी में बाढ़ सुरक्षा कार्य धन स्वीकृत व सौरा-सारी-पिलंग-बुढ़ाकेदार-पवाली केदारनाथ 45 किमी. सड़क स्वीकृत करने की घोषणा की। गंगोत्री विधायक गोपाल सिंह रावत ने मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र का आभार जताया। उन्होंने कहा कि जनपद में सोलर व पिरूल प्लांट के स्थापित होने से यहां के स्थानीय लोगों को इससे रोजगार मिलेगा। उन्होंने नौजवानों से स्थानीय स्तर पर ही रोजगार के नए आयाम विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गांव के नौजवान स्वरोजगार अपनाने के लिए आगे आयें तथा समूह बनाएं उन्हें सरकार की ओर से हर स्तर पर सहयोग करने की बात कही। गंगाड़ी पिरूल प्लांट के स्वामी महादेव सिंह गंगाड़ी ने भी मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

डोईवाला विस के लिए सीवर सफाई के लिए जेटिंग मशीनों की क्रय को स्वीकृति

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने डोईवाला विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत पेयजल नलकूपों में डी.जी. सेटों एवं सीवर सफाई हेतु जेटिंग मशीनों के क्रय की स्वीकृति प्रदान की है।
मुख्यमंत्री द्वारा विधानसभा क्षेत्र राजपुर के अन्तर्गत चक्खुवाला में निर्मित जर्जर पेयजल लाइनों के निर्माण व मरम्मत के लिये प्रथम चरण में 71.25 लाख की धनराशि स्वीकृत की है। किरसाली ऊषा कॉलोनी पेयजल योजना के प्रथम चरण हेतु भी मुख्यमंत्री द्वारा 37.72 लाख की धनराशि की स्वीकृति प्रदान की है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सुसवा जलागम क्षेत्र के अन्तर्गत रिसपना बिन्दाल तथा सौंग नदी के साथ ही कोसी एवं गोला नदी क्षेत्र में बाढ नियंत्रण से सम्बन्धित कार्य योजना तैयार करने हेतु 92.79 लाख की धनराशि स्वीकृत की है।

गांधी जयंती पर खादी वस्त्रों की बिक्री पर रहेगी 10 प्रतिशत की छूट
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने गांधी जयन्ती के अवसर पर आगामी 02 अक्टूबर से 108 कार्यकारी दिवसों के लिये खादी वस्त्रों की बिक्री पर 10 प्रतिशत छूट दिये जाने तथा इस मद में अपेक्षित आवश्यक धनराशि की स्वीकृति प्रदान की है।

वन गूजरों के पुनवार्स हेतु समिति गठन की मुख्यमंत्री ने दी स्वीकृति
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने वन गूजरों के पुनर्वास एवं उन्हें विधिक अधिकार आदि दिये जाने के सम्बन्ध में समिति गठित करने की स्वीकृति प्रदान कर दी है। समिति इस संबंध में 06 माह में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। समिति के अध्यक्ष प्रमुख वन संरक्षक वन्य जीव होंगे तथा निदेशक राजाजी सदस्य सचिव होंगे। मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक, निदेशक भारतीय वन्य जीव संस्थान एवं डब्ल्यू.डब्ल्यू.एफ द्वारा नामित प्रतिनिधि समिति के सदस्य होंगे।

प्रदेश में मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के लाभार्थियों की संख्या की गई दोगुनी
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने प्रदेश में मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत प्राप्त होने वाले आवेदनों की बढ़ती संख्या के दृष्टिगत मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत स्वरोजगार योजनाओं के लिए व्यक्तिगत उपादान सब्सिडी की अनुमन्यता के लिए लाभार्थियों की संख्या 1500 से बढ़ाकर 3000 करने की स्वीकृति प्रदान की है। इस प्रकार अब यह संख्या दो गुनी कर दी गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 के कारण प्रदेश में लौटे प्रवासी प्रदेशवासियों को स्वरोजगार के अधिक अवसर प्रदान करने के लिए यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि इसके लिए सभी जनपदों को लक्ष्य भी आवंटित किए गए हैं। इसके लिए एमएसएमई के साथ ही जिला योजनाओं में स्वरोजगार योजनाओं को भी सम्मिलित किया गया है।

नर्सिंग स्टाफ नर्स का पद नाम होगा नर्सिंग अधिकारी

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत से उत्तराखण्ड नर्सेज सर्विसेज एसोसिएशन की अध्यक्ष मीनाक्षी जखमोला एवं महामंत्री कान्ति राणा ने भेंट की। उन्होंने नर्सेज सर्विसेज एसोसिएशन की विभिन्न समस्याओं एवं मांगों से सम्बन्धित मांगपत्र भी मुख्यमंत्री को सौंपा।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि कोविड-19 के इस संकट काल में नर्सिंग स्टाफ द्वारा कर्तव्यनिष्ठा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन किया जा रहा है। महामारी के इस दौर में चिकित्सा सेवा से जुड़े कार्मिकों का मानवीयता का परिचय देते हुए कर्तव्यों का पालन करना सराहनीय है। मुख्यमंत्री ने एसोसिएशन की विभिन्न समस्याओं के समाधान हेतु आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिये हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नर्सों के खाली पदों पर नियुक्ति के साथ ही नर्सिंग स्टाफ नर्स का पद नाम नर्सिंग अधिकारी किये जाने की कार्यवाही भी शीघ्र की जायेगी।

नर्सेज एसोसिएशन द्वारा अपने मांग पत्र में कोविड के कारण नर्सों की वेतन में की जा रही एक दिन की वेतन कटौती को रोकने, मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद स्टाफ नर्स का पदनाम नर्सिंग अधिकारी तथा सिस्टर का पदनाम वरिष्ठ नर्सिंग अधिकारी किये जाने का शासनादेश शीघ्र किये जाने, नर्सेज की पदोन्नतियां करने एवं रिक्त पदों पर नई भर्ती का अनुरोध किया है। उनके द्वारा मांग पत्र में वेतन विसंगति एवं सेवा नियमावली आदि से सम्बन्धित प्रकरणों के निस्तारण की भी अपेक्षा की गई है।

अब पूरी यात्री क्षमता के साथ चलेंगे आटो, सिटी बस, विक्रम, सोशल डिस्टेंस की बाध्यता समाप्त

सिटी बस, आॅटो, विक्रम और ई-रिक्शा वाले के लिए सरकार की ओर से राहत भरी खबर है। सरकार ने इन तमाम वाहनों में पूरी यात्री क्षमता की छूट दे दी है। सोशल डिस्टेंस की बाध्यता समाप्त होने के बाद सरकार ने पूर्ववर्ती किराए रखने के भी निर्देश दिए हैं।

सरकार, शासन की ओर से जारी की गई नई एसओपी के तहत सिटी बस, ऑटो, विक्रम समेत तमाम सार्वजनिक वाहनों में सोशल डिस्टेंसिंग के कानूनों को तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया गया है। शासन की ओर से नई एसओपी जारी होने के साथ ही सिटी बस, ऑटो, विक्रम संचालकों ने राहत की सांस ली है।

मुख्य सचिव ओमप्रकाश की ओर से जारी एसओपी में साफ शब्दों में कहा गया है कि सोशल डिस्टेंसिंग समाप्त होने के बाद सिटी बस ऑटो विक्रम संचालक राज्य परिवहन प्राधिकरण की ओर से तय किए गए किराए के मुताबिक ही किराया वसूलेंगे ऐसे में अब किराए की पूर्व दरें लागू होंगी।

आशिक के लिए पत्नी ने दे दी पति की बलि, शव को जंगल में फेंका

पति को पत्नी के अवैध संबधों का पता चल जाने से पत्नी इतना आगबगुला हो गई कि उसने अपने प्रेमी के साथ पति को मौत की सजा दे दी। इसके बाद अपने तीन अन्य साथियों के साथ मिलकर पति की लाश जंगल में फेंक आए। कोतवाली ऋषिकेश पुलिस ने सभी आरोपियों को घटना में प्रयुक्त हथियारों के साथ अरेस्ट कर लिया है।

कोतवाल रितेश साह के अनुसार, मृतक की बहन चंदा साहनी पत्नी जितेंद्र साहनी ने पुलिस को बताया था कि उसका भाई अमरजीत साहनी (32) पुत्र जीवन साहनी निवासी मायाकुंड 18 सितंबर की दोपहर तीन बजे अपने दो अन्य साथियों के साथ काम पर गया था, शाम होते ही दोनों साथी तो वापस घर आ गए। मगर, उसका भाई वापस न लौटा। पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज किया और मामले की तब्दीश की, तो लापता व्यक्ति की पत्नी के अवैध संबंध की बात सामने आई।

पुलिस ने पत्नी से सख्ती के साथ पूछताछ की तो पत्नी से सब उगल दिया और अपने साथियों की भी पहचान करा दी। पत्नी की निशानदेही पर पुलिस ने शव को जंगल से बरामद भी कर लिया। पुलिस ने बताया कि मृतक की पत्नी सुनीता का राजन निवासी रामनगर बेतिया, बिहार, हाल निवासी शीशमझाड़ी से प्रेम प्रंसग चल रहा था। इसकी भनक अमरजीत को लग चुकी थी। पत्नी ने प्रेमी के सथ 18 सितंबर की शाम को अन्य साथी सुनील और अनिल प्रसाद के साथ घटना को अंजाम दे दिया।

संतो ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र को किया स्वस्थ और दीर्घायु होने का आशीर्वाद

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से मुख्यमंत्री आवास में श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा के वरिष्ठ महामंडलेश्वर स्वामी यतीन्द्रानन्द गिरि महाराज के नेतृत्व में हरिद्वार के प्रमुख संतों ने भेंट की। भेंट करने वाले संतों में निर्मल आश्रम के महंत जसजीत, गरीबदास, महंत आनंद, वाल्मीकि समाज के संत महंत मान दास महाराज, वैष्णव अखाड़े से महंत दुर्गा दास महाराज एवं नगर के प्रसिद्ध एडवोकेट श्रेयस अग्रवाल थे। संतो ने हरिद्वार नगर में संतों के आश्रम का पंजीकरण कमर्शियल किए जाने पर अपनी आपत्ति दर्ज की। बिजली के बिल भी कमर्शियल आने पर मुख्यमंत्री से अपनी बात रखी।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने संतो को आश्वासन दिया और तुरंत कार्रवाई का निर्देश भी दिया। संतों ने कहा आगामी कुंभ में जिस प्रकार की भी व्यवस्था और परिस्थिति होगी, सन्त सरकार का भरपूर सहयोग करेंगे। कुंभ हमारी प्राचीन परंपरा है किंतु कोरोना महामारी के चलते हुए जैसी भी स्थिति होगी उसी प्रकार से सभी संत और अखाड़े सरकार का सहयोग करेंगे। महामंडलेश्वर स्वामी यतीन्द्रानंद गिरी ने केदारनाथ मॉडल पर ही बद्रीनाथ गंगोत्री एवं यमुनोत्री धाम के विकास हेतु प्रयासरत मुख्यमंत्री की प्रशंसा की। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि देवस्थानम बोर्ड के तहत स्थानीय पुरोहित समाज के हितों का पूरा ध्यान रखा गया है। सभी संतो ने मुख्यमंत्री को स्वस्थ और दीर्घायु होने का आशीर्वाद दिया।

आईएमए को अंडरपास के लिए वर्षों इंतजार करना बड़ी विडंबनाः रक्षामंत्री

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देहरादून में भारतीय सैन्य अकादमी परिसर में 44.21 करोड़ लागत के क्रमश 354.45 मी0 तथा 407.34 मी0 लम्बे दो अंडरपास का शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि भारतीय सैन्य अकादमी के निकट अंडरपास की मांग दशकों से चली आ रही थी लेकिन अब जाकर इस पर कार्य शुरू हुआ है। अंडरपास के बनने से एनएच-72 पर लगने वाले ट्रैफिक जाम से मुक्ति मिलेगी। उन्होंने कहा कि आई.एम.ए. जैसे विश्वसनीय, विश्वस्तरीय संस्थान को दो अण्डरपास के लिये इतना लम्बा इंतजार किया जाना बड़ी विडम्बना है। अण्डरपास निर्मित होने के बाद आई.एम.ए. के केम्पस आपस में जुड़ सकेंगे तथा संस्थान को अपनी गतिविधियों के संचालन में सुविधा होगी। इन अंडरपास के निर्माण से न केवल उत्तराखण्ड की जनता को, बल्कि, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और हरियाणा आने-जाने वाले यात्रियों को भी बड़ा लाभ होगा। साथ ही कैडेट्स के आवागमन और ड्रिल में भी व्यवधान नहीं होगा।

उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष दिसम्बर में आईएमए पासिंग आउट परेड में उनके द्वारा इसकी स्वीकृति प्रदान की थी। उन्होंने कहा कि यदि दो साल के बजाय पौने दो साल में ये अण्डर पास बनकर तैयार हो जायेंगे तो वे इनके उद्घाटन के लिए भी आयेंगे तथा इसमें कार्य करने वालों को सम्मानित भी करेंगे। रक्षामंत्री ने कहा कि यदि नियत ठीक हो संकल्प पक्का हो तो किसी भी कार्य को पूर्ण करने में कठिनाई पैदा नही होती है। उन्होंने कहा कि देहरादून में ट्रैफिक बढ़ रहा है, इस दृष्टि से भी इन अण्डपासों की नितांत जरूरत महसूस की जा रही थी।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने इस अवसर को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि 1978 से इसकी आवश्यकता महसूस की जाती रही है। गत वर्ष पासिंग आउट परेड के अवसर पर इन अण्डरपासों के महत्व पर केन्द्रीय मंत्री से उनके द्वारा चर्चा करने पर उन्होंने इसकी घोषणा की थी जो आज साकार हो रही है। इसके लिए आवश्यक धनराशि 44.21 करोड़ की भी स्वीकृति प्रदान की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतिवर्ष आई.एम.ए. के दीक्षान्त समारोह के अवसर पर राज्य सरकार को भी सुरक्षा आदि की चिंता रहती थी। अब सैन्य अधिकारियों को आई.एम.ए. की गतिविधियों के संचालन में सुविधा होगी तथा स्थानीय लोगों को भी आवागमन में आसानी होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस विश्वस्तरीय सैन्य प्रशिक्षण संस्थान से तैयार होने वाले जांबाज योद्धाओं ने अपनी वीरता और पराक्रम से देश की सुरक्षा एवं सम्मान को अक्षुण्ण बनाए रखा है। जाहिर है इस महान उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए कठोर प्रशिक्षण की आवश्यकता है और प्रशिक्षण के लिए संसाधनों व सुविधाओं का होना भी उतना ही जरूरी होता है।

लेफ्टिनेंट जनरल ने जताया आभार
आईएमए के समादेशक ले.ज. जयवीर सिंह नेगी ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आई.एम.ए. के तीन परिसरों नार्थ, सेन्ट्रल व साउथ की सुरक्षा दृष्टि से तथा एन.एच 72 तथा रांझावाला मीठीबेरी सड़क पर यातायात का सुचारू रूप से संचालन के लिये भगत गेट एवं पी.टी गेट पर निर्मित होने वाले क्रमशः 354.45 मी. तथा 407.34 मी लम्बे अण्डर पास के लिये पिछले 40 वर्षों से प्रयास किये जा रहे थे। उन्होंने कहा कि इससे आई.एम.ए. का नार्थ, सैन्ट्रल तथा साउथ क्षेत्र आपस में जुड़ जायेगा तथा एन.एच एवं लो.नि.वि की सड़क पर यातायात सुचारू रूप से संचालित हो सकेगा।

अपने पांच दोस्तों के साथ गंगा स्नान कर रहा युवक डूबा, पांच को पुलिस ने बचाया

लक्ष्मणझूला घाट में गंगा नदी में रविवार को छह लोग नहा रहे थे। तभी अचानक गंगा की जलधारा का स्तर बढ़ने लगा और सभी उसकी चपेट में आ गए। मौके पर चीख पुकार मच गई। पुलिस कांस्टेबल जल पुलिस उदित राठी, होमगार्ड बलवंत और स्थानीय बोट चालकों की सहायता से गंगा में रेस्क्यू अभियान चला।

रेस्क्यू अभियान की बदौलत 20 वर्षीय नवनीत पुत्र राकेश कुमार, 20 वर्षीय रितेश पुत्र राकेश कुमार दोनों निवासी खरखडी थाना बिलासपुर जिला गुडगांव हरियाणा, 25 वर्षीय आकाश पुत्र सोमवीर निवासी बासलाम्बी थाना बिलासपुर गुडगांव हरियाणा, 17 वर्षीय तुसाल पुत्र मुकेश निवासी बासलाम्बी थाना बिलासपुर गुडगांव हरियाणा, 22 वर्षीय रौनक पुत्र धर्मेन्द्र निवासी ग्राम लुलाअहिर जिला रेवाडी हरियाणा को सकुशल बचाया गया।

मगर, 21 वर्षीय कपिल पुत्र बुद्धराम निवासी खरखडी थाना बिलासपुर जिला गुडगांव हरियाणा गंगा के तेज बहाव में डूब गया, काफी खोजबीन की गई। मगर, उसका कुछ पता नहीं चल सका है।

सितारगंज जेल के तीन कोरोना कैदी जिला अस्पताल से भागे

देहरादून और हरिद्वार की अस्थाई जेल से कैदियों की भागने की घटना के बाद अब तीसरी घटना सितारगंज के जिला अस्पताल की है। सितारगंज जेल के तीन कैदी उधमसिंह नगर के जिला अस्पताल से भाग गए हैं। हैरानी वाली बात यह है कि यह तीनों कैदी ही कोरोना पाॅजीटिव है। पुलिस अब सीसीटीवी खंगालने में जुट गई है।

उत्तराखंड में कोरोना वायरस का संक्रमण जेलों में भी पहुंच चुका है। उधमसिंह नगर जिले की सितारजंग जेल में 35 से अधिक कैदी कोरोना पॉजिटिव आये थे। इस पर उनको उपचार के लिए जिला अस्पताल में बने आइसोलेट वार्ड में भर्ती कराया गया था। इन कैदियों की निगरानी में पुलिस भी तैनात थी। फिर भी वे पुलिस को चकमा देकर फरार हो गए। फरार कैदी हत्या सहित अलग-अलग मालों में सजा काट रहे थे।

हत्या सहित अन्य वारदात में शामिल आनंद, गौरव पाल ओर देवेंद्र दानू अस्पताल से फरार हो गए। कुछ देर बाद जब तीन कैदी कम मिले तो पुलिस में हड़कंप मच गया। सूचना पर एसपी क्राइम प्रमोद कुमार, एसपी सिटी देवेंद्र पिंचा, सीओ अमित कुमार, थानाध्यक्ष पंतनगर मदन मोहन जोशी और सिडकुल चैकी इंचार्ज अनिल उपध्याय पुलिस टीम के साथ अस्पताल पहुंचे और जानकारी ली। साथ ही फरार सजायाफ्ता कैदियों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा।

दादी के साथ घास काट रही थी पोती, मगरमच्छ ने तालाब में खींचा और मार डाला

हरिद्वार जिले के लक्सर से एक दुखद घटना प्रकाश में आई हैं यहां सात साल की एक पोती अपनी दादी के साथ खेत में घास काट रही थी। तभी खेत के समीप तालाब से मगरमच्छ निकल आया और पोती को उठाकर तालाब लेकर गया। सूचना पाकर पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद शव को तालाब से बाहर निकाला।

रायसी चैकी क्षेत्र के पंडितपुरी गांव निवासी जयेंद्र की मां रेलवे लाइन से सटे खेत में घास काटने गई थीं। जयेंद्र की सात साल की बेटी राधिका और पड़ोस की एक अन्य लड़की भी उनके साथ थी। तभी तालाब में कमल के फूल को देखकर बच्ची ललचा गई और फूल तोड़ने के लिए पानी के भीतर चली गई। इस दौरान मगरमच्छ ने बच्ची को दबोच लिया। बच्ची चिल्लाई तो उसकी दादी के साथ मौजूद दूसरी लड़की ने उसे देख लिया। दोनों ने शोर मचाया लेकिन मगरमच्छ बच्ची को खींचकर तालाब के गहरे पानी में चला गया।

चैकी प्रभारी ब्रजपाल सिंह के अनुसार वन विभाग की टीम के साथ मगरमच्छ को पकड़ने तथा बच्ची को उसके चंगुल से निकालने के लिए तालाब में जाल डाला गया। काफी खोजबीन के बाद करीब पांच घंटे बाद बच्ची का शव तालाब से बरामद हो गया।