मुख्यमंत्री ने निर्देश, गैरसैंण ई-विधानसभा बनने की ओर

ग्रीष्म कालीन राजधानी गैरसैंण को ई-विधानसभा बनाया जायेगा। पर्यावरण का संरक्षण हम सब की सामूहिक जिम्मेदारी है। पर्यावरण प्रदूषण से मुक्ति एवं जैव विविधता को बनाये रखने के लिए हमें जनभागीदारी से प्रयास करने होंगे। यह बात मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सचिवालय में सभी जिलाधिकारियों के साथ वीडियों कांफ्रेंसिंग के दौरान कही। उन्होंने कहा कि पर्यावरण और मानव के बीच कैसे संतुलन बना रहे, इस दिशा में अनुसंधान की आवश्यकता है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड राज्य की पर्यावरण रिपोर्ट की बुक का विमोचन भी किया।

गैरसैंण को ई-विधानसभा बनाया जायेगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रीष्म कालीन राजधानी गैरसैंण को ई-विधानसभा बनाया जायेगा। उत्तराखण्ड सरकार ने ई-कैबिनेट की शुरूआत की है। हमने अपने ऑफिसों को ई-ऑफिस बनाने का निर्णय लिया। अभी 17 कार्यालय, ई-ऑफिस हो गये हैं। प्रयास है कि राज्य के ब्लॉक स्तर तक जितने भी कार्यालय हैं, इनको ई-ऑफिस बनाया जाय।

हरेला पर्व पर फिजीकल डिस्टेंस रखते हुए व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरेला पर्व पर फिजीकल डिस्टेंस का पालन करते हुए व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण किया जायेगा। उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि हरेला पर्व पर वृक्षारोपण के लिए जन सहभागिता पर विशेष ध्यान दिया जाय। किसी भी अभियान को सफल बनाने के लिए जन सहयोग बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी अपने जनपदों में नदियों, नौलों, एवं जल के स्रोतों के पुनर्जीवन की दिशा में कार्य करें। राज्य सरकार ने मिशन रिस्पना टू ऋषिपर्णा एवं कोसी के पुनर्जीवन का लक्ष्य रखा है। रिस्पना नदी के लिए आईआईटी रूड़की ने प्रोजक्ट रिपोर्ट तैयार की है। इस अभियान के तहत मिशन मोड में कार्य किया जायेगा।

भारत में जैव विविधता को बनाये रखने में उत्तराखण्ड का अहम योगदान
वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि भारत में जैव विविधता को बनाये रखने में उत्तराखण्ड का महत्वपूर्ण योगदान है। उत्तराखण्ड में देश की 28 प्रतिशत जैव विविधता पायी जाती है। यहां की जैव विविधता का प्रभाव भारत ही नहीं अपितू सम्पूर्ण विश्व पर पड़ता है। प्रकृति हमें सब कुछ देती है। मानव को प्रकृति के साथ पूरा संतुलन बनाकर आगे बढ़ना होगा। पर्यावरण संतुलन के लिए लोगों में सजगता होना बहुत जरूरी है। हम छोटे-छोटे प्रयासों से भी इस दिशा में अपना योगदान दे सकते हैं। हम भावी पीढ़ी को कैसा पर्यावरण देना चाहते हैं, यह हम पर निर्भर है।

बैठक में जानकारी दी गई कि झाझरा, देहरादून में ‘आनंद वन’ के नाम से सिटी फॉरेस्ट विकसित किया जा रहा है। उत्तराखण्ड पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा प्रत्येक जनपद के लिए जनपद स्तरीय प्रदूषण नियंत्रण मैनेजमेंट प्लान बनाया जा रहा है। इस वर्ष विश्व पर्यावरण दिवस की थीम जैव विविधता है। बैठक में मुख्यमंत्री के आईटी सलाहकार रविन्द्र दत्त, प्रमुख सचिव वन आनन्द वर्द्धन, पलायन आयोग के उपाध्यक्ष एस.एस.नेगी, प्रमुख वन संरक्षक जयराज, निदेशक उत्तराखण्ड पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एस.पी. सुबुद्धि आदि उपस्थित थे।

ब्राजील के नागरिक ने गर्लफ्रेंड के चक्कर में की जीवनलीला समाप्त

ब्राजील के 49 वर्षीय नागरिक ने गर्लफ्रेंड के रूठने पर सुसाइड कर लिया। उन्होंने कमरे की खिड़की की ग्रिल से लटककर अपनी जान दे दी। मुनिकीरेती पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। साथ ही मृतक के परिजनों को सूचित करने के लिए ब्राजील दूतावास को भी सूचना भेज दी है।

जानकारी के मुताबिक शीशम झाड़ी स्थित दयानंद आश्रम में ब्राजील के 49 वर्षीय लिएंड्रो केपी बारबे पेट्रा अपनी गर्लफ्रेंड ब्रिटेन निवासी 34 वर्षीय के साथ बीते 17 मार्च से एक ही कमरे पर रह रहे थे। मगर 3 दिन पूर्व से विदेशी नागरिक की गर्लफ्रेंड अलग कमरे में रह रही थी इस कारण लिएंड्रो केपी बारबे पेट्रा डिप्रेशन में चल रहे थे। बृहस्पतिवार को उन्होंने आश्रम के कमरे की खिड़की की ग्रिल से लटक कर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। सूचना पाकर एसएसआई रमेश सैनी और कैलाश गेट चौकी इंचार्ज विकेंद्र कुमार मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

एसएसआई रमेश सैनी ने बताया कि मृतक ने टैब में अपनी गर्लफ्रेंड के लिए एक भावुक संदेश लिखा है इसमें वह गर्लफ्रेंड की ओर से दूरी बनाने पर स्वयं के आत्महत्या करने का कारण बता रहा है। उन्होंने बताया कि शव का पोस्टमार्टम शुक्रवार को किया जाएगा वही मृतक के परिजनों को सूचित करने के लिए ब्राजील दूतावास को सूचित कर दिया है।

उत्तराखंड का औषधीय धनिया पौधा गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज

उत्तराखंड, अल्मोड़ा जनपद, ताड़ीखेत विकास खंड, बिल्लेख गांव के केवलानंद उप्रेती के सिविल इंजीनियर पुत्र गोपाल दत्त उप्रेती द्वारा व्यक्तिगत प्रयासो के बल अपने बिल्लेख गांव स्थित सेव बगान में सात फुट एक इंच ऊंचे सुगंधित व औषधीय धनिये के पौंधे जैविक विधि से उत्पादित कर, कृषि उघम के क्षेत्र मे नई वैश्विक क्रान्ति की अलख जगा, कृषि वैज्ञानिकों, काश्तकारों तथा उद्यम विकास मे संघर्षरत उद्यमियो का ध्यान अपना नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड मे दर्ज करा, वैश्विक फलक पर ख्याति अर्जित की है। इससे पूर्व यह रिकॉर्ड छह फुट एक इंच का था।

जैविक विधि से उत्पादित उक्त धनिया पौंधों का वैज्ञानिक अध्ययन करने के लिए 21 अप्रैल को विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान अल्मोड़ा के वैज्ञानिक डॉ गणेश चौधरी द्वारा उत्पादित पौंधों का निरीक्षण कर इसकी पुष्टि की गई थी। माह मई प्रथम सप्ताह मे इस उपलब्धि को लिम्का बुक ऑफ रिकॉड्स में दर्ज किया जा चुका था।

आईसीएआर वैज्ञानिक डॉ गणेश चौधरी व उत्तराखंड के चीफ हॉर्टिकल्चर आफिसर टीएन पांडे, उत्तराखंड आर्गेनिक बोर्ड रानीखेत-मजखाली इंचार्ज डॉ देवेन्द्र सिंह नेगी, उद्यान सचल दल केंद्र बिल्लेख प्रभारी राम सिंह नेगी के द्वारा उक्त सुगंधित व औषधीय गुणों से युक्त तथा पाचन तंत्र को मजबूत करने वाला अम्बेलीफेरी कुल के धनिया पौंधे को विटामिन श्एश्, श्सीश् तथा श्केश् गुणों के साथ-साथ कैल्शियम, कॉपर, आयरन, कार्बोहाइट्रेड, थियामिन, पोटेशियम, फास्फोरस से युक्त बताया गया था। वैज्ञानिकों के मुताबिक आमतौर पर धनिया पौंधों की ऊंचाई वैश्विक स्तर पर दो से छह फुट एक इंच तक देखी जाती रही। पहली बार उत्तराखंड मे सात फुट एक इंच धनिये पौंधे की अदभुत व आश्चर्य चकित कर देने वाली पैदावार कृषि वैज्ञानिकों द्वारा अवलोकित की गई थी।

कृषि वैज्ञानिकों द्वारा की गई प्रत्यक्ष पुष्टि के बाद, उत्पादित पौंधों के पुनर्वालोकन तथा डाक्यूमेंटेशन कराने हेतु गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड तथा लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स से जुड़े पदाधिकारियों को 23 अप्रैल को पत्र भेज आमंत्रित किया गया था।

24 मई को टिहरी के डीएम बने मंगेश घिल्डियाल बने प्रेरक

एक मल्टीनेशनल संस्थान की ओर से देशभर के बेहतर डीएम के सर्वे में टिहरी के जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल को प्रेरक डीएम घोषित किया गया है। उत्तराखंड मूल के आईएएस अधिकारी घिल्डियाल ने कम समय मे अपनी एक अलग छाप छोड़ी है। 24 मई को ही उन्होंने टिहरी के डीएम का पदभार संभाला है।

2011 बैच के आईएएस ऑफिसर मंगेश घिल्डियाल मूल रूप से उत्तराखंड के ही पौड़ी जिले के निवासी हैं। पहले बागेश्वर और फिर 3 साल रुद्रप्रयाग के डीएम के रूप में उन्होंने खूब नाम कमाया है। केदारनाथ आपदा पुनर्निर्माण कार्य, जिले के स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार लाने के लिए उन्होंने बेहतर कार्य किया।

24 मई को टिहरी के डीएम बनते ही उन्होंने सबसे पहले मुनिकीरेती में प्रवासियों को कुआरन्टाइन करने का निर्णय लिया, जिस कारण जिले में रेड जोन से आने वालों को गांव में प्रवेश नही करने दिया। उनके इस निर्णय की तारीफ हो रही है। एक संस्थान ने देशभर के बेस्ट डीएम का सर्वे किया जिसमें उन्हे प्रेरक डीएम का खिताब मिला है। सम्पर्क करने पर उन्होंने खुशी जताते हुए कहा कि लोगों को सुलभ प्रशासनिक सुविधा देने और सरकार योजनाओं का लाभ देना उनका लक्ष्य है। बता दें कि घिल्डियाल का फेसबुक पेज आइएएस मंगेश घिल्डियाल फैन क्लब भी बहुत पॉपुलर है।

सिर्फ एक ट्वीट से उत्तरप्रदेश के मैनपुरी में भटक रहा दिव्यांग पहुंचा अल्मोड़ा

बीते 30 मई को मैनपुरी निवासी केसी दुबे ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को टैग करते हुए ट्वीट किया था कि मैनपुरी में उनके घर के आसपास एक मानसिक रूप से दिव्यांग सड़कों पर भटक रहा है। लॉकडाउन के चलते उनके द्वारा उसे खाना एवं हाथ में घाव हो जाने के कारण इलाज भी कराया गया। उससे पूछताछ पर उसके द्वारा मजखाली, रानीखेत, द्वाराहाट आदि का नाम लिया जा रहा है।

यह ट्वीट मिलते ही फौरन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने उत्तराखंड पुलिस व महानिदेशक कानून व्यवस्था अशोक कुमार को टैग करते हुए इस मामले पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री का ट्वीट मिलते ही अल्मोड़ा पुलिस इस मिशन में जुट गई। अल्मोड़ा द्वारा मैनपुरी में संपर्क किया गया। मनोज द्वारा बताए गए पते मजखाली, रानीखेत क्षेत्र में उसकी फोटो पहचान हेतु भेजकर उसकी पहचान लगाने का प्रयास किया गया। आखिरकार मेहनत रंग लायी और मनोज के पिता का पता लगा, जिनसे वार्ता कर उक्त प्रकरण से अवगत कराया गया। युवक मनोज नाथ के पिता श्री पूरन नाथ निवासी- ग्राम कामा, पो0-बग्वालीपोखर, राजस्व क्षेत्र द्वाराहाट ने बताया कि उनका बेटा दिमागी रूप से अस्वथ्य है, कई बार दिल्ली, बरेली एवं सुशीला तिवारी से ईलाज भी कराया जा चुका है, मनोज मार्च 2019 में घर से मैनपुरी हेतु निकला था, तब से उससे कोई सम्पर्क नहीं हो पाया है। इस पर रविवार को हरि राम एवं कांस्टेबल संन्तोष यादव मैनपुरी रवाना हुए। मैनपुरी निवासी के सी दुबे के साथ छानबीन कर मनोज का पता लगाया गया और उसे सोमवार को वापस अपने घर अल्मोड़ा सकुशल भेज दिया गया। पुलिस के इस त्वरित एक्शन की मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सराहना की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड पुलिस ने सही मायनों में मित्र पुलिस की भूमिका निभाई है।

उत्तराखंड में इस वर्ष सामान्य से ज्यादा होगी बारिश

इस वर्ष उत्तराखंड में बारिश सामान्य से ज्यादा होने की संभावना है। मौसम विभाग ने इसकी पुष्टि की है। विभाग के अनुसार प्रदेश में मानसून 21 जून के आसपास दस्तक दे सकता है।

अमूमन एक जून को केरल में दस्तक देने के बाद उत्तराखंड पहुंचने में मानसून को लगभग 21 दिन लगते हैं। इस वर्ष केरल मानसून अपने सही समय पर पहुंचा है। ऐसे में अगर बीच में सिस्टम प्रभावित नहीं हुआ तो उत्तराखंड में भी 21 जून के आसपास मानसून पहुंच जाएगा।

मौसम विभाग ने इस वर्ष पूरे उत्तर भारत रीजन में मानसून की बारिश 102 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है। उत्तराखंड में पिछले साल तक मानसून सीजन में सामान्य तौर पर 1229.1 मिमी बारिश होती थी। इस वर्ष सामान्य बारिश 1191 मिमी तय की गई है। मौसम केंद्र निदेशक बिक्रम सिंह के अनुसार भारत रीजन में मानसून अच्छा रहेगा।

मौसम केंद्र के अनुसार रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। मौसम केंद्र निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि राजधानी के अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है।

सरकारी लैब में अभी 6133 सैंपलों की जांच जारी, तेजी से बढ़ रहे संक्रमित मरीज

प्रदेश में कोरोना वायरस के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। अभी तक सरकार ने प्रदेश के सभी जिलों को ऑरेंज जोन में शामिल किया था। लेकिन अब लगातार बढ़ रहे मामलों को देखते हुए सरकार ने नैनीताल को ऑरेंज से हटाकर रेड जोन में शामिल कर दिया है। वहीं, ऊधमसिंह नगर को ग्रीन जोन में शामिल किया गया है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार, नैनीताल में अब तक करीब 260 मामले सामने आ चुके हैं। ऊधमसिंह नगर में संक्रमित मरीजों की संख्या 82 हो गई है। वहीं इसके बाद अब 11 जिले ऑरेंज जोन में शामिल हैं।
प्रदेशभर में रविवार को 158 मरीजों में कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। अपर सचिव स्वास्थ्य युगल किशोर पंत ने इसकी पुष्टि की है। वहीं, दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल की एक महिला डॉक्टर भी संक्रमित मिलीं हैं। दून मेडिकल कॉलेज के डिप्टी एमएस और कोरोना के स्टेट कोऑर्डिनेटर डॉ. एनएस खत्री ने जानकारी दी। इसके साथ ही अब प्रदेश में सक्रमित मरीजों का आंकड़ा 907 पहुंच गया है। 
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार, आज देहरादून में 49, हरिद्वार में 17, नैनीताल में 31, टिहरी में तीन, अल्मोड़ा में 18, चंपावत में चार, पौड़ी में छह, ऊधमसिंह नगर में 20, चमोली में दो, उत्तरकाशी में सात और रुद्रप्रयाग में एक संक्रमित केस मिला है। अभी भी प्रदेश में 692 एक्टिव केस हैं। इसके साथ ही अब नैनीताल को रेड जोन में शामिल कर दिया है। जबकि ऊधमसिंह नगर को ग्रीन जोन में शामिल किया गया है। अपर सचिव युगल किशोर पंत ने बताया कि 102 मरीज ठीक होकर अपने घर लौट चुके हैं। चार सरकारी लैब में अभी 6133 सैंपलों की जांच चल रही है। इनकी रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है।
उत्तराखंड के मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने कहा कि प्रदेश में कोरोना संक्रमण अभी सामुदायिक फैलाव के फेज में नहीं आया है। जितने भी पॉजिटिव केस आए हैं, उनकी ट्रैवल हिस्ट्री और कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग जारी है। ज्यादातर मामले बाहर से लौटे प्रवासियों के संक्रमित होने के आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग संक्रमण से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है। मीडिया के माध्यम से उन्होंने जनता से अपील की है कि आने वाले दिनों में और अधिक अनुशासन बनाए रखने की जरूरत है। कहा कि धीरे-धीरे बाजार के खुलने में ढील दे रहे हैं, लेकिन लोगों को दुकानों में भीड़ एकत्रित नहीं होने देनी है।

पालतू कुतिया की जबरन नसंबदी कराई, मुकदमा दर्ज

बीते शनिवार की देर रात प्रदीप पुत्र सुरेंद्र पुंडीर निवासी तपोवन ने मुनिकीरेती थाने में तहरीर दी। उन्होंने बताया कि उनकी पालतू कुतिया मौली दो वर्ष की है। एक अज्ञात महिला उसे बहला फुसला कर घर के प्रांगण से लेकर गई। उन्होंने आरोप लगाया कि गेस्ट हाउस विश्व चंदा की महिला ने उनसे गाली गलौज करते हुए पालतू कुतिया मौली को देने से मना कर दिया। महिला पर आरोप है कि उनकी मर्जी के बिना उक्त महिला ने मौली की नसबंदी भी करा ली।
तहरीर के आधार पर मुनिकीरेती पुलिस ने पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया है। थानाध्यक्ष राम किशोर सकलानी ने बताया कि आरोपी महिला अदिति हरियाणा की निवासी है, जो कर्मा एनिमल ट्रस्ट का संचालन कुछ समय से तपोवन में कर रही है। उन्होंने बताया कि महिला ने मौली को स्ट्रीट डॉग समझ कर उसकी नसबंदी कराना स्वीकार किया है। इस संबंध में राजकीय पशु चिकित्सक हरि सिंह बिष्ट ने नसबंदी की बात स्वीकारी है। पुलिस मौली की तलाश में जुट गई है। मामले की विवेचना भद्रकाली चैकी इंचार्ज उप निरीक्षक अंशुल अग्रवाल को सौंपी गई है।

सतपाल महाराज पाॅजीटिव, कैबिनेट में शामिल हुए मंत्री और अधिकारी होंगे क्वारंटीन

कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज व उनके परिवार और स्टाफ के 23 सदस्य कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। बेटे, बहुएं और पांच साल के पोते में भी संक्रमण की पुष्टि हुई है। जबकि बड़े बेटे का सैंपल दोबारा जांच के लिए भेजा गया है। कल पूर्व मंत्री अमृता रावत कोरोना पॉजिटिव पाई गई थीं। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने महाराज और उनके परिवार के सभी सदस्यों के साथ ही आवास में काम करने वाले कर्मचारियों के सैंपल जांच के लिए भेजे थे।
इनमें कैबिनेट मंत्री महाराज, उनके छोटे बेटे सुयश, बड़ी बहू आराध्य, छोटी बहू मोहिनी, पांच साल के पोते श्रेयांश में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। जबकि बड़े बेटे श्रद्धेय का सैंपल दोबारा से जांच के लिए भेजा जा रहा है। वहीं, महाराज के आवास में काम करने वाले 17 कर्मचारी भी संक्रमित मिले है।
महाराज और उनका परिवार कोरोना संक्रमित मिलने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। महाराज की पत्नी अमृता रावत को रविवार सुबह ही एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराया गया था, इसके बाद दोपहर में महाराज और अन्य लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई। जिसके बाद महाराज समेत लोगों को भी एम्स ऋषिकेश में भर्ती करा दिया गया।
स्वास्थ्य विभाग के अपर सचिव युगल किशोर पंत ने बताया कि कैबिनेट मंत्री महाराज और उनके परिवार के सदस्यों व स्टाफ में कोरोना की पुष्टि हुई है। विभाग की ओर से 41 सैंपल जांच के लिए गए थे। इसमें 22 सैंपल कोरोना पॉजिटिव आए हैं। सभी को भर्ती कराया गया है। इन सभी के संपर्क में आए लोगों को चिन्हित करने की कोशिश की जा रही है।

वहीं, पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के परिवार में कोरोना संक्रमण की पुष्टि होने पर प्रशासन ने सर्कुलर रोड, डालनवाला स्थित उनके आवास के आसपास का क्षेत्र पाबंद (सील) कर दिया है। क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन बना दिया है। अगले आदेश तक यहां के लोग क्षेत्र से बाहर नहीं जाएंगे। इस दौरान क्षेत्र के बैंक, दुकानें और अन्य प्रतिष्ठान भी बंद रहेंगे।
जिलाधिकारी डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने रविवार को इसके आदेश जारी कर दिए हैं। पर्यटन मंत्री के सर्कुलर रोड स्थित आवास के पूरब में कर्जन रोड, पश्चिम में अब्दुल्ला खान का मकान, उत्तर में अमित अग्रवाल का मकान और दक्षिण में 13 म्यूनिसिपल रोड के क्षेत्र को पाबंद किया है। डीएम ने कहा कि इस क्षेत्र में जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति अब प्रशासन कराएगा।
परिवार का एक सदस्य खरीदारी के लिए बाहर निकल सकता है। मोबाइल वैन के जरिए पाबंद क्षेत्र में दूध की सप्लाई की जाएगी। नगर निगम को क्षेत्र की साफ-सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के साथ मुनादी कर लोगों को जागरूक करने के निर्देश जारी किए गए हैं। इसके अलावा पुलिस क्षेत्र की बैरिकेडिंग करेगी। सीएमओ को सामुदायिक स्वास्थ्य पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि अगर कोई इमरजेंसी है तो कंटेनमेंट जोन के लोग पुलिस के टोल फ्री नंबर 112 पर संपर्क कर सकते हैं। आदेश का पालन न करने वाले लोगों के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।

एहतियात बरतते हुए होंगे होम क्वारंटीन
कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज के कोरोना पॉजिटिव आने से सरकार पर कोरोना संक्रमण का खतरा मंडराने लगा है। पॉजिटिव आने से पहले महाराज मंत्रिमंडल की बैठक में शामिल हुए थे। इस बैठक में मुख्यमंत्री समेत सभी कैबिनेट मंत्री, मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह सहित शासन के अन्य उच्च अधिकारी मौजूद थे। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने एहतियात बरतते हुए सभी बैठकें निरस्त कर दी हैं, जबकि कई मंत्री होम क्वारंटीन में चले गए हैं।
हालांकि आईसीएमआर की गाइडलाइन के अनुसार मंत्रिमंडल की बैठक जिस फार्मेट में होती है, वह संक्रमण के लिहाज से लो रिस्क श्रेणी में आती है। महाराज के पॉजिटिव आते ही सरकार में हड़कंप मच गया है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने रविवार को अपनी सभी बैठकें निरस्त कर दी। उन्होंने किसी से मुलाकात भी नहीं की।
वहीं अधिकांश मंत्रियों ने खुद को होम क्वारंटीन कर लिया है। महाराज के साथ बैठक में मौजूद होने से कई मंत्री भी सहमे हुए हैं कि कहीं उनमें कोरोना का लक्षण न आ जाए। मुख्य सचिव उत्पल कुमार ने बताया कि मंत्रिमंडल में जो भी अधिकारी शामिल थे, उनमें से आधे अधिकारी होम क्वारंटीन होंगे और आधे वर्क फ्रॉम होम करेंगे।

पत्नी के पाॅजीटिव होने से एक दिन पहले कैबिनेट बैठक में शामिल हुए थे महाराज

कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज की पत्नी अमृता रावत कल कोरोना पॉजिटिव पाई गईं। जिलाधिकारी डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव और अपर सचिव युगल किशोर पंत ने इसकी पुष्टि की। उन्होंने बताया कि अमृता रावत की तबीयत खराब थी। शनिवार सुबह देहरादून की एक निजी लैब में उनकी कोरोना जांच की गई, देर शाम रिपोर्ट पॉजिटिव आई।
अमृता रावत की रिपोर्ट पाॅजीटिव आने की खबर से स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन में हड़कंप मच गया। एक दिन पहले ही कैबिनेट में सतपाल महाराज शामिल हुए थे। ऐसे में राज्य की कैबिनेट और शासन के वरिष्ठ अधिकारियों में चिंता होना लाजिमी है। सतपाल महाराज के कोविड टेस्ट के बाद ही कुछ स्थिति साफ हो पायेगी। क्योकि रिपोर्ट अगर पाॅजीटिव आती है तो नियमानुसार सभी को क्वारंटीन करना होगा। बता दें कि कैबिनेट में मुख्यमंत्री सहित अन्य मंत्री भी शामिल थे। ऐसे में यह देश का पहला राज्य होगा जहां पूरी सरकार को ही क्वारंटीन होना पड़ेगा। लेकिन महाराज की रिपोर्ट नेगेटिव आती है तो यह सभी के लिए राहत की बात होगी।  
बता दें कि अभी कुछ दिन पहले ही दिल्ली से मंत्री सतपाल महाराज से मिलने आए लोगों को मंत्री आवास में ही क्वांरटीन कर दिया गया था। संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के घर के बाहर क्वारंटीन का स्टीकर भी चस्पा किया गया था। 
कुछ लोग दिल्ली से सतपाल महाराज से मिलने उनके सर्कुलर रोड स्थित घर पर आए थे। इसलिए केंद्र सरकार की गाइड लाइन के हिसाब से महाराज के घर आए तीन लोगों को प्रशासन ने उनके आवास में ही होम क्वांरटीन कर दिया था। वहीं मंत्री ने अपना ऑफिस भी सरकारी आवास में शिफ्ट कर दिया था।

कांग्रेस के निशाने पर आएं महाराज
कांग्रेस पार्टी की ओर से सतपाल महाराज सहित पूरी कैबिनेट और मुख्यमंत्री को क्वारंटीन करने की मांग की गई है। साथ ही ऐसे अधिकारी जो बैठक में शामिल हुए उन्हें भी ऐतिहातन के तौर पर क्वारंटीन करने और सभी का सैंपल लेने की बात की जा रही है। सोशल मीडिया में भी महाराज की पत्नी के पाॅजीटिव पाये जाने पर कई तरह की प्रतिक्रिया देखने को मिली।

मदन कौशिक पर बढ़ा दबाव
उत्तरी हरिद्वार में एक युवक के कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद शासकीय प्रवक्ता और कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक के उपर दबाव बढ़ गया है। कारण यह कि युवक तीन दिन पहले प्रदेश के कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक समेत कई लोगों के संपर्क में आया था। दरअसल, युवक खड़खड़ी में मदद के लिए बांटा गया राशन लेने पहुंचा था। वहीं, सोशल मीडिया पर लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या मंत्री समेत अन्य को भी क्वारंटाइन किया जाएगा। दरअसल, खड़खड़ी क्षेत्र के रामलीला मैदान में गरीब, असहाय व जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए राशन बांटा गया था। इस कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक के अलावा एक बड़े संत, एक कथावाचक व कई पार्षद और बड़ी संख्या में समर्थक शामिल हुए थे।