अब कैलाश मानसरोवर यात्रा हुई सुगम, चीन सीमा तक बनी सड़क

अब कैलाश मानसरोवर की यात्रा एक सप्ताह में की जा सकेगी। चीन सीमा तक सड़क बनने से इस यात्रा में यात्रियों को दिक्कतों का सामना कम होगा। इससे पूर्व इस यात्रा को करने में 21 दिन का समय लगता था। यात्रियों को आधार शिविर धारचूला से लगभग 80 किलोमीटर की यात्रा पैदल ही तय करनी पड़ती थी।

मगर, अब सीमांत तक सड़क बनने से अब कैलाश यात्री दिल्ली से सीधे लिपुलेख पहुंच सकेंगे।  इस सड़क के बनने से अब तक कठिन मानी जाने वाली यात्रा सुगम हो जाएगी। इसके अलावा छोटा कैलाश की यात्रा भी सुगम होगी।

छोटा कैलाश के यात्री गुंजी, कुटी और जौलिंगकांग तक वाहन से पहुंच सकेंगे। इसके लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बीआरओ की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह अद्भुत और प्रशंसनीय है कि सीमा सड़क संगठन ने इस कठिन कार्य को पूरा किया।

घट्टाबगढ़-लिपुलेख सड़क के ऑनलाइन उद्घाटन के अवसर पर मौजूद रहे अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ के सांसद अजय टम्टा ने चीन सीमा के लिए मुनस्यारी से बन रही धापा-बोगड्यार-मिलम मार्ग का मामला भी रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के समक्ष उठाया। इस पर उन्होंने कहा कि 2021 मार्च तक इस मार्ग का भी निर्माण पूर्ण हो जाएगा।

जिला प्रशासन ने जनपद के हॉट स्पॉट क्षेत्र के लिए उपलब्ध कराई आवश्यक सामग्री

देहरादून जनपद के देहरादून क्षेत्र में 10 सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों के माध्यम से प्रति पैकेट रू0 43 की दर से 500 पैकेट विक्रय किया गया। इसी क्रम में जनपद के विभिन्न चयनित स्थानों पर प्रशासन द्वारा अधिकृत 21 मोबाईल वैन के माध्यम से सस्ते दरों पर 122.36 क्विंटल फल-सब्जियों का विक्रय किया गया। जिला प्रशासन की टीम द्वारा जनपद के ऋषिकेश नगर निगम क्षेत्र में अवस्थित बीस बीघा, शिवा एन्कलेव ऋषिकेश में खाद्य एवं दैनिक उपयोग की आवश्यक सामग्री उपलब्ध करवाई गयी। जिला पूर्ति विभाग द्वारा आजाद कालोनी में 41 गैस सिलेण्डर वितरित किये गये। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अन्तर्गत आजाद कालोनी में 967, तथा बीस बीघा ऋषिकेश में 471 उपभोक्ताओं को खाद्यान उपलब्ध कराया गया। दुग्ध विकास विभाग द्वारा आज कुल 1297 ली0 दूध विक्रय किया गया। आजाद कालोनी में 3 मोबाईल वैन के माध्यम से फल एवं सब्जियां उपलब्ध करवाई गयी।

कोविड-19 के संक्रमण के दृष्टिगत जिला आपदा परिचालन केन्द्र देहरादून में जन सहायता हेतु स्थापित कन्ट्रोलरूम में कुल 134 कॉल प्राप्त हुई हैं, जिसमें, ई-पास हेतु 115, भोजन के लिए 5, राशन हेतु 10, कृषि से सम्बन्धित 4 कॉल प्राप्त हुई। कोविड-19 संक्रमण की रोकथाम के दृष्टिगत उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ ए.के डिमरी, जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी जी.सी कण्डवाल द्वारा स्पोर्टस कालेज रायपुर में अन्य जनपदों को जाने वाले 775 व्यक्तियों को प्रशिक्षण दिया गया तथा मास्क भी वितरित किये गये।प्रधानमंत्री जनधन खाताधारकों द्वारा जनपद में विभिन्न बैंकों से 3237 लाभार्थियों द्वारा अपने जनधन खाते से धनराशि की निकासी की गयी। आज मोबाईल एटीएम आजाद कालोनी, क्षेत्र में जनसुविधा हेतु उपलब्ध रही। जनपद में मनरेगा कार्यों के अन्तर्गत आतिथि तक 703 निर्माण कार्य प्रारम्भ किये गये, जिनमें 7360 श्रमिकों को सैनिटाईजेशन एवं सामाजिक दूरी का अनुपालन करवाते हुए उक्त कार्य में योजित कर रोजगार उपलब्ध कराया गया।

तीन लोग हरिद्वार आकर कर सकेंगे दिवंगत परिजन की अस्थियां विसर्जित, कैबिनेट ने लिया फैसला

हरिद्वार में लॉकडाउन के बाद से पिछले 40 दिनों से अस्थि विर्जसन पर लगी रोक को कैबिनेट ने हटा लिया है। कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव पर सभी ने सहमति दी। फैसले के अनुसार, गाड़ी चालक के अलावा दो व्यक्ति हरिद्वार आकर अपने दिवंगत परिजन की अस्थियां विसर्जित कर सकता है।

लॉकडाउन के बाद से हरिद्वार में अस्थि विसर्जन के लिए अन्य राज्यों से लोग अस्थियां लेकर पहुंच रहे थे मगर, हरिद्वार के तीनों बॉर्डर से ही उन्हें वापस लौटना पड़ रहा था। इस मामले में हरिद्वार की श्री गंगा सभा के अध्यक्ष प्रदीप झा और महामंत्री तन्मय वशिष्ठ ने शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक को ज्ञापन भी दिया था, इसमें अस्थि विसर्जन पर रोक हटाने की मांग की गई थी।

शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने बताया कि प्रदेश सरकार ने जो निर्णय लिया है उसके अनुसार गाड़ी लेकर आने वाले चालक के अलावा दिवंगत व्यक्ति के दो परिजन भी अस्थि विसर्जन के लिए आ सकते हैं।  40 दिनों से हरिद्वार के तीर्थ पुरोहित कोई भी अस्थि विसर्जन नहीं करा पा रहे थे।  

उत्तराखंड में शराब पर लगा हेल्थ केयर टैक्स

कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण उत्तराखंड को हुए नुकसान की भरपाई के लिए राज्य सरकार ने अहम फैसले लिए। इसमें पेट्रोल के दाम एक और डीजल के दाम दो रुपये बढ़ा दिए गए हैं। वहीं, शराब के विभिन्न ब्रांड में बीस रुपये से लेकर पांच सौ रुपये तक का हेल्थ केयर टैक्स लगाया है।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार शाम को मुख्यमंत्री आवास पर मंत्रिमंडल की बैठक हुई। शासकीय प्रवक्ता और कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने बताया कि प्रदेश सरकार ने कोरोना के चलते हुए राजस्व नुकसान को देखते हुए शराब, पेट्रोल और डीजल के दामों को बढ़ाया है।

शराब की प्रति बोतल पर हेल्थ केयर टैक्स लगाया है। शराब की तीनों श्रेणियों में दाम बढ़ाए गए हैं। नए रेट से अर्जित होने वाला टैक्स प्रदेश की विभिन्न योजनाओं और कोविड-19 रोकथाम में खर्च होगा। अनुमान है कि हेल्थ केयर टैक्स से 250 करोड़ का अतिरिक्त राजस्व आएगा। बढ़े हुए दाम इस वित्तीय वर्ष में प्रभावी रहेंगे। प्रदेश सरकार ने ध्यान रखा है कि शराब के दाम उत्तर प्रदेश से कम रहें। पेट्रोल और डीजल पर वैट में मामूली वृद्धि की गई है। इस वृद्धि से प्रदेश को 120 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व एकत्रित होगा।

इन बातों पर कैबिनेट ने लिया फैसला
– उत्तराखंड में पेट्रोल एक रुपये और डीजल के दाम दो रुपये प्रति लीटर बढ़ाने का फैसला लिया गया।
– शराब के दामों में तीन कैटेगरी में वृद्धि की गई है जो 20 रुपये से लेकर 425 रुपये के बीच है।
– उत्तराखंड लौटने वाले प्रवासियों के लिए मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना शुरू होगी।
– हरिद्वार में अस्थि विसर्जन पर लगी रोक हटा दी गई है।
– उद्यमियों को ऋण सब्सिडी में लाभ मिलेगा।
– 50 हेक्टेयर वाले पट्टे पर मशीन से हो सकेगा खनन

मंत्रिमंडल ने फैसला लिया है कि 50 हेक्टेयर तक के खनन पट्टों पर अब मशीन से खनन हो सकेगा। मामला अदालत में विचाराधीन पचास हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र वालेे पट्टाधारकों को यह अनुमति नहीं दी गई है। सरकार इसको लेकर हाईकोर्ट जाएगी। वहीं रायवाला से हरिद्वार के भोगपुर तक खनन पर लगे प्रतिबंध को हटाने के लिए सरकार न्यायालय में जाने के साथ केंद्र से भी वार्ता करेगी।

दो शिफ्ट में काम करने की अनुमति
कारखानों में दो शिफ्ट में काम करने की अनुमति मंत्रिमंडल ने दे दी है। इसके लिए श्रमिकों को ओवर टाइम देना होगा। 11-11 घंटे की दो पालियों में काम करने वाले श्रमिकों को 6 कार्यदिवस काम करना होगा और प्रतिदिन तीन घंटे ओवरटाइम मिलेगा। निरंतर उत्पादन करने वाले कारखानों में 12-12 घंटे की दो शिफ्ट होगी। यहां चार घंटे का ओवर टाइम मिलेगा।

मुख्यमंत्री के जीवन को लेकर उड़ाई अफवाह, मुकदमा दर्ज

सोशल मीडिया पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के जीवन लेेेेकर अफवाह उड़ा दी गई, जिससे हड़कंप मच गया। मामले को संज्ञान में लेते हुए एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अशोक कुमार ने एसएसपी देहरादून को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। वहीं, इस मामले को लेकर कैंट थाने में चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
सोशल का मीडिया का कुछ लोग गलत तरीके से इस्तेमाल कर रहा है। कभी किसी नेता की छवि धूमिल किए जाने की कोशिश सोशल मीडिया के जरिए की जा रही है। तो कभी अफवाहों के जरिए लोगों को गुमराह किया जा रहा है। इस बार तो हद ही हो गई। अज्ञात शख्स ने सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के जीवन को लेकर अफवाह फैला दी।
मामले पर महानिदेशक अपराध और कानून व्यवस्था अशोक कुमार ने सख्त रुख दिखाते हुए एसएसपी अरुण मोहन जोशी को आरोपित के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगी। ऐसे लोगों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

अब उत्तराखंड के मरीज कहीं भी करा सकेंगे इलाज, सरकार ने दी बड़ी राहत

राज्य अटल आयुष्मान योजना के तहत 39 लाख गोल्डन कार्ड नेशनल पोर्टेबिलिटी से जुड़ गए हैं। अब गोल्डन कार्ड पर गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीज देश के किसी भी पंजीकृत बड़े अस्पताल में इलाज कर सकेंगे। लेकिन सरकारी अस्पताल से रेफर की व्यवस्था रहेगी।
प्रदेश में अटल आयुष्मान योजना में दो तरह के गोल्डन कार्ड धारक है। एक तो केंद्र की आयुष्मान योजना में प्रदेश के 5.37 लाख परिवार शामिल हैं। जबकि त्रिवेंद्र सरकार ने अपने संसाधनों से 25 दिसंबर 2018 से प्रदेश के सभी 23 लाख परिवारों को अटल आयुष्मान योजना का लाभ दिया। जिसमें पांच लाख तक मुफ्त इलाज की सुविधा है।
राज्य आयुष्मान योजना में बने गोल्डन कार्ड पर प्रदेश के अंदर पंजीकृत 174 सरकारी व निजी अस्पतालों में इलाज कराने की सुविधा दी थी। अब नेशनल पोर्टेबिलिटी से इन्हें भी जोड़ दिया गया है। इसके बाद सभी गोल्डन धारकों को देश के किसी भी पंजीकृत बड़े अस्पतालों में गंभीर बीमारियों का इलाज कराने की सुविधा मिलेगी।

अस्पतालों को मिलेगा ज्यादा प्रोत्साहन
नेशनल इंस्टीट्यूट आफ बॉयो साइंस एंड ह्यूमन (एनआईबीएच) से प्रमाणित सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों को आयुष्मान योजना के तहत इलाज कराने पर 10 से 15 प्रतिशत ज्यादा प्रोत्साहन मिलेगा। वहीं, पर्वतीय क्षेत्रों में योजना में सूचीबद्ध अस्पतालों को पहले से ही 10 प्रतिशत अतिरिक्त इनसेंटिव दिया जाता है।
राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के अध्यक्ष डीके कोटिया ने बताया कि प्रदेश के सभी गोल्डन कार्ड धारक नेशनल पोर्टेबिलिटी से जुड़ गए हैं। अब कार्ड धारक मरीज प्रदेश के बाहर किसी भी पंजीकृत अस्पताल में गंभीर बीमारियों का इलाज करा सकते हैं। इसके लिए रेफर की व्यवस्था रहेगी।

जिला         गोल्डन कार्ड धारक
अल्मोड़ा           207807
बागेश्वर            89620
चमोली            155751
चंपावत            82730
देहरादून           821696
हरिद्वार             631623
नैनीताल         346406
पौड़ी            262848
पिथौरागढ़      159276
रुद्रप्रयाग         92702
टिहरी              259852
ऊधमसिंह नगर  609345
उत्तरकाशी      147043

उत्तराखण्ड में कोरोना की डबलिंग रेट में लगातार हो रहा सुधार

मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने मीडिया ब्रीफिंग कर कोविड-19 के संबंध में अपडेटेड स्थिति की जानकारी दी। मुख्य सचिव ने कहा कि सरकार दूसरे राज्यों से उत्तराखण्ड लौटने के इच्छुक प्रवासियों को वापस लाने के लिए प्रतिबद्ध है। लगभग 1 लाख 64 हजार लोगों ने इसके लिए पंजीकरण कराया है। अभी तक 7300 लोगों को दूसरे राज्यों से लाया जा चुका है जबकि 8146 को राज्य के भीतर ही एक जिले से दूसरे जिले में भेजा गया है। जो भी उत्तराखण्ड लौटना चाहते हैं, उन्हें वापस लाया जाएगा। थोड़ा संयम और धैर्य रखने की जरूरत है। तमाम तरह की सावधानियां बरतनी होती है। इसलिए एक साथ इकट्ठा सबको नहीं लाया जा सकता है। स्वास्थ्य परीक्षण, वाहनों की व्यवस्था, रूकने की व्यवस्था आदि बातें देखनी होती हैं। सरकार इस काम में दिन रात लगी है। पूरा काम सुनियोजित तरीके से किया जाना है। हरियाणा से 1500 लोगों को निजी वाहन से आने की अनुमति दी गई है। यहां बसें भी भेजी जाएंगी। उदयपुर व जम्मू से 400-400 लोगों को लाने की व्यवस्था की जा रही है। गुजरात व महाराष्ट्र को सूचना दी गई है कि सूरत, अहमदाबाद व पुणे से लोगों को ट्रेन से लाया जाना है। हमारी रेल मंत्रालय से बात हो चुकी है। संबंधित राज्यों को भी रेल मंत्रालय से बात करनी है। उत्तराखण्ड के लोगों को ट्रेन से लाने में जो भी व्यय आएगा, उसका वहन उत्तराखण्ड सरकार द्वारा किया जाएगा। केरल के दो शहरों से भी लगभग 1000 लोगों को लाया जाना है। भारत सरकार द्वारा विदेशों से भारतीय नागरिकों को लाने की व्यवस्था की जा रही है। इनमें उत्तराखण्ड का व्यक्ति होने पर विदेश मंत्रालय द्वारा हमें अवगत कराया जाएगा। इसके लिए हमने एसओपी तैयार कर ली है।
मुख्य सचिव ने कहा कि पिछले दो दिन से प्रदेश में कोई भी कोरोना पॉजिटिव केस नहीं आया है। वर्तमान में कुल पॉजिटिव केस 61 हैं, इनमें से 39 रिकवर हो चुके हैं जबकि 21 एक्टीव केस हैं। इनमें भी सभी की स्थिति सामान्य है। एक महिला जिसकी मृत्यु हुई है, उन्हें काफी क्रिटीकल हालत में एम्स ऋषिकेश में लाया गया था, बाद में जांच में इन्हें कोरोना संक्रमित पाया गया। परंतु उनकी मृत्यु अन्य कारण से हुई है। अभी तक कुल 7784 टेस्ट की रिपोर्ट प्राप्त हुई है। इनमें से 7723 की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। प्रदेश में कोरोना मामलों के दोगुने होने की दर में लगातार सुधार हो रहा है। आज के दिन हमारी डबलिंग रेट 47 दिन है। इस दृष्टि से हम देश के अग्रणी राज्यों में हैं। यहां के कुल कोराना पॉजिटिव मामलों में 85 प्रतिशत पुरूष हैं जबकि 15 प्रतिशत महिलाएं हैं। इसमें भी अधिकांश युवा हैं। इसलिए हमारे यहां रिकवर होने की अधिक सम्भावना है। देश में भेजे गए सेम्पल के सापेक्ष पॉजिटिव केस 3.86 प्रतिशत है जबकि राज्य में यह 0.78 प्रतिशत है। हमारी मृत्यु दर भी राष्ट्रीय औसत से लगभग आधी है। हालांकि ये मृत्यु भी प्रत्यक्ष रूप से कोरोना से नहीं हुई है। अभी तक प्रदेश में कोरोना को काफी हद तक नियंत्रित रखा गया है। हमारे यहां कान्टेक्ट ट्रेसिंग भी प्रभावी तौर पर की गई।
मुख्य सचिव ने बताया कि प्रदेश में 426 चिकित्सक ऐसे थे जिनका आयेग द्वारा वर्ष 2010 से 2015 के बीच चयन किया गया परंतु उन्होंने या तो जॉइन नहीं किया या परिवीक्षा अवधि पूरी नहीं की। ऐसे चिकित्सकों की सेवाएं समाप्त की गई हैं। अब हम इनकी जगह पर चिकित्सकों की नई भर्ती कर सकते हैं। हाल ही में 401 चिकित्सकों को नियुक्ति दी गई है। 467 पदों का अध्याचन भी चयन आयोग को भेजा जा रहा है। आयोग से चयन प्रक्रिया को जल्द पूरा करने का अनुरोध किया जाएगा। इसके अलावा कैबिनेट द्वारा 180 पदों को पुनर्जीवित किया गया था। इन पदों पर जल्द भर्ती कराई जाएगी।
मुख्य सचिव ने कहा कि अभी तक जनता ने पूरा सहयोग किया है। लॉकडाउन-3 में भी हमें जिम्मेवारी का परिचय देना है। मास्क, सेनेटाईजेशन और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। वर्तमान में दी गई शिथिलता चलती रहेगी। यदि अनुशासन बनाए रखा जाएगा तो और भी शिथिलता पर विचार किया जा सकता है। कोरोना संक्रमित होने पर घबराने की जरूरत नहीं है।
प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियां भी शुरू की गई हैं। 4479 उद्योगों को ऑनलाईन अनुमति दी गई है। इन्होंने काम भी शुरू कर दिया है। इनमें 1 लाख 66 हजार श्रमिक, कार्मिक संलग्न हैं। सड़क, रेल, एयरपोर्ट, भवन निर्माण आदि काम शुरू होने जा रहे हैं। इनकी आवश्यकता को देखते हुए खनन का काम भी शुरू कर दिया गया है। जिलाधिकारियों को इसे प्राथमिकता से देखने को कहा गया है।
भवन निर्माण से जुड़े श्रमिकों को लॉकडाउन में राहत देने के लिए दो किश्तों में 1-1 हजार, कुल दो हजार रूपए उनके खातों में ट्रांसफर किए गए हैं। लगभग 1 लाख 98 हजार श्रमिक इससे लाभान्वित हुए हैं।
मुख्य सचिव ने कहा कि सोशल मीडिया में सरकार की तैयारियों के बारे में बहुत सी अफवाहें चलती रहती हैं। लोगों से अनुरोध है कि प्रामाणिक जानकारियों पर ही विश्वास करें। हम पूरी व्यवस्था कर रहे हैं।

स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, आईसीयू, वेंटीलेटर और बाईपैप मशीनों की हुई स्थापना

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने वीडियो कॉफ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के 8 जनपदों एवं देहरादून के दून मेडिकल कॉलेज में 73 आई०सी0यू0, 46 वेण्टीलेटर तथा 21 बाईपैप मशीनों का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिये स्वास्थ्य विभाग द्वारा किये जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि वर्ष 2017 में राज्य में जहां केवल 3 मेडिकल कालेजों में 62 आई०सी0यू0, 37 वेण्टीलेटर तथा 4 बाईपैप मशीनें ही थीं। जबकि वर्तमान में कुल 251 आई0सी0यू0, 113 वेण्टीलेटर तथा 33 बाईपैप मशीनें स्थापित की जा चुकी हैं।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि आगामी चार माह में राज्य में आई0सी0यू0 बैड्स की संख्या 525, वेण्टीलेटर की संख्या 363 तथा बाईपैप मशीनों की संख्या 52 किये जाने की योजना को धरातल पर लाने के लिये विशेष प्रयास किये जाएं, इसके लिए धनराशि की व्यवस्था करायी गई है। मुख्यमंत्री ने इस पर भी सन्तोष व्यक्त किया कि वर्ष 2017 में जहां प्रदेश में मात्र 3 जनपदों में आई0सी0यू0 स्थापित थे वहीं अब राज्य के 11 जनपदों में आई0सी0यू0 की स्थापना पूर्ण हो चुकी है शेष 02 जनपदों अल्मोड़ा तथा बागेश्वर में भी अगले सप्ताह तक आई0सी0यू0 का संचालन प्रारम्भ हो जायेगा।
मुख्यमंत्री द्वारा ऑनलाइन वीडियो कॉफ्रेंसिंग के माध्यम से जिन चिकित्सालयों में आई.सी.यू वेण्टीलेटर तथा बाईपैप मशीनों का लोकापर्ण किया उनमें मेला हास्पिटल हरिद्वार में 10 आई0सी0यू0, 3 वेण्टीलेटर तथा 4 बाईपैप मशीनें, संयुक्त चिकित्सालय, रूड़की में 10 आई0सी0यू0, 1 वेण्टीलेटर तथा 2 बाईपैप मशीनें, बी.डी पांडे जिला चिकित्सालय, नैनीताल में 4 आई0सी0यू0, 1 वेण्टीलेटर तथा 1 बाईपैप मशीन, माधव आश्रम चिकित्सालय, रूद्रप्रयाग में 6 आई0सी0यू0, 4 वेण्टीलेटर तथा 2 बाईपैप मशीनें, जिला चिकित्सालय चमोली में 6 आई0सी0यू0, 3 वेण्टीलेटर तथा 5 बाईपैप मशीनें, जिला चिकित्सालय चम्पावत में 6 आई0सी0यू0, 3 वेण्टीलेटर तथा 2 बाईपैप मशीनें, जिला चिकित्सालय पिथौरागढ़ में 1 आई0सी0यू0, 2 वेण्टीलेटर तथा 1 बाईपैप मशीन, जिला चिकित्सालय पौड़ी में 1 वेण्टीलेटर तथा 1 बाईपैप मशीन के साथ ही दून मेडिकल कॉलेज, देहरादून में 30 आई0सी0यू0, 28 वेण्टीलेटर तथा 3 बाईपैप मशीनों की स्थापना शामिल है।
इस अवसर पर कोविड-19 के दृष्टिगत उपचार हेतु की गई व्यवस्थाओं की भी मुख्यमंत्री ने समीक्षा की। मुख्यमंत्री को बताया गया कि वर्तमान में कोविड-19 के पोजिटिव मामलों के लिये 753 आइसोलेशन बेड सरकारी तथा 856 निजी अस्पतालों में की गई है, जबकि सस्पेकटेड कोविड-19 के लिये 745 बेड सरकारी तथा 2450 निजी अस्पतालों में की गई है। इसी के तहत 103 वेण्टीलेटर सरकारी तथा 189 वेण्टीलेटर निजी अस्पतालों में की गई है जबकि 136 आई0सी0यू बेड सरकारी तथा 498 आई0सी0यू0 की व्यवस्था निजी अस्पतालों में की गई है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी सम्बन्धित चिकित्सालयों के चिकित्सकों से भी वार्ता कर उनकी समस्यायें सुनी तथा उनके प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, सचिव स्वास्थ्य नितेश झा, अपर सचिव युगल किशोर पंत, अरूणेन्द्र सिंह चैहान व महानिदेशक स्वास्थ्य डॉ. अमिता उप्रेती उपस्थित थीं।

सुबह सात बजे से पहले ठेकों के बाहर उमड़ी शराब के शौकीनों की भीड़

टिहरी जनपद की मुनिकीरेती क्षेत्र में खाराश्रोत स्थित अंग्रेजी शराब का ठेका सुबह सात बजे खुला। मगर, इससे पूर्व सुबह छह बजे ही यहां लंबी कतार लग गई। ठेके पर जिला देहरादून के ऋषिकेश और हरिद्वार, रूड़की से भी लोग पहुंचे।

सोमवार की सुबह सात बजे खाराश्रोत का ठेेका मुनिकीरेती पुलिस की मौजूदगी में खुला। पुलिस ने सोशल डिस्टेंस का पालन कराते हुए व्यवस्थाएं संभाली। इस दौरान पांच-पांच के ग्रुप में ही खरीददारी की गई। तेज धूप होने के कारण अधिकांश लोग अपने गोले पर ही बैठे नजर आए। वहीं, चहेतों को पहले भेजने का आरोप लगाने वालों पर पुलिस ने लाठी भी भांजी। शराब के शौकीनों की भीड़ के आगे पुलिस की फोर्स कम दिखाई दी। हरिद्वार रेड जोन होने के कारण वहां भी सीमावर्ती क्षेत्रों में शराब का एक भी ठेका नहीं खुला। उधर, रायवाला का अंग्रेेजी और देसी शराघ्ब का ठेका नहीं खुला। इसके साथ ही रानीपोखरी का भी ठेका नहीं खुला। इस कारण खाराश्रोत शराब के ठेके में अधिक संख्या में भीड़ उमड़ पड़ी।

जिला देहरादून, हरिद्वार के शौकीनों को नहीं मिलेगी शराब, होगा मुकदमा
सोमवार को शराब की दुकान के पहले दिन टिहरी जिले से ज्यादा देहरादून जिले के ऋषिकेश और हरिद्वार, रुड़की से भी लोग पहुंचे। इस पर थानाध्यक्ष मुनिकीरेती राम किशोर सकलानी ने कहा कि गैर टिहरी और पौड़ी जनपद के लोगों को शराब नहीं दी जाएगी। वहंी, टिहरी और पौड़ी वालों को आधार कार्ड दिखाना होगा।

शराब की पेटी खरीदने का रहा जोर
शराब के शौकीनों में एक बोतल से ज्यादा पेटी खरीदने का क्रेज देखने को मिला। खाराश्रोत ठेके पर लोग बड़े-बड़े बैग लेकर पहुंचे। दोपहिया वाहनों पर लोग शराब की पूरी पेटी को ले जाते हुए दिखाई दिए। इस दौरान ठेका के बैक डोर से भी शराब की बिक्री होती रही। इस दौरान नगर पालिका मुनिकीरेती के कर्मचारी, निजी अस्पताल के भी शराब की खरीददारी करते नजर आए।

नर्सिंग अफसर की रिपोर्ट पॉजीटिव, घर और आसपास की तीन गलियां डीएम के आदेश के बाद हुई सील

रविवार को एम्स की नर्सिंग अफसर में कोरोना पॉजीटिव रिपोर्ट आने के बाद अफसर का घर और करीब 100 मीटर का दायरा डीएम के आदेश पर पुलिस प्रशासन ने सैनिटाइज करने के बाद सील कर दिया है। बैरिकेडिंग लगाकर लोगों के आवागमन पर इस क्षेत्र में 14 दिन के लिए पाबंदी भी लगा दी गई है।

दरअसल रविवार को आवास विकास स्थित एक मकान में होम क्वारंटीन की गई नर्स की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद डीएम ने घर और 100 मीटर का दायरा सील करने के आदेश जारी किए। मौके पर पुलिस और प्रशासन की टीम पहुंची। जहां सबसे पहले क्षेत्र को सैनिटाइज करवाया गया। जिसके बाद बैरिकेडिंग लगाकर तीन गलियां सील कर दी गई। मौके पर पुलिस वाहन से मुनादी कर लोगों को क्षेत्र में आवागमन से संबंधित जानकारी दी गई। कोविड-19 की समन्वय अधिकारी आईएस अपूर्वा पांडे ने बताया कि क्षेत्र में 14 दिनों के लिए आवागमन पर पाबंदी लगाई गई है। मौके पर पुलिस टीम 24 घंटे तीनों बैरिकेडिंग पर तैनात रहेंगी। रोजमर्रा की जरूरी सामान उपलब्ध कराने के लिए मोबाइल सेवा उपलब्ध कराई जाएगी। इस दौरान एसडीएम प्रेमलाल इंस्पेक्टर रितेश शाह आईडीपीएल चौकी प्रभारी चिंतामणि सब इंस्पेक्टर कुलदीप रावत आदि उपस्थित रहे।