देवभूमि रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष विवेक और राधे बने महासचिव

लाॅकडाउन से एक ओर पूरा विश्व आर्थिक तंगी की ओर बढ़ रहा है। वहीं तीर्थनगरी में इसके कुछ सकारात्मक परिणाम भी देखने को मिल रहे है। अपने अधिकारों को लेकर ऋषिकेश के रेस्टोरेंट मालिक और संचालक एक मंच पर आ गये है। इन्होंने देवभूमि रेस्टोरेंट एसोसिएशन के नाम से अपनी यूनियन का गठन कर लिया है।
जिसमें अध्यक्ष की जिम्मेदारी विवेक तिवारी, तिवारी शुद्ध भोजनालय को दी गई है। यह शहर का प्रतिष्ठित और पुराना रेस्टोरेंट है। जिये शहरवासी तिवारी कैंटी के नाम से भी जानते है। वहीं महासचिव की जिम्मेदारी राधे साहनी, मद्रास होटल को दी गई है। यह शहर का साउथ इडियन रेस्टोरंट है जिसे नगर के ही नही विदेशी भी काफी पंसद करते है। कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी विपुल चुघ, स्नैक्स प्वाइंट को दी गई है।
यूनियन के गठन के बाद पदाधिकारियों ने बताया कि जल्द ही अन्य पदों पर भी जिम्मेदारी दी जायेगी। रेस्टोरेंट और होटल को इस समय काफी नुकसान हुआ है। लाॅकडाउन ने हमें सिखाया है कि हमें एकजुट होकर इससे जूझना है। हम सबकी समस्याऐं लगभग एक जैसी है। लाॅकडाउन के कारण हमने रेस्टोरेंट के संचालन में कुछ फेरबदल भी किये है। होम डिलीवरी को प्राथमिकता दी जा रही है। वहीं, नगर के व्यापारियों ने रेस्टोरेंट मालिको और संचालकों की यूनियन बनने से खुशी जाहिर की है।

लॉकडाउन-4ः शाम चार से सुबह सात बजे तक होगी सख्ती, अधिकतम पांच लोगों के साथ खोल सकेंगे सैलून

देहरादून जनपद में बुधवार से जिलाधिकारी आशीष श्रीवास्तव ने लॉकडाउन चार के लिए नई व्यवस्था लागू की है। जनपद में बुधवार से सैलून, स्पा एवं पार्लर खुलेंगे। इन दुकानों में उस्तरा सहित सभी उपकरण को एक आदमी के प्रयोग के बाद सैनिटाइल करना होगा। इसके अलावा दुकान के अंदर एक समय में अधिकतम पांच व्यक्ति (दो स्टॉफ, तीन उपभोक्ता) ही मौजूद रहेंगे।

जिलाधिकारी ने जनपद के सभी रेस्टोरेंट को बंद रखने को कहा है, लेकिन होम डिलीवरी की सुविधा दी जाएगी। सभी व्यावसायिक एवं वाणिज्यिक गतिविधियों से संबंधित प्रतिष्ठान सुबह सात से शाम चार बजे तक ही सेवाएं दे सकेंगे। केंद्र एवं राज्य सरकार के सभी कार्यालय, उपक्रमण, निगम, बैंक आदि भी खुलेंगे।

ये सभी कार्यालय समूह क एवं ख के अधिकारी 100 प्रतिशत तथा समूह ग व घ के कर्मचारी 33 प्रतिशत (आवश्यक सेवाओं से जुड़े हुए कार्मिकों को छोड़कर) के साथ खुले रहेंगे, शेष कार्मिक घर से काम करेंगे। सभी कार्यालयों में केवल सरकारी कार्य ही होंगे। जनता का आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।

निजी कार्यालय में 33 प्रतिशत कार्मिक
अगर किसी व्यक्ति का कोई जरूरी कार्य है तो वह ई-मेल, फैक्स अथवा कार्यालय के बाहर लगे ड्रॉप बॉक्स के जरिये पत्राचार कर सकता है। वहीं, कर्मचारियों को इस तरह से रवाना किया जाए, जिससे एक साथ अधिक भीड़ एकत्र न हो सके। वहीं, निजी कार्यालय भी 33 प्रतिशत कार्मिकों के साथ सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक ही खोले जा सकेंगे।

निर्माण कार्यों में मिलेगी छूट

डीएम ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार की निर्माणाधीन परियोजनाओं के कार्यों में छूट रहेगी। वहीं, विकास प्राधिकरण द्वारा स्वीकृत किए गए नक्शे वाले निजी निर्माण कार्य में भी छूट रहेगी। 

पास जारी होने के बाद हो सकेगा विवाह समारोह एवं अंतिम संस्कार

डीएम ने बताया कि विवाह समारोह एवं अंतिम संस्कार के लिए संबंधित एसडीएम, थानाध्यक्ष से पास लेना होगा। बताया कि केंद्र सरकार की ओर से इसके दिशा निर्देश दिए गए हैं।

इस समय पर रहेगी सख्ती

डीएम के मुताबिक शाम चार से सुबह सात बजे तक सख्ती रहेगी। इस दौरान आवागमन प्रतिबंधित रहेगा। इस दौरान अगर कोई भी लॉकडाउन का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

ये सेवाएं रहेंगी प्रतिबंधित

– जिम, पंचकर्म एवं क्लब की दुकानें बंद रहेंगी।
– सभी शैक्षणिक, प्रशिक्षण, कोचिंग संस्थान आदि।
– होटल एवं आतिथ्य सेवाओं से संबंधित गतिविधियां।
– सभी सिनेमा हॉल, मॉल, व्यायामशाला, स्वीमिंग पूल, मनोरंजन पार्क, थिएटर, बार एवं ऑडोटोरियम, असेंबली हॉल।
– दुकानो-निजी कार्यालयों-प्रतिष्ठानों में सेंट्रलाइज्ड एसी का प्रयोग वर्जित रहेगा।
– सभी सामाजिक, राजनीतिक, मनोरंजन, शैक्षणिक, सांस्कृतिक, धार्मिक कार्य।
– सभी धार्मिक स्थलध्पूजा स्थल जनता के लिए प्रतिबंधित रहेंगे। धार्मिक समारोह नहीं होंगे।
– सार्वजनिक स्थानों पर मदिरा, पान गुटखा, तंबाकू का सेवन भी प्रतिबंधित।

50 प्रतिशत यात्री क्षमता के साथ खुलेंगे सार्वजनिक परिवहन

राज्य सरकार ने ऑरेंज और ग्रीन जोन वाले जिलों में वाहनों को आधी क्षमता के साथ संचालन की अनुमति दे दी है। परिवहन विभाग इसके लिए जल्द ही एसओपी जारी करने वाला है। किसी जिले के रेड जोन में आने की स्थिति में वहां सार्वजनिक परिवहन पूरी तरह से बंद रहेगा। जबकि इंटर स्टेट परिवहन सामान्य तौर पर प्रतिबंधित है, लेकिन राज्यों की आपसी सहमति के आधार पर प्रवासियों को लाने के लिए बसें चलाई जा सकेंगी।
अभी प्रदेश में कोई भी जिला रेड जोन में नहीं होने से पूरे प्रदेश में बसों सहित अन्य सार्वजनिक परिवहन का संचालन करने का निर्णय ले लिया गया है। एक जिले से दूसरे जिले के बीच बसों के संचालन से लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। हालांकि वाहन की क्षमता से आधी सवारी को ही लेकर जाया जा सकेगा।
राज्य सरकार ने इंटर स्टेट परिवहन के संचालन को भी सहमति दी है, जिसके लिए नोडल अधिकारी, मंडलायुक्त और जिला मजिस्ट्रेट की अनुमति अनिवार्य है। मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह की ओर से जारी आदेश में परिवहन विभाग को निर्देशित किया गया है कि सार्वजनिक परिवहन की एसओपी (स्टेंडर्ड ऑपरेंटिंग प्रोसिजर) तैयार कर लें, जिसके बाद संचालन शुरू हो सकेगा। संचालन में सोशल डिस्टेंसिंग के मानकों का पूरी तरह से पालन होगा।
इस नियम का करना होगा पालन
उत्तराखंड में लॉकडाउन-4 में अब वाहनों का संचालन होने लगेगा। लेकिन अधिक आबादी वाले आठ शहरों में निजी वाहनों का संचालन ऑड-ईवन नंबर प्लेट के हिसाब से होगा। एक दिन ऑड नंबर और दूसरे दिन ईवन नंबर के चैपहिया वाहन चलाएं जा सकते हैं। वहीं, दोपहिया वाहन सभी दिन चल सकेंगे। उल्लंघन करने वालों पर सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।
मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने बताया कि देहरादून, हल्द्वानी, रुद्रपुर, काशीपुर, हरिद्वार, कोटद्वार, रुड़की, ऋषिकेश में सरकार ने सड़कों पर वाहनों की सीमित संख्या रखने के लिए ऑड-ईवन की व्यवस्था बनाई है। जिलों को इस संबंध में निर्देश जारी किए जाएंगे, जिसके बाद यह व्यवस्था लागू कर दी जाएगी। यह व्यवस्था प्राइवेट वाहनों के लिए रहेगी।

ड्राइवर भाई इस मुसीबत में ऐसा व्यवहार मत करो हमारे भाईयों के साथ!

पंजाब के भटिंडा से 18 प्रवासियों को लेकर पहंुची जीएमओयू बस के ड्राइवर ने उन्हें दुगड्डा में उतार दिया। इससे उन्हें खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि बाद में पुलिस ने जीएमओयू की दूसरी बस की व्यवस्था की और कुछ प्रवासियों को पौखाल के लिए रवाना किए। जबकि कुछ टैक्सी बुक कर घरों के लिए रवाना हुए।
पौखाल क्षेत्र के मुंडगांव के युवाओं ने पुलिस को बताया कि लॉकडाउन के चलते वे भटिंडा में फंस गए थे। उन्होंने गांव आने के लिए प्रदेश सरकार की वेबसाइट पर आवेदन किया था। उन्हें बीती 16 मई को भटिंडा से देहरादून लाया गया। थर्मल स्क्रीनिंग के बाद शासन की ओर से उन्हें अगले दिन बसों से पौड़ी लाया गया। जहां फिर से स्वास्थ्य जांच के बाद दुगड्डा ब्लॉक के पौखाल क्षेत्र के 18 लोगों को जीएमओयू की बस से रवाना किया गया, लेकिन बस ड्राइवर उन्हें गंतव्य तक पहुंचाने के बजाय दुगड्डा में ही छोड़कर चला गया।
कई मिन्नतें करने के बावजूद ड्राइवर ने उनकी नही सुनी। जिससे दुगड्डा जाने के लिए उन्हें काफी परेशानी हुई। उन्होंने बताया कि जिनके पास पैसे थे, वे टैक्सियां बुक कराकर अपने घर चले गए, लेकिन जिनके पास पैसे नहीं थे, उन्होंने किसी माध्यम से पुलिस को इसकी सूचना दिलवाई। दुगड्डा चैकी इंचार्ज ओमप्रकाश ने तत्काल मदद करते हुए दूसरी बस की व्यवस्था कर प्रवासियों के लिए व्यवस्था की।

सीएम पोर्टल में शिकायत करने से डाॅक्टर नाराज, मरीज को कर दिया डिस्चार्ज

अल्मोड़ा जिला अस्पताल में भर्ती आयुष्मान कार्डधारक मरीज ने बाजार की दवाइयां लिखने पर सीएम पोर्टल पर शिकायत कर दी। जिसकी जांच शुरू होने पर मरीज का इलाज कर रहे वरिष्ठ फिजीशियन नाराज हो गए और सोमवार सुबह मरीज को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया। जबकि सूत्रों के अनुसार, मरीज डिस्चार्ज की हालत में नही था।
मामला गर्माने के बाद अस्पताल प्रशासन ने चिकित्सक को लिखित रूप से चेतावनी दी और भविष्य में सभी डॉक्टरों को बाहर की दवाएं नहीं लिखने के निर्देश दिए हैं। हवालबाग ब्लॉक के पाखुड़ा गांव निवासी रमेश सिंह (56) लंबे समय से गंभीर रूप से बीमार है। बीती नौ मई को उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉ. पीएस टाकुली रमेश का इलाज कर रहे थे।
मरीज के गुर्दे खराब होने के साथ ही उसे शुगर और सेफ्टीसीमिया आदि बीमारियां हैं। मरीज की आर्थिक स्थिति काफी खराब है। मरीज की देखरेख में जुटे परिजनों के साथ ही हीरा ढुंगरी निवासी सामाजिक कार्यकर्ता राजेंद्र सिंह बिष्ट ने आरोप लगाया कि आयुष्मान कार्ड धारक होने के बावजूद डॉ. टाकुली बाजार की दवाएं लिख रहे थे।
रविवार को उन्होंने मुख्यमंत्री पोर्टल में डाॅक्टर की शिकायत कर दी। शिकायत दर्ज होने के बाद रविवार रात को ही स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने पूछताछ शुरू कर दी। इससे नाराज डॉक्टर ने अगली सुबह अस्पताल पहुंचते ही सबसे पहले गंभीर बीमार मरीज को अस्पताल से डिस्चार्ज कर बाहर बैठा दिया। मजबूरी में परिजन मरीज को घर ले गए जबकि उसकी हालत नाजुक बनी है। राजेंद्र सिंह ने पत्रकारों को बताया कि इस संबंध में दोबारा मुख्यमंत्री पोर्टल पर मरीज को बाहर करने की भी शिकायत दर्ज करा दी है।
जिला अस्पताल अल्मोड़ा के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ.आरसी पंत ने मीडिया को बताया कि जिला अस्पताल में नौ मई से भर्ती किए रमेश सिंह की हालत काफी गंभीर थी। उन्हें डिस्चार्ज करने की जानकारी मिलने के बाद डॉ. पीएस टाकुली से जानकारी ली गई है और भविष्य में रोगियों के लिए बाजार की दवाएं नहीं लिखने के भी निर्देश दिए गए हैं। यदि रमेश सिंह के परिजन जिला अस्पताल में रमेश का इलाज कराना चाहते हैं तो उसे इलाज दिया जाएगा। पूर्व में बाजार से खरीदी गई दवाओं का भुगतान भी दिलाया जाएगा। मामले में लिखित शिकायत मिलने पर जांच भी कराई जाएगी।

महाराष्ट्र के होटल में कार्यरत ऋषिकेश के युवक में कोरोना की पुष्टि

ऋषिकेश के आशुतोष नगर में कोरोना पॉजीटिव का नया मामला सामने आया है। कुछ दिन पूर्व ही महाराष्ट्र से ऋषिकेश पहुंचे युवक में कोरोना की पुष्टि हुई है। एम्स प्रशासन और अपर सचिव स्वास्थ्य युगल किशोर पंत ने युवक में कोरोना पॉजीटिव की पुष्टि की है।

एम्स प्रशासन के अनुसार, युवक पिछले पांच से छह साल से महाराष्ट्र में एक होटल में करता था। होटल के कई लोगों में कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद वह हाल ही में ऋषिकेश वापस लौट आया था। वह तभी से अपने घर में क्वारंटीन था।

शनिवार को वह एम्स में स्क्रीनिंग के लिए आया था। उस दौरान उसमें कुछ लक्षण पाए जाने पर युवक का सैंपल लिया गया था, जिसकी रिपोर्ट आज पॉजिटिव आई है। युवक को कोरोना वार्ड में शिफ्ट किया जा रहा है।

जिलेवार कोरोना संक्रमण की स्थिति
जनपद          संक्रमित     ठीक हुए मरीज
देहरादून          45           28
हरिद्वार           07           07
नैनीताल          14           10
ऊधमसिंह नगर   18           05
उत्तरकाशी        01          –
अल्मोड़ा          02           01
पौड़ी             02           01

जुबिन नौटियाल का यह गीत है काफी चर्चा में, जिसे लिखा एसपी क्राइम देहरादून ने..

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास में एसपी क्राइम देहरादून लोकजीत सिंह द्वारा लिखित गीत ’जज्बा‘ का विमोचन किया। यह गीत प्रसिद्ध गायक जुबिन नौटियाल ने गाया है, जबकि अक्षय एवं राहुल इस गीत के एडिटर हैं। कोविड-19 में उत्तराखंड पुलिस किस तरह लोगों को कोरोना से बचाव के लिए प्रयास कर रही है एवं जरूरतमंदो की हरसंभव सहयोग कर रही है। कोरोना संक्रमण में पुलिस रात-दिन अपनी ड्यूटी के फर्ज के साथ ही सेवा भाव से कार्य कर रही है, यह इस गीत के माध्यम से दिखाया गया है। गीत में प्रत्येक पुलिसकर्मी की फर्ज के प्रति प्रतिबद्धता को दिखाया गया है।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने कहा कि उत्तराखंड पुलिस इस कठिन समय में अपनी ड्यूटी के साथ ही समाज सेवा भी पूरे मनोयोग से कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना के इस संकट के समय में पुलिस, स्वास्थ्य एवं सफाई कर्मी अहम भूमिका निभा रहे हैं।

डिस्ट्रिक गंगा कमेटी के तहत उत्तराखंड में हुए सराहनीय कार्य

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत से उत्तराखंड से संबंधित विभिन्न विषयों पर चर्चा की। इस अवसर पर नमामि गंगे, 2021 में हरिद्वार में होने वाले कुंभ मेले पर चर्चा की गई। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र शेखावत ने कहा कि हरिद्वार में होने वाले कुंभ मेले के लिए जल शक्ति मंत्रालय के तहत होने वाले कार्यों के लिए राज्य सरकार को हर संभव मदद दी जाएगी। उन्होंने कहा कि नमामि गंगे के तहत उत्तराखंड में अच्छा कार्य हुआ है। उन्होंने कहा कि डिस्ट्रिक गंगा कमेटी के तहत भी उत्तराखंड में सराहनीय कार्य हुए हैं।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि कुंभ मेले के लिए हरिद्वार में अनेक निर्माण कार्य होने हैं। जिसके लिए राज्य सरकार को जल शक्ति मंत्रालय से मदद की जरूरत होगी। केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री ने कहा कि नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा एवं जल शक्ति मंत्रालय की ओर से पूरा सहयोग दिया जाएगा। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव ओम प्रकाश एवं अपर सचिव मुख्यमंत्री मेहरबान सिंह बिष्ट उपस्थित थे।

अब स्पेशल ट्रेनों से लाये जा रहे प्रवासी उत्तराखंडीः मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि आज सुबह 4 बजे गुजरात के सूरत से काठगोदाम के लिए एक ट्रेन चलेगी। इसी तरह 12 मई को दूसरी ट्रेन सूरत से हरिद्वार के लिए चलेगी, इसका अभी समय तय नहीं हुआ है। मुख्यमंत्री ने ट्रेनों के संचालन के लिए रेलमंत्री पीयूष गोयल का आभार जताया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि काठगोदाम आने वाली ट्रेन में कुमाऊं मंडल के लोग आएंगे, जबकि 12 मई को सूरत से आने वाली ट्रेन में गढ़वाल मंडल के लोगों को लाया जाएगा। हरिद्वार आने वाली ट्रेन का समय जल्द निर्धारित हो जाएगा। अन्य राज्यों से लौट रहे प्रवासियों को लाने की सरकार हरसंभव कोशिश कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं गुजरात के सामाजिक कार्यकर्ता दिनेश भाई पटेल, गोपाल गोस्वामी और राहुल शर्मा का धन्यवाद करना चाहता हूं। इन लोगों ने उत्तराखंड वासियों की लिए तमाम व्यवस्थाएं की हैं। फंसे हुए लोगों को खाना खिलाने का इंतजाम भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के जितने भी प्रवासी लौट रहे हैं, वह गांव में आकर कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए तय मानकों का पालन करें। पंचायत प्रधान होम क्वारंटीन किए जाने वालों की पूरी निगरानी करेंगे। उन्होंने जनता से अपील की है कि कोरोना रोकथाम के लिए सरकार की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। मास्क पहनें और नियमित हाथ धोयें, इससे संक्रमण से बचा जा सकता है।

हरिद्वार में तैयारी शुरु
दूर दराज के प्रदेशों से प्रवासी लोगों को ट्रेनों से लाने की प्रक्रिया शुरू हो गई। उनके लिए व्यवस्था जुटाने, स्वास्थ्य जांच करने, गंतव्य तक पहुंचाने, ठहरने आदि के लिए हरिद्वार के जिलाधिकारी सी रविशंकर ने समिति बनाकर दिशा निर्देश जारी किए हैं। हालांकि अभी ट्रेन के संचालन का समय, तिथि निर्धारित नहीं है। सबसे अहम बात यह होगी कि संक्रमण के फैलने की संभावना को रोकने को पूरे इंतजाम करने होंगे।
जिलाधिकारी सी रविशंकर और एसएसपी सैंथिल अबुदई कृष्णराज एस ने भी रेलवे स्टेशन परिसर का निरीक्षण किया और अधिकारियों से आवाजाही के बारे में चर्चा की। विभिन्न प्रदेशों में फंसे उत्तराखंड के प्रवासी लोग प्रथम चरण में ट्रेनों से अहमदाबाद, सूरत, से हरिद्वार पहुंचेंगे। इसमें प्रत्येक ट्रिप में करीब 1000 से 1200 लोगों के पहुंचने की संभावना है।

लाॅकडाउन में आपसी रंजिस भारी पड़ी मासूम पर, मौत

ऋषिकेश कोतवाली क्षेत्र में दो पक्षों के बीच हुई पत्थरबाजी में सात माह के मासूम बच्चे की मौत हो गई। मासूम के पिता की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने दो पक्षों के चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पुलिस के अनुसार, शिवाजी नगर गली नंबर 38 निवासी विजय पुत्र महेश चंद शर्मा ने कोतवाली में तहरीर दी है। उन्होंने बताया कि बीते शुक्रवार की रात करीब आठ बजे शिवाजी नगर की गली नंबर 36 में दो पक्षों के बीच पुरानी रंजिश के तहत पत्थरबाजी चल रही थी। उस वक्त उनकी पत्नी अपनी गोद में सात माह के बच्चे को लेकर मार्ग से गुजर रही थी। इसी दौरान एक पत्थर गोद में बच्चे के लग गया। आननफानन में वह बच्चे को लेकर राजकीय चिकित्सालय गए। यहां चिकित्सकों ने बच्चे को जौलीग्रांट अस्पताल रेफर कर दिया। जौलीग्रांट अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
वहीं, पुलिस ने तहरीर के आधार पर राजेंद्र पुत्र जगपाल निवासी गली नंबर 38 शिवाजी नगर, कुशाल व राहुल दोनों पुत्र संजय निवासी बापू ग्राम गली नंबर एक आईडीपीएल और रोहित उर्फ राजा पुत्र राजेंद्र निवासी बी ब्लॉक जहांगीरपुरी दिल्ली के खिलाफ गैर इरादातन हत्या के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है।