मुख्यमंत्री ने रेल मंत्री से साधा संपर्क, स्पेशल ट्रेन से चलानेे की मांग

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने राज्य से बाहर फंसे उत्तराखंड के लोगों को वापस राज्य में लाने की तैयारियों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि संबंधित राज्यों से समन्वय बनाते हुए सुनियोजित तरीके से सारी व्यवस्था की जाए। इसमें पूरी सावधानी के साथ व्यक्तिगत दूरी, मास्क, सेनेटाइजेशन आदि मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए। जिन लोगों को वापस लाया जाना है, कोरोना संक्रमण के दृष्टिगत उनकी समुचित स्क्रीनिंग की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही सारी कार्यवाही हो। राज्य में आने पर यदि होम क्वारेंटाईन किया जाता है तो यह भी सुनिश्चित किया जाए कि होम क्वारेंटाईन का सख्ती से पालन हो। इसके लिये आवश्यक होने पर ग्राम प्रधानों को कुछ अधिकार दिये जा सकते हैं।
सचिव शैलेश बगोली ने बताया कि अभी तक 87 हजार लोगों ने वापस आने के लिए अपना पंजीकरण कराया है। इनमें अधिकांश लोग पर्वतीय जिलों के हैं। बैठक में मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, डीजीपी अनिल कुमार रतूङी, सचिव अमित नेगी, नितेश झा, राधिका झा भी उपस्थित रहे।

स्पेशल ट्रेन से वापस लाये जायेंगे उत्तराखंडी
उत्तराखण्ड से बाहर फंसे राज्य के लोगों को वापस लाने के लिए मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने रेल मंत्री पीयूष गोयल से विभिन्न मार्गो पर 12 स्पेशल ट्रेन चलाने का अनुरोध किया है। इनमें दिल्ली से देहरादून, दिल्ली से हल्द्वानी, चंडीगढ़ से देहरादून, लखनऊ से देहरादून, लखनऊ से हल्द्वानी, जयपुर से देहरादून, जयपुर से हल्द्वानी, मुम्बई से देहरादून, मुम्बई से हल्द्वानी, भोपाल से देहरादून, बैंगलोर से देहरादून और अहमदाबाद से देहरादून के लिए अनुरोध किया गया है। राज्य से बाहर फंसे उत्तराखंड के लोगों को वापस राज्य में लाये जाने के संबंध में बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने रेल मंत्री से बात कर यह अनुरोध किया है।

एम्स का स्टाफ अब अधिग्रहित होटलों में ठहराया जायेगा

ऋषिकेश एम्स में भर्ती कोरोना पॉजिटिव महिला की मौत के बाद नगर निगम प्रशासन सहित जिला प्रशासन भी अलर्ट मोड में आ गया है। हालांकि महिला की मौत ब्रेन हैमरेज से हुई है। शुक्रवार सुबह आनन फानन में मेयर अनिता ममगाईं ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की और ताजा हालातों पर चर्चा की।
इस दौरान ऋषिकेश नगर निगम प्रशासन ने एम्स हॉस्पिटल के चिकित्सकों एवं कर्मचारियों के रहने के लिए शहर के तमाम प्रमुख होटलों को अधिग्रहण करने का निर्णय लिया है। तेजी से बदल रहे हालातों को देखते हुए शहर के होटलों को क्वारंटीन सेंटर बनाए जाने की कवायद तेज कर दी गई है। शुक्रवार को बैठक में ऋषिकेश के होटलों को क्वारंटीन सेंटर बनाए जाने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के प्रकोप के कारण परिस्थितियां रोज बदल रही हैं। माना जा रहा कि आने वाले कुछ दिन और चुनौती भरे हैं। इनसे निपटने के लिए हर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। लॉकडाउन के चलते पर्यटकों की आवाजाही रुकी हुई है। सभी होटल खाली हैं। प्रशासन अपनी तरफ से ज्यादा से ज्यादा क्वारंटीन सेंटर बनाकर उन्हें आरक्षित रखना चाहता है। निगम आज से ही इन होटल को सैनिटाइजेशन करने का कार्य शुरू कर देगा।
बैठक में नगर आयुक्त नरेंद्र सिंह क्वींरियाल, उपजिलाधिकारी प्रेमलाल, आईएएस अधिकारी अपूर्वा पांडेय, पुलिस उपाधीक्षक वीरेंद्र रावत, तहसीलदार रेखा आर्य, कोतवाली प्रभारी रितेश शाह, मौजूद थे।

एम्स कर्मियों और उनके परिजनों के स्वास्थ्य की जांच शुरू
टिहरी जिले में कोरोना संक्रमण के प्रवेश को रोकने के लिए सीआरटी (सिटी रिस्पांस टीम) ने एम्स कर्मियों और उनके परिजनों के स्वास्थ्य की जांच शुरू कर दी है। सभी की थर्मल स्क्रीनिंग और सामान्य परीक्षण किए जा रहे हैं। इस दौरान सभी को होम क्वारंटीन रहने के विशेष निर्देश भी दिए गए। बीते दिनों सीआरटी की टीम ने ढालवाला, मुनिकीरेती और तपोवन क्षेत्र से एम्स में कार्य करने वाले 40 कर्मियों को चिह्नित किया था।
तहसीलदार मंजू राजपूत के नेतृत्व में सीआरटी ने इन एम्स कर्मियों और उनके परिजनों के स्वास्थ्य की जांच शुरू की। स्वास्थ्य विभाग फकोट के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. जगदीश जोशी ने बताया कि निश्चित अंतराल पर लगातार इन सभी के स्वास्थ्य की पुनरू जांच की जाएगी। पालिका के अधिशासी अधिकारी और सीआरटी के नोडल अधिकारी बद्री प्रसाद भट्ट ने बताया कि होम क्वारंटीन के दौरान केवल एम्स में कार्यरत कर्मी ही घर से बाहर ड्यूटी के लिए आवाजाही कर सकेगा। इस मौके पर सीआरटी के प्रभारी रूपेश भट्ट, अनूप सकलानी, जाबिर अली, विकास सेमवाल आदि उपस्थित रहे।

एम्स में भर्ती महिला की मौत ब्रेन हेमरेज से हुई

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स में भर्ती हल्द्वानी, नैनीताल निवासी 56 वर्षीय महिला की शुक्रवार तड़के ब्रेन हैमरेज के कारण मौत हो गई। हालांकि पांच दिन पहले कराई गई कोरोना वायसर जांच में महिला कोरोना पॉजिटिव पाई गई थी। मगर एम्स प्रशासन ने ब्रेन स्ट्रोक की समस्या से गंभीर रूप ग्रसित महिला की मौत की वजह ब्रेन ब्लीड बताई है। इस दौरान महिला की मौत के बाद अस्पताल में हड़कंप मच गया।
महिला की मौत को कोरोना की वजह से प्रदेश में पहली मौत की तरह प्रसारित किया जाने लगा। आखिरकार एम्स प्रशासन ने सामने आकर महिला की मौत का कारण स्पष्ट किया। शुक्रवार को यहां जारी मेडिकल बुलेटिन में एम्स प्रशासन ने हल्द्वानी, नैनीताल निवासी 56 वर्षीय महिला की मौत की पुष्टि की है। एम्स निदेशक प्रो. रविकांत ने बताया कि बीते माह 22 अप्रैल को ब्रेन स्ट्रोक की बीमारी से ग्रसित इस महिला को एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उसका उपचार चल रहा था। महिला की 27 अप्रैल को कोरोना वायरस की जांच भी की गई थी, जिसमें वह पॉजिटिव पाई गई। उन्होंने बताया कि उक्त महिला की शुक्रवार सुबह मृत्यु हो गई है। निदेशक एम्स ने महिला की मौत की वजह ब्रेन ब्लिड की समस्या से होना बताया है। उन्होंने बताया कि उच्च रक्तचाप की वजह से इस महिला के ब्रेन के ऐसे हिस्से में जहां पर शरीर का सारा सिस्टम कंट्रोल होता है, वहां पर स्ट्रोक की वजह से ब्रेन ब्लिड की समस्या थी, जिसकी वजह से उसकी मौत हुई है। उन्होंने बताया कि हालांकि महिला कोरोना पॉजिटिव थी, मगर उसे सबसे बड़ी समस्या अत्यधिक ब्लड प्रेशर के कारण ब्लिडिंग थी, साथ ही महिला को निमोनिया व यूरिन इंफेक्शन भी था, गंभीर बीमारियों और अधिक उम्र की वजह से शुक्रवार को उसकी मृत्यु हो गई।

एम्स से पहले नैनीताल और फिर बरेली में भर्ती रही थी महिला
एम्स ऋषिकेश के संकायाध्यक्ष (अस्पताल प्रशासन) प्रो. यूबी मिश्रा ने बताया कि नैनीताल निवासी 56 वर्षीया महिला बीती 22 अप्रैल को एम्स में भर्ती हुई थी। जिसे ब्रेन स्ट्रोक की शिकायत थी। यह महिला नैनीताल में पहले बृजलाल अस्पताल फिर स्वामी विवेकानंद अस्पताल में भर्ती थी, जहां इसका स्ट्रोक का उपचार चल रहा था। वहां से महिला श्रीराम मूर्ति हॉस्पिटल बरेली रेफर किया गया था। श्रीराममूर्ति अस्पताल से महिला 22 को एम्स ऋषिकेश के लिए रेफर किया गया था।
उन्होंने बताया कि उक्त दोनों अस्पतालों से प्राप्त रिपोर्ट में महिला रोगी का कोरोना का टेस्ट भी हुआ था, लेकिन वहा महिला की रिपोर्ट निगेटिव आई थी। एम्स में भर्ती इस महिला को 27 अप्रैल को फीवर आया था, जिसके कारण इसका संस्थान में कोरोना का टेस्ट किया गया। जिसकी रिपोर्ट बीते मंगलवार पॉजिटिव आई थी।

प्राइमरी कांट्रेक्ट में आए सभी लोगों होंगे क्वारंटीन
एम्स में संकायाध्यक्ष (अस्पताल प्रशासन) प्रो. यूबी मिश्रा ने बताया कि कोरोना पॉजिटिव पाई गई महिला के प्राइमरी कांटेक्ट में आए लोगों की जांच चल रही है। स्वामी विवेकानंद अस्पताल नैनीताल व श्रीराममूर्ति अस्पताल बरेली में इस महिला के संपर्क में करीब 50 लोग आए थे। बताया कि इस बाबत महिला जिन अस्पतालों में भर्ती रही है, वहां भी इसकी जांच चल रही है। उन्होंने बताया कि संस्थान में इस महिला के प्राइमरी व सेकेंड्री कांटेक्ट में आए करीब 70 से 80 स्टाफ को क्वारंटीन किया गया है।

अन्य बीमारियों का भी किया जा रहा इलाज
एम्स निदेशक पद्मश्री प्रो. रवि कांत ने बताया कि एम्स संस्थान लगातार सभी तरह के गंभीर रोगियों के इलाज में जुटा हुआ है। चाहे मरीज कोरोना पॉजिटिव, कोरोना निगेटिव अथवा किसी भी अन्य तरह की बीमारी से ग्रसित हो। उन्होंने बताया कि संस्थान में सभी तरह के सुरक्षात्मक उपाय बरते जा रहे हैं। ऐसा नही है कि एम्स में कोरोना पॉजिटिव केस आ गए हैं तो अन्य बीमारियों का इलाज बंद कर दिया गया हो।

14 दिन के लिए होम क्वारंटीन किये गये पूर्व कैबिनेट मंत्री और उनके परिवार के सदस्य

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने नई दिल्ली से लौटे उत्तराखंड के पूर्व कैबिनेट मंत्री नवप्रभात और उनके परिवार को 14 दिन के लिए होम क्वारंटीन किया है। कल शाम को ही पूर्व कैबिनेट मंत्री परिवार समेत नई दिल्ली से लौटे हैं। विभाग ने सभी के स्वास्थ्य की जांच भी की है। बीते बृहस्पतिवार सुबह ही नवप्रभात अपनी पत्नी रुपा शर्मा समेत अपनी नातिनों को लेने के लिए दिल्ली गए थे।
उनकी बेटी बानी शर्मा और दामाद राहुल चैधरी नई दिल्ली स्थित आरके पुरम में रहते हैं। उनके दामाद नई दिल्ली में आईपीएस अधिकारी हैं। बृहस्पतिवार की शाम को ही वह अपनी नातिनों को लेकर वापस विकासनगर लौट आए। घर लौटने के बाद उन्होंने सरकारी की गाइडलाइन के अनुसार इसकी जानकारी विकासनगर पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम को दी। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उनके घर पहुंचकर सभी की स्वास्थ्य जांच की। इसके बाद उन्हें होम क्वारंटीन कर दिया। उन्होंने 14 दिन घर में ही रहने संबंधित एक शपथ पत्र विकासनगर कोतवाली में भी दिया है। अपर स्वास्थ्य निदेशक उप जिला अस्पताल विकासनगर डॉ. केके शर्मा ने बताया कि पूरा परिवार स्वस्थ मिला है। ट्रैवल हिस्ट्री को देखते हुए पूर्व मंत्री को परिवार समेत होम क्वारंटीन किया गया है। इस दौरान डॉक्टरों की टीम लगातार उनके और उनके परिवार के सदस्यों के स्वास्थ्य की मॉनिटरिंग करती रहेगी।

नवप्रभात के बयान की मुन्ना ने की निंदा
क्षेत्रीय विधायक मुन्ना सिंह चैहान ने पूर्व कैबिनेट मंत्री नवप्रभात के दिल्ली में फंसे छात्रों को लेने के लिए बस भेजने संबंधित बयान को गैर जिम्मेदाराना बताया है। विधायक ने कहा कि पूर्व कैबिनेट मंत्री के बयान से दिल्ली में फंसे छात्रों में असमंजस की स्थिति पैदा होगी। उनके बीच अफरातफरी भी मच सकती है। उन्होंने कहा कि वह पूर्व कैबिनेट मंत्री का सम्मान करते हैं, लेकिन महज राजनीतिक बढ़त के लिए इस तरह के बयान देना उनके गैर जिम्मेदाराना रवैये को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री ने दिलाया भरोसा, आपके द्वारा दिये गये दान से जरुरतमंद को हो रही मदद

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कोविड-19 के संक्रमण की रोकथाम, बचाव व राहत कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने मुख्यमंत्री राहत कोष में अब तक प्राप्त धनराशि के साथ ही राहत एवं बचाव कार्यों पर व्यय हुई धनराशि की समीक्षा की। उन्होंने कहा है कि वर्तमान में पूरे विश्व के साथ ही देश एवं प्रदेश में कोरोना वायरस (कोविड-19) महामारी के कारण आम जनमानस के स्वास्थ्य एवं आर्थिक सुरक्षा के लिये गम्भीर चुनौतियां पेश हुई हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संकट के समय देश एवं प्रदेश की जनता द्वारा उदारतापूर्वक मुख्यमंत्री राहत कोष में दान दिया जा रहा है जिसमें देश एवं प्रदेश के प्रत्येक वर्ग जिसमें सफाई कर्मियों, दैनिक वेतनभोगियों, कर्मचारियों, अधिकारियों, महानुभावों, विभिन्न संगठनों, स्वंयसेवी संस्थाओं, विभिन्न निगमों, शैक्षणिक संस्थाओं, व्यवसायिक प्रतिष्ठानों एवं आम जनमानस आदि से अभी तक लगभग 55 करोड दान के रूप में प्राप्त हुये हैं। मुख्यमंत्री ने इसके लिए सभी दान-दाताओं का हार्दिक आभार प्रकट करते हुये धन्यवाद भी ज्ञापित किया है।
मुख्यमत्री ने कहा कि राज्य स्तर पर इस आपदा कि स्थिति से निपटने हेतु जिन कार्यों में भारत सरकार, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ एवं किसी अन्य मद से वित्तीय स्वीकृति दिया जाना संभव नहीं था उनमें मुख्यमंत्री राहत कोष से धनराशि आवंटित की जा रही है। मुख्यमंत्री राहतकोष से मुख्यतः बेसहारा, निर्धन, असंगठित क्षेत्र के मजदूरो और जरूरतमंद छात्र-छात्राओं, पर्यटकों आदि की भोजन व्यवस्था हेतु जिलाधिकारियों को 30 करोड़, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार व सुदृढीकरण हेतु 10 करोड रूपये चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग को, 10 करोड चिकित्सा शिक्षा विभाग को, कोविड-19 के संक्रमण के दृष्टिगत चिन्हित किये गये गढवाल एवं कुमॉंऊ मण्डल के पर्यटक गृहो में कोरनटाईन सुविधायें विकसित किये जाने हेतु 1.00 करोड़ पर्यटन विभाग को, लाकडाउन में राज्य के विभिन्न स्थानों मे फॅंसे पर्यटकों व तीर्थ यात्रियों को उनके गन्तव्य तक पहुचाने के दृष्टिगत 1 करोड परिवहन निगम को एवं नई दिल्ली मे फॅसे उत्तराखण्ड के जरूरतमंदो की भोजन व ठहरने आदि की व्यवस्था हेतु 50 लाख अपर स्थानिक आयुक्त को आवंटित किये गये हैं। साथ ही कोविड-19 के संक्रमण, बचाव व राहत कार्यों में तैनात कोरोना वारियर्स के जीवन को यदि दुर्भाग्यवश क्षति होती है तो उनके आश्रितों को सम्मान निधि के रूप में 10 लाख दिये जाने का निर्णय लिया गया है।
मुख्यमंत्री का मानना है कि किसी भी आपदा की स्थिति का बेहतर ढंग से सामना करने हेतु सार्वजनिक भागीदारी सबसे प्रभावी तरीका है जिसमें हम सब मिलकर COVID-19 को हराने में समर्थ होंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा अवगत कराया कि मुख्यमंत्री राहत कोष, उत्तराखण्ड के पक्ष मे बैंक ड्राफ्ट/चैक के साथ ही भारतीय स्टेट बैंक, सचिवालय शाखा मे संचालित खाता संख्या-30395954328 IFSC Code-SBIN0010164 मे UPI ID: cmukrf@sbi, Debit Cards and Credit Cards, Internet Banking, Internet Banking, UPI (BHIM, PhonePe, Amazon Pay, Google Pay, PayTM, etc के साथ ही सीधे मुख्यमंत्री राहत कोष, उत्तराखण्ड की Website-www.cmrf.uk.gov.in के माध्यम से धनराशि दान की जा सकती है।
सचिव मुख्यमंत्री राधिका झा ने बताया कि कतिपय उद्योग, कम्पनियां, व्यवसायिक प्रतिष्ठान CSR के तहत भी COVID-19 के दृष्टिगत राज्य को वित्तीय सहायता देने के इच्छुक हैं। उन्होंने इस सम्बन्ध में सभी सम्बन्धित संस्थानों से अपेक्षा की है कि वह उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (Disaster Management Authority) के पक्ष मे भारतीय स्टेट बैंक, सचिवालय शाखा में संचालित खाता संख्या-39282041468 IFSC Code-SBIN0010164 मे अपना योगदान कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री का प्रयास लाया रंग, श्रीनगर मेडिकल काॅलेज में कोविड-19 की जांच शुरु

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने गुरुवार को वीर चंद्र सिंह गढ़वाली मेडिकल कॉलेज, श्रीनगर में कोविड-19 पी.सी.आर टेस्टिंग लैब का ऑनलाईन लोकार्पण किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में कोरोना टेस्टिंग लैब से पौड़ी, रुद्रप्रयाग, चमोली एवं टिहरी जनपद जनपदों के लोगों के सैंपल लेने में आसानी होगी। अल्मोड़ा एवं हरिद्वार में भी जल्द टेस्टिंग लैब बनाई जाएगी। अब प्रदेश में कोरोना के सैंपल लेने में और तेजी आएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज से श्रीनगर में सैंपल टेस्ट होने शुरू हो गए हैं। श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन 100 से अधिक सैंपलों की टेस्टिंग होगी। अभी तक प्रदेश में 5602 सैंपलों की रिपोर्ट आ चुकी है जिसमें 55 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे, इनमें से 36 लोग स्वस्थ हो चुके हैं। प्रदेश में कोरोना से अभी तक कोई मृत्यु नहीं हुई है। इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत, विधायक मुकेश कोहली, स्वास्थ्य सचिव नितेश झा, निदेशक एन.एच.एम युगल किशोर पंत आदि उपस्थित थे।

नए मरीज मिलने से प्रशासन ने उनके इलाकों को किया सील

ऊधमसिंहनगर जिले के रुद्रपुर में गुरुवार को कोरोना संक्रमित दो मामले सामने आए हैं। संक्रमित मरीजों को सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी में भर्ती कराया गया है। स्वास्थ्य महानिदेशक अमिता उप्रेती ने इसकी पुष्टि की है। इसके साथ ही प्रदेश में संक्रमित मरीजों की संख्या अब 57 हो गई है। वहीं, आज से पौड़ी जिले में स्थित श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में गुरुवार से कोरोना सैंपल जांच लैब शुुरु हो गई है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने वीडियो कांफ्रेंस के जरिए लैब का उद्घाटन किया।
उधर, दून मेडिकल अस्पताल की एक महिला सफाई कर्मचारी को कोरोना होने की अफवाह उड़ाने पर सफाई कर्मचारी भड़क गए। उन्होंने अस्पताल में सफाई ठप कर हंगामा किया। अस्पताल प्रबंधन के पुलिस से बात कर पोस्टर हटवाने एवं ऐसे लोगों पर कार्रवाई के लिए कहने पर कर्मचारी शांत हुए। इसके बाद कर्मचारी करीब दो घंटे के बाद काम पर लौट आए।
वहीं, ऊधमसिंह नगर के बाजपुर में एक कोरोना संक्रमित मिलने के बाद आज सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। नगर के मोहल्ला राजीवनगर को सील कर दिया है और पुलिस बल की तैनात कर दी गई है। गुरुवार सुबह एएसपी राजेश भट्ट, एसडीएम एपी वाजपेई, सीओ दीपशिखा अग्रवाल, कोतवाल एनबी भट्ट ने पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंच जायजा लिया। नगर पालिका प्रशासन ने मोहल्ले को सैनिटाइज किया। ट्रक के परिचालक के कोरोना पॉजिटिव होने की जानकारी मिलते ही कृषि मंडी में काम करने वाले दुकानदार तथा पल्लेदारों में हड़कंप मचा हुआ है।
रुड़की के ग्राम नगला इमरती में एक महिला जो कि एम्स ऋषिकेश में भर्ती थी, उसके कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद इस गांव को क्लस्टर कनटेंमेंट जोन घोषित किया गया है। यहां सुरक्षा कर्मी तैनात किए जा रहे है और आवाजाही पूर्ण रूप से बंद करने के आदेश दिये गये है।
वहीं, ऋषिकेश में कोरोना के चार मामले सामने आने के बाद बुधवार को एक और कॉलोनी शिवा एन्क्लेव को सील कर दिया है। एम्स में कोविड 19 वार्ड से जुड़े स्वास्थ्य कर्मियों और यहां भर्ती 256 मरीजों का कोरोना टेस्ट कराया जाएगा। पुलिस ने एम्स के डॉक्टरों और दूसरे स्टाफ की ठहराने के लिए करीब 10 होटलों और धर्मशालाओं का अधिग्रहण कर लिया है। 

दूसरे राज्यों में फंसे लोगों ऐसे करे अप्लाई, कराये पंजीकरण

दूसरे राज्यों में फंसे उत्तराखंड के छात्रों, पर्यटकों, श्रद्धालुओं और अन्य नागरिकों की अब घर वापसी हो सकेगी। उत्तराखंड सरकार ने विभिन्न राज्यों में फंसे उत्तराखंड के लोगों के लिए लिंक जारी किया है।
इस लिंक पर क्लिक कर अप्लाई किया जा सकता है। इसमें अप्लाई करने वाले का पंजीकरण होगा और घर वापसी की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। 
ये हैं लिंक-https://dsclservices-in/uttarakhand-migrant-registration-php

मुख्य सचिव को सौंपी 21000 लोगों की सूची
कांग्रेस के प्रतिनिधि मंडल ने आज गुरुवार को मुख्य सचिव से मुलाकात की और उन्हें राज्य से बाहर फंसे 21 हजार लोगों की सूची सौंपी। उन्होंने बताया कांग्रेस द्वारा तैयार की गई एप के जरिए उन्हें यह जानकारी मिली है। 21 हजार लोगों ने उनसे संपर्क किया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह, उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना, जोत सिंह बिष्ट, राजकुमार, विजय सारस्वत सहित आठ लोग इस प्रतिनिधि मंडल में शामिल थे।

कई राज्यों के लोग उत्तराखंड में भी
राज्य सरकार को इस संबंध में केंद्रीय गृह मंत्रालय का आदेश मिल गया है। अब प्रदेश सरकार उसके अनुरूप आदेश जारी करेगी। शासन ने स्पष्ट किया है कि चरणबद्ध तरीके से अन्य राज्यों में फंसे उत्तराखंड के नागरिकों को सुरक्षित घर लाया जाएगा। मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अन्य राज्यों में फंसे लोगों की सुरक्षित घर वापसी का जिम्मा राज्यों को सौंप दिया है।
राज्य तय करेंगे कि उनके यहां फंसे नागरिकों को कैसे वापस लाया जा सकता है। प्रदेश सरकार सभी राज्यों में फंसे नागरिकों की सूची तैयार करेगी, उसके बाद उन राज्यों के साथ वार्ता कर आने जाने की व्यवस्था बनाई जाएगी। उत्तराखंड में भी कई राज्यों के लोग फंसे हैं, वहां की राज्य सरकारों को भी अवगत करवाया जाएगा।

उत्तराखंड के 243 लोगों को लेकर पहुंची हरियाणा की बसें

बीते शनिवार की रात्रि उत्तराखंड के विभिन्न जनपदों से हरियाणा में कार्यरत 243 लोगों को ऋषिकेश लाया गया। यहां सभी को श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज परिसर में ठहराकर थर्मल स्क्रीनिंग की गई। इनमें पांच लोग ऋषिकेश के ही मिले। शेष 238 लोगों को 13 बसों से उनके घरों के लिए रवाना किया गया।

सहायक महाप्रबंधक पीके भारती ने बताया कि कुल 243 लोग यहां लाए गए हैं। इनमें हरिद्वार के सर्वाधिक 51ए देहरादून के 30ए चमोलीए बागेश्वर और पिथौरागढ़ के 13ए रूद्रप्रयाग और पौड़ी के 13ए अल्मोड़ा के 18ए ऊधमसिंह नगर के 37ए टिहरी और उत्तरकाशी के 44ए चंपावत के 19ए नैनीताल के 13 लोग शामिल हैए जबकि पांच लोग ऋषिकेश के ही रहने वाले है। बताया कि सभी की थर्मल स्क्रीनिंग की गई। इसके बाद सभी को परिवहन विभाग की 13 बसों से अलग.अलग जिलों के लिए रवाना किया गया। उन्होंने बताया कि ये सभी लोग अलग.अलग जगहों पर क्वारंटीन किए गए थे। बावजूद इसके सुरक्षा की दृष्टि से सभी को घर पहुंचने पर होम क्वारंटीन की हिदायद दी गई है।

लाॅकडाउन के चलते घर पहुंचे प्रवासियों को मुख्यमंत्री ने लिखा पत्र

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कोविड-19 के चलते अपनी जन्मभूमि पर लौटे प्रवासी उत्तराखंडियों के स्वस्थ एवं सुखी जीवन की कामना की। उन्हें गढ़वाली भाषा में लिखे पत्र में उन्होंने कहा कि प्रवासी भाइयों ने देश व विदेश में रहकर अपनी मेहनत से अपनी पहचान बनाई है। अब वह यही कार्य अपने घर गांव में भी कर सकते हैं, इससे उनका परिवार एवं हमारा प्रदेश भी आर्थिक रूप से खुशहाल होगा।
सर्वाधिक पलायन की मार झेल रहे पौड़ी जिले के प्रवासियों को लिखे पत्र में मुख्यमंत्री ने कहा है कि हमारे पूर्वजों ने पहाड़ों को काटकर खेत बनाए, उन खेतों को उपजाऊ बनाकर हमारा पालन-पोषण किया। आज यही खेती हमारी भागमभाग की जिंदगी के कारण बंजर पड़ी है। जबकि हमारे इन खेतों के उत्पादों की मांग देश व दुनिया में हो रही है। हमारे मंडुवा, झंगोरा, दाल, गहत, राई, जौ, तिल, शहद, गाय का घी और बुरांश के जूस की मांग तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए अनेक सुविधाएं दे रही है।

कार्य योजनाओं की दी जानकारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि होम स्टे, वीर चंद्र सिंह गढ़वाली, पर्यटन स्वरोजगार योजना, दुग्ध उत्पादन, मत्स्य पालन, मधुमक्खी पालन, बागवानी, उद्यानीकरण, सब्जी उत्पादन, मसाला फसलों का उत्पादन, पुष्प उत्पादन हेतु प्रोत्साहित कर रही है। यही नहीं इन उत्पादों को बढ़ावा देने के साथ ही इसके विपणन की भी व्यवस्था की जा रही है। प्रवासी अपने घर में रहकर कार्य करना चाहते हैं तो राज्य सरकार उनकी पूर्ण रूप से मदद करने के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि अपने गांव लौटे लोग अपना स्वयं का कार्य आरंभ कर आत्मनिर्भर बन सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अपना मनचाहा कार्य करने के लिए वे अपने विकास खंड कार्यालय अथवा जिला मुख्यालय में स्थापित आजीविका सेल के फोन नंबर 01368-223084 या मोबाइल नंबर 9412028718 पर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।