उत्कृष्ट सेवा और ईमानदारी के लिए केएस चैहान को मिलेगा पुरस्कार

उत्तराखंड सरकार द्वारा शासकीय सेवा में उत्कृष्ट और ईमानदारी पूर्वक कार्य करने के लिए सूचना व लोक संपर्क विभाग के उपनिदेशक एवं उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद के नोडल ऑफिसर के.एस. चैहान को मुख्यमंत्री सुशासन एवं उत्कृष्टता पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है। सचिव सूचना दिलीप जावलकर, महानिदेशक डॉ मेहरबान सिंह बिष्ट, अपर निदेशक डॉ अनिल चंदोला सहित सूचना विभाग के आला अधिकारियों और कर्मचारियों ने के.एस. चैहान को बधाई देते हुए इसे सूचना विभाग के लिए गौरवपूर्ण बताया है।
गौरतलब है कि के.एस. चैहान द्वारा अपने सेवाकाल में शासकीय सेवा में उत्कृष्ट एवं इमानदारी पूर्वक कार्य करने के कारण इस पुरस्कार के लिए चुना गया है। उनके आउटस्टैंडिंग कार्य को देखते हुए इस पुरस्कार के लिए चयन किया गया है। के.एस. चैहान ने गत 2 वर्ष में उत्तराखंड राज्य में विभिन्न फिल्म निर्माताओं के साथ समन्वय स्थापित कर उत्तराखंड राज्य को एक विशिष्ट पहचान दिलाई। साथ ही राज्य को आर्थिक रूप से काफी फायदा हुआ। पर्यटन की दृष्टिकोण से भी राज्य में बहुत अधिक फायदा हुआ इसके अतिरिक्त के.एस. चैहान द्वारा विगत कई वर्षों में राजपथ पर उत्तराखंड राज्य की झांकी का नेतृत्व किया गया जिसमें अन्य राज्यों की अपेक्षा उत्तराखंड राज्य को विगत 11 वर्षों में राजपथ पर उत्तराखंड की कला और संस्कृति पर आधारित झांकी का प्रदर्शन कर राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर ही नही बल्कि विश्व स्तर पर उत्तराखंड राज्य को एक विषय पहचान बनी।

कौशल विकास रोजगार मेले में युवाओं का हुआ चयन

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने एसजीआरआर पीजी कॉलेज, पथरी बाग, देहरादून में कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग द्वारा आयोजित वृहद रोजगार मेले का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस रोजगार मेले में लगभग 70 कम्पनियों द्वारा 4500 युवाओं को रोजगार दिया जायेगा। उन्होंने सरकार के अनुरोध पर युवाओं को सेवायोजित करने के लिए बड़ी संख्या में प्रतिभाग करने पर कम्पनियों का आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के युवा परिश्रमी एवं ईमानदार हैं। युवाओं के कौशल विकास पर ध्यान देने की जरूरत है। इसी उद्देश्य से राज्य, जनपद एवं तहसील स्तर पर रोजगार मेले आयोजित किये जा रहे हैं। इन रोजगार मेलों में कम्पनियों द्वारा युवाओं का साक्षात्कार कर उनकी योग्यता के अनुसार नौकरी दी जा रही है। यह वर्ष रोजगार वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। राज्य सरकार सरकारी सेवाओं एवं अन्य माध्यमों से युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के संसाधन उपलब्ध कराने का प्रयास कर रही है। सरकारी सेवाओं में भी विभिन्न पदो ंके लिए विभागों द्वारा लोक सेवा आयोग एवं अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को अधियाचन भेजे गये हैं। इन पदों पर भी भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू की जायेगी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का स्किल इंडिया का जो सपना है, उस दिशा में हमें तेजी से आगे बढ़ना होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए उत्तराखण्ड में अनेक प्रशिक्षण संस्थान खोले गये हैं। डोईवाला में सीपेट शुरू किया गया है। इस संस्थान में अभी सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किये गये हैं। इस संस्थान से कोर्स करने के बाद युवाओं को रोजगार भी मिले हैं। अभी सीपेट का विस्तार किया जा रहा है। इस संस्थान में डिप्लोमा एवं डिग्री कोर्स शुरू होने के बाद रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। दूरस्थ क्षेत्रों में लोगों को स्वरोजगार से जोड़ने के प्रयास किये जा रहे हैं। इसके लिए अभी तक 82 ग्रोथ सेंटर की स्वीकृति दी जा चुकी है। वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली योजना के तहत प्रदेश के युवाओं को 50 प्रतिशत सब्सिडी पर बसें दी जा रही हैं। इन बसों का अनुबंध रोडबेज से किया गया है।
कौशल विकास एवं सेवायोजन मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य है, जहां कौशल विकास, सेवायोजन एवं प्रशिक्षण के लिए एक विभाग एवं मंत्रालय बनाया गया है। उत्तराखण्ड देश का पहला ऐसा राज्य है, जहां कौशल विकास से संबिधत कार्यों के लिए जिला एवं तहसील स्तर पर कोर्डिनेशन करने की जिम्मेदारी दी गई है। हमारे युवा हर क्षेत्र में दक्ष हैं, उनकी प्रतिभाओं को उजागर करने के लिए राज्य सरकार द्वारा हर सम्भव प्रयास किये जा रहे हैं।
इस अवसर पर मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायक विनोद चमोली, इंडस्ट्री ऐसोसिएशन के अध्यक्ष पंकज गुप्ता, अनिल गोयल, सचिव कौशल विकास एवं सेवायोजन डॉ. रणजीत सिन्हा, अपर सचिव डॉ. अहमद इकबाल, निदेशक कौशल विकास एवं सेवायोजन जीवन सिंह नगन्याल, प्रधानाचार्य एसजीआरआर पीजी कॉलेज, पथरीबाग प्रो. वी.ए. बौड़ाई आदि उपस्थित थे।

एकीकृत रूफ टॉप पोर्टल का सीएम ने किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने बुधवार को ग्रिड कनेक्टेड रूफ टॉप सोलर फेस 02 योजना एवं एकीकृत रूफ टॉप पोर्टल का शुभारंभ किया। उन्होंने देश में गांधीनगर के साथ ही देहरादून को भी ग्रीन सिटी के रूप में चिन्हित किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे प्रदेश में पर्यावरण के प्रति जागरूकता के प्रसार तथा पर्यटन प्रदेश के सपने को साकार करने के लिए मददगार बताया।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में सरकारी भवनों पर सौर ऊर्जा से विद्युत उत्पादन पर ध्यान दिया जा रहा है। हरिद्वार एवं देहरादून स्थित सरकारी भवनों से इसकी शुरूआत की गई हैं। इससे 2.75 मेगावॉट विद्युत का उत्पादन होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण को कम नुकसान पहुंचाने वाले उपायों तथा वैकल्पिक ऊर्जा के प्रति ध्यान देने से पर्यावरण को सरंक्षित करने में मदद मिलेगी। हमारे शुद्व पर्यावरण का ही प्रतिफल है कि प्रदेश में पर्यटकों के आवागमन में 36 प्रतिशत की वृद्वि हुई है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने रूफ टॉप सोलर से सम्बन्धित पुस्तिका का भी विमोचन किया।

मुख्यमंत्री ने आइएएस अधिकारियों से मांगा सहयोग, बोले राज्य का सर्वागींण विकास हो लक्ष्य

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि प्रशासन में किए जा रहे प्रयोग आम व्यक्ति पर केंद्रित होना चाहिए। हर काम का लक्ष्य निर्धारित किया जाए। टीम भावना से काम किया जाए। हरेला पर एक दिन में पूरे प्रदेश में वृक्षारोपण किया जाएगा। शहरों में स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। मुख्यमंत्री आईएएस वीक पर वीर चंद्र सिंह गढ़वाली सभागार, विश्वकर्मा भवन, सचिवालय में आयोजित डीएम सम्मेलन को सम्बोधित कर रहे थे।
प्रधानमंत्री के थ्री टी-ट्रेड, टेक्नोलोजी और टूरिज्म मंत्र पर करें काम
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने थ्री टी-ट्रेड, टेक्नोलोजी और टूरिज्म पर विशेष बल दिया है। इन तीन सेक्टर पर विशेष ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें जनता की सेवा का मौका मिला है। इसलिए हमारी जिम्मेवारी भी अधिक है। गरीबों की सेवा से स्वयं को अच्छा महसूस होता है।
हर व्यक्ति तक पहुंचे योजनाओ का लाभ
सरकार की योजनाओं का लाभ दूर दराज के व्यक्ति तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। जिलों में अधिकारियों द्वारा शुरू किए गए नवाचारों पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लक्ष्य निर्धारित कर काम किया जाए। फील्ड में टीम भावना के साथ काम हो। जिलाधिकारी अपने सहयोगियों को प्रोत्साहित करें। टीम उत्साहित होती है तो काम सरल हो जाता है।
शहरों में स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाए
मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरीकरण को देखते हुए साफ-सफाई व स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिए जाने की जरूरत है। स्वच्छता को रूटीन में लाया जाए। इसके लिए जागरूकता अभियान निरंतर संचालित किए जाएं।

जिले के प्रमुख लोगों से संवाद कायम करें जिलाधिकारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिलाधिकारी जिले के गणमान्य लोगों, सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ लगातार संवाद करें। उनसे फीडबैक और सुझाव प्राप्त करें। कुपोषित बच्चों को गोद लिया गया था। उनकी दशा में कितना सुधार हो रहा है, इसकी लगातार मॉनिटरिंग की जाए।
हरेला पर पूरे प्रदेश में होगा व्यापक वृक्षारोपण
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष हरेला त्यौंहार पर प्रदेश वृक्षारोपण का वृहद अभियान संचालित किया जाएगा। हरेला पर एक ही दिन में पूरे प्रदेश में वृक्षारोपण किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि 9 नवम्बर 2020 तक पूर्ण साक्षरता का लक्ष्य निर्धारित कर मिशन मोड में काम किया जाए। अगर हर व्यक्ति यह तय कर ले कि वह एक निरक्षर व्यक्ति को साक्षर करेगा तो पूर्ण साक्षरता का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
जिले बनें आत्मनिर्भर, मांग की पूर्ति जिले से ही हो
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी विकासात्मक निर्माण कार्य प्रारम्भ करते समय उसके पूर्ण होने की अवधि भी निश्चित की जानी चाहिए। जिलों को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास किये जाए। कोशिश की जाए वहां की मांग की पूर्ति जिले में ही उत्पादित व निर्मित उत्पादों से पूरी की जा सके।
इस बार की आईएएस वीक कई मायनों में रही अलग
मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री को आईएएस वीक का ब्यौरा देते हुए बताया कि इस वर्ष का आईएएस वीक कई मायनों में विशेष रहा है। इस वर्ष मुख्यमंत्री जी के निर्देश पर आईएएस वीक में ओपन हाउस के अन्तर्गत जनपद स्तर के अधिकारियों को भी अपने अपने क्षेत्र में आ रही समस्याओं को रखने का अवसर दिया गया है। उन्होंने बताया कि जिलाधिकारियों ने अपने अपने जनपदों में शुरू की गयी विभिन्न पहलों के विषय में प्रस्तुतिकरण के माध्यम से जानकारी दी।
मातृ मृत्यु के हर मामले का हो परीक्षण
मुख्य सचिव ने महिलाओं के बेरोजगारी स्तर में सुधार लाने पर विशेष ध्यान देने की बात कही। उन्होंने कहा कि महिलाओं की बेरोजगारी को दूर करके ही महिला सशक्तिकरण किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि पिरूल से विद्युत उत्पादन योजना में जिलाधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। जिलाधिकारी फैसिलिटेटर की भूमिका निभाते हुए प्रोजेक्ट्स के फोरेस्ट क्लीयरेंस और बैंक सम्बन्धी समस्याओं का निराकरण कर सकते हैं। विश्वकर्मा भवन, सचिवालय के वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली सभागार में आयोजित बैठक के द्वितीय दिवस के प्रथम सत्र में वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों द्वारा ईज ऑफ गवर्नेंस के क्षेत्र में राज्य की विभिन्न पहलों एवं योजनाओं के संबंध में जानकारी दी गई।

ई-गवर्नेस में हुई महत्वपूर्ण पहल
सर्वप्रथम अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने ई-गवर्नेंस से सम्बन्धित विभिन्न पहलुओं की जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश के विकास में प्रशासन की प्रभावी सर्विस डिलीवरी बहुत ही जरूरी है। उन्होंने कहा कि एक आईएएस अधिकारी को आम जनता के लिए सुलभ होना बहुत जरूरी है। आम नागरिक की गरिमा और सम्मान का भी ध्यान रखना होगा। उनकी समस्याओं के निराकरण के लिए जिला स्तर में भी ई-ऑफिस की ओर बढ़ना होगा।
डिजिटल उत्तराखंड
सचिव सूचना प्रोद्योगिकी आर के सुधांशु ने ई गवर्नेंस में आईटी इनिशिएटिव पर चर्चा करते हुए बताया कि प्रदेश में सूचना प्रोद्योगिकी के क्षेत्र में बहुत सी पहल की गई हैं। डिजिटल इंडिया के अनुरूप ही राज्य, डिजिटल उत्तराखण्ड की ओर बढ़ रहा है। राज्य में स्टेट डाटा सेंटर, ड्रॉन एप्लीकेशन सेंटर, ई-डिस्ट्रिक्ट जैसे विभिन्न प्रोजेक्ट्स पर कार्य चल रहा है।
सीएम डैशबोर्ड से हो रही आउटकम आधारित मानिटरिंग
सचिव मुख्यमंत्री राधिका झा ने सीएम डैशबोर्ड एवं सीएसआर पोर्टल की जानकारी देते हुए बताया कि हमें प्रोफेशनल होने की आवश्यकता है। इसके लिए सीएम डैशबोर्ड के माध्यम से आउटकम बेस्ड मॉनिटरिंग करने की जा रही है। इससे योजनाओं के क्रियान्वयन, पारदर्शिता और सर्विस डिलीवरी में काफी सुधार हुआ है।
ईज आफ डूईंग बिजनेस से उद्योगो को मिल रहा बढावा
दिवस के द्वितीय सत्र में प्रमुख सचिव मनीषा पंवार ने राज्य में उद्योग और एमएसएमई के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों पर चर्चा करते हुए बताया कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के क्षेत्र में प्रदेश में काफी कार्य हुए है। राइट टु सर्विस एक्ट और सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम के माध्यम से प्रदेश में उद्योग बढ़ावा दिया जा रहा है। सिंगल विंडो में जनपद स्तर पर विशेष मेहनत किए जाने की आवश्यकता है।
राजस्व सिस्टम को किया जा रहा आटोमेटेड
सचिव राजस्व सुशील कुमार ने कहा कि प्रदेश में राजस्व के क्षेत्र में अपने सिस्टम को फुल्ली आटोमेटेड हो रहा है। सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए भूमि लीज पर दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि म्यूटेशन के क्षेत्र में पेंडिंग केसों का तेजी से निपटान करने हेतु जिलाधिकारियों को इसमें विशेष ध्यान देना होगा। लैंड रिकॉर्ड डिजिटाईजेशन में भी तेजी लाने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने प्रतिभागी अधिकारियों को कन्डाली से बने जैकेट प्रदान किए। ये जैकेट चमोली के स्वयं सहायता समूह द्वारा बनाए गए हैं।

मुनिकीरेती नगर पालिका 100 फीट ऊंचे झंडे को फहराने जा रही

युवाओं में देश प्रेम की अलख जगाने के लिए नगर पालिका परिषद मुनिकीरेती-ढालवाला के सुमन पार्क में 100 फीट ऊंचा राष्ट्रीय ध्वज ‘तिरंगा’ लगाने जा रही है। इस स्थान को पर्यटन स्थल का रूप देने के लिए सेल्फी प्वाइंट विकसित किया जाएगा। यहां राष्ट्रीय पशु, पुष्प, पक्षी, खेल तथा करेंसी की विशालकाय मूर्तियां स्थापित की जाएंगी। अपनी तरह का यह अनूठा पर्यटन स्थल न सिर्फ राष्ट्र प्रेम बल्कि बच्चों में देश से जुड़ी अहम जानकारियों से रूबरू कराएगा।

पालिका की ओर से इसके लिए तैयारियां जोरों पर हैं। नगर पालिका परिषद मुनिकीरेती-ढालवाला के अध्यक्ष रोशन रतूड़ी ने बताया कि यह सेल्फी प्वाइंट फरवरी तक तैयार हो जाएगा। बताया कि इस सेल्फी प्वाइंट का आइडिया दिल्ली के कनाट प्लेस से मिला। वहां 100 फीट ऊचे तिरंगे को देख सभी लोग अभिवादन कर रहे थे। इस दृश्य से लोगों के अंदर स्वतरू ही राष्ट्रप्रेम व्यक्त हो रहा था। बताया कि इसी को देखते हुए एक प्रस्ताव तैयार कर नगर पालिका बोर्ड की बैठक में रखा गया। प्रस्ताव पर सभी सदस्यों ने अपनी सहमति दी। पालिकाध्यक्ष के मुताबिक तिरंगा की छांव में विकसित होने वाले सेल्फी प्वाइंट को विकसित करने में करीब 14 लाख रुपये खर्च होंगे।

ये होगी सेल्फी प्वाइंट की खासियत
ढालवाला के सुमन विहार में लगने वाला 100 फीट ऊंचा झंडा राजस्थान में तैयार किया जा रहा है। इसे पैराशूट के कपड़े से तैयार किया जा रहा है। यह कपड़ा तुलनात्मक रूप से काफी हल्का, मजबूत और पक्के रंग का होता है। इस कारण यह ऊंचाई पर लहराता रहता है। झंडे को प्रत्येक छह माह में बदला जाएगा। इस ध्वज की लंबाई 30 मीटर तथा चौड़ाई 20 मीटर होगी। इस ध्वज को रात्रिकाल में आकर्षक बनाने के लिए चार बड़ी वॉर्म लाइटें लगाई जाएंगी, जो 400 वॉट की होंगी।

लखनऊ में बनाई जा रहीं मूर्तियां
झंडे के चारों तरफ राष्ट्रीय प्रतीकों को जगह दी जाएगी। इसके तहत राष्ट्रीय पहचान मोर, टाइगर, कमल, हॉकी, करेंसी की प्रतिमा लखनऊ में बनाई जा रही हैं। पालिकाध्यक्ष ने बताया कि इन राष्ट्रीय प्रतीकों को झंडे के चारों ओर लगाया जाएगा।

सर्वे ऑफ़ इंडिया के सहयोग से चकबंदी में मिलेगी मदद

उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में कृषि भूमि की चकबंदी के लिए सरकार थ्री डी मैपिंग कराने जा रही है। इससे कृषि भूमि के खसरा नंबर की वास्तविक स्थिति का पता लग सकेगा। राजस्व विभाग सर्वे ऑफ इंडिया के माध्यम से थ्री डी मैप तैयार करवा रहा है। पहाड़ों में चकबंदी न होने के कारण सरकार की अनुबंध खेती की योजना परवान नही चढ़ पा रही है। पौड़ी जनपद के पांच गांवों में भी अभी तक चकबंदी नहीं हो पाई है। अब निर्णय लिया गया है कि इन गांवों में ड्रोन के जरिये एरियल सर्वे कराया जाएगा।
पर्वतीय क्षेत्रों में बिखरी कृषि जोत होने से किसानों को मेहनत ज्यादा करनी पड़ती है और खेती से मुनाफा कम होने के चलते लोगों का कृषि से रुझान कम हो रहा है। गौरतलब है कि सरकार ने पहाड़ों के लिए आंशिक और स्वैच्छिक चकबंदी को कानूनी रूप से मान्य किया है। लेकिन अभी तक पर्वतीय क्षेत्रों में एक भी गांव में चकबंदी नहीं हो पाई है। सरकार ने पौड़ी जनपद के पांच गांवों से आंशिक व स्वैच्छिक चकबंदी की शुरुआत की है।
इनमें मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के गांव खैरासैंण, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गांव पंचूर, कृषि मंत्री सुबोध उनियाल का गांव औणी समेत दो अन्य गांव शामिल हैं। इन गांवों में कृषि भूमि अभिलेखों का डाटा तैयार कर लिया है। अब ड्रोन से एरियल सर्वे किया जाएगा। प्रदेश में भूमि बंदोबस्त न होने के कारण चकबंदी करने में सबसे बड़ी समस्या आ रही है। एक ही जमीन के गोल खाते में कई हिस्सेदार हैं, लेकिन उन्हें यह पता नहीं है कि उनकी जमीन कहां पर है। अब सरकार चकबंदी को बढ़ावा देने के लिए सर्वे ऑफ इंडिया के माध्यम से पर्वतीय क्षेत्रों में थ्री डी मैपिंग करेगी।
वहीं, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर जनपद में अनिवार्य चकबंदी की प्रक्रिया चल रही है। जिसमें हरिद्वार में 108 और ऊधमसिंह नगर में 50 गांव शामिल हैं। जबकि पर्वतीय जनपद पौड़ी के मात्र पांच गांवों में चकबंदी हो रही है। मैदानी जनपदों की तुलना में पहाड़ों में चकबंदी करना मुश्किल है।
अपर सचिव एवं आयुक्त, चकबंदी, बीएम मिश्र ने बताया कि पर्वतीय क्षेत्रों में चकबंदी के लिए सर्वे ऑफ इंडिया के माध्यम से थ्री डी मैप तैयार किया जाएगा। इससे पहाड़ों में गोल खातों व बिखरी कृषि जोत की वास्तविक स्थिति सामने आने से चकबंदी में आसानी होगी।

7 जनवरी को देहरादून में रहेगा रुट डायवर्ट, जानकारी रखें और असुविधा से बचे

उत्तराखंड विधानसभा के सात जनवरी को होने वाले विशेष सत्र की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस कड़ी में सोमवार को कार्यमंत्रणा समिति की बैठक बुलाई गई है। विशेष सत्र में अनुसूचित जाति और जनजाति के लिए अगले 10 साल तक आरक्षण बढ़ाने के केंद्र सरकार के निर्णय के मद्देनजर अनुसमर्थन प्रस्ताव पारित किया जाएगा। केंद्र सरकार द्वारा संविधान में दी गई व्यवस्था के अनुसार अनुसूचित जाति और जनजाति के लिए अगले 10 साल के लिए आरक्षण की अवधि को बढ़ाया गया है। अब राष्ट्रपति से इसे अनुमोदन मिलना है। इससे पहले सभी राज्यों की विधानसभाओं में यह प्रस्ताव पारित कराया जाना जरूरी है। इसी के दृष्टिगत उत्तराखंड विधानसभा का भी विशेष सत्र सात जनवरी को आहूत किया गया है। राजभवन की मंजूरी के बाद विशेष सत्र की अधिसूचना जारी की जा चुकी है।
अब सत्र की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस कड़ी में सोमवार को विधानसभा की कार्यमंत्रणा समिति की बैठक बुलाई गई है। विधानसभा अध्यक्ष प्रेेमचंद अग्रवाल ने बताया कि कार्यमंत्रणा में सत्र के सफल संचालन के लिए विधिवत कार्यक्रम की रूपरेखा तय की जाएगी। सात जनवरी को होने वाले एकदिवसीय विधानसभा विशेष सत्र के लिए पुलिस ने कमर कस ली है। सत्र के दौरान यातायात व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पुलिस ने रूट प्लान जारी कर दिया है। इसके साथ ही धरना-प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रगति विहार, शास्त्री नगर, बाईपास और डिफेंस कॉलोनी पर बैरियर स्थापित किए गए हैं।
रूट प्लान देखकर निकले
सभी भारी वाहनों को कारगी चैक व डोईवाला से दूधली रोड की ओर डायवर्ट किया जाएगा।
देहरादून से हरिद्वार, ऋषिकेश, टिहरी, चमोली जाने वाले वाहन ईसी रोड से नेहरू कॉलोनी, फव्वारा चैक से छह नंबर पुलिया से रायपुर थानो होते हुए जाएंगे।
धर्मपुर चैक से आइएसबीटी की ओर जाने वाला यातायात माता मंदिर रोड होते हुए पुरानी बाईपास चैकी से आइएसबीटी की ओर जाएगा।
मोहकमपुर की ओर से मसूरी जाने वाले वाहन जोगीवाला, रिंग रोड, लाडपुर, सहस्रधारा क्रॉसिंग, आइटी पार्क से मसूरी मार्ग की ओर जाएगा।
मोहकमपुर से देहरादून शहर की ओर आने वाले वाहन जोगीवाला, छह नंबर पुलिया, नेहरू कॉलोनी, आराघर, ईसी रोड होते हुए देहरादून आएंगे।
प्रत्येक संभावित जुलूस अनुमति प्राप्त करने के बाद केवल बन्नू स्कूल से निकलेंगे और इनके वाहन भी बन्नू स्कूल में पार्क किए जाएंगे।
डोईवाला से देहरादून की ओर आने वाली सिटी बसें जोगीवाला से डायवर्ट की जाएंगी जो कि कैलाश अस्पताल से यू-टर्न लेंगी।
डिफेंस कॉलोनी जाने वाले व्यावसायिक वाहनों को नेहरू कॉलोनी थाना कट से पुरानी चैकी बाईपास की ओर डायवर्ट किया जाएगा। स्थानीय निवासियों के व्यक्तिगत वाहनों को विशेष परिस्थितियों मे ही डायवर्ट किया जाएगा।
आइएसबीटी से ऋषिकेश, हरिद्वार की ओर जाने वाले समस्त भारी वाहन, परिवहन निगम की रोडवेज बसें कारगी चैक से दूधली होते हुए भेजी जाएंगी।
सामान्य स्थिति में व्यक्तिगत वाहनों को डायवर्ट नहीं किया जाएगा, लेकिन व्यावसायिक वाहनों को लगातार डायवर्ट किया जाएगा। वे किसी भी दशा में विधानसभा की ओर नही जाएंगे।

बर्खास्त सिपाही करवाता था वाहन की चोरी, पुलिस की दबिश में हुआ खुलासा

एएसपी राजीव मोहन, सीओ सिटी विजय थापा ने पत्रकारों को बताया कि तीन दिसंबर को मुक्तेश्वर के आर्चेड रिसॉर्ट व हाल तल्लीताल निवासी विक्रम बिष्ट की तल्लीताल क्षेत्र में पार्क स्कार्पियो यूके-04 वी, 1177 चोरी हो गई थी। यह वाहन बरामद नहीं हुआ था कि 17 दिसंबर को पूर्व पुलिस अधीक्षक आरएस नयाल निवासी सिपाहीधारा की यूके-04 एए, 4256 आई-20 कार चोरी हो गई। चोरी के इन मामलों के खुलासे के लिए एसएसपी के निर्देश पर एएसपी राजीव मोहन द्वारा सीओ के नेतृत्व में एसओजी का गठन किया। एसओजी की टीमों को वाहनों की सुरागकशी के लिए उत्तर प्रदेश के बरेली, शाहजहांपुर, कानपुर, झांसी रवाना किया गया।
एसओजी प्रभारी अबुल कलाम, एसआइ दिलीप कुमार की टीम ने परवेज अहमद (45) पुत्र सलीम अहमद निवासी शिया मस्जिद के पास नई बस्ती, कोतवाली झांसी तथा रियासत अली पुत्र आले मोहम्मद निवासी 101 सूर्यनगर, एचएमटी जीटर ट्रैकर कंपनी के पीछे पोस्ट उरई थाना कोतवाली जिला जालौन उत्तर प्रदेश को शनिवार को बरेली से गिरफ्तार किया है। इनके पास से नैनीताल निवासी पूर्व पुलिस अधीक्षक आरएस नयाल की यूके-04 एए, 4256 आई-20 कार बरामद हुई है। पकड़े गए गिरोह की निशानदेही पर ही नैनीताल, झांसी तथा कानपुर से चोरी कई स्कार्पियो भी बरामद की गई हैं। यह स्कार्पियो किसकी हैं, नंबरों के आधार पर उनका पता लगाया जा रहा है। पकड़े गए आरोपितों में कुछ और लोग भी शामिल हैं, पुलिस इनसे पूछताछ कर उनकी तलाश कर रही है। कार चोर गिरोह का मास्टर माइंड परवेज है। इसने पुलिस को पूछताछ में बताया कि विभिन्न राज्यों से वाहन चोरी कर नेपाल में बेचते थे। अभियुक्त परवेज उत्तर प्रदेश पुलिस का बर्खास्त सिपाही है। नैनीताल से चोरी दोनों वाहनों को फर्जी नंबर प्लेट लगाकर उपयोग में लाया जा रहा था।
अपराध के दलदल में फंस चुके उत्तर प्रदेश पुलिस का बर्खास्त सिपाही वाहन चोर गिरोह का मास्टर माइंड बन गया। बर्खास्त सिपाही पर हत्या के दो, हत्या के प्रयास के चार मुकदमे दर्ज हैं। चोर गिरोह घटना को अंजाम देने से पहले वाहन का बोनट खोलते थे, उसके बाद स्टेङ्क्षरग का लॉक तोड़ते थे। यहीं नहीं गाड़ी के बैक लाइट तोड़कर पूरी गाड़ी की लाइटिंग सिस्टम को ध्वस्त कर अपना सॉफ्टवेयर स्टॉल कर देते थे। फिर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर बेरोकटोक ले जाते थे। दरअसल गिरोह का सरगना परवेज निवासी नई बस्ती, कोतवाली झांसी 1995 बैच का सिपाही था। राज्य बनने के बाद 2000 से 2009 तक नैनीताल पुलिस लाइन में टेलीफोन ड्यूटी पर तैनात रहा, फिर उत्तर प्रदेश के लिए रिलीव हो गया। आपराधिक घटनाओं में शामिल होने की वजह से परवेज को उप्र में नौकरी से बर्खास्त कर दिया। परवेज पर झांसी कोतवाली में हत्या के दो व हत्या के प्रयास के चार मुकदमे दर्ज हैं। हाल ही में उसने वाहनों को उड़ाने का गिरोह बना लिया। सूत्रों के अनुसार नैनीताल में सेवारत रहने के दौरान उसे शहर का पूरा अनुभव था। पहले उसने तल्लीताल क्षेत्र से स्कार्पियो उड़ाई, फिर सिपाहीधारा में अक्सर पार्क रहने वाली आइ-20 उसके निशाने पर थी। उसे भी उड़ा लिया। आरोपित परवेज ने पूछताछ में बताया कि गाड़ी का सिस्टम 15 मिनट में बदल देते थे। नेपाल में गाड़ी को 80-85 हजार में बेच देते थे। पुलिस गिरफ्त में आया परवेज नैनीताल में पुलिस ड्यूटी के दौरान खुद के कारनामे भी गिनाता रहा।

दून का कलक्ट्रेट भवन पूर्व पीएम अटल बिहारी के नाम होगा

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने बुधवार को आईटीडीए, आईटी पार्क सहस्त्रधारा रोड, देहरादून में 234.85 करोड़ रूपये की लागत से बने स्मार्ट सिटी मिशन के अन्तर्गत दून इन्टीग्रेटेड कमाण्ड एण्ड कन्ट्रोल सेंटर ‘सदैव दून’ का लोकार्पण किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के 100 शहरों को स्मार्ट सिटी के रूप में बनाने की योजना देश के सामने रखी है। यह सौभाग्य की बात है कि उत्तराखण्ड आज इसमें 25वें स्थान पर है, जबकि स्मार्ट सिटी की चौथी सूची में इसे सम्मिलित किया गया। देहरादून देश की पहली ऐसी स्मार्ट सिटी होगी, जो पूर्ण रूप से स्मार्ट सिटी होगी।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्म दिवस पर उनका स्मरण करते हुए घोषणा की कि स्मार्ट सिटी के अन्तर्गत देहरादून का जो कलक्ट्रेट भवन बन रहा है। उस भवन का नाम अटल बिहारी वाजपेयी भवन रखा जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्मार्ट सिटी योजना के तहत स्थापित किये गये दून इन्टीग्रेटेड कमाण्ड एण्ड कन्ट्रोल सेंटर ‘सदैव दून’ से ट्रेफिक निगरानी, प्रदूषण के स्तर को नापने, सर्विलांस सिस्टम, वाई-फाई एवं अन्य तमाम सुविधाएं उपलब्ध होंगी। देहरादून की अनेक व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित करने में भी यह सेंटर मदद करेगा। वर्ष 2021 में हरिद्वार में होने वाले कुंभ में भीड़ प्रबंधन एवं अन्य गतिविधियों पर निगरानी रखने के लिए यह सेंटर मददगार साबित होगा।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि स्मार्ट सिटी के साथ ही हमें स्वच्छता पर विशेष ध्यान देना होगा। सिंगल यूज प्लास्टिक की रोकथाम के लिए देहरादून की जनता ने अच्छा सहयोग दिया है। प्लास्टिक की रोकथाम के लिए जो मानव श्रृंखला बनाई गई उसके अच्छे परिणाम मिले हैं। देहरादून में पॉलीथीन के इस्तेमाल में 75 प्रतिशत तक की कमी आई है। आज वेस्ट को बेस्ट में बदलने की जरूरत हैं पेट्रोलियम संस्थान में पॉलीथीन से डीजल बनाया जा रहा है। स्वच्छता के प्रति व्यापक स्तर पर अभियान चलाने की जरूरत है।

बीआरओ ने देश को डबल लेन सड़क और पुल किया समर्पित

जोशीमठ-मलारी टू-लेन राज्यमार्ग और पुनार पुल का लोकार्पण कर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सीमांतवासियों को बड़ी सौगात दी है। इस मोटर मार्ग से जहॉ भारत-तिब्बत सीमा पर आवगमन आसान होगा वही सीमांत क्षेत्र के दर्जनों गांवों को इस सड़क से लाभ मिलेगा। इस अवसर पर सेना के गढवाल स्काउट बैंड ने मधुर धुन बजाकर तथा स्थानीय महिलाओं ने पौणा नृत्य से मुख्यमंत्री का जोरदार स्वागत किया गया।

मुख्यमंत्री ने मंगलवार को जोशीमठ के सीमांत क्षेत्र में सीमा सड़क संगठन द्वारा 265 करोड़ की लागत से निर्मित 62.66 किमी. जोशीमठ-मलारी टू-लेन राज्यमार्ग और 494.30 लाख लागत से निर्मित पुनार पुल का लोकापर्ण किया। उन्होंने सीमा सडक संगठन द्वारा निर्धारित समय से पहले मोटर मार्ग का निर्माण कार्य पूरा करने पर बधाई दी और बीआरओ के कार्यशौली की जमकर सराहना की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने आचार्य डा. प्रदीप सेमवाल द्वारा ज्योतिष एवं आपदा पर लिखी पुस्तक का विमोचन भी किया। वही जनपद फिस आउटलेट वैन को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम के दौरान बद्रीनाथ विधायक महेन्द्र भट्ट, बीकेटीसी अध्यक्ष मोहन प्रसाद थपलियाल, भाजपा जिला अध्यक्ष रघुवीर बिष्ट आदि मौजूद रहे।

लोकार्पण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य का निर्माण ही दूरस्थ क्षेत्रों के विकास की परिकल्पना से हुआ है, और सीमांत क्षेत्रों के विकास के लिए उनकी सरकार हमेशा तत्पर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के 27 विकासखण्डों की सीमाएं अन्तर्राष्ट्रीय सीमा से जुडी है और इसकी संवेदनशीलता को देखते हुए अगले साल से राज्य में सीमांत क्षेत्रों के विकास के लिए मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास योजना शुरू की जाएगी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जोशीमठ नगर पालिका में पार्किग निर्माण, रविग्राम में स्टैडियम निर्माण, लांसी-द्वींग-तपोण मोटर मार्ग निर्माण की घोषणा भी की। इसके अलावा मारवाडी-थेंग मोटर मार्ग पर त्वरित गति से कार्य कराने की बात कही। उन्होंने कहा कि केदारनाथ धाम की तर्ज पर बद्रीनाथ धाम को भी विकसित करने के लिए मास्टर प्लान तैयार किया गया है और शीघ्र ही इस पर कार्य शुरू किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने जनपद फिस आउटलेट वैन को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

इस अवसर सीमा सडक संगठन के मुख्य अभियंता एएस राठौर ने बताया कि जोशीमठ से रिमखिम पहुॅचने मे पहले 8 घंटे लगते थे, लेकिन जोशीमठ-मलारी टू-लेन सड़क निर्माण पूरा होने से यह दूरी सिर्फ 3 घंटे में तय होगी।