देहरादून जाने से पहले करा ले अपने वाहन की फिटनेस

राजधानी देहरादून सहित आसपास के इलाकों में प्रदूषण फैला रहे वाहनों की अब खैर नहीं होगी। परिवहन विभाग की ओर से आज से बडे़ स्तर पर जांच अभियान शुरू किया जा रहा है।
बताया जा रहा कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के निर्देश पर वायु प्रदूषण नियंत्रण को गठित मॉनीटरिंग कमेटी की पहल पर परिवहन विभाग के अधिकारियों द्वारा गाड़ियों की जांच की जाएगी। अभियान चलाने को लेकर एआरटीओ प्रवर्तन अरविंद पांडे की अगुवाई में अफसरों की सात सदस्यीय टीम भी गठित कर दी गई है।
एआरटीओ (प्रवर्तन) अरविंद पांडे ने बताया कि अभियान की शुरुआत सुबह सात बजेे से हुई। इस दौरान गाड़ियों के प्रदूषण जांच के साथ ही ओवरलोडिंग, ओवरस्पीड, फिटनेस, परमिट, ड्राइविंग लाइसेंस की भी जांच की जाएगी। अभियान के दौरान प्रदूषण जांच पर खास फोकस रहेगा। जिन गाड़ियों के प्रदूषण निर्धारित मानकों से अधिक पाए गए, उन गाड़ियों पर तत्काल मौके पर ही नियमों के तहत भारी जुर्माना लगाने के साथ ही सीज करने की भी कार्रवाई की जाएगी।
केंद्र सरकार की ओर से नया मोटर व्हीकल एक्ट लागू होने के बाद पांच माह पहले परिवहन विभाग के अधिकारियों द्वारा गाड़ियों के प्रदूषण जांच को लेकर बड़े पैमाने पर अभियान चलाया गया था इस दौरान हजारों हजारों गाड़ियों का चालन करने के साथ ही बड़े पैमाने पर कार्रवाई की गई थी।
गाड़ियों के प्रदूषण जांच कराने को लेकर जबरदस्त मारामारी मची थी। आलम यह रहा कि गाड़ियों की प्रदूषण जांच कराने को लेकर जांच केंद्रों पर लंबी लाइनें लगी रहीं। गाड़ियों के प्रदूषण की जांच जल्द की जा सके, इसके लिए परिवहन विभाग की ओर से शहर में 100 से अधिक जांच केंद्र खोले गए थे।

कुंभ कार्यों को समय और गुणवत्ता के साथ संपन्न करांए अधिकारीः त्रिवेन्द्र

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने हरिद्वार में कुम्भ 2021 के सम्बन्ध में अखाड़ा परिषद के संत महात्माओं के साथ विचार विमर्श किया। बैठक के दौरान मेलाधिकारी दीपक रावत ने कुम्भ मेले हेतु किए जा रहे कार्यों की अद्यतन जानकारी दी।

मुख्यमंत्री ने सभी महात्माओं का माल्यार्पण कर स्वागत करते हुए कहा कि कुंभ की परंपरा में संतों के आशीर्वाद की आवश्यकता रहती है। संत महात्माओं ने मुख्यमंत्री के आश्वासन पर संतोष व्यक्त करते हुए मेले के सफल आयोजन के लिए अपना पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने श्री गंगा सभा हरिद्वार द्वारा कुम्भ महापर्व 2021 की प्रमुख स्नान तिथियों में से सभी अखाड़ों के संत महात्माओं की उपस्थिति में उनकी सर्वसम्मति से आगामी कुंभ मेले में आयोजित होने वाले चार शाही स्नानों की घोषणा की कुंभ मेले में होने वाले शाही स्नान में 11 मार्च 2021 (महाशिवरात्रि), 12 अप्रैल 2021 सोमवती अमावस्या, 14 अप्रैल 2021 बैसाखी कुम्भ स्नान एवं 27 अप्रैल 2021 चौत्र पूर्णिमा स्नान आयोजित होंगे। इसके साथ ही 6 पर्व स्नान 14 जनवरी 2021 (मकर संक्रान्ति), 11 फरवरी 2021 (मौनी अमावस्या), 16 फरवरी 2021 (बसंत पंचमी), 27 फरवरी 2021 (माघ पूर्णिमा), 13 अप्रैल 2021 (नव सम्वत् सर) एवं 21 अप्रैल 2021 (राम नवमी) को आयोजित होंगे।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि वे कुंभ कार्यों को समयबद्धता एवं गुणवत्ता के साथ संपन्न कराएं। इसमें जिन विभागों को कोई भी समस्या हो, उसे मेलाधिकारी के संज्ञान में लाएं। यदि स्वीकृति शासन स्तर से की जानी हो तो उसकी भी व्यवस्था की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने जल संस्थान के अधिकारियों को सीवर के कार्यों में तेजी लाते हुए निर्धारित समय पर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने एनएचएआई को भी कुम्भ क्षेत्र में नेशनल हाइवे के कार्यों को पूरा करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्यों को दिन रात करते हुए युद्ध स्तर पर करने के निर्देश देते हुए कहा कि राज्य सरकार की ओर से हर संभव सहायता दी जाएगी। उन्होंने सभी आवश्यक अधिकारी तैनात किए जाने के भी निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रमुख संतों को आवश्यक सुरक्षा एवं अखाड़ों से लगातार संपर्क कर कुंभ मेले हेतु कार्य किए जाएं। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण हटाने के लिए समयबद्धता के साथ कार्य किया जाए। कुंभ क्षेत्र में निर्माण कार्यों के लिए निर्माण सामग्री की आवश्यकता के अनुसार विभागों को पट्टे आबंटित किए जाएंगे। इसके लिए दिन रात कार्य करने हेतु परमिट दिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंभ मेले के सफल आयोजन हेतु सभी अखाड़ों के संत महात्माओं का सहयोग आवश्यक है।

बैठक में कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, विधायक सुरेश राठौर, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी महाराज, महामंत्री हरिगिरी महाराज, रविन्द्र पुरी महाराज, महंत प्रेम गिरी महाराज, महंत धर्म दास, महंत राजेन्द्र दास, मुखिया मंहत भगत राम, महन्त जसविंदर सिंह, महंत साधना नन्द, मंहत देवेंद्र सिंह शास्त्री, महंत राम दास आदि उपस्थित रहे।

एम्स ऋषिकेश में उत्तरकाशी की महिला ने दिया चार बच्चों को जन्म

ऋषिकेश के गाइनी डिपार्टमेंट में भर्ती उत्तरकाशी निवासी महिला ने चार बच्चों को जन्म दिया है। महिला को उत्तरकाशी जिला अस्पताल से दून अस्पताल रेफर किया गया था, हाई रिस्क केस होने की वजह से महिला को बीते रविवार को दून अस्पताल से एम्स ऋषिकेश में रेफर किया गया था।

गाइनी विभाग की डा. अनुपमा बहादुर के अनुसार महिला का हिमोग्लोबिन काफी कम था, टीएसएच 13 था, लिहाजा ऐसी स्थिति में डिलीवरी में नवजात शिशु आईसीयू नीकु की आवश्यकता पड़ सकती थी, लिहाजा दून में यह सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण उसे एम्स भेजा गया था। जहां अल्ट्रासाउंड के जरिए पता चला कि महिला के पेट में चार बच्चे हैं। लिहाजा महिला को तीन यूनिट रक्त चढ़ाया गया। साथ ही बच्चों के फेफड़ों की मैच्योरटी के लिए महिला को इंजेक्शन लगाया गया। इसके बाद ऑपरेशन से शनिवार को दोपहर में महिला ने चार बच्चों को जन्म दिया। जिनमें दो लड़के व दो लड़कियां हैं। चिकित्सकों के अनुसार सभी बच्चे स्वस्थ हैं। जिनका वजन क्रमशरू 1.6 किग्रा, 1.5 किग्रा., 1.35 किग्रा. तथा 1.1 किलोग्राम है।

खासबात यह है कि उन्हें वेंटीलेटर की आवश्यकता नहीं पड़ी। हाईरिस्क केस होने की वजह से चिकित्सकों के दल में नवजात शिशु विभाग की विभागाध्यक्ष डा. श्रीपर्णा बासू व डा. पूनम व गाइनी विभाग की प्रमुख डा. जया चतुर्वेदी, डा. अनुपमा बहादुर व डा. राजलक्ष्मी मुंदरा शामिल थे। एम्स निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत जी ने बताया कि एम्स ऋघ्षिकेश उत्तराखंड में नवजात शिशु मृत्युदर कम करने को लेकर गंभीर है, लिहाजा हम हाईरिस्क प्रेग्नेंसी के मामलों को प्राथमिकता देते हैं। एम्स निदेशक प्रो. रवि कांत ने बताया कि इसके लिए संस्थान में सभी विश्वस्तरीय वार्ड, संसाधन, उपकरण एवं विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध हैं।

राज्य के समग्र विकास के प्रति हमारी प्रतिबद्धताः सीएम

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शनिवार को सहस्त्रधारा में विश्वबैंक पोषित यूडीआरपी योजना के अन्तर्गत काली-रो नदी पर 688 लाख लागत से निर्मित होने वाले 48 मीटर स्पान के स्टील ट्रस सेतु तथा 219.91 लाख की लागत से निर्मित होने वाले 30 मीटर स्पान के स्टील गर्डर मोटर सेतु का शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने इस अवसर पर सहस्त्रधारा में बस अड्डे, सरोणा स्कूलका उच्चीकरण के साथ ही सहस्त्रधारा चामासारी मोटरमार्ग के डामरीकरण की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन पुलो के निर्माण से इस क्षेत्र की 13 हजार की आबादी लाभान्वित होगी। उन्होंने कहा कि राज्य के समग्र विकास के प्रति हमारी प्रतिबद्धता है। राज्य में सड़क, रेल व हवाई सेवाओं के विस्तार पर ध्यान दिया जा रहा है ताकि राज्य के लोगों के साथ ही पर्यटकों को भी सुविधा हो। उन्होंने कहा कि पर्यटन हमारी आर्थिकी का आधार है। पर्यटन व साहसिक खेलों को बढ़ावा देने से देश व दुनिया के लोग यहां आयेंगे। ओली में शुरू हुई नेशनल स्कीइंग एंड स्नोबोर्ड चैम्पियनशिप में विभिन्न देशों के प्रतिभागी शामिल हुए हैं। गोचर चिन्यालीसौड के लिये हेली सर्विस शुरू की गई है।

देहरादून से दिल्ली जयपुर व अन्य शहरों के लिये अतिरिक्त हवाई सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है। उन्होंने युवाओं से पर्यटन से जुड़ी स्वरोजगार योजनाओं पर ध्यान देने को कहा। उन्होंने कहा कि 5000 होम स्टे बनाने का हमारा लक्ष्य है। अब तक 2200 रजिस्टर्ड हो चुके हैं।

मुख्यमंत्री की पहल से कुपोषण से मुक्त हुए बच्चें, बेहतर परिणाम से सरकार खुश

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की पहल पर अतिकुपोषित बच्चों को गोद लेने की योजना के अच्छे परिणाम मिलने लगे हैं। प्रदेश के जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और सामाजिक संस्थाओं द्वारा गोद लिए गए कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य में लगातार सुधार हो रहा है। विगत वर्ष सितम्बर माह में ‘‘कुपोषण मुक्ति हेतु गोद अभियान’’ की शुरूआत की गई थी। मुख्यमंत्री सहित मंत्रीगणों, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने चिन्हित अति कुपोषित बच्चों को गोद लिया था। कुपोषित बच्चों को न केवल गोद लिया गया बल्कि संबंधित जनप्रतिनिधि व अधिकारी, इन बच्चों के अभिभावकों के लगातार सम्पर्क में रहे। इसके सार्थक परिणाम भी मिल रहे हैं। 6 बच्चे कुपोषण से मुक्त हो चुके हैं, जबकि 11 बच्चों की ग्रेड में सुधार हुआ है और 207 बच्चों के वजन में वृद्धि हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि, ‘‘कुपोषित बच्चों को गोद लेकर उनकी जिम्मेवारी लेने की पहल की गई थी। इसके सुखद परिणाम मिलने लगे हैं। बच्चे हमारे देश का भविष्य हैं। हमारा उद्देश्य प्रदेश को कुपोषण से पूरी तरह से मुक्त करना है। लगभग सभी गोद लिए गए बच्चों के वजन में संतोषजनक वृद्धि हुई है। मुझे पूरा विश्वास है कि सभी गोद लिए बच्चे कुपोषण से मुक्त होंगे।’’

जनता की समस्याओं के समाधान के लिए राज्य सरकार संकल्पबद्धः मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने “आपकी सरकार आपके द्वार“ के तहत डोईवाला विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत वन विभाग से संबंधित समस्याओं के समाधान हेतु आयोजित जनता मिलन कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर वन्यजीव संघर्ष के मामलों में राहत वितरण निधि के चेक वितरित किए गए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि वन विभाग से संबंधित क्षेत्र के लोगों की समस्याओं के समाधान पूरी पारदर्शिता के साथ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि समस्या का समाधान समय से हो तभी उसका सही लाभ मिल पाता है। राज्य सरकार आपकी समस्याओं के निराकरण के लिए संकल्पबद्ध है। उन्होंने कहा कि हमारी कोशिश है कि प्रदेश को अच्छी सुविधाएं और अच्छी सेवाएं प्रदान की जाएं। क्षेत्र में जनसंख्या का दबाव लगातार बढ़ रहा है। सूर्यधार योजना के तैयार होने के बाद 29 गावों को ग्रेविटी बेस्ड पानी उपलब्ध होगा। सौंग का कार्य भी लगभग अंतिम चरण में है। उन्होंने कहा कि हमारी कोशिश है कि सुस्वा नदी को बारह मास साफ पानी उपलब्ध कराया जा सके और रिस्पना नदी को भी पुनर्जीवित करना सरकार की प्राथमिकताओं में है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मनुष्य होने के नाते पशुओं के प्रति हमारा नैतिक कर्तव्य है। पशुधन का उपयोग करने के बाद हमें उन्हें छोड़ना नहीं चाहिए। पशु पक्षी पेड़ पौधे हमारे सिस्टम का ही हिस्सा है। प्रकृति का संरक्षण करते हुए जैविक खेती को बढ़ावा दिया जाना बहुत ही आवश्यक है।

पौराणिक मान्यताओं को आज भी निभा रहा श्री भरत मंदिर

वसंतोत्सव-2020 के तहत बसंत पंचमी के शुभमुहुर्त पर भगवान श्री भरत की शोभायात्रा धूमधाम से नगर क्षेत्र में निकाली गई। इस दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान भरत के जयकारों से डोली का स्वागत कर पुष्पवर्षा की। पावन पर्व पर श्रद्घालुओं ने भगवान भरत के दर्शन कर पुण्य अर्जित किए।
बुधवार को झंडा चैक स्थित श्री भरत मंदिर परिसर से शोभा यात्रा का आयोजन हुआ। इससे पूर्व मंदिर में श्री भरत भगवान की पूजा अर्चना विधिवत रूप से की गई। शोभा यात्रा झंडा चैक स्थित मंदिर से शुरू होकर मायाकुंड होते हुए विभिन्न व्यापारिक प्रतिष्ठानों से गुजरकर मां गंगा के तट पहुंची। यहां पर श्री भरत भगवान की मूर्ति को गंगा स्नान करवाने के बाद पूजा अर्चना की गई। यहां से शोभा यात्रा सुभाष चैक, श्री भरत मंदिर रोड और झंडा चैक से होते हुए मंदिर परिसर में संपन्न हुई। शोभा यात्रा का नगर क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर व्यापारिक, राजनैतिक, धार्मिक संगठनों ने पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। इस अवसर पर महंत अशोक प्रपन्न शर्मा, कार्यक्रम संयोजक हर्षवर्धन शर्मा, मेयर अनिता ममगाईं, पंडित वत्सल शर्मा, पंडित वरुण शर्मा आदि मौजूद थे।

मुख्यमंत्री ने किए दर्शन
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत बसंत पंचमी के अवसर पर भरत मन्दिर ऋषिकेश में आयोजित बसन्तोत्सव कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी को बसन्त पंचमी की शुभकामनायें दी तथा भरत मन्दिर में पूजा अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि बसन्तोत्सव प्रकृति के श्रृगांर एवं नई ऊर्जा का संचार करने वाला पर्व है। यह पर्व हमें प्रकृति के संरक्षण एवं संवर्धन की भी प्रेरणा देता है। उन्होंने आयोजकों की इस आयोजन के लिए भी सराहना की।

मुख्यमंत्री ने खेल पुरस्कारों से सम्मानित किया, कहा-आगे बढ़ो सरकार देगी सहायता

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सर्वे चैक स्थित आईआरडीटी सभागार में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न खिलाड़ियों को देवभूमि उत्तराखण्ड खेलरत्न, देवभूमि उत्तराखण्ड द्रोणाचार्य एवं लाईफ टाईम अचीवमेंट पुरस्कार से सम्मानित किया।
खिलाड़ियों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की कोशिश है कि खेलों इंडिया में अधिक से अधिक खिलाड़ियों की भागीदारी हो सके। उन्होंने कहा कि ऑलम्पिक 2024 को लक्ष्य बना कर हमें अपनी तैयारियां करनी होंगी। इसके लिए सरकार द्वारा हर सम्भव सहायता की जाएगी। उन्होंने कहा कि हमें खेलने और खिलाने के साथ-साथ कबड्डी और खो-खो जैसे खेलों को भी फोकस करना होगा। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि रूद्रपुर में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज की स्थापना की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेलो इंडिया के तहत अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का संकल्प है। इस वर्ष राज्य के दो लाख से अधिक बच्चों ने इसमें प्रतिभाग किया है। उन्होंने कहा कि हमें राज्य में 2-4 खेलों पर विशेष ध्यान देना होगा। उनके लिए लक्ष्य निर्धारित करने होंगे।
खेल मंत्री श्री अरविन्द पाण्डेय ने कहा कि खेल महाकुम्भ और खेलो इंडिया के माध्यम से योग्य बच्चों को एक प्लेटफार्म मिला है। न्यायपंचायत, ब्लॉक स्तर और राज्य स्तर पर लगभग दो लाख से अधिक खिलाड़ियों द्वारा प्रतिभाग किया गया है। उन्होंने कहा कि सम्मानित किये जाने से मनोबल बढ़ता है परन्तु खेल मात्र पुरस्कार पाने तक ही सीमित नहीं है, यह स्वास्थ्य के लिए भी आवश्यक है।
इस अवसर पर मनीष सिंह रावत एवं एशियन पैरागेम्स बैडमिन्टन खिलाड़ी मनोज सरकार को देवभूमि उत्तराखण्ड खेल रत्न पुरस्कार, अनूप बिष्ट को देवभूमि उत्तराखण्ड द्रोणाचार्य पुरस्कार एवं अरूण कुमार सूद को लाईफ टाईम अचीवमेंट पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

प्रयागराज कुम्भ मेले की तरह होंगी हरिद्वार कुंभ मेले की व्यवस्थाएंः मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में बुधवार को मुख्यमंत्री आवास में कुम्भ मेला-2021 की तैयारियों के संबंध में बैठक संपन्न हुई। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मेलाधिकारी प्रयागराज कुम्भ मेला 2019 श्री विजय किरन आनन्द ने प्रयागराज कुम्भ मेला 2019 हेतु की गई तैयारियों पर प्रस्तुतीकरण दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2021 में होने जा रहे कुम्भ मेले में 15 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आने की सम्भावना है। इतनी बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए कुम्भ क्षेत्र का विस्तार किया जाना आवश्यक है। उन्होंने अवस्थापना संबंधी कार्यों जैसे सडक, विद्युत, पेयजल आपूर्ति, कानून व्यवस्था सुनिश्चित करने, चिकित्सा सुविधा, स्वच्छता व कूड़ा निस्तारण, आवासीय व पार्किंग व्यवस्था व कुम्भ मेला क्षेत्र विस्तार योजना पर तेजी से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी सेक्टर ऑफिसर्स को भी शीघ्र तैनात करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रयागराज में आयोजित कुम्भ पूर्ण रूप से सफल रहा था। उन्होंने प्रयागराज कुम्भ 2019 का अध्ययन एवं मेलाधिकारी श्री विजय किरन आनन्द के अनुभवों की सहायता से कुम्भ 2021 को सफल बनाने हेतु हर सम्भव प्रयास किये जाने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी आवश्यक शासनादेश भी शीघ्र जारी करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव ओम प्रकाश, मेलाधिकारी कुम्भ मेला 2021 दीपक रावत, महानिदेशक पुलिस अशोक कुमार, सचिव अमित नेगी, दिलीप जावलकर एवं सौजन्या सहित शासन के उच्चाधिकारी भी उपस्थित थे।

राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तहत राज्य को मिली कामयाबी, वार्षिक बजट बढ़कर मिलेगा

राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तत्वाधान में वार्षिक बजट अनुमोदन हेतु नई दिल्ली में आयोजित बैठक में उत्तराखण्ड राज्य को गत वित्तीय वर्ष के कुल परिव्यय रूपये 510 करोड़ के सापेक्ष वित्तीय वर्ष 2020-21 में कुल रूपये 590 करोड़ की स्वीकृति प्राप्त हुई जिससे राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं के संवर्धन में बल मिलेगा। बैठक में रूद्रपुर मेडिकल कॉलेज के लिये 325 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की गई जबकि नगरीय स्वास्थ्य के संवर्धन हेतु राज्य द्वारा प्रस्तावित, जनपद हरिद्वार के भूपतवाला में अर्बन सीएचसी (नगरीय चिकित्सालय), की अनुमति प्राप्त हुई जिससे क्षेत्र में नगरीय तथा निकटवर्ती आबादी में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा प्राप्त होगी। राज्य को 367 नई आशाओं के पद स्वीकृत कराये गए जिससे राज्य के दूरस्थ स्थानों पर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य संवर्धन में सहायता प्राप्त होगी। हल्द्वानी, जनपद नैनीताल में पूर्व से संचालित 30 शैय्या युक्त महिला अस्पताल के विस्तारीकरण हेतु प्राप्त अनुमोदन से अब उक्त चिकित्सालय की क्षमता बढ़कर 100 शैय्याओं की हो जाएगी जिससे क्षेत्र में महिला एवं शिशु स्वास्थ्य की बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
हल्द्वानी, जनपद नैनीताल में 150 शैय्या युक्त नवीन मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल, जिसमें हृदय, किडनी तथा न्यूरो आदि विशेषज्ञ सेवाएं प्राप्त हो जाएँगी। जनपद देहरादून में उच्च गुणवत्ता परक रक्त सुविधाओं हेतु एक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस केंद्र रक्त कोष की स्थापना की अनुमति प्राप्त की गयी जिससे किसी भी आपातकालीन स्थिति में रक्त एवं रक्त उत्पादों की सुलभता होगी। राज्य को 20 नई एम्बुलेंस की अनुमति प्राप्त हुई है, जिससे रोगियों के परिवहन में सुलभता प्राप्त होगी। राज्य के दूरस्थ, यात्रा मार्गों पर दो नई पी.एच.सी. जनपद पिथौरागढ़ में पीएच सी गूंजी तथा जनपद उत्तरकाशी में पी.एच.सी जानकी चट्टी की संस्तुती प्राप्त हुई जिससे इन दूरस्थ स्थानों में चिकित्सा सेवाएं स्थानीय जन के साथ-साथ यात्रियों को भी प्राप्त होंगी।
बैठक में राज्य में राजकीय सेवा में कार्यरत स्नातक चिकित्सकों को एम्स ऋषिकेश से चिन्हित छः परास्नातक विधाओं में कोर्स कराए जाने के प्रस्ताव की वित्तीय स्वीकृति प्राप्त होने से न केवल क्षेत्र में विशेषज्ञों की सेवाएं प्राप्त होंगी अपितु चिकित्सकों में भी कौशल विकास होगा। आगामी वित्तीय वर्ष में राज्य में 500 उपकेंद्रां को हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के रूप में विकसित किया जायेगा जिससे क्षेत्र में महिला एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम के साथ साथ समस्त आबादी को गैर संचारी रोगों की पहचान तथा निदान में सुलभता होगी जिससे न केवल स्वास्थ्य सुधार होगा बल्कि इन रोगों पे होने वाले व्यक्तिगत व्यय में भी कमी आयेगी। राज्य के पांच जनपदों में जन स्वास्थ्य जांच केंद्र का अनुमोदन प्राप्त हुआ, जिससे संक्रामक रोगों की जाँच सुलभ होगी।
स्वास्थ्य मंत्रालय, भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ संपन्न हुई उपरोक्त बैठक में उत्तराखण्ड राज्य की ओर से स्वास्थ्य विभाग के दल का नेतृत्व सचिव स्वास्थ्य उत्तराखण्ड सरकार, नितेश कुमार झा द्वारा किया गया। उक्त दल में डॉ पंकज पाण्डेय प्रभारी सचिव स्वास्थ्य उत्तराखण्ड सरकार तथा युगल किशोर पन्त, मिशन निदेशक एन.एच.एम के साथ-साथ महानिदेशक चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग डॉ अमिता उप्रेती द्वारा प्रतिभाग किया गया। साथ इस अवसर पर चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।