बेकार तेल अब फेंके नही, घर में बुलाएं और बनाए बायोडीजल

भारतीय पेट्रोलियम संस्थान (आइआइपी) को बड़ी सफलता मिली है। आइआइपी ने इस्तेमाल किए गए खाद्य तेल से बायोडीजल बनाया शुरू कर दिया है। सुभाष रोड स्थित एक होटल में खाद तेल से बायोडीजल बनने की प्रक्रिया को प्रदर्शित किया गया। वहीं पहली रिपर्पज यूज्ड कुकिंग आयल (रुको) एक्सप्रेस को झडी दिखाकर आइआइपी में लगाए गए प्लाट के लिए रवाना भी किया गया।
आइआइपी, खाद्य सुरक्षा विभाग और गति फाउंडेशन की ओर से आयोजित कार्यक्रम में रुको एक्सप्रेस को हरी झडी दिखाकर खाद्य सुरक्षा आयुक्त डॉ. पंकज पाडेय और आइआइपी के निदेशक डॉ. अंजन रे ने रवाना किया। आइआइपी में इस्तेमाल खाद्य तेल से बायोफ्यूल बनाने के लिए 50 लीटर का प्लाट लगा हुआ है, जहां शहर भर से इस्तेमाल खाद्य तेल को बायोफ्यूल में तब्दील किया जा सकेगा। यहां पर कोई आमजन भी 20 रुपये प्रति लीटर की दर से अपने घर में इस्तेमाल खाद्य तेल बेच सकता है। खाद्य सुरक्षा आयुक्त डॉ. पंकज पाडेय ने कहा कि खाद्य तेल का जितनी बार इस्तेमाल किया जाता है, वह स्वास्थ्य के लिए उतना ही खतरनाक होता जाता है और इससे कैंसर जैसे गंभीर रोगों को भी खतरा बना रहता है।
50 लीटर तक के इस्तेमाल खाद्य तेल से बॉयोफ्यूल बनाने का प्लाट एक ट्रक में लगाया जा सकता है। खाद्य सुरक्षा विभाग दून के व्यापारियों के लिए संपर्क नंबर जारी करेगा, जिस पर कॉल करके इस मोबाइल प्लांट को अपने कार्यस्थल पर ही बुलाकर बायोफ्यूल पैदा कर सकते हैं। अक्सर व्यापारियों को इस्तेमाल खाद्य तेल फेंकना पड़ता है। लेकिन इस तेल से बायोफ्यूल बनने से व्यापारियों को लाभ पहुंचेगा। भारतीय पेट्रोलियम संस्थान के निदेशक डॉ. रंजन रे ने बताया कि तीन बार इस्तेमाल हो चुके खाद्य तेल से बायो डीजल भी बनाया जा सकता है और जेट फ्यूल भी। आइआइपी का उद्देश्य है कि देश के कम से कम 10 प्रतिशत गावों में इस्तेमाल किए जा चुके खाद्य तेल से बायोडीजल बनाने का प्लाट लगाया जाए। आइआइपी 20 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से इस्तेमाल तेल खरीदेगा। इस तेल का 90 प्रतिशत हिस्सा बायोडीजल बनाया जा सकेगा। आइआइपी के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. नीरज आत्रे ने इस मौके पर तेल से बायोडीजल बनाने का प्रयोग करके भी दिखाया।
फाउंडेशन के अनूप नौटियाल ने बताया कि हर व्यक्ति एक महीने में लगभग डेढ़ लीटर खाद्य तेल इस्तेमाल करता है। वर्ष 2017 में देश में कुल 2,300 करोड़ टन इस्तेमाल किया गया था और 2030 तक इसके 3,400 टन प्रतिवर्ष पहुंचने की संभावना है। हर व्यक्ति के हिस्से का इस्तेमाल खाद्य तेल जमा किया जाए तो देश बायो डीजल के उत्पादन में काफी हद तक आत्मनिर्भर हो जाएगा।

कहा बोले रक्षा मंत्री-हमारा पड़ौसी है कि सुधरता ही नही

देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी (आइएमए) में आयोजित पासिंग आउट परेड के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सेना में शामिल हुए युवा सैन्य अधिकारियों से सेवा एवं शांति का संदेश दुनिया तक ले जाने को कहा। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि भारत की कभी भी अतिरिक्त क्षेत्रीय महत्वाकांक्षाएं नहीं रही हैं। भारत ने आज तक न तो दुनिया के किसी देश पर कभी आक्रमण किया है और न किसी की एक इंच भूमि पर कब्जा किया है। न ही हम किसी अन्य देश के मामले में दखल देते हैं। इसके बावजूद सीमाओं पर ऐसे खतरे मंडराते रहते हैं जहां आपको वीरता ही नहीं विवेक की भी जरूरत पड़ती है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान पर हमलावर होते हुए कहा कि वह विचित्र पड़ोसी है, सुधार के रास्ते पर चलते को तैयार नहीं है। कहा कि पाकिस्तान ने आतंकवाद को अपनी राष्ट्र नीति बना लिया है। पाकिस्तान में चरमंपथी तत्व इतने मजबूत हैं कि राजनीति के केंद्र में बैठे लोग उनके हाथों की कठपुतलियों से ज्यादा कुछ नहीं लगते। यही कारण है कि भारतीय सुरक्षाबलों को पाकिस्तान के खिलाफ अधिक चैकन्ना रहने की जरूरत है।
रक्षा मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान ने हमारे साथ चार लड़ाइयां लड़ीं, पर हर बार उसे हार मिली। पर वह अपनी हरकतों से बाज नहीं आता। इसलिए हमें पाकिस्तान जैसे पड़ोसी से निपटने के लिए तैयार रहना होगा। रक्षा मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ एक मल्टी प्रोम्प्ट स्ट्रेटेजी अपनाई हुई है। जिसके सकारात्मक परिणाम अब सामने आ रहे हैं। इसके बावजूद आतंकवाद के खतरे के प्रति हमेशा सजग रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद दुनिया के लिए कितना बड़ा खतरा है यह आज बताने की जरूरत नहीं है। क्योंकि हमने अपनी आंखों के सामने 9/11 और 26/11 की घटना देखी है। आज किसी भी सभ्य देश की आतंकवाद के प्रति कोई सहानुभूति नहीं है। दुनिया यह जानती है कि 26/11 को अंजाम देने वाले संगठन लश्कर-ए-तैयबा के लोग पाकिस्तान में बैठे हैं।
रक्षा मंत्री ने कहा कि मुम्बई हमले में जो 166 बेगुनाह लोग मारे गए, उन्हें और उनके परिवार को उस दिन न्याय मिलेगा जिस दिन 26/11 को अंजाम देने वालों को उनके अंतिम अंजाम तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत और चीन की क्षेत्रीय अवधारणाएं एक-दूसरे से अलग हो सकती हैं लेकिन चीन आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में बाकी दुनिया के साथ खड़ा है। सीमांकन कार्य लंबे समय से लंबित होने के कारण चीन के साथ सीमा को लेकर कुछ मतभेद जरूर हैं। इस स्थिति में उत्तरी और पूर्वी सीमा पर सेना को अक्सर वीरता के साथ ही विवेक से भी काम लेना पड़ता है। इसका परिचय भारतीय सेना ने पिछले कुछ वर्षों में कई बार दिया है।

प्रकृति संरक्षण में सहायक है नमामि गंगेः किंग कार्ल-16 गुस्ताफ

बृहस्पतिवार को स्वीडन के किंग कार्ल-16 गुस्ताफ, क्वीन सिल्विया, मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत, केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत व उत्तराखण्ड के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने हरिद्वार के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का उद्घाटन किया। बता दें कि सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट नमामि गंगे के अंतर्गत 14 एमएलडी क्षमता का है तथा इसकी लागत 41.40 करोड़ रूपए है।

किंग कार्ल 16 गुस्ताफ ने कहा कि उन्हें यहां आकर बहुत ही प्रसन्नता हो रही है। भारत एवं भारत के लोगों में बहुत सी सम्भावनाएं हैं। उन्होंने गंगा नदी के संरक्षण एवं संवर्द्धन के लिये किये जा रहे प्रयासों को सराहनीय बताते हुए नमामि गंगे प्रोजेक्ट की सफलता की कामना की। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भारत में प्रकृति और वन्यजीवन के संरक्षण के लिए किये जा रहे प्रयासों से प्रकृति के संरक्षण में सहायता मिलेगी।

गंगा की निर्मलता के लिए गम्भीरता से प्रयास किए जा रहे हैं
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने स्वीडन के किंग कार्ल 16 गुस्ताफ का उत्तराखण्ड आगमन पर स्वागत एवं अभिनन्दन करते हुए कहा कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा गंगा की निर्मलता एवं अविरलता के क्षेत्र में ठोस पहल हुई। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार जलीय जीवों के लिए गम्भीरता से प्रयास कर रही है, जिसके अच्छे परिणाम देखने को मिल रहे हैं।

रसायनों के प्रयोग को कम करने की आवश्यकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि इतने कम समय में गंगा की निर्मलता के लिए सराहनीय कार्य हुए हैं। खेतों में प्रयोग किए जाने वाले रसायन का गंगा के प्रदूषण में महत्वपूर्ण भाग है, जिसे रोकने की जरूरत है। गंगा की निर्मलता को बनाये रखने के लिए औद्योगिक कचरे के उपचार की नितान्त आवश्यकता है। साथ ही, कृषि में इस्तेमाल होने वाले रसायनों के प्रयोग को अत्यधित न्यून करने की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री ने अपने आस-पास के नदी-नालों को स्वच्छ रखने में आमजन के सहयोग की अपील करते हुए कहा कि हमें सिंगल यूज प्लास्टिक के प्रयोग को बंद करके अपने प्रदेश के साथ ही देश को स्वच्छ बनाने में अपना सहयोग देना चाहिए।

उत्तराखण्ड में सीवेज ट्रीटमेंट प्लान के 34 प्रोजेक्ट्स में 23 प्रोजेक्ट्स पूर्ण
केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने स्वीडन के किंग कार्ल 16 गुस्ताफ एवं क्वीन सिल्वा का देवभूमि उत्तराखण्ड में स्वागत करते हुए कहा कि यह देवभूमि विश्व प्रसिद्ध पावन नदी गंगा का उद्गम स्थल भी है। उन्होंने कहा कि गंगा नदी भारत के 32 प्रतिशत भूभाग को सिंचित करती है और भारत की लगभग 42 प्रतिशत जनसंख्या को आजीविका का साधन उपलब्ध कराती है।

केन्द्रीय मंत्री शेखावत ने कहा कि गंगा नदी के संरक्षण के साथ ही स्वच्छ एवं अविरल बनाये रखने के लिए भारत सरकार द्वारा नमामि गंगे प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। इस अभियान के अच्छे परिणाम देखने को मिल रहे हैं। पृथ्वी की ईकोलॉजी एवं स्वस्थ नागरिक जीवन के लिए प्रोपर वेस्ट मैनेजमेंट की बहुत ही आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में सीवेज ट्रीटमेंट प्लान के 34 प्रोजेक्ट्स शुरू किए गए हैं, जिनमें से 23 प्रोजेक्ट्स पूर्ण हो चुके हैं।

इससे पूर्व स्वीडन के किंग कार्ल-16 गुस्ताफ, क्वीन सिल्विया का जौलीग्रान्ट एयरपोर्ट, देहरादून पहुंचने पर राज्य के प्रोटोकॉल मंत्री धनसिंह रावत ने स्वागत किया। यहां से किंग कार्ल-16 गुस्ताफ और क्वीन सिल्विया ऋषिकेश गए जहां उन्होंने प्रसिद्ध रामझूला पुल, गंगा माता मंदिर व स्नान घाट का भ्रमण किया एवं पूजा अर्चना भी की।

एमडीडीए और रेलवे लैंड डेवलपमेंट प्राधिकरण के मध्य किया गया एमओयू

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की उपस्थिति में मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण एवं रेलवे लैंड डेवेलपमेंट प्राधिकरण के मध्य देहरादून रेलवे स्टेशन पुनर्विकास परियोजना हेतु समझौता ज्ञापन हस्तारक्षित किया गया। एमडीडीए उपाध्यक्ष डॉ आशीष कुमार श्रीवास्तव एवं रेलवे लैंड डेवेलपमेंट प्राधिकरण के उपाध्यक्ष वेदप्रकाश ने उक्त समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक पल है। यह पहला ऐसा पीपीपी मॉडल है जिसे देश में उदाहरण के तौर पर अपनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि यह प्रोजेक्ट निर्धारित समय सीमा के अन्दर पूरा कर लिया जाएगा। उत्तराखण्ड में एक अच्छी परम्परा शुरू हो रही है। प्रदेश के विकास के लिए शुरू किए गए विभिन्न प्रोजेक्ट्स अपनी निर्धारित समय सीमा से पूर्व ही पूर्ण किए गए हैं। इससे जहां एक ओर प्रोजेक्ट की उपयोगिता बनी रहती है, वहीं दूसरी ओर प्रोजेक्ट्स में आर्थिक रूप से बचत भी होती है।

एमडीडीए उपाध्यक्ष डॉ आशीष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि अब देहरादून रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास के कार्य को प्रारंभ कर दिया जाएगा। परियोजना के लिए फीजिबिलिटी स्टडी, डिटेलड मास्टर प्लानिंग, अर्बन प्लानिंग व डीपीआर इत्यादि से संबंधित कार्य कर लिया गया है। लगभग 507 करोड़ रूपए की अनुमानित लागत से निर्मित होने वाले इस प्रोजेक्ट को तीन वर्षों में पूर्ण कर लिया जाएगा। रेलवे स्टेशन का निर्माण उत्तराखण्ड की वास्तुकला के आधार पर किया जाएगा। इसमें बजट एवं स्टार होटल, कमर्शियल स्पेस, पार्किंग, किड्स जोन, दिव्यांग लोगों के लिए विशेष प्रोविजन, रेलवे स्टेशन हेतु मेन रोड पर मुख्य द्वार का निर्माण, ओल्ड टेहरी की तर्ज पर क्लॉक टावर का निर्माण, पैदल यात्री प्लाजा, अंडर पास, यातायात के सुगम प्रबंधन एवं यात्रियों की सुविधाओं हेतु रेलवे स्टेशन पर आवागमन हेतु दूसरे छोर (भण्डारी बाग) की ओर से भी द्वार बनाया जाएगा, स्टेशन पर आने एवं निकासी के लिए पृथक व्यवस्था की जायेगी।

मां के काम पर जाने के बाद रखना पड़ता था भाई का ध्यान, सो कर दी भाई की हत्या

हरिद्वार जिले के ज्वालापुर क्षेत्र में दो बहनों ने दो साल के मासूम भाई को इसलिए मौत के घाट उतार दिया, क्योंकि मां के काम पर जाने के बाद उन्हें भाई का ध्यान रखना पड़ता था। बहनों का मानना था कि भाई के कारण मां उन्हें तवोज्जों नहीं देती है। बहनों ने हत्या के बाद शव को गंगनहर में फेंक दिया। सीसीटीवी में वारदात के कैद होने के बाद पुलिस ने दोनों को हिरासत में लिया तो दोनों ने अपना जुर्म कुबुल कर लिया।

कोतवाली ज्वालापुर कैंपस में एसएसपी सेंथिल अबुदई कृष्णराज एस ने बताया कि मासूम के गायब होने की जांच में जुटी ज्वालापुर पुलिस ने जब सीसीटीवी कैमरे चेक किए तब एक कैमरे में मासूम की 14 वर्षीय बहन अपनी 12 वर्षीय चचेरी बहन के साथ घटना के दिन अलसुबह एक सफेद रंग का बैग ले जाते हुए दिखाई दी। परिजनों को विश्वास में लेकर जब किशोरियों से पूछताछ की गई तब उन्होंने अपना गुनाह कुबूल लिया।

बकौल एसएसपी मासूम की मां घरों में साफ-सफाई का कार्य करती है। जब वह काम पर जाती थी, तब भाई के लालन पालन की जिम्मेदारी 14 साल की बहन को संभालती पड़ती थी। साथ ही भाई की वजह से अभिभावक अब उसे ज्यादा तवज्जो भी नहीं देते थे। बस यही बात बड़ी बहन को अंदर ही अंदर इस कदर खल रही थी। इसी के चलते उसने 12 वर्षीय चचेरी बहन के साथ मिलकर भाई की हत्या करने की ठान ली।

देर रात मासूम से बड़ा भाई शौच के लिए गया था, इसलिए परिजन मुख्य दरवाजा खुला होने के कारण बेटे को उठाकर ले जाने का आरोप ताई पर जड़ रहे थे। सीसीटीवी कैमरे में दोनों बहनें आते जाते हुए दिखाई दीं तो मामला साफ हो गया। एसएसपी के मुताबिक दोनों नाबालिग हैं, इसलिए इन्हें किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया जाएगा।

3267 मतों के अंतर से भाजपा की चंद्रा पंत ने कांग्रेस की अंजू लुंठी को किया पराजित

पिथौरागढ़ विधानसभा सीट पर पूर्व वित्त मंत्री स्व. प्रकाश पंत की पत्नी चंद्रा पंत ने विजय हासिल की है। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी अंजू लुंठी को 3267 मतों से पराजित किया है। जीत के बाद भावुक होते हुए चंद्रा पंत ने कहा कि वह अपने पति के सपनों को आगे बढ़ाएंगी। पिथौरागढ़ के लिए स्व. पंत ने जो सपने देखे थे। उसे वह पूरा करने की कोशिश करेंगी।

चंद्रा पंत को 26086 और अंजू लुंठी को 22819 मत मिले। तीसरे प्रत्याशी समाजवादी पार्टी के मनोज कुमार भट्ट को मात्र 835 मत मिले। 11 राउंड में हुई मतगणना में कांग्रेस को 11 राउंड में से केवल एक राउंड में बढ़त मिली। जीत के बाद नव निर्वाचित विधायक चंद्रा पंत ने नगर में जुलूस निकालकर लोगों का आभार जताया।

पूर्व वित्त मंत्री स्व. प्रकाश पंत की असामयिक मौत के बाद इस सीट पर उपचुनाव के तहत गत 25 नवंबर को मतदान हुआ था। बृहस्पतिवार को मतगणना के बाद इस सीट का परिणाम घोषित किया गया। इससे पहले कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच महाविद्यालय स्थित मतगणना केंद्र पर सुबह आठ बजे से मतगणना शुरू हुई।

पहले राउंड में भाजपा की चंद्रा पंत को को 88 मतों की बढ़त मिली। दूसरे राउंड में दोनों प्रत्याशियों को बराबर 2317-2317 मत मिले। तीसरे राउंड में भाजपा 367, चौथे राउंड में 278, पांचवें में 464 और छठे राउंड 249 मतों से आगे रही।

सातवें राउंड में कांग्रेस 152 मतों से आगे चली गई। आठवें राउंड में भाजपा 363, नौवें में 701, दसवें में 765 और 11वें राउंड में पांच मतों से आगे रही। भाजपा को पोस्टल बैलेट से 255, कांग्रेस को 116, सपा को नौ मत मिले। निर्वाचन अधिकारी तुषार सैनी ने भाजपा की विजयी प्रत्याशी चंद्रा पंत को प्रमाणपत्र प्रदान किया।

उम्मीदवार मिले वोट
भाजपा प्रत्याशी चंद्रा पंत 26086
कांग्रेस प्रत्याशी अंजू लुंठी 22819
समाजवादी पार्टी प्रत्याशी मनोज भट्ट 835
नोटा 844

कार्बेट पार्क में पर्यटकों की सुविधाएं बढ़ायेगी सरकार

कार्बेट टाइगर रिजर्व में प्रायोगिक तौर पर गैण्डे का रिइन्ट्रोडक्शन किया जाए। मानव वन्य जीव संघर्ष से प्रभावित गांवों में वॉलण्टरी विलेज प्रोटेक्शन फोर्स की स्थापना जल्द से जल्द की जाए। कॉर्बेट व राजाजी पार्क में टाइगर व हाथी की अधिकतम धारण क्षमता का अध्ययन कराया जाएगा। हिमाचल प्रदेश की तर्ज पर बंदरों को पीड़क घोषित करने के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा। गंगोत्री राष्ट्रीय उद्यान में गरतांग गली ट्रेल में मार्ग निर्माण, उसके प्राचीन स्वरूप को बनाए रखते हुए किया जाए। प्रदेश में संरक्षित क्षेत्रों के निकट स्थित टोंगिया व अन्य ग्रामों में सोलर लाईट, शौचालय जैसी आवश्यक सुविधाएं नियमानुसार उपलब्ध करवाने के काम को प्राथमिकता से लिया जाए। मंगलवार को मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की अध्यक्षता में सचिवालय में आयोजित राज्य वन्य जीव बोर्ड की 14 वीं बैठक में उक्त निर्णय लिए गए।
गैण्डे के रिइन्ट्रोडक्शन के संबंध में प्रस्तुतिकरण में बताया गया कि कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की भौगोलिक व पर्यावरणीय परिस्थितियां गैण्डे के अनुकूल है। गैण्डे द्वारा मानव के साथ संघर्ष की जीरो सम्भावना होती है और यह अन्य जीवों के लिए भी सहायक होता है। इससे राज्य में पर्यटन गतिविधियां भी काफी बढ़ेंगी। इस पर बोर्ड द्वारा कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में प्रायोगिक तौर पर गैण्डे का रिइन्ट्रोडक्शन पर सहमति दी गई।
मछलियों को पकड़ने में अवैधानिक तरीकों के प्रयोग को रोकने के लिए युवक मंगल दलों, महिला मंगल दलों, वन पंचायतों का सहयोग लिया जाए। प्रदेश में संरक्षित क्षेत्रों के निकट स्थित टोंगिया व अन्य ग्रामों में सोलर लाईट, शौचालय जैसी आवश्यक सुविधाएं नियमानुसार उपलब्ध करवाने के काम को प्राथमिकता से लिया जाए। संरक्षित क्षेत्रों से दूसरे स्थानों पर बसाए जाने पर वन्य ग्रामों के लोगों भूमि संबंधी वही अधिकार मिलने चाहिए जो कि उन्हें अपनी पहले की भूमि पर प्राप्त थे। इसके लिए भारत सरकार को प्रस्ताव भेजा जाए।
राज्य वन्य जीव बोर्ड द्वारा संरक्षित क्षेत्रों के अंतर्गत व संरक्षित क्षेत्रों के 10 किमी परिधि में आने वाली वन भूमि हस्तांतरण व अन्य प्रकरणों पर स्वीकृति प्रदान की गई। इनमें लखवाड़ बहुउद्देशीय परियोजना के निर्माण के लिए अधिग्रहीत भूमि की राष्ट्रीय वन्य जीव बोर्ड से अनुमति प्राप्त करने के लिए प्रस्ताव भेजने, रूद्रप्रयाग के उखीमठ नगर पंचायत में पेयजल योजना के लिए पाईप लाईन बिछाने की अनुमति, जनपद अल्मोड़ा में एनटीडी-कफड़खान मोटरमार्ग के 2 किमी से ग्राम भूल्यूड़ा सब्जी उत्पादन क्षेत्र हेतु मोटरमार्ग का नवनिर्माण, रामनगर-लालढांग मोटर मार्ग के 9 किमी व 13 किमी में सेतु का निर्माण, सोनप्रयाग से त्रिजुगीनारायण व कोठियालसैण से ऊषाड़ा तक मोटरमार्ग के किनारे ओएफसी लाईन बिछाए जाने की अनुमति के लिए प्रस्ताव भेजना प्रमुख हैं।
बैठक में वन मंत्री डा.हरक सिंह रावत, विधायक सुरेश राठौर, दीवान सिंह बिष्ट, प्रमुख सचिव आनंद बर्द्धन, मुख्य वन संरक्षक जयराज, डीजी लॉ एंड आर्डर अशोक कुमार सहित वन विभाग के अधिकारी और राज्य वन्य जीव परिषद के अन्य सदस्य उपस्थित थे।

डोर टू डोर कूड़ा उठान में निगम को जल्द उपलब्ध होंगे 10 कूड़ा वाहन

नगर निगम ऋषिकेश में शनिवार को जिलाधिकारी देहरादून सी रविशंकर ने निगम अफसरों सहित विभिन्न विभागोें के अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में विभिन्न पार्षदों ने कूड़ा उठान की समस्या उनके समक्ष रखी। इस पर डीएम ने नगर आयुक्त नरेन्द्र सिंह क्वींरियाल से वार्ता की। नगर आयुक्त ने बताया कि निगम की ओर से 10 कूड़ा वाहन की खरीद को ऑर्डर दिए गए है। इनके अगले माह मिलने की उम्मीद है। इसके बाद डोरटूडोर कूड़ा उठान की प्रक्रिया पर सुधार देखने को मिलेगा। बैठक में चंद्रभागा नदी क्षेत्र में खुले में शौच करने वालों पर डीएम बिफर पड़े। निगम को उन्होंने कहा कि भारत व राज्य सरकार का इस मामले में स्पष्ट तौर पर निर्देश है। स्वच्छता को लेकर विशेष रूप से ध्यान दिया जाए। उन्होंने नगर क्षेत्र में संचालित शौचालय की स्थिति जानने के बाद इन पर नियमित साफ सफाई तथा संचालित करने के निर्देश दिए है।

बैठक में यह भी जारी किए गए आदेश
– तीन दिसंबर तक नगर निगम हाथ ठेली आदि संसाधनों की मरम्मत कराएं।
– प्रतिदिन दो से पांच बजे होने वाली सफाई को रात सात बजे के बाद कराई जाए।
– 15 दिसंबर तक मोहल्ला स्वच्छता समिति गठित की जाए।
– कूड़ा वाहन जब नगर से कूड़ा लेकर गुजरे, तो ऊपर से कवर किया जाए।
– प्रत्येक पार्षद अपने-अपने क्षेत्र में स्वच्छता के लिए लोगों को प्रेरित करें।
– स्वच्छता एप के बारे में लोगों को जागरूक करें तथा शिकायतों को निस्तारित भी करें।
– नगर निगम प्रत्येक माह स्वच्छ वार्ड को लेकर प्रतियोगिता करवाए।
– कूड़ा उठान वाहन के ड्राइवर अवकाश पर होने पर वैकल्पिक व्यवस्था कराई जाए।
– ट्रंचिंग ग्राउंड में सप्ताह में एक दिन कीटनाशक दवाओं का छिड़काव कराएं।
– बाजारों से कूड़ा उठान के समय संबंधित क्षेत्र के पार्षद निगम को अवगत कराएं।
– कूड़ा पृथक्कीकरण की प्रक्रिया पार्षद अपने घर से शुरू करें।
– सीएमएस एक हफ्ते में मेडिकल कैंप सफाई कर्मियों के लिए लगवाएं।

जिस देश में वीरों को सम्मान नहीं, वहां अधिक समय तक आजादी नहींः सीएम

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने शनिवार को जनपद चमोली में वार मैमोरियल फाउंडेशन द्धारा सैंज खैतोलीखाल में आयोजित वीसी दरवान सिंह नेगी शौर्य महोत्सव में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने महोत्सव में शिरकत करने से पहले वीसी दरवान सिंह नेगी के चित्र पर पुष्प चक्र अर्पित कर उन्हें सलामी दी। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि हमें वीसी दरवान सिंह नेगी की शौर्य गाथा पर गर्व है। उन्होंने कहा कि जिस देश मे वीरों का सम्मान नही होता वह देश अधिक समय तक आजाद नही रह सकता।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने वीसी दरवानसिंह नेगी की स्मृति को चिरस्थाई बनाये रखने के लिए शौर्य महोत्सव को राजकीय मेला घोषित करते हुए प्रति वर्ष इसके आयोजन हेतु 5 लाख की धनराशि देने की घोषणा की। उन्होंने वीसी दरवान सिंह नेगी के पैतृक आवास का जीर्णोद्धार कर उसे संग्रहालय के रूप में विकसित किए जाने के निर्देश जिलाधिकारी को दिए। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के शहीदों की स्मृति में शहीद म्यूजियम बनाने की भी घोषणा की, जिसमें शहीदों के मेडल्स, कपडे, बाक्स आदि यादगार चीजों को लोगों के दर्शन के लिए रखे जायेंगे। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर रा.इ.कालेज चोपता मे चार अतिरिक्त कक्षों के निर्माण की भी स्वीकृति दी।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा की इस क्षेत्र में संचार व्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए जियो कंपनी के माध्यम से आपटिकल फाइबर केविल विछाई जा रही है ताकि टेलीमेडिसिन स्वास्थ्य सेवाओं और सभी स्कूलों मे ई लर्निंग शुरू हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए सड़क, स्वास्थ्य, संचार, बिजली, पानी राज्य सरकार की प्राथमिकता मे शामिल है, इस दिशा में राज्य सरकार निरन्तर प्रयासरत है हमारे इन प्रयासों के लिए केन्द्र सरकार ने भी सराहा है। क्षेत्रीय जनता की सैनिक स्कूल की मांग पर मुख्यमंत्री ने इसका परीक्षण करने के साथ ही आवश्यक कारवाई किए जाने का आश्वासन दिया।

विश्व का पहला मुस्लिम योग साधना शिविर का हुआ शुभारंभ, मुस्लिम समुदाय के पुरूष और महिलाओं ने किया योग

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कोटद्वार वैदिक आश्रम गुरुकुल महाविद्यालय में मुस्लिम योग साधना शिविर का उद्घाटन किया। कोटद्वार के कण्वाश्रम स्थित वैदिक आश्रम गुरुकुल महाविद्यालय के स्वर्ण जयंती समारोह के अवसर पर पांच दिवसीय विश्व का प्रथम मुस्लिम योग साधना शिविर का आयोजन किया गया है। इसके विभिन्न देशों के 500 से अधिक मुस्लिम पुरूष व महिलाएं प्रतिभाग कर रही हैं।

कोटद्वार का नाम कण्वनगरी कोटद्वार रखा जाएगा
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि कोटद्वार का नाम कण्वनगरी कोटद्वार रखा जाएगा। उन्होंने कलाल घाटी का नाम कण्वघाटी रखे जाने की मांग पर कोटद्वार नगर निगम को इसका प्रस्ताव भेजने को कहा।

मन, मस्तिष्क और विचारों को ऊंचा उठाता है योग
मुख्यमंत्री ने कहा कि योग हमारे मन, मस्तिष्क और विचारों को इतना ऊंचा उठा देता है कि हम सभी की चिंता करने लगते हैं। योग हमें विश्व कल्याण की ओर ले जाता है। शास्त्रों में लिखा है कि हर वनस्पति में कोई न कोई औषधीय तत्व होता है, हर मनुष्य में कोई ना कोई गुण होता है और हर अक्षर में मंत्र की शक्ति होती है। वनस्पतियों में औषधीय तत्वों को पहचानने की आवश्यकता है।

आज चिकित्सा व स्वास्थ्य से जुड़े संस्थानों में योग शिक्षकों की मांग हो रही है। योग हमारे ऋषि मुनियों की सैंकड़ों वर्षों की साधना का परिणाम है। सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामया की परिकल्पना भारतीय संस्कृति की देन है। सब को निरोग बनाने का काम भारत देश कर सकता है। प्रधानमंत्री जी के प्रयासों से 21 जून को विश्व योग दिवस के रूप से मनाया जाता है। योग को आज पूरी दुनिया अपना रही है। योग धर्म और पूजा पद्धति से हटकर है। ये सबको निरोग करने तथा सबको जोड़ने का माध्यम है।

देश के आइकोनिक डेस्टीनेशन में है कण्वाश्रम
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने कोटद्वार के कण्वाश्रम को आईकोनिक डेस्टीनेशन में शामिल किया है। इससे यहां का विकास होगा और पर्यटन गतिविधियां बढेंगी। राज्य सरकार भी कण्वाश्रम के विकास के लिए तत्पर है।

आयुष मंत्री डा. हरक सिंह रावत ने मुस्लिम योग शिविर के लिए बधाई देते हुए कहा कि इस योग शिविर के माध्यम से पूरे विश्व में एक संदेश जाएगा। योग को धर्म से जोड़ना गलत है। यह विश्व कल्याण का मार्ग प्रशस्त करता है। योग सभी को जोड़ता है।