मकान के नीचे जमीन पर खजाना होने की बात कहकर तांत्रिक ने खुदवा दिया घर, पुलिस ने दबोचा

हरिद्वार जनपद में एक तांत्रिक ने एक महिला को स्वयं तंत्र मंत्र का सम्राट बताकर घर के नीचे खजाना होने की बात कही। महिला भी तांत्रिक के झांसे में आ गई और अपने ही घर में सुरंग खुदवा डाली। सुरंग खोदने की सूचना जैसे ही पड़ोसियों को लगी, वह मौके पर पहुंचकर देखने लगे और अनहोनी की सूचना पर पुलिस को सूचित किया। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और तांत्रिक सहित चार लोगों को पकड़कर ले गई।

पुलिस के मुताबिक ज्वालापुर पीठ बाजार निवासी विजय वर्मा कुछ साल पहले अपनी पत्नी रजनी के साथ नोएडा जाकर रहने लगे थे। यहां मकान पर ताला लगा रहता था। इस बीच विजय वर्मा का निधन हो गया। पति की मौत के बाद पत्नी रजनी वर्मा अपना घर बेचना चाहती थी। इसी बीच उनकी मुलाकात तंत्र-मंत्र करने वाले परमेश्वर उर्फ जस्सा निवासी अंबाला से हुई। उसने रजनी वर्मा को झांसा दिया कि मकान बेचने से उसे बहुत नुकसान हो जाएगा। क्योंकि मकान के अंदर जमीन में खजाना दबा है।

वह तंत्र-मंत्र कर सोना निकाल सकता है। खजाना निकलने पर आधा हिस्सा देने की शर्त पर हामी भरते हुए रजनी वर्मा ने तांत्रिक को हरिद्वार लाकर अपने घर में छोड़ दिया। तांत्रिक ने रजनी की बहन सीमा व अन्य लोगों के साथ मिलकर घर में खुदाई शुरू करा दी। कई दिन तक गड्ढा खोदने की आवाज आने पर पड़ोसियों को शक हुआ। उन्होंने जैस ही सुरंग देखी इसकी जानकारी दूसरों को मिलने पर हंगामा होने लगा। लोग मकान में जुटने लगे। सूचना पर रेल चौकी प्रभारी सुनील रावत मौके पर पहुंचे और तांत्रिक व रजनी की बहन सीमा सहित चार लोगों को हिरासत में ले लिया।

प्लास्टिक मुक्त दून बनाने में देहरादून वासियों का भरपूर सहयोग मिल रहाः त्रिवेन्द्र

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मंगलवार को ‘‘पॉलीथीन मुक्त ग्रीन दून मिशन ’’ अन्तर्गत नगर निगम, देहरादून द्वारा आयोजित मानव श्रृंखला कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। पॉलीथीन मुक्त, स्वच्छ एवं सुंदर दून बनाने के उद्देश्य से आयोजित 50 किमी की इस विशाल मानव श्रृंखला में एक लाख से अधिक लोगों ने प्रतिभाग किया।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मियांवाला चौक से राजपुर रोड होते हुए घंटाघर तक मानव श्रृंखला में प्रतिभाग कर रही जनता का उत्साहवर्धन किया। प्रातः 10ः00 बजे, मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत एवं मेयर देहरादून सुनील उनियाल गामा ने मानव श्रृंखला में शामिल होकर देहरादून को स्वच्छ-सुंदर एवं पॉलीथीन मुक्त बनाने के लिए जनता से आह्वान किया। इस मानव श्रृंखला में जनप्रतिनिधियों, स्वयं सेवी संस्थाओं, शासन एवं प्रशासन के अधिकारियों व कर्मचारियों तथा स्कूली बच्चों ने प्रतिभाग किया। यह मानव श्रृंखला, मियांवाला से मसूरी डायवर्जन, घंटाघर, जीएमएस रोड, सहारनपुर रोड होते हुए घंटाघर तक बनाई गई।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने देश को सिंगल यूज प्लास्टिक से मुक्त करने का जो आह्वान किया है, देहरादून इसमें लीड ले चुका है। उन्होंने सभी प्रदेश वासियों को पॉलीथीन मुक्त उत्तराखण्ड बनाने में सकारात्मक सहयोग देने पर उनका आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्लास्टिक मुक्त, स्वस्थ-सुंदर एवं ग्रीन दून बनाने के लिए सभी देहरादून वासियों का पूरा सहयोग मिल रहा है। हमने पॉलीथीन मुक्त दून बनाने का संकल्प लिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्लास्टिक का इस्तेमाल, सामाजिक बुराई बन गई है। मानव जीवन एवं जीव-जन्तुओं पर इसके अनेक दुष्प्रभाव पड़ रहे हैं। पॉलीथीन मुक्त देहरादून के लिए नगर निगम देहरादून द्वारा जो अभियान चलाया जा रहा है, इसके काफी अच्छे परिणाम मिल रहे हैं। प्रदेश को पॉलीथीन मुक्त बनाने के लिए जन सहयोग के साथ ही सभी को पॉलीथीन का उपयोग न करने का दृढ़ निश्चय करना होगा।

मेयर सुनील उनियाल गामा ने कहा कि स्वच्छ एवं ग्रीन दून के लिए देहरादून नगर निगम द्वारा अनेक प्रयास किये जा रहे हैं। पॉलीथीन के बहिष्कार के लिए व्यापक स्तर पर जन जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। पिछले तीन माह में जन जागरूकता से देहरादून में पॉलीथीन के उपयोग में 70 प्रतिशत कमी आयी है। जन सहयोग से जल्द ही देहरादून को पूर्ण रूप से सिंगल यूज प्लास्टिक से मुक्त किया जायेगा।

उत्तराखंड स्वाभाविक रूप से आर्गेनिक राज्यः सीएम

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, सेना प्रमुख जनरल विपिन रावत, एनटीआरओ के पूर्व प्रमुख आलोेक जोशी, कोस्ट गार्ड के पूर्व महानिदेशक राजेन्द्र जोशी, उत्तराखण्ड के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत सहित विभिन्न हस्तियों ने उत्तराखण्ड सरकार द्वारा आयोजित ‘रैबार-2‘ कार्यक्रम में शिरकत की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रैबार के सफल परिणाम आए हैं। कोस्ट गार्ड का रिक्यूरिंग सेन्टर हमें मिला है। तमाम विकास की योजनाओं में हमें जो समर्थन मिला है उसमें कहीं न कहीं रैबार कार्यक्रम का भी योगदान रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हम कहते हैं कि शहीद राज्य आंदोलनकारियों की भावनाओं के अनुरूप उत्तराखण्ड बने तो इसका आशय प्रदेश के संतुलित विकास से होता है। हमें उन क्षेत्रों में आगे बढ़ना होगा जिसमें हमारा एकाधिकार हो सकता है। उत्तराखण्ड स्वाभाविक रूप से आर्गेनिक राज्य है। हमने पूरे प्रदेश में आर्गेनिक क्लस्टर तैयार किये है।

पिरूल को हम अभिशाप मानते हैं, वो हमारे लिए वरदान साबित होने वाला है। हम पिरूल से बिजली बनाने के लिए नीति बनाई है। पिरूल की पत्तियों से बिजली बनाने के 23 प्रोजेक्ट शीघ्र ही राज्य में शुरू होने वाले हैं, इससे कुछ ही दिनों मंे बिजली बनना आरम्भ हो जायेगा। गैस की अपेक्षा पिरूल की पत्तियों से होने वाली ऊर्जा की लागत काफी कम है, जल्द ही हम पाईन की पत्तियों से फ्यूल बनाने का पहला प्रोजेक्ट लगाने जा रहे है। चीड़ वनों में विनाश का कारण बन रहा था, पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहा था, वही चीड़ की पत्तियों से हमे अब ऊर्जा मिलेगी, हजारांे लोगों को रोजगार मिलेगा, यह हमारे विकास का आधार बनेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रैबार कार्यक्रम के बाद इन्वेस्टर्स समिट के समय हम 10 नई पॉलिसी लेकर आए और 05 पॉलिसी में परिवर्तन किया। परिणामस्वरूप एक वर्ष एक माह में ही प्रदेश में 17,000 करोड़ रूपए से अधिक का निवेश ऑन ग्राउण्ड हुआ है। सोलर ऊर्जा के क्षेत्र में भी हम आगे बढ़े हैं। सोलर में राज्य में 600 करोड़ रूपये का निवेश हुवा है।

उत्तराखंडवासी जहां भी गया अपना योगदान दियाः योगी
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ ने रैबार-2 को अपनी भूमि से जोड़ने का एक अभिनव प्रयोग बताते हुए कहा कि उत्तराखण्ड के चारधामों के प्रति देश व दुनिया के श्रद्धालु अपनी सच्ची श्रद्धा रखते हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड का वासी जहां कहीं भी गया है वहां की समृद्धि में अपना योगदान दिया है। देश की सेना सहित अन्य क्षेत्रों में इस प्रदेश ने कई विभूतियां दी है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड उनकी भी जन्म भूमि है। आज उत्तराखण्ड के हर क्षेत्र में सड़क, बिजली, पानी व स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध है, फिर भी पर्वतीय क्षेत्रों में पलायन होना चिन्ता का विषय है। जरा सोचिए आज से 60-70 साल पहले तक जब यहां सड़क, बिजली, स्वास्थ्य सुविधा व पेयजल की पर्याप्त उपलब्धता नही थी बावजूद इन तमाम दुष्वारियों के हमारे पूर्वज यहां आकर बसे। वे बिना सुविधाओं के यहां बसे आज की पीढ़ी सुविधाओं के बावजूद अपने गांवो को छोड़ रही है। उन्होंने कहा कि भगवान राम ने भी कहा था कि जननी और जन्मभूमि का कोई विकल्प नहीं हो सकता है।

उत्तराखंड के सैनिकों ने हर आतंकवादी घटना का मुहतोड़ जवाब दियाः सेना प्रमुख
सेना प्रमुख जनरल विपिन रावत ने कहा कि सन् 1962 से लेकर आज तक विभिन्न युद्धों में और आतंकवादी घटनाओं को नाकाम करने में उत्तराखण्ड के सैनिकों ने जो महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। रैबार-2 के लिए उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत का धन्यवाद देते हुए उन्होंने कहा कि यह देखकर बहुत खुशी होती है कि यह प्रदेश काफी तेज गति से विकास की ओर अग्रसर हो रहा है। पहले विनाश के रूप में पहचाने जाने वाले चीड़ की पत्तियों से अब विकास का आधार तैयार किया जा रहा है। कई प्रकार की औषधि हैं जो पहले नष्ट कर दी जाती थी, अब उपयोग में लायी जा रही हैं। पर्यटन के क्षेत्र में भी काफी कार्य किया गया है।

हाल ही मे हमने चीन के साथ लगे पहाड़ी इलाकों में अखरोट और चिंगोले की खेती में सहयोग के साथ टेलिकॉम की सुविधा, सड़क निर्माण एवं एडवांस लैंडिंग एयर फील्ड में भी पहल की है। मुझे यह भी खुशी है कि प्रदेश में जो भी कार्यक्रम होता है उसमें सदा ही भारतीय सैनिकों व माताओं को सम्मानित किया जाता है। उत्तराखण्ड, भारतीय सेना में लगातार बहादुर जवान तैनात करते आया है। उत्तराखण्ड का निवासी, नौजवान, नारियां कभी भी दुशमन व आतंकवाद का सामना करने से पीछे नही हटते, इसके लिए हमें आप सब पर गर्व है। उत्तराखण्ड ने हमारी सेना को कई वीर सपूत दिये हैं।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को उत्तराखण्ड के विकास में योगदान की शपथ भी दिलाई। इसके अतिरिक्त वीर नारियों को सम्मानित भी किया गया।

क्लेमेंटाउन थाना सर्वश्रेष्ठ, मुख्यमंत्री ने किया सम्मानित

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने पुलिस लाईन, देहरादून में राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर आयोजित रैतिक परेड में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने परेड का निरीक्षण किया व राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाई। इस अवसर पर क्लेमेंटाउन थाना को सर्वश्रेष्ठ थाना चयनित होने पर सम्मानित किया गया। पुलिस के अधिकारियों को उत्कृष्ट कार्यों एवं विवेचना के लिए सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की आजादी के बाद देशी रियासतों के एकीकरण में लोह पुरूष सरदार बल्लभ भाई पटेल की अहम भूमिका रही। आजादी के बाद अंग्रेज भारत को छोड़कर तो चले गये थे, लेकिन उन्होंने देश को अनेक रियासतों में बांट दिया। देश की एकता और अखण्डता के लिए लिये सरदार पटेल ने रियासतों का एकीकरण कर अंग्रजों के सपने को चकनाचूर किया। सरदार पटेल जी का किसानों के लिए भी अद्धितीय चिंतन रहा। उनका मानना था कि बिना किसानों के भारत की कल्पना नहीं की जा सकती।
प्रशासनिक क्षेत्र के अलावा उनका अन्नपूर्ण भारत के लिए विशेष चिंतन रहा। मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के प्रयासों से सरदार पटेल जी के ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ का सपना साकार हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह वर्ष जम्मू-कश्मीर की धारा 370 से आजादी का वर्ष भी है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का भविष्य उज्ज्वल दिखाई दे रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब सरदार पटेल अहमदाबाद के मेयर थे, तब उन्होंने 222 दिन तक स्वच्छता को लेकर अभियान चलाया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देशवासियों से सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त भारत बनाने का आह्वाहन किया है। सरदार पटेल जी का जीवन आदर्श हमें हमेशा प्रेरित करता रहेगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नैनीताल में ज्योलिकोट के पास पुलिस वाहन दुर्घटना में मृतक पुलिस कर्मियों को श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन पुलिस कर्मियों के परिवारजनों को राज्य सरकार द्वारा हर सम्भव मदद दी जायेगी।
पुलिस महानिदेशक अनिल कुमार रतूड़ी ने कहा सरदार पटेल जी ने भारत के प्रथम गृह मंत्री बनने के बाद देशी रियासतों के विलय एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल जी के जीवन से प्रेरणा लेते हुए हमें देश की अखण्डता व सम्प्रभुता को अक्षुण्ण रखते हुए कार्य करना होगा। उत्तराखण्ड पुलिस राज्य एवं देश को अक्षुण्ण रखने का पूरा प्रयास करेगी।
इस अवसर पर उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह, विधायक हरवंश कपूर, खजान दास, गणेश जोशी, देशराज कर्णवाल, उमेश शर्मा काऊ, मेयर देहरादून सुनील उनियाल गामा, मेयर ऋषिकेश अनीता मंमगाई, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, पुलिस महानिदेशक कानून एवं व्यवस्था अशोक कुमार, पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी एवं गणमान्य उपस्थित थे।

नदी किनारे गुलदार ने एक युवक पर हमला कर उतारा मौत के घाट

हरिद्वार भेल के सेक्टर चार में गुलदार ने एक युवक को उस दौरान मार डाला, जब वह लघुशंका करने नदी किनारे गया हुआ था। जंगल से युवक का शव भी बरामद हो गया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

बता दें कि सुभाष नगर निवासी राजेंद्र ठाकुर भेल सेक्टर-4 में नदी के किनारे सैलून चलाते हैं। शनिवार शाम चार बजे राजेंद्र लघुशंका के लिए नदी के किनारे गए थे। इसी बीच वहां पहुंचे गुलदार ने उनपर हमला बोल दिया और उन्हें खींचकर जंगल में ले गया। इस घटना की किसी को भी जानकारी नहीं लग सकी।

काफी देर तक जब राजेंद्र नहीं लौटे तो सैलून पर बैठे लोगों ने आसपास के लोगों से उनके बारे में पूछा, मगर कोई जानकारी नहीं मिल सकी। इस पर लोग उन्हें ढूंढते हुए नदी किनारे पहुंचे तो खून पड़ा दिखा।

इस पर अनहोनी की आशंका हुई तो उन्होंने पुलिस और वन विभाग के अधिकारियों को सूचना दी। इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस और वन विभाग के अधिकारियों ने उनकी तलाश शुरू कर दी। नदी किनारे शुरू हुआ सर्च ऑपरेशन जंगल तक पहुंच गया। रेस्क्यू टीम उनकी तलाश में घंटों जुटी रही।

इसी दौरान रात करीब 10 बजे घने जंगल में झाड़ियों के बीच खून से लथपथ राजेंद्र का शव बरामद हो गया। मौका.मुआयना करने के बाद रेस्क्यू टीम ने बताया कि जो स्थिति है उसके मुताबिक राजेंद्र को गुलदार ने ही अपना शिकार बनाया है। कोतवाली रानीपुर प्रभारी शंकर सिंह बिष्ट ने बताया कि मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

चुनावी रंजिश के चलते निर्वाचित ग्राम प्रधान के भाई ने की युवक की हत्या, एक घायल

नरेन्द्र नगर ब्लॉक के ग्राम बांसकाटल पट्टी दोगी क्षेत्र में नव निर्वाचित ग्राम प्रधान के बड़े भाई ने चुनावी रंजिश के चलते गांव के पोस्टमास्टर की हत्या कर दी। हत्या में आरोपी ने धारदार चाकू का प्रयोग किया। वहीं, घटना में एक अन्य युवक बुरी तरह घायल हो गया है। इसका इलाज एम्स ऋषिकेश में चल रहा है। वहंी, मुनिकीरेती पुलिस ने मृतक के पिता की तहरीर के आधार पर ग्राम प्रधान लेखवार सिंह और उसके बड़े भाई जयपाल सिंह के खिलाफ हत्या के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस की एक टीम आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए रवाना हो चुकी है।

बता दे कि बीते सोमवार रात्रि साढ़े आठ बजे जयपाल सिंह शराब के नशे में धुत होकर पड़ोसी गांव से अपने गांव आ पहुंचा। यहां उसने हरपाल सिंह नामक युवक को गाली-गलौज कर जान से मारने की धमकी दी और घर से धारदार हथियार लेकर उस पर हमला करने के लिए दौड़ पड़ा। इसी बीच पोस्ट मास्टर राकेश कैंतूरा बीच-बचाव करने आए तो आरोपी जयपाल ने राकेश की गर्दन पर वार कर दिया। इसके बाद वह मौके से फरार हो गया।

आनन-फानन में स्थानीय लोगों ने राकेश और हरपाल को राजकीय चिकित्सालय ऋषिकेश पहुंचाया जहां देर रात चिकित्सकों ने राकेश को मृत घोषित कर दिया तथा हरपाल की हालत नाजुक पाते हुए उसे एम्स रेफर कर दिया। मंगलवार सुबह ग्राम बांस काटल पट्टी दोगी के लोग राजकीय चिकित्सालय पहुंचे और गिरफ्तारी की मांग करने लगे। वहीं पुलिस ने पिता की तहरीर के आधार पर ग्राम प्रधान सहित उसके भाई पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस आरोपी जयपाल की गिरफ्तारी के लिए रवाना हो चुकी है।

नेलांग वैली को 30 किमी आगे तक खोलने की मुख्यमंत्री ने की घोषणा

हर्षिल एप्पल फेस्टिवल में मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रतिभाग किया और उन्हें कई अहम घोषणाएं की। उन्होंने कहा कि चीन सीमा से लगे प्रदेश के विकास खण्डों भटवाड़ी उत्तरकाशी, धारचूला, मुनस्यारी, पिथौरागढ़, जोशीमठ चमोली में केेन्द्रीय योजना सीमान्त विकास योजना की भांती स्टेट एरिया डेवलपमेंट योजना लागू की जाएगी। नेलांग वैली से 30 किमी आगे तक पर्यटन हेतु खोला जाएगा। सीमावर्ती नेलांग में जिन लोगों की सम्पत्ति है उनके लिए घर बनाने के लिए अलग से फंड की व्यवस्था की जाएगी। यदि कोई स्थानीय होम स्टे योजना के तहत अपना घर बनाना चाहता है तो उसे होम स्टे योजना के लाभ के अलावा सरकार अलग से सहायता करेगी। सीमावर्ती विकास खण्ड के लिए राज्य में अलग से किसान फंड बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों की मांग के अनुरूप हर 15 दिन के भीतर मिट्टी की जांच व सेब के बारे में बागवानों को जानकारियां देने हेतु वैज्ञानिकों की सेवा ली जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह क्षेत्र औद्यानिकी की दृष्टि से बहुत ही महत्वपूर्ण है। पूरे देश की 45 प्रतिशत भाग की सिंचाई गंगा बेसिन से ही होती है। कृषि उत्पादन के लिए मां गंगा का अहम योगदान है। राज्य सरकार किसानों को खेती करने के लिए 1 लाख रूपये तक ब्याज मुक्त ऋण दे रही है। इसके साथ ही कृषि समूह के लिए 5 लाख तक का ब्याज मुक्त ऋण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने के लिए तमाम योजनाएं देश भर में चल रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बुजुर्ग किसान, श्रमिक, नाई, होटल, मनरेगा के अन्तर्गत श्रमिकों आदि के लिए श्रमयोगी पेंशन योजना लागू की है।

इससे पूर्व मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने हर्षिल में पहुँचकर लक्ष्मीनारायण मंदिर में पूजा अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की तथा तिलक सोनी द्वारा लिखित पुस्तक टेकिंग गढ़वाल इन हिमालय का भी विमोचन किया। इस अवसर पर विधायक गोपाल सिंह रावत ने कहा कि हर्षिल सेब महोत्सव आयोजित होने से किसान व बागवान को इसका लाभ मिला है। सेब की अनेक किस्म की प्रजाति आज हर्षिल में उत्पादित हो रही है। सेब के उत्पादन के लिये मिट्टी की जांच के साथ ही सेब के पेड़ के लिए कब-कब आवश्यक रासायनिक व जैविक खाद व दवाई डाली जानी है इन सबकी जानकारी सेब विशेषज्ञ व वैज्ञानिकों द्वारा दी गई है। उन्होंने कहा कि सेब के साथ हम नकदी फसलों को भी बढ़ावा दे रहे हैं, ताकि 2022 तक किसान की आय दोगुनी की जा सके।
इस अवसर पर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री व जिला प्रभारी मंत्री डा. धन सिंह रावत, जिला उपाध्यक्ष भाजपा विजय संतरी, जिलाधिकारी डॉ आशीष चैहान, पुलिस अधीक्षक पंकज भट्ट सहित अधिकारी, स्थानीय ग्रामीण व देशी विदेशी पर्यटक भी मौजूद थे।

पलायन और रोजगार के लिए पर्यावरण का संरक्षण जरुरीः बिपिन रावत

थल सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत ने चमोली जिले में चीन सीमा पर स्थिति अग्रिम चैकियों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जवानों के साथ समय बिताया और स्थानीय लोगों से भी मुलाकात की। नीती घाटी में चीनी सैनिकों की घुसपैठ के सवाल पर उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में चीन के साथ किसी तरह के टकराव की बात नहीं है।
थल सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत गुरुवार को हेलीकॉप्टर से सीधे मलारी पहुंचे। यहां उन्होंने सेना के ’’प्लांटेशन फॉर लाइवलीहुड’’ कार्यक्रम में शिरकत की। स्थानीय लोगों से मुलाकात कर समारोह में अखरोट और चिलगोजा के पौधों का रोपण किया गया। इस कार्यक्रम के तहत सीमावर्ती क्षेत्र में स्थानीय लोगों की मदद से एक लाख पौधों का रोपण किया जाना है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि इस प्रोग्राम से क्षेत्र में पर्यावरण का संरक्षण तो होगा ही, स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिल सकेगा।
इस दौरान स्थानीय लोगों ने जनरल बिपिन रावत से मोबाइल नेटवर्क न होने की समस्या उठाई। जनरल रावत ने कहा कि इस दिशा में हरसंभव कोशिश की जाएगी। उन्होंने साफ किया कि संचार नेटवर्क न होने की वजह सेना नहीं है। उन्होंने कहा कि सेना सीमांत क्षेत्रों के विकास के लिए लगातार काम कर रही है। जनरल रावत ने जवानों और स्थानीय लोगों को दीपावली की शुभकामनाएं भी दीं। दोपहर बाद वह हेलीकॉप्टर से दिल्ली रवाना हो गए। नीती घाटी में बाड़ाहोती नाम के स्थान पर चीनी सैनिकों की घुसपैठ सुर्खियां बनती रही है। पिछले साल जुलाई में चीनी सैनिकों ने इस क्षेत्र में पांच बार घुसपैठ की थी। गौरतलब है कि बाड़ाहोती 80 वर्ग किलोमीटर में फैला चारागाह है जहां पर स्थानीय लोग अपने जानवरों को लेकर आते हैं।

एमडीडीए 29 घंटों अंदर दे रहा नक्शों की स्वीकृतिः श्रीवास्तव

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) के 36वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारम्भ किया। प्राधिकरण को 36वें स्थापना दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राधिकरण द्वारा पिछले दो वर्षों में सराहनीय कार्य किया गया है। इससे सरकार की भी प्रतिष्ठा बढ़ी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रत्येक क्षेत्र का विकास हो सके इसके लिए जिला विकास प्राधिकरणों का गठन किया गया है। आम जन को हर प्रकार की सुविधा समय से उपलब्ध करा सकें इसके लिये प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए हमने विभिन्न नीतियों में छोटे-छोटे विभिन्न नीतिगत परिवर्तन किए हैं। इससे आमजन को कम से कम समय में ज्यादा से ज्यादा सुविधाएं एवं सेवाएं प्रदान प्राप्त हो सकेंगी। इन नीतिगत परिवर्तनों का प्रभाव आने वाले समय में दिखाई देगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक राज्य की अपनी अलग पहचान व संस्कृति होती है। पर्यटक भी इससे प्रभावित होते हैं। पर्यटकों को आकृषित करने के लिये उत्तराखण्ड में किये जा रहे निर्माण कार्यों में यहां की कला एवं संस्कृति की झलक दिखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हम सभी को सहयोग देना होगा। राज्य का पर्यटन अधिक से अधिक विदेशी पर्यटकों को आकर्षित कर सके इसके लिए भी प्रयास करने होंगे।
मुख्यमंत्री ने स्मार्ट सिटी के क्षेत्र में एमडीडीए द्वारा तेजी से कार्य करने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेशवासियों को मूलभूत सुविधाएं प्रदान करने के लिये लगातार प्रयास कर रही है। प्रदेश में गुरूत्व आधारित पेयजल की आपूर्ति के लिये विभिन्न योजनाएं शुरू की गयी हैं। सौंग बाँध निर्माण कार्य शुरू होने के 350 दिन में कार्य पूर्ण करने लिये प्रयासरत् हैं। सूर्यधार झील निर्माण कार्य भी शीघ्र पूर्ण हो जाएगा।
शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने प्राधिकरण को बधाई देते हुए कहा कि देहरादून मसूरी विकास प्राधिकरण राज्य के अन्य प्राधिकरणों के लिये मार्गदर्शक का कार्य करता है। उन्होंने कहा कि समय की जरूरतों के अनुसार एमडीडीए हेतु 10 पाॅलिसीज में नीतिगत परिवर्तन किये हैं। साथ ही, राज्य सरकार व्यवस्थित वैंडिंग जोन विकसित करने के प्रयास कर रही है। वेंडर्स और आमजन को इससे लाभ मिलेगा।
कार्यक्रम के दौरान उपाध्यक्ष एमडीडीए आशीष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि एमडीडीए द्वारा लगातार नई तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके लिये एमडीडीए ने नेशनल ई-गवर्नेंस अवार्ड (2018-19) प्राप्त किया है। उन्होंने कहा कि एमडीडीए द्वारा 29 घंटों के अन्दर नक्शे की स्वीकृति दी जा रही है। स्मार्ट सिटी की संकल्पना को ध्यान में रखते हुए विभिन्न प्रोजेक्ट्स पर तेजी से कार्य कर रही है।

जल नीति बनाने वाला देश के चुनिंदा राज्यों में शामिल हुआ उत्तराखंड

सांस्कृतिक नगरी के रुप में विख्यात अल्मोड़ा में राज्य बनने के बाद दूसरी बार कैबिनेट बैठक हुई है। इसमें लंबे समय से प्रतीक्षारत जल नीति-2019 को मंजूरी दे दी गई। इसमें राज्य में जल संरक्षण व जल दोहन को लेकर कड़े प्रावधान किए जाएंगे। जीबी पंत राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण शोध एवं सतत विकास संस्थान कोसी कटारमल में बुधवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रीमंडल की बैठक में 15 प्रस्तावों पर मुहर लगी।
बैठक के बाद सरकार के प्रवक्ता मदन कौशिक ने पत्रकारों को बताया कि उत्तराखंड, जल नीति लागू करने वाले देश के चुनिंदा राज्यों में शामिल हो गया है। इस नीति का लक्ष्य राज्य के सभी जल संसाधनों को संरक्षित करना, पर्यावरण को संतुलित करना, प्रभावी क्रियान्वयन के लिए ढांचा तैयार करना है। राज्य में सिचाई, उद्योग, पशुपालन आदि के लिए केवल तीन फीसद जल की आवश्यकता है। अगर हम पूरे उपलब्ध जल का तीन फीसद रोकने में सफल रहे तो विकास की ओर आगे बढ़ेंगे। जल आवंटन की प्राथामिकता, भूजल के उपयोग, सिचाई, ईको टूरिज्म, जल विद्युत विकास से लेकर किस तरह वाटर चार्ज लेंगे, इस पर मंत्रिमंडल में विस्तार से चर्चा की गई है। इस नीति को बनाने से पहले हमने 14 विभागों व संस्थानों से विचार-विमर्ष किया गया था। इसे मंजूरी मिलना बड़ी उपलब्धि है।
सरकारी प्रवक्ता कौशिक ने बताया कि कुमाऊं विश्वविद्यालय के सोबन सिंह जीना परिसर अल्मोड़ा में अब आवासीय विश्वविद्यालय अल्मोड़ा संचालित होगा। यहां पर नया विश्वविद्यालय को विस्तार मिलने से अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़ व चम्पावत के महाविद्यालय संबद्ध हो जाएंगे। इसके लिए विधानसभा में जल्द ही एक्ट के जरिये मंजूरी दी जाएगी। देहरादून सिटी मिशन को पीपीपी मोड में दिया गया है। इसकी सफलता के बाद इस प्रोजेक्ट को अन्य शहरों में भी लागू किया जाएगा। इसमें परिवहन मंत्री यशपाल आर्य, कृषि मंत्री सुबोध उनियाल, संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज, उच्च शिक्षा राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार डॉ. धन सिंह रावत, राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार रेखा आर्य मौजूद रही।

कैबिनेट में इन प्रस्तावों को भी मिली मंजूरी
1. अल्मोड़ा में सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय को आवासीय विश्वविद्यालय बनाने को मंजूरी ।
2. उत्तराखण्ड की जल नीति 2019 को मंजूरी ।
3. प्रदेश सरकार द्वारा जनकल्याणकारी योजनाओं को पीपीपी मोड नीति-2012 में संशोधन।
4. राज्य की आइटीआइ में फीस वृद्धि को मंजूरी। प्रतिवर्ष 3900 रूपये शुल्क देना होगा। इस फीस का कुछ हिस्सा शासन को भेजा जाएगा।
5. प्रदेश में जंगली जानवरों व आपदा से फसल, जान-माल की हानि का मुआवजा अब वन विभाग के बजाय आपदा के फंड से मिलेगा ।
6. टिहरी झील के पास आइटीबीपी के एडवेंचर सेंटर को मंजूरी। सेंटर के लिए भूमि की व्यवस्था होने तक पर्यटन विभाग के भवनों का उपयोग किया जाएगा।
7. डॉ. आरएस टोलिया उत्तराखंड प्रशासन अकादमी नैनीताल की सेवा नियमावली को मंजूरी ।
8. प्रदेश सरकार के सभी मंत्री अपने आयकर का भुगतान स्वयं वहन करेंगे। अभी तक मंत्रियों के आयकर का भुगतान प्रदेश सरकार द्वारा किया जा रहा था।
9. राजभवन अधिष्ठान में नियमावली संशोधन पर सहमति। अब राज्यपाल सचिवालय और राजभवन की एक ही नियमावली होगी।
10. पंडित दीनदयाल उपाध्याय गृह आवास (होम-स्टे) नियमावली में संशोधन। अब पुराने घर के नवीनीकरण अथवा उसमें सुविधाएं बढ़ाने के लिए 143 कराने की जरूरत नहीं। बैंक से ऐसे होमस्टे को अब मिल सकेगा ऋण।
11. मोटरयान नियमावली में संशोधन, अब 30 दिन के भीतर संबंधित थाने को रिपोर्ट देनी अनिवार्य होगी।
12. उत्तराखंड डेयरी सहकारी फेडरेशन के तहत उच्च प्राथमिक व प्राथमिक स्कूलों के लगभग 6 लाख बच्चों को सप्ताह में 1 दिन पौष्टिक दूध मिलेगा। इसमें छह करोड़ शासन खर्च करेगा।
13. पशुपालन विभाग के तहत वैक्सीनेटर सेवा नियमावली को मंजूरी।
14. उत्तराखंड राजस्व अभिलेख 2019 का प्रख्यापन किया गया, इसके लिए प्रदेश में 10 सदस्य कमेटी बनेगी और जिलों में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी बनाई जाएगी।
15. उत्तराखण्ड राजस्व अभिलेख नियमावली 2019 की स्वीकृति।