बिना लाइसेंस ठेली नहीं लगा सकेंगे वेंडर्स

शहर में फेरी नीति लागू करने के लिए गठित कमेटी की बैठक नगर निगम में हुई। बैठक में निर्णय लिया गया कि क्षेत्र में नगरीय फेरी नीति लागू होने के बाद परिवार के एक सदस्य को ही लाइसेंस जारी किया जाएगा। साथ ही इनकी जगह, समय और दूूरी भी निश्चित की जाएगी। इन्हें निगम की ओर से पथ प्रकाश, पानी और शौचालय की भी सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। बैठक में मुख्य नगर आयुक्त चतर सिंह चौहान ने फेरी संगठनों के नामित सदस्यों को 20 दिन के भीतर निगम क्षेत्र के वेंडर्स की सूची उपलब्ध कराने को कहा।

सूची में वेंडर्स का नाम, फोटो, मोबाइल और पता भी उपलब्ध कराना होगा। उन्होंने कहा कि 20 दिनों के बाद किन जगहों पर आपत्ति है, यह समिति के सभी सदस्य निश्चय करेंगे। एनएनए ने बताया कि वेंडर्स को लेकर तीन क्षेत्र चयनित किए जाएंगे। इसमें पहला गैर प्रतिबंधित ठेली क्षेत्र (बिना रोक टोक वेडर्स ठेली लगा सकते है), दूसरा नियंत्रित ठेली क्षेत्र (कुछ ही लोगों को ठेली लगाने की परमिशन दी जाएगी, इसमें दिन, दूरी और समय निश्चित किया जाएगा) और तीसरा ठेली रहित क्षेत्र (इस क्षेत्र में कोई भी ठेली खड़ी नहीं हो पाएगी)। इस दौरान सहायक नगर आयुक्त उत्तम सिंह नेगी, डॉ. संतोष पंत, सब इंस्पेक्टर कुलदीप, ट्रैफिक सब इंस्पेक्टर राजेंद्र, राजू गुप्ता, राहुल पाल, मुसाफिर साहनी, कुसुम गुप्ता, लता देवी आदि उपस्थित रहे।

एक साल के लिए होगा पंजीकरण
एमएनए चतर सिंह चौहान ने बताया कि वेंडर्स के लिए पंजीकरण एक साल के लिए ही मान्य होगा। हर साल पंजीकरण को नवीनीकरण कराना होगा। उन्होंने बताया कि पंजीकरण का शुल्क वेंडर्स की सूची आने के बाद ही तय किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जो वेंडर्स इस सूची से वंचित रह जाएगा। उसका नाम अगले पांच साल बाद ही जुड़ सकेगा।

बैठक में यह भी तय हुआ
– जिस स्थान का लाइसेंस वेंडर्स को मिलेगा, वह उसी स्थान पर ठेली लगाएगा।
– एक स्थान पर सीमित संख्या से ज्यादा आवेदन आने पर, लॉटरी से चयन किया जाएगा।
– स्थिर, चलायमान और साइकिल से वस्तु विक्रय करने वालों को भी लाइसेंस दिया जाएगा।
– जिसके नाम लाइसेंस उपलब्ध होगा, वही व्यक्ति कार्य करेगा।
– एक व्यक्ति एक से ज्यादा ठेली नहीं लगा सकेगा।
– ठेली और फड़ के आसपास गंदगी करने पर पेनल्टी लगेगी।
– वेंडर्स को कूड़ा उठान की सुविधा, पथ प्रकाश, शौचालय, पानी आदि की सुविधा निगम उपलब्ध कराएगा।
– शर्तों का उल्लंघन करने पर शुरूआती दो चरणों में चालान वसूला जाएगा, तीसरे चरण में लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा।

पार्क की सौंदर्यता देख सीएम बोले, प्रकृति को संरक्षित करने का बेहतर प्रयास

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सोमवार को कुठाल गेट के समीप स्थित आनन कानन एजुकेशनल एम्यूजमेंट पार्क का भ्रमण किया। डॉ. योगी एरन द्वारा विकसित किये गये इस पार्क को उन्होंने प्रकृति को संरक्षित करने का बेहतर प्रयास बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पार्क में प्रकृति से जुड़ कर जिस प्रकार तालाबों, गुफाओं व म्यूजियम के साथ ही बड़ी संख्या में बरगद के पेड़ो को संजोकर उन्हें आकर्षक स्वरूप प्रदान करने का कार्य भी निश्चित से सराहनीय है। पार्क में बरगद के पेड़ पर कमरो के निर्माण को भी उन्होंने नया प्रयोग बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पार्क विद्यार्थियों को प्रकृति एवं पर्यावरण को संरक्षित करने की प्रेरणा प्रदान करने के साथ ही प्रकृति विज्ञान से भी उन्हें परिचित कराने में मदद करेगा। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने ऐसे प्रयासों को समाज के लिए भी हितकर बताया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पार्क को देखने आये स्कूली छात्रों से भी बातचीत की।

डॉ योगी ऐरन ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि 5 एकड़ में निर्मित यह पार्क स्कूली छात्रों के आकर्षण का केन्द्र बना है। इस पार्क में शारारिक व मानसिक रूप से कमजोर छात्रों के लिये विशेष व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि प्रकृति से जुड़ा यह पार्क छात्रों को प्रकृति से जोड़ने तथा पर्यावरण के प्रति जागरूक करने में भी मदद करता है।

स्व. जेटली की अस्थियां हरिद्वार गंगा में प्रवाहित

सोमवार को पूर्व केन्द्रीय मंत्री स्व. अरूण जेटली की अस्थियां ब्रह्मकुण्ड, हरिद्वार में विसर्जित की गई। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत भी अस्थि विसर्जन के अवसर पर मौजूद रहे। उन्होंने स्व. जेटली को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके निधन को देश के लिये अपूरणीय क्षति बताया।

स्व0 जेटली के पुत्र रोहन जेटली ने धार्मिक रीति के साथ अपने पिता की अस्थियाँ गंगा में विसर्जित की। इस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री डॉ0 रमेश पोखरियाल ‘निशंक’, विधान सभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल, कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, डॉ0 हरक सिंह रावत, उच्च शिक्षा राज्य मंत्री धन सिंह रावत, विधायक यतीश्वरानंद, देशराज कर्णवाल, पुष्कर सिंह धामी, आदेश चौहान, प्रदेश अध्यक्ष भाजपा अजय भट्ट तथा जनमानस ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

वन कर्मियों की कमी केंद्र और राज्य सरकार को देना है जवाब

उत्तराखंड में वनों को बचाने के लिए वन विभाग के पास जरुरी उपकरणों की कमी है। साथ ही एक तिहाई फील्ड कर्मचारियों कमी है। वन विभाग की मुताबिक, राज्य के वन 95 हजार करोड़ की पर्यावरणीय सेवा प्रदान कर रहे हैं। यहां गंगा-यमुना का कैचमेंट भी है, लेकिन वनों का प्रबंधन व सुरक्षा की बेहद खराब हालत है। फील्ड स्टाफ की कमी की वजह से एक फॉरेस्ट गार्ड सैकड़ों वर्ग किमी वनों की सुरक्षा में तैनात हैं। इस वजह से कर्मचारी श्रम कानूनों के अनुसार नियमित आठ घंटे के अतिरिक्त 24 घंटे ड्यूटी देने को मजबूर हैं। हाईकोर्ट ने वन विभाग की इन तमाम दुश्वारियों के मामले में सुनवाई करते हुए केंद्र और उत्तराखंड सरकार को चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के सचिव रहे संदीप तिवारी ने एक जनहित याचिका दायर कर कहा है कि वन विभाग के पास वनों को बचाने के लिए जरूरी उपकरण जैसे आग बुझाने के उपकरण, बंदूक, कर्मचारियों की फायर वर्दी, सेटेलाइट मोबाइल आदि का अभाव है। उत्तराखंड में हर साल आगजनी की घटनाओं में वृद्धि हो रही है। वन कर्मचारियों के पास अत्याधुनिक संचार सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। वहीं, जंगली जानवरों का अवैध शिकार किया जा रहा है। अवैध तरीके से वन एवं खनिज संपदा का दोहन किया जा रहा है। वन कर्मचारी पैदल गश्त करते हैं। वन चैकियों या चेक पोस्ट में धर्मकांटा और सीसीटीवी का भी अभाव हैं। उच्च हिमालयी क्षेत्र या बुग्यालों में गश्त के लिए जरूरी उपकरण भी वन कर्मचारियों के पास नहीं हैं। आरोप लगाया कि दुर्लभ वन्यजीवों के अंगों की तस्करी हो रही है। उन्होंने याचिका में पुलिस आधुनिकीकरण की तर्ज पर वन विभाग को बजट मुहैया कराने, रिक्त पदों पर नियुक्तियां करने, उपकरण उपलब्ध कराने के लिए केंद्र और राज्य सरकार को निर्देशित करने की गुहार लगाई गई है। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश रंगनाथन व न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ ने मामले को सुनने के बाद केंद्र और राज्य सरकार से चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।

खतरनाक एडवेंचर रेस में राज्य का प्रतिनिधित्व करेगी ताशी और नुग्शी

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मुख्यमंत्री आवास में दुनिया की मुश्किल एवं खतरनाक एडवेंचर रेस इको चैलेंज में प्रतिभाग के लिए जा रही उत्तराखंड की पर्वतारोही ताशी एवं नुग्शी को उनकी टीम के साथ रवाना किया। मुख्यमंत्री ने इस प्रतियोगिता के लिए दोनों बहनों को शुभकामनाएं दी। फिजी में 9 सितंबर से 21 सितंबर 2019 तक इको चैलेंज 2019 के नाम से आयोजित होने वाली इस एडवेंचर रेस में 30 देशों की 67 टीमें भाग ले रही हैं। 675 किमी की इस एडवेंचर रेस में 12 एडवेंचर से संबंधित एक्टिविटी होंगी। ये सभी एक्टिविटी फिजी के घने जंगलों, पहाड़ों, नदियों एवं समुद्र के जरिए होंगी। इस रेस की मेजबानी प्रसिद्ध एडवेंचर्स बेयर ग्रिल्स कर रहे हैं। उत्तराखंड से ताशी के नेतृत्व में 4 सदस्यों की टीम इस प्रतियोगता में भाग ले रहे हैं। इस टीम के मैनेजर रिटायर्ड कर्नल वी. एस.मलिक हैं। इस मौके पर उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डा. धन सिंह रावत और विधायक गणेश जोशी भी उपस्थित रहे।

आपदा प्रभावित क्षेत्र में राहत सामाग्री देकर लौटते समय क्रैश हुआ हेलीकॉप्टर

आपदा प्रभावित क्षेत्र से राहत सामाग्री देकर लौट रहा एक हेलीकॉप्टर आराकोट न्याय पंचायत क्षेत्र के मोल्डी गांव में क्रैश हो गया। हादसे में पायलट, को-पायलट और एक स्थानीय व्यक्ति की मौत हो गई। इसके बाद समूचे आपदा प्रभावित इलाकों में फिलहाल हेली रेस्क्यू पर रोक दिया गया है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने हादसे पर दुख जताते हुए मृतक आश्रितों को 15-15 लाख रुपये आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। बता दें कि हादसे में मारे गए पायलट ने छह साल पहले केदारनाथ आपदा के दौरान भी रेस्क्यू में सक्रिय भूमिका निभाई थी।

उत्तरकाशी जिला मुख्यालय से करीब 225 किलोमीटर दूर आराकोट इलाके में बीती रविवार तड़के बादल फटने से भारी तबाही मची थी। यहां 35 गांवों में मोटर और पैदल मार्गों के साथ ही पुल-पुलिया बह गई हैं। इसकी वजह से रेस्क्यू में दिक्कतें आ रही हैं। प्रभावित गांवों में राहत सामग्री पहुंचाने के लिए सोमवार से हेली रेस्क्यू चलाया जा रहा है। बुधवार दोपहर करीब पौने बारह बजे आराकोट से छह किलोमीटर दूर मोल्डी गांव में राशन व राहत सामग्री पहुंचाने के लिए हैरिटेज कंपनी के हेलीकॉप्टर ने मोरी स्थित हेलीपैड से उड़ान भारी। 12 बजे हेलीकॉप्टर मोल्डी गांव में पहुंचा। वहां राशन व राहत सामग्री को छोड़कर वापस लौट रहा था, तभी हेलीकॉप्टर गांव के पास ही बागीचों से सेब की पेटियों को सड़क तक पहुंचाने के लिए लगाई गई ट्रॉली की तारों से उलझकर क्रैश हो गया। देखते ही देखते हेलीकॉप्टर में आग लग गई और वह बरसाती नाले से सटे जंगल में जा गिरा।

हेलीकॉप्टर में पायलट सहित तीन लोग सवार थे, तीनों की मौके पर ही मौत हुई। इनमें पायलट, को-पायलट और एक स्थानीय व्यक्ति शामिल हैं। स्थानीय व्यक्ति भी एक निजी एविएशन कंपनी का मुलाजिम है, बताया गया कि वह रेस्क्यू टीम की मदद के लिए हेलीकॉप्टर में साथ गया था। आग लगने से तीनों के शव बुरी तरह झुलस गए थे। सूचना पर एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा प्रतिवादन बल) और आइटीबीपी (भारत तिब्बत सीमा पुलिस) की टीम मौके पर पहुंची।

कंगसाली हादसे में मारे गए बच्चों के परिजनों को दो लाख रूपए देंगे पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जनपद टिहरी गढ़वाल के कंगसाली गांव में स्कूली बच्चों के वाहन दुर्घटना में मृतक बच्चों के परिजनों को दो-दो लाख रूपए एवं घायलों को 50 हजार रूपए मुआवजा देने का ऐलान किया है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रदेश में घटित इस घटना का संज्ञान लेने तथा मृतक बच्चों के परिजनों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त किया है। विधायक प्रतापनगर विजय सिंह पंवार ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया है।

ज्ञातव्य है कि टिहरी गढ़वाल के कंगसाली गांव में एक स्कूल के मृतक बच्चों के परिजनों को जिला प्रशासन द्वारा प्रति मृतक एक लाख रूपये की धनराशि तथा वाहन दुर्घटना के घायलों को प्रति घायल रूपये दस हजार की धनराशि दी गयी। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने भी घटना स्थल पर जाकर मृतक बच्चों के परिजनों से भेंट कर उन्हें सांत्वना दी एवं आर्थिक सहायता के रूप में मृतक बच्चों के परिजनों को एक-एक लाख रूपये एवं घायलों को पचास हजार रूपये के चेक प्रदान किये।

दिनदहाड़े युवक को बदमाशों ने मारी गोली, दशहत

मंगलवार को पौड़ी जनपद के कोटद्वार थाना क्षेत्र के अंतर्गत दिनदहाड़े बदमाशों ने एक युवक पर गोली चला दी। आननफानन में युवक को बेस अस्पताल ले जाया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। तब तक बदमाश फरार हो चुके थे।

सिमलचौड़ में एएसपी आवास और एआरटीओ कार्यालय के पीछे शिव केबल नेटवर्क का मुख्यालय है। यहीं पर केबल संचालक अजय सिंह रावत का आवास भी है। दो महीने से यहां पर शिमला बाईपास देहरादून निवासी शेखर चंद्र ढौंडियाल (43) पुत्र रमेश चंद्र रह रहा था। मंगलवार शाम करीब साढ़े तीन बजे शेखर केबल मुख्यालय के बाहर बरामदे में मोबाइल से बात करते हुए टहल रहा था। इसी बीच सड़क की ओर से पड़ने वाले छोटे गेट से बदमाशों ने उस पर फायर झोंक दिया। वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर गया। गोली की आवाज सुनकर केबल कंट्रोल रूम से दूसरे लोग बाहर निकले। तभी केबल संचालक अजय रावत भी बाहर आया और आनन-फानन में शेखर को कार में डालकर बेस अस्पताल ले गया। अस्पताल में उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के हाथ पांव फूल गए। यूपी से सटे मार्गों की नाकेबंदी कर दी गई। यूपी बार्डर से लेकर चिलरखाल फारेस्ट चौकी बैरियर पर आने जाने वाले हर वाहन और दो पहिया वाहन की सघन चेकिंग की गई, लेकिन बदमाश हत्थे नहीं चढ़ सके। एएसपी प्रदीप राय और कोतवाल मनोज रतूड़ी की अगुवाई में पुलिस ने केबल कंट्रोल रूम और आसपास के सीसीटीवी खंगालने शुरू कर दिए हैं। प्रारंभिक जांच में बदमाशों की संख्या तीन बताई जा रही है। हत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है। पुलिस का मानना है कि रंजिश की वजह देहरादून से जुड़ी हुई है। हत्या को शार्प शूटर ने अंजाम दिया है।

मृतक बच्चों की आत्मशांति को किया मौन, घायलों का जाना हाल

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत द्वारा कंगसाली गांव पहुंचकर मैक्स दुर्घटना में एंजल इन्टरनेशनल स्कूल के मृतक बच्चों को श्रद्धांजलि दी गयी तथा मृतक बच्चों एवं घायल बच्चों के परिजनों को सांत्वना दी गयी। साथ ही मृतक आत्माओं की शांति के लिए दो मिनट का मौन भी रखा गया। वाहन दुर्घटना में मृतकों के परिजनों को जिला प्रशासन द्वारा प्रति मृतक एक लाख रूपये की धनराशि तथा वाहन दुर्घटना के घायलों को प्रति घायल रूपये दस हजार की धनराशि पूर्व में ही वितरित की जा चुकी है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र द्वारा आज और एक लाख रूपये प्रति मृतक के परिजनों एवं पचास हजार रूपये प्रति घायल वितरित किये जाने हेतु चौक के रूप में जिलाधिकारी को उपलब्ध कराये गये हैं।

उन्होंने कहा कि वाहन दुर्घटना दुर्भाग्यपूर्ण है इसका सभी को बहुत दुख है। वाहन दुर्घटना की सूचना मिलते ही सरकार द्वारा अधिकारियों को दूरभाष पर घायलों के त्वरित उपचार की व्यवस्था के निर्देश दिये गये। घायल बच्चें शीघ्र अस्पताल पहुंच सके इस हेतु हैलीकॉप्टर की व्यवस्था की गयी। मृतक एवं घायलों के परिजनों की क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर किये जाने के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयासरत है। प्रदेश को शीघ्र ही 600 डॉक्टर मिलने की सम्भावना है। उन्होंने कहा कि प्रतापनगर क्षेत्र के लिए राज्य सरकार द्वारा एक ओर एम्बुलेंस बोट की व्यवस्था की जायेगी।

उन्होंने कहा कि टिहरी बांध से सर्वाधिक प्रभावित प्रतापनगर की जनता हुई है इसे ध्यान में रखते हुए डोबरा चांठी पुल निर्माण हेतु सरकार द्वारा एकमुश्त ही रूपये 88 करोड़ दिये गये। विश्वास है कि आगामी माह फरवरी तक डोबरा चांठी पुल जनता को समर्पित कर दिया जायेगा। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने दुर्घटना के मृतक एवं घायल बच्चों के परिजनों को आश्वस्त किया कि दुर्घटना की जांच चल रही है। इसमें जो भी दोषी पाया जायेगा उनके विरूद्ध नियमानुसार कड़ी कार्यवाही की जायेगी। मृतकों एवं घायलों के परिजनों की मांग पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा भारत सरकार से प्रदेश के प्रत्येक विकास खण्ड में एक केन्द्रीय विद्यालय खोलने की मांग की गयी है।

ट्रक खड़ा कर सो रहा था ड्राइवर, रूपयों से भरी कमीज लेकर भागा बंदर

मुनिकीरेती के ढालवाला क्षेत्र में ट्रक के अंदर सो रहे व्यक्ति की कमीज बंदर उठा ले गया। कमीज की जेब में करीब सात हजार रुपए, जरूरी दस्तावेज तथा गाड़ी की चाबी थी। एक स्थानीय ने बंदर को कुछ खाने को फेंका तो बंदर लालच में आकर कमीज छोड़ गया। कमीज में सात हजार रुपए, आईडी और गाड़ी की चाभी है। शनिवार की दोपहर चीनी गोदाम रोड ढालवाला में चाय की दुकान चलाने वाले कमलेश्वर कोठारी ने पुलिस को फोन से सूचना दी कि एक बंदर किसी की कमीज उठा ले आया है।

कमलेश्वर के मुताबिक बंदर अपने साथ कमीज लेकर घूम रहा है, जब उन्होंने उसे खाने की वस्तु दी तो उसने कमीज नीचे छोड़ दी। सूचना पाकर चौकी प्रभारी ढालवाला विनोद कुमार शर्मा ने दो कांस्टेबल को मौके पर रवाना किया।

पुलिस कर्मियों ने छोड़ी गई कमीज से आईडी देखने के बाद व्यक्ति की तलाश की तो उसकी पहचान सुरेश कुमार यादव पुत्र आदित्य राम यादव निवासी स्टार पोस्ट ऑफिस पीडी थाना कौंधियारा जिला इलाहाबाद के रूप में हुई। पुलिस कमीज लेकर चौकी आ गई और सुरेश कुमार यादव को चौकी बुलाया।

चौकी पहुंच सुरेश ने बताया कि वह हिलवेज कंपनी में ट्राला चलाता है। चीनी गोदाम रोड पर ट्राला खड़ा कर वह सो गया था। उसी दौरान बंदर ने केबिन के अंदर घुसकर उसकी कमीज उठाकर चलता बना। वे काफी देर से कमीज में रखे दस्तावेज, रुपयों और गाड़ी की चाभी को लेकर परेशान थे। मौके पर पुलिस ने सुरेश कुमार यादव को उसके 7000 रुपए, आधार कार्ड, पैन कार्ड और गाड़ी की चाभी सौंप दी