लक्ष्मण झूला पुल का विकल्प तलाशन में जुटी सरकार, जल्द तैयार होगा नया पुल

ऋषिकेश में लक्ष्मण झूला पुल को बंद किए जाने के फैसले पर राज्य सरकार अडिग है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि जन सुरक्षा सरकार के लिए सवरेपरि है। इसीलिए लक्ष्मण झूला पुल पर किसी भी तरह की आवाजाही तुरंत रोकने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार लक्ष्मण झूला पुल का विकल्प जल्द ही तैयार कर लेगी। वहां वैकल्पिक पुल बनाने का निर्णय लिया गया है। लक्ष्मण झूला पुल को धरोहर के तौर पर संरक्षित रखने की कार्ययोजना भी बनाई जाएगी। वहीं, पुल पर पैदल आवाजाही जारी रखने से आम जन को राहत है। उधर, इस का असर अब रामझूला पुल पर पड़ने वाला है। रामझूला पुल पर अब दोगुना भार पड़ जाएगा, जो सुरक्षा की दृष्टि से इस पुल के लिए भी चिंता का विषय है।
शासन ने शुक्रवार को लक्ष्मण झूला पुल पर आवाजाही रोकने के आदेश जारी किए, लेकिन स्थानीय लोगों के भारी विरोध के कारण आवाजाही पर प्रतिबंध नहीं लग पाया है। इस बीच शनिवार को यमकेश्वर क्षेत्र की विधायक ऋतु खंडूड़ी ने लक्ष्मण झूला पुल के संबंध में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से मुलाकात की।
मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि छह माह पहले आइआइटी रुड़की के विशेषज्ञों से लक्ष्मण झूला पुल की फिजिबिलिटी पर अध्ययन कराया गया। विशेषज्ञों की रिपोर्ट के अनुसार इस झूला पुल की स्थिति ऐसी नहीं है कि लोगों की आवाजाही को अनुमति दी जा सके। उन्होंने कहा कि कांवड़ मेले में भारी भीड़ को देखते हुए इस पर आवाजाही जारी रखना उचित नहीं होता।
उन्होंने कहा कि जनसुरक्षा के दृष्टिगत लक्ष्मण झूला पुल पर किसी भी तरह की आवाजाही को तुरंत रोकने का निर्णय किया गया है। साथ ही झूलापुल का विकल्प जल्द से जल्द तैयार करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि लक्ष्मण झूला पुल एक सांस्कृतिक धरोहर है। यह ऋषिकेश का प्रमुख आकर्षण का केंद्र और देश-विदेश में इसकी ख्याति है। कई फिल्मों का फिल्मांकन भी यहां हुआ है। उन्होंने कहा कि लक्ष्मण झूला पुल का समुचित रखरखाव करते हुए इसे धरोहर के तौर पर संरक्षित किया जा सकता है। इसके लिए विशेषज्ञों की राय से कार्ययोजना बनाई जाएगी।
उधर, शासन ने भले ही लक्ष्मण झूला पुल पर आवाजाही पर रोक लगा दी हो, मगर शनिवार को भी इस पर लगातार आवाजाही होती रही। हालांकि, प्रशासन की ओर से शासन के फैसले का विरोध कर रहे लोगों को समझाने की कोशिशें की गईं, मगर यह परवान नहीं चढ़ पाईं। वहीं, माना जा रहा है कि इस झूला पुल के बंद होने से रामझूला पर अधिक दबाव बढ़ेगा। यही नहीं, तीन दिन बाद कांवड़ यात्रा भी शुरू होने जा रही है। ऐसे में कांवड़ में उमड़ने वाली भीड़ को नियंत्रित करने के साथ ही लक्ष्मण झूला पुल की सुरक्षा सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती होगी।

कालसी मार्ग पर कार खाई गिरी, हरियाणा के पर्यटकों की मौत

चकराता घूमने जा रहे हरियाणा के पर्यटकों की कार कालसी से पांच किमी आगे चामड़खील नामक जगह पर अनियंत्रित होकर खाई में गिर गई। हादसे में कार सवार सभी 5 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।
पुलिस के अनुसार, घटना देर रात की बताई जा रही है। जिसका पता स्थानीय पुलिस-प्रशासन को रविवार सुबह चला। मौके पर पहुंचे तहसीलदार केडी जोशी और थानाध्यक्ष कालसी के नेतृत्व में शवों को खाई से बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू चल रहा है। पुलिस प्रशासन की टीम स्थानीय लोगों की मदद से खाई में फंसे शवों को बाहर निकालने के लिए सुबह से जुटी है। मृतकों की शिनाख्त अभी नहीं हो पाई। बताया जा रहा पांचों लोग हरियाणा के निवासी है। तहसीलदार ने कहा शवों को बाहर निकालने के बाद ही मृतकों की सही पहचान का पता चल सकेगा।

जानिए किसने कहा-बीजेपी उत्तराखंड बहुत चतुराई से कौवे को भी तीतर बताकर खा जाती है

देवप्रयाग में शराब के बॉटलिंग प्लांट को लेकर सियासी हमले कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भी अपनी फेसबुक पोस्ट में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को ई-पत्र लिखा है। चुटीले अंदाज में लिखे पत्र में उन्होंने कहा कि यह ठीक है कि उनके कार्यकाल में देवप्रयाग क्षेत्र में पानी व फ्रूटी बॉटलिंग प्लांट लगा। मेरा लगाया पौधा, पानी व फ्रूटी बॉटलिंग प्लांट का था। आपने कुशल माली के तौर पर उस पर अन्य कलम लगा दी। मेरे कार्यकाल में केवल लाइसेंस दिया गया, जिस पर आगे की कार्रवाई आपकी पार्टी सहित स्थानीय लोगों के विरोध को देखते हुए रोक दी गई। यदि आप शराब बनाने का लाइसेंस नहीं देना चाहते तो आपकी सरकार रिन्युअल नहीं करती। बीजेपी उत्तराखंड बहुत चतुराई से कौवे को भी तीतर बताकर खा जाती है।
दरअसल, सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बीते रोज उक्त बॉटलिंग प्लांट को अनुमति देने को पूर्व सीएम हरीश रावत पर यह कहते हुए हमला बोला था कि वह पहले पौधा लगाते हैं, फिर उसे उखाड़ने में लग जाते हैं। इस पर प्रतिक्रिया में पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा कि हमने मैदानों में डिस्टलरीज, फुटहिल्स में वाइनरीज व रागी बियर प्लांट व मध्य हिमालय में फ्रूट वाइन्स व वाटर व ऑयल बॉटलिंग प्लांट लगाने की नीति पर काम किया। समय कम मिला, हम इन नीतियों को पूरी तरह धरातल पर नहीं उतार पाए।

पूर्व मंत्री नैथानी ने बोला भाजपा सरकार पर हमला
पूर्व शिक्षा मंत्री एवं देवप्रयाग क्षेत्र के पूर्व विधायक मंत्री प्रसाद नैथानी ने एनसीसी ट्रेनिंग एकेडमी श्रीकोट माल्दा (टिहरी) से हटाकर देवाल गांव (पौड़ी) ले जाने के मौजूदा भाजपा सरकार के फैसले पर सख्त आपत्ति की है। उन्होंने टिहरी जिलाधिकारी के श्रीकोट माल्दा के ग्रामीणों के सशर्त भूमि देने के कथन को झूठा करार दिया। उनके क्षेत्र में शराब के बॉटलिंग प्लांट लगाने के सरकार के फैसले को जनविरोधी करार देते हुए उन्होंने कहा कि इस मामले में कांग्रेस, उन्हें और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को बदनाम करने की साजिश की जा रही है।
देवप्रयाग क्षेत्र से एनसीसी एकेडमी हटाने और शराब के बॉटलिंग प्लांट मामले में पूर्व मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी खुलकर सामने आए। प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवनों में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने दोनों मुद्दों पर भाजपा सरकार पर हमला बोला। साथ ही इस मामले में पिछली कांग्रेस सरकार का बचाव भी किया। उन्होंने कहा कि एनसीसी एकेडमी की श्रीकोट माल्दा में स्थापना को तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत ने पांच दिसंबर, 2016 को शिलान्यास किया था। एकेडमी के लिए श्रीकोट माल्दा के किसानों ने 200 नाली भूमि दान स्वरूप दी। उन्होंने कहा कि एनसीसी एकेडमी बचाओ संघर्ष समिति देवप्रयाग विकासखंड मुख्यालय हिंडोलाखाल में आंदोलन जारी रखेगी। सरकार को अपना फैसला वापस लेना चाहिए।

गैरसैंण में भूमि खरीद पर रोक हटाने के विरोध में उतरी प्रदेश कांग्रेस
कांग्रेस प्रदेश में सरकार के फैसलों के खिलाफ जन आक्रोश को भुनाने में जुट गई है। राज्य आंदोलनकारियों की भावनाओं से जुड़े गैरसैंण समेत आसपास के 27 गांवों में जमीनों की खरीद-फरोख्त पर लगी पाबंदी हटाने के त्रिवेंद्र सिंह रावत मंत्रिमंडल के फैसले के खिलाफ कांग्रेस ने आंदोलन को तेज करने की ठान ली है। गैरसैंण में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की गिरफ्तार के बाद पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भी अपनी दिल्ली यात्रा के बीच से ही वापस गैरसैंण लौटने और शुक्रवार को वहां गिरफ्तारी देने की घोषणा की है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने भी कहा कि गैरसैण में पूर्व में लागू भू कानून को यथावत रखा जाए अन्यथा पार्टी पूरे प्रदेश में सड़कों पर उतर कर इसका विरोध करेगी।
गैरसैंण को लेकर एक बार फिर सरकार व सत्तारूढ़ भाजपा और कांग्रेस फिर आमने-सामने हो गई हैं। मंत्रिमंडल ने बीते रोज चमोली जिले के गैरसैंण और आसपास के क्षेत्रों में भूमि खरीद पर पाबंदी खत्म करने का फैसला लिया है। पिछली कांग्रेस सरकार ने 16 नवंबर, 2012 को आदेश जारी कर गैरसैंण व आसपास के क्षेत्रों में भूमि खरीद पर पाबंदी लगाने के आदेश जारी किए थे। इसके बाद चमोली के तत्कालीन जिलाधिकारी ने 23 नवंबर, 2012 को आदेश जारी कर गैरसैंण तहसील के 27 गांवों में भूमि की खरीद-बिक्री पर रोल लगा दी थी। अब भाजपा सरकार ने गैरसैंण व आसपास के क्षेत्रों में भूमि खरीद-बिक्री का बैनामा या रजिस्ट्री न होने और 10 रुपये के स्टांप पेपर पर भूमि की खरीद किए जाने से मालिकाना हक को लेकर विवाद को आधार बनाकर उक्त रोक हटाने का निर्णय लिया है।
कांग्रेस ने सरकार के इस फैसले का विरोध करने का निर्णय लिया है। गैरसैंण में इस मामले पर हो रहे प्रदर्शन को पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने समर्थन तो दिया ही, साथ में खुद भी गैरसैंण पहुंचकर गिरफ्तारी देने की घोषणा की है। कांग्रेस इस मुद्दे को तूल देने जा रही है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि राज्य की प्रस्तावित राजधानी गैरसैंण में जमीनों की खरीद फरोख्त पर लगाई गई रोक हटाने का फैसला राज्य निर्माण आंदोलन की भावना के विपरीत है। इस मामले में भाजपा सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए प्रीतम ने कहा कि इस निर्णय से राज्य निर्माण की भावनाएं आहत हुई हैं। गैरसैंण को राजधानी बनाने के सपने को ग्रहण लगा है। राज्य सरकार खनन माफिया, भू-माफिया और शराब माफिया के हाथों की कठपुतली बन गई हैं।

गैरसैंण तहसील के इन क्षेत्रों में भूमि खरीद पर लगी रोक हटाई
आदि बदरी के हालीसेरा एफ आदि बदरी, खेती व मालसी गांव
गैरसैंण के मरोड़ा, कुनेली लग्गा मरोड़ा, सलियाणा, ग्वाड, जैंतोली ग्वाड, पटौडी लग्गा गैड़, गैड, कोलियाणा, गडोली, धार गैड़, सौनियाणा, रीठिया व निगालसैंण गांव
सिलपाटा के सारकोट व परवाड़ी गांव
पंचाली के सिंलगी, बौसाड व सैंजी गांव
महलचैरी के आगर लग्गा गांवली, फरसौं, विसराखेत, भनोट ग्वाड, मैहलचैरी व रंगचैड़ा गांव।

यातायात दबाव कम करने के लिए मेट्रो परियोजना जरुरी

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने देहरादून, हरिद्वार जैसे शहरों में यातायात के बढ़ते दबाव को कम करने के लिये यातायात के सुविधायुक्त वैकल्पिक साधनों पर ध्यान देने पर बल दिया है।
मुख्यमंत्री आवास कार्यालय स्थित सभागार में उत्तराखण्ड मेट्रो रेल परियोजना के सम्बन्ध में मैसर्स डोपलमेयर लि0 तथा अल्ट्रा पी.आर.टी लि. द्वारा एम.आर.टी.एस की रोप वे एवं पर्सनल रेपिड ट्रांसपोर्ट (पी.आर.टी) प्रणालियों से सम्बन्धित प्रस्तुतीकरण का अवलोकन करते हुए यह निर्देश सम्बन्धित अधिकारियों को दिये। इस मौके पर नगर विकास मंत्री मदन कौशिक एवं मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह भी प्रस्तुतीकरण के दौरान मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के बड़े शहरों की जनसंख्या में निरन्तर वृद्धि हो रही है। इससे शहरों में आबादी का दवाब बढ़ रहा है तथा यातायात की समस्या पैदा हो रही है, इसके समाधान के लिये उन्होंने रोप-वे पी.आर.टी व मैट्रो जैसी योजनाओं पर ध्यान देने को कहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरों के मध्य घनी आबादी वाले क्षेत्रों में स्थान की कमी के दृष्टिगत अवागमन के ये साधन उपयुक्त हो सकते हैं, उन्होंने इसके लिये शहरों की स्थिति के अनुकूल व्यावहारिक योजना तैयार करने के भी निर्देश दिये।

डोपलमेयर लि. के प्रबन्ध निदेशक विक्रम सिंघल ने अपने प्रस्तुतीकरण में बताया कि उनके द्वारा अमेरिका जापान सहित 95 देशों में रोप-वे व पी.आर.टी योजनायें संचालित की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि शहरों में आवागमन के लिये रोप वे पी.आर.टी व मैट्रो जैसी परियोजनायें बेहतर साधन साबित हो रहे हैं। जबकि अल्ट्रा पी.आर.टी लि. यू.के, के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी नितिन कुमार ने अपने प्रस्तुतीकरण में इससे सम्बन्धित योजनाओं की जानकारी दी। इस अवसर पर सचिव आवास नितेश कुमार झा, उपाध्यक्ष एम.डी.डी.ए डा. आशीष कुमार श्रीवास्तव, प्रबन्ध निदेशक उत्तराखण्ड मैट्रो रेल परियोजना जितेन्द्र त्यागी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

उच्च शिक्षा मंत्री के बयान को ओछी मानसिकता करार दिया

उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने एलएसएम पीजी कॉलेज पिथौरागढ़ के साथ ही प्रदेश के सभी डिग्री कॉलेजों के स्टूडेंट्स को जरूरत के अनुरूप किताबें उपलब्ध कराने का भरोसा दिया है। हल्द्वानी में मीडिया से रूबरू मंत्री ने कहा कि जिला मुख्यालय के एक-एक कॉलेज में ई-लाइब्रेरी खोली जाएगी। स्टूडेंट्स देश-दुनिया की किताबें ऑनलाइन पढ़ सकेंगे।
गौलापार उच्च शिक्षा निदेशालय में पत्रकारों ने उच्च शिक्षा राज्य मंत्री से पिथौरागढ़ कॉलेज में चल रहे छात्र आंदोलन पर सवाल पूछा। जवाब में मंत्री ने कहा, पिथौरागढ़ कॉलेज में किताबों की कमी नहीं है। छह हजार छात्रसंख्या वाले कॉलेज में 1.10 लाख किताबें हैं। एक स्टूडेंट्स पर औसतन 18 पुस्तकें हैं। कॉलेज में 102 प्रोफेसर हैं। प्रदेश के किसी कॉलेज में इतने प्रोफेसर नहीं हैं। पुराने पाठ्यक्रम की किताबों पर मंत्री बोले, किताबें कभी पुरानी नहीं होती। मंत्री ने कहा, इसके बावजूद स्टूडेंट्स को और जरूरत महसूस होती है तो किताबें उपलब्ध कराई जाएगी। पिथौरागढ़ कॉलेज में डिजिटल लाइब्रेरी खोलने के लिए जितनी राशि की आवश्यकता हुई, 15 अगस्त से पहले दी जाएगी। जरूरत होने पर शिक्षक भी दिए जाएंगे। प्रदेश में छह कॉलेजों में प्राचार्य के पद रिक्त हैं, जिन्हें जल्द भरा जाएगा। कॉलेजों में मैदान, शौचालय, लैब बनवाकर नैक के अनुरूप तैयार किया जाएगा।

वास्तविक स्टूडेंट्स को मिलेंगी किताबें
मंत्री ने कहा कि प्रदेश में 104 कॉलेज हैं। 57 कॉलेजों में रूसा के माध्यम से पुस्तकें देने समेत अन्य निर्माण कार्य हो रहे हैं। शेष कॉलेजों को 14 अगस्त तक पुस्तकों के लिए बजट दिया जाएगा। उन्होंने कहा, आइ कार्ड, 75 फीसद उपस्थिति वाले स्टूडेंट्स को ही किताबें दी जाएगी। राजनीति के लिए कॉलेज में दाखिला लेने वालों को किताबें नहीं मिलेंगी। गेस्ट फैकल्टी का कार्यकाल बढ़ेगा
मंत्री ने कहा, कॉलेजों में कार्यरत गेस्ट फैकल्टी का कार्यकाल 30 जून को समाप्त हो गया है। इसे 11 माह के लिए बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोक सेवा आयोग से प्रोफेसरों की नियुक्ति जारी है। खाली पदों के भरने तक 25 हजार रुपये मासिक में अस्थायी असिस्टेंट प्रोफेसर नियुक्ति होंगे। नियुक्ति का अधिकार प्राचार्य को दिया जा रहा है। जरूरत पड़ने पर रिटायर्ड प्रोफेसर को बुलाया जाएगा।

दाखिले में लागू होगा सवर्ण आरक्षण
मंत्री ने कहा, कॉलेज प्रवेश में दस प्रतिशत सवर्ण आरक्षण का प्रावधान लागू होगा। जिन कॉलेजों की पहली सूची में सवर्ण आरक्षण का प्रावधान नहीं किया गया है, वहां बाद में आरक्षण के आधार पर सीटों की संख्या बढ़ाई जाएगी।

उच्च शिक्षा मंत्री के बयान को बताया ओछी मानसिकता
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत के पिथौरागढ़ में छात्रों के आंदोलन की जांच कराने के बयान को ओछी मानसकिता बताया है। गुरुवार को वह गैरसैण जाते समय रामनगर में रुके थे। एक रेस्टोरेंट में पत्रकारों से मुखातिब रावत ने कहा कि उच्च शिक्षा मंत्री को किताबें और शिक्षक की व्यवस्था करनी चाहिए, लेकिन वह आंदोलन को बाहरी बताकर उसमें राजनीति की आशंका जता रहे हैं। यह उच्च शिक्षा मंत्री का ओछा व छोटा बयान है। पूर्व सीएम ने कहा कि गैरसैंण में राजधानी की मांग के लिए धरना दे रहे पैंतीस आंदोलनकारियों पर सरकार ने मुकदमें करा दिए। आंदोलनकारियों ने अपनी गिरफ्तारी दी है। वह भी शुक्रवार को गैरसैंण पहुंचकर आंदोलनकारियों के समर्थन में अपनी गिरफ्तारी देंगे।
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद कुंजवाल व पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय भी एक दो दिन में गिरफ्तारी देने गैरसैंण जाएंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने कांग्रेस के गैरसैंण एजेंडे को ठप कर दिया। सचिवालय भवन सड़कें व आवासीय भवन का काम बंद है। कांग्रेस ने गैरसैंण में जमीन की खरीद फ रोख्त पर रोक लगाई थी। लेकिन भाजपा सरकार ने यह रोक हटा दी है। कहा कि कांग्रेस को। समस्याओं के लिए संघर्ष व लोंगों से संपर्क जीत दिलाएगा। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए युवा चेहरा नहीं होने के सवाल पर उन्होंने कोई टिप्पणी नहीं की। कहा 20 जुलाई तक स्थिति साफ हो जाएगा।

आखिरकार भाजपा ने लिया निर्णय, बर्खास्त हुए कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन

आखिरकार भाजपा ने खानपुर (हरिद्वार) के विवादित विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन को पार्टी से बर्खास्त कर दिया। बुधवार को प्रदेश संगठन ने केंद्रीय नेतृत्व को पत्र लिखकर उनकी बर्खास्तगी की सिफारिश की थी। गुरुवार को प्रदेश भाजपा की ओर से चैंपियन को बर्खास्तगी का नोटिस भी भेजा गया। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और प्रदेश प्रभारी श्याम जाजू ने चैंपियन के पार्टी से निष्कासन की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि हालिया वायरल वीडियो में उन्होंने जो और जिस तरह की हरकत की है, उसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उनकी इन्हीं हरकतों का संज्ञान लेते हुए राष्ट्रीय नेतृत्व से उनके निष्कासन की सिफारिश की गई थी, जिसे मंजूरी दे दी गई है।
विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन का विवादों से पुराना नाता रहा है। मार्च 2016 में कांग्रेस छोड़ भाजपा में आने के बाद भी वह लगातार विवादों में रहे। लोकसभा चुनाव के दौरान विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन और झबरेड़ा विधायक देशराज कर्णवाल के मध्य छिड़ी रही जुबानी जंग ने पार्टी को असहज कर दिया था। प्रकरण की जांच हुई लेकिन जब तक इस पर कोई कार्रवाई होती विधायक चैंपियन ने दिल्ली में पत्रकारों संग बदसलूकी कर डाली। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया में खूब उछला। इस पर पार्टी ने उन्हें तीन माह के लिए निलंबित कर दिया था। इस प्रकरण को हुए अब कुछ ही समय बीता था कि सोशल मीडिया पर चैंपियन का एक और वीडियो वायरल हुआ।
इसमें वह एक पार्टी के दौरान शराब पीते व हथियार लहराते नजर आए। वीडियो में वह उत्तराखंड को लेकर अभद्र और आपत्तिजनक टिप्पणी भी कर रहे थे। इस प्रकरण से असहज हुई भाजपा ने बीते रोज ही उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई के संकेत दे दिए थे। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनिल बलूनी ने इस मामले में सबसे पहले कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए मामले को केंद्रीय नेतृत्व के समक्ष उठाने की बात कही थी।
गुरुवार शाम प्रदेश प्रभारी श्याम जाजू ने बताया कि राज्य नेतृत्व की निष्कासन की सिफारिश पर भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व ने अपने मुहर लगा दी है। उन्होंने कहा कि लोक प्रतिनिधि का क्या और किस तरह का व्यवहार होना चाहिए, पार्टी में इसके मापदंड तय हैं। इसके आधार पर पार्टी सभी लोक प्रतिनिधियों के आचार-विचार का संज्ञान ले निर्णय करती है। उन्होंने कहा कि कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन को पार्टी ने तीन माह के लिए निलंबित कर दिया था मगर उन्होंने अपने आचरण में कोई सुधार नहीं किया।
इससे पहले गुरुवार को भाजपा प्रदेश महामंत्री अनिल गोयल ने विधायक कुंवर प्रणव को नोटिस भेजा, जिसमें यह कहा गया कि क्यों न उनका निष्कासन कर दिया जाए। वहीं, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी विधायक चैंपियन के बयान को अत्यंत लज्जाप्रद बताया। गुरुवार को मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि सामान्य व्यक्ति से भी इस तरह की अपेक्षा नहीं की जाती। इसे बिल्कुल उचित नहीं ठहराया जा सकता।

लक्ष्मणझूला पुल पर खतरा बढ़ा, समय रहते नही जागी सरकार

ऋषिकेश में लक्ष्मणझूला पुल की मियाद खत्म हो चुकी है, लिहाजा इस पर बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही अब खतरे से खाली नहीं है। इस बात का खुलासा पीडब्ल्यूडी की सर्वे रिपोर्ट में हुआ है। विभाग ने यह रिपोर्ट शासन को भेज दी है।
मामला इसलिए और अहम है, क्योंकि एक सप्ताह बाद ही कांवड़ यात्रा शुरू होने वाली है। प्रशासन से कांवड़ियों के नीलकंठ जाने के लिए लक्ष्मणझूला के जरिये ही रूट तय किया है। लक्ष्मणझूला पुल का निर्माण 1929 में हुआ था, जिसे आवाजाही के लिए 1930 में खोला गया था। करीब 90 साल पुराने इस पुल समेत 1986 में बने रामझूला पुल का पीडब्ल्यूडी के डिजाइनर पीके चमोली ने कुछ दिन पहले तकनीकी सर्वे किया था।
इसमें पुल की लोडिंग क्षमता और आयु आदि की जांच की गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक 89 साल पहले के डिजाइन और क्षमता के हिसाब से पुल आज इस स्थिति में नहीं है कि इस पर अब बड़ी संख्या में लोग आवाजाही कर सकें।

रामझूला पुल सुरक्षित
पुराने समय में झूला पुलों का निर्माण करते हुए पुल की क्षमता का ध्यान नहीं रखा जाता था, जबकि वर्तमान में 500 किलोग्राम प्रति स्क्वायर मीटर की क्षमता के झूला पुल बनाए जाते हैं।
सर्वे रिपोर्ट से स्थानीय पुलिस को भी अवगत करा दिया गया है। पीडब्ल्यूडी (नरेंद्रनगर डिवीजन) के एक्सईएन मोहम्मद आरिफ खान का कहना है कि शासन के निर्देशानुसार अगला कदम उठाया जाएगा। पीडब्ल्यूडी ने अपने सर्वे में हालांकि आवाजाही के लिहाज से रामझूला पुल को सुरक्षित पाया है। इससे आवाजाही की जा सकती है। बता दें कि इस पुल को बने हुए भी 33 साल हो चुके हैं।
वहीं, नरेंद्र नगर के विधायक सुबोध उनियाल ने बताया कि बोर्ड बैठक में यह मामला पीडब्ल्यूडी अधिकारियों ने उठाया था। अपर मुख्य सचिव, पीडब्ल्यूडी और डीएम पौड़ी को पुल के दोनों ओर बेरिकेडिंग लगाने को कहा गया है, ताकि एक बार में अधिक संख्या में लोग पुल पर न चढ़ें।

निकाय चुनाव में कांग्रेस को मिली संजीवनी, भाजपा चित्त

उत्तराखंड में श्रीनगर और बाजपुर नगर निकायों में सोमवार के हुए मतदान के बाद परिणाम जारी हुए। श्रीनगर और बाजपुर दोनों ही जगह कमल को पछाड़ पंजे ने पैठ जमाई। वहीं दून और ऋषिकेश दोनों ही जगह कमल खिला।

श्रीनगर पालिका अध्यक्ष पद पर कांग्रेस का कब्जा
श्रीनगर पालिका अध्यक्ष पर कांग्रेस कब्जा करने में सफल रही है। पार्टी प्रत्याशी पूनम तिवारी ने भाजपा प्रत्याशी सरोजनी रावत को 638 मतों से पराजित कर जीत दर्ज की। पूनम को 4413 और सरोजनी को 3775 मत मिले। निर्दलीय प्रत्याशी आशा उपाध्याय 2930 मतों के साथ तीसरे स्थान पर रही, जबकि भाजपा की बागी पूर्णकला जैन 1500 मतों के साथ चैथे स्थान पर रही।
नगर पालिका चुनाव में 23,126 मतदाताओं के सापेक्ष 13 हजार 204 मतदाताओं ने वोट डाले थे। बुधवार को तहसील परिसर में अध्यक्ष पद के लिए दो राउंड में मतगणना हुई। कांग्रेस प्रत्याशी पूनम तिवारी ने शुरुआती दौर में ही वार्ड एक से 447 मत प्राप्त कर बढ़त बना ली। भाजपा प्रत्याशी ने बढ़त को कम करने की कोशिश की, लेकिन निर्दलीय प्रत्याशी के ज्यादा मत हासिल करने से भाजपा प्रत्याशी कांग्रेस से आगे नहीं निकल पाईं। आरओ दीपेंद्र नेगी ने बताया कि अन्य निर्दलीय प्रत्याशियों में बीना चैधरी को 319 और सीमा भंडारी को 215 मत मिले। 52 मत नोटा के खाते में गए और 456 मत रद्द किए गए।

गित्ते ने बाजपुर में दिखाई ‘पंजे’ की ताकत
बाजपुर निकाय चुनाव का परिणाम कांग्रेस के लिए संजीवनी से कम नहीं है। चेयरमैन पद पर कांग्रेस प्रत्याशी गुरजीत सिंह गित्ते ने अपने प्रतिद्वंद्वी भाजपा प्रत्याशी राजकुमार को 2990 मतों से शिकस्त दी। गित्ते को 9025 मत मिले, जबकि राजकुमार को 6035 मत से संतोष करना पड़ा। 18,096 लोगों ने मताधिकार का प्रयोग किया था। मतगणना बुधवार को जीजीआईसी में सुबह आठ बजे से शुरू हुई। पहले चरण में कांग्रेस प्रत्याशी गुरजीत सिंह गित्ते को 4727 मत मिले, जबकि भाजपा प्रत्याशी राजकुमार को 2857 मत मिले। 1870 की लीड लेकर कांग्रेस प्रत्याशी गुरजीत सिंह गित्ते आगे ही रहे। भाजपा प्रत्याशी राजकुमार अंतिम चरण तक बढ़त नहीं ले पाए।
शाम 5ः45 बजे एसडीएमध्आरओ एपी वाजपेयी ने कांग्रेस प्रत्याशी गुरजीत सिंह गित्ते को 2990 मतों से विजयी घोषित कर प्रमाणपत्र सौंपा। इसी तरह चेयरमैन पद पर बसपा के अशोक कुमार गौतम को 66 मत, समाजवादी पार्टी के अरविंद यादव को 244 मत, निर्दलीय अजीम अहमद को 578 मत, निसार अहमद को 674 और महीपाल यादव को 512 वोट मिले। नोटा को 54 मत पड़े। अध्यक्ष पर पद 853 मत निरस्त हुए।

दून और ऋषिकेश के दोनों वार्डों में खिला कमल
दून और ऋषिकेश के दो वार्डों में हुए उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशियों ने जीत हासिल की है। देहरादून के आम वाला तरला वार्ड नंबर 61 में भाजपा की नीतू वाल्मीकि ने कांग्रेस की मोनिका को 190 मतों से मात दी। जबकि, ऋषिकेश के वार्ड नंबर तीन दुर्गा मंदिर में प्रियंका यादव ने कांग्रेस प्रत्याशी को 356 मतों से हराया। उपचुनाव के लिए आठ जुलाई को मतदान हुआ था।
बुधवार सुबह देहरादून नगर निगम उपचुनाव की मतगणना निगम परिसर और ऋषिकेश में हुए उपचुनाव की मतगणना तहसील परिसर में हुई। दोपहर करीब एक बजे परिणामों की घोषणा की गई। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व बीर सिंह बुदियाल ने बताया कि वार्ड नंबर 61 आमवाला तरला में नीतू वाल्मीकि को 1641 वोट पड़े। जबकि, उनकी प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस की मोनिका को 1451 मत मिले। इस तरह नीतू ने मोनिका को 190 मतों से मात देकर पार्षद पद पर कब्जा किया।
उधर, ऋषिकेश के दुर्गा मंदिर वार्ड में कांग्रेस की श्यामा राजभर को 567 वोट मिले। जबकि, भाजपा की प्रियंका यादव को 923 वोट पड़े। प्रियंका यादव को 356 वोट से विजयी घोषित किया। नवनिर्वाचित पार्षदों को अगले सप्ताह शपथ दिलाई जाएगी। अपर जिलाधिकारी ने बताया कि मतगणना के दौरान किसी की कोई शिकायत नहीं आई है।

दोनों वार्डों पर था कांग्रेस का कब्जा
नवंबर-2018 में हुए नगर निगम चुनाव में दोनों वार्डों पर कांग्रेस प्रत्याशी विजयी हुए थे। दुर्गा मंदिर वार्ड ऋषिकेश में कांग्रेस की रीना गुप्ता विजयी हुई थीं। जबकि, आमवाला तरला देहरादून में रीता रानी जीती थीं। लेकिन, दोनों ही प्रत्याशियों के जाति प्रमाणपत्र फर्जी पाए जाने पर उन्हें अयोग्य घोषित करते हुए चुनाव निरस्त कर दिए थे

विधायक के उत्तराखंड अपमान के बाद बैकफुट पर भाजपा

हाथों में बंदूक और तमंचा लहरा कर नाचने का वीडियो वायरल होने के कारण चर्चा में हुए उत्तराखंड के विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन भाजपा से निष्कासित होंगे। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने संसद भवन में प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट से इस दिशा में तत्काल कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया है। गौरतलब है कि विधायक को पार्टी पहले ही अनुशासनहीनता के आरोप में तीन महीने के लिए निलंबित कर चुकी है।
पार्टी सूत्रों ने बताया कि वीडियो वायरल होने के बाद पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख अनिल बलूनी ने बुधवार को इस मामले को अध्यक्ष अमित शाह के संज्ञान में लाया। बलूनी ने चैंपियन की कई अन्य करतूतों के बारे में शाह को अवगत कराया। इसके बाद संसद भवन में ही शाह ने प्रदेश अध्यक्ष भट्ट और बलूनी के साथ चर्चा की। इस दौरान पूरे मामले की शाह ने विस्तृत जानकारी ली। उन्हें बताया गया कि विधायक बनने के बाद से ही चैंपियन लगातार पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त रहे हैं। लोकसभा चुनाव के दौरान अपनी पत्नी के लिए टिकट मांग रहे चैंपियन ने वर्तमान मानव संसाधन मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक को प्रवासी पक्षी बताया था। इसी बैठक में शाह ने चैंपियन को पार्टी से निष्कासित करने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया।

निष्कासित हुए तो बढ़ेंगी मुश्किलें
विधायक चैंपियन की असली मुश्किलें पार्टी से निष्काषण के बाद शुरू होगी। वायरल वीडियो की जांच होगी। इस दौरान पता लगाया जाएगा कि जिस बंदूक और तमंचे को लहराते हुए विधायक ने नृत्य किया था वह लाइसेंसी है या नहीं।
इसके अलावा उनके द्वारा सरकारी संपत्ति पर नियम विरुद्ध कब्जा करने की भी जांच होगी। दरअसल शाह ने निष्कासन का आदेश देने के साथ ही उनसे जुड़े मामलों की जांच केभी आदेश दिए हैं।

पहले भी हो चुके हैं निलंबित
भाजपा प्रवक्ता अनिल बलूनी ने कहा कि विधायक के खिलाफ इससे पहले भी कई गंभीर और अस्वीकार्य शिकायतें आ चुकी हैं। वीडियो अत्यंत आपत्तिजनक है। ऐसी शिकायतों के करण ही उन्हें तीन महीने के लिए निलंबित किया गया था। अब इस मामले में उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

कांवड़ मेले में सभी व्यवस्थाएं दुरस्त होः मुख्यमंत्री

कांवड़ शुरू होने से पूर्व सभी व्यवस्थाएं पूर्ण कर ली जाय। सफल कांवड़ मेला सम्पन्न कराने के लिए पड़ोसी राज्यों के अधिकारियों से भी निरंतर समन्वय बनाये रखें। कांवड़ के दौरान भीड़ प्रबंधन के लिए सुनियोजित प्लानिंग की जाय। कावंड़ के दौरान सुरक्षा की चाक -चैबंद व्यवस्था की जाय। स्वास्थ्य, सफाई, पेयजल, टॉयलेट व अन्य आवश्यक सामग्रियों की समुचित व्यवस्था की जाय। यह निर्देश मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सचिवालय में कांवड़ मेले की व्यवस्थाओं की बैठक लेते हुए अधिकारियों को दिये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 17 से 30 जुलाई 2019 तक होने वाले कांवड़ मेले को सकुशल सम्पन्न कराने के लिए सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करें। देहरादून, मसूरी व चारधाम यात्रा के लिए आने वाले यात्रियों को रूड़की, हरिद्वार और ऋषिकेश शहरों के बीच से न जाने के बजाय बाईपास से जाने के प्रेरित किया जाय। रूट चार्ट का व्यापक स्तर पर प्रचार प्रसार भी किया जाय। कांवड़ यात्रा मार्गों पर सड़क, मेडिकल, पेयजल आदि की सुदृढ़ व्यवस्था की जाय। डाक कांवड़ के दौरान सुरक्षा व्यवस्था व भीड़ प्रबंधन के लिए पूरी योजना बनाई जाय। व्यापार मंडल व संत समाज के साथ बैठक कर उनसे भी सकुशल कांवड़ सम्पन्न कराने के लिए सहयोग लिया जाय। यह सुनिश्चित किया जाय कि कांवड़ यात्रा मार्गों पर दिशा सूचक, रूट डायवर्जन साइनेज की समुचित व्यवस्था हो। कांवड़ के दौरान विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले वाहनों के लिए पार्किंग की उचित व्यवस्था हो। कांवड़ यात्रा वाले मार्गों पर कहीं भी झूलते हुए बिजली के नंगे तार न हों।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांवड़ से पूर्व घाटों की सफाई की समुचित व्यवस्था की जाय। घाटों पर सुरक्षा के दृष्टिगत चैन व जल पुलिस की व्यवस्था की जाय। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांवड़ के दौरान स्पेशल ट्रेन की मांग रेलवे से की जाय। इस तरह से योजना बनाई जाय कि कांवड़ के दौरान निर्माण से संबंधित कार्य अवरूद्ध न हों। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी हरिद्वार से कांवड़ की तैयारियों की विस्तार से जानकारी ली।
पुलिस महानिदेशक अनिल कुमार रतूड़ी ने कहा कि कांवड़ के दौरान लगभग 3 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की सम्भावना है। शान्तिपूर्ण व सौहार्दपूर्ण कांवड़ सम्पन्न कराने के लिए 10 हजार सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जायेगी। सीमावर्ती प्रदेशों के पुलिस अधिकारियों के साथ कांवड़ के सम्बन्ध में कोर्डिनेशन मीटिंग की जा चुकी है। कांवड़ के लिए सीमावर्ती राज्यों के साथ 6 ज्वाइंट पुलिस चैकपोस्ट बनाये गयो हैं।
बैठक में बताया गया कि कांवड़ मेला क्षेत्र चार जनपदों हरिद्वार, देहरादून, पौड़ी व टिहरी में है। कावंड़ मेला क्षेत्र में कुल 36 जोन व 149 सेक्टर बनाये गये हैं। जिसमें से जनपद हरिद्वार में 04 सुपर जोन, 26 जोन व 100 सेक्टर बनाये गये हैं।
बैठक में मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, सचिव नितेश झा, शैलेश बगोली, दिलीप जावलकर, अरविन्द सिंह ह्यांकी, डीजीपी कानून व व्यवस्था अशोक कुमार, मेलाधिकारी हरिद्वार दीपक रावत, जिलाधिकारी हरिद्वार दीपेन्द्र कुमार, जिलाधिकारी देहरादून सी. रविशंकर व सबंधित अधिकारी उपस्थित थे।