श्रद्धालुओं के लिये बद्रीनाथ धाम में लगा हारपरबेरिक ऑक्सीजन चैंबर

यात्रियों की आमद को देखते हुये सूबे के सीएम ने श्रद्धालुओं के चिकित्सा सुविधा की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश स्वास्थ्य विभाग को दिए है। इसके तहत बद्रीनाथ धाम में हाइपरबेरिक ऑक्सीजन चैंबर लगाया गया है, जबकि केदारनाथ धाम, गंगोत्री व यमुनोत्री में भी यह सुविधा जल्द शुरू होने वाली है।

उत्तराखंड सचिव स्वास्थ्य नितेश झा ने बताया कि यात्रा मार्ग पर चिकित्सा अधिकारी/फार्मेसिस्ट एवं अन्य पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती कर दी गई है। मधुमेह, उच्च रक्तचाप वाले लोगों एवं वरिष्ठ नागरिक को आकस्मिक उपचार के लिए इकोस्प्रिन एवं सोर्बिट्रेट दवाओं की व्यवस्था की गई है। अधिक ऊचाँई पर होने वाले रोगों के उपचार हेतु प्रशिक्षित ‘सिक्स सिगमा हेल्थ केयर’, नई दिल्ली द्वारा उत्तराखण्ड में चारांे धाम के यात्रा मार्गों पर 21 जून तक विशिष्ठ सेवाएं दी जायेगी। इस हेल्थ केयर सेंटर द्वारा केदारनाथ धाम में कार्डियोलॉजिस्ट, पल्मोनोलॉजिस्ट की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। यमुनोत्री धाम में भी शीघ्र ही कार्डियोलॉजिस्ट उपलब्ध कराये जाएंगे। चारधाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हेल्पलाइन नम्बर-104 को भी सुदृढ़ किया गया है। जिसके माध्यम से सभी स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक सूचना दी जायेगी तथा शिकायत एवं सुझाव भी लिए जायेंगे। हेल्प लाइन के माध्यम से चारधाम यात्रा मार्गो पर श्रद्धाुलुओं को स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी भी उपलब्ध कराई जायेगी।

उन्होंने बताया कि चारधाम यात्रा मार्गों में कुल 20 स्थानों पर मेडिकल रिलीफ पोस्ट बनाये गये हैं। 08 स्थानों पर फर्स्ट मेडिकल रिस्पोन्डर की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जबकि 103 स्थानों पर चिकित्सा इकाईयां बनाई गई हैं। इसके अलावा विशेषज्ञ चिकित्सकों, फार्मासिस्टों एवं स्टाफ नर्स की समुचित व्यवस्था की गई है। चारधाम यात्रा मार्ग में 50 प्रमुख स्थानों पर एम्बुलेंस की व्यवस्था की गई।

चीन सीमा को जाने वाला गंगोरी बेली ब्रिज तैयार

भारत-चीन सीमा को जोड़ने वाला गंगोत्री हाइवें पर बना गंगोरी बेली ब्रिज तनकर तैयार हो गया है। सीमा सड़क संगठन के चीफ इंजीनियर वीएसएम एएस राठौर ने पुल का उद्घाटन किया।

उन्होंने बताया कि 1.3 करोड़ रुपये की लागत से 190 फीट लंबे इस बेली ब्रिज को बीआरओ के जवानों ने सात दिन में तैयार किया है। पुल की भार क्षमता 18 टन से बढ़कर 40 टन होगी। तय समय से पहले पुल का निर्माण होने पर जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने बीआरओ की टीम को बधाई दी।

विदित हो कि एक अप्रैल को भारत-चीन सीमा पर स्थित गंगोत्री धाम व भटवाड़ी ब्लाक के 42 गांवों को जोड़ने वाला असी गंगा नदी पर बना गंगोरी बेली ब्रिज टूट गया था। ब्रिज बीआरओ ने आठ जनवरी 2018 में बनाया था, लेकिन उसकी भार क्षमता सिर्फ 18 टन थी। बीती एक अप्रैल को एक रेत से भरे डंफर के भार से ही पुल टूट गया था।

इसके बाद वैकल्पिक व्यवस्था के लिए बीआरओ ने असी गंगा नदी में ह्यूम पाइप डालकर मार्ग तैयार किया। ताकि वाहनों की आवाजाही सुचारु रहे। बरसात से पहले नया पुल तैयार करने के दबाव के बीच बीआरओ ने इस टूटे पुल को हटाने और नया पुल बनाने की योजना तैयार की। इसके लिए पठानकोट, चंडीगढ़, भारत-चीन सीमा के रिमझिम बॉर्डर, जोशीमठ और ऋषिकेश से सामान एकत्र किया गया। 12 अप्रैल तक सामान एकत्र होने के बाद 13 अप्रैल से बीआरओ के जवानों ने ब्रिज को जोड़ने का कार्य शुरू किया। ब्रिज के निर्माण में बीआरओ ने आर्मी से भी तकनीकी सहयोग लिया।

राज्य सरकार के लेटलतीफी पर हाईकोर्ट ने जताई नाराजगी

हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को 23 अप्रैल तक निकायों के परिसीमन की जानकारी राज्य निर्वाचन आयोग को देने के आदेश दिए है। अगली सुनवाई 24 अप्रैल की नियत की है।

इस मामले में सुनवाई न्यायाधीश न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की एकलपीठ में हुई। निर्वाचन आयोग के अधिवक्ता संजय भट्ट ने बताया कि कोर्ट ने परिसीमन, आरक्षण निर्धारण, मतदाता सूची आदि की मौजूदा स्थिति के अनुसार चुनाव कराने व बेवजह चुनाव न टालने को कहा है।

सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि सरकार चुनाव को पूरी तरह तैयार है। 12 मई को चुनाव कार्यक्रम आयोग को सौंप दिया जाएगा। इससे पहले परिसीमन, आरक्षण निर्धारण व अन्य कार्य पूरे कर लिए जाएंगे।

यहां बता दें कि राज्य में निकाय चुनाव की अधिसूचना जारी ना करने पर चुनाव आयोग द्वारा हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की गई। जिसमें कहा है कि तीन मई से पहले राज्य में निकाय कराना संवैधानिक बाध्यता है, इसलिये राज्य सरकार को निर्देश दिये जाएं कि चुनाव की अधिसूचना जारी की जाए।

राज्य में चुनाव की अधिसूचना जारी करने का अधिकार राज्य सरकार को है। राज्य सरकार ने चुनाव आयोग की इस याचिका का जवाब दाखिल किया था। हाईकोर्ट ने सरकार से 23 अप्रैल तक चुनाव को लेकर अंतिम रिपोर्ट भी दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।

तीन जिला आबकारी अधिकारी निलंबित

आबकारी मंत्री प्रकाश पंत ने शराब की दुकानों से हो रही राजस्व की हानि के लिये तीन अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया है। पंत ने इन तीनों आबकारी अधिकारियों को निलंबित करने के निर्देश अपर मुख्य सचिव डा. रणबीर सिंह को दिए है।

पंत के निर्देश पर अपर मुख्य सचिव डा. रणबीर सिंह ने जिला आबकारी अधिकारी देहरादून मनोज कुमार उपाध्याय, जिला आबकारी अधिकारी हरिद्वार प्रशांत कुमार व जिला आबकारी अधिकारी चंपावत राजेंद्र लाल को निलंबित कर आबकारी आयुक्त कार्यालय से संबद्ध कर दिया है। साथ ही शासन ने नई तैनाती तक तीनों जिलों के अपर जिला अधिकारी को अतिरिक्त रूप से यह जिम्मेदारी दी है। सरकार ने उक्त मामले की विस्तृत जांच कराने का निर्णय भी लिया।

प्रदेश में वित्तीय वर्ष 2017-18 के लाइसेंस समाप्त होने के बाद शासन ने इन जिलों में एक माह के लिए शराब की दुकानों के लाइसेंस जारी किए थे। हर जिले के लिए बकायदा राजस्व लक्ष्य भी तय किया गया। इन दुकानों के आवंटन के बाद ये तथ्य सामने आए कि इनमें से कई दुकानें निर्धारित से कम कीमत पर आवंटित की गई। इससे विभाग को करोड़ों रुपये के राजस्व की हानि हुई।

कुछ दिनों पहले आबकारी मंत्री प्रकाश पंत ने निर्धारित से कम कीमतों पर दुकानों का आवंटन व इससे राजस्व में हुए नुकसान पर गहरी नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई थी। अब शासन ने देहरादून, हरिद्वार और चंपावत जिलों में हुए नुकसान को देखते हुए तीनों जिलों के जिला आबकारी अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। इन्हें निलंबन के दौरान आधा वेतन दिया जाएगा। इन्हें आरोप पत्र अलग से दिए जाएंगे।

शासन ने इन अधिकारियों के निलंबन के बाद देहरादून में एडीएम प्रशासन अरविंद कुमार पांडेय, हरिद्वार में एडीएम वित्त ललित नारायण मिश्र और चंपावत में एडीएम प्रशासन एवं वित्त हेमंत कुमार वर्मा को संबंधित जिलों के जिला आबकारी अधिकारी का दायित्व सौंपा गया है। आबकारी मंत्री प्रकाश पंत ने बताया कि अपर मुख्य सचिव आबकारी को इस पूरे मामले की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए गए हैं, जांच अधिकारी वे ही नियुक्त करेंगे।

जनता की खुशहाली के लिये एकजुट होंगे भारत और नेपाल

भारत और नेपाल एक दूसरे के नागरिकों की खुशहाली और गरीबी दूर करने के लिये एकजुट होकर कार्य करेंगे। कृषि क्षेत्र में यह कार्य सार्थक सिद्ध होगा। यह बात नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने पंतनगर विवि में कार्यक्रम के दौरान कही।

पंतनगर एयरपोट पर पहुंचने पर नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली का राज्यपाल केके पॉल व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बुके देकर स्वागत किया। परंपरागत कुमाऊं के रीति रिवाज के तहत प्रधानमंत्री केपीएस ओली का स्वागत किया गया। प्रधानमंत्री के सम्मान में कलाकारों ने छोलिया नृत्य एयरपोर्ट पर प्रस्तुत किया। इसके उनका काफिला पंतनगर विवि के लिए रवाना हो गया।

ओली अपनी धर्मपत्नी राधिका शाक्य और नेपाल के 33 सदस्यीय दल के साथ उत्तराखंड दौरे पर आए हुए हैं। उनकी इस यात्रा का मकसद दोनों देशों के बीच कृषि तकनीक के आदान-प्रदान को बढ़ाना है। रविवार को गोविंद बल्लभ पंत कृषि विवि, पंतनगर के गांधी हॉल में राज्यपाल केके पाल ने उन्हें विज्ञान वारिधि की मानद उपाधि से सम्मानित किया।

समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ओली ने कहा कि हमारी धार्मिक आस्थाएं एक-दूसरे के साथ हैं। नेपाल की जनता भी भारत के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलना चाहती है। पीएम ओली ने कहा कि नेपाल की दो तिहाई जनसंख्या कृषि पर निर्भर है, लेकिन आधुनिकीकरण एवं यांत्रिकीकरण में काफी पीछे हैं। हमारे दो कृषि विवि हैं, लेकिन वे अभी प्रारंभिक अवस्था में हैं। उन्हें मजबूती प्रदान करने के लिए पंतनगर विवि का सहयोग लिया जाएगा।

जीबी पंत कृषि विवि के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यहां बहुत कुछ सीखने को है। बोले, विवि ने जो सम्मान उनको दिया, वह उनके लिए नई प्रेरणा का काम करेगा। उन्होंने कहा कि भारत ने जो पहल की है, नेपाल उसमें अपना पूरा योगदान देगा। इससे पहले ओली ने विवि के ब्रीडर सीड्स प्रोसेसिंग यूनिट और बीज अनुसंधान केंद्र का निरीक्षण किया।

राज्यपाल डॉ. केके पॉल ने कहा कि नेपाल एवं उत्तराखंड इतिहास, संस्कृति, व्यापार के साथ-साथ अन्य बहुत सी समानताएं रखते हैं। चुनौतियां भी एक जैसी हैं तथा दोनों मिलकर अपने लोगों की बेहतरी, वातावरण सुरक्षा एवं प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा के लिए काम कर सकते हैं। उन्होंने नेपाल एवं उत्तराखंड की समान परिस्थितियों को देखते आपसी सहयोग के पांच बिंदुओं का उल्लेख किया।

आबकारी विभाग की टीम पर जानलेवा हमला, जांच शुरू

देहरादून में एक मामला ऐसा सामने आया है जहां आबकारी विभाग द्वारा छापेमारी के दौरान गयी टीम को अपनी जान की खातिर संघर्ष करना पडा़। इस दौरान अधिकारियों के वाहन को जलाने का भरपूर प्रयास किया गया।

रायपुर रोड स्थित शराब के एक अवैध गोदाम पर छापा मारने की गई आबकारी विभाग की टीम पर वहां के कर्मचारियों ने धावा बोल दिया। इतना ही नहीं आबकारी अधिकारियों के वाहन को जलाने का भी प्रयास भी हुआ। जब इसकी सूचना आबकारी आयुक्त डॉ. वी षणमुगम, जिलाधिकारी एसए मुरुगेशन को मिली तो हड़कंप मच गया। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर सीओ डालनवाला जया बलूनी फोर्स लेकर मौके पर पहुंचीं तो उस समय गोदाम कर्मियों ने टीम को घेर रखा था।

पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लेकर आबकारी अधिकारियों को मुक्त कराया गया। इस दौरान आबकारी सिपाही विनीत कुमार को चोटें भी आईं। पुलिस ने सहायक आबकारी आयुक्त रेखा जुयाल की तहरीर पर मामला दर्ज कर आरोपित दिनेश मलहोत्र और बलवीर को गिरफ्तार कर लिया है। मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

इससे पूर्व आबकारी मुख्यालय को सूचना मिली थी कि रायपुर रोड पर चूना भट्टा स्थित देशी शराब की दुकान के पास शराब का अवैध गोदाम बनाया गया है। आबकारी आयुक्त डॉ. वी षणमुगम के निर्देश पर गुरुवार दोपहर बाद सहायक आयुक्त राजीव सिंह, रेखा जुयाल व मीनाक्षी टम्टा के नेतृत्व में पहले दुकान के स्टॉक की जांच की गई और फिर दुकान से काफी दूर बनाए गए गोदाम पर छापा मारा गया। इससे पहले कि टीम गोदाम तक पहुंच पाती, वहां पहले से मौजूद कर्मचारियों ने टीम पर धावा बोल दिया। एक व्यक्ति मिट्टी तेल की बोतल लेकर टीम के वाहन की तरफ दौड़ा। हालांकि, आबकारी निरीक्षक आनंद सिंह व ज्योति वर्मा ने उन्हें विफल कर दिया। तभी कुछ और लोग वहां पहुंच गए और उन्होंने टीम को घेर लिया। गनीमत रही कि पुलिस फोर्स कुछ ही देर में वहां पहुंच गई।

निकाय चुनावः फिर से आमंत्रित होंगी आपत्ति, होगी सुनवाई

अब ऋषिकेश और कोटद्वार का नगर निगम बनना बिल्कुल तय है। अब इन पर आपत्ति आमंत्रित की जायेगी। इसके बाद अंतिम अधिसूचना जारी हो जायेगी। राज्य के शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने इस बात की पुष्टि की है।

राज्य सरकार ने 24 निकायों के सीमा विस्तार और गठन से संबंधित अनंतिम अधिसूचना जारी कर दी है। इसमें पांच नगर निगम व 19 नगर निकाय शामिल हैं। शासन की ओर से किए गए सीमा विस्तार पर हाईकोर्ट के निर्देश के बाद राज्य सरकार ने 24 निकायों के सीमा विस्तार व गठन को लेकर नए सिरे से आपत्तियां आमंत्रित की थीं। इन निकायों में नगर निगम देहरादून, काशीपुर, हरिद्वार, हल्द्वानी व रुद्रपुर, नगर पालिका परिषद कोटद्वार व ऋषिकेश (पूर्व में नगर निगम के रूप में उच्चीकृत), नगर पालिका परिषद भवाली, अल्मोड़ा, बागेश्वर, टनकपुर, विकासनगर, डोईवाला, पिथौरागढ़, किच्छा, चंबा, खटीमा, नगर पंचायत भीमताल, लंबगांव, चिन्यानौला (रानीखेत), नंदप्रयाग, तिलवाड़ा, चमियाला व सेलाकुई शामिल थे। इन सभी स्थानों से मिली आपत्तियों को सुनने और इनका निस्तारण करने के बाद शासन को रिपोर्ट भेजी गई थी। इनका शासन में परीक्षण चल रहा था। इस मामले में कोर्ट में 11 अप्रैल को सुनवाई होनी है।

सरकार ने अपनी तैयारियों को पुख्ता रूप देते हुए गुरुवार देर शाम इसकी अनंतिम अधिसूचना जारी कर दी है। अब इस अधिसूचना पर भी आपत्तियां मांगी जाएंगी। माना जा रहा है कि इनके निस्तारण में कम से कम तीन से चार दिन का समय लगेगा। इसमें बाद अंतिम अधिसूचना जारी की जाएगी।

शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि अनंतिम अधिसूचना से संबंधित पत्रवली पर उन्होंने हस्ताक्षर कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि चुनावांे को लेकर सरकार दस मई तक अपनी ओर से सारी तैयारियां पूरी कर लेगी।

राज्य के चहुंमुखी विकास के लिये सरकार कृत संकल्पः त्रिवेन्द्र

त्रिवेन्द्र ने सरकारी विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था में जन सहयोग से अच्छी सुविधायें लाकर शिक्षा की गुणवत्ता में बढ़ोत्तरी के लिए ’’रूपान्तरण अभियान’’ का शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कक्षा 06 से 12 तक के गरीब एवं वंचित वर्ग के बच्चों को गुणवत्ता युक्त शिक्षा प्रदान करने के लिये गढ़वाल एवं कुमाऊं मण्डलों में एक-एक विशेष विद्यालय खोले जायेंगे। कुमाऊं मण्डल में यह विद्यालय अल्मोडा में खोला जायेगा। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी को निर्देश दिये कि विद्यालय के लिये भूमि चयनित कर शीघ्र ही प्रस्ताव शासन को उपलब्ध करायें।

’’रूपान्तरण अभियान’’ का मुख्य उद्देश्य सरकारी विद्यालयों को भौतिक संसाधनों से युक्त बनाना तथा फर्नीचर, स्वच्छ पेयजल, पंखा, हीटर, क्रीड़ा सामग्री व्यवस्था, कम्प्यूटर प्रोजेक्टर के माध्यम से स्मार्ट क्लास का संचालन, सुरक्षित व सुसज्जित भवन, विद्यार्थियों की अन्य मूलभूत आवश्यकताएं, शिक्षकों अभिप्रेरण जिससे वे अपना अधिकतम योगदान शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने में दे सकें, छात्र-छात्राओं में रचनात्मकता, सृजनशीलता एवं मानवता की भावनाओं का विकास, समाज को सरकारी विद्यालयों के प्रति संवेदनशील एवं सहयोग हेतु प्रेरित करना मुख्य हैं।

मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन व विद्यालयी शिक्षा द्वारा अल्मोड़ा में चलाये गये इस अभियान की प्रशंसा की। संयुक्त मजिस्ट्रेट रानीखेत हिमांशु खुराना व उप शिक्षाधिकारी गीतिका जोशी सहित शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारियों द्वारा किये गये इस रूपान्तरण कार्यक्रम के लिए उन्होंने अधिकारियों की भी प्रशंसा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के चहुॅमुखी विकास के लिए सरकार कृत संकल्प है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कहा कि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश के चार धामों को टेल-मेडिसन सुविधा से शीघ्र जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। यही नहीं एचपी कम्प्यूटर कम्पनी द्वारा भी राज्य के चिकित्सालयों में अपनी सुविधाएं देने की बात की गयी है ताकि चिकित्सालय भी तकनीक के क्षेत्र में समृद्ध हो सकें।

संतुलन खो एमआई-17 हुआ क्षतिग्रस्त

केदारनाथ में सेना का एक एम-17 हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में पायलट समेत चार लोग घायल हो गए। लैंडिंग के वक्त हेलीकॉप्टर क्रैश हुआ। बताया जा रहा है कि पायलट निर्माणाधीन पुल के लोहे को बचाने में संतुलन खो बैठा और हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया।

भारतीय वायुसेना के इस हेलीकॉप्टर में निर्माण कार्यों से जुड़ा मैटेरियल भरा हुआ था। गुप्तकाशी से ये हेलीकॉप्टर केदारनाथ जा रहा था, जहां निर्माण के लिए सामान पहुंचाना था। हादसे से हेलीकॉप्टर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उससे धुंआ निकलने लगा। समय रहते लोगों को बाहर निकाल लिया गया।

बता दें कि केदारनाथ आपदा के दौरान 2013 में भी एक एमआई-17 हेलीकॉप्टर क्रैश हुआ था। उस वक्त हादसे में आठ लोगों की जान चली गई थी। भारतीय वायुसेना ने कहा कि एमआई-17 केदारनाथ में दुर्घटनाग्रस्त हो गया है। इसमें सवार सभी पैसेंजर्स सुरक्षित हैं। हादसे की जांच की जा रही है।

लोस, विस के बाद निकाय चुनाव में भी करें भाजपा का समर्थन

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि नगर निगमों को 1500 करोड़ रूपये दिये गये है। 2000 कर्मियों की भर्ती भी नगर निकायों में की जाएगी। जिसमें पर्यावरण मित्र तथा अन्य स्टाफ होगा। नगर निकायों में जो नए क्षेत्र मिलाए गए है, आने वाले 10 सालों तक उनसे कोई टैक्स ( होम टैक्स आदि) नहीं लिया जायेगा। 

उन्होंने जनता से अपील की, कि जिस तरह से लोकसभा और विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशियों को समर्थन दिया, उसी तरह आने वाले निकाय चुनाव में भी दें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार निकाय में दो हजार स्टाफ की भर्ती करने जा रही है। जिसमें पर्यावरण मित्र व अन्य स्टाफ होगा। कार्यक्रम के दौरान परिसीमन के बाद 24 निकायों में सीमा विस्तार की नाराजगी को दूर करने के लिए मुख्यमंत्री ने टैक्स माफी और विकास कार्यो को गति देने पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि सरकार जीरो टोलरेंस पर काम कर रही है। ऐसे में राज्य को लोकायुक्त की जरूरत महसूस नहीं होगी। इसके शुरुआती परिणाम देखने को मिल रहे हैं। गैरसैंण में बजट सत्र को ऐतिहासिक बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता की जरूरतों के अनुरूप राज्य का बजट तय हुआ है। इस बजट से राज्य के विकास को नई गति मिलेगी। भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म करने के लिए सरकार काम कर रही है। इसमें जनता का सहयोग चाहिए। उन्होंने कहा कि एनएच मुआवजा घोटाले में फंसे लोग अब कार्रवाई की डर से पैसा वापस कर रहे हैं। अब तक दो करोड़ रुपये वापस आ गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्द पानी की समस्या खत्म होगी। सभी को ग्रेविटी वाटर का लाभ दिया जायेगा। देहरादून के 43 गांवों में इसकी शुरुआत की जा रही है। इससे 60 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष बिजली का खर्चा बचेगा, और जनता को स्वच्छ जल उपलब्ध हो सकेगा।