सचिवालय में ई-पास के लिये ऐसे करे आवेदन

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सचिवालय में सचिवालय व विधानसभा में प्रवेश हेतु आगन्तुकों के लिए ई-गेट पास सिस्टम का शुभारम्भ किया। सचिवालय व विधानसभा में वर्तमान पास व्यवस्था के साथ-साथ ई-पास व्यवस्था लागू की गयी है। यह स्वचालित व्यवस्था है। आगन्तुकों, कर्मचारियों तथा कार के लिए किसी भी स्थान तथा किसी भी समय गेट पास बनाया जा सकता है। ई-पास व्यवस्था हेतु पूर्व-पंजीकरण करवाया जा सकता है। इससे बाहर से आने वाले आगन्तुकों की पहचान आसानी से हो सकेगी। इससे गेट पास में शुद्धता, ज्यादा साफ फोटाग्राफ तथा एमआईएस रिर्कोडिग सुनिश्चित होगी।

ई-पास व्यवस्था की प्रक्रिया

ई-पास व्यवस्था हेतु आगन्तुक अपने तथा अपने वाहन के लिए सम्बन्धित अधिकारी से निर्धारित तिथि पर मिलने के लिए गेट पास हेतु मळंजमचंेे.नाण्पद पर ऑनलाईन रजिस्ट्रेशन कर सकते है।

एक बार आगन्तुक द्वारा गेटपास हेतु आवेदन करने पर एप्लीकेशन द्वारा सम्बन्धित कार्यालय को स्वीकार-अस्वीकार करने हेतु भेजा जायेगा। एक बार आवेदन स्वीकार होने पर आगन्तुक को उनके उनके मोबाइल एवं ई-मेल पर एक ओटीपी भेजा जायेगा। आगन्तुक ओटीपी भरकर गेटपास के बूथ पर गेटपास प्रिंट कर सकता है। आगन्तुक गेटपास एप पर भी गेटपास हेतु आवेदन कर सकता है।

निदेशक आईटीडीए अमित सिन्हा ने बताया कि ई-पास सिस्टम के सम्बन्ध में आईटीडीए के माध्यम से सॉफ्टवेयर तैयार किया गया है तथा गेट पास बूथ से गेट पास हेतु कम्प्यूटर भी स्थापित कर दिया गया है। जिसका संचालन सुरक्षा कर्मिकों के द्वारा किया जा रहा है। साथ ही ई-गेट पास सुविधा के सम्बन्ध आईटीडीए के माध्यम से सचिवालय व विधानसभा में तैनात 92 निजी सचिवों को व्यवहारिक प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है।

देश की नजर आज उत्तराखंड परः त्रिवेन्द्र

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने जनता मिलन हॉल में उत्तराखण्ड सरकार एवं वर्ड हिन्दू इकोनॉमिक फोरम के तत्वावधान में उद्यमियों एवं विषय विशेषज्ञों के साथ आयोजित आर्थिक परिचर्चा में प्रतिभाग किया। उन्होंने उद्यमियों का आभार व्यक्त कर कहा कि इस परिचर्चा से प्रदेश में पर्यटन, शिक्षा, उद्योग, आईटी, कृषि आदि के क्षेत्र में हुए मंथन का लाभ प्रदेश को मिलेगा तथा विकास के प्रति हमारी सोच को नया दायरा मिलेगा।

मंगलवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी श्री केदारनाथ के कपाट खुलने व बन्द होने के समय दो बार श्री केदारनाथ आये। उनकी सोच स्पष्ट है कि दुनिया के 120 करोड़ हिन्दू उत्तराखण्ड की चारधाम यात्रा पर आना चाहते है। इसके लिये इस देवभूमि में सड़क, रेल व वायु परिवहन सेवाओं का बेहतर होना आवश्यक है, इसी दिशा में उन्होंने 12 हजार करोड़ रूपये ऑल वेदर रोड, 13 हजार करोड रूपये भारतमाला योजना तथा 1600 करोड रूपये ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन के लिये स्वीकृत किये है, जिस पर कार्य तेजी से किया जा रहा है।
जॉलीग्रांट हवाई अड्डे को एलीवेटेड रूप में विस्तार कर इसे अन्तर्राष्ट्रीय स्तर का बनाने के प्रयास किये जा रहे हैं। इसके साथ ही पंतनगर हवाई अड्डे, चिन्यालीसौड, नैनी सैनी हवाई पट्टियों के विस्तारीकरण के साथ ही चौखुटिया में नई हवाई पट्टी बनायी जायेगी। उत्तराखण्ड में भविष्य के पर्यटन का आधार तैयार किया जा रहा है।

कई फिल्मों का फिल्मांकन यहां पर किया जा रहा है। इसके लिये सूटिंग फीस को माफ किया गया है। जनपद चमोली के सीमांत गांव घेस व हिमनी को वाई-फाई सुविधा से जोडा गया है। 36 अस्पताल व ब्लड बैंको, दवा स्टोरों को ऑनलाइन किया गया है। टेली मेडिसिन से जुडे अस्पतालो को अपोलो अस्पताल से जोडा गया है। जहां से विशेषज्ञ डॉक्टरो का परामर्श प्राप्त किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के 144 ई-अस्पतालों में से 47 उत्तराखण्ड में है। उन्होंने कहा कि नई तकनीकि के माध्यम से स्वास्थ्य क्षेत्र की कमियों को दूर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 03 साल के अन्दर प्रदेश के सभी गांवों को ऑप्टीकल फाइवर से जोडने का हमारा प्रयास है, इससे प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों के लोग देश व दुनिया को देख सकेंगे।

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि उत्तराखण्ड सदियो से साधको मनीषियों व पर्यटको के आर्कषण का केन्द्र रहा है। प्रदेश में गढवाल व कुमाऊं में 24 धार्मिक पर्यटन सर्किट बनाये जा रहे है। चारधाम पैदल यात्रा मार्ग की हजारों साल पुरानी परम्परा की शुरूआत की जा रही है। इससे हमारे पड़ाव व चट्टियों को पुनर्जीवित करने तथा पलायन रोकने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि लोकल खान-पान व ट्राईवल दूरिज्म को भी बढ़ावा दिये जाने की योजना हमारी है।

पशु पक्षियों के संरक्षण के लिये जनता को आगे आना होगाः हरक

तीन दिवसीय वर्ल्ड फेस्टिवल का शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड में जैव विविधता की दृष्टि से अपार संभावनाएं है। सरकार हर क्षेत्र में आगे बढ़कर कार्य कर रही है। जिससे उत्तराखंड में पर्यटन और तीर्थाटन को बढ़ावा मिल सके।

उत्तराखंड वन विभाग द्वारा थानो वन रेंज में पहली बार आयोजित वर्ल्ड फेस्टिवल का शुभारंभ मुख्यमंत्री व वन मंत्री ने किया। मुख्यमंत्री व वन मंत्री ने वर्ल्ड फेस्टिवल में आयोजित वन विभाग, वन विकास निगम, जिला कारागार, डब्लू डब्लू एफ, सहज योग आदि कई विभागों के अलावा स्थानीय स्तर पर लगाए गए स्टॉलों का भी अवलोकन किया। उन्होंने वर्ल्ड फेस्टिवल में संजय लोधी व अनीति भूषण दत्ता की तीन पुस्तकों का विमोचन भी किया।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा उत्तराखंड देशी व विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने के लिये ईको पर्यटन को बढ़ावा देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में प्राकृतिक झरने, बुग्याल, जैव संसाधन आदि है। जो पर्यटन की दृष्टि से आय का स्त्रोत बन सकता है। उन्होंने कहा कि गुजरात की दर्ज पर उत्तराखंड में भी ऑप्टिकल पार्क बनाये जा सकते है।

वन मंत्री हरक सिंह रावत ने कहा कि देश में पाये जाने वाली करीब 1200 प्रजातियों में से अकेले 710 के लगभग प्रजातियां उत्तराखंड में पाई जाती है। वन विभाग व आम लोगों के बीच आपसी तालमेल अच्छा हो सके, इसके लिये पशु-पक्षियों के संरक्षण के लिये जनता को भी सहयोग करना होगा।

गढ़वाली गीत कैने मारी पिचकारी से नेगी ने की वापसी

लोकगायक नरेन्द्र सिंह नेगी बीमारी की जंग जीतने के बाद एक बार फिर से गायकी से जलवा करने को तैयार है। होली का त्योहार नजदीक है और ऐसे में नेगी का पिचकारी सर्ररर, कैने मारी… वीडियो सॉन्ग सीएम आवास पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने रिलीज किया। होली के अवसर पर यह गढ़वाली गीत उनके प्रशंसकों के लिए किसी सौगात से कम नहीं है।

विदित हो कि बीमारी से उबरकर नेगी दा ने एक बार मंच में प्रस्तुति दी थी, मगर गढ़वाली वीडियो सॉन्ग उन्होंने पहली बार जारी किया है। समारोह में उन्होंने कहा कि वह अस्वस्थता के चलते लंबे समय से लोकगायिकी से दूर थे। यह गढ़वाली वीडियो सॉन्ग उन्होंने होली के खास मौके पर बनाया है। बीमारी के बाद यह लोकगीत लोगों को समर्पित करते हुए वह काफी ऊर्जावान महसूस कर रहे हैैं। उन्होंने यह गीत गाकर समारोह में रंग जमा दिया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि यह लोकगीत होली को खास बनाएगा। उन्होंने कहा कि नरेंद्र सिंह नेगी का लोकगायिकी के प्रति समर्पण भाव प्रेरणास्रोत है। उनके स्वस्थ होने के बाद से प्रदेशवासी उनकी आवाज सुनने की बेसब्री से प्रतीक्षा कर रहे थे, जो आज पूरी हुई।

काठगोदाम में युवती ने किया दो महिला का यौन उत्पीड़न, सेक्स टॉय से बनाये संबंध

युवक ने युवतियों का यौन उत्पीड़न किया, यह आपने अक्सर सुना होगा। मगर, एक युवती पुरूष का वेष धर महिलाओं से शादी कर उनका यौन शोषण करे। यह शायद ही आपने सुना हो। ताजा मामला उत्तराखंड के काठगोदाम का है, जहां एक युवती ने पुरुष बनकर दो महिलाओं से शादी रचा ली। दोनों महिलाओं के साथ तीन साल तक मियां-बीवी की तरह रही। हैरानी की बात यह है कि इन दोनों महिलाओं को भनक तक नहीं लगी कि उनके साथ पति के रूप में कोई महिला रह रही है। आखिर सच सामने आ ही जाता है, पुरुष बनी महिला का भंडाफोड़ हो गया।

जानकारी के मुताबिक, यूपी के बिजनौर के धामपुर की रहने वाली स्वीटी ऊर्फ कृष्णा सेन ने साल 2013 में फेसबुक के जरिए एक लड़की से दोस्ती कर ली। कुछ दिनों बाद काठगोदाम की रहने वाली उस लड़की को प्रेम जाल में फांसकर उसने शादी कर ली। दोनों हल्द्वानी में किराये के एक मकान में रहने लगे, लेकिन शादी के बाद से ही दोनों के बीच झगड़ा होने लगा।

पहली शादी के करीब तीन साल बाद कृष्णा सेन ने एक दूसरी लड़की से शादी कर ली। दोनों बीवीओं को एक ही घर में साथ रखने लगा। इसके कुछ दिन बाद पहली पत्नी ने पति के खिलाफ दहेज प्रताड़ना का आरोप लगाकर केस दर्ज करा दिया। पुलिस ने तलाशी के बाद आरोपी पति को हिरासत में लिया। जेल में पूछताछ के दौरान जो राज खुला, सभी भौंचक्के रह गए।

आरोप कृष्णा सेन ने पुलिस को बताया कि वह महिला है। ऐसे में वह किसी महिला से ही कैसे शादी कर सकता है। इसके बाद पुलिस ने उसकी मेडिकल जांच कराई, तो इस बात की पुष्टि हो गई कि वह महिला ही है, लेकिन पुलिस भी इस बात से हैरान थी कि तीन साल तक दो महिलाओं के साथ वह कैसे रही और किस तरह उनसे शारीरिक संबंध बनाए।

पुलिस पूछताछ में स्वीटी ऊर्फ कृष्णा सेन ने बताया कि उसने ऑनलाइन साइट से सेक्स टॉय मंगाए थे। रात को कमरे में अंधेरा करने के बाद सेक्स टॉयज के जरिए वह महिलाओं के साथ शारीरिक संबंध बनाती थी। वह कभी उनके सामने न तो कपड़े बदलती, न ही नहाने के बाद बिना कपड़े के बाहर आती थी। पुरुषों के सारे व्यवहार करती थी।

पुलिस ने बताया कि आरोपी स्वीटी ऊर्फ कृष्णा सेन के खिलाफ केस दर्ज करके जेल भेज दिया गया है। युवती ने जालसाली के साथ ही दोनों महिलाओं के साथ ठगी भी की है। उनका यौन उत्पीड़न किया है। यहां तक की उसने सारे दस्तावेज भी पुरुष के तौर पर फर्जी बनाए हुए हैं। इन दस्तावेजों को जब्त करके उसके खिलाफ जांच की जा रही है।

आग लगने से 40 परिवार हुये बेघर

उत्तरकाशी जिले के मोरी विकासखंड के सावनी गांव में रात्रि समय पर अचानक आग लग गयी। आग ने इतना भयंकर रूप धारण कर लिया कि अपनी चपेट में करीब दो सौ मवेशियों व करीब 40 मकानों को भस्म कर दिया। मकानों के जल जाने से करीब 40 परिवारों के समक्ष छत चली गयी।

बताया जा रहा है कि गांव में सिर्फ चार भवन ही सुरक्षित बचे। अधिकांश मकान लकड़ी के थे। ऐसे में आग पर काबू पाना भी मुश्किल हो गया। इस दुर्गम इलाके में प्रशासन की टीम भी मौके पर सुबह तक नहीं पहुंच सकी। घटना आधी रात के बाद करीब एक बजे की है।

उत्तरकाशी जिला मुख्यालय से 200 किलोमीटर दूर सावणी गांव हिमाचल की सीमा से लगा है। निकटतम सड़क स्टेशन जखोल गांव से सावणी पहुंचने के लिए सात किलोमीटर की पैदल दूरी तय करनी पड़ती है। यहां एक घर में लगी आग ने विकराल रूप लेना शुरू किया कि उसकी जद में एक-एक करते दूसरे मकान भी आने लगे।

देखते ही देखते पूरा गांव आग के गोले में तब्दील हो गया। ग्रामीण घरों से बाहर निकले और मवेशियों को भी बचाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक करीब दौ सो मवेशी जल कर मर गए। आग बुझाने के ग्रामीणों के प्रयास भी सफल नहीं हो सके। जैसे-जैसे आग बढ़ती गई तो ग्रामीण अपने बच्चों सहित खेतों की ओर भागे। पूरे गांव में चीख-पुकार मचने लगी।

करीब रात ढाई बजे जिला प्रशासन को आग की सूचना मिली। प्रशासन और पुलिस की टीम सावणी गांव के लिए रवाना हुई। जिलाधिकारी डॉ आशीष चौहान ने बताया कि राहत और बचाव टीम तथा प्रशासन की टीम को मौके पर भेजा गया।

अब कैलाश मानसरोवर यात्रा की जा सकेगी

भारत और चीन के बीच तनाव की लगातार खबर आती रही हैं, लेकिन आज एक ऐसी खबर आई जो दोनों देशों के बीच तनाव को कम करने और रिश्तों को बहाल करने की दिशा में थोड़ा योगदान कर सकती है।

चीन ने कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए सिक्किम की ओर से जाने वाले नाथू-ला मार्ग को फिर से बहाल करने की पुष्टि की है। पिछले साल इस रास्ते से मानसरोवर यात्रा नहीं हो सकी थी। तब चीन ने इस मार्ग से सुरक्षित और सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए परिस्थितियां अनुकूल नहीं होने की बात कही थी।

शुक्रवार को केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री वीके सिंह ने लोकसभा को इस फैसले की जानकारी दी। 4 महीने चलने वाली मानसरोवर यात्रा जून से शुरू होती है। सिक्किम के नाथु-ला दर्रे के अलावा उत्तराखंड का लिपुलेख पास भी मानसरोवर यात्रा के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

पिछले साल दोनों देशों की सेनाओं के बीच जारी डोकलाम गतिरोध के चलते चीन ने कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए अनुमति देने से मना कर दिया। जिससे इस रास्ते से यात्रा नहीं हो सकी थी। तब चीन ने कहा था कि भारत पहले डोकलाम से सेना हटाए तब कोई फैसला लिया जाएगा।

पिछले साल चीनी सेना के भूटान के दावे वाले डोकलाम इलाके में घुस आने पर भारतीय फौज ने हस्तक्षेप किया था। पिछले साल 16 जून को शुरू हुआ यह गतिरोध 73 दिन तक चला। चीनी सेना के डोकलाम में घुस आने से भारत को पूर्वोत्तर के राज्यों से जोड़ने वाले चिकन नेक (संकरे गलियारे) की सुरक्षा को खतरा पैदा हो गया था, लेकिन दोनों सेनाओं के बीच लंबी कूटनीतिक प्रयासों के बाद 28 अगस्त को पीछे हट गई थीं।

विदेश राज्य मंत्री वीके सिंह ने लोकसभा को दिए अपने लिखित बयान में बताया कि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने दिसंबर 2017 में चीनी समकक्ष से हुई मुलाकात के दौरान इस मुद्दे को उठाया था। चीन ने इस मार्ग से यात्रा बहाल करने की बात मान ली थी।

राज्य में कृषि के लिये केंद्र से मिले छह हजार करोड़

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत आम बजट में किसानों को सौगात देने और गावों, महिलाओं, मजदूरों को समर्पित बजट को लेकर केंद्र सरकार का आभार जताया। साथ ही कहा कि केंद्र और राज्य सरकार जनता के हित के लिए काम कर रही है।

राज्य के किसानों द्वारा आयोजित कार्यक्रम में शिरकत करते हुए सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने आम बजट 2018 में केंद्र सरकार द्वारा किसानों को दी गई सौगात पर पीएम मोदी, वित्त मंत्री अरुण जेटली और कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह को धन्यवाद दिया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड को कृषि और उससे संबंधित विभागों के लिए छह हजार करोड़ रुपये की धनराशि मिली है।

बजट में 145 करोड़ रूपये खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में कोल्ड स्टोरेज बनाने के लिए मिला है। इसके लिए 55 हजार मैट्रिक टन फल और सब्जियों के अतिरिक्त उत्पादन की आवश्यकता पड़ेगी। उन्होंने कहा कि 2022 तक किसानों की आय दुगुनी करने के प्रधानमंत्री के लक्ष्य का पूरा करने के लिए उत्पादन बढ़ाने और आधुनिक कृषि पर बल देने की जरूरत है। वहीं उन्होंने प्रदेश में पण्डित दीन दयाल किसान कल्याण योजना की भी बात की। उन्होंने कहा कि इसके तहत प्रदेश के लघु और सीमांत किसानों को मात्र दो प्रतिशत ब्याज पर एक लाख रूपये तक का ऋण दिया जा रहा है। इस योजना के तहत राज्य सरकार ने पिछले चार माह में 560 करोड़ रूपये किसानों के लिए दिये हैं।

इस दौरान सीएम ने किसानों से आह्वान किया कि वो अच्छी आमदनी के लिए अपना बाजार (अपणु बाजार) की अवधारणा पर बल दें। किसान उपभोक्ताओं को सीधे उत्पादों की मार्केंटिंग करेंगे तो इससे किसानों की आमदनी में भी वृद्धि होगी और उपभोक्ताओं को भी डायरेक्ट मार्केटिंग से फायदा होगा। उन्होंने कहा कि किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ उठाएं और फसलों एवं पशुओं का बीमा जरूर करवाएं। इसके साथ ही सीएम ने कई अन्य योजनाओं से किसानों को अवगत कराया।

अपहरण कर हरिद्वार पहुंचे बदमाश, क्राइम ब्रांच ने दबोचा

उत्तर प्रदेश केे गाजियाबाद निवासी लोहा व्यापारी का अपहरणकर्ताओं ने अपहरण कर सुरक्षा की दृष्टि से हरिद्वार पहुंचे, लेकिन गाजियाबाद क्राइम ब्रांच की टीम ने हरिद्वार पहुंच बदमाशों से व्यापारी को सकुशल बरामद कर लिया।

पुलिस के मुताबिक गाजियाबाद के प्रेम नगर निवासी लोहा कारोबारी अनिल अरोड़ा का दो करोड रुपए की फिरौती के लिए अपहरण किया गया था।
बदमाशों का पीछा करते हुए यूपी पुलिस और बदमाशों के बीच फायरिंग हुई। तहसील के पास हुई इस फायरिंग से हड़कंप मचा रहा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक फायरिंग के दौरान अपहृत बुजुर्ग ने गाड़ी में छुपकर अपनी जान बचाई। जबकि फायरिंग में एक बदमाश के घायल होने की भी सूचना है।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के आने के बाद से ही कुल 895 एनकाउंटर हुये है। ऐसे में बदमाशों को इस बात का अंदेशा था कि यदि उनका सामना यूपी पुलिस से हो गया तो उनकी मौत निश्चित है। इसी बात को मद्देनजर रखते हुये बदमाशों ने यूपी से बाहर जाने का मन बनाया। वहीं इस बात को बदमाशों ने पकड़े जाने के बाद स्वीकार भी किया। बदमाशों ने बताया कि यूपी पुलिस का डर से ही उन्हें उत्तराखंड आने पर मजबूर होना पड़ा। वहीं पुलिस उनके मोबाइल लोकेशन के जरिये हरिद्वार तक आ पहुंची।

यह पहला वाकया नहीं है जब यूपी के बदमाश सुरक्षा के लिये उत्तराखंड की शरण में न आते हो। इससे पहले भी कई बदमाशों ने उत्तराखंड की शरण पकड़ी है।

मुठभेड़ के बाद ज्वालापुर कोतवाली पहुंचने पर कारोबारी अनिल अरोड़ा ने पुलिस को बताया कि अपहरण करने के बाद बदमाश उसे मेरठ रोड की तरफ ले गए। उसके साथ मारपीट भी की गई। इसके बाद शामली होते हुए हरियाणा ले जाया गया। बदमाशों ने उसके घर फोन कर दो करोड़ रुपये मांगते हुए छोटे भाई मन्नू से उसकी बात भी कराई थी। पकड़े जाने के डर से बदमाश कहीं भी ज्यादा देर नहीं रुके। लगातार चलते हुए बदमाश पहले हरियाणा गए। वहां गाजियाबाद क्राइम ब्रांच ने हरियाणा पुलिस की मदद से बदमाशों की धरपकड़ के लिए जाल बिछाया तो बदमाशों को भनक लग गई। जिसके बाद बदमाश हरियाणा से उत्तर प्रदेश के सहारनपुर होते हुए हरिद्वार पहुंच गए।

पुलिसकर्मी को अवकाश में बढ़ोतरी कर रूद्रप्रयाग बना पहला जिला

रूद्रप्रयाग जिले के पुलिस कर्मियों के अच्छे संकेत मिले है। अब वह अपने और बच्चों के जन्मदिन व शादी की सालगिरह में शामिल हो सकेंगे। उन्हें इसके लिये अवकाश दिया जाएगा। यह कदम जिले की विषम भौगोलिक परिस्थितियों में पुलिस कर्मियों की अत्यधिक व्यस्तता को देखते हुए उठाया गया है। पुलिसकर्मियों अवकाश में बढ़ोतरी करने वाला रुद्रप्रयाग प्रदेश का पहला जिला बन गया है।

पुलिस अधीक्षक प्रह्लाद नारायण मीणा के अनुसार यह महसूस किया गया कि रुद्रप्रयाग जिले में तैनात पुलिसकर्मी ड्यूटी की व्यस्तताओं के चलते महत्वपूर्ण अवसरों, जैसे बच्चों के जन्मदिन, स्वयं अथवा माता-पिता की शादी की सालगिरह समेत अन्य जरूरी आयोजनों में शामिल नहीं हो पाते। नतीजा, अक्सर उन्हें परिजनों अथवा नाते-रिश्ते वालों के ताने सुनने को मिलते हैं और वह तनाव का शिकार हो जाते हैं। इससे उनकी कार्यक्षमता और अनुशासन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

मीणा ने बताया कि इस स्थिति से निपटने के लिए प्रधान लिपिक एसपी कार्यालय को जरूरी निर्देश दिए गए हैं। वह समस्त कार्मिकों से उनके बच्चों के जन्मदिन, स्वयं अथवा माता-पिता की शादी की सालगिरह समेत अन्य विवरण लेकर कार्यालय स्तर पर अवकाश स्वीकृत कराएंगे। प्रधान लिपिक व आशुलिपिक को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि वे कार्मिकों के अवकाश आवेदन प्राप्त होते ही उन्हें स्वीकृति के लिए एसपी के समक्ष प्रस्तुत करें। बताया कि सभी प्रभारी समय से कार्मिकों के अवकाश आवेदन कार्यालय को उपलब्ध कराएंगे और पुलिस बल की उपलब्धता को ध्यान में रख रोटेशन में अवकाश स्वीकृति के लिए अग्रसारित करेंगे। ताकि राजकार्य प्रभावित न हो।