गढ़वाल सांसद तीरथ सिंह रावत संभालेंगे उत्तराखंड के सीएम की कमान


उत्तराखंड की राजनीति में पौड़ी जिले की एक बार पुनः धमक रही। पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत के प्रस्ताव पर पार्टी हाईकमान ने अपनी मंजूरी दी है। इसके अनुसार अब गढ़वाल सांसद तीरथ सिंह रावत उत्तराखंड के नए मुख्यमंत्री होंगे। तीरथ का राजनीति में बहुत ईमानदार, स्वच्छ और सभी वर्ग को साथ लेकर चलने वालों में होती है। देखना यह है कि तीरथ सिंह रावत एक वर्ष के कार्यकाल में क्या वह करिश्मा भाजपा के लिए आगामी विधानसभा चुनाव में कर पाएंगे। जिसके लिए उनके कंधों पर हाईकमान ने जिम्मेदारी दी है।

भाजपा की विधानमंडल दल की बैठक आज भाजपा प्रदेश पार्टी कार्यालय में संपन्न हुई। बैठक में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पद के लिए गढ़वाल सांसद तीरथ सिंह रावत को चुना गया। तीरथ सिंह रावत का नाम पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने ही प्रस्तावित किया था।

जनपद पौड़ी से तीरथ सिंह रावत उत्तराखंड के पांचवें सीएम बने हैं। इसके बाद एक बार फिर प्रदेश से लेकर राष्ट्रीय स्तर पर पौड़ी जिले की धमक देखने को मिली है
तीरथ सिंह का राजनीतिक करियर
1. वर्ष 2000 में उत्तराखण्ड के प्रथम शिक्षा मंत्री चुने गए थे।
2. इसके बाद 2007 में उत्तराखण्ड के प्रदेश महामंत्री चुने गए थे।
3. यह उत्तराखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भी रहे हैं।

भैंस के आगे बीन बजाकर सर्वदलीय संघर्ष समिति ने रखी अपनी मांग

गीता भवन स्थित आयुर्वेदिक औषधि निर्माणसाला के सिडकुल स्थानांतरण और इस संस्थान में कार्यरत कर्मचारियों को 2 माह से अधिक समय से वेतन न दिए जाने के विरोध स्वरूप धरना व आंदोलन लगातार जारी है। इसी क्रम में आज भैंस के आगे बीन बजाओ कार्यक्रम का आयोजन सर्वदलीय संघर्ष समिति द्वारा किया गया।

संघर्ष समिति के संयोजक आशुतोष शर्मा ने कहा कि प्रबंधक वर्ग द्वारा कर्मचारियों को बिना विश्वास में लिए फैक्ट्री का सिडकुल हरिद्वार स्थानांतरित करना व उनको वेतन रजिस्टर पर लगातार हाजिरी लगवाने के बाद भी उनके खाते में 2 माह से अधिक समय से वेतन ना देना कर्मचारियों व उनके परिवार को जीवित ही मार देने के समान है। जिसका की सभी जनप्रतिनिधि व क्षेत्र वासी विरोध करते हैं और सभी यह चाहते हैं की प्रबंधक वर्ग व कर्मचारियों के बीच सौहार्दपूर्ण वातावरण में यथाशीघ्र वार्ता हो, जिससे इस समस्या का यथोचित समाधान निकले।

नगर पंचायत स्वर्ग आश्रम के चेयरमैन माधव अग्रवाल ने कहा कि कर्मचारियों की सभी मांगे उचित है। प्रबंधक वर्ग को चाहिए कि वह शीघ्र ही अपने कार्मिकों की समस्या का समाधान करें जिसके लिए आज प्रबंधकों को नींद से जगाने हेतु भैंस के आगे बीन बजाओ कार्यक्रम भी किया गया है।

इस अवसर पर कांग्रेस के जिला महामंत्री सुभाष शर्मा, सभासद नवीन राणा, हिंदू जागरण मंच के प्रदेश सचिव बृजेश चतुर्वेदी, मुरलीधर शर्मा, सुरेंद्र थापा, कर्मचारी अध्यक्ष हेमंत सिंह, बेचन गुप्ता, विजेंद्र, मानव राय, राजेश पासवान, चंद्रमोहन कंडवाल, अरुण चैबे, राधेश्याम, प्यारेलाल बड़थ्वाल, भोला यादव, रामप्रवेश जयकुमार आदि उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने अपने दफ्तर की नेमप्लेट ऐपण कला में लगवाई

उत्तराखंड की पारंपरिक ऐपण कलाकृति को नया आयाम मिल रहा है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने हालिया दिल्ली दौरे पर केंद्रीय मंत्रियों को ऐपण कलाकृति भेंट कर ऐपण को नया जीवन दिया है। सीएम ने अपने दफ्तर की नेमप्लेट भी ऐपण कला में लगवाई है। इस पहल के बाद ऐपण कला से जुड़ी बेटियों को नई आस जगी है।

सीएम त्रिवेंद्र के मीडिया सलाहकार रमेश भट्ट के मुताबिक ऐपण को नई पहचान दिलाने के लिए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने सराहनीय प्रयास किए हैं। रमेश भट्ट खुद भी अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और नैनीताल जिलों में ऐपण पर काम कर रही बेटियों से रूबरू हो चुके हैं। ऐपण पर बने उनके वीडियो को फेसबुक पर लाखों लोग देख चुके हैं।

रमेश भट्ट बताते हैं कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने ऐपण को प्रोत्साहन देने में खासी रुचि दिखाई है। सीएम ने अपने दफ्तर की नेमप्लेट भी ऐपण में बनवाई है और सभी मंत्रियों व अफसरों को ऐसा करने के लिए प्रेरित किया है। सीएम अल्मोड़ा में ऐपण प्रदर्शनी के दौरान कई बेटियों से मुलाकात कर चुके हैं जो ऐपण को अपनी आजीविका से जोड़ रही हैं। अब पिछले दिनों दिल्ली दौरे पर सीएम त्रिवेंद्र ने केंद्रीय मंत्रियों को एक के बाद एक ऐपण गिफ्ट देकर मजबूत सांस्कृतिक संदेश दिया है। रमेश भट्ट ने उम्मीद जताई है कि ऐपण को विश्वव्यापी पहचान दिलाने में ये प्रयास कारगर साबित होंगे।

गीताभवन में सर्वदलीय संघर्ष समिति का धरना 29वें दिन भी जारी

गीता भवन स्थित आयुर्वेदिक औषधि निर्माण साला को स्वर्ग आश्रम जौंक से सिडकुल हरिद्वार स्थानांतरण व कर्मचारियों के खाते में दो महीने से वेतन न दिए जाने के विरोध स्वरूप धरना व आंदोलन 29वें दिन भी लगातार जारी है।

सर्वदलीय संघर्ष समिति के संयोजक आशुतोष शर्मा ने बताया कि कर्मचारी व उनका परिवार दो महीने से वेतन ना मिलने के कारण अपनी सामान्य जरूरतों को भी अब पूरा नहीं कर पा रहे है, जबकि कोविड पश्चात राज्य की आर्थिक स्थिति कुछ हद तक पटरी पर आ रही है। वहीं इस औषधि निर्माण शाला में कार्यरत रहे कार्मिकों को वेतन न मिलने से आर्थिक विपन्नता की स्थिति का सामना कर रहे हैं। जिसके विरोध स्वरूप आज आयुर्वेद औषधि निर्माण शाला के कार्मिकों द्वारा अर्थी पर लेट कर आंदोलन की शुरुआत की।

लोकतांत्रिक ढंग से चल रहे इस आंदोलन को प्रबंधकों द्वारा गंभीरता से लिया जाना अति आवश्यक था। परंतु प्रबंधक वर्ग अपने इन कर्मचारियों की जायज मांगों को भी अनदेखा करता है और उसके तानाशाही पूर्ण रवैया के कारण आज कर्मचारियों के परिवार भूखे मरने की स्थिति में आ गए हैं।

स्वर्ग आश्रम जौक नगर पंचायत के चेयरमैन माधव अग्रवाल ने कहा कि प्रबंधकों द्वारा पूर्व में भी अपने कर्मचारियों की तनख्वाह दिए बगैर गीता भवन परिसर को छोड़ दिया गया था जिसमें प्रबंधन की मंशा हमेशा से यही रही है कि कर्मचारी कमजोर है जब उनके आर्थिक स्थिति प्रतिकूल रूप से प्रभावित होगी तो वह स्वयं प्रबंधन के सामने घुटनों पर आ जाएंगे।

मौके पर कांग्रेस के जिला महामंत्री सुभाष शर्मा, मुरली शर्मा, राधेश्याम प्रजापति, सुरेंद्र थापा, हुकम सिंह, घनश्याम तिवारी, अंकित गुप्ता, चेतन चैहान, अरुण चैबे मनोरंजन, विजेंद्र कुमार, मानव राय, कमल राय, बहादुर पासवान, अजीत पासवान आदि शामिल थे।

रंगेहाथ आश्रम में अश्लील हरकत करता पकड़ा गया बाबा

लक्ष्मणझूला पुलिस ने रंगेहाथ एक बाबा को लड़की के साथ आश्रम में रंगरेलियां मनाते हुए पकड़ा है। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुुलिस ने बाबा और उक्त लड़की को पकड़ा। पुलिस अब बाबा व लड़की के खिलाफ कार्रवाई करने जा रही है।

दरअसल, लक्ष्मणझूला क्षेत्र में एक आश्रम में स्थानीय लोगों ने थाना पुलिस को सूचना दी। बताया कि आश्रम में बाबा हरि हरानंद एक लड़की के साथ अश्लील हरकत कर रहे है। इससे आश्रम की मर्यादा भी भंग हो रही है, सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी बाबा सहित लड़की को साथ लेकर आई। थानाध्यक्ष प्रमोद उनियाल ने बताया कि बाबा सहित लड़की को रंगेहाथ पकड़े जाने के बाद अब सार्वजनिक स्थान पर अश्लील हरकत करने सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।

पौड़ी में विकास कार्यो की सीएम त्रिवेंद्र ने की समीक्षा बैठक

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने विकास भवन सभागार पौड़ी में अधिकारियों के साथ जनपद के विकास कार्यो की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने सरकारी योजनाओं से जनमानस को अधिकाधिक लाभ दिलाने हेतु मैकेनिजम बनाने के निर्देश दिये। साथ ही कोविड के दौरान कार्यो की भरपाई हेतु विकास कार्यो में तेजी के निर्देश दिये। उन्होने कहा कि शीघ्र ही बहुउद्देशीय शिविरों के आयोजन की शुरूआत की जायेगी।

मुख्यमंत्री ने जनपद पौड़ी में जिला योजना के तहत स्वरोजगार के क्षेत्र में किये जा रहे विकास कार्यो को बेहतर बताया। जबकि राज्य योजना, केन्द्र पोषित में और सुधार लाने हेतु मण्डलायुक्त रविनाथ रमन एवं जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल को मानीटरिंग करने के निर्देश दिये। क्यूआरटी में 75 प्रतिशत समाधान को अच्छा कार्य बताया। उन्होने समूहों के लिए निर्धारित मानक बनाने को कहा, जिसके आधार पर समूहों के उत्पादों का आकलन कर, उनकी कार्य प्रगति की समीक्षा की जा सकें। उद्यान विभाग के समीक्षा के दौरान मौनपालन कार्य को बढ़ाने के निर्देश दिये। कहा कि मधु न्याय पंचायतों को हब बनाने की परिकल्पना है, ताकि खरीददार वहीं पर मिल सके। मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना बहु लाभदायक योजना है। इसमें लोगों की भागीदारी बढ़ने के लिए पंचायती राज विभाग को अपनी भूमिका निभाने के निर्देश दिये। जनपद में स्थापित पिरूल प्लान्ट की जानकारी लेते हुए कहा कि पिरूल की योजना से गरीब वर्ग के लोगों को आय प्राप्ति के अवसर देता है। कृषि विभाग को जानवरों से फसलों की सुरक्षा हेतु घेरबाड कार्य को बेहतर बताया तथा और अधिक बढ़ाने के निर्देश दिये। ताकि लोगों की फसलों की सुरक्षा के साथ साथ क्षेत्र में पैदावार को बढा़वा मिल सकें। उन्होने पशुपालन विभाग द्वारा की जा रही कड़कनाथ पॉट्री पालन एवं पशुओं की कृत्रिम गर्भाधान की जानकारी ली। जिस पर जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में तीन लाख के करीब कड़क नाथ मुर्गी का लक्ष्य रखा गया है।

जिलाधिकारी धीरज सिंह गब्र्याल ने बताया कि जनपद में 20 हेक्टेअर पर कीवी प्लांटेंसन का कार्य चल रहा है, जिसमें पहली बार बजट का प्रोविजन किया गया है तथा हिमाचल, बागेश्वर से प्लांट मंगाये गये हैं। मुख्य विकास अधिकारी आशीष भटगांई ने विकास कार्यो की जानकारी देते हुए बताया कि जिला योजना में 7986.00 लाख अनुमोदित परिव्यय के सापेक्ष क्रमिक व्यय 6369.05 अवमुक्त धनराशि के सापेक्ष ब्यय 88.66 प्रतिशत है। बीस सूत्रीय कार्यक्रम के तहत जनपद की प्रगति 86.11 के साथ पहला स्थान पर है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष प्राइमरी सेक्टर विभाग यथा कृषि, पशुपालन, उद्यानीकरण, पर्यटन, दुग्ध, मत्स्य, मौन पालन, सहकारिता आदि क्षेत्रों पर फोकस किया गया, जिसमें अनुमोदित परिव्यय 13.40 करोड़ था। बताया कि 702 पॉलीहाउस को एनआरएलएम एवं आईएलएसपी के समूहों को दिये गये हैं तथा 90 प्रतिशत सब्सिडी दे रहे हैं। जनपद के सभी विकास खण्डों में करीब 300 न्यूट्री गार्डन बना रहे है। जिनमें से 105 बनकर तैयार हो गये है, जिनकी रख रखाव महिला समूह आदि किया जा रहा है।

इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिह रावत, विधायक पौड़ी मुकेश सिह कोली, विधायक लैंसडोन दिलीप रावत, जिला पंचायत अध्यक्ष शांति देवी, नगर पालिकाध्यक्ष यशपाल बेनाम, बहुउद्देशीय सहकारिता समिति अध्यक्ष संपत सिह रावत आदि उपस्थित थे।

कोटद्वार से श्रीनगर के बीच बनेगी ऑलवेदर रोड

ऑलवेदर रोड की तर्ज पर कोटद्वार से श्रीनगर तक हाईवे का निर्माण किया जाएगा। इसके तहत कोटद्वार से श्रीनगर तक हाईवे की चैड़ाई 12 मीटर होगी। एनएच के चैड़ीकरण और डामरीकरण का कार्य चार चरणों में किया जाएगा। कोटद्वार-पौड़ी-श्रीनगर हाईवे चारधाम यात्रा का वैकल्पिक मार्ग बनेगा और इसके बनने से यूपी, दिल्ली के पर्यटकों को आवाजाही में सुगमता होगी। यह बातें वन मंत्री डा. हरक सिंह रावत ने पत्रकार वार्ता में कहीं।

वन मंत्री डा. हरक सिंह रावत ने बताया कि कोटद्वार-पौड़ी-श्रीनगर हाईवे पौड़ी गढ़वाल जिले की लाइफ लाइन बनेगी। इस हाईवे के बनने से जिले में पलायन पर रोक लगेगी और टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि कोटद्वार से श्रीनगर तक हाईवे की चैड़ाई 12 मीटर होगी, जबकि मेरठ से कोटद्वार तक एनएच को फोर लेन बनाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि गत विधानसभा चुनाव के दौरान नितिन गडकरी ने एनएच को आलवेदर रोड की तर्ज पर निर्माण कराने की घोषणा की थी, जिसे सरकार जल्द पूरा करने जा रही है। कहा कि पहले चरण में सतपुली से अगरोड़ा के लिए वन भूमि क्लीयरेंस के साथ ही 82 करोड़ की धनराशि की स्वीकृति मिल चुकी है। अगले तीन-चार दिनों में टेंडर की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। कहा कि कोटद्वार से दुगड्डा के लिए 196 करोड़, दुगड्डा से गुमखाल के लिए 225 करोड़, गुमखाल से सतपुली के लिए 250 करोड़ और अगरोड़ा से श्रीनगर के लिए 280 करोड़ के प्राक्कलन को भी जल्द स्वीकृति मिल जाएगी। इस मौके पर वन मंत्री के ओएसडी विनोद रावत, पीआरओ सीपी नैथानी, सुरेंद्र सिंह गुसाईं, मुकेश नेगी आदि मौजूद रहे।

द्वितीय चरण में बनेंगी सुरंग
वन मंत्री ने कहा कि एनएच के चीफ और मुख्य वन संरक्षक गढ़वाल की बैठक में वन भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया की जा रही है। द्वितीय चरण में दुगड्डा से सतपुली और सतपुली से खंडाह के लिए सुरंगें प्रस्तावित की जाएगी।

गंगनहर में नहाने के दौरान हादसा, एक डूबा जबकि दूसरा सकुशल बचा

बीते रोज कौडिया व चीला के बीच शक्ति नगर के पास दो व्यक्ति गंगनहर में नहाने गए। मगर, अनियंत्रित होकर गंगा में जा गिरे। किसी तरह पुलिस व स्थानीय लोगों ने एक व्यक्ति नितिन कुमार शर्मा पुत्र ओमदत्त शर्मा निवासी शेरकोट बिजनौर को डूबने से बचा लिया। मगर, दूसरा व्यक्ति भूदेव शर्मा पुत्र देवदत्त शर्मा ग्राम अमरपुर पालके थाना शेरकोट बिजनौर डूब गया। उसका कोई पता नहंी चल सका। पुलिस के अनुसार दोनों के घर सूचना दे दी गई है। वह दोनों ही नरेंद्रनगर में शटरिंग का काम किया करते थे। जल पुलिस ने आज भी गंगनहर में रेस्क्यू चलाया। मगर, देर शाम तक कोई सफलता हाथ नहीं लग सकी।

हवन में आहूति देकर की गीताभवन प्रबंधन की सदबुद्धि की कामना

गीता भवन स्वर्गाश्रम से संचालित आयुर्वेद औषधि निर्माण शाला के सिडकुल हरिद्वार स्थानांतरण के विरोध स्वरूप धरने का आयोजन तीसरे दिन भी लगातार जारी रहा। गीता भवन गेट नंबर एक पर सभी जनप्रतिनिधियों व स्थानीय नागरिकों ने गीता भवन प्रबंधन की एक सुर में आलोचना की। आज सभी लोगों ने गीता भवन ट्रस्ट प्रबंधन की बुद्धि शुद्धि हेतु यज्ञ का आयोजन किया।

संघर्ष समिति के संयोजक आशुतोष शर्मा ने कहा कोविड-19 के दौर में अल्प वेतनभोगी कर्मचारियों को गीता भवन प्रबंधन द्वारा इस तरह बीच मझधार में छोड़ कर जाना बहुत ही निंदनीय है। प्रबंधन तंत्र को वार्ता से ना भागकर इनकी समस्याओं के समाधान हेतु निकालने चाहिए और आयुर्वेद औषधि निर्माणसाला का संचालन यथास्थान गीता भवन से ही होना चाहिए।

मौके पर स्वर्गाश्रम जौंक चेयरमैन माधव अग्रवाल, सुभाष शर्मा, वीरेंद्र, विजेंद्र कंडारी, वीरेंद्र रावत, संदीप कुमार, आदेश तोमर, अंकित गुप्ता, चेतन चैहान, नवीन राणा, जितेंद्र धाकड़, प्रमोद चैहान, कृष्ण कुमार, पिंकी शर्मा आदि उपस्थित थे।

गीता भवन से औषधि निर्माणशाला को सिडकुल स्थानांतरण बहुत ही दुखद, दिया धरना

गीता भवन आयुर्वेद संस्थान से संचालित औषधि निर्माणशाला के सिडकुल हरिद्वार स्थानांतरण व कर्मचारियों के वेतन न देने के विरोध में गीता भवन गेट नंबर 1 के बाहर सर्वदलीय संघर्ष समिति द्वारा धरने का आयोजन किया गया। जिसमें क्षेत्र के संभ्रांत नागरिकों के साथ प्रबुद्धजनो ने इन कर्मचारियों को समर्थन दिया।

गीता भवन कर्मचारियों के संरक्षक आशुतोष शर्मा ने कहा कि एक तरफ हमारी केंद्र व राज्य को लोकप्रिय सरकार जहां कोविड-19 को प्रतिकूल समय में आत्मनिर्भर भारत अभियान के अंतर्गत लोगों को राहत प्रदान कर रही है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन को रोकने के लिए इन्वेस्टर सम्मिट के माध्यम से माध्यम से लघु उद्योग व सूक्ष्म उद्योगों को स्थापना हेतु प्रसारत है वही गीता भवन प्रबंधक द्वारा इस औषधि निर्माणशाला को सिडकुल स्थानांतरण बहुत ही दुखद है, जबकि पूर्व में इस संस्थान को स्वर्गाश्रम से हटाने के सभी आदेश मुख्यमंत्री ने दूर किए थे।

नगर पंचायत अध्यक्ष माधव अग्रवाल ने कहा की अधिकांश कर्मचारी विगत तीन दशक से इस संस्थान में अपनी सेवाएं दे रहे हैं जो की अल्प वेतनभोगी होने के साथ बमुश्किल अपनी आजीविका चला रहे हैं और इनके परिवार का भरण पोषण वमुश्किल हो पा रहा है ऐसे में फैक्ट्री का सिडकुल स्थान तरण बहुत ही कष्ट कारक है जिसकी नगर पंचायत स्वर्गाश्रम सभी स्तरों पर विरोध करेगा।
इस अवसर पर जिला महामंत्री कांग्रेस कमेटी सुभाष शर्मा, आदेश तोमर, सभासद नवीन राणा, सभासद जितेंद्र धाकड,़ सभासद पिंकी शर्मा, सभासद सरोज देवी, अनीश, कृष्ण, अंकित गुप्ता, संदीप कुमार, संतोष सिंह, पौड़ी जिला अध्यक्ष इंटक चेतन चैहान, सफाई मजदूर जिला प्रदेश उपाध्यक शिवचरण, विवेक तिवारी, गीता भवन कर्मचारी यूनियन मंत्री घनश्याम तिवारी आदि उपस्थित रहे।