राजाजी की चीला रेंज में शावक गुलदार की मौत

राजाजी टाइगर रिजर्व की चीला रेंज में एक गुलदार के शावक के मृत मिलने से हड़कम्प मच गया। घटना राजाजी पार्क की चीला रेंज में वन कर्मियों को पावर हाउस के पीछे शव बरामद हुआ।

मौके पर पहुंचे वन कर्मियों ने बताया कि मृतक गुलदार के शावक की उम्र तकरीबन 25 माह तक ही है। बताया कि यह शावक कुछ दिन पूर्व ही अपनी मां से अलग हुआ था। संभवतया मृतक शावक और बाघ के बीच संघर्ष हुआ है, मृतक शावक के शरीर पर कई जगह चोट के निशान मिले है। पशु चिकित्सक व वार्डन के अनुसार शावक गुलदार और बाघ के बीच काफी देर तक संघर्ष चलता रहा। मृतक शावक के शरीर में कई जगह बाघ के दांत के निशान पाए गए। बताया कि शावक के शव का पोस्टमार्टम होने के बाद ही मौत के कारण की पुष्टि होगी।

वल्र्ड रिकाॅर्ड में हिस्सा लेने वाले चित्रकार व टीम को यमकेश्वर ने सराहा

वल्र्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड में हिस्सा लेने वाले चित्रकार राजेश चन्द्र व उनकी टीम ने उप जिलाधिकारी यमकेश्वर मनीष कुमार सिंह से लक्ष्मण झूला स्थित कैम्प कार्यालय में भेंट की।

राजेश ने उप जिलाधिकारी को एक पोर्ट्रेट भी भेंट किया। बतादें कि हाल ही में राजेश की अगुवाई में तीर्थनगरी के कलाकारों ने वल्र्ड बुक ऑफ रिकार्ड की प्रदर्शनी में हिस्सा लिया था। इस प्रदर्शनी को विश्व की सबसे बड़ी ऑनलाइन क्रिएटिव इवेंट के खिताब वल्र्ड बुक ऑफ रिकार्ड यूनाइटेड किंगडम से मिला।

उप जिलाधिकारी ने राजेश चन्द्र, मानसी पोखरेल व सानिया बिष्ट को प्रशस्ति पत्र भेंट किया। साथ ही राज्य व देश का नाम रोशन करने पर शुभकामनाएं दी। कहा कि हमारा राज्य प्रतिभाओं से भरा हुआ है बस जरूरत है तो उन्हें पहचान दिलाने की। इस मौके पर मनीष कुमार सिंह, राजेश चन्द्र, कोविड नोडल आफिसर चंद्रप्रकाश भारती, मानसी पोखरेल और सानिया बिष्ट मौजूद रहे।

परमार्थ निकेतन में निकली शिव बारात, प्रसिद्ध तालवादक शिवमणि के संगीत से भक्तिमय हुआ माहौल

परमार्थ निकेतन में उमंग, उत्साह और उल्लास के साथ शिवरात्रि महोत्सव मनाया गया। परमार्थ गुरूकुल के ऋषिकुमारों ने ड्रम, ढोल-नगाड़े की ताल पर कीर्तन करते हुये भगवान शिव की बारात निकाली।
स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने महाशिवरात्रि के अवसर पर रूद्राक्ष के पौधों का रोपण, पूजन और सिंचन कर भगवान शिव की स्तुति की। उन्होंने संदेश दिया कि जैवविविधता, जीव विविधता, जीवन में एकता तथा विभिन्नता में एकता यही भारत की विशेषता है और यही सत्य है, यही शिव है, यही सुन्दर है। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर दिव्य गंगा आरती के पश्चात सभी योग साधकों और श्रद्धालुओं ने प्रसिद्ध ड्रम व तालवादक शिवमणि के मंत्रमुग्ध करने वाले संगीत का आनन्द लिया। इसके बाद परमार्थ गंगा तट पर वैदिक मंत्रों एवं दिव्य शंख ध्वनि के साथ शिवाभिषेक किया गया। शिवमणि ने अपनी वर्चुअल परफारमेंस दी।

स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने महाशिवरात्रि के अवसर पर शिवपरिवार का उदाहरण देते हुये कहा कि विविधता में एकता, समर्पण और प्रेम का सबसे उत्कृष्ट उदाहरण है भगवान शिव का परिवार। भगवान शिव के गले में सर्प, श्री गणेश का वाहन चूहा और श्री कार्तिकेय का वाहन मोर है, सर्प, चूहे का भक्षण करता है और मोर, सर्प का परन्तु परस्पर विरोधी स्वभाव होते हुये भी शिव परिवार में आपसी प्रेम है। अलग-अलग विचारों, प्रवृतियों, अभिरूचियों और अनेक विषमताओं के बावजूद प्रेम से मिलजुल कर रहना ही हमारी संस्कृति है और शिव परिवार हमें यही शिक्षा देता है।
डाॅ साध्वी भगवती सरस्वती ने कहा कि शिवरात्रि महापर्व हमें अपनी अंतरचेतना से जुड़ने, सत्य को जनाने, स्व से जुड़़ने तथा शिवत्व को प्राप्त करने का अवसर प्रदान करती है। जीवन में आये विषाद्, कड़वाहट और दुख को पी कर आनन्द से परमानन्द की ओर बढ़ने का संदेश देती है। महाशिवरात्रि पूर्ण सत्य और आनन्द की प्राप्ति का महामंत्र है।

गढ़वाल सांसद तीरथ सिंह रावत संभालेंगे उत्तराखंड के सीएम की कमान


उत्तराखंड की राजनीति में पौड़ी जिले की एक बार पुनः धमक रही। पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत के प्रस्ताव पर पार्टी हाईकमान ने अपनी मंजूरी दी है। इसके अनुसार अब गढ़वाल सांसद तीरथ सिंह रावत उत्तराखंड के नए मुख्यमंत्री होंगे। तीरथ का राजनीति में बहुत ईमानदार, स्वच्छ और सभी वर्ग को साथ लेकर चलने वालों में होती है। देखना यह है कि तीरथ सिंह रावत एक वर्ष के कार्यकाल में क्या वह करिश्मा भाजपा के लिए आगामी विधानसभा चुनाव में कर पाएंगे। जिसके लिए उनके कंधों पर हाईकमान ने जिम्मेदारी दी है।

भाजपा की विधानमंडल दल की बैठक आज भाजपा प्रदेश पार्टी कार्यालय में संपन्न हुई। बैठक में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पद के लिए गढ़वाल सांसद तीरथ सिंह रावत को चुना गया। तीरथ सिंह रावत का नाम पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने ही प्रस्तावित किया था।

जनपद पौड़ी से तीरथ सिंह रावत उत्तराखंड के पांचवें सीएम बने हैं। इसके बाद एक बार फिर प्रदेश से लेकर राष्ट्रीय स्तर पर पौड़ी जिले की धमक देखने को मिली है
तीरथ सिंह का राजनीतिक करियर
1. वर्ष 2000 में उत्तराखण्ड के प्रथम शिक्षा मंत्री चुने गए थे।
2. इसके बाद 2007 में उत्तराखण्ड के प्रदेश महामंत्री चुने गए थे।
3. यह उत्तराखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भी रहे हैं।

भैंस के आगे बीन बजाकर सर्वदलीय संघर्ष समिति ने रखी अपनी मांग

गीता भवन स्थित आयुर्वेदिक औषधि निर्माणसाला के सिडकुल स्थानांतरण और इस संस्थान में कार्यरत कर्मचारियों को 2 माह से अधिक समय से वेतन न दिए जाने के विरोध स्वरूप धरना व आंदोलन लगातार जारी है। इसी क्रम में आज भैंस के आगे बीन बजाओ कार्यक्रम का आयोजन सर्वदलीय संघर्ष समिति द्वारा किया गया।

संघर्ष समिति के संयोजक आशुतोष शर्मा ने कहा कि प्रबंधक वर्ग द्वारा कर्मचारियों को बिना विश्वास में लिए फैक्ट्री का सिडकुल हरिद्वार स्थानांतरित करना व उनको वेतन रजिस्टर पर लगातार हाजिरी लगवाने के बाद भी उनके खाते में 2 माह से अधिक समय से वेतन ना देना कर्मचारियों व उनके परिवार को जीवित ही मार देने के समान है। जिसका की सभी जनप्रतिनिधि व क्षेत्र वासी विरोध करते हैं और सभी यह चाहते हैं की प्रबंधक वर्ग व कर्मचारियों के बीच सौहार्दपूर्ण वातावरण में यथाशीघ्र वार्ता हो, जिससे इस समस्या का यथोचित समाधान निकले।

नगर पंचायत स्वर्ग आश्रम के चेयरमैन माधव अग्रवाल ने कहा कि कर्मचारियों की सभी मांगे उचित है। प्रबंधक वर्ग को चाहिए कि वह शीघ्र ही अपने कार्मिकों की समस्या का समाधान करें जिसके लिए आज प्रबंधकों को नींद से जगाने हेतु भैंस के आगे बीन बजाओ कार्यक्रम भी किया गया है।

इस अवसर पर कांग्रेस के जिला महामंत्री सुभाष शर्मा, सभासद नवीन राणा, हिंदू जागरण मंच के प्रदेश सचिव बृजेश चतुर्वेदी, मुरलीधर शर्मा, सुरेंद्र थापा, कर्मचारी अध्यक्ष हेमंत सिंह, बेचन गुप्ता, विजेंद्र, मानव राय, राजेश पासवान, चंद्रमोहन कंडवाल, अरुण चैबे, राधेश्याम, प्यारेलाल बड़थ्वाल, भोला यादव, रामप्रवेश जयकुमार आदि उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने अपने दफ्तर की नेमप्लेट ऐपण कला में लगवाई

उत्तराखंड की पारंपरिक ऐपण कलाकृति को नया आयाम मिल रहा है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने हालिया दिल्ली दौरे पर केंद्रीय मंत्रियों को ऐपण कलाकृति भेंट कर ऐपण को नया जीवन दिया है। सीएम ने अपने दफ्तर की नेमप्लेट भी ऐपण कला में लगवाई है। इस पहल के बाद ऐपण कला से जुड़ी बेटियों को नई आस जगी है।

सीएम त्रिवेंद्र के मीडिया सलाहकार रमेश भट्ट के मुताबिक ऐपण को नई पहचान दिलाने के लिए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने सराहनीय प्रयास किए हैं। रमेश भट्ट खुद भी अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और नैनीताल जिलों में ऐपण पर काम कर रही बेटियों से रूबरू हो चुके हैं। ऐपण पर बने उनके वीडियो को फेसबुक पर लाखों लोग देख चुके हैं।

रमेश भट्ट बताते हैं कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने ऐपण को प्रोत्साहन देने में खासी रुचि दिखाई है। सीएम ने अपने दफ्तर की नेमप्लेट भी ऐपण में बनवाई है और सभी मंत्रियों व अफसरों को ऐसा करने के लिए प्रेरित किया है। सीएम अल्मोड़ा में ऐपण प्रदर्शनी के दौरान कई बेटियों से मुलाकात कर चुके हैं जो ऐपण को अपनी आजीविका से जोड़ रही हैं। अब पिछले दिनों दिल्ली दौरे पर सीएम त्रिवेंद्र ने केंद्रीय मंत्रियों को एक के बाद एक ऐपण गिफ्ट देकर मजबूत सांस्कृतिक संदेश दिया है। रमेश भट्ट ने उम्मीद जताई है कि ऐपण को विश्वव्यापी पहचान दिलाने में ये प्रयास कारगर साबित होंगे।

गीताभवन में सर्वदलीय संघर्ष समिति का धरना 29वें दिन भी जारी

गीता भवन स्थित आयुर्वेदिक औषधि निर्माण साला को स्वर्ग आश्रम जौंक से सिडकुल हरिद्वार स्थानांतरण व कर्मचारियों के खाते में दो महीने से वेतन न दिए जाने के विरोध स्वरूप धरना व आंदोलन 29वें दिन भी लगातार जारी है।

सर्वदलीय संघर्ष समिति के संयोजक आशुतोष शर्मा ने बताया कि कर्मचारी व उनका परिवार दो महीने से वेतन ना मिलने के कारण अपनी सामान्य जरूरतों को भी अब पूरा नहीं कर पा रहे है, जबकि कोविड पश्चात राज्य की आर्थिक स्थिति कुछ हद तक पटरी पर आ रही है। वहीं इस औषधि निर्माण शाला में कार्यरत रहे कार्मिकों को वेतन न मिलने से आर्थिक विपन्नता की स्थिति का सामना कर रहे हैं। जिसके विरोध स्वरूप आज आयुर्वेद औषधि निर्माण शाला के कार्मिकों द्वारा अर्थी पर लेट कर आंदोलन की शुरुआत की।

लोकतांत्रिक ढंग से चल रहे इस आंदोलन को प्रबंधकों द्वारा गंभीरता से लिया जाना अति आवश्यक था। परंतु प्रबंधक वर्ग अपने इन कर्मचारियों की जायज मांगों को भी अनदेखा करता है और उसके तानाशाही पूर्ण रवैया के कारण आज कर्मचारियों के परिवार भूखे मरने की स्थिति में आ गए हैं।

स्वर्ग आश्रम जौक नगर पंचायत के चेयरमैन माधव अग्रवाल ने कहा कि प्रबंधकों द्वारा पूर्व में भी अपने कर्मचारियों की तनख्वाह दिए बगैर गीता भवन परिसर को छोड़ दिया गया था जिसमें प्रबंधन की मंशा हमेशा से यही रही है कि कर्मचारी कमजोर है जब उनके आर्थिक स्थिति प्रतिकूल रूप से प्रभावित होगी तो वह स्वयं प्रबंधन के सामने घुटनों पर आ जाएंगे।

मौके पर कांग्रेस के जिला महामंत्री सुभाष शर्मा, मुरली शर्मा, राधेश्याम प्रजापति, सुरेंद्र थापा, हुकम सिंह, घनश्याम तिवारी, अंकित गुप्ता, चेतन चैहान, अरुण चैबे मनोरंजन, विजेंद्र कुमार, मानव राय, कमल राय, बहादुर पासवान, अजीत पासवान आदि शामिल थे।

रंगेहाथ आश्रम में अश्लील हरकत करता पकड़ा गया बाबा

लक्ष्मणझूला पुलिस ने रंगेहाथ एक बाबा को लड़की के साथ आश्रम में रंगरेलियां मनाते हुए पकड़ा है। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुुलिस ने बाबा और उक्त लड़की को पकड़ा। पुलिस अब बाबा व लड़की के खिलाफ कार्रवाई करने जा रही है।

दरअसल, लक्ष्मणझूला क्षेत्र में एक आश्रम में स्थानीय लोगों ने थाना पुलिस को सूचना दी। बताया कि आश्रम में बाबा हरि हरानंद एक लड़की के साथ अश्लील हरकत कर रहे है। इससे आश्रम की मर्यादा भी भंग हो रही है, सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी बाबा सहित लड़की को साथ लेकर आई। थानाध्यक्ष प्रमोद उनियाल ने बताया कि बाबा सहित लड़की को रंगेहाथ पकड़े जाने के बाद अब सार्वजनिक स्थान पर अश्लील हरकत करने सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।

पौड़ी में विकास कार्यो की सीएम त्रिवेंद्र ने की समीक्षा बैठक

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने विकास भवन सभागार पौड़ी में अधिकारियों के साथ जनपद के विकास कार्यो की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने सरकारी योजनाओं से जनमानस को अधिकाधिक लाभ दिलाने हेतु मैकेनिजम बनाने के निर्देश दिये। साथ ही कोविड के दौरान कार्यो की भरपाई हेतु विकास कार्यो में तेजी के निर्देश दिये। उन्होने कहा कि शीघ्र ही बहुउद्देशीय शिविरों के आयोजन की शुरूआत की जायेगी।

मुख्यमंत्री ने जनपद पौड़ी में जिला योजना के तहत स्वरोजगार के क्षेत्र में किये जा रहे विकास कार्यो को बेहतर बताया। जबकि राज्य योजना, केन्द्र पोषित में और सुधार लाने हेतु मण्डलायुक्त रविनाथ रमन एवं जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल को मानीटरिंग करने के निर्देश दिये। क्यूआरटी में 75 प्रतिशत समाधान को अच्छा कार्य बताया। उन्होने समूहों के लिए निर्धारित मानक बनाने को कहा, जिसके आधार पर समूहों के उत्पादों का आकलन कर, उनकी कार्य प्रगति की समीक्षा की जा सकें। उद्यान विभाग के समीक्षा के दौरान मौनपालन कार्य को बढ़ाने के निर्देश दिये। कहा कि मधु न्याय पंचायतों को हब बनाने की परिकल्पना है, ताकि खरीददार वहीं पर मिल सके। मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना बहु लाभदायक योजना है। इसमें लोगों की भागीदारी बढ़ने के लिए पंचायती राज विभाग को अपनी भूमिका निभाने के निर्देश दिये। जनपद में स्थापित पिरूल प्लान्ट की जानकारी लेते हुए कहा कि पिरूल की योजना से गरीब वर्ग के लोगों को आय प्राप्ति के अवसर देता है। कृषि विभाग को जानवरों से फसलों की सुरक्षा हेतु घेरबाड कार्य को बेहतर बताया तथा और अधिक बढ़ाने के निर्देश दिये। ताकि लोगों की फसलों की सुरक्षा के साथ साथ क्षेत्र में पैदावार को बढा़वा मिल सकें। उन्होने पशुपालन विभाग द्वारा की जा रही कड़कनाथ पॉट्री पालन एवं पशुओं की कृत्रिम गर्भाधान की जानकारी ली। जिस पर जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में तीन लाख के करीब कड़क नाथ मुर्गी का लक्ष्य रखा गया है।

जिलाधिकारी धीरज सिंह गब्र्याल ने बताया कि जनपद में 20 हेक्टेअर पर कीवी प्लांटेंसन का कार्य चल रहा है, जिसमें पहली बार बजट का प्रोविजन किया गया है तथा हिमाचल, बागेश्वर से प्लांट मंगाये गये हैं। मुख्य विकास अधिकारी आशीष भटगांई ने विकास कार्यो की जानकारी देते हुए बताया कि जिला योजना में 7986.00 लाख अनुमोदित परिव्यय के सापेक्ष क्रमिक व्यय 6369.05 अवमुक्त धनराशि के सापेक्ष ब्यय 88.66 प्रतिशत है। बीस सूत्रीय कार्यक्रम के तहत जनपद की प्रगति 86.11 के साथ पहला स्थान पर है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष प्राइमरी सेक्टर विभाग यथा कृषि, पशुपालन, उद्यानीकरण, पर्यटन, दुग्ध, मत्स्य, मौन पालन, सहकारिता आदि क्षेत्रों पर फोकस किया गया, जिसमें अनुमोदित परिव्यय 13.40 करोड़ था। बताया कि 702 पॉलीहाउस को एनआरएलएम एवं आईएलएसपी के समूहों को दिये गये हैं तथा 90 प्रतिशत सब्सिडी दे रहे हैं। जनपद के सभी विकास खण्डों में करीब 300 न्यूट्री गार्डन बना रहे है। जिनमें से 105 बनकर तैयार हो गये है, जिनकी रख रखाव महिला समूह आदि किया जा रहा है।

इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिह रावत, विधायक पौड़ी मुकेश सिह कोली, विधायक लैंसडोन दिलीप रावत, जिला पंचायत अध्यक्ष शांति देवी, नगर पालिकाध्यक्ष यशपाल बेनाम, बहुउद्देशीय सहकारिता समिति अध्यक्ष संपत सिह रावत आदि उपस्थित थे।

कोटद्वार से श्रीनगर के बीच बनेगी ऑलवेदर रोड

ऑलवेदर रोड की तर्ज पर कोटद्वार से श्रीनगर तक हाईवे का निर्माण किया जाएगा। इसके तहत कोटद्वार से श्रीनगर तक हाईवे की चैड़ाई 12 मीटर होगी। एनएच के चैड़ीकरण और डामरीकरण का कार्य चार चरणों में किया जाएगा। कोटद्वार-पौड़ी-श्रीनगर हाईवे चारधाम यात्रा का वैकल्पिक मार्ग बनेगा और इसके बनने से यूपी, दिल्ली के पर्यटकों को आवाजाही में सुगमता होगी। यह बातें वन मंत्री डा. हरक सिंह रावत ने पत्रकार वार्ता में कहीं।

वन मंत्री डा. हरक सिंह रावत ने बताया कि कोटद्वार-पौड़ी-श्रीनगर हाईवे पौड़ी गढ़वाल जिले की लाइफ लाइन बनेगी। इस हाईवे के बनने से जिले में पलायन पर रोक लगेगी और टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि कोटद्वार से श्रीनगर तक हाईवे की चैड़ाई 12 मीटर होगी, जबकि मेरठ से कोटद्वार तक एनएच को फोर लेन बनाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि गत विधानसभा चुनाव के दौरान नितिन गडकरी ने एनएच को आलवेदर रोड की तर्ज पर निर्माण कराने की घोषणा की थी, जिसे सरकार जल्द पूरा करने जा रही है। कहा कि पहले चरण में सतपुली से अगरोड़ा के लिए वन भूमि क्लीयरेंस के साथ ही 82 करोड़ की धनराशि की स्वीकृति मिल चुकी है। अगले तीन-चार दिनों में टेंडर की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। कहा कि कोटद्वार से दुगड्डा के लिए 196 करोड़, दुगड्डा से गुमखाल के लिए 225 करोड़, गुमखाल से सतपुली के लिए 250 करोड़ और अगरोड़ा से श्रीनगर के लिए 280 करोड़ के प्राक्कलन को भी जल्द स्वीकृति मिल जाएगी। इस मौके पर वन मंत्री के ओएसडी विनोद रावत, पीआरओ सीपी नैथानी, सुरेंद्र सिंह गुसाईं, मुकेश नेगी आदि मौजूद रहे।

द्वितीय चरण में बनेंगी सुरंग
वन मंत्री ने कहा कि एनएच के चीफ और मुख्य वन संरक्षक गढ़वाल की बैठक में वन भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया की जा रही है। द्वितीय चरण में दुगड्डा से सतपुली और सतपुली से खंडाह के लिए सुरंगें प्रस्तावित की जाएगी।