ऋषिकेशः योगाचार्य सूरज नौटियाल को मिला प्राइम आर्थर अवॉर्ड

यमकेश्वर ब्लॉक के नीलकण्ठ मल्ली तलाई पौड़ी गढ़वाल निवासी सूरज नौटियाल को लेखन शैली के लिए प्राइम आर्थर अवार्ड मिलने पर अंतरराष्ट्रीय गढ़वाल महासभा ने खुशी जताई है।

महासभा के अध्यक्ष डॉ राजे सिंह नेगी ने कहा कि सूरज की उपलब्धि ना सिर्फ यमकेश्वर ब्लॉक बल्कि समूचे उत्तराखंड के लिए गौरवान्वित करने वाली है। धन्य है। मां रोशनी देवी जिन्होंने सूरज के पिता स्वर्गीय चमनलाल नौटियाल का साया उसके सिर से उठने के बाद भी उसे ऐसी संस्कारित शिक्षा दी कि वह देश के उदयीमान लेखकों की फेहरिस्त में अपना नाम दर्ज करा पाया।

कहा कि कुछ युवा लेखक बनना चाहते हैं, लेकिन उचित प्लेटफॉर्म नहीं मिलने की वजह से उनकी यह हसरत पूरी नहीं हो पाती है। सरकार को इस पर ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि जल्द ही योगाचार्य सूरज नौटियाल को सम्मानित किया जायेगा।

सेवा आश्रम के महंत गोविंद दास की मौत, दी जल समाधि

लक्ष्मणझूला स्थित संत सेवा आश्रम के 65 वर्षीय महंत गोविंद दास महाराज की मौत हो गई। उन्हें जल समाधि दी गईं। वहीं, सूचना से क्षेत्र के संतों में शोक की लहर दौड़ गई।

दरअसल, महंत गोविंद दास महाराज को कुछ दिनों पूर्व बुखार के साथ सांस लेने में समस्या पैदा हुई थी। उन्हें एम्स में भर्ती कराया गया। यहां पर उनकी कोविड रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। यहां के बाद उन्हें हिमालयन अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां स्वास्थ्य में सुधार होने पर वे स्वयं आश्रम में आइसोलेट हो गए। आज सुबह उन्हें अंतिम सांस ली। वहीं, उनके आकस्मिक निधन से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।

बता दें कि महंत गोविंद दास स्पष्ट वादी और अपनी बात को बेबाकी के साथ रखने के लिए जाने जाते रहे है। अपने आश्रम में निर्धन और जरूरतमंदों की सेवा में वह सदैव तत्पर रहा करते थे।
यहीं नहीं, प्रदेश में जब भी कोई आपदा आई हो या कोरोना संक्रमण काल रहा हो सभी मौकों पर महंत गोविंद दास ने हमेशा मदद की है। वहीं, आज विरक्त वैष्णव मंडल से जुड़े तमाम संतो ने उनके ब्रह्मलीन होने पर दुख व्यक्त किया। रामानंद संप्रदाय से जुड़ा होने के कारण ने लक्ष्मण झूला गंगा तट पर अग्नि समाधि दी गई। इस मौके पर महंत सुरेश दास, महंत सीताराम दास, महंत निर्मल दास, पुजारी वृंदावन दास, डॉ. नारायण दास आदि उपस्थित रहे।

गंगा में नहाने के दौरान डूबा युवक, मौत

गुजरात के 20 वर्षीय युवक की लक्ष्मण झूला थाना क्षेत्र के अंतर्गत गंगा नदी में नहाने के दौरान डूबने से मौत हो गई।

पुलिस के मुताबिक लक्ष्मण झूला थाना क्षेत्र में गरुड़ चट्टी से 3 किलोमीटर आगे फूलचट्टी स्नान घाट पर एक युवक नहाने के दौरान डूब गया। मौके पर कंट्रोल रूम से पुलिस को सूचना मिली। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची, साथ में एसडीआरएफ की टीम भी गंगा में रेस्क्यू अभियान में शामिल रही। काफी मशक्कत के बाद डूबे युवक को नदी से बाहर निकाला गया तथा उसे राजकीय चिकित्सालय ऋषिकेश भेजा गया। यहां चिकित्सकों ने युवक को मृत घोषित कर दिया।

थाना प्रभारी निरीक्षक प्रमोद उनियाल ने मृतक की पहचान 20 वर्षीय वैभव पुत्र नीता निवासी ग्राम दिवराला थाना सील जिला जूनागढ़ गुजरात के रूप में कराई है।

लक्ष्मणझूला में विदेशी नागरिक की संदिग्ध मौत

लक्ष्मणझूला में एक आश्रम में 81 वर्षीय अमेरिकी नागरिक की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई। पुलिस ने अमेरिकी एंबेसी को सूचना भेज दी है। पुलिस अभी तक मौत को नेचुरल मान रही है, फिलहाल शव को पीएम के लिए भेज दिया गया है।

थानाध्यक्ष लक्ष्मणझूला प्रमोद कुमार उनियाल ने बताया कि संत सेवा आश्रम में विदेशी नागरिक का कक्ष अंदर से बंद होने व बाहर न आने की सूचना मिली। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजे को तोड़कर कक्ष के अंदर प्रवेश किया। तो विदेशी नागरिक का शव पड़ा मिला। थानाध्यक्ष के मुताबिक, विदेशी नागरिक नाम एरन है, जो 81 वर्षीय है तथा अमेरिका का निवासी है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं, अमेरिकी एंबेसी को भी सूचना भेज दी है।

पौड़ी में स्वास्थ्य परीक्षण के लिए महिलाओं को जाना होगा पुरूष चिकित्सालय

अनिल बहुगुणा, वरिष्ठ पत्रकार।
नोबोदित उत्तराखण्ड प्रदेश में पौड़ी जिले और शहर का दुर्भाग्य ही रहा है कि किसी भी आंदोलन के बूते जीती गई चीज पौड़ी के काम नहीं आई। अब महिलाओं के जिला चिकित्सालय को ही ले लीजिये, इस अस्पताल के भवन को अस्तित्व में लाने के लिये पौड़ी और 9 गांव की महिलाओं ने अबिभाजित उत्तराखंड के दौरान एक बड़े जन आंदोलन के जरिये अपने लिये अलग से महिला जिला अस्पताल का निर्माण करवा दिया था।

इस अस्पताल के अस्तित्व में आने के बाद महिलाएं अपने रोजमर्रा की शाररिक दिक्कतों को खुले मन से चिकित्सकों बता पाती थी इसके अलावा गर्भावस्था के दौरान होने वाली शाररिक बदलावों की झेंप से भी उनको निजात मिल जाती थी।

अबच्च्च् मोड़ में चले जाने के बाद पौड़ी जिला अस्पताल के संचालन कर्ताओं ने जिला महिला अस्पताल को पुरूष अस्पताल में मिला दिया है। अब इसी चिकित्सालय में महिलाओं का इलाज भी किया जायेगा। अस्पताल को च्च्च् मोड़ पर चलाने वाले ब्यापारियों ने अपने खर्चो को कम करने के लिये इस तरह की चाले चली है। हालांकि इस संबंध में जिला पंचायत अध्यक्ष शान्ति देवी और पौड़ी विद्यायक मुकेश कोली ने महिला अस्पताल के अस्तित्व को खत्म करने पर गंभीर आपत्ति जताई है। जिला पंचायत अध्यक्ष ने इस संबंध में कमिश्नर गढ़वाल और जिलाधिकारी पौड़ी गढ़वाल को पत्र लिखा है।

रात्रि चौपाल में सीएम ने वर्चुअल माध्यम से सुनी आम जन की समस्या

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने राजकीय प्राथमिक विद्यालय धोबीघाट, दुगड्डा में आयोजित रात्रि चौपाल में वर्चुअल तरीके से प्रतिभाग किया। चैपाल में आई 21 समस्याओं से 17 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया।

मुख्यमंत्री तीरथ ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि जनता की समस्याओं को दिन रात एक करके समाधान करना है। सभी जिलाधिकारी-मुख्य विकास अधिकारी और अन्य अधिकारी दुरस्थ क्षेत्र में रात्रि विश्राम कर चैपाल के माध्यम से लोगों की समस्याओं का समाधान करें। कोई भी समस्या समाधान हेतु 01 माह से उपर का समय नही लगना चाहिए। राज्य में जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन करने के लिए अधिकारियों को 75 दिन का वर्क प्लान बनाने के निर्देश दिए गये हैं।

रात्रि चैपाल में ब्लॉक प्रमुख रूची कैन्तुरा की दुग्गड्डा में आ रही मोबाईल कनेक्टीविटी प्राब्लम की शिकायत का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने एक सप्ताह के अन्दर सर्वे कराकर उक्त समस्या का निराकरण करने के निर्देश दिये। महिला स्वयं सहायता समूह द्वारा मुख्यमंत्री को सब्जी उत्पादन एवं विक्रय में आ रही समस्याओं से अवगत कराया गया, मुख्यमंत्री तीरथ द्वारा उद्यान विभाग के अधिकारियों को कैम्प लगाकर राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं से रूबरू कराकर जनता में जागरूकता लाने के निर्देश दिये गये। मुख्यमंत्री तीरथ ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा स्वरोजगार एवं स्वयं सहायता समूहों हेतु कई योजनायें चला रही है। बीज एवं कृषि यन्त्रों में सब्सीडी दी जा रही है, बिना ब्याज के ऋण मुहैया कराया जा रहा है।

मुख्यमंत्री तीरथ ने दुगड्डा क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं सहित महिला चिकित्सक की कमी की शिकायत का संज्ञान लेते हुए तुरन्त इस पर कार्यवाही करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज ही उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर निर्देश दिये है कि प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सुविधाओं को सुधारने के लिए विशेष प्रयास किये किये जाने के साथ ही स्वास्थ्य विभाग में रिक्त पदों के लिए शीघ्र अधियाचन भेजे जाय।

मुख्यमंत्री तीरथ ने चौपाल में आई सभी समस्याओं को अधिकारियों से गंभीरता से लेने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता को किसी भी कार्य हेतु सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़े। उन्होंने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बर्दाश्त नही की जायेगी।

कुंभ मेला क्षेत्र में व्यवस्थाओं को दो दिन में पूरा करें अधिकारीः मुख्य सचिव

आस्था का महापर्व कुंभ मेला शुरू होने में केवल चार दिन शेष रह गए हैं। बावजूद इसके अभी तक ऋषिकेश और आसपास के क्षेत्र में श्रद्धालुओं के लिए जुटाई जाने वाली व्यवस्थाएं अधूरी हैं। मुख्य सचिव ओमप्रकाश ने निरीक्षण के बाद यह तमाम बातों को उजागर किया।

दरअसल आज मुख्य सचिव ओमप्रकाश ने ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट, सरकारी अस्पताल मुनीकीरेती और स्वर्गाश्रम क्षेत्र में तमाम व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान काफी सारी कमियां मुख्य सचिव को दिखाई दी। जिस पर उन्होंने अधिकारियों को फटकार भी लगाई। मौके पर 2 दिन में व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश भी दिए। इस दौरान कुंभ मेला अधिकारी दीपक रावत भी साथ में उपस्थित रहे। कुंभ मेला अधिकारी ने निरीक्षण से पहले गढ़वाल मंडल विकास निगम के रिसोर्ट में तमाम विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक भी की। जिसमें कुंभ मेले की व्यवस्थाओं में दिखाई दे रही कमियों को लेकर सवाल जवाब किए गए। इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि कुंभ की व्यवस्थाओं को लगातार बैठक दर बैठक हो रही है, फिर भी कमियां दुरुस्त होने का नाम नहीं ले रही हैं। ऐसे में मुख्य सचिव के द्वारा 2 दिन में कमियों को पूरा करने के दिए गए निर्देश कितने कारगर साबित होंगे। वही नगर की महापौर अनीता ममगाई ने मुख्य सचिव को एक ज्ञापन देकर गंगा की जलधारा त्रिवेणी घाट तक लाने के लिए तटबंध बनाने की मांग की है।

निरीक्षण में मेलाधिकारी कुम्भ दीपक रावत, जिलाधिकारी गढ़वाल डाॅ0 विजय कुमार जोगदण्डे, जिलाधिकारी देहरादून डॉ आशीष कुमार श्रीवास्तव, जिलाधिकारी ईवा आशीष श्रीवास्तव आदि अधिकारी मौजूद थे।

राजाजी की चीला रेंज में शावक गुलदार की मौत

राजाजी टाइगर रिजर्व की चीला रेंज में एक गुलदार के शावक के मृत मिलने से हड़कम्प मच गया। घटना राजाजी पार्क की चीला रेंज में वन कर्मियों को पावर हाउस के पीछे शव बरामद हुआ।

मौके पर पहुंचे वन कर्मियों ने बताया कि मृतक गुलदार के शावक की उम्र तकरीबन 25 माह तक ही है। बताया कि यह शावक कुछ दिन पूर्व ही अपनी मां से अलग हुआ था। संभवतया मृतक शावक और बाघ के बीच संघर्ष हुआ है, मृतक शावक के शरीर पर कई जगह चोट के निशान मिले है। पशु चिकित्सक व वार्डन के अनुसार शावक गुलदार और बाघ के बीच काफी देर तक संघर्ष चलता रहा। मृतक शावक के शरीर में कई जगह बाघ के दांत के निशान पाए गए। बताया कि शावक के शव का पोस्टमार्टम होने के बाद ही मौत के कारण की पुष्टि होगी।

वल्र्ड रिकाॅर्ड में हिस्सा लेने वाले चित्रकार व टीम को यमकेश्वर ने सराहा

वल्र्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड में हिस्सा लेने वाले चित्रकार राजेश चन्द्र व उनकी टीम ने उप जिलाधिकारी यमकेश्वर मनीष कुमार सिंह से लक्ष्मण झूला स्थित कैम्प कार्यालय में भेंट की।

राजेश ने उप जिलाधिकारी को एक पोर्ट्रेट भी भेंट किया। बतादें कि हाल ही में राजेश की अगुवाई में तीर्थनगरी के कलाकारों ने वल्र्ड बुक ऑफ रिकार्ड की प्रदर्शनी में हिस्सा लिया था। इस प्रदर्शनी को विश्व की सबसे बड़ी ऑनलाइन क्रिएटिव इवेंट के खिताब वल्र्ड बुक ऑफ रिकार्ड यूनाइटेड किंगडम से मिला।

उप जिलाधिकारी ने राजेश चन्द्र, मानसी पोखरेल व सानिया बिष्ट को प्रशस्ति पत्र भेंट किया। साथ ही राज्य व देश का नाम रोशन करने पर शुभकामनाएं दी। कहा कि हमारा राज्य प्रतिभाओं से भरा हुआ है बस जरूरत है तो उन्हें पहचान दिलाने की। इस मौके पर मनीष कुमार सिंह, राजेश चन्द्र, कोविड नोडल आफिसर चंद्रप्रकाश भारती, मानसी पोखरेल और सानिया बिष्ट मौजूद रहे।

परमार्थ निकेतन में निकली शिव बारात, प्रसिद्ध तालवादक शिवमणि के संगीत से भक्तिमय हुआ माहौल

परमार्थ निकेतन में उमंग, उत्साह और उल्लास के साथ शिवरात्रि महोत्सव मनाया गया। परमार्थ गुरूकुल के ऋषिकुमारों ने ड्रम, ढोल-नगाड़े की ताल पर कीर्तन करते हुये भगवान शिव की बारात निकाली।
स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने महाशिवरात्रि के अवसर पर रूद्राक्ष के पौधों का रोपण, पूजन और सिंचन कर भगवान शिव की स्तुति की। उन्होंने संदेश दिया कि जैवविविधता, जीव विविधता, जीवन में एकता तथा विभिन्नता में एकता यही भारत की विशेषता है और यही सत्य है, यही शिव है, यही सुन्दर है। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर दिव्य गंगा आरती के पश्चात सभी योग साधकों और श्रद्धालुओं ने प्रसिद्ध ड्रम व तालवादक शिवमणि के मंत्रमुग्ध करने वाले संगीत का आनन्द लिया। इसके बाद परमार्थ गंगा तट पर वैदिक मंत्रों एवं दिव्य शंख ध्वनि के साथ शिवाभिषेक किया गया। शिवमणि ने अपनी वर्चुअल परफारमेंस दी।

स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने महाशिवरात्रि के अवसर पर शिवपरिवार का उदाहरण देते हुये कहा कि विविधता में एकता, समर्पण और प्रेम का सबसे उत्कृष्ट उदाहरण है भगवान शिव का परिवार। भगवान शिव के गले में सर्प, श्री गणेश का वाहन चूहा और श्री कार्तिकेय का वाहन मोर है, सर्प, चूहे का भक्षण करता है और मोर, सर्प का परन्तु परस्पर विरोधी स्वभाव होते हुये भी शिव परिवार में आपसी प्रेम है। अलग-अलग विचारों, प्रवृतियों, अभिरूचियों और अनेक विषमताओं के बावजूद प्रेम से मिलजुल कर रहना ही हमारी संस्कृति है और शिव परिवार हमें यही शिक्षा देता है।
डाॅ साध्वी भगवती सरस्वती ने कहा कि शिवरात्रि महापर्व हमें अपनी अंतरचेतना से जुड़ने, सत्य को जनाने, स्व से जुड़़ने तथा शिवत्व को प्राप्त करने का अवसर प्रदान करती है। जीवन में आये विषाद्, कड़वाहट और दुख को पी कर आनन्द से परमानन्द की ओर बढ़ने का संदेश देती है। महाशिवरात्रि पूर्ण सत्य और आनन्द की प्राप्ति का महामंत्र है।