केदारनाथ पहुंचे सीएम ने श्रद्धालुओं से की वार्ता, साधु संतों से की भेंट

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्री केदारनाथ में पूजा-अर्चना कर बाबा केदार से प्रदेश एवं प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री ने श्री केदारनाथ में पधारे साधु-संतों से भेंट भी की।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर श्री केदारनाथ में चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों का निरीक्षण भी किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि यात्रियों की सुविधा के दृष्टिगत श्री केदारनाथ में हर संभव सुविधा उपलब्ध कराई जाए। सभी निर्माण कार्य तय समय सीमा के अन्दर पूर्ण किये जाएं। मुख्यमंत्री ने श्री केदारनाथ में बाबा केदार के दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं से बातचीत भी की।

मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी रूद्रप्रयाग मयूर दीक्षित को निर्देश दिये कि यह प्रयास किये जाएं कि श्री केदारनाथ में बाबा केदार के दर्शन के लिए पहुंचने वाले 15 से 20 हजार श्रद्धालुओं को प्रतिदिन ठहरने की उचित व्यवस्था रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां आने वाले श्रद्धालु देवभूमि का अच्छा संदेश लेकर देश-दुनिया में जाएं, इसके लिए श्रद्धालुओं को हर संभव सुविधा उपलब्ध कराने के प्रयास सरकार द्वारा किये जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में भव्य एवं दिव्य केदारपुरी का निर्माण हो रहा है। श्री केदारनाथ के निकटवर्ती स्थानों को आध्यात्मिक पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के लिए योजना बनाई जा रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में श्री केदारनाथ एवं गौरीकुण्ड से केदारनाथ पैदल मार्ग पर अध्यात्म एवं श्रद्धालुओं की सुविधा के दृष्टिगत अनेक कार्य किये जा रहे हैं।

इस अवसर पर बद्री-केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेन्द्र अजय, अजय सेमवाल, दिनेश उनियाल जिला अध्यक्ष भाजपा, वरिष्ठ तीर्थ पुरोहित श्रीनिवास पोस्ती, विनोद राणा सदस्य जिला पंचायत कालीमठ, अध्यक्ष जिला पंचायत सुमंत तिवारी, विनोद शुक्ला, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी केदारनाथ योगेन्द्र सिंह आदि उपस्थित थे।

बीडीसी की बैठकों में डीएम, सीडीओ सहित उच्च अधिकारी अनिवार्य रूप से करें प्रतिभाग-धामी

प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने एक दिवसीय जनपद भ्रमण के दौरान देर शाम को रुद्रप्रयाग स्थित गढ़वाल मंडल विकास निगम के गेस्ट हाउस बहुदेश्य भवन में विभागों के अंतर्गत संचालित योजनाओं की समीक्षा ली।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जिले में समाज कल्याण विभाग द्वारा बच्चों, वृद्धजन और दिव्यांगों के लिए तैयार महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट ’कवच’ भी लांच किया।
बैठक में जिलाधिकारी द्वारा जनपद में संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। वहीं पुलिस अधीक्षक आयुष अग्रवाल द्वारा जनपद में यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जानकारी दी।
बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सरलीकरण, समाधान और निस्तारण के मूल मंत्र पर काम कर रही है। सभी विभागों का दायित्व होना चाहिए कि जनता को किसी तरीके की परेशानी ना हो अगर किसी काम में कोई व्यावहारिक दिक्कत है तो उसका रास्ता निकाला जाए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि तहसील दिवसों को नियमित आयोजित किया जाए। तहसील दिवसों को और अधिक प्रभावशाली बनाने के साथ-साथ बीडीसी की बैठकों में जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी सहित अन्य उच्च अधिकारी को अनिवार्य रूप से प्रतिभाग करने के निर्देश दिए है।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि ग्राम सभा में चौपाल की व्यवस्था भी की जाए इसके साथ ही हर गांव में साल में एक विशेष आयोजन कर स्थापना दिवस के तौर पर ग्राम दिवस के रूप में आयोजित किया जाए। उन्होंने कहा कि हम सबका दायित्व है कि बेहतर कार्य संस्कृति के साथ काम किया जाए।
मुख्यमंत्री ने विभागों की जनपदीय समीक्षा में पौराणिक जल स्रोतों के पुनर्जीवन करने, नेशनल हाईवे और अन्य मुख्य मार्गों के आसपास वृक्षारोपण करने के साथ ही चार धाम यात्रा मार्ग पर बेहतर व्यवस्था करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कीवी उत्पादन, हथकरघा व हस्तशिल्प के उत्पादों को और बढ़ावा दिया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि केदारनाथ धाम में न्यूनतम 15 से 20 हजार लोगों के रहने की व्यवस्था की जाए इसके साथ ही सरकार की योजनाओं एवं सरकारी अभियान में जनता को सहभागी बनाकर आगे बढ़ाया जाए।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिला स्तर पर भी आने वाले 25 वर्षों के रोड मैप तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव के बाद अब अमृत काल में हम सब प्रवेश कर रहे हैं, इसलिए इस अमृत काल में विशेष कार्य योजना के साथ हम सब कार्य करें। उन्होंने कहा कि केदारनाथ तीर्थ यात्रियों को बाबा केदार के दर्शन हेतु पंक्तियों में खड़े होकर इंतजार ना करना पड़े इसके लिए ठोस कार्य योजना तैयार की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस प्रकार भारत सरकार में नीति आयोग थिंक टैंक के रूप में अहम भूमिका निभाता है उसी प्रकार जनपद स्तर पर विकास विभाग भी थिंक टैंक की भूमिका निभा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरलीकरण, समाधान और निस्तारण को कार्यशैली में शामिल करते हुए जनता की समस्याओं के निराकरण की पहल शुरू करें।
बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष सुमंत तिवारी, विधायक रुद्रप्रयाग भरत सिंह चौधरी, केदारनाथ शैला रानी रावत, बद्री केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय, जिलाध्यक्ष भाजपा दिनेश उनियाल, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, पुलिस अधीक्षक आयुष अग्रवाल, मुख्य विकास अधिकारी नरेश कुमार, अपर जिला अधिकारी दीपेन्द्र सिंह नेगी, डीएफओ रुद्रप्रयाग अभिमन्यु, डीएफओ केदारनाथ इंद्र सिंह नेगी, जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर, परियोजना निदेशक ग्राम विकास रमेश चंद्र, उप जिलाधिकारी परमानन्द राम, उप जिलाधिकारी अपर्णा ढोंडियाल, अधीक्षण अभियंता सिंचाई सुधीर कुमार, अधिशासी अभियंता लोनिवि जीत सिंह रावत, जिला बचत अधिकारी सूरत लाल समेत अन्य लोग मौजूद रहे।

उत्तराखंड के लिए नासूर हैं गड़बड़ियां, नहीं बख्शे जायेंगे भर्ती घोटाले के दोषी-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भर्तियों में गड़बड़ी से योग्य छात्रों के भविष्य प्रभावित हुआ है। इसलिए केदारबाबा की सौगंध खाता हूं कि भर्ती परीक्षाओं में फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करूंगा। इसमें अब तक हुई जांच में जिसका भी नाम आया उसे जेल भेजा गया है। अंतिम आरोपित के पकड़े जाने तक हमारी कार्रवाई जारी रहेगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद की कुल 46680.95 लाख रुपए की विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया गया। शनिवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जनपद में प्रवास कार्यक्रम के तहत रुद्रप्रयाग पहुंचे हैं। इस मौके पर उन्होंने भर्तियों में नकल प्रकरण को लेकर यह बातें कहीं।

घपले व घोटाले हुए, पर जांच नहीं हुई
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वर्ष 2014-15 में समूह ग की परीक्षाओं के लिए उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग का गठन किया गया। तब से अब तक घपले व घोटाले हुए हैं, लेकिन जांच कभी भी नहीं हुई।

मैंने बाबा केदार की खाई है सौगंध
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भर्तियों में गड़बड़ी आने पर मैंने बाबा केदार की सौगंध खाई है कि कि गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कठोर करवाई करूंगा। उत्तराखंड के लिए यह गड़बड़ियां नासूर हैं।

हमने उठाया हैं सख्त कदम
हमारे पास होनहार युवा हैं जिनके पास योग्यता है। होनहार छात्र अपनी शिक्षा के बल पर आगे बढ़ना चाहता है। इन होनहार छात्रों का रास्ता रोकने का कार्य नकल माफिया ने किया है। इसलिए हमने सख्त कदम उठाया है।

जनप्रतिनिधियों से बोले सीएम आप और हम जनसेवक

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को जीएमवीएन तिलवाड़ा में जनपद के जिला पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य ग्राम प्रधान, सभासदों एवं विभिन्न जनप्रतिनिधियों से संवाद किया।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सब जनप्रतिनिधि जनता के प्रति जिम्मेदार लोग हैं, सबका दायित्व है कि अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूर्ण मनोयोग से करें। उन्होंने कहा कि हमारा ध्येय होना चाहिए कि मिलकर विकास के लक्ष्य को लेकर आगे बढ़ाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपद स्तरीय जो काम हैं उनके लिए जनप्रतिनिधियों को देहरादून तक न आना पड़े। जिस कार्य का समाधान जहां हो सकता है वहीं उसे पूर्ण कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि हम सबको एक वर्क कल्चर स्थापित करना है।
मुख्यमंत्री ने चार धाम यात्रा के सफल संचालन के लिए सभी जनप्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड महामारी के दौरान भी जनप्रतिनिधियों की अहम भूमिका रही यही कारण है कि हम सबने कोविड महामारी से डटकर मुकाबला किया। मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों से आह्वान करते हुए कहा कि हम सब को वर्ष 2025 तक उत्तराखंड को सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने की दिशा में मिलकर काम करना है।
इस दौरान रुद्रप्रयाग विधायक भरत चौधरी, केदारनाथ विधायक शैला रानी रावत, बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय, जिला पंचायत अध्यक्ष सुमन्त तिवाड़ी, पूर्व विधायक आशा नौटियाल व बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

रुद्रप्रयाग जिले को सीएम की सौगात, 46680 लाख रुपये के कार्यो का लोाकर्पण और शिलान्यास

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तिलवाड़ा, रूद्रप्रयाग में जनपद की विभिन्न विकास योजनाओं के तहत कुल 46680.95 लाख रुपए के कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। उन्होंने जनपद के विकास हेतु 14294.18 लाख रुपए का लोकार्पण तथा 32386.77 लाख रुपए के विकास कार्यों का शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने कार्यक्रम स्थल में लगाए गए विभिन्न विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण भी किया।
मुख्यमंत्री ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश को अग्रणी राज्य बनाने हेतु सरकार दृढ़ संकल्पित है। केंद्र व राज्य सरकार द्वारा हर वर्ग के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दिव्य-भव्य केदारपुरी का निर्माण हो रहा है। प्रधानमंत्री का उत्तराखंड राज्य से बड़ा आत्मीय रिश्ता है, जितनी तत्परता उन्होंने हमारे राज्य के विकास को लेकर दिखाई है, उतनी कभी किसी और प्रधानमंत्री ने नहीं दिखाई। धामी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य राज्य स्थापना की रजत जयंती तक उत्तराखंड को उत्कृष्ट उत्तराखंड बनाना है। सबके सहयोग से राज्य को हर क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाया जाएगा इसके लिए राज्य सरकार विकल्प रहित संकल्प से आगे बढ़ रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बद्री-केदार यात्रा के दृष्टिगत जनपद के मयाली से गुप्तकाशी व भीरी से मक्कू, चोपता तक राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित किये जाने हेतु प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा जायेगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि स्यूंड से धौलसारी (मचकंडी) कमेडा तक 3 कि.मी मोटर मार्ग का नव निर्माण किया जायेगा। विकास खंड अगस्त्यमुनि के अंधेरगढ़ी से तलसारी मोटर मार्ग के जयचौंरा से ऐंटा-पवननगर-थापली मोटर मार्ग का नव निर्माण कार्य किया जायेगा। भंगर कमसाल तक 04 कि.मी. मोटर मार्ग तथा मयाली-गुप्तकाशी मोटर मार्ग के बड़ेथ के बगुला नामक तोक से भटवाड़ी गांव तक 03 कि.मी. मोटर मार्ग के नवनिर्माण किया जायेगा। विधानसभा केदारनाथ के सीमांत गांव चिलौंड, स्यांसू एवं तोषी के लिए स्वीकृत मोटर मार्गों की द्वितीय चरण की वित्तीय स्वीकृति जल्द दी जायेगी। मुख्यमंत्री ने शहीद राय सिंह बंगारी इंटर कॉलेज चमालकोट तुनेटा भरदार को इंटर स्तर पर अनुदान प्रदान किया जायेगा। विकासखण्ड जखोली के अंतर्गत तिलवाड़ा-सौंराखाल मोटर मार्ग पर हॉटमिक्स करवाई जायेगी। जखोली महाविद्यालय को स्नातकोत्तर महाविद्यालय का दर्जा देने के साथ ही हिन्दी, भूगोल, अंग्रेजी व अर्थशास्त्र विषयों को मान्यता प्रदान की जायेगी। बच्छणस्यूं क्षेत्र में जिला सहकारी बैंक की स्थापना की जायेगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संचालित विभागीय योजनाओं के तहत जनपद के पात्र लाभार्थियों को पुरस्कृत किया। कार्यक्रम स्थल जीएमवीएन में विकास खंड वार अलग-अलग योजनाओं में मुख्यमंत्री द्वारा 37 चयनित पात्र लाभार्थियों एवं 04 स्वयं सहायता समूहों को पुरस्कृत किया गया। स्टार्टअप फंड के तहत विकास खंड ऊखीमठ के उड़ान स्वायत्त सहकारिता मनसूना, अगस्त्यमुनि के उन्नत्ति स्वायत्त सहकारिता सतेराखाल को जबकि विकास खंड जखोली के महिला उत्थान स्वायत्त सहकारिता व संगम महिला स्वायत्त सहकारिता थाती बड़मा को दो-दो लाख रुपए की धनराशि देकर पुरस्कृत किया गया। इसी तरह सब्जी, मत्स्य, कृषि, पशुपालन, सिंचाई आदि सहित दुकान निर्माण व ऋण वितरण हेतु अन्य 37 चयनित लाभार्थियों को मुख्यमंत्री ने योजना के तहत पुरस्कृत किया।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष सुमंत तिवारी, विधायक रुद्रप्रयाग भरत सिंह चौधरी, विधायक केदारनाथ शैला रानी रावत, जिलाध्यक्ष भाजपा दिनेश उनियाल, बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, मुख्य विकास अधिकारी नरेश कुमार, जिला स्तरीय अन्य अधिकारी व बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।

तिरंगा अभियान को लेकर श्रद्धालुओं में भी खासा उत्साह

आजादी के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रम के तहत 13 से 15 अगस्त तक हर घर तिरंगा कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए भगवान बदरी विशाल के मंदिर में सेना के जवानों विदेशी और स्वदेशी श्रद्धालुओं ने तिरंगा यात्रा निकाली। वहीं बाबा केदारनाथ में आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रम की श्रृंखला में बाबा केदारनाथ धाम में जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन व मन्दिर समिति के संयुक्त तत्वाधान में कार्यक्रम आयोजित कर केदारनाथ धाम में दर्शन करने आ रहे तीर्थ यात्रियों एवं केदारनाथ धाम मे यात्रा व्यवस्था में तैनात अधिकारियों व कर्मचारियों तीर्थ पुरोहितों व्यापारियों द्बारा मानव श्रृंखला बनाकर कर तिरंगा रैली का आयोजन किया गया। जिसका शुभारंभ केदारनाथ मंदिर परिसर से किया गया। तिरंगा रैली कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य हर घर तिरंगा फहराये जाने के लिए जनपद वासियों सहित प्रदेश वासियों को जागरूकता संदेश दिया गया। जिससे सभी लोग इस राष्ट्रीय पर्व में शामिल होकर अपने घरों में तिरंगा अवश्य फहराये।
जिला मुख्यालय रूद्रप्रयाग में शिक्षा विभाग के तत्वावधान में सरस्वती विद्या मंदिर के छात्र छात्राओं ने नगर में तिरंगा रैली का आयोजन किया गया। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायती राज विभाग द्वारा कार्यक्रम आयोजित कर ग्रामीणों द्बारा अपने घरों में तिरंगा लगाने के लिए तिरंगा झंडा उपलब्ध कराने के साथ साथ लोगों को सभी घरों मे 13 से 15 अगस्त तक राष्ट्रीय ध्वज लगाये जाने के लिए जागरुक किया गया।

नाबालिग जच्चा बच्चा की मौत मामले में जांच बैठाई

रुद्रप्रयाग जिला चिकित्सालय में एक नाबालिग ने बच्चे को जन्म दिया और कुछ ही समय में जच्चा-बच्चा दोनों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि नाबालिग को पेट दर्द की शिकायत पर उसकी मां जिला अस्पताल लाई थी। जहां दोनों की मौत हो गई। हैरानी बात है कि न तो नाबालिग की मां ने अस्पताल को पूरा मामला बताया और न ही चिकित्सालय प्रशासन नाबालिग के गर्भवती होने की जानकारी ले सका।
जानकारी के अनुसार मुख्यालय के नजदीकी क्षेत्र की एक नाबालिग को पेट में दर्द होने पर उसकी मां उसे जिला चिकित्सालय लाई। यहां डॉक्टरों को दिखाने पर हीमोग्लोबिन की कमी पाई गई। डॉक्टर ने जांच के लिए लिखा। जब हीमोग्लोबिन काफी कम पाया गया तो डॉक्टर ने अन्यत्र रेफर करने की सलाह दी। बताया जा रहा है कि मां ने अस्पताल में ही इलाज करने को कहा, किंतु रात में जब नाबालिग को प्रसव का दर्द हुआ तो वह जिला अस्पताल के शौचालय में गई और यहां बच्चे को जन्म देकर वापस वार्ड में आ गई।
इस बीच उन्हें काफी खून बहने लगा। नाबालिग की स्थिति सुबह आने तक बिगड़ती गई और उसने दम तोड़ दिया। वहीं जब सुबह सफाईकर्मी शौचालय में गए तो उन्हें यहां मृत नवजात मिला। इसके बाद अस्पताल में सनसनी फैल गई। बताया जा रहा है कि यदि नाबालिग की मां पूरी सच्चाई डॉक्टरों को बता देती तो शायद उसकी जान बच सकती थी।
इधर, मामले में अस्पताल प्रशासन ने जांच बैठा दी है। जिला चिकित्सालय में तैनात मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ.राजीव सिंह पाल ने बताया कि शुक्रवार दोपहर के समय एक नाबालिग लकड़ी को लेकर उसकी मां जिला चिकित्सालय पहुंची थी। जांच करने पर पता चला कि उसमें हिमोग्लोबिन की कमी है। चिकित्सक उसे आगे के लिए रेफर कर रहे थे, किंतु नाबालिग की मां ने मना कर दिया और लिखित रूप में यह कहकर दिया कि उसका उपचार यहीं किया जाए।
रात के समय नाबालिग ने बच्चे को जन्म दिया और प्रसव के बाद उपचार न मिलने के कारण नाबालिग की भी मौत हो गई। पूरी घटना में नाबालिग के परिजनों की गलती सामने आ रही है। पूरे मामले की पुलिस और अस्पताल प्रबंधन जांच कर रहा है। कोतवाली निरीक्षक जयपाल नेगी ने बताया कि अस्पताल की सूचना पर शव का पंचनामा भरते हुए पोस्टमार्टम करा दिया गया है।

केदारनाथ मंदिर में अब गर्भगृह के भी होंगे दर्शन

केदारनाथ जाने वाले तीर्थ यात्री अब मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश कर स्वयंभू शिवलिंग के दर्शन कर सकेंगे। अब तक धाम में भारी भीड़ को देखते हुए श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति की ओर से तीर्थ यात्रियों को सभामंडप से ही बाबा के दर्शन कराए जा रहे थे। लेकिन, मानसून सीजन में तीर्थ यात्रियों की संख्या में कमी आने के कारण शुक्रवार से उन्हें गर्भगृह में प्रवेश की अनुमति दे दी गई।
मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने बताया कि इस वर्ष मई-जून में रिकार्ड तीर्थ यात्री बाबा के दर्शनों को केदारनाथ धाम पहुंचे। इसके चलते गर्भगृह में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया था और तीर्थ यात्री सभामंडप से ही बाबा के दर्शन कर रहे थे। लेकिन, मानसून सीजन में तीर्थ यात्रियों की संख्या काफी कम हो गई है, लिहाजा अब वे गर्भगृह में जाकर पूजा-अर्चना कर सकते हैं।
मंदिर समिति के अध्यक्ष ने बताया कि शुक्रवार से मंदिर में दर्शनों का समय भी बदल दिया गया है। अब सुबह चार बजे के स्थान पर पांच बजे से धर्म-दर्शन शुरू हो रहे हैं। दोपहर बाद तीन से शाम 4ः45 बजे तक भोग-पूजा व सफाई के लिए मंदिर के कपाट बंद रखे जा रहे हैं। शाम को शृंगार पूजा के बाद रात नौ बजे मंदिर के कपाट बंद कर दिए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि बदरीनाथ धाम में भी भगवान नारायण की अभिषेक पूजा सुबह पांच बजे से शुरू हो रही है। पूजा के दौरान तीर्थ यात्रियों को धर्म दर्शन की अनुमति है। शाम को विभिन्न पूजाओं के बाद रात नौ बजे कपाट बंद कर दिए जा रहे हैं। बताया कि दोनों धाम में अब तक 17 लाख 38 हजार 499 तीर्थ यात्री दर्शनों को पहुंच चुके हैं।

केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्यो में लापरवाही बर्दाश्त नही-मुख्य सचिव

मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु ने बुधवार को सचिवालय में केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्यों की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि केदारनाथ में चल रहे सभी कार्य सुचारू रूप से चलते रहें, इसके लिए आवश्यक सामग्री और स्किल्ड-अनस्किल्ड लेबर की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि निर्माण सामग्री पहुंचाने हेतु भी फुल प्रूफ प्लान तैयार किया जाए ताकि किसी छोटी से छोटी सामग्री की कमी से कोई कार्य बाधित न हो। उन्होंने कहा कि निर्माण सामग्री के ट्रांसपोर्टेशन के लिए घोड़े-खच्चरों आदि की कमी नहीं हो, इसके प्रयास किए जाएं। चारधाम यात्रा में यात्रियों की संख्या कम होने से बहुत से घोड़े खच्चर के संचालकों को निर्माण सामग्री के ढुलान में लगाए जाने हेतु प्रयास किए जाएं।
मुख्य सचिव ने कहा कि स्किल्ड लेबर के साथ अनस्किल्ड लेबर को लगाकर स्किल्ड करने के प्रयास किए जाएं। उन्होंने कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूर्ण करने हेतु कार्यों में तेजी लाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण सामग्री और ट्रांसपोर्टेशन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लेबर को रहने खाने की समस्या न हो इसका विशेष ध्यान रखा जाए, साथ ही उनके बिलों का समय से भुगतान किया जाए।
इस अवसर पर सचिव दिलीप जावलकर सहित सम्बन्धित विभागों के उच्चाधिकारी एवं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग भी उपस्थित रहे।

श्री केदारनाथ धाम पहुंचे थल सेनाध्यक्ष मनोज पांडे

थल सेनाध्यक्ष मनोज पांडे ने रविवार को केदारनाथ धाम पहुंचकर भगवान केदारनाथ के दर्शन किए। इस दौरान उनके साथ सेना के कई अधिकारी मौजूद थे। दर्शन के बाद कुछ देर यहां रुकने के बाद वह वापस हुए। जानकारी के मुताबिक रविवार को सेना के शीर्ष कमांडर थल सेनाध्यक्ष मनोज पांडे सपरिवार सुबह केदारनाथ धाम पहुंचे। उन्होंने भगवान केदारनाथ के दर्शन कर पुण्य अर्जित किया। उनके साथ सेना के अन्य अधिकारी भी मौजूद थे। इधर, बदरी-केदार मंदिर समिति ने सेनाध्यक्ष का स्वागत किया और उन्हें केदारनाथ का प्रसाद भेंट किया। इस मौके पर पुजारी टी गंगाधर लिंग, मंदिर समिति प्रभारी अधिकारी आरसी तिवारी, मंदिर प्रशासनिक अधिकारी यदुवीर पुष्पवान, अरविंद शुक्ला ने थलसेनाध्यक्ष को भगवान केदारनाथ का प्रसाद भेंट किया।