सचिव पशुपालन विभाग डॉ. वी.वी.आर.सी पुरुषोत्तम ने जानकारी देते हुए बताया कि श्री केदारनाथ धाम यात्रा मार्ग में हो रही पशुओं की मृत्यु पर विभाग पूरी तरह से गंभीर है। उन्होंने जानकारी दी कि पशुपालन विभाग यात्रा मार्ग पर निरंतर स्थिति का निरीक्षण कर रहा है। विभाग द्वारा पशुओं को निरंतर चिकित्सा एवं उनके मालिकों को सुविधाएं प्रदान की जा रही है। उन्होंने जानकारी दी कि केदारनाथ यात्रा मार्ग में अभी तक 140 पशुओं की मृत्यु हुई है।
पशुपालन विभाग द्वारा अभी तक 6880 पशुओं का निरीक्षण किया गया है। जिनमें 1804 पशुओं को चिकित्सा प्रदान की गई है। 118 पशुओं को यात्रा हेतु अयोग्य पाया गया। इसके साथ ही 91 पशु मालिकों के चालान भी किए गए हैं। 411 पशुओं को यात्रा प्रतिभाग से ब्लॉक भी किया गया तथा 9 एफ आई आर भी दर्ज़ की गई है। साथ ही निरंतर पानी व चारे की व्यवस्था की जा रही है।
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केदानाथ का स्थलीय निरीक्षण कर मंत्री सौरभ बहुगुणा ने दिए आवश्यक निर्देश
जनपद में एक दिवसीय भ्रमण पर पहुँचे पशुपालन मंत्री सौरभ बहुगणा ने केदारनाथ यात्रा मार्ग सोनप्रयाग से गौरीकुण्ड तक स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने यात्रा मार्ग में संचालित हो रहे घोड़े खच्चरों के संबंध में संबंधित अधिकारियों एवं घोडे़ खच्चर संचालको से घोड़े खच्चरों का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिये। उन्होनें यात्रा मार्ग में घोड़े खच्चरों के पानी, रखरखाव की उचित व्यवस्था करने एवं जानवरों के साथ क्रूरता न करने के निर्देश घोड़े खच्चर संचालकों एवं हॉकरों को दिए। उन्होंने यात्रा मार्ग पर संचालित घोडा खच्चरों में से पचास फीसदी का संचालन ही एक दिन में करने के निर्देश दिए, उन्होंने हराहाल में घोड़े खच्चरों को एक दिन का आराम देने के निर्देश दिए। किसी भी दशा में घोड़े खच्चरों से डबल चक्कर न लगाये जाय, इसके लिये उन्होने पुलिस एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिये कि यदि किसी के द्वारा ऐसा किया जाता है तो उसके विरुद्व नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाय।
उन्होनें घोड़ा पड़ाव में घोडे खच्चरों के रहने के लिए शेड तैयार करने के हेतु उपजिलाधिकारी ऊखीमठ को प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिये। इसके साथ ही चिकित्सकों के लिए सोनप्रयाग एंव गौरीकुण्ड में आवास व्यवस्था करने के भी निर्देश दिये गये। मा0 मंत्री द्वारा घोड़े खच्चर यूनियन के अध्यक्ष से वार्ता करते हुए कहा कि यात्रा मार्ग में संचालित हो रहे घोड़े खच्चरों का ध्यान रखने को कहा गया। उन्होनें यह भी कहा कि यदि किसी मालिक एवं हॉकर द्वारा घोड़े खच्चर की देख-भाल ठीक ढंग से नही की जाती है तो इसकी सूचना जिला प्रशासन को दी जाये, इसके लिये उन्होनें सभी के सहयोग की अपेक्षा की। उन्होनें यह भी निर्देश दिये है कि यदि किसी घोड़े खच्चर की मृत्यु हो जाती है तो सुलभ द्वारा उसको दफनाने की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाय।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष अमरदेई शाह, सचिव पशुपालन, सहकारिता, डेयरी डॉ बी.बी.आर.सी. पुरुषोतम, अपर पुलिस अधीक्षक स्वप्न किशोर सिंह, उपजिलाधिकारी ऊखीमठ जितेन्द्र वर्मा, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ आशीष रावत, पुलिस उपाधीक्षक सोनप्रयाग योगेन्द्र गुसांई, गुप्तकाशी विमल रावत, घोडे खच्चर यूनियन के पदाधिकारी सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
केदारपुरी में निर्माण कार्यो का मुख्य सचिव ने लिया जायजा
मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु ने श्री केदारनाथ में चल रहे निर्माण कार्यों का संबंधित अधिकारियों के साथ स्थलीय निरीक्षण कर जायजा लिया। मुख्य सचिव ने निरीक्षण के दौरान कार्यदायी संस्था के अधिकारियों को निर्देश दिए कि केदारपुरी में जो भी निर्माण कार्य किए जा रहे हैं, उन कार्यों में तेजी के साथ गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखें। उन्होंने कहा कि श्री केदारनाथ में यात्रियों की सुविधाओं के दृष्टिगत हर संभव व्यवस्थाएं की जाएं। केदारनाथ धाम में जो भी निर्माण कार्य किए जा रहे हैं, उन कार्याे से केदारनाथ धाम में दर्शन करने आ रहे तीर्थ यात्रियों को कोई असुविधा न हो, इसके लिए निर्माण सामग्री को सुव्यवस्थित ढंग से रखने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने तीर्थ पुरोहितों हेतु बनाये जा रहे आवासीय भवनों का निर्माण कार्य को शीर्ष प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी, तीर्थ पुरोहितों के साथ समन्वय कर धाम के विकास कार्यों में और अधिक गति लाएं। मुख्य सचिव द्वारा चिकित्सालय कंट्रोल सेंटर, संगमघाट, मंदिर समिति का प्रशासनिक भवन, आस्था पथ आदि निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया गया। मुख्य सचिव ने केदारनाथ धाम में बनाये जा रहे वाटर एटीएम के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश कार्यदायी संस्था को दिए। निरीक्षण के बाद मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने श्री केदारनाथ के दर्शन कर पूजा-अर्चना की तथा प्रदेश की प्रगति एवं खुशहाली के लिए प्रार्थना की।
इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार, सचिव पर्यटन दिलीप जावलकर, जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग मयूर दीक्षित, पुलिस अधीक्षक रूद्रप्रयाग आयुष अग्रवाल, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी केदारनाथ योगेंद्र सिंह मौजूद रहे।
केदारपुरी के कार्यो का सीएस ने किया स्थलीय निरीक्षण
एक दिवसीय जनपद भ्रमण पर पहुंचे मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने श्री केदारनाथ धाम में चल रहे निर्माण कार्यों का संबंधित अधिकारियों के साथ स्थलीय निरीक्षण कर निर्माण कार्यों का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव द्वारा कार्यदायी संस्था के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि केदारपुरी में जो भी निर्माण कार्य किए जा रहे हैं उन कार्यों को गुणवत्ता के साथ शीर्ष प्राथमिकता से पूर्ण करना सुनिश्चित करें। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि केदारनाथ में यात्रियों की सुविधाओं के दृष्टिगत सुविधाओं को विकसित करना है तथा जो कार्य किया जा रहा है जिसमें तीर्थ पुरोहितों हेतु आवासीय भवन का निर्माण, चिकित्सालय कंट्रोल सेंटर, संगमघाट मंदिर समिति का प्रशासनिक भवन, यात्रियों की सुविधा हेतु रैन शैटर, आस्थापथ का निर्माण कार्य आदि जो भी निर्माण कार्य गतिमान हैं उन कार्यों को शीघ्रता से शीघ्र पूर्ण करना सुनिश्चित करें। इसके लिए उन्होंने श्रमिकों की संख्या बढ़ाने के निर्देश कार्यदायी संस्था को दिए तथा श्रमिकों के रहने व खाने की उचित व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए।
मुख्य सचिव द्वारा मंदाकिनी व सरस्वती नदी के दोनों ओर सुरक्षा के प्राविधान हेतु उचित व्यवस्था करने के लिए सचिव पर्यटन व जिलाधिकारी को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने मुख्य सचिव को केदारपुरी में चल रहे निर्माण कार्यों की जानकारी से अवगत कराया तथा जो भी निर्देश निरीक्षण के दौरान दिए गए हैं उनका तत्परता के साथ अनुपालन संबंधित कार्यदायी संस्था से कराया जाएगा।
इस अवसर पर पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर, मुख्य अभियंता लो.नि.वि. अहमद, अपर मुख्य अधिकारी/कार्यकारी अधिकारी केदारनाथ योगेंद्र सिंह, उप जिलाधिकारी ऊखीमठ जितेंद्र वर्मा, उप जिलाधिकारी के.एन. गोस्वामी, अधीक्षण अभियंता विद्युत एस. एस. कंवर, अधिशासी अभियंता डीडीएमए प्रवीण कर्णवाल, जल संस्थान सहित अन्य विभागीय अधिकारी व कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारी मौजूद रहे।
केदारनाथ धाम पहुंच सीएम ने ली पहाड़ी शैली में भवनों के निर्माण कार्यों की जानकारी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केदारनाथ मंदिर परिसर में पहुंच केदारनाथ धाम में हो रहे निर्माण कार्यों एवं आगमी यात्रा संबंधित तैयारियों का स्थलीय निरीक्षण किया।
मुख्यमंत्री ने केदारनाथ धाम में पूर्ण हो चुके सरस्वती आस्था पथ का निरीक्षण किया। निर्माणाधीन मंदाकिनी आस्था पथ को अति शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। केदारनाथ परिसर के आस-पास हो रहे पहाड़ी शैली में भवनों के निर्माण कार्यों की जानकारी ली।
मंदिर परिसर का भ्रमण करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केदार घाटी के निर्माण में अहम योगदान दे रहे श्रमिकों का हालचाल जाना एवं उनकी हर समस्या को दूर करने के निर्देश दिए। उन्होंने श्रमिकों से वार्ता कर निर्माण कार्यों में आ रही समस्याओं को जाना एवं उनके अहम योगदान के लिये धन्यवाद किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंदिर परिसर के आसपास मुख्य मार्ग में अस्त-व्यस्त पड़े मलबे, निर्माणाधीन सामग्री को हटाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने बर्फ पिघलने के साथ ही निर्माण कार्यों में गुणवत्ता के साथ तेजी लाने के निर्देश दिए।
पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर ने मुख्यमंत्री को अवगत करवाया कि मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधा अनुसार प्रवेश द्वार बनाया जाएगा। साथ ही बरसात के दौरान यात्रियों की सुविधा अनुसार ड्रेनेज सिस्टम को विकसित किया जाएगा। जावलकर ने बताया कि वर्तमान में केदारनाथ धाम के निर्माण हेतु करीब 700 श्रमिक कार्यरत हैं। उन्होंने बताया केदारघाटी में ब्रह्म कमल वाटर पार्क का निर्माण किया जाएगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केदारनाथ ट्रैक की जानकारी लेते हुए यात्रियों की सुविधा अनुसार विभिन्न जगहों पर ठहरने, पानी एवं बरसात के दौरान रैन सेटर के निर्माण कार्यों में गति लाने की बात कही। मुख्यमंत्री ने मंदाकिनी एवं सरस्वती नदी के किनारे सुरक्षा दीवार के साथ रेलिंग के निर्माण कराए जाने की बात कही। साथ ही उन्होंने वासुकी ताल ट्रैक को विकसित किए जाने से संबंधित जानकारी लेते हुए इसमें शीघ्र कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए। इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केदार घाटी का निर्माण प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सपनों अनुसार किए जाने की बात कही।
इस दौरान विधायक शैला रानी रावत, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, उपजिलाधिकारी योगेंद्र सिंह, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।
केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्यों को समय से पूरा करने के लिए कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने के निर्देश
मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु ने सोमवार को सचिवालय में पीडब्ल्यूडी के अंतर्गत केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने पुनर्निर्माण कार्यों में तेजी लाने हेतु जेई एवं एई की तैनाती हेतु सख्त निर्देश देते हुए ज्वाइन न करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अगले 6, 7 माह में केदारनाथ में बहुत से निर्माण कार्य होने हैं जिनकी स्वयं प्रधानमंत्री लगातार समीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि लेबर को रहने खाने की समस्या न हो इसका विशेष ध्यान रखा जाए, साथ ही उनके बिलों का समय से भुगतान किया जाए। उन्होंने मैटेरियल की आपूर्ति एवं स्टोरेज की उचित व्यवस्था किए जाने के भी निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि समय से सभी कार्य पूर्ण हो सकें इसके लिए कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई जाए, साथ ही टारगेट भी बढ़ाया जाए। इसके साथ ही मुख्य सचिव ने चेयरमैन ब्रिडकुल श्री आर. के. सुधांशु को निर्देश दिए कि प्रदेश के स्थापित सभी रोप-वे का सुरक्षा की दृष्टि से प्रत्येक 6 माह में निरीक्षण किया जाए।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर के सुधांशु एवं सचिव दिलीप जावलकर सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहे।
सीएम का रूद्रप्रयाग दौरा, वैशाखी व पर्यटन मेले का किया शुभारंभ
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद रूद्रप्रयाग स्थित विकास खंड जखोली के बधाणीताल पहुंचकर यहां आयोजित वैशाखी एवं पर्यटन मेले का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न घोषणायें भी की जिनमें विकास खंड जखोली के अंतर्गत बरसिर-बधाणी मोटर मार्ग के कि.मी. 32 तक हॉटमिक्स का कार्य (डामरीकरण) किया जाएगा, बधाणीताल पर्यटक आवास बनाने के साथ ही बधाणीताल सौंदर्यीकरण, राजकीय इंटरमीडिएट कॉलेज भीरी का नाम शहीद मुरलीधर सेमवाल के नाम पर करने, जुरानी-ब्यूंग-मैखंडा मोटर मार्ग की स्वीकृति देने के साथ ही जावरी-मोहनखाल मोटर मार्ग को शहीद फतेसिंह के नाम पर रखने की भी घोषणा की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम में वैशाखी एवं पर्यटन मेले की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सरकार द्वारा तय किए गए सभी संकल्पों को जल्द ही पूरा किया जाएगा। राज्य सरकार द्वारा पूरी पारदर्शिता के साथ विकास कार्यों को गति दी जाएगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में आयोजित होने वाले मेले हमारी धरोहर हैं जिनका संरक्षण हम सभी की जिम्मेदारी है। इस दौरान उन्होंने चारधाम मोटर मार्ग, रेल निर्माण सहित अटल आवास, किसान सम्मान निधि, आयुष्मान कार्ड, समान नागरिक कानून आदि केंद्र व राज्य सरकार द्वारा संचालित जन कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय लोगों की मांगों को उचित कार्यवाही हेतु संबंधित विभागों को प्रेषित किया जाएगा।
कार्यक्रम में स्थानीय विधायक भरत सिंह चौधरी ने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में क्षेत्र में अभिनव विकास कार्य संपन्न होंगे। इससे पूर्व स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को चांदी का मुकुट पहनाकर सम्मानित किया। इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष अमरदेई शाह, बाल संरक्षण आयोग के सदस्य बाचस्पति सेमवाल, विकास खंड जखोली प्रमुख प्रदीप थपलियाल, जिलाध्यक्ष दिनेश उनियाल, महावीर पंवार, विक्रम कंडारी, गिरवीर सिंह रावत, जिलाधिकारी मनुज गोयल, पुलिस अधीक्षक आयुष अग्रवाल, मुख्य विकास अधिकारी नरेश कुमार आदि मौजूद थे।
यूकेडी प्रत्याशी मोहित डिमरी ने चुनाव में किया भ्रामक, खुद पर हमले की झूठी कहानी रची
14 फरवरी को हुए मतदान से दो दिन पहले आई एक खबर ने सबको चौंका दिया। 12 फरवरी की रात ये खबर आई की रुद्रप्रयाग (Rudraprayag) से उत्तराखंड क्रांति दल के प्रत्याशी मोहित डिमरी पर अज्ञात लोगों ने हमला कर दिया है। इसमें मोहित डिमरी को चोटें भी आई औऱ उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। लेकिन इस मामले की (Police says attack on Mohit Dimri was fake and scripted) जांच के बाद पुलिस का कहना है कि हमले की यह पूरी कहानी फर्जी है औऱ मोहित डिमरी द्वारा चुनाव में फायदा लेने के लिए यह स्वांग रचा गया।
रुद्रप्रयाग पुलिस अधीक्षक आयुष अग्रवाल ने बताया कि 12 फरवीर को हमले की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आ गई थी। पीड़ितों को अस्पताल पहुंचाकर उनके बयान लिए गए और मामले की जांच शुरू हुई। कॉल डिटेल्स, सीसीटीवी फुटेज खंगालने और तमाम जांच के बाद ये सामने आया कि हमले की कहानी फर्जी थी। मोहित डिमरी और उनके साथियों ने चुनाव में फायदा लेने के लिए ये स्वांग रचा था।
पुलिस के मुताबिक विवेचनात्मक कार्यवाही में यह बात स्पष्ट रूप से सामने आयी है कि, उस दिन पुलिस को जो भी सूचना दी गयी थी, भ्रामक दी गयी थी, वास्तव में ऐसी कोई घटना घटित ही नहीं हुई थी। विवेचनात्मक कार्यवाही के दौरान सीसीटीवी फुटेज एवं कॉल डिटेल्स इत्यादि का गहरायी से विश्लेषण किया गया, जो लोग उस समय वहां पर मौजूद थे या जो भी इनके साथ कार में थे, तथा जो इनको लेकर निजी चिकित्सालय ले गये थे, सभी के बयानों के आधार पर यह बात सामने आयी है कि, इनके द्वारा चुनाव में फायदा लेने व सहानुभूति प्राप्त करने के इरादे से झूठी सूचना पुलिस को दी गयी थी, और एक ऐसा अपराध का घटनास्थल एवं वातावरण तैयार किया गया था, जिसमें इनके द्वारा खुद ही अपने वाहन के शीशे पत्थर से तोड़े गये तथा अपने पर कुछ हल्की चोटें लगवाईं गयी। और उस दिन इस घटनाक्रम को काफी बढ़ा-चढ़ा कर विभिन्न सोशल मीडिया एवं मीडिया प्लेटफार्म के माध्यम से प्रस्तुत कराया गया था। इस सम्बन्ध में पुलिस के स्तर से रिपोर्ट न्यायालय में प्रेषित की जा रही है तथा न्यायालय के आदेश से इस सम्पूर्ण घटनाक्रम में संलिप्त लोगों के विरुद्ध आवश्यक कार्यवाही अमल में लायी जायेगी।
केदारनाथः सात फीट की बर्फ में तपस्या कर रहे बाबा बर्फानी ललित महाराज
रुद्रप्रयाग। केदारनाथ धाम में बर्फबारी जारी है, जिस कारण धाम के तापमान में भारी गिरावट आ गई है। बर्फबारी के कारण धाम में पुनर्निर्माण कार्य भी ठप पड़ चुके हैं, जबकि नंदी भगवान की मूर्ति भी बर्फ से ढक चुकी है। धाम में बाबा बर्फानी ललित महाराज के साथ ही कुछ साधु-संत ही मौजूद हैं, जो सुबह और शाम मंदिर के आगे बाबा केदारनाथ की पूजा-अर्चना करने के साथ ही तपस्या कर रहे हैं।
बता दें कि केदारनाथ धाम में बर्फबारी के कारण छः से सात फीट तक बर्फ जम चुकी है। बाबा की नगरी में चारों ओर बर्फ ही बर्फ नजर आ रही है। नंदी भगवान भी बर्फ से ढक चुके हैं। पिछले दिनों मंदिर समिति के कर्मचारियों ने केदारनाथ पहुंचकर नंदी की मूर्ति को नये वस्त्रों से ढक दिया, जिससे मूर्ति को कोई नुकसान ना पहुंचे। धाम में ज्यादा बर्फबारी के कारण पुनर्निर्माण कार्य भी ठप पड़ चुके हैं। अब धाम में अप्रैल माह से पुनर्निर्माण कार्याे को शुरू किया जायेगा। धाम में बाबा बर्फानी ललित महाराज के साथ ही कुछ साधु संत मौजूद हैं, जो बाबा केदार की आराधना कर रहे हैं।
ललित महाराज आपदा के बाद से धाम में रह रहे हैं। उनका आश्रम मंदिर से कुछ दूरी पर है। वे सुबह और शाम के समय बाबा केदारनाथ की पूजा-अर्चना कर रहे हैं। बाबा बर्फानी ललित महाराज केदारनाथ भगवान की तपस्या में लीन हैं। धाम में ललित महाराज कुत्तों की सेवा में भी जुटे हैं। इसके अलावा वे साधु संतों की सेवा भी कर रहे हैं। धाम में उन्होंने खाने का सामान रखा हुआ है, जिससे कोई भी समस्या ना हो। बर्फ को पिघलाकर पानी का उपयोग किया जा रहा है। धाम में ज्यादा बर्फबारी होने से साधु संतो को भी दिक्कतें हो रही हैं। तापमान में भारी गिरावट आने से धाम में रहना भारी मुश्किल हो जात है, बावजूद इसके ललित महाराज धाम में रहकर बाबा की आराधना कर रहे हैं। मंदिर के आगे बर्फ के बीच ललित महाराज बाबा की तपस्या कर रहे हैं।
अमित शाह ने उत्तराखंड में प्रचार अभियान का श्रीगणेश किया
उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शुक्रवार रुद्रप्रयाग के दौरे पर रहें। इस दौरान सबसे पहले उन्होंने रुद्रप्रयाग में रुद्रनाथ महादेव मंदिर के दर्शन कर पूजा अर्चना की। इसके बाद उन्होंने यहां से भाजपा उम्मीदवार भरत चौधरी के लिए प्रचार करते हुए डोर-टू-डोर कैंपेन किया और लोगों से बीजेपी को जिताने की अपील की।
इस दौरान उनके साथ तमाम बीजेपी नेता और प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक भी मौजूद रहे। अमिता शाह ने यहां पूर्व सैनिकों से संवाद की करते हुए कहा कि भाजपा देश के वीर सैनिकों के कल्याण के प्रति कटिबद्ध है। उन्होंने आगे कहा, श्पांच साल पहले मैं उत्तराखंड में आया था तब मैंने देवभूमि की जनता को कहा था कि अगर हमें पूर्ण बहुमत की सरकार वीरभूमि की जनता देती है तो हमारा वादा है कि जो काम 70 साल में नहीं हुए हैं वो हम पांच साल में करके दिखाएंगे।
शाह ने कहा की नेता ने कहा कि वर्षों तक उत्तराखंड के लोगों ने राज्य की रचना के लिए संघर्ष किया। कांग्रेस के दमन को सहा। आज रामपुर तिराहे की घटना को कोई भुला नहीं सकता, उत्तराखंड के नौजवान अपने अधिकार के लिए लड़ते हुए शहीद हुए थे। अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार आई तब उन्होंने उत्तराखंड को अलग राज्य बनाया। श् शाह ने पूर्व सैन्यकर्मियों को संबोधित करते हुए कहा, श्पीएम मोदी ने एक रैंक एक पेंशन योजना लागू की। 2013-14 में 2 लाख करोड़ रुपये का रक्षा बजट था, यह हमारी प्राथमिकता बताती है।
