गौरीकुंड में चल रहे राहत बचाव कार्य में तीव्र गति लाने के निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सचिवालय, देहरादून स्थित आपदा कन्ट्रोल पहुंचकर प्रदेश भर में जारी बारिश की स्थिति के संबंध में अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रुद्रप्रयाग जिले के गौरीकुंड में हुए हादसे में संबंध में अधिकारियों से जानकारी ली। उन्होंने गौरीकुंड में चल रहे राहत बचाव कार्य में तीव्र गति लाने के निर्देश दिए। साथ ही शासन स्तर से गौरीकुंड क्षेत्र में हर संभव मदद पहुंचाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश की प्रमुख नदियों के जलस्तर की जानकारी ली। उन्होंने कहा जिन भी क्षेत्र में जल स्तर बढ़ जाने से बाढ़ की समस्या आ रही है, उन सभी स्थानों पर अलर्ट जारी किया जाए, एवं सभी लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील इलाकों के आसपास बनी इमारत एवं कच्चे मकानों में रह रहे लोगों को भी सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि गौरीकुंड में हुए हादसे के बाद लगातार राहत बचाव कार्य जारी है। लापता लोगों को ढूंढने हेतु सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। हादसे में मृतक एवं लापता लोगों के परिजनों से भी संपर्क किया जा रहा है। एसडीआरएफ जिला प्रशासन सभी टीमें मौके पर मौजूद हैं किसी भी स्थिति से निपटने के लिए शासन प्रशासन पूरी तरह तैयार है।
इस दौरान अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, प्रमुख सचिव अभिनव कुमार सचिव आपदा रंजीत सिन्हा एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

मुख्य सचिव ने की श्री केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण कार्यों की समीक्षा

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने सचिवालय में केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्यों की समीक्षा के दौरान यूपीसीएल को निर्बाध एवं स्थिर विद्युत उपलब्धता सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने अधिकारियों से पावर कट के कारण कितनी देर कार्य बाधित रहा इसकी भी नियमित रिपोर्ट मुख्य सचिव कार्यालय को भेजे जाने के निर्देश दिए। उन्होंने सितम्बर माह से विद्युत पोल एवं अन्य उपकरणों को भी स्थापित किए जाने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्यों में आवरण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित किए जाने हेतु एक तंत्र तैयार किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केदारनाथ के कठोरतम वातावरण के अनुरूप आवरण सामग्री का उपयोग हो इसके लिए श्रेष्ठतम तकनीक, विशेषज्ञों एवं सामग्री का उपयोग किया जाए। उन्होंने सेंट्रल स्ट्रीट के कार्यों में तेजी लाने के लिए सभी भवनों की डीपीआर अगले एक सप्ताह में तैयार किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने जिलाधिकारी रूद्रप्रयाग को सभी साईट्स को शीघ्र से शीघ्र ठेकेदारों को उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने आवश्यक निर्माण सामग्री की कमी पर नाराजगी व्यक्त करते हुए सभी कार्यों का पर्ट चार्ट तैयार किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी कार्यों को निर्धारित समय से पूर्ण करने हेतु आवश्यक निर्माण सामग्री के साथ ही उचित संख्या में कुशल श्रमिकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। निर्माण सामग्री की कमी होते ही उच्च स्तर पर अवगत कराया जाए ताकि निर्माण सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके। कार्यों में ढिलाई बरत रहे ठेकेदारों पर भी कार्रवाई किए जाने के निर्देश मुख्य सचिव ने दिए।
इस अवसर पर सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, एसीईओ यूटीडीबी युगल किशोर पंत एवं अपर सचिव विनीत कुमार सहित अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।

केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्यों को समय से पूरा करने के निर्देश

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने मंगलवार को सचिवालय में केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्यों की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को सभी कार्य निर्धारित समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि कार्य समय से पूर्ण हो इसके लिये अधिक से अधिक श्रमिकों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। रात्रि शिफ्ट में भी कार्य किए जाएँ। निर्माण सामग्री की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाए। मुख्य सचिव ने अल्टरनेटिव ट्रेक रूट के शीघ्र निर्माण के लिए वन विभाग एवं लोक निर्माण विभाग को मिलकर तेज़ी से कार्य करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने लिंचोली का भी मास्टर प्लान शीघ्र तैयार किए जाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि सभी कार्य समय पर पूर्ण हो सके इसके लिए साप्ताहिक समय सीमा निर्धारित की जाए। उन्होंने केदारनाथ के साथ ही बद्रीनाथ में बन रहे अस्पतालों के उपकरण आदि खरीदने के लिये भी शीघ्र प्रक्रिया शुरू किए जाने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान बताया गया कि संगम घाट का कार्य 18 अगस्त तक पूर्ण कर लिया जाएगा। इसके साथ ही, एलिवेटेड ब्रिज का कार्य 31 दिसम्बर तक पूर्ण कर लिया जाएगा। बताया गया कि सिविक एमेनिटी बिल्डिंग 30 नवम्बर तक पूर्ण कर ली जाएगी।
इस अवसर पर ओएसडी भास्कर खुल्बे, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव सचिन कुर्वे एवं डॉ. पंकज कुमार पांडेय सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

सीएम धामी ने खंड-खंड से अखंड उत्तराखंड पुस्तक का किया विमोचन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में सिक्स सिग्मा के सीईओ डॉ. प्रदीप भारद्वाज द्वारा लिखित पुस्तक ‘‘खंड-खंड से अखंड उत्तराखंड’’ पुस्तक का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज केदारनाथ की भीषण त्रासदी का एक दशक पूरा हो चुका है। डॉ. प्रदीप भारद्वाज ने इस पुस्तक के माध्यम से 2013 केदारनाथ त्रासदी की जानकारी तथा 10 सालों तक हुए बदलावों, प्राकृतिक संसाधनों की रूपरेखा की गहराइयों को इस पुस्तक में समेटने का प्रयास किया है। यह पुस्तक सिक्स सिग्मा के समर्पण भाव, मेहनत, सेवा, सत्य और सच्चे साहस को दर्शाती है। उन्होंने श्री केदारनाथ में सिक्स सिग्मा द्वारा चिकित्सा के क्षेत्र में सराहनीय कार्य करने के लिए सिक्स सिग्मा की टीम को बधाई भी दी।
पुस्तक के लेखक डॉ. प्रदीप भारद्वाज ने कहा कि उन्होंने सत्य घटनाओं पर आधारित यह पुस्तक लिखी है। उन्होंने कहा कि पुस्तक में 2013 में श्री केदारनाथ में आई आपदा के समय वहां की स्थिति और उसके बाद हुए पुनर्निर्माण के कार्यों के बारे में जानकारी दी गई है। सिक्स सिग्मा द्वारा श्री केदारनाथ में जन सेवा के लिए किये जा रहे कार्यों को दर्शाने का प्रयास किया गया है। श्री केदारनाथ की यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को क्या उपयोगी वस्तुएं अपने साथ ले जानी चाहिए इसकी भी जानकारी दी गई है।
इस अवसर पर सिक्स सिग्मा हेल्थकेयर के चेयरमैन आर .के. भारद्वाज, डॉ. अनीता भारद्वाज, डॉ. आशीष शर्मा, डॉ. भारत शर्मा, डॉ. सपना बुढ़लाकोटी, डॉ. परवेज़ अहमद, संजीव कुमार, डॉ. समीर भट्टी, डॉ. सिद्धांत शर्मा, विनोद शर्मा, रमेश कालरा, गोविन्द गोयल उपस्थित रहे।

पैदल मार्ग से केदारनाथ धाम पहुँचे स्वास्थ्य सचिव, सभी स्वास्थ्य ईकाइयों का किया निरीक्षण

अक्षय तृतीया के अवसर पर आज गंगोत्री-यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा का आगाज हो गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने चारधाम यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए हरसंभव प्रयास किये हैं। इस बार तीर्थयात्रियो को यात्रा मार्ग पर पहले से बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी। राज्य सरकार का विशेष फोकस केदारनाथ धाम यात्रा मार्ग में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहत्तर बनाने पर रहा है। केदारनाथ धाम के कपाट खुलने से पहले यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत परखने सचिव डॉ आर राजेश कुमार पैदल मार्ग से केदारनाथ पहुंचे।
चारधाम यात्रा में तीर्थयात्रियों को पहले से बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए स्वास्थ्य महकमे ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री डा. धन सिंह रावत के निर्देश पर स्वास्थ्य सचिव डा. आर. राजेश कुमार चारधाम यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत परख रहे हैं। इस कड़ी में स्वास्थ्य सचिव ने बदरीनाथ धाम के बाद आज केदारनाथ धाम तक की पैदल यात्रा कर जगह-जगह स्वास्थ्य इकाइयों का निरीक्षण कर रहे हैं। बीते रोज देर रात स्वास्थ्य सचिव रुद्रप्रयाग पहुंचे। जहां आज सुबह स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने केदारनाथ धाम यात्रा मार्ग में पढ़ने वाले 10 मेडिकल रिलीफ प्वाइंट और दो पीएचसी का निरीक्षण कर तमाम व्यवस्थाओं का जायजा लिया। केदारनाथ यात्रा मार्ग पर छौड़ी, चीरबासा, जंगल चट्टी, भीमबली, रामबाड़ा, छोटी लिनचोली, बडी लिनचोली, छानी, रुद्रा पॉइन्ट, बेस कैम्प, केदारनाथ में मेडिकल रिलीफ प्वाइंट बनाये गये हैं।
केदारनाथ धाम पैदल यात्रा के पहले पड़ाव गौरीकुंड से पैदल शुरू हुआ सचिव स्वास्थ्य का काफिला दोपहर बाद केदारनाथ धाम में जाकर रूका। इस दौरान रास्ते में मौसम का बदला मिजाज भी देखने को मिला। यात्रा मार्ग पर जगह-जगह भारी बर्फ जमी हुई देखने को मिली। बर्फबारी के बावजूद हर मेडिकल रिलीफ प्वाइंट पर स्वास्थ्य विभाग की टीम मुस्तैद नजर आई। स्वास्थ्य सचिव ने यात्रा मार्ग पर पड़ने वाले प्रत्येक मेडिकल रिलीफ प्वाइंट का बारीकी से निरीक्षण कर दवाओं का स्टॉक, ऑक्सीजन सिलेंडर व अन्य सामान का स्टॉक जांचा। इसके साथ ही स्वास्थ्य सचिव ने टेली मेडिसन यूनिट का भी निरीक्षण किया। स्वास्थ्य सचिव ने कहा टेलीमेडिन सेवा स्वास्थ्य संबधी गंभीर परिस्थिति उत्पन्न होने पर यह यात्रियों के लिए वरदान साबित होगा। इसके द्वारा किसी भी प्रकार की गंभीर स्थिति में 24 घंटे विशेषज्ञ चिकित्सकों की सलाह प्राप्त की जा सकती है। जिससे बीमारी का तुंरत उपचार शुरू हो सकेगा। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों-कर्मचारियों को पूर्ण सेवाभाव और मनोयोग से यात्रियों की स्वास्थ्य जांच व सहयोग करने की अपील की। स्वास्थ्य सचिव ने स्वास्थ्य सेवाओं पर संतुष्टि जाहिर की। इस दौरान उनके साथ डिप्टी सीएमओ रूद्रप्रयाग डॉ बिमल गुसाईं, आईसीबीसीसी चमोली के अधिकारी श्री उदय सिहं रावत समेत अन्य स्वास्थ्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

10 एमआरपी, 2 सीएचसी, और 5 हैल्थ एटीएम हैं स्थापित
स्वास्थ्य सचिव के मुताबिक केदारनाथ धाम यात्रा मार्ग पर इस बार सरकार का विशेष फोकस है। यहां 10 मेडिकल रिलीफ पोस्ट बनाई गयी है। इसके साथ ही यात्रा मार्ग पर दो पीएचसी सेटर भी स्थापित हैं। प्रत्येक मेडिकल रिलीफ पोस्ट में चिकित्सकों के साथ ही लगभग आधा दर्जन प्रशिक्षित मेडिकल स्टॉफ तैनात किया गया है। वहीं दोनों सीएचसी में विशेषज्ञ चिकित्सों के साथ ही एक दर्जन से अधिक प्रशिक्षित स्टाफ की तैनाती की गई है। केदारनाथ यात्रा मार्ग पर पांच स्थानों पर हेल्थ एटीएम की स्वीकृति दी गई थी। इनमें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गुप्तकाशी, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र फाटा, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गौरीकुंड और माधव चिकित्सालय नारायणकोटी में हेल्थ एटीएम की स्थापना कर दी गई है। एक हेल्थ एटीएम की स्थापना केदारनाथ धाम से पहले बेस कैंप के एमआरपी में की जा रही है। हेल्थ एटीएम में ब्लड प्रेशर, शुगर, वजन, लंबाई, शरीर का तापमान, शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा आदि की जांच की जाएगी। उन्होंने बताया कि पांचों हेल्थ एटीएम में कार्य करने वाले तकनीकि स्टॉप को बुधबार प्राथमिक) स्वास्थ्य केंद्र गुप्तकाशी में प्रशिक्षण दिया गया है।

डॉक्टर, मेडिकल स्टाफ, ऑक्सीजन सिलेंडर और दवाओं की प्रयाप्त व्यवस्था
स्वास्थ्य सचिव के अनुसार यात्रा मार्ग पर ऐसे डाक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती की गयी है जो कि हृदय संबंधी रोगों के उपचार और निदान में पारंगत हों। उन्होंने कहा कि हम चारधाम यात्रा को पूरी तरह से सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए संकल्पित हैं। यात्रा मार्गों पर मौजूद अस्पतालों में डाक्टर, स्टाफ, आक्सीजन सिलेंडर और दवाओं की व्यवस्था की गयी है। चारधाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के इंतजाम किए गए हैं। केंद्र सरकार की ओर से राज्य को पूरा सहयोग मिल रहा है। इस बार किसी भी यात्री को स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर किसी तरह की परेशानी नहीं होगी।

स्वास्थ्य सचिव ने रूद्रप्रयाग जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों से जाना हालचाल

दो दिवसीय जनपद भ्रमण पर पहुंचे चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने जिला अस्पताल एवं माधवाश्रम चिकित्सालय का निरीक्षण कर आने वाले मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराए जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी व मुख्य चिकितसा अधीक्षक को चिकित्सालय में आने वाले मरीजों को बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने भर्ती मरीजों का हालचाल जाना तथा उनसे व तामीरदारों से चिकित्सालय में मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं का फीड बैक भी लिया।

जिला चिकित्सालय पहुंचने के बाद स्वास्थ्य सचिव ने जिला चिकित्सालय में तैनात चिकित्सकों व अन्य मेडिकल स्टाफ की जानकारी ली। उन्होंने चिकित्सालय परिसर में औषधि वितरण कक्ष, प्रसूति वार्ड, ऑपरेशन कक्ष, अल्ट्रासाउंड, एक्स रे कक्ष, ड्रग हाउस, ओपीडी कक्ष, लेबर रूम के साथ ही अस्पताल की साफ-सफाई का भी जायजा लिया। इसके अलावा उन्होंने अभिलेखों का भी निरीक्षण किया। इस दौरान यहां भर्ती मरीजों से उनके स्वास्थ्य संबंधी जानकारी ली। साथ ही चिकित्सालय में मिल रही सुविधाओं की जानकारी भी ली। निरीक्षण के दौरान उन्होंने चिकित्सालय में होने वाली विभिन्न जांचों की जानकारी लेते हुए कहा कि चिकित्सालय में होने वाली सभी जांचें भी मरीजों की सुविधा के अनुसार नियमित रूप से की जाएं। उन्होंने नेशनल हेल्थ मिशन के अंतर्गत चंदन हेल्थ केयर में मरीजों की निःशुल्क होने वाली जांच का उचित प्रबंधन करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही खुशियों की सवारी का सिस्टम दुरस्त रखने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि प्रसूति के समय से एक वर्ष तक जच्चा-बच्चा खुशियों की सवारी को स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकता के अनुसार उपयोग में ला सकते हैं।

इसके बाद स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा सचिव ने कोटेश्वर माधवाश्रम चिकित्सालय का भी निरीक्षण किया। उन्होंने यहां पर सर्जरी ओटी व ऑर्थाे ओटी का निरीक्षण करने के साथ ही मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं का भी जायजा लिया। साथ ही माधवाश्रम चिकित्सालय के ऊपरी भवन में तैयार हो रहे नवनिर्मित भवन के कार्य में गुणवत्ता के साथ तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि माधवाश्रम चिकित्सालय को फिलहाल कोविड हॉस्पिटल के तौर पर संचालित किया जा रहा है। इसके अलावा 42 बेड का कॉर्डियक केयर यूनिट अगले तीन माह में तैयार करने हेतु संबंधित कार्यदायी संस्था को निर्देशित किया गया है। उन्होंने कोविड को लेकर कहा कि यह पूरी तरह से नियंत्रण में है फिर भी सतर्कता के लिए राज्य में कोविड की नई गाइडलाइन जारी कर दी गई है। उन्होंने जिला चिकित्सालय सहित अन्य जनपदों में रिक्त चल रहे गाइनोलॉजिस्ट की तैनाती को लेकर कहा कि इसके लिए स्वास्थ्य विभाग यू कोड वीक पे योजना ला रहे हैं जिसके तहत हर तरह के विशेषज्ञ चिकित्सकों की मैरिट व क्वालिफिकेशन के आधार पर उन्हें कॉन्ट्रेक्ट बेस में पहाड़ में वरीयता के साथ ही अधिक आवश्यकता वाले जिलों में तैनात किया जाएगा। इसके अलावा 1560 नर्सों की वर्षभार तैनाती व 820 एएनएम की भर्ती भी जल्द की जाएगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड पूरे देश में एकमात्र ऐसा राज्य है जहां आयुष्मान कार्ड के तहत सभी का ईलाज किया जाता है। राज्य सरकार ने एपीएल व बीपीएल मानक को हटाते हुए सभी श्रेणियों को इसमें शामिल किया है इसमें लगभग सभी तरह के रोगों के ईलाज को शामिल किया गया है।

निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग अर्पणा ढौंडियाल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एचसीएस मार्ताेलिया, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजीव सिंह पाल, डॉ. प्रवीण बडोनी, डॉ. आशुतोष सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, कर्मचारियों सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

20 करोड़ से अधिक लागत में बनेगा अगस्त्यमुनि के कोठगी में नर्सिंग कॉलेज

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को 20 करोड़ 44 लाख 16 हजार की लागत से विकास खंड अगस्त्यमुनि के कोठगी में बनने वाले नर्सिंग कॉलेज का भूमि पूजन एवं शिलान्यास किया। इस दौरान कार्यक्रम में पहुंचे छात्र-छात्राओं को मुख्यमंत्री ने बाल दिवस की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि हमारे नौनिहाल जीवन में जिस भी क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं, उस दिशा में पूरे मनोयोग से काम करें, परिश्रम करने वालों को सफलता अवश्य मिलती है।
मुख्यमंत्री ने क्षेत्रीय जनता को संबोधित करते हुए कहा कि इस क्षेत्र में नर्सिंग कॉलेज के बनने से क्षेत्र के बच्चों को नर्सिंग की पढ़ाई में लाभ मिलेगा एवं उन्हें अन्यत्र नहीं जाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को नर्सिंग कॉलेज को निर्धारित समयावधि के अन्दर पूर्ण करने के निर्देश दिये गये हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में प्रदेश तेजी से विकास के पथ पर अग्रसर है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में श्री केदारनाथ धाम का पुननिर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। केदारनाथ यात्रा को और सुगम बनाने के लिए प्रधानमंत्री जी ने रोपवे परियोजना की सौगात दी है। जल्द ही इस पर कार्य शुरू किया जाएगा। इस वर्ष चारधाम यात्रा में 45 लाख से अधिक रजिस्टर्ड श्रद्धालुओं ने दर्शन किये। मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रा को सुगमता से संचालित करना एक बड़ी चुनौती थी, किंतु जिला प्रशासन एवं सभी जन प्रतिनिधियों के सहयोग से यात्रा का सफल संचालन किया गया। उन्होंने कहा कि कर्णप्रयाग-ऋषिकेश रेल लाइन निर्माण का कार्य तीव्र गति से चल रहा है। आने वाले वर्षों में और अधिक संख्या में श्रद्धालु केदार धाम में आएंगे। श्रद्धालुओं को अधिक से अधिक सुविधाएं मिले इसके लिए राज्य सरकार द्वारा लगातार प्रयास किये जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने के लिए सरकार संकल्पबद्ध है। लोक सेवा आयोग के माध्यम से भर्ती प्रक्रियाओं में तेजी लाई जा रही है। 7 हजार पदों पर जल्द ही लोक सेवा आयोग द्वारा भर्ती प्रक्रिया संपन्न कराई जाएंगी। उन्होंने कहा कि 2025 में जब उत्तराखण्ड राज्य स्थापना की रजत जयंती मनाएगा, तब तक उत्तराखण्ड हर क्षेत्र में अग्रणी राज्यों की श्रेणी में हो, इस दिशा में प्रयास किये जा रहे हैं। सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से 1 लाख से अधिक महिलाओं को ’लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि बागवानी के क्षेत्र में भी एक हजार नए बगीचे तैयार किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकासखंड अगस्त्यमुनि के धारकोट में मिनी स्टेडियम बनाए जाने के लिए एकमुश्त धनराशि दी जायेगी।
स्वास्थ्य व शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि जनपद को एक बड़ी सौगात मिली है जिससे कि क्षेत्र के बच्चों को इसका लाभ प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि जनपद को पहली सौगात 1200 करोड़ की लागत से केदारनाथ रोपवे बनाया जाएगा। इसके साथ ही जिला चिकित्सालय में 23 करोड़ की लागत से 50 बेड का क्रिटिकल केयर सेंटर बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य में चिकित्सकों की कोई कमी नहीं होगी, तथा 3 हजार नई नर्सों की वर्षवार भर्ती की जाएगी। 800 से अधिक एएनएम की भर्ती की जाएगी। उन्होंने कहा कि 1500 एलटी तथा 1500 लेक्चर की तथा 1 हजार बेसिक अध्यापकों की भर्ती की जाएगी।
विधायक रुद्रप्रयाग भरत सिंह चौधरी ने जनपद वासियों को नर्सिंग कॉलेज की सौगात मिलने पर बधाई देते हुए कहा कि नर्सिंग कॉलेज बनने से पैरामेडिकल की पढ़ाई करने के लिए पहाड़ के युवाओं को अन्यत्र दूर नहीं जाना पड़ेगा।
इस अवसर पर विधायक केदारनाथ शैला रानी रावत, जिला पंचायत अध्यक्ष अमरदेई शाह, जिला पंचायत सदस्य सविता भंडारी, भारतभूषण भट्ट, जिलाध्यक्ष भाजपा महावीर सिंह पंवार, पूर्व जिलाध्यक्ष दिनेश उनियाल, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, पुलिस अधीक्षक सुश्री विशाखा अशोक भदाणे आदि उपस्थित रहे।

पीएम ने गौरीकुंड-केदारनाथ और गोविंदघाट-हेमकुंड साहिब दो नई रोपवे परियोजनाओं की आधारशिला रखी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सीमा पर स्थित उत्तराखण्ड के माणा गांव में आयोजित कार्यक्रम में 3400 करोड़ रूपए से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इनमें गौरीकुंड-केदारनाथ और गोविंदघाट-हेमकुंड साहिब दो नई रोपवे परियोजनाओं सहित दो सड़क चौड़ीकरण परियोजनाएं-माणा से माणा पास (एनएच – 07) और जोशीमठ से मलारी (एनएच 107बी) शामिल हैं।

यात्रा का कम से कम 5 प्रतिशत स्थानीय उत्पादों पर खर्च करें पर्यटक

प्रधानमंत्री ने माणा गांव के स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा किये गये स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी की प्रशंसा करते हुए कहा कि माताओं व बहनों ने बहुत अच्छा काम किया है। पैकेजिंग वगैरह में मन प्रसन्न हो गया। प्रधानमंत्री ने वोकल फॉर लोकल का जिक्र करते हुए देशवासियों से आग्रह किया कि जहां भी जाएं एक संकल्प करें कि यात्रा पर जितना भी खर्च करते हैं उसका कम से कम 5 प्रतिशत वहां के स्थानीय उत्पाद खरीदने पर खर्च करें। इन सारे क्षेत्रों में इतनी रोजी रोटी मिल जायेगी, आप कल्पना भी नही कर सकते।

सीमावर्ती गांवों में विकास जीवन का उत्साह हो

प्रधानमंत्री ने कहा कि कोविड काल में कोरोना की वैक्सीन पहाड़ों तक पहुंचाई गई। इसमें उत्तराखण्ड और हिमाचल में बेहतर काम किया गया। गरीब कल्याण योजना में उत्तराखण्ड के लाखों लोगों को लाभ मिला। डबल इंजन सरकार ने होम स्टे और स्किल डेवलपमेंट से युवाओं को जोड़ा है। पहाड़ी क्षेत्रों के युवाओं को एनसीसी से जोड़ रहे हैं। विकास कार्यों में तेजी आई है। पर्यटन का विस्तार हो रहा है। जल जीवन मिशन से गांवों तक नल से जल पहुंचाया जा रहा है। मल्टी मॉडल कनेक्टीवीटी प्रदान करने के लिये काम किया जा रहा है। सागरमाला, भारतमाला की तरह अब पर्वतमाला परियोजना पर काम होने जा रहा है। रोपवे पर बहुत बड़ा काम होने जा रहा है। बॉर्डर के गांवों में चहल पहल बढ़नी चाहिए। विकास जीवन का उत्साह होना चाहिए। जो कभी गांव छोड़कर गये है, उनका वापस लौटने का मन करे, हमें ऐसे जिंदा गांव बनाने हैं।

सीमाओं पर बसा हर गांव देश का पहला गांव

प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा माणा को भारत के अन्तिम गांव की बजाय देश का पहला गांव कहे जाने पर मुहर लगाते हुए कहा कि अब तो मेरे लिये भी सीमाओं पर बसा हर गांव देश का पहला गांव ही है। पहले जिन इलाकों को देश के सीमाओं का अंत मानकर नजर अंदाज किया जाता था, हमने वहां से देश की समृद्धि का आरंभ मानकर शुरू किया। लोग माणा आएं , यहां डिजिटल टेक्नोलॉजी का प्रयोग किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि माणा गांव से जुड़ी अपनी पुरानी स्मृति बताते हुए कहा कि आज से 25 वर्ष पहले जब वह उत्तराखण्ड में भाजपा के सामान्य कार्यकर्ता के रूप में कार्य करते थे एक अनजाने जीवन के रूप में अपना जीवन व्यतीत कर रहे थे तो उस समय उनके द्वारा माणा में उत्तराखण्ड भाजपा कार्यसमिति की बैठक बुलाई गई थी, तो मेरे कार्यकर्ता नाराज भी हुए थे इतने दूर इतनी मेहनत से जाना पड़ेगा। तब मेरे द्वारा कहा गया कि जिस दिन हमारे दिल में माणा गांव का महत्व पक्का हो जायेगा ना उस दिन उत्तराखण्ड की जनता के दिल में महत्व बन जायेगा। और उसी का परिणाम है, माणा गांव की मिट्टी की ताकत है आप सभी का आशीर्वाद है। माणा की धरती के आशीर्वाद से हमें दोबारा सेवा करने का मौका मिला है।

21 वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखण्ड का

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि आज का दिन बाबा केदार और बाबा बद्री विशाल के दर्शन करके उनका आर्शीवाद प्राप्त करके जीवन धन्य हो गया है तथा यह पल पल मेरे लिये चिरंजीवी हो गये हैं। उन्होंने कहा कि बाबा के सानिध्य में, बाबा के आदेश से, बाबा के कृपा से पिछले बार जब मैं आया था तो कुछ शब्द मेरे मुंह से निकले थे कि 21 वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखण्ड का है। मैं आप सभी को बताना चाहूंगा कि वह शब्द मेरे नहीं थे, वे शब्द बाबा के आशीर्वाद से मेरे मुख से निकले थे। आज मैं आप सभी के बीच इन नई परियोजनाओं के साथ फिर वही संकल्प दोहराने आया हू।

विकसित भारत के दो प्रमुख स्तंभ, अपनी विरासत पर गर्व और विकास के लिए प्रयास

प्रधानमंत्री ने कहा कि 21वीं सदी के विकसित भारत के दो प्रमुख स्तंभ है, पहला अपनी विरासत पर गर्व और विकास के लिए हर संभव प्रयास। उत्तराखण्ड इन दोनो ही स्तम्भों को मजबूत कर रहा है। आज मुझे दो रोपवे के शिलान्यास का मौका मिला है। इससे केदारनाथ जी और हेमकुण्ड साहिब के दर्शन करना और आसान हो जायेगा। इन रोपवे से काम करने वाले लोगों पर देश के 130 करोड़ लोगों का आर्शीवाद बरसने वाले हैं। श्रमिकों और एंव इंजिनियरों से बात करने का मौका मिला। उन्होंने कहा कि वे भगवान का काम कर रहे हैं। उन्होंने क्षेत्रवासियों से इन काम में लगे मजदूरों का ध्यान रखने का आग्रह किया।

आस्था के केंद्र हमारे लिये प्राणशक्ति

प्रधानमंत्री ने कहा कि गुलामी की मानसिकता ने लोगों को ऐसा जकडा हुआ है कि प्रगति का हर कार्य कुछ लोगों को अपराध की तरह लगता है। विदेशों में संस्कृति से जुड़े ऐसे कार्यों की तारीफे की जाती थी और भारत में नहीं। गुलामी की मानसिकता ने हमारी पूजनीय आस्था स्थलों को जर्जर स्तर पर ला दिया था। दशकों तक हमारे धार्मिक स्थलों की अवहेलना हुई। आस्था के यह केन्द्र सिर्फ ढ़ांचा नही बल्कि हमारे लिये यह प्राणशक्ति है। वह हमारे लिये ऐसे शक्तिपूंज है जो कठिन से कठिन परिस्थतियों में भी हमें जीवंत बनाये रखते हैं। आज अयोध्या, काशी, उज्जैन अपने गौरव को पुनः प्राप्त कर रहे है। केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम को श्रद्धा के साथ आधुनिकता से जोडा जा रहा है। अयोध्या में भव्य राम मंदिर बन रहा है, गुजरात के पावागढ़ में मां काली के मंदिर से लेकर देवी विंध्यांचल कोरिडोर तक भारत अपने सांस्कृतिक उत्थान का आह्वान कर रहा है। आस्था के इन स्थलों पर पहुंचना, हर श्रद्धालु के लिए सुगम एवं आसान हो गया है। विश्वास है कि देश की नई पीढ़ी के लिए भी यह श्रद्धा का आकर्षण का केन्द्र बनेंगे। अब हमारे दिव्यांग साथी भी दर्शन कर रहे हैं। गिरनार में जब रोपवे बनाया तो 80 साल के बुजुर्ग भी यात्रा करने लगे, कई लोगों ने मुझे चिट्ठी भेज कर धन्यवाद दिया।

आस्था केंद्रों के पुनर्निर्माण से पहाड़ में ईज ऑफ लिविंग

प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड की देवभूमि, इस परिवर्तन का साक्षी बन रहे हैं। डबल इंजन की सरकार बनने से पहले एक सीजन में ज्यादा से ज्यादा 5 लाख श्रद्धालु आया करते थे अब इस सीजन में यह संख्या 45 लाख हो गई है। आस्था और आध्यात्मिकता के पुनर्निर्माण का एक और पक्ष है। पहाड़ के लोगों के ईज ऑफ लिविंग का, उनके रोजगार का, जब पहाड़ में रोड, रेल और रोपवे पहुंचते तो अपने साथ रोजगार लेकर आते हैं और पहाड़ का जीवन भी शानदार, जानदार और आसान बना देते हैं। अब तो हमारी सरकार ड्रोन का उपयोग सामान ढोने में भी करने की योजना पर काम कर रही है। इससे पहाड़ के लोगों को अपने फल और सब्जी बाजार तक पहुंचाने में सुविधा मिलेगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि हमें आदरणीय प्रधानमंत्री जी जैसे महामुनि का सानिध्य प्राप्त हो रहा है। जिनके विचारों से सम्पूर्ण विश्व लाभान्वित हो रहा है। साथ ही हमें गर्व है कि आदरणीय प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में हम उस महान यात्रा के सहयात्री हैं जिस यात्रा का गंतव्य भारत को पुनः विश्व गुरु बनाना है। प्रधानमंत्री जी एक तपस्वी की भांति किस प्रकार से नए भारत के निर्माण की अग्नि को सफलतापूर्वक प्रज्जवलित किये हुये हैं। उत्तराखंड की समस्त जनता की ओर से विश्वास दिलाता हूं कि इस महायज्ञ की सफलता के लिए जिस भी आहुति की आवश्यकता होगी उत्तराखंड उसके लिए सदैव तत्पर रहेगा। हम उत्तराखंड को ’’उत्कृष्ट उत्तराखंड’’ बनाने के ’’विकल्प रहित संकल्प’’ के मंत्र को लेकर आगे बढ़ रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने सदैव उत्तराखंड के विकास को प्राथमिकता दी है और उनके नेतृत्व में उन्नति और उत्थान की एक अभूतपूर्व गाथा देवभूमि में लिखी जा रही है। वर्ष 2013 की उस अति भयावह त्रासदी के बाद का, गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में सर्वप्रथम आपने ही उत्तराखंड की सहायता के लिए अपना हाथ आगे बढ़ाया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में, आज अभूतपूर्व रूप से भारत का सांस्कृतिक उत्थान हो रहा है। सनातन संस्कृति का परचम विश्व में लहरा रहा है और हमारी आस्था के केन्द्रों का इतिहास और महत्व उसी गौरव के साथ प्रदर्शित किया जा रहा है, जिसके साथ इसे किया जाना चाहिए था।चाहे श्री राम मंदिर का निर्माण हो, बाबा विश्वनाथ मंदिर का अविस्मरणीय पुनरुद्धार हो, केदारपुरी व बद्रीनाथ पुरी का पुनर्निर्माण व सौन्दर्यीकरण हो या हाल ही में राष्ट्र को समर्पित श्री महाकाल लोक हो। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में भारत की अस्मिता के प्रतीकों व सांस्कृतिक धार्मिक- धरोहरों को जिस प्रकार से संरक्षित व संवर्धित किया जा रहा है उसकी शब्दों में व्याख्या संभव नहीं है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा भोलेनाथ की असीम कृपा तथा प्रधानमंत्री के दिशानिर्देशों के अनुसार की गई तैयारियों के कारण इस वर्ष कांवड़ यात्रा के दौरान 4 करोड़ शिव भक्तों को हरिद्वार से गंगा जल ले जाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ तथा अभी तक 45 लाख भक्तों ने चारधाम यात्रा में प्रतिभाग किया है। इस वर्ष की कावड़ यात्रा व चारधाम यात्रा कई अर्थों में ऐतिहासिक रही हैं।सदियों से तिरस्कृत किये गये अपने तीर्थ क्षेत्रों को विकसित और आधुनिक बना रहे हैं, वह अपने आप में अभूतपूर्व है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में यह स्वर्णिम कालखंड भारत की सांस्कृतिक-आध्यात्मिक चेतना के पुनरुत्थान का कालखंड है। आधुनिकता के संतुलित समावेश के साथ आज सनातन संस्कृति का वैभव पुनर्जीवित हो रहा है तथा भारत पुनः विश्वगुरु के स्थान पर स्थापित हो समूचे विश्व का मार्गदर्शन करने के लिये तैयार है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज विश्व के समक्ष जो भी समस्याएं हैं उनके समाधान के लिये सभी विश्व शक्तियां भारत की ओर देख रही हैं तथा भारत की नीतियों का अनुसरण कर रही हैं।
यह प्रधानमंत्री जी की दूरदर्शी नीतियों का ही परिणाम है कि कोरोना की गंभीर मार के बावजूद आज भारतीय अर्थव्यवस्था न केवल मजबूत बनी हुई है बल्कि कई विकसित देशों से बेहतर प्रदर्शन भी कर रही है। प्रधानमंत्री जी की दूरदर्शिता आर्थिक मोर्चे पर ही नहीं, सामरिक मोर्चे पर भी बेहद स्पष्ट है। आज किसी दुश्मन की हिम्मत नहीं है कि वो भारत की तरफ आंख उठा कर भी देख ले। आज जहां एक ओर सेना आधुनिक हथियारों से सुसंपन्न हो रही है, सैनिकों को बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं वहीं दूसरी ओर रक्षा क्षेत्र में धीरे-धीरे भारत की भूमिका आयातक की जगह निर्यातक की बन रही है। सेना के इस सशक्तिकरण से हमारा उत्तराखंड सर्वाधिक लाभान्वित हुआ है। आज सेना में अपनी सेवा दे रहा देवभूमि का प्रत्येक जवान इस बात से निश्चिंत है कि उसके परिवार का ख्याल रखने के लिए देश व प्रदेश में डबल इंजन की राष्ट्रवादी सरकारें हैं।

प्रधानमंत्री का यह कथन कि ‘‘21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखण्ड का होगा’’ हमें एक नए उत्साह और ऊर्जा से भर देता है। एक तरफ जहां यह हमें गर्व की अनुभूति कराता है वहीं दूसरी तरफ यह हमें हमारे कर्तव्यों का भी बोध कराता है। प्रधानमंत्री जी के विजन के अनुरूप हम राज्य के विकास और कल्याण के लिए पूरी निष्ठा के साथ कार्य करने हेतु संकल्पबद्ध हैं। हमने राज्य को वर्ष 2025 तक हर क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिए ’’विकल्प रहित संकल्प’’ का मूलमंत्र अपनाया है।

इस अवसर पर राज्यपाल ले0ज0 श्री गुरमीत सिंह (से.नि.), कैबिनेट मंत्री डा0 धन सिंह रावत, सौरभ बहुगुणा, पूर्व मुख्यमंत्री व क्षेत्रीय सांसद श्री तीरथ सिंह रावत, उत्तराखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष श्री महेन्द्र भट्ट सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

शिलान्यास की गई परियोजनाओं का विवरण

3400 करोड़ रुपये से अधिक की रोपवे और सड़क चौड़ीकरण परियोजनाओं का प्रधानमंत्री द्वारा शिलान्यास किया गया। जिनमें गौरीकुंड-केदारनाथ और गोविंदघाट-हेमकुंड साहिब दो नई रोपवे परियोजनाओं भी शामिल थी। केदारनाथ रोपवे लगभग 9.7 किलोमीटर लंबा होगा। यह गौरीकुंड को केदारनाथ से जोड़ेगा, जिससे दोनों स्थानों के बीच यात्रा का समय वर्तमान में 6-7 घंटे से कम होकर लगभग 30 मिनट का रह जाएगा। हेमकुंड रोपवे गोविंदघाट को हेमकुंड साहिब से जोड़ेगा। यह लगभग 12.4 किलोमीटर लंबा होगा और यात्रा समय को एक दिन से कम करके केवल 45 मिनट तक सीमित कर देगा। यह रोपवे घांघरिया को भी जोड़ेगा, जो फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान का प्रवेश द्वार है। इन दोनों रोपवे को लगभग 2430 करोड़ रुपये की संचयी लागत से विकसित किया जाएगा। यह परिवहन का एक पर्यावरण अनुकूल साधन होगा, जो आवागमन को सुरक्षा और स्थिरता प्रदान करेगा। इस अहम बुनियादी ढांचे का विकास धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देगा, जिससे क्षेत्र में आर्थिक विकास को रफ्तार मिलेगी और साथ ही साथ रोजगार के कई अवसर पैदा होंगे।
कार्यक्रम के दौरान करीब 1000 करोड़ रुपये की सड़क चौड़ीकरण परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया गया। दो सड़क चौड़ीकरण परियोजनाएं – माणा से माणा पास (एनएच – 07) और जोशीमठ से मलारी (एनएच107बी) तक – सीमावर्ती क्षेत्रों में हर मौसम में सड़क संपर्क प्रदान करने की दिशा में एक और कदम साबित होंगी। कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के अलावा, ये परियोजनाएं रणनीतिक दृष्टि से भी फायदेमंद साबित होंगी।

केदारनाथ से मंत्री अग्रवाल ने निदेशक को किया निर्देशित, पर्यावरण मित्रों को अतिरिक्त भत्ता देने को कहा

शहरी विकास मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने केदारनाथ में कार्यरत पर्यावरण मित्रों को मानदेय से अतिरिक्त भत्ता देने अथवा उसके समकक्ष अन्य राशि देने के लिए विभागीय निदेशक डॉ नवनीत पांडे को निर्देशित किया है।

आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी केदारनाथ धाम में बाबा केदार के दर्शनार्थ पहुंचे। यहां कैबिनेट मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने उनका स्वागत किया। इस दौरान केदारनाथ में विभिन्न योजनाओं के कार्यक्रम के दौरान मंत्री डॉ अग्रवाल मौजूद रहे। इसके बाद केदारनाथ में कार्यरत पर्यावरण मित्रों से शहरी विकास मंत्री डॉ अग्रवाल ने वार्ता कर उनकी समस्याएं सुनी।

डॉ अग्रवाल ने पाया कि केदारनाथ में विपरीत परिस्थितियों में काम करने के चलते पर्यावरण मित्रों का मानदेय कम है। डॉ अग्रवाल ने मौके से ही शहरी विकास विभाग के निदेशक नवनीत पांडे को दूरभाष पर निर्देशित किया।

डॉ अग्रवाल ने निदेशक को केदारनाथ में कार्यरत पर्यावरण मित्रों को मानदेय के अतिरिक्त भत्ता या उसके समकक्ष अन्य राशि देने के लिए कहा।

प्रधानमंत्री ने मंदाकिनी आस्था पथ व सरस्वती पथ पर विकास कार्यों का किया निरीक्षण

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने श्री केदारनाथ धाम में रुद्राभिषेक कर सबकी सुख एवं समृद्धि की कामना की। नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बनने के बाद 6वीं बार बाबा केदार के धाम पहुंचे। उन्होंने आदिगुरु शंकराचार्य की समाधि स्थल पर पहुंचकर दर्शन किए। इस अवसर पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मौजूद थे।

प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर गौरीकुंड से केदारनाथ के लिए रोपवे का शिलान्यास किया। 1267 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले 9.7 किमी. के इस रोपवे के बनने से श्रद्धालुओं को बाबा केदार के दर्शन के लिए सुगमता होगी। गौरीकुंड से श्री केदारनाथ पहुंचने में अभी श्रद्धालुओं को 6 से 7 घंटे लगते हैं, इस रोपवे के बन जाने से यह यात्रा सिर्फ आधा घंटे में पूरी हो जाएगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसके बाद मंदाकिनी आस्था पथ एवं सरस्वती आस्था पथ पर जाकर विकास कार्यों का निरीक्षण किया। इस अवसर पर उन्होंने श्री केदारनाथ में चल रहे विभिन्न पुनर्निर्माण एवं विकास कार्यों का जायजा भी लिया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री को विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति की जानकारी दी। प्रधानमंत्री ने श्री केदारनाथ में पुनर्निर्माण कार्यों में लगे श्रमजीवियों के साथ बैठकर उनसे मुलाकात की और उनका हौंसला बढ़ाया।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल, विधायक शैला रानी रावत, मुख्य सचिव डॉ. एस. एस संधू, जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग मयूर दीक्षित, एसपी आयुष अग्रवाल, तीर्थ पुरोहित विनोद शुक्ला, लक्ष्मी नारायण, कुबेर नाथ एवं अन्य गणमान्य उपस्थित थे।