बड़ी खबरः धामी सरकार ने टिहरी के सुरसिंधार नर्सिंग कॉलेज को दी पीजी की मान्यता

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा संख्या 311/2025 के क्रम में आज स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने स्वास्थ्य विभाग की विस्तृत समीक्षा बैठक ली। बैठक में टिहरी जनपद के सुरसिंहधार स्थित राजकीय नर्सिंग कॉलेज को पी.जी. कॉलेज के रूप में विकसित किए जाने से संबंधित समस्त बिंदुओं पर गहन चर्चा की गई। स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने अधिकारियों से अब तक की प्रगति, उपलब्ध अवसंरचना, वित्तीय-प्रशासनिक स्वीकृतियों की स्थिति और निरीक्षण रिपोर्ट के निष्कर्षों की जानकारी लेते हुए कहा कि मुख्यमंत्री घोषणाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन विभाग की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देशित किया कि नर्सिंग शिक्षा को सुदृढ़ बनाने, विशेषज्ञ नर्सिंग जनशक्ति तैयार करने और पहाड़ी जिलों में स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने के लिए इस प्रोजेक्ट को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि शासन स्तर पर आवश्यक कार्यवाही शीघ्र पूर्ण करते हुए प्रस्ताव को समय पर आगे बढ़ाना सुनिश्चित किया जाए।

सुरसिंहधार नर्सिंग कॉलेज को पी.जी. की मान्यता
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री घोषणा संख्या 311/2025 के अनुपालन में शासन द्वारा 14 अगस्त 2025 को संबंधित प्रस्ताव के लिए वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृतियाँ जारी की जा चुकी हैं। शासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि टिहरी जनपद के चंबा क्षेत्र में स्थित सुरसिंहधार नर्सिंग कॉलेज को पी.जी. कॉलेज का दर्जा प्रदान कर दिया गया है। इसके लिए सभी औपचारिकताएँ पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने कहा कि इसको लेकर 12 नवम्बर 2025 को जारी विभागीय पत्र के माध्यम से राजकीय नर्सिंग कॉलेज नई टिहरी की स्थिति के मूल्यांकन हेतु एक निरीक्षण समिति का गठन किया गया था, जिसे परिसर का भौतिक सत्यापन कर अपनी आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे।

निरीक्षण के बाद मिली सकारात्मक रिपोर्ट
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि गठित समिति ने 14 नवम्बर 2025 को राजकीय नर्सिंग कॉलेज नई टिहरी का स्थलीय निरीक्षण कर एक व्यापक रिपोर्ट प्रस्तुत की। रिपोर्ट में बताया गया कि कॉलेज परिसर में उपलब्ध भवन, कक्षाएँ, प्रयोगशालाएँ, पुस्तकालय, मल्टीपरपज़ हॉल तथा एम.एससी. नर्सिंग शिक्षा के लिए आवश्यक अतिरिक्त कक्षाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। समिति ने यह भी उल्लेख किया कि कॉलेज के पास जिला चिकित्सालय बौराड़ी (100 बेड) और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नरेंद्रनगर (50 बेड) क्लीनिकल पोस्टिंग के लिए उपलब्ध हैं, जो प्रशिक्षण की अनिवार्य शर्तों को पूरी तरह पूरा करते हैं। निरीक्षण में यह भी पाया गया कि वर्तमान में संस्थान के पास कुल 71,900.33 वर्गफुट क्षेत्र उपलब्ध है, जिसमें 32,452.97 वर्गफुट का शैक्षणिक क्षेत्र और 39,447.36 वर्गफुट का हॉस्टल क्षेत्र शामिल है। समिति ने संपूर्ण अवसंरचना को मानकों के अनुरूप और पी.जी. कॉलेज संचालन के लिए उपयुक्त पाया। जिसके बाद इसको पीजी की मान्यता दे दी गई है।

एमएससी नर्सिंग कार्यक्रम की 15 सीटों की संस्तुति
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि निरीक्षण के आधार पर समिति ने राजकीय नर्सिंग कॉलेज नई टिहरी में एमएससी नर्सिंग कार्यक्रम शुरू करने के लिए 15 नई सीटों की संस्तुति की है। समिति ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि संस्थान में उच्च स्तरीय नर्सिंग शिक्षा शुरू करने के लिए आवश्यक संसाधन, स्टाफ, कक्षाएँ और प्रशिक्षण ढाँचा मौजूद है, जिससे पहाड़ी क्षेत्र में नर्सिंग शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को महत्वपूर्ण मजबूती मिलेगी। उन्होंन कहा मुख्यमंत्री घोषणा की पूर्ति की दिशा में यह कदम टिहरी क्षेत्र में उच्च स्तरीय नर्सिंग शिक्षा और विशेषज्ञ स्वास्थ्य मानव संसाधन तैयार करने की दिशा में बड़ी उपलब्धि साबित होगा। इस समीक्षा बैठक में डॉ एके आर्य, निदेशक चिकित्सा शिक्षा, डॉ रविन्द्र सिंह बिष्ट, अपर निदेशक चिकित्सा शिक्षा, मनीषा ध्यानी, रजिस्ट्रार सहित विभाग के उच्च अधिकारी मौजूद रहे।

22 देशों के 300 से अधिक खिलाड़ियों ने दिखाया वाटर स्पोर्ट्स में दम, सीएम ने खिलाड़ियों से किया संवाद

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी टिहरी झील में आयोजित “इंटरनेशनल प्रेसीडेंट कप-2025’’ एवं “चतुर्थ टिहरी वाटर स्पोर्ट्स कप-2025’’ के भव्य समापन समारोह में पहुँचे। कार्यक्रम स्थल पर पहुँचकर उन्होंने भारत और विभिन्न देशों से आए खिलाड़ियों से संवाद किया तथा उनके उत्साह और उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि 22 देशों के 300 से अधिक खिलाड़ियों की भागीदारी इस आयोजन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक महत्वपूर्ण बनाती है तथा टिहरी झील को वैश्विक साहसिक खेल मानचित्र पर स्थापित करती है।

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने सभी प्रतिभागियों, आयोजकों और खेल प्रेमियों का स्वागत किया और आयोजन को सफल बनाने के लिए टीएचडीसी, एशियन कायकिंग एंड कैनोइंग एसोसिएशन, उत्तराखंड ओलंपिक एसोसिएशन सहित सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि टिहरी झील अब केवल ऊर्जा उत्पादन या जल प्रबंधन का केंद्र नहीं रह गई है, बल्कि पर्यटन, साहसिक खेलों और स्थानीय लोगों की आजीविका के नए अवसरों का सबसे बड़ा आधार बन चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य है कि यहां समय-समय पर ऐसे आयोजन होते रहें, ताकि साहसिक खेलों के साथ-साथ पर्यटन गतिविधियों को भी निरंतर बढ़ावा मिल सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल न केवल युवाओं के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं बल्कि अनुशासन, टीमवर्क और संघर्षशीलता जैसी आवश्यक जीवन मूल्यों को भी मजबूत करते हैं। उन्होंने इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा खेलो इंडिया और फिट इंडिया जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से देश में खेल संस्कृति को मजबूत बनाने के प्रयासों का उल्लेख किया और कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत ने अंतरराष्ट्रीय खेलों में अभूतपूर्व प्रगति की है। उन्होंने बताया कि हाल के वर्षों में ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने वाले भारतीय खिलाड़ियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है तथा 2023 में चीन में हुए एशियाई खेलों में भारत ने रिकॉर्ड 107 पदक जीतकर नया इतिहास रचा। उन्होंने यह भी कहा कि भारत 2030 में अहमदाबाद में कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी करेगा और केंद्र सरकार ने खेल बजट को भी तीन गुना बढ़ाया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष उत्तराखंड में आयोजित 38वें राष्ट्रीय खेलों की सफलता ने राज्य को “देवभूमि” के साथ-साथ “खेलभूमि” के रूप में भी स्थापित किया है। उन्होंने गर्व व्यक्त किया कि राज्य के खिलाड़ियों ने पहली बार राष्ट्रीय खेलों में 103 पदक जीतकर 7वाँ स्थान प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने विश्व स्तरीय खेल अवसंरचना तैयार करने की दिशा में लगातार कार्य किया है, जिसके परिणामस्वरूप उत्तराखंड अब अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं की मेजबानी करने में सक्षम हो चुका है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि हाल ही में देहरादून स्पोर्ट्स स्टेडियम में स्थित आइस रिंक में अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसने भारत में शीतकालीन खेलों के एक नए युग का द्वार खोला है।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि राज्य में शीघ्र ही “स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान” लागू किया जाएगा, जिसके अंतर्गत आठ प्रमुख शहरों में 23 खेल अकादमियाँ स्थापित की जाएँगी। इन अकादमियों में प्रत्येक वर्ष 920 अंतरराष्ट्रीय स्तर के एथलीट और 1000 अन्य खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सरकार हल्द्वानी में राज्य का पहला खेल विश्वविद्यालय और लोहाघाट में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज स्थापित करने के लिए भी तेजी से कार्य कर रही है। उन्होंने उल्लेख किया कि नई खेल नीति के अंतर्गत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी प्रदान की जा रही है, वहीं स्पोर्ट्स कॉलेजों में प्रशिक्षण और शिक्षा निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना, उदीयमान खिलाड़ी योजना, खेल-किट योजना, मुख्यमंत्री खेल विकास निधि, खेल छात्रवृत्ति, उत्तराखंड खेल रत्न पुरस्कार, हिमालय खेल रत्न पुरस्कार और प्रशिक्षकों के लिए देवभूमि उत्तराखंड द्रोणाचार्य अवार्ड जैसी व्यवस्थाएँ राज्य में खेलों के व्यापक विकास के लिए प्रभावी रूप से लागू की जा रही हैं। इसके साथ ही राजकीय सेवाओं में खिलाड़ियों के लिए चार प्रतिशत खेल-कोटा भी पुनः लागू किया गया है।

समापन समारोह में मुख्यमंत्री ने प्रतियोगिता के विजयी खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि खेल में हार-जीत से अधिक महत्वपूर्ण खेल भावना है और यह प्रसन्नता की बात है कि सभी खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन के माध्यम से सकारात्मक खेल-भावना का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने राज्य के युवा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि वे अपने सपनों को पूरा करने के लिए निरंतर मेहनत करते रहें। उन्होंने आश्वस्त किया कि केंद्र और राज्य सरकार उनके सपनों को पंख देने और हर संभव सहयोग प्रदान करने के लिए सदैव तत्पर रहेंगी। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि उत्तराखंड और देश के खिलाड़ी भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का परचम और अधिक ऊँचा करेंगे।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, विधायक किशोर उपाध्याय, जिलाधिकारी सहित जिला प्रशासन के अन्य अधिकारी, आयोजन समिति टीएचडीसी के सीएमडी सीपन गर्ग , देश और विश्व भर से आए हुए खिलाड़ी व स्थानीय जनता उपस्थित रही।

सीएम ने ऋषिकेश इंटरनेशनल स्कूल के 12वें वार्षिकोत्सव कार्यक्रम का किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ढालवाला में ऋषिकेश इंटरनेशनल स्कूल के 12वें वार्षिकोत्सव कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने स्कूल प्रबंधन को 12वें वार्षिकोत्सव की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बच्चे हमारे भविष्य के कर्णधार हैं। कल वे विभिन्न क्षेत्रों में जाकर अपने माता-पिता, गुरुजनों के साथ ही देश-प्रदेश का नाम रोशन करेंगे। बच्चों को शिक्षा प्रदान करने के साथ ही उनमें अनुशासन, संस्कार एवं सेवाभाव की भावना विकसित किया जाना आवश्यक है। शिक्षा न केवल रोजगार तक सीमित रहे, बल्कि इसका उद्देश्य चरित्र निर्माण, राष्ट्र निर्माण एवं मानव उत्थान भी हो। उन्होंने कहा कि वार्षिकोत्सव कार्यक्रम की थीम ’सोल ऑफ इंडियन कल्चर’ अपने आप में बहुत महत्वपूर्ण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति सभी संस्कृतियों की जननी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत अपने गौरवशाली अतीत के साथ आगे बढ़ रहा है। आज सभी क्षेत्रों में भारत पताका लहरा रही है। बच्चे एआई के साथ साथ योग, संस्कार एवं सादगी के महत्व को भी समझ रहे हैं। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन एवं सहयोग से राज्य सरकार शिक्षा में गुणात्मक सुधार के लिए निरंतर कार्य किये जा रहे हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 लागू करना वाला उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य है। आज युवाओं को रोजगार के नए अवसर उपलब्ध हो रहे हैं, इसके लिए विभिन्न औद्योगिक संस्थानों के साथ समझौते किए गए है। इसके साथ ही स्टार्टअप हेतु ट्रेनिंग संस्थान स्थापित किए गए है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की आर्थिकी को मजबूत करने में महिला समूहों के उत्पादों की महत्वपूर्ण भूमिका है। आज हाउस ऑफ हिमालयाज के माध्यम से छोटे छोटे समूहों को बाजार उपलब्ध हो रहा है। राज्य में सख्त नकल विरोधी कानून बनाया गया है, उसके बाद से राज्य के 26 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की गई है। राज्य के समग्र विकास के लिए हर क्षेत्र में नवाचार किये जा रहे हैं।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, जिलाध्यक्ष भाजपा उदय सिंह रावत, स्कूल के चेयरमैन मोहन डंग, जिलाधिकारी टिहरी नितिका खण्डेलवाल, एसएसपी आयुष अग्रवाल, सहित अन्य गणमान्य मौजूद रहे।

मां कुंजापुरी मेले के उद्धाटन पर सीएम धामी ने की घोषणाएं, नहरों, भवनों, सड़कों और मंदिरों के सौंदर्यीकरण को मिली मंजूरी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद टिहरी गढ़वाल पहुंचकर नौ दिवसीय 49वें श्री कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले का ध्वजारोहण कर मेले के शुभारम्भ की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने विकास प्रर्दशनी का उद्घाटन, विभिन्न विभागों द्वारा स्थापित स्टालों का निरीक्षण तथा अमर शहीदों की मूर्तियों एवं स्वतंत्र संग्राम शहीद स्मारक पर मल्यार्पण किया गया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ढालवाला में अवशेष बाढ़-सुरक्षा कार्यों का निर्माण कार्य (लगभग 400 मीटर), कुम्भ मेला, 2027 के अन्तर्गत मुनिकीरेती में खारास्रोत गदेरे में सतह पार्किंग एवं एप्रोच रोड़ का निर्माण, नरेन्द्रनगर में दैवीय आपदा से क्षतिग्रस्त नहरों का पुनर्निर्माण कार्य,नगर पंचायत तपोवन में सामुदायिक भवन का निर्माण, नरेन्द्रनगर में सब रजिस्ट्रार कार्यालय की स्थापना, बाल्मिकी बस्ती में 6 आवासों का पुनर्निर्माण, पावकी देवी (दोगी) में सामुदायिक भवन का निर्माण, नरेन्द्रनगर कुम्हार खेड़ा में सामुदायिक भवन का विस्तार, कुम्हार खेड़ा सामुदायिक भवन तक मार्ग का पक्की करण, नगर पालिका मुनि की रेती-ढालवाला में पन्त की दुकान से चीनी गोदाम तक मार्ग का पुनर्निर्माण, श्रीदेव सुमन उप जिला अस्पताल में एनेस्थिशिया वर्क मशीन (ऑटोमेटिक वैंटीलेटर) की स्वीकृति, नरेंद्रनगर में एक ए.एन.एम. ट्रेनिंग सेंटर की स्थापना, भुवनेश्वरी देवी मंदिर हार्डीसेरा एवं पावली देवी मंदिर सौंदर्यीकरण के लिए उचित धनराशि की स्वीकृति, गुल्लरबोगी में पार्किंग निर्माण, ह्वेल नदी में मानसेरा, भगोड़ी, भैंतोला तोक में चेक डैम का निर्माण की मांग को मुख्यमंत्री घोषणाओं में सम्मिलित करने की बात कही।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी को मेले की बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मां कुंजापुरी का आशीष एवं कृपा दृष्टि हम सब पर बनी रहे। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक मेला लोक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और गौरवशाली परंपरा का प्रतीक है। 1974 से निरंतर आयोजित किया जा रहा यह मेला व्यापार, क्षेत्रीय विकास और पर्यटन को गति प्रदान करने वाला है। भारत की पहचान, उसकी सनातन संस्कृति और जीवन मूल्यों पर छिपी हुई है। हमारी संस्कृति केवल रीति रिवाज का विषय नहीं है एक सकारात्मक दिशा देने वाले विचारधारा है, जो हमें नए-नए तरीके से प्रेरित करने का काम करती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मा. प्रधानमंत्री नरेंद्र सिंह मोदी के नेतृत्व में भारत की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत और धरोहर को संवारने एवं सहजने का कार्य बेहतर तरीके से किया जा रहा है। उनके मार्गदर्शन में राज्य सरकार उत्तराखंड के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध होकर धार्मिक स्थलों के संरक्षण एवं अपनी पहचान को बनाए रखने के लिए निरंतर काम कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पलायन सबसे बड़ी समस्या है, इसे रोकने, स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण योजना पर कार्य किया जा रहा है। हाउस ऑफ हिमालय ब्रांड के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को देश-विदेश में व्यापक पहचान मिल रही है। फार्म मशीनरी बैंक, फिल्म नीति, एप्पल मिशन, होमस्टे आदि नीतियों के माध्यम स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने का कार्य कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में उत्तराखंड पहला राज्य है जिसने समान नागरिक संहिता कानून को लागू किया है। इसके साथ ही सशक्त नकल विरोधी कानून लाकर पिछले 4 सालों में 26 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शिता के साथ नियुक्तियां प्रदान की गई है। धर्मांतरण निवारण और अवैध अतिक्रमण ध्वस्तीकरण जैसे कार्यों का उल्लेख किया, जिससे राज्य को नया मुकाम और पहचान मिली है। राज्य सरकार पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ उत्तराखंड को अग्रणी राज्य बनाने के लिए अग्रसर है।

प्रदेश के वन, तकनीकी शिक्षा, भाषा एवं निर्वाचन एवं संसदीय कार्य मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि मां कुंजापुरी मेला हमारी संस्कृति, परंपरा को आगे बढ़ाने के साथ ही देश प्रदेश की संस्कृति से रूबरू होने के लिए बड़ा मंच उपलब्ध कराता है। यह मेला सभी के सहयोग से निरंतर खेल एवं विकास के ओर आगे बढ़ रहा है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, नगर पंचायत अध्यक्ष तपोवन विनीता बिष्ट, ब्लॉक प्रमुख नरेंद्रनगर दीक्षा राणा, मेयर नगर निगम ऋषिकेश शंभू पासवान, जिलाध्यक्ष भाजपा उदय रावत, नगर पंचायत अध्यक्ष गजा कुंवर सिंह चौहान, डीएम टिहरी नितिका खण्डेलवाल, एसएसपी आयुष अग्रवाल सहित अन्य गणमान्य मौजूद रहे।

मकानों पर नंबर प्लेट लगाने संबंधी वायरल पत्र का सीएम धामी ने लिया संज्ञान, दिए जांच के निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मकानों पर नंबर प्लेट लगाने के संबंध में जिला पंचायतराज अधिकारी, टिहरी गढ़वाल एवं उत्तरकाशी द्वारा जारी आदेशों को तत्काल प्रभाव से रद्द करने के साथ ही मामले की पूरी जांच कराने और दोषियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

उल्लेखनीय है कि टिहरी गढ़वाल एवं उत्तरकाशी जिले के जिला पंचायतराज अधिकारियों के द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ भारत मिशन आदि कार्यक्रमों के प्रचार-प्रसार करने हेतु मकानों पर नम्बर प्लेट लगाने का कार्य एक बाहरी व्यक्ति को देने से संबंधित पत्र सोशल मीडिया में वायरल हुए थे।

मुख्यमंत्री ने उक्त प्रकरणों का संज्ञान लेते हुए इस संबंध में अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश देते हुए कहा कि सरकार के संकल्प के अनुरूप सभी योजनाएँ और कार्यक्रम जनहित, पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ लागू होने आवश्यक हैं। सभी कार्यों में स्थानीय लोगों के रोजगार और हितों का पूरा ध्यान रखने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने दोहराया कि रू. 10 करोड़ तक के सरकारी अधिप्राप्तियों में स्थानीय लोगों को सर्वाेच्च प्राथमिकता दिए जाने हेतु सरकार के द्वारा जारी आदेशों का हर स्तर पर सख्ती से अनुपालन किया जाए।

राइजिंग टिहरी का सीएम धामी ने किया शुभारंभ, अब गांवों में होगी जेईई-नीट की तैयारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऋषिकेश में आयोजित ’’सरस आजीविका मेले’’ में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के सी.एल.एफ. हेतु 1.20 करोड़ रुपये की 12 आर्थिक गतिविधियों का लोकार्पण किया, इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने 10 अन्य सी.एल.एफ. के लिए 1 करोड़ रुपये की प्रस्तावित आर्थिक गतिविधियों का शिलान्यास भी किया। उन्होंने आज Rising Tehri – Physics Wala Online Coaching Class का भी लोकार्पण किया गया है। इस कोचिंग क्लास में अब युवा जेईई और नीट आदि की प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी अपने गाँव-घर में रहते हुए भी कर सकेंगे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मेले में ग्राम्य विकास विभाग और जिला प्रशासन द्वारा ’ग्रामोत्थान परियोजना’ के अंतर्गत की गई पहल की सराहना की।

मेले में बड़ी संख्या में उपस्थित स्वयं सहायता समूह के लोगों एवं ग्रामीण उद्यमियों को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह मेला हमारे ग्रामीण क्षेत्रों की समृद्ध सांस्कृतिक परम्परा, कौशल और उद्यमिता को प्रदर्शित करने का एक अनूठा प्रयास है। आजीविका मेलों के माध्यम से, जहाँ एक ओर स्थानीय उत्पादों को प्रदर्शित करने का एक उत्कृष्ट मंच मिलता है, वहीं ये मेले आदरणीय प्रधानमंत्री जी के ’’आत्मनिर्भर भारत’’ और ‘’वोकल फॉर लोकल’’ के मंत्र को भी साकार करने में सहायक सिद्ध होते हैं। ऐसे मेलों के माध्यम से हम ग्रामीण कारीगरों, महिला स्वयं सहायता समूहों, हस्तशिल्पियों, ग्रामीण उद्यमियों के साथ साथ कृषि उत्पादों और ग्रामीण कौशल को भी राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। इस मेले में स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाए गए स्टॉल ’’स्वदेशी अपनाओ’’ के उस संदेश को आगे बढ़ा रहे हैं, जिसमें हमें अपने गाँव, अपने प्रदेश और अपने देश में बने उत्पादों को प्राथमिकता देने का संकल्प लेना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हम स्वदेशी उत्पाद खरीदते हैं तो वो सिर्फ एक सामान की खरीद नहीं होती, बल्कि वो हमारे ग्रामीण कारीगरों, मातृशक्ति और उद्यमियों के सपनों में निवेश होता है। इसलिए स्वदेशी अपनाना न केवल हमारी संस्कृति और परंपरा को जीवित रखता है, बल्कि यह हमारे किसानों, हस्तशिल्पियों और स्थानीय उद्यमियों की आजीविका को भी सुरक्षित करता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने कहा है कि आत्मनिर्भर भारत की नींव स्वदेशी पर टिकी है। यह मेला उसी दिशा में एक सशक्त कदम है, जो हमारे स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने का माध्यम बनेगा। प्रधानमंत्री जी के इस आव्हान को हमारी मातृशक्ति ने सबसे पहले आत्मसात किया और आज हमारे स्वयं सहायता समूहों की दीदियाँ अपने श्रम और कौशल से स्वदेशी उत्पादों को नए आयाम दे रही हैं। आप सभी से अपील करता हूँ कि इस मेले में लगे स्टॉल से स्वदेशी उत्पादों को खरीद कर ’’स्वदेशी अपनाओ’’ के अभियान को और मजबूती प्रदान करने के साथ महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब एक महिला आर्थिक रूप से सशक्त होती है तो वो न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे समाज को सशक्त बनाने का कार्य करती है। इसी को देखते हुए हमने ’‘लखपति दीदी योजना’’, ‘’मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना’’ और ‘’मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना’’ के माध्यम से महिलाओं के सशक्तिकरण पर विशेष फोकस किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लखपति दीदी योजना के तहत अब तक हमारे राज्य की 1.65 लाख रुपए से अधिक महिलाओं ने लखपति बनने का गौरव प्राप्त किया है।साथ ही, ’’मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना’’ के अर्तंगत महिलाओं द्वारा लगभग 2000 स्टाल लगाकर लगभग 5.5 करोड़ रुपये के विपणन ने उद्यमशीलता की एक नई मिसाल कायम की है। इतना ही नहीं, हमारी सरकार द्वारा लॉन्च किए गए ’‘हाउस ऑफ हिमालयाज’’ ब्रांड के माध्यम से भी हमारी बहनों द्वारा बनाए जा रहे विभिन्न स्थानीय उत्पाद अब विश्व के कोने-कोने तक पहुंच रहे हैं। राज्य में ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 68 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूहों में 5 लाख से अधिक सदस्य जुड़े हैं, साथ ही, साढ़े सात हजार से अधिक ग्राम संगठन और 534 क्लस्टर स्तर के संगठन भी बनाए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार महिला किसानों को भी सशक्त बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। हमने फार्म लाइवलीहुड और महिला किसान सशक्तिकरण योजना के तहत राज्य की लगभग 3 लाख से अधिक महिला किसानों की क्षमता एवं कौशल का विकास करने का काम किया है। इसके अलावा हमने 2.5 लाख एग्रीन्यूट्री गार्डन और किचन गार्डन की स्थापना की है और लगभग 500 फार्म मशीनरी बैंक भी उपलब्ध कराए हैं। इतना ही नहीं हमारी सरकार राज्य की 5 हजार से अधिक महिला किसानों को आर्गेनिक खेती से जोड़ने का कार्य भी कर रही है। इन सभी प्रयासों के माध्यम से आज हमारे प्रदेश की महिलाओं की आर्थिक स्थिति में सुधार आया है।आज मातृशक्ति आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रही हैं, जो इस सरस मेले में भी स्पष्ट रूप से परिलक्षित हो रहा है।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, सुबोध उनियाल, स्वयं सहायता समूह के सदस्य, ग्रामीण उद्यमी तथा स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री धामी ने सीएम हेल्पलाइन 1905 की समीक्षा कर दिए निर्देश

श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय टिहरी की छात्रा साक्षी द्वारा विवि के स्तर से डिग्री नहीं दिए जाने की शिकायत सीएम हेल्पलाइन किए जाने के बावजूद इस प्रकरण का निस्तारण नहीं किया गया।
सचिवालय में सीएम हेल्पलाइन 1905 की समीक्षा के दौरान उक्त प्रकरण जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के संज्ञान में आया तो उन्होंने इस पर सख़्त नाराज़गी व्यक्त करते हुए सचिव आईटी और सचिव उच्च शिक्षा एक सप्ताह में इस प्रकरण की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के साथ ही संबंधित अधिकारी पर सख़्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभ्यर्थी को एक सप्ताह के अंदर डिग्री उपलब्ध कराई जाए। छात्र-छात्राओं की शिकायतों के निस्तारण के लिए विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में हेल्प डेस्क बनाई जाए। सेवा के अधिकार के तहत दी जाने वाली सेवाओं को कार्यालयों के डिस्प्ले बोर्ड पर दर्ज किया जाए। सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज बिजली, पानी, सड़क और अन्य मूलभूत सुविधाओं से संबंधित शिकायतों का त्वरित निस्तारण तेजी से किया जाए। इसके लिए संबंधित अधिकारी कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर चस्पा करें कि वे किस निर्धारित दिन समस्याओं के समाधान के लिए बैठेंगे।

समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शिकायतकर्ताओं से बात कर उनकी समस्याओं के यथाशीघ्र समाधान के निर्देश अधिकारियों को दिए। मुख्यमंत्री ने बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि आपदा से प्रभावित क्षेत्रों के लोगों की शिकायतों और समस्याओं का समाधान प्राथमिकता पर किया जाए। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को प्रत्येक सप्ताह, सचिवगणों को माह में दो बार और मुख्य सचिव को प्रत्येक माह में सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा करने के निर्देश दिए, साथ ही कहा कि 3 माह से अधिक लंबित प्रकरणों को अभियान चलाकर निस्तारित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जन समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए जिलाधिकारियों को जनता मिलन कार्यक्रमों का आयोजन नियमित तौर पर करना होगा, साथ ही शिकायतों का समाधान निर्धारित समयसीमा के भीतर न करने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई की जाएगी। आपदा से क्षतिग्रस्त लाइनों, सुरक्षा दीवारों का कार्य प्राथमिकता के आधार पर करने के साथ ही रिपोर्ट शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिए। उन्होंने कहा कि समस्या का समाधान तभी माना जाएगा, जब शिकायतकर्ता पूर्ण रूप से संतुष्ट होगा। प्रत्येक माह की 5 तारीख तक सभी विभागों को हेल्पलाइन 1905 पर प्राप्त शिकायतों की स्थिति रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय में प्रस्तुत करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिए हैं।

निदेशक आईटीडीए गौरव कुमार ने सीएम हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों और विभागों द्वारा समाधान के लिए की गई कार्यवाही के बारे में विस्तार से जानकारी दी। बैठक में जानकारी दी गई कि उत्तराखंड पेयजल, गृह विभाग, ऊर्जा से संबंधित लोगों की अधिक शिकायतें प्राप्त हो रही हैं।

बैठक में अवस्थापना अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष विश्वास डाबर, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिवगण, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष एवं वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारी उपस्थित थे।

गढ़वाल से लेकर कुमायूं तक दैवीय आपदा, बादल फटने की सूचना पर सीएम ने जिलाधिकारियों से राहत कार्यों की जानकारी ली

जनपद रुद्रप्रयाग, चमोली, टिहरी और बागेश्वर के कुछ क्षेत्रों में बादल फटने की सूचना प्राप्त होते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों से फोन पर वार्ता कर राहत एवं बचाव कार्यों को त्वरित गति से संचालित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि प्रभावित लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए और किसी भी प्रकार की देरी न हो।

मुख्यमंत्री धामी ने मुख्यमंत्री आवास में आयोजित आपदा प्रबंधन की उच्चस्तरीय बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों में सभी मूलभूत सुविधाएं शीघ्र उपलब्ध कराई जाएं। सड़क, विद्युत एवं पेयजल आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में उन्हें तत्काल सुचारू किया जाए। उन्होंने वर्चुअल माध्यम से रुद्रप्रयाग, चमोली और टिहरी और बागेश्वर के जिलाधिकारियों से बादल फटने की घटनाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की तथा राहत एवं बचाव कार्यों में और तेजी लाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी नैनीताल से भी मुख्यमंत्री ने बारिश और सड़कों की स्थिति की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि पूरे मानसून सीजन तक शासन और प्रशासन अलर्ट मोड पर रहे। जिलाधिकारियों द्वारा आपदा राहत कार्यों के लिए जो भी आवश्यक संसाधन और सुविधाएं अपेक्षित हों, उन्हें तत्काल उपलब्ध कराया जाए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रभावित परिवारों को निर्धारित मानकों के अनुसार मुआवजा शीघ्र उपलब्ध हो।

बैठक में प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, प्रमुख सचिव शैलेश बगोली, अपर पुलिस महानिदेशक ए. पी. अंशुमान, सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन, गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय तथा विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते उपस्थित रहे।

निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनाव की जारी की अधिसूचना

राज्य निर्वाचन आयोग ने उत्तराखंड में पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी कर दी है। इस बार हरिद्वार जनपद को छोड़कर प्रदेश के अन्य 12 जनपदों में पंचायत चुनाव संपन्न कराए जाएंगे। आयोग ने पूरी चुनावी प्रक्रिया की रूपरेखा तय कर दी है।

चुनाव की शुरुआत नामांकन प्रक्रिया से होगी, जो 25 जून से 28 जून तक चलेगी। नामांकन पत्र प्रतिदिन सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक दाखिल किए जा सकेंगे। इसके बाद नामांकन पत्रों की जांच 29 जून से 1 जुलाई तक की जाएगी, जबकि नाम वापसी की अंतिम तिथि 2 जुलाई निर्धारित की गई है।

निर्वाचन दो चरणों में संपन्न होगा। पहले चरण के लिए चुनाव चिन्ह 3 जुलाई को वितरित किए जाएंगे और मतदान 10 जुलाई को सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक होगा। वहीं, दूसरे चरण में चिन्हों का वितरण 8 जुलाई को होगा और मतदान 15 जुलाई को कराया जाएगा।

चुनाव परिणामों की मतगणना 19 जुलाई को की जाएगी। जिलों में संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारी स्थानीय स्तर पर विस्तृत सूचना जारी करेंगे।

सचिवालय में हुई टिहरी झील एरिया डेवलपमेंट प्रोजेक्ट उच्चाधिकार प्राप्त समिति की बैठक

मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में सचिवालय सभागार में एशियाई विकास बैंक सहायतित टिहरी झील एरिया डेवलपमेंट प्रोजेक्ट उच्चाधिकार प्राप्त समिति की बैठक आयोजित की गई।

बैठक में परियोजना निदेशक द्वारा टिहरी झील एरिया डेवलपमेंट प्रोजेक्ट से संबंधित चौथी एचपीसी बैठक के निर्देशों की अनुपालन आख्या प्रस्तुत की गई, साथ ही वर्तमान में गतिमान 19 उप प्रोजेक्ट की स्टेटस रिपोर्ट भी प्रस्तुत की गई।

मुख्य सचिव ने गतिमान निविदा प्रक्रिया से संबंधित प्रकरणों एवं उनकी वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी ली।

उन्होंने टिहरी लेक एरिया डेवलपमेंट के कार्यों टूरिज्म रोड, डेवलपमेंट आफ डोबरा चांटी पार्क, अपग्रेडेशन ऑफ तिवाड़ गांव, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट इत्यादि की प्रगति की जानकारी प्राप्त करते हुए संतोष व्यक्त किया और तेजी से कार्यों को पूरा करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि भविष्य में किसी भी प्रोजेक्ट का कंपलीट ग्राउंड सर्वे करने के पश्चात ही डीपीआर तैयार करें ताकि प्रोजेक्ट के सभी पहलू सम्मिलित हो जाए और प्रोजेक्ट की बाद में लागत में बढ़ोतरी की संभावना भी ना रहे।

उन्होंने निर्देशित किया कि बड़े और मेजर कार्यों को छोड़कर छोटे-छोटे काम के लिए कंसल्टेंसी सर्विसेज लेने से बचें। प्रोजेक्ट/उप प्रोजेक्ट की डीपीआर बनाते समय इस बात का भी ध्यान रखें कि कार्य पूरा होने के पश्चात उसका नियमित तरीके से बेहतर संचालन भी होता रहे।

मुख्य सचिव ने टिहरी एरिया के डेवलपमेंट से संबंधित अब तक विभिन्न एजेंसी द्वारा समय-समय पर किए गए कार्यों का विवरण भी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने सचिव पर्यटन को टिहरी झील और उसके आसपास के क्षेत्र को वर्ल्ड लेवल का टूरिस्ट हब डेस्टिनेशन बनाने के लिए विस्तृत कार्य योजना बनाते हुए अगली बैठक में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

इस दौरान बैठक में प्रमुख सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव पर्यटन सचिन कुर्वे, सचिव वी. षणमुगम, परियोजना निदेशक/अपर सचिव अभिषेक रोहेला, वित्त निदेशक जगत सिंह चौहान, सहायक प्रोजेक्ट निदेशक राजेश पंत, सिविल इंजीनियर भवन एवं अवसंरचना कपिल कुमार सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।