उत्तराखंड में 837 संक्रमित मरीज ठीक हुए

राज्य में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या लगातार इजाफा हो रहा है। आज प्रदेश में 75 और कोरोना संक्रमित मरीज मिले हैं। अपर सचिव स्वास्थ्य डॉ. युगल किशोर पंत ने इसकी पुष्टि की है। अब प्रदेश में कुल संक्रमित मरीजों की संख्या 1637 हो गई है। जबकि 837 संक्रमित मरीज ठीक हो चुके हैं। अब एक्टिव केस की संख्या 778 हो गई हैं।
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, टिहरी जनपद में 30, देहरादून में 16, चमोली में तीन, हरिद्वार में 15, पौड़ी में एक, रुद्रप्रयाग में छह, ऊधमसिंह नगर में तीन केस सामने आए हैं। वहीं, एक प्राईवेट लैब से आई जांच रिपोर्ट में भी संक्रमित केस सामने आया है।
जबकि बीते दस दिनों में ठीक होने वाले मरीजों की संख्या सक्रिय मामलों से अधिक हो गई है। प्रदेश की रिकवरी दर 51.79 प्रतिशत हो गई है। अपर सचिव युगल किशोर पंत ने बताया कि केंद्र की ओर से कोरोना संक्रमित मरीजों को डिस्चॉर्ज करने के लिए नई गाइडलाइन जारी की गई है। जिसमें संक्रमित मरीज को 10 दिन निगरानी में रखा जाएगा। सात दिन के बाद यदि मरीज में कोरोना के लक्षण नहीं दिखाई देते हैं तो उसे अस्पताल से घर भेजा जाएगा। प्रदेश में रिकवरी दर 51 प्रतिशत पहुंच गई है।   

डॉक्टर समेत तीन में कोरोना की पुष्टि
राजकीय दून मेडिकल अस्पताल की एक और महिला डॉक्टर समेत तीन स्वास्थ्य कर्मियों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। कोरोना के स्टेट कोऑर्डिनेटर डॉ. एनएस खत्री ने इसकी पुष्टि की है। जूनियर रेजिडेंट महिला डॉक्टर कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज और देखभाल कर रही थीं। जबकि स्वास्थ्य कर्मी भी लगातार रोटेशन पर कोरोना मरीजों की देखभाल कर रहे हैं।  दून अस्पताल समेत अन्य अस्पतालों में डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों के कोरोना संक्रमण की जद में आने से स्वास्थ्य विभाग के साथ ही शासन प्रशासन की भी चिंता बढ़ी हुई है।

क्वारंटीन सेंटर में किसी प्रकार की कोई लापरवाही न बरतें अधिकरीः डीएम मंगेश घिल्डियाल

कोरोना वायरस को लेकर जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने वीडियों कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जिले के उप जिलाधिकारियों एवं प्रभारी चिकिसा अधिकारियो की बैठक ली। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए जब तक कोरोना की जांच रिपोर्ट नही आ जाती तब तक क्वारंटीन सेंटर में रखे व्यक्ति को घर जाने की अनुमति किसी भी दशा में न दी जाए। जिलाधिकारी ने कहा, कन्टेनमेंट जोन में किसी भी तरह का आवागम नही होगा। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया की यदि कन्टेनमेंट जोन में केन्द्र सरकार द्वारा जारी गाइड लाइन का उलंघन पाया जाता है, तो संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि कन्टेनमेंट जोन एक गंभीर विषय है, इसमे किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नही होगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि कन्टेनमेंट जोन का औचक निरीक्षण किया जाएगा और किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर कड़ी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। वही कल से कन्टेनमेंट जोन पर लगाये गए बैरियर की फोटो अनिवार्य रूप से उपलब्ध करने के निर्देश दिए है। जिलाधिकारी ने प्रभारी चिकित्साधिरारियो को कन्टेनमेंट जोन में प्रत्येक परिवार का दैनिक रूप से स्वास्थ्य परीक्षण कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए है।

जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया की कोरोना पाॅजीटिव व्यक्ति के संपर्क में आये व्यक्तियो (कांटेक्ट ट्रेसिंग से) उन व्यक्तियो को अनिवार्य रूप से संस्थागत क्वारंटीन किये जाने के निर्देश दिए है। कोरोना महामारी आपदा के दौरान तमाम व्यवस्थाओ हेतु तहसील स्तर पर प्रयाप्त धनराशि की उपलब्धता के बावजूद लंबित बीजकांे के भुगतान न किये जाने पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। प्रभारी चिकिसाधिकारियो को स्पष्ट निर्देश दिए की कोरोना के लक्षण वाले व्यक्ति को कौन सी दवाई देनी है कौन सी नही, इस हेतु हेल्थ टीमों को नियमित रूप से प्रशिक्षित करने के निर्देश भी दिए है।

ब्राजील के नागरिक ने गर्लफ्रेंड के चक्कर में की जीवनलीला समाप्त

ब्राजील के 49 वर्षीय नागरिक ने गर्लफ्रेंड के रूठने पर सुसाइड कर लिया। उन्होंने कमरे की खिड़की की ग्रिल से लटककर अपनी जान दे दी। मुनिकीरेती पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। साथ ही मृतक के परिजनों को सूचित करने के लिए ब्राजील दूतावास को भी सूचना भेज दी है।

जानकारी के मुताबिक शीशम झाड़ी स्थित दयानंद आश्रम में ब्राजील के 49 वर्षीय लिएंड्रो केपी बारबे पेट्रा अपनी गर्लफ्रेंड ब्रिटेन निवासी 34 वर्षीय के साथ बीते 17 मार्च से एक ही कमरे पर रह रहे थे। मगर 3 दिन पूर्व से विदेशी नागरिक की गर्लफ्रेंड अलग कमरे में रह रही थी इस कारण लिएंड्रो केपी बारबे पेट्रा डिप्रेशन में चल रहे थे। बृहस्पतिवार को उन्होंने आश्रम के कमरे की खिड़की की ग्रिल से लटक कर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। सूचना पाकर एसएसआई रमेश सैनी और कैलाश गेट चौकी इंचार्ज विकेंद्र कुमार मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

एसएसआई रमेश सैनी ने बताया कि मृतक ने टैब में अपनी गर्लफ्रेंड के लिए एक भावुक संदेश लिखा है इसमें वह गर्लफ्रेंड की ओर से दूरी बनाने पर स्वयं के आत्महत्या करने का कारण बता रहा है। उन्होंने बताया कि शव का पोस्टमार्टम शुक्रवार को किया जाएगा वही मृतक के परिजनों को सूचित करने के लिए ब्राजील दूतावास को सूचित कर दिया है।

24 मई को टिहरी के डीएम बने मंगेश घिल्डियाल बने प्रेरक

एक मल्टीनेशनल संस्थान की ओर से देशभर के बेहतर डीएम के सर्वे में टिहरी के जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल को प्रेरक डीएम घोषित किया गया है। उत्तराखंड मूल के आईएएस अधिकारी घिल्डियाल ने कम समय मे अपनी एक अलग छाप छोड़ी है। 24 मई को ही उन्होंने टिहरी के डीएम का पदभार संभाला है।

2011 बैच के आईएएस ऑफिसर मंगेश घिल्डियाल मूल रूप से उत्तराखंड के ही पौड़ी जिले के निवासी हैं। पहले बागेश्वर और फिर 3 साल रुद्रप्रयाग के डीएम के रूप में उन्होंने खूब नाम कमाया है। केदारनाथ आपदा पुनर्निर्माण कार्य, जिले के स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार लाने के लिए उन्होंने बेहतर कार्य किया।

24 मई को टिहरी के डीएम बनते ही उन्होंने सबसे पहले मुनिकीरेती में प्रवासियों को कुआरन्टाइन करने का निर्णय लिया, जिस कारण जिले में रेड जोन से आने वालों को गांव में प्रवेश नही करने दिया। उनके इस निर्णय की तारीफ हो रही है। एक संस्थान ने देशभर के बेस्ट डीएम का सर्वे किया जिसमें उन्हे प्रेरक डीएम का खिताब मिला है। सम्पर्क करने पर उन्होंने खुशी जताते हुए कहा कि लोगों को सुलभ प्रशासनिक सुविधा देने और सरकार योजनाओं का लाभ देना उनका लक्ष्य है। बता दें कि घिल्डियाल का फेसबुक पेज आइएएस मंगेश घिल्डियाल फैन क्लब भी बहुत पॉपुलर है।

पालतू कुतिया की जबरन नसंबदी कराई, मुकदमा दर्ज

बीते शनिवार की देर रात प्रदीप पुत्र सुरेंद्र पुंडीर निवासी तपोवन ने मुनिकीरेती थाने में तहरीर दी। उन्होंने बताया कि उनकी पालतू कुतिया मौली दो वर्ष की है। एक अज्ञात महिला उसे बहला फुसला कर घर के प्रांगण से लेकर गई। उन्होंने आरोप लगाया कि गेस्ट हाउस विश्व चंदा की महिला ने उनसे गाली गलौज करते हुए पालतू कुतिया मौली को देने से मना कर दिया। महिला पर आरोप है कि उनकी मर्जी के बिना उक्त महिला ने मौली की नसबंदी भी करा ली।
तहरीर के आधार पर मुनिकीरेती पुलिस ने पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया है। थानाध्यक्ष राम किशोर सकलानी ने बताया कि आरोपी महिला अदिति हरियाणा की निवासी है, जो कर्मा एनिमल ट्रस्ट का संचालन कुछ समय से तपोवन में कर रही है। उन्होंने बताया कि महिला ने मौली को स्ट्रीट डॉग समझ कर उसकी नसबंदी कराना स्वीकार किया है। इस संबंध में राजकीय पशु चिकित्सक हरि सिंह बिष्ट ने नसबंदी की बात स्वीकारी है। पुलिस मौली की तलाश में जुट गई है। मामले की विवेचना भद्रकाली चैकी इंचार्ज उप निरीक्षक अंशुल अग्रवाल को सौंपी गई है।

सुबह सात बजे से पहले ठेकों के बाहर उमड़ी शराब के शौकीनों की भीड़

टिहरी जनपद की मुनिकीरेती क्षेत्र में खाराश्रोत स्थित अंग्रेजी शराब का ठेका सुबह सात बजे खुला। मगर, इससे पूर्व सुबह छह बजे ही यहां लंबी कतार लग गई। ठेके पर जिला देहरादून के ऋषिकेश और हरिद्वार, रूड़की से भी लोग पहुंचे।

सोमवार की सुबह सात बजे खाराश्रोत का ठेेका मुनिकीरेती पुलिस की मौजूदगी में खुला। पुलिस ने सोशल डिस्टेंस का पालन कराते हुए व्यवस्थाएं संभाली। इस दौरान पांच-पांच के ग्रुप में ही खरीददारी की गई। तेज धूप होने के कारण अधिकांश लोग अपने गोले पर ही बैठे नजर आए। वहीं, चहेतों को पहले भेजने का आरोप लगाने वालों पर पुलिस ने लाठी भी भांजी। शराब के शौकीनों की भीड़ के आगे पुलिस की फोर्स कम दिखाई दी। हरिद्वार रेड जोन होने के कारण वहां भी सीमावर्ती क्षेत्रों में शराब का एक भी ठेका नहीं खुला। उधर, रायवाला का अंग्रेेजी और देसी शराघ्ब का ठेका नहीं खुला। इसके साथ ही रानीपोखरी का भी ठेका नहीं खुला। इस कारण खाराश्रोत शराब के ठेके में अधिक संख्या में भीड़ उमड़ पड़ी।

जिला देहरादून, हरिद्वार के शौकीनों को नहीं मिलेगी शराब, होगा मुकदमा
सोमवार को शराब की दुकान के पहले दिन टिहरी जिले से ज्यादा देहरादून जिले के ऋषिकेश और हरिद्वार, रुड़की से भी लोग पहुंचे। इस पर थानाध्यक्ष मुनिकीरेती राम किशोर सकलानी ने कहा कि गैर टिहरी और पौड़ी जनपद के लोगों को शराब नहीं दी जाएगी। वहंी, टिहरी और पौड़ी वालों को आधार कार्ड दिखाना होगा।

शराब की पेटी खरीदने का रहा जोर
शराब के शौकीनों में एक बोतल से ज्यादा पेटी खरीदने का क्रेज देखने को मिला। खाराश्रोत ठेके पर लोग बड़े-बड़े बैग लेकर पहुंचे। दोपहिया वाहनों पर लोग शराब की पूरी पेटी को ले जाते हुए दिखाई दिए। इस दौरान ठेका के बैक डोर से भी शराब की बिक्री होती रही। इस दौरान नगर पालिका मुनिकीरेती के कर्मचारी, निजी अस्पताल के भी शराब की खरीददारी करते नजर आए।

विदेशियों ने कहा 1 बजे तक हम स्वतंत्र, तो फिर पुलिस ने क्या किया, पढ़िए पूरी खबर

टिहरी जिले की तपोवन चैकी पुलिस ने लॉकडाउन के दौरान घूम रहे विदेशी सैलानियों को अनोखे अंदाज में सजा दी। कोरोना संक्रमण से लोग बचे रहें, इसके लिए पुलिस कई बार सख्ती तो कई बार अलग-अलग अंदाज में लोगों को समझा रही है। तपोवन पुलिस ने बेवजह घूम रहे विदेशी सैलानियों से कोरे कागज पर 500 बार लिखवाया कि लॉकडाउन के दौरान उनसे गलती हुई है।
तपोवन चैकी प्रभारी उप निरीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि शनिवार को उन्होंने पुलिसकर्मियों के साथ नीम बीच से लेकर साईं घाट तक गश्त की। इस दौरान 10 विदेशी नागरिक गंगा किनारे चहल-कदमी करते हुए दिखाई दिए।
इस दौरान विदेशियों से बेवजह घूमने का कारण पूछा तो बोले एक बजे तक स्वतंत्र घूम सकते हैं। पुलिस ने बताया कि रिलैक्सेशन पीरियड केवल जरूरत का सामान खरीदने के लिए है, गंगा किनारे स्नान करने, ध्यान करने या चहल-कदमी करने के लिए नहीं है। पुलिस ने विदेशी नागरिकों से नियमों का उल्लंघन होने पर कोरे कागज पर 500 बार लिखवाया कि उनसे गलती हो गई।

सब इंस्पेक्टर शाहिदा से सीखे, पहले फर्ज कैसे निभाया जाता है

देशभर में कोरोना वायरस के खौफ और लॉकडाउन के बीच ऋषिकेश के मुनिकीरेती थाने में तैनात सब इंस्पेक्टर शाहिदा परवीन ने जिम्मेदारी की ऐसी मिसाल कायम की है जो आने वाली पीढ़ियों के लिए भी नजीर बन जाएगी। शाहिदा ने अपनी आने वाली खूबसूरत जिंदगी के आगे वर्दी के फर्ज को चुना और कोरोना को हराने के बाद ही निकाह करने का फैसला लिया। सब कुछ ठीक रहता तो शाहिदा 5 अप्रैल को दुल्हन के रूप में सजी होतीं। लेकिन, उनके मुंह पर मास्क था और हाथ में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए डंडा। उन्होंने लॉकडाउन के दौरान पांच अप्रैल को होने वाली अपनी शादी को अपने कर्तव्य के लिए स्थगित कर दिया है। शाहिदा के इस फैसले से उत्तराखंड पुलिस विभाग में ही नहीं, समाज में भी उनका कद और बढ़ गया है।
2016 बैच की भर्ती सब इंस्पेक्टर शाहिदा परवीन पुत्री रहीम शाह निवासी कान्हरवाला, भानियावाला देहरादून वर्तमान में मुनिकीरेती थाने में तैनात है। उनका निकाह लक्सर जिला हरिद्वार निवासी शाहिद शाह पुत्र गुलाम साबिर के साथ पांच अप्रैल को तय हुआ था। शाहिद शाह वर्तमान में हरिद्वार रेलवे में टीटीई के पद पर कार्यरत हैं। दोनों ही परिवारों ने निकाह की पूरी तैयारी कर ली थी।
यहां तक की सब इंस्पेक्टर ने निकाह के लिए 50 दिनों के अवकाश के लिए आवेदन भी कर दिया था। इसके बाद लॉकडाउन की पीएम नरेंद्र मोदी ने घोषणा की और शाहिदा परवीन ने निकाह से पहले अपने फर्ज को पूरा करने की ठानी। इसके लिए उन्होंने होने वाले शौहर से बात की और कोरोना खत्म होने तक निकाह न करने का फैसला किया।
इसे हरिद्वार निवासी शाहिद शाह ने भी स्वीकारा। शाहिदा ने बताया कि यदि पुलिस अपनी जिम्मेदारी नहीं समझेगी तो इसका गलत प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने आगे कहा कि मैंने जब से खाकी वर्दी पहनी है, मेरे लिए लोगों की परेशानी और ड्यूटी पहले है। यही कारण है कि लॉकडाउन में निकाह से पहले ड्यूटी को चुना। परवीन ने बताया कि निकाह की तारीख बदलने से सबसे ज्यादा उनकी मां अनीशा निराश हुईं। इसके बावजूद मां ने बेटी के फैसले को सहर्ष स्वीकार कर लिया।

संकट के समय मदद मांगने गई पुलिस को आश्रम ने लौटाया बैरंग

मंगलवार को चैकी इंचार्ज कैलाश गेट विकेन्द्र कुमार पुलिसकर्मियों के साथ शीशमझाड़ी स्थित स्वामी स्वतंत्रतानंद आश्रम शिव शक्ति ट्रस्ट पहुंचे। यहां तीन घंटे तक पुलिसकर्मी आश्रम के कर्मचारियों को आवाज लगाते रहे। मगर, कोई नहीं पहुंचा। तीन घंटे बाद आश्रम के मैनेजर सतीश शर्मा बाहर आए। चैकी इंचार्ज ने पूछा कि क्या आप लॉकडाउन के चलते पीएसी के जवानों को अपने हॉल में ठहरा सकते हैं। इस पर मैनेजर ने साफ इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस के ठहरने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। चैकी इंचार्ज ने बताया कि आश्रम धर्माथ कार्यों के लिए खोला गया है, यहां प्रतिवर्ष विदेशी नागरिक ठहरते हैं। संकट के समय में आश्रम के इस व्यवहार से नाराज उन्होंने कार्रवाई करने को कहा है। उन्होंने थानाध्यक्ष राम किशोर सकलानी को इसकी सूचना दी है।

रशियन नागरिकों ने बढ़ाई मुश्किल, एबेंसी से अनुमति मिलने के बाद पुलिस ने किया रवाना
रशियन एबेंसी से बिना अनुमति मिले मंगलवार को 52 नागरिक बस संख्या यूपी17एटी-2444 में सवार होकर दिल्ली एयरपोर्ट जा रहे थे। तभी पुलिस को सूचना मिली और कैलाश गेट पर बस को रोका गया। मौके पर एडिशनल एसपी उत्तम सिंह नेगी भी पहुंचे। उन्होंने बस चालक से अनुमति मांगी। मगर, वह रशियन एंबेसी का कोई अनुमति पत्र नहीं दिखा पाया। चालक ने स्थानीय प्रशासन के अनुमति वाला पत्र दिखाया। इसे पुलिस ने नहीं माना। एडिशनल एसपी ने सभी विदेशी नागरिकों को एक स्थानीय होटल में ठहराया। वहीं, दो घंटे के बाद रशियन एबेंसी से अनुमति मिलने के बाद इन्हें रवाना किया गया।

लॉकडाउन को गंभीर नही दिख रहे लोग, पुलिस कर रही कार्रवाई

कोतवाली पुलिस ने कोरोना वायरस संक्रमण के तहत जारी लॉकडाउन और उत्तराखंड शासन के आदेशों का उल्लंघन करने पर तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। जहां से सभी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
कोतवाल रितेश शाह ने अपील की है कि नगरवासी लॉकडाउन का उल्लंघन न करें। ऐसा करने पर कानूनी कार्रवाई करने को पुलिस बाध्य होगी। कोतवाल ने लॉकडाउन का उल्लंघन करने वाले तीन लोगों की पहचान 21 वर्षीय विशाल शर्मा पुत्र बालकिशन शर्मा निवासी बापू ग्राम गली ऋषिकेश, 23 वर्षीय दुर्गेश कुमार पुत्र बृजेश कुमार निवासी बाबा सदानंद मार्ग निकट मॉडर्न स्कूल ऋषिकेश और 22 वर्षीय रमन कुमार पुत्र स्व. राजवीर सिंह निवासी न्यू जाटव बस्ती ऋषिकेश के रूप में कराई है।

हरिद्वार से चली कार ने तीन चेक पोस्ट को झूठ बोलकर किया पार
मंगलवार को एक कार संख्या यूके11ए-4283 हरिद्वार से पौड़ी के लिए चली। कार में तीन लोग सवार थे। इस कार ने हरिद्वार जिले की सीमा को लांघकर, देहरादून जिले के थाना रायवाला, इसके बाद ऋषिकेश बैरियर को पार करके मुनिकीरेती पुलिस की सीमा में प्रवेश किया। इन तीनों जिले के बैरियर पर कार सवार युवकों को पुलिस ने नहीं पकड़ा। इसके बाद कार सवार युवक तपोवन बैरियर पहुंचे। यहां चैकी इंचार्ज विनोद कुमार ने कार चालक से पूछताछ की तो उसने अनुमति होना बताया। इस पर चैकी इंचार्ज ने अनुमति पत्र देखा तो वह फर्जी पाया गया। चैकी इंचार्ज ने मौके पर ही फटकार लगाई और कार को वापस भेज दिया।