बुजुर्ग पिता की आकस्मिक मृत्यु पश्चात ऋण बीमा होते हुए भी अदायगी लिए किया जा रहा था प्रताड़ित, डीएम ने दिलाया न्याय

जनपद देहरादून में बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा एक बुजुर्ग विधवा कमलेश तथा उनकी नामिनी असहाय पुत्री प्रीति को अनावश्यक रूप से प्रताड़ित करने तथा बीमित ऋण पर क्लेम प्राप्त होने के बावजूद अतिरिक्त धनराशि जमा कराने के मामले में जिलाधिकारी सविन बंसल के हस्तक्षेप से पीड़िता को न्याय मिला है। जिला प्रशासन द्वारा त्वरित संज्ञान लेते हुए बैंक की 3.30 लाख की आरसी काटी गई, जिसके उपरांत बैंक ने 24 घंटे के भीतर 3.30 लाख रुपये का चेक नामिनी पुत्री प्रीति के नाम जारी कर दिया।

विगत दिवस जिलाधिकारी कार्यालय कक्ष में प्रीति सिंह ने अपनी व्यथा सुनाते हुए बताया कि उनके पिता स्व0 राजेन्द्र पाल ने वर्ष 2023 में बैंक ऑफ बड़ौदा से  रू0 13 लाख का ऋण लिया था। बैंक अधिकारियों एवं कर्मचारियों के कहने पर ऋण को सुरक्षित करने के लिए इसका बीमा कराया गया। वर्ष 2023 से अप्रैल 2025 तक उनके पिता द्वारा रू0 22,295 प्रतिमाह की नियमित किस्तें जमा की गईं। अप्रैल 2025 में उनके पिता का निधन हो गया, जिसकी सूचना तत्काल बैंक और बीमा कंपनी को दे दी गई। जून 2025 में बीमा कंपनी द्वारा ऋण क्लेम की राशि बैंक में जमा कर दी गई। इसके बावजूद बैंक द्वारा न तो नो ड्यूज सर्टिफिकेट जारी किया जा रहा था, बल्कि प्रीति सिंह पर रू0 3,30,980 अतिरिक्त जमा कराने का दबाव बनाया जा रहा था, तथा सम्पति को जबरन जब्त करने की धमकी दी जा रही थी।

जिलाधिकारी का हस्तक्षेप पीड़िता की शिकायत सुनने के बाद जिलाधिकारी सविन बंसल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उप जिलाधिकारी (न्याय) कुमकुम जोशी को तत्काल जांच एवं आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। जिला प्रशासन द्वारा जांच में पाया गया कि बीमा क्लेम राशि प्राप्त होने के बाद भी बैंक द्वारा अनुचित रूप से धनराशि की मांग की जा रही थी। इस पर बैंक की रू0 3,30,980 की आरसी काटी गई। आरसी कटते ही बैंक ने 24 घंटे के भीतर नामिनी प्रीति सिंह के नाम 3.30 लाख रुपये का चेक जारी कर दिया, जिसे आज जिलाधिकारी द्वारा प्रीति सिंह को सौंप दिया गया।

जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि किसी भी नागरिक के साथ वित्तीय संस्थान द्वारा की जाने वाली मनमानी और अनुचित व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जनपद प्रशासन हर पीड़ित व्यक्ति की शिकायत का त्वरित समाधान सुनिश्चित करता रहेगा।” तथा भविष्य में भी इस प्रकार के मामलो पर कठौर एक्शन लिया जाएगा।

विगत दिवस जिलाधिकारी कार्यालय कक्ष में प्रीति सिंह ने अपनी व्यस्था सुनाते हुए जिलाधिकारी से गुहार लगाई कि उनके पिता द्वारा वर्ष 2023 में बैंक ऑफ बड़ोदा से 13 लाख ऋण लिया था तथा बैंक के अधिकारियों कर्मचारियों के कहने पर ऋण सिक्योर करने हेतु ऋण का बीमा कराया था। उनके पिता द्वारा वर्ष 2023 से अपै्रल 2025 तक 22295 प्रतिमाह किस्त भरी थी किन्तु अपै्रल 2025 में पिता की मृत्यु हो जाने पर बैंक जिसकी सूचना उनके द्वारा बैंक व इंश्योरेंश कम्पनी को दी गई तथा इंश्योरेंश कम्पनी द्वारा जून में ऋण के क्लेम की धनराशि बैंक में जमा करा दी किन्तु बैंक द्वारा उनको न तो नो ड्यूज दे रहा है तथा 330980 धनराशि जमा कराने का दबाव बनाते हुए समपति जब्त करने की धमकी दे रहे हैं। जिला पर जिलाधिकारी सविन बंसल ने उप जिलाधिकारी न्याय कुमकुम जोशी को कार्यवाही के निर्देश दिए। जहां जिला प्रशासन द्वारा बैंक की धनराशि रू0 330980 की आरसी काट दी। बैंक की आरसी कटते ही बैंक 24 घंटे के भीतर प्रीति के नाम 3.30 धराशि का चैक काट दिया, जिसे आज जिलाधिकारी ने प्रीति सिंह को उपलब्ध करा दिया।

मुख्यमंत्री ने वन विभाग की समीक्षा बैठक में दिए डीएफओ पौड़ी को हटाने के निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में वन विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिये कि मानव वन्यजीव संघर्ष को खत्म करने के लिए वन विभाग के साथ ही शासन-प्रशासन के स्तर पर भी प्रभावी प्रयास किये जाएं। यह सुनिश्चित किया जाए कि मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटना की सूचना मिलने के 30 मिनट के अन्दर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच जाए। इसके लिए संबंधित डीएफओ और रेंजर की जिम्मेदारी तय की जाए। प्रभावितों को आर्थिक सहायता तत्काल उपलब्ध कराई जाए।

मुख्यमंत्री ने पौड़ी में मानव -वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती घटनाओं के दृष्टिगत पौड़ी के डीएफओ को तत्काल प्रभाव से वहां से हटाने के निर्देश दिये हैं।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि जिन क्षेत्रों में जंगली जानवरों का अधिक भय है, ऐसे क्षेत्रों में स्कूली बच्चों को स्कूल तक छोड़ने और घर तक लाने के लिए वन विभाग और जिला प्रशासन द्वारा एस्कॉर्ट की व्यवस्था की जाए। मानव-वन्यजीव संघर्ष में किसी परिवार से कमाने वाले व्यक्ति की मृत्यु होने पर उनके परिवार को आर्थिक परेशानियों का सामना न करना, ऐसी स्थिति से निपटने के लिए वन विभाग प्रभावित परिवार की आजीविका को सहायता देने के लिए दो सप्ताह के अंदर नीति बनाकर प्रस्तुत करे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपदों में मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए जिन भी उपकरणों की आवश्यकता है, उन्हें यथाशीघ्र उपलब्ध कराया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी पहली जिम्मेदारी वन्यजीवों से लोगों के जीवन को बचाना है, इसके लिए नई तकनीक के इस्तेमाल पर विशेष ध्यान दिया जाए। जंगली जानवर आबादी क्षेत्रों में न आये, इसके लिए स्थाई समाधान पर विशेष ध्यान दिया जाए। वन्यजीवों की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में कैमरों के माध्यम से निरंतर नजर बनाये रखें। वन कर्मी लगातार निगरानी रखें, साथ ही ग्रामीणों के साथ अपना संवाद मजबूत रखें। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तियों के आस पास जंगली झाडियों को अभियान चलाकर साफ किया जाए, साथ ही बच्चों और महिलाओं को विशेष तौर पर आस पास वन्य जीवों की मौजूदगी को लेकर जागरुक किया जाए।

बैठक में वन मंत्री सुबोध उनियाल, प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, सचिव शैलेश बगोली, विनय शंकर पांडेय, सी रविशंकर, प्रमुख वन संरक्षक रंजन मिश्रा, अपर सचिव हिमांशु खुराना शामिल हुए।

सीएम ने नगर निगम देहरादून में 46 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं का किया शिलान्यास व लोकापर्ण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून नगर निगम के 27वें स्थापना दिवस समारोह में प्रतिभाग करते हुए देहरादून महानगर में 46 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि पिछले 27 वर्षों में देहरादून नगर निगम ने नागरिक सुविधाओं के विस्तार और आधुनिक शहरी प्रबंधन के क्षेत्र में अनेक उपलब्धियाँ हासिल करते हुए, देहरादून को एक स्वच्छ, सुरक्षित और सुव्यवस्थित नगर के रूप में विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि देहरादून नगर निगम स्थापना दिवस का ये अवसर उन उपलब्धियों का उत्सव मनाने के साथ-साथ आने वाले समय की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए, विकास के सपनों को धरातल पर साकार करने का भी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विकास और समृद्धि के नए-नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। आज देश में अनेकों परियोजनाओं के माध्यम से शहरी क्षेत्रों के विकास को नई दिशा प्रदान की जा रही है। स्वच्छ भारत मिशन के माध्यम से देश के लाखों शहरों, कस्बों और नगरों में साफ-सफाई की एक नई संस्कृति विकसित हुई है। अमृत योजना के द्वारा शहरी क्षेत्रों में जल आपूर्ति, सीवरेज और हरित स्थानों को विकसित किया गया है। इसी तरह स्मार्ट सिटी मिशन नगर विकास का एक आदर्श नगर विकास के रूप में उभरा है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार देहरादून को एक आधुनिक और विकसित शहर बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। देहरादून में जहां एक ओर स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत शहर में ठोस कचरा प्रबंधन और सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है। वहीं स्मार्ट सिटी मिशन, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, अमृत मिशन, खुले में शौच मुक्त अभियान और लीगेसी वेस्ट प्रबंधन जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से नागरिकों को बेहतर सुविधाएँ प्रदान करने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून को एक आधुनिक शहर के रूप में स्थापित करने के लिए सरकार 14 सौ करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न परियोजनाओं पर कार्य कर रही है। शहर में कचरा प्रबंधन के लिए आधुनिक मैकेनाइज्ड ट्रांसफर स्टेशन का निर्माण किया गया है, वहीं कूड़ा वाहनों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की स्थापना भी की है। हरित और स्वस्थ देहरादून बनाने के लिए शहर में विभिन्न स्थानों पर 35 पार्कों का निर्माण भी कराया गया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार केदारपुरम में योगा थीम पर आधारित शहर के सबसे बड़े पार्क का निर्माण करा रही है। वहीं वीर बलिदानियों की स्मृति में विशेष स्मृति पार्कों के माध्यम से शहर में 50 हजार वर्ग मीटर से अधिक हरित क्षेत्र भी विकसित किया जा रहा है। साथ ही साथ शहर की नदियों को पुनर्जीवित करने के लिए ‘रीन्यू रिस्पना’ अभियान भी संचालित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शहर में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए 30 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जा रहा है, वहीं निजी इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए 11 स्थानों पर चार्जिंग स्टेशनों का निर्माण भी किया गया है। राज्य सरकार के प्रयासों से केंद्र सरकार द्वारा नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम के अंतर्गत किए गए स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में देहरादून ने देशभर में 19वाँ स्थान हासिल किया है। साथ ही, सर्वोच्च स्वच्छ शहरों की राष्ट्रीय स्वच्छता रैंकिंग में भी देहरादून ने उल्लेखनीय सुधार करते हुए इस वर्ष 62वाँ स्थान प्राप्त किया है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार देहरादून में ट्रैफिक और पार्किंग की समस्या के स्थायी समाधान के लिए भी प्रयासरत हैं। इसके लिए, विभिन्न स्थानों पर भूमिगत पार्किंग का निर्माण किया जा रहा है, वहीं ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए रिस्पना और बिंदाल नदियों के ऊपर एलिवेटेड रोड के निर्माण की योजना भी तैयार की जा रही है। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने उतकृष्ट कार्य करने वाले नगर निगम के कार्मिकों को भी पुरस्कृत किया।

इस अवसर पर मेयर सौरभ थपलियाल ने कहा कि देहरादून को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल शहर के रूप में विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने नगर निगम द्वारा सम्पन्न कराए जा रहे विकास कार्यों का भी विवरण प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, विधायक खजान दास, विनोद चमोली, उमेश शर्मा काऊ, नगरायुक्त नमामि बंसल सहित अधिकारी एवं पार्षद उपस्थित हुए।

*शिलान्यास*
1 – किरसाली चौक से सहस्त्रधारा कॉसिंग की ओर सड़क फुटपाथ का विकास, ग्रीनरी एवं सौन्दर्गीकरण कार्य लागत-264.21 लाख।
2 – मोथरोवाला में मृत पशु शवों के निस्तारण हेतु गैस चलित पशु शवदाह गृह का निर्माण कार्य लागत-147.89 लाख ।
3. कैनाल रोड़, लक्जूरिया फार्म से अजन्ता होटल की ओर सड़क फुटपाथ का विकास, ग्रीनरी एवं सौन्दर्याकरण कार्य लागत-247.58 लाख।
4. कुठाल गेट से राजपुर चौक की ओर सड़क फुटपाथ का विकास, ग्रीनरी एवं सौन्दर्याकरण कार्य लागत-257.67 लाख ।
5. धण्टाघर से आर०टी०ओ० चौक की ओर सड़क फुटपाथ का विकास, ग्रीनरी एवं सौन्दर्याकरण कार्य लागत-165.84 लाख ।
6. धण्टाघर से यमुना कालोनी की ओर सड़क फुटपाथ का विकास, ग्रीनरी एवं सौन्दर्याकरण कार्य लागत-193.11 लाख।
7. विवेकानन्द चौक से कुठाल गेट की ओर सड़क फुटपाथ का विकास, ग्रीनरी एवं सौन्दर्गीकरण कार्य लागत-234.79 लाख।

*लोकापर्ण*
8. वार्ड सं0-60 आई०टी० पार्क रोड़ में पार्क विकास कार्य लागत-116.75 लाख । 9. नगर निगम की कॉफी टेबल बुक/डायरी / ई-आफिस का अनावरण।
10. मैकेनाइज स्मार्ट कार पार्किंग लागत-3.29 करोड़।
11. राजपुर रोड़ पार्किंग लागत-1.00 करोड़।
12. धोरण में मैकेनाइज ट्रान्फर स्टेशन का निर्माण लागत रू0-6.29 करोड़।

मानव वन्यजीव संघर्ष न्यूनीकरण के हर सम्भव प्रयास जारी: प्रमुख वन सचिव

जनपद में बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा उच्चाधिकारियों को क्षेत्र भ्रमण तथा आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिये गये हैं। इन्हीं निर्देशों के क्रम में प्रमुख वन सचिव आर.के. सुधांशु, प्रमुख वन संरक्षक तथा आयुक्त गढ़वाल मंडल विनय शंकर पांडेय ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ तहसील पौड़ी के गजल्ड गांव का दौरा किया और गुलदार के हमले में मृत राजेन्द्र नौटियाल के परिजनों से भेंट कर शोक संवेदना व्यक्त की। प्रमुख वन सचिव ने प्रभावित परिवार को सांत्वना दी और मुआवजे की अग्रिम राशि का चेक भेंट किया।

प्रमुख सचिव वन ने गजल्ड घटना को लेकर जिला प्रशासन एवं वन विभाग द्वारा की गई त्वरित कार्यवाही और ग्रामीणों के सहयोग की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि हर समस्या का समाधान सरकारी तंत्र और जनसहभागिता के संयुक्त तंत्र और आपसी सहयोग में निहित है।

उन्होंने घटना स्थल का निरीक्षण कर आदमखोर गुलदार के निस्तारण के लिए की जा रही व्यवस्थाओं का जायज़ा लेने के उपरांत सत्यखाल गांव में स्थानीय निवासियों से मुलाकात कर उनकी वन्यजीव संबंधी शिकायतें सुनीं और उन्हें शीघ्र समाधान का भरोसा दिलाया।

दौरे के बाद प्रभावित क्षेत्र के प्रतिनिधिमंडल ने विकास भवन में प्रमुख वन सचिव से भेंट कर मानव-वन्यजीव संघर्ष के प्रभावी न्यूनीकरण हेतु अपने सुझाव प्रस्तुत किये। इनमें क्षेत्र से परिचित स्थानीय निवासियों को निस्तारण दल में शामिल करने, तेंदुए को न्यूट्रलाइज करने हेतु दो निजी शूटरों की अनुमति देने तथा प्री-रिकॉर्डेड ऑडियो संदेशों के माध्यम से जनजागरुकता प्रसारित करने की मांगें शामिल थीं। प्रमुख वन सचिव ने इन बिंदुओं पर तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किये और मौके पर ही सभी महत्वपूर्ण मुद्दों का समाधान सुनिश्चित किया।

इसके उपरांत उन्होंने विकास भवन सभागार में मानव वन्यजीव संघर्ष पर सभी प्रमुख विभाग के अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में प्रमुख सचिव वन ने निर्देश दिए कि मानव-वन्यजीव संघर्ष न्यूनीकरण हेतु प्रत्येक रेंज स्तर पर नियमित रूप से प्रभागीय दिवस आयोजित किया जायेगा। उन्होंने विभाग को निर्देशित किया कि ‘क्या करें-क्या न करें’ आधारित जनजागरुकता सामग्री तैयार कर शीघ्र वितरित की जाय तथा रेंज एवं वन पंचायत स्तर पर व्हाट्सएप समूहों के साथ-साथ प्रभागीय स्तर पर विभागीय सोशल मीडिया प्लेटफार्म का उपयोग वन्यजीव गतिविधियों से संबंधित सूचनाओं के प्रसार के लिए किया जाये। उन्होंने प्राप्त सूचनाओं पर त्वरित प्रतिक्रिया के लिए प्रभावी तंत्र विकसित करने के निर्देश भी दिये।

जनपद क्षेत्र में झाड़ी कटान अभियान को व्यवस्थित रूप से संचालित करने के लिए प्रमुख वन सचिव ने लोक निर्माण विभाग, जिला पंचायत और नगर पालिका को संयुक्त रूप से कार्रवाई करने के निर्देश दिये। उन्होंने आश्वस्त किया कि यदि इस कार्य हेतु अतिरिक्त धनराशि की आवश्यकता होगी, तो उसे शासन स्तर से उपलब्ध कराया जायेगा।

आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पाण्डेय ने कहा कि मानव-वन्यजीव संघर्ष एक संवेदनशील विषय है, जिसमें त्वरित कार्रवाई के साथ-साथ समुदाय का सतत सहयोग बेहद महत्वपूर्ण है। जिला प्रशासन, वन विभाग और स्थानीय जनसमुदाय मिलकर कार्य करें तो इस चुनौती को काफी हद तक कम किया जा सकता है। हमारी प्राथमिकता यही है कि जनजीवन सुरक्षित रहे और हर परिवार को समय पर आवश्यक सहायता एवं संरक्षण मिले।

जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने स्पष्ट किया कि मानव-वन्यजीव संघर्ष न्यूनीकरण से जुड़े सभी दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वन्यजीव प्रभावित क्षेत्रों में पशुपालकों के लिए नियमित चारा व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु पशुपालन विभाग को भी आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिये गये हैं। साथ ही प्रभावित तथा संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा के दृष्टिगत विद्यालय तथा आंगनबाडियों में समय परिवर्तन किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि वन विभाग के साथ मिलकर जागरुकता प्रसार, झाड़ी कटान तथा गुलदार संकट हेतु अन्य न्यूनीकरण उपाय लिए जा रहे हैं।

बैठक एवं क्षेत्रीय भ्रमण के दौरान प्रमुख वन संरक्षक (हॉफ) रंजन कुमार मिश्र, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार, मुख्य वन संरक्षक धीरज पांडे, वन संरक्षक आकाश वर्मा, डीएफओ गढ़वाल अभिमन्यु सिंह, डीएफओ लैंसडौन जीवन मोहन दगाड़े, डीएफओ कालागढ़ तरुण एस, अपर जिलाधिकारी अनिल गर्ब्याल, संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

ग्वालदम–देवाल–वाण मोटर मार्ग बीआरओ को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया तेज: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सशस्त्र सेना झंडा दिवस के अवसर पर आज सवाड़, चमोली पहुँचे, जहाँ क्षेत्रवासियों, पूर्व सैनिकों तथा उनके परिजनों द्वारा उनका स्वागत किया गया। कार्यक्रम में सहभागिताओं के बीच मुख्यमंत्री ने क्षेत्रीय विकास से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण निर्णयों और घोषणाओं को साझा किया।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घोषणा की कि ग्वालदम–देवाल–वाण मोटर मार्ग को नंदा देवी राजजात के आयोजन के उपरांत बीआरओ को सौंपने की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी, जिससे भविष्य में सड़क की गुणवत्ता, रखरखाव और सुरक्षा व्यवस्था और बेहतर हो सकेगी। इसी प्रकार रामपुर तोर्ती को कुमाऊं क्षेत्र से जोड़ने वाली सड़क के निर्माण को भी सरकार की प्राथमिकता बताया गया।
मुख्यमंत्री द्वारा थराली के तलवाड़ी तथा नंदानगर के लांखी क्षेत्र में मिनी स्टेडियम निर्माण को स्वीकृति दिए जाने का भी उल्लेख किया गया, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए खेल सुविधाएँ और अवसरों का विस्तार हो सकेगा।

मुख्यमंत्री ने ‘अमर शहीद सैनिक मेला सवाड़’ को राजकीय मेला करने की घोषणा भी की, जिसकी स्थानीय जनता और पूर्व सैनिक समाज की लंबे समय से प्रतीक्षा थी। यह निर्णय क्षेत्र में वीर सैनिकों की गौरवशाली परंपरा को सम्मान देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

सवाड़ स्थित सैनिक स्मृति संग्रहालय का अवलोकन करते हुए मुख्यमंत्री ने देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सपूतों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने 18वें ‘अमर शहीद सैनिक मेला’ के उद्घाटन अवसर पर उपस्थित जनसमूह के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सवाड़ की धरती हमेशा राष्ट्रभक्ति, समर्पण और शौर्य की मिसाल रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वे स्वयं सैनिक परिवार से आते हैं, और इस वीरभूमि में पहुंचकर उनके मन में अपने पिता द्वारा सुनाई गई अनेक वीरगाथाओं की स्मृतियाँ ताज़ा हो उठीं। उन्होंने कहा कि सवाड़ गांव के वीर जवानों ने सदैव राष्ट्र की सुरक्षा के लिए अप्रतिम त्याग किया है, जिसकी पहचान पूरे भारतवर्ष में है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय सेना और रक्षा क्षेत्र में ऐतिहासिक सुधार देखने को मिले हैं। जहाँ एक समय भारत रक्षा उपकरणों के लिए विदेशों पर निर्भर था, वहीं अब देश कई महत्वपूर्ण रक्षा उपकरणों का निर्यात करने वाले अग्रणी राष्ट्रों में शामिल हो चुका है। इस संदर्भ में उन्होंने हाल ही में संचालित ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत की सामरिक क्षमता, सैनिकों का साहस और स्वदेशी हथियार—तीनों ने विश्व स्तर पर देश की प्रतिष्ठा को और मजबूत किया है।

राज्य की सामाजिक चुनौतियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लव जिहाद और थूक जिहाद जैसी विकृतियों पर रोक लगाने के लिए सरकार ने निर्णायक कदम उठाए हैं, ताकि देवभूमि की सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक समरसता को सुरक्षित रखा जा सके।

इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य बन चुका है जिसने समान नागरिक संहिता (UCC) को व्यावहारिक रूप से लागू किया है। इसे सरकार द्वारा जनता के प्रति किए गए वादों को पूरा करने की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया गया। सरकार का मानना है कि केवल घोषणाएँ नहीं, बल्कि उन्हें धरातल पर उतारना ही वास्तविक प्रतिबद्धता का संकेत है।

कार्यक्रम में विधायक थराली भूपाल राम टम्टा, जिलाधिकारी गौरव कुमार, पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार, वरिष्ठ नागरिक कल्याण परिषद के अध्यक्ष रामचन्द्र गौड़, उपाध्यक्ष हरक सिंह नेगी, साथ ही मेला समिति सवाड़ के अध्यक्ष आलम सिंह बिष्ट सहित जिले के सभी वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।

दून डीएम दरबार में विधवा को बीमा कंपनी के प्रताड़ित करने का मामला, बैकफुट पर आया एचडीएफसी आरगो जीआईसी लि, जमा कराए 8.92 लाख रुपए

एचडीएफसी आर्गो इंश्योरेंस लिमिटेड जिला प्रशासन के नाम 8,92000 का चेक जमा कराया गया है। जिलाधिकारी सविन बंसल के सख्त रुख से जहां उपभोक्ताओं से ऋण बीमा धोखाधड़ी करने वाली कंपनियां बैक फुट पर है। वहीं जिला प्रशासन के कड़े और निडर फैसलों से असहाय प्रताड़ित महिला, बुजुर्ग, बच्चों को न्यायमिल रहा मिल रहा है। जिला प्रशासन ने नव वर्षीय बालिका की विधवा मां सुप्रिया को प्रताड़ित करने वाली बीमा कंपनी एचडीएफसी आरगो का इलाज कर दिया, बीमा कंपनी के सिर पर कुर्की की तलवार लटक रही है।

विगत दिवस फरियादी सुप्रिया नौटियाल पत्नी स्व० प्रदीप रतूड़ी द्वारा एक जिलाधिकारी सविन बसंल के समक्ष 15 नवम्बर 2025 गुहार लगाई कि उनके पति प्रदीप रतूड़ी द्वारा वाहन कय किये जाने हेतु प्रबन्धक, एचडीएफसी आरगो जीआईसी लि० से मु० 8,11,709/- का ऋण लिया गया था। सम्बंधित बैंक के द्वारा बताया गया कि लोन के पश्चात् बीमा एक अनिवार्य प्रक्रिया है, जो आईआरडीए के दिशा निर्देशों के अनुसार किसी भी ऋण को सुरक्षित करने के लिए आवश्यक है तथा एचडीएफसी अरगो जीआईसी लि० से पॉलिसी संख्या सीआई 24-14680 और सर्व सुरक्षा प्लस क्लेम नं० आरआर-सीआई 24-14680891 के माध्यम से बीमा कराया गया था। बीमा सम्बंधी दस्तावेज कभी भी डाक या कुरियर के माध्यम से भौतिक रूप से उपलब्ध नहीं कराये गये थे। उनके पति की मृत्यु के पश्चात् सुप्रियाय द्वारा बैंक से अपने पति द्वारा लिए गये लोन मु0 8,11,709/- को चुकाने हेतु दबाव बनाया जा रहा है तथा लोन न चुकाने की स्थिति में वाहन को उठा लेने की धमकी दी जा रही है, जिसके लिए सुप्रिया द्वारा सम्बंधित इंश्योरेंस कम्पनी के विरूद्ध कार्यवाही किये जाने का अनुरोध जिलाधिकारी से किया गया।

बीमित ऋण होने के बाद भी 09 वर्षीय मासूम बेटी की विधवा मॉ सुप्रिया को किया प्रताड़ित करने पर वाले एचडीएफसी आरगो जीआईसी लि० की डीएम ने 8.11 लाख की आरसी काटते हुए फरमान सुनाया है कि 05 दिन में ऋण माफी करें नही तो सम्पति कुर्क कर निलाम की जाएगी। जिलाधिकारी की चेतावनी और सख्त रूप से एचडीएफसी आरगो जीआईसी लि० ने 892000 का चेक तहसील सदर के नाम जमा कर दिया है।

इस प्रकार उपभोक्ताओं से धोखाधड़ी करने वाले अन्य बैंक एवं इंश्योरेंस कंपनियां भी डीएम के रडार पर हैं जिनके द्वारा बीमित ऋण होने के उपरान्त भी जनमानस को प्रताड़ित किया जा रहा है। ऋण बीमा धोखाधड़ी मामला डीएम तक पंहुच रहे हैं जिनका अंजाम सर्वव्यापी, सम्पति कुर्क; नीलामी; शाखा पर लगेगा ताला ऐसे की प्रकरणों पर कई मामालों में बैंक इंश्योरंश कम्पनियों की कुर्की हो चुकी है।

बड़ी खबरः धामी सरकार ने टिहरी के सुरसिंधार नर्सिंग कॉलेज को दी पीजी की मान्यता

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा संख्या 311/2025 के क्रम में आज स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने स्वास्थ्य विभाग की विस्तृत समीक्षा बैठक ली। बैठक में टिहरी जनपद के सुरसिंहधार स्थित राजकीय नर्सिंग कॉलेज को पी.जी. कॉलेज के रूप में विकसित किए जाने से संबंधित समस्त बिंदुओं पर गहन चर्चा की गई। स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने अधिकारियों से अब तक की प्रगति, उपलब्ध अवसंरचना, वित्तीय-प्रशासनिक स्वीकृतियों की स्थिति और निरीक्षण रिपोर्ट के निष्कर्षों की जानकारी लेते हुए कहा कि मुख्यमंत्री घोषणाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन विभाग की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देशित किया कि नर्सिंग शिक्षा को सुदृढ़ बनाने, विशेषज्ञ नर्सिंग जनशक्ति तैयार करने और पहाड़ी जिलों में स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने के लिए इस प्रोजेक्ट को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि शासन स्तर पर आवश्यक कार्यवाही शीघ्र पूर्ण करते हुए प्रस्ताव को समय पर आगे बढ़ाना सुनिश्चित किया जाए।

सुरसिंहधार नर्सिंग कॉलेज को पी.जी. की मान्यता
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री घोषणा संख्या 311/2025 के अनुपालन में शासन द्वारा 14 अगस्त 2025 को संबंधित प्रस्ताव के लिए वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृतियाँ जारी की जा चुकी हैं। शासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि टिहरी जनपद के चंबा क्षेत्र में स्थित सुरसिंहधार नर्सिंग कॉलेज को पी.जी. कॉलेज का दर्जा प्रदान कर दिया गया है। इसके लिए सभी औपचारिकताएँ पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने कहा कि इसको लेकर 12 नवम्बर 2025 को जारी विभागीय पत्र के माध्यम से राजकीय नर्सिंग कॉलेज नई टिहरी की स्थिति के मूल्यांकन हेतु एक निरीक्षण समिति का गठन किया गया था, जिसे परिसर का भौतिक सत्यापन कर अपनी आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे।

निरीक्षण के बाद मिली सकारात्मक रिपोर्ट
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि गठित समिति ने 14 नवम्बर 2025 को राजकीय नर्सिंग कॉलेज नई टिहरी का स्थलीय निरीक्षण कर एक व्यापक रिपोर्ट प्रस्तुत की। रिपोर्ट में बताया गया कि कॉलेज परिसर में उपलब्ध भवन, कक्षाएँ, प्रयोगशालाएँ, पुस्तकालय, मल्टीपरपज़ हॉल तथा एम.एससी. नर्सिंग शिक्षा के लिए आवश्यक अतिरिक्त कक्षाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। समिति ने यह भी उल्लेख किया कि कॉलेज के पास जिला चिकित्सालय बौराड़ी (100 बेड) और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नरेंद्रनगर (50 बेड) क्लीनिकल पोस्टिंग के लिए उपलब्ध हैं, जो प्रशिक्षण की अनिवार्य शर्तों को पूरी तरह पूरा करते हैं। निरीक्षण में यह भी पाया गया कि वर्तमान में संस्थान के पास कुल 71,900.33 वर्गफुट क्षेत्र उपलब्ध है, जिसमें 32,452.97 वर्गफुट का शैक्षणिक क्षेत्र और 39,447.36 वर्गफुट का हॉस्टल क्षेत्र शामिल है। समिति ने संपूर्ण अवसंरचना को मानकों के अनुरूप और पी.जी. कॉलेज संचालन के लिए उपयुक्त पाया। जिसके बाद इसको पीजी की मान्यता दे दी गई है।

एमएससी नर्सिंग कार्यक्रम की 15 सीटों की संस्तुति
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि निरीक्षण के आधार पर समिति ने राजकीय नर्सिंग कॉलेज नई टिहरी में एमएससी नर्सिंग कार्यक्रम शुरू करने के लिए 15 नई सीटों की संस्तुति की है। समिति ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि संस्थान में उच्च स्तरीय नर्सिंग शिक्षा शुरू करने के लिए आवश्यक संसाधन, स्टाफ, कक्षाएँ और प्रशिक्षण ढाँचा मौजूद है, जिससे पहाड़ी क्षेत्र में नर्सिंग शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को महत्वपूर्ण मजबूती मिलेगी। उन्होंन कहा मुख्यमंत्री घोषणा की पूर्ति की दिशा में यह कदम टिहरी क्षेत्र में उच्च स्तरीय नर्सिंग शिक्षा और विशेषज्ञ स्वास्थ्य मानव संसाधन तैयार करने की दिशा में बड़ी उपलब्धि साबित होगा। इस समीक्षा बैठक में डॉ एके आर्य, निदेशक चिकित्सा शिक्षा, डॉ रविन्द्र सिंह बिष्ट, अपर निदेशक चिकित्सा शिक्षा, मनीषा ध्यानी, रजिस्ट्रार सहित विभाग के उच्च अधिकारी मौजूद रहे।

वर्ल्ड बॉक्सिंग कप 2025 में रजत पदक विजेता पवन बर्त्वाल ने की सीएम से मुलाकात

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से आज मुख्यमंत्री आवास में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बॉक्सर पवन बर्त्वाल ने शिष्टाचार भेंट की। पवन बर्त्वाल ने हाल ही में वर्ल्ड बॉक्सिंग कप 2025 में रजत पदक जीता है। मुख्यमंत्री ने पवन बर्त्वाल को उनकी उपलब्धि पर बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पवन बर्त्वाल ने अपने निरंतर परिश्रम, अनुशासन और उत्कृष्ट खेल भावना के बल पर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने और उनके विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। राज्य के प्रतिभावान खिलाड़ी राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मंचों पर शानदार प्रदर्शन कर प्रदेश का मान बढ़ा रहे हैं।

पवन बर्त्वाल ने हाल ही में वर्ल्ड बॉक्सिंग कप 2025 में भारत का प्रतिनिधित्व किया। यह प्रतियोगिता 15 नवंबर से 20 नवंबर 2025 तक ग्रेटर नोएडा (उत्तर प्रदेश) में आयोजित हुई थी। इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में पवन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक जीतकर देश और उत्तराखंड का नाम गौरवान्वित किया। वर्तमान में पवन भारतीय सेना की गढ़वाल राइफल्स में कार्यरत हैं और सेना में रहते हुए भी खेल के प्रति उनके समर्पण और प्रतिबद्धता ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंच पर महत्वपूर्ण सफलता दिलाई है।

इस अवसर पर पवन बर्त्वाल के प्रशिक्षक ललित मोहन कुंवर, सुरेश चंद शर्मा और हरि कृष्ण बेलवाल भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षकों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि खिलाड़ियों की सफलता में उनके कोच और सहयोगी टीम का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण होता है।

स्प्रिचुअल इकोनॉमिक जोन की स्थापना के साथ समीपवर्ती क्षेत्रों का समग्र विकास किया जाएः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य के दोनों मंडलों में एक-एक स्प्रिचुअल इकोनॉमिक जोन की स्थापना के लिए विस्तृत कार्ययोजना (रोडमैप) शीघ्र तैयार की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल उत्तराखंड को वैश्विक आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना के अंतर्गत धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण के साथ-साथ तीर्थ स्थलों एवं उनके आस-पास के क्षेत्रों का समग्र विकास किया जाए। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे, वहीं राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इसी वित्तीय वर्ष में इस योजना पर कार्य धरातल पर प्रारंभ किया जाए। इसके तहत योग, ध्यान, आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा, स्थानीय हस्तशिल्प, पर्वतीय उत्पादों और सांस्कृतिक आयोजनों को भी प्रोत्साहन दिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल से राज्य का पर्यटन परिदृश्य और समृद्ध होगा तथा उत्तराखंड की पहचान ‘आध्यात्मिक राजधानी’ के रूप में और मजबूत होगी।

मुख्यमंत्री ने बैठक में शीतकालीन यात्रा व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ करने पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि राज्य की शीतकालीन स्थलों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार करते हुए, वहां की यात्रा, आवास, परिवहन और सुरक्षा व्यवस्थाओं को मजबूत किया जाए ताकि अधिक से अधिक पर्यटक राज्य की प्राकृतिक और सांस्कृतिक विविधता का अनुभव कर सकें। शीतकालीन यात्रा स्थलों के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए पारंपरिक व आधुनिक माध्यमों के जरिए राज्य की पर्यटन संभावनाओं को देश-विदेश तक पहुंचाया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा लक्ष्य राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ ही जनसामान्य के जीवन स्तर में सुधार लाना तथा राज्य के प्राकृतिक और आध्यात्मिक धरोहरों को सहेजते हुए सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं को धरातल पर लाने के लिए ठोस कार्यनीति तैयार की जाए और समयबद्ध रूप से प्रत्येक चरण की मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।

इस अवसर पर वर्चुअल माध्यम से पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज भी जुड़े थे।

बैठक में बद्री- केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली, धीराज सिंह गर्ब्याल, स्थानिक आयुक्त अजय मिश्रा, अपर सचिव अभिषेक रोहिला एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

गौचर मेले जैसे आयोजन हमारी सांस्कृतिक विरासत को संजोए रखने का प्रभावी माध्यमः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 73वॉं राजकीय औद्योगिक विकास एवं सांस्कृतिक मेले का उद्घाटन किया। गौचर मेले में विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि यह मेला उत्तराखंड के प्रमुख मेलों में से एक है। यह हमारी सांस्कृतिक विरासत को संजोए रखने का प्रभावी माध्यम होने के साथ-साथ स्थानीय आर्थिकी को भी सशक्त बनाता है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जहां एक ओर हमारी सांस्कृतिक विरासत को पुनर्जीवित किया जा रहा है,वहीं लोकल फॉर वोकल, मेड इन इंडिया जैसी योजना के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में प्रदेश में कई योजनाओं और नीतियों को सफलतापूर्वक लागू किया गया है, जिससे राज्य का चहुमुखी विकास सुनिश्चित हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा आज तमाम परेशानियों और चुनौतियों के बाद भी हमारी मातृशक्ति द्वारा तैयार किये जा रहे उत्पाद बहुराष्ट्रीय कंपनियों को भी पीछे छोड़ रही है। उन्होंने आमजन से स्वदेशी अपनाने की अपील करते हुए कहा यदि हम स्वदेशी वस्तुओं को बढ़ावा देंगे तो हमारा यह कदम आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूती प्रदान करेगा। उन्होंने कहा हमारी सरकार के प्रयासों से आज उत्तराखंड फिल्म शूटिंग का बेस्ट डेस्टिनेशन बन रहा है। अब उत्तराखंड तेजी से वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में अपनी पहचान बना रहा है।

मुख्यमंत्री ने गौचर में पिथौरागढ़ की तर्ज पर 18-सीटर हेलीसेवा प्रारम्भ किये जाने, नगर क्षेत्र के चार प्रमुख स्थलों पर पार्किंग सुविधाओं का विकास किये जाने और साकेत नगर – रघुनाथ मंदिर -चटवापीपल मोटर मार्ग निर्माण की घोषणा की। उन्होंने बताया की गौचर में स्टेडियम निर्माण हेतु धनराशि स्वीकृत की जा चुकी है शीघ्र ही इसका कार्य शुरू करवाया जायेगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पत्रकारिता जगत में उत्कृष्ट कार्य करने वाले वरिष्ठ पत्रकार हरीश मैखुरी को गोविन्द प्रसाद नौटियाल पत्रकार सम्मान और शिक्षा के क्षेत्र में वरिष्ठ साहित्यकार एवं शिक्षाविद डॉ. नन्द किशोर हटवाल को पंडित महेशानंद नौटियाल शिक्षा और साहित्य प्रसार सम्मान से सम्मानित किया।

क्षेत्रीय विधायक अनिल नौटियाल एवं मेला उपाध्यक्ष संदीप नेगी ने गौचर मेले का शुभारंभ करने पर मुख्यमंत्री का हार्दिक अभिनंदन एवं स्वागत किया और मुख्यमंत्री को क्षेत्र की समस्या से अवगत कराते हुए समस्याओं के निदान के लिए मांग पत्र भी सौंपा।

प्रसिद्ध गौचर मेले में पहले दिन ईष्ट रावल देवता की पूजा के बाद प्रातः स्कूली बच्चों ने प्रभात फेरी निकाली। मेलाध्यक्ष द्वारा झंडारोहण कर मार्चपास की सलामी ली गई। गौचर मेला मुख्य द्वार से चटवापीपल पुल तक एवं वापसी उसी रूट से होते हुये मुख्य मेला द्वार तक क्रास कण्ट्री दौड़ का आयोजन किया गया। खेल मैदान में बालक एवं बालिकाओं की दौड़, नेहरू चित्रकला प्रतियोगिता, शिशु प्रदर्शनी और शिक्षण संस्थाओं द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। मेले की पहली सांस्कृतिक संध्या पर रात्रि को डॉ. पम्मी नवल लोक गायिका द्वारा जागर संध्या की प्रस्तुति दी जाएगी। गौचर मेले में पारंपरिक पहाड़ी संस्कृति से सजा पांडाल मेलार्थियों के बीच खासे आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है।

इस अवसर पर थराली विधायक भूपाल राम टम्टा, रुद्रप्रयाग विधायक भरत चौधरी, राज्य मंत्री हरक सिंह नेगी, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, जिला पंचायत उपाध्यक्ष लक्ष्मण खत्री, भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल बर्तवाल, महामंत्री अरुण मैठाणी, सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्थानीय जनता उपस्थित रहे।