एक तरफ सुप्रीम कोर्ट का फैसला, दूसरी तरफ पुलिस से मदद की गुहार

जहां एक ओर सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक को असंवैधानिक करार दिया है। वहीं रूड़की के एक जनाब अपनी बेगम को तीन तलाक देने की जिद पर अड़े है। लड़की के पिता ने पुलिस से मदद की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि दामाद बेटी को तीन तलाक देने की जिद पर अड़ा है। बेटी तलाक नहीं चाहती। किसी तरह उसका घर संसार बसवा दो। जिस समय सुप्रीम कोर्ट तीन तलाक पर ऐतिहासिक फैसला सुना रहा था, उस समय यह पिता पुलिस से अपनी बेटी की शादी बचाने की गुहार लगा रहा था। पुलिस ने आरोपी पति को थाने में तलब किया है।
रूड़की के भगवानपुर थाने में खेलपुर निवासी तैय्यब ने बताया कि उसने अपनी बेटी का निकाह पिछले साल सितम्बर में सड़क दुधली सहारनपुर निवासी युवक के साथ किया था। शादी के तीन माह बाद 4 दिसंबर 2016 को पति-पत्नी के बीच विवाद हो गया। उसके दामाद ने उसकी बेटी को घर से निकाल दिया। उसकी बेटी उनके साथ ही रह रही है। दामाद हर रोज फोन पर कभी रुपयों की मांग करता है तो कभी तीन तलाक देने की धमकी देता है। इसी साल दो जनवरी को इस बावत थाना भगवानपुर में मुकदमा दर्ज कराया, लेकिन अभी तक कार्रवाई नहीं हुई है। जबकि दामाद की ओर से लगातार धमकी दी जा रही है। लड़की के पिता ने पुलिस से किसी तरह से बेटी का घर बसाने की गुहार लगाई है। थाना भगवानपुर के इंचार्ज भगवान मेहर ने बताया कि दोनों पक्षों को थाने में बुलवाया गया है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। लड़की तलाक नहीं चाहती है।

दून में जुटेंगे देश व दुनिया के महाबली, देंगे जैव विविधता का संदेश

विश्व के महान ताकतवर लोगों को अब आप देहरादून में एक साथ देख पाएंगे। यह पहला मौका है जब स्ट्रांग मैन इंडिया की ओर से देश के साथ ही उत्तराखंड में पहली बार एशिया स्ट्रॉन्गेस्ट मैन 2017 चैंपियनशिप का आयोजन होगा। इसमें भारत सहित दस देशों के प्रतिभागी एशिया स्ट्रॉन्गेस्ट मैन का खिताब जीतने के लिए दम लगाएंगे।
यह स्पर्धा उन 16 वर्ल्ड चैंपियनशिप का हिस्सा है, जो स्ट्रॉन्गेस्ट चैंपियंस लीग कराती हैं। इसमें व्यक्ति के शारीरिक बल की परीक्षा होती है। बेहतर टाइमिंग और सबसे ज्यादा वजन उठाने वाले को विजेता घोषित किया जाता है। इस चैंपियनशिप के माध्यम से वन, जैव विविधता व जीवन बचाने बचाने का संदेश भी दिया जाएगा। इसके लिए सभी प्रतिभागी हरे रंग की टी-शर्ट पहनकर मैदान में उतरेंगे।
स्ट्रांग मैन इंडिया के सीईओ अर्जुन गुलाटी ने बताया कि इसमें दस देशों के 30 खिलाड़ी अलग-अलग वेट कैटेगरी में अपने शारीरिक बल का प्रदर्शन करेंगे। चैंपियनशिप का आयोजन 26 व 27 अगस्त को रेंजर्स ग्राउंड में किया जाएगा। यह चैंपियनशिप 90 किग्रा वर्ग, 105 किग्रा वर्ग व ओपन वर्ग में करायी जायेगी। चैंपियनशिप में भारत, ईरान, मलेशिया, थाईलैंड, स्कॉटलैंड, ऑस्ट्रेलिया, जापान, दक्षिण अफ्रीका, ब्राजील व इजरायल देश के स्ट्रांगमैन शामिल होंगे। विजेताओं में प्रथम पुरूस्कार वाले को 75 हजार रुपये, द्वितीय पुरूस्कार में 50 हजार रुपये व तृतीय पुरूस्कार वाले को 30 हजार रुपये की ईनामी राशि दी जायेगी।

अधर में लटका छात्रों का भविष्य, ग्रामीणों ने स्कूल में लगाये ताले

नारायणबगड़ क्षेत्र के राजकीय आदर्श इंटर कालेज पैंतोली में शिक्षकों की कमी के खिलाफ लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। अभिभावकों ने मंगलवार सुबह स्कूल खुलने से पहुंचकर गेट पर ताला लगा दिया। बाहर बैठकर नारेबाजी करते हुए धरना दिया। विद्यालय के पीटीए अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह रावत ने बताया कि वर्ष 2015 में राजकीय इंटर पैतोली को आदर्श विद्यालय का दर्जा दिया गया, लेकिन अध्यापकों की कमी के कारण छात्र-छात्राओं को पठन-पाठन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विद्यालय में 215 छात्र-छात्राएं अध्धयनरत हैं। वहीं पांच प्रवक्ता, जिनमें हिन्दी, अंग्रेजी, जीव विज्ञान, रसायन विज्ञान और राजनीति शास्त्र के पद खाली हैं। एलटी स्तर पर हिन्दी, विज्ञान और कला के टीचर नहीं हैं।
ग्राम प्रधान सीरी महेन्द्र सती ने बताया कि वर्तमान में इंटर कॉलेज राजकीय जूनियर हाईस्कूल के भवन में संचालित हो रहा है, जो काफी पुराना है। विद्यालय में चारदिवारी न होने के कारण जंगली जानवरों का भय बना रहता है। इस दौरान भगवती सती, मुन्नी देवी दीपक प्रसाद, मोहित गुंसाई, तुला लाल, विपिन दानू, अयोध्या प्रसाद, चंद्रमणी सती, राजकुंवर आदि अभिभावक मौजूद रहे। इस अवसर पर पीटीए की ओर से शिक्षा निदेशक को ज्ञापन प्रेषित कर शीघ्र ही अध्यावकों की नियुक्ति की मांग की गई है।

चीनी बॉर्डर पर सरकार का निर्देश, जल्द सड़क बनाने के दिए आदेश

चीन और भारत में डोकलाम विवाद के बीच सरकार ने बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन (बीआरओ) की फाइनेंशियल और एडमिनिस्ट्रेटिव पावर बढ़ा दी हैं। सरकार ने इसलिए ये कदम उठाया ताकि 3,409 किलोमीटर लंबे इंडिया-चीन बॉर्डर के पास सड़कें बनाने का काम तेजी से किया जा सके। दरअसल, नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (कैग) ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि इंडिया-चीन बॉर्डर से लगे 61 प्रोजेक्ट लंबे समय से अटके हुए हैं। इंडिया-चाइना बॉर्डर रोड के तहत बनने वाले ये प्रोजेक्ट स्ट्रैटेजिकली इम्पॉर्टेंट हैं व ऐसे इलाकों को सड़कों से जोड़ने का काम कर रहा है, जहां पहुंचना मुश्किल है। असलियत में, सिक्किम सेक्टर में भूटान ट्राइजंक्शन के पास चीन एक सड़क बनाना चाहता है। भारत और भूटान इसका विरोध कर रहे हैं। करीब 2 महीने से इस इलाके में भारत और चीन के सैनिक आमने-सामने हैं। डिफेंस मिनिस्ट्री नेे कहा, बीआरओ में बदलाव लाने का मकसद काम को सही रफ्तार से पूरा करना है, ताकि आर्मी जरूरत के मुताबिक नतीजे हासिल किए जा सकें। बता दें कि इससे पहले बीआरओ के डायरेक्टर जनरल के पास स्वदेशी मशीनरी और इक्विपमेंट के लिए 7.5 करोड़ और विदेश मशीनरी के लिए 3 करोड़ रुपए के अप्रूवल अथॉरिटी थी।
डिफेंस मिनिस्ट्री ने कहा, बीआरओ को बड़ी कंस्ट्रक्शन कंपनियों के साथ बातचीत की भी आजादी दे दी गई है, ताकि काम को जल्द पूरा करने में मदद मिल सके। चीफ इंजीनियर और टास्क फोर्स कमांडर लेवल तक फाइनेंशियल पावर दे दी गई हैं ताकि चीफ इंजीनियर और बीआरओ डायरेक्टर जनरल और डिफेंस मिनिस्ट्री के बीच बातचीत के नजरिए से भी काम में किसी तरह की रुकावट ना आए।

चीन की बढ़ती गतिविधियों से सीमांत जनपद के चरवाहों ने पहाड़ छोड़ा

उत्तराखण्ड के सीमा बडाहोती पर लगातार चीनी और भारतीय सैनिको की बढती चहल कदमी ने इस इलाके में सालो से अपनी बकरियों को चराने वाले चरवाहो को वापस नीचे उतरने पर मजबूर कर दिया है। ताजा खबर है कि चीन की सेना की ओर से चेतावनी दी है जिसमें कहा गया है कि यह चीन की सीमा है और वापस चले जाओ।
इस धमकी के बाद बकरिया चराने वाले चरवाहो ने सीमाओ से नीचे उतरने में ही अपनी भलाई समझी जबकि चरवाहें हर साल ठण्ड शुरू होने पर ही पहाडी सीमाओ से नीचे आते हे। लेकिन सीमाओ पर सैनिको की बढती चहल कदमी से बकरी चराने वाले लोगो ने ठण्ड का मौसम शुरू होने से पहले ही अपनी बकरियो के साथ नीचे की तरफ आने लग गये है। बकरी चराने वाले लोगो का कहना है कि अभी तक इनको यह रहने में कोई परेशानिया नही थी लेकिन सीमा पर चीनी सैनिको के संख्या बढ गई है और बार बार चेतावनी दी जा रही है कि कोइ्र भी जानवर नाले से पार आये तो ठीक नही होगा। जिससे सहमे चरवाहें बकरी लेकर पहाडी से नीचे की तरफ उतरने लगे है।

शहीद की अंतिम यात्रा में पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगे

सीमा पर जवानों की शहादत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है जम्मू कश्मीर के उड़ी सेक्टर में आतंकियों से लोहा लेते वक्त उत्तराखंड के एक और लाल नरेंद्र सिंह बिष्ट शहीद हो गए। शहीद का अंतिम संस्कार आज हरिद्वार के खड़खड़ी श्मशान घाट पर किया गया। अंतिम संस्कार के वक्त शहीद को श्रद्धांजलि देने के लिए जन सैलाब उमड़ा पूरे राजकीय और सैन्य सम्मान के साथ शहीद नरेंद्र सिंह बिष्ट का अंतिम संस्कार किया गया। शहीद नरेंद्र सिंह बिष्ट का कोई पुत्र नहीं है इसलिए उनकी दो पुत्रियों नेहा और नीतिका ने अपना फर्ज निभाते हुए शहीद के शव को मुखाग्नि दी। शहीद को श्रद्धांजलि देने के लिए जिला प्रशासन के अधिकारी और पुलिस अधिकारी भी श्मशान घाट पर मौजूद रहे। लेकिन दुख की बात यह है कि देश भक्ति के बड़े बड़े दावे करने वाले एक भी जनप्रतिनिधि शहीद को श्रद्धांजलि देने श्मशानघाट नहीं पहुंचा। गौरतलब है कि उत्तराखंड के सेलाकुई के रहने वाले नरेंद्र सिंह बिष्ट उड़ी सेक्टर में सरहद पर तैनात थे। 7 अगस्त को आतंकियों की गोली लगने से वह घायल हो गए थे जिसके बाद उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई थी आज उनका अंतिम संस्कार हरिद्वार में किया गया शहीद के अंतिम संस्कार के वक्त लोग आक्रोशित थे उन्होंने पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे भी लगाए।

शिक्षक अपने पद की गरिमा बनाये रखेंः सीएम

‘‘योग्य शिक्षक संसाधनों की कमी को भी पूरा कर सकते है। शिक्षकों को अपने पद की गरिमा को बनाये रखना चाहिए। बच्चों के विकास में प्यार और अनुशासन दोनों ही आवश्यक है। छात्रों को किताबी ज्ञान के अलावा संस्कार देना भी आवश्यक हैं।‘‘ मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा। गुरूवार को सर्वे आॅफ इण्डिया आॅडिटोरियम, हाथीबड़कला में आयोजित उत्तराखण्ड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ देहरादून के सम्मानित सेवानिवृत्त शिक्षक-शिक्षिकाओं के विदाई समारोह में प्रतिभाग के अवसर पर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र उपस्थित शिक्षकों को सम्बोधित करते हुए कहा कि बच्चों को शिक्षा के साथ ही संस्कार देना भी आवश्यक है। संस्कारो की बुनियाद व्यक्ति के प्रारम्भिक जीवन में ही पड़ जाती हैं तथा जब आवश्यकता होती है तो यह उभर कर आते है। इस कार्य में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। योग्य व्यक्ति या शिक्षक संसाधनों की कमी भी पूरा कर सकते है।
अपने स्कूली जीवन के अनुभवों को साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले के समय में जब सुविधाओं का अत्यन्त अभाव था तब भी अध्यापकों ने कठिन परिस्थितियों में अपनी समर्पित सेवाऐ दी। हम उनका आभार व्यक्त करते है। उन्होनें कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। आज प्राइमरी शिक्षकों में लगभग 80 प्रतिशत महिलाएं हैं। महिलाऐं अपने घर की जिम्मेदारी के साथ शिक्षा के क्षेत्र में भी अहम भूमिका निभा रही हैं। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि सरकार शिक्षकों के हित में लिए गए निर्णय समयबद्ध रूप से पूरे करने के प्रयास करेगी।

टिहरी बांध का जलस्तर बढ़ने से गांवों पर मंडरा रहा खतरा

टिहरी बांध झील का जलस्तर पर बढ़ने से प्रतापनगर क्षेत्र के गांवों पर खतरा मंडराने लगा है। ग्रामीणों के घर और आंगन में दरारें गहराने लगी है, जिस कारण ग्रामीणों में दशहत बनी हुई है।
जिला पंचायत सदस्य कंगसाली आंनद रावत ने गांवों के विस्थापन की मांग की है। तीन दिवसीय क्षेत्र भ्रमण के दौरान जिपं सदस्य आनंद रावत ने कंगसाली, रौलाकोट, गडोली, चांठी, मोटणा, चौंधार, भैंगा, जणगी आदि गांवों का भ्रमण किया। बताया कि टिहरी झील का जल स्तर बढ़ने से इन गांवों पर खतरा मंडराने लगा है। गांवों के विस्थापन को लेकर शीघ्र डीएम से भेंट की जाएगी। हटवाल गांव में अधर में लटके प्रसिद्ध भोमेश्वर महादेव मंदिर का काम टीएसडीसी के सीएसआर मद से पूरा करवाने की मांग की। उन्होंने डोबरा-चांठी पुल का भी निरीक्षण कर पुल निर्माण शीघ्र पूरा करने की जरूरत बताई।

किसने कहा, 2024 में देश की बागडोर संभालेंगे योगी!

देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ के पिता आनंद सिंह बिष्ट को उम्मीद है कि उनका बेटा देश का प्रधानमं़त्री बनेगा। उन्होंने तो योगी आदित्यनाथ के प्रधानमंत्री बनने तक की तारीख बता दी है, उनका कहना है कि 2024 में योगी भारत के प्रधानमंत्री होंगे।
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के पिता आनंद बिष्ट को भरोसा है कि उनका बेटा एक दिन प्रधानमंत्री बनेगा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने के लिए योगी की जरूरत थी। जिस तरह योगी विकास के लिए तेजी से फैसले ले रहे हैं, उससे वह संतुष्ट हैं।
हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विवि मुख्यालय में गुरूवार को पत्रकारों से सवालों के जवाब में उन्होंने कहा कि यूपी और उत्तराखंड के विकास कार्यों को लेकर सरकार की कार्यप्रणाली में 9 और 10 का अंतर है। विकास की गति पर उन्होंने उत्तराखंड को नौ और यूपी को 10 अंक दिए। उन्होंने कहा उत्तराखंड में उतनी तेजी से निर्णय नहीं हो रहे। यहां की भौगोलिक परिस्थितियों के कारण ऐसा हो रहा है।
उन्होंने बताया कि योगी चुनाव के दौरान फरवरी में गांव आए थे। मौजूदा विधायक ऋतु खंडूड़ी को जीत दिलाने में योगी की बड़ी भूमिका रही। गांवों की समस्या के बारे में उन्होंने कहा कि यदि गांवों में चकबंदी हो जाय तो बेहतर रहेगा। इससे पलायन भी रूकेगा। जिन स्कूलों में छात्र संख्या कम है, उन्हें प्रदेश सरकार द्वारा बंद कर दिया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि महायोगी गुरूगोरखनाथ महाविद्यालय बिथयाणी के प्रबंधक होने के नाते वह कॉलेज की मान्यता संबंधी कार्य के लिए यहां आए हैं। मेरा प्रयास है कि कॉलेज में पीजी की कक्षाएं शुरू हों। इस क्षेत्र में यह अकेला महाविद्यालय है।

गाली गलौच, अभद्रता और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोपी है बेनाम

जिला आबकारी अधिकारी पौड़ी के साथ गाली-गलौच, अभद्रता करने और सरकारी काम में दखल देने के आरोपी पौड़ी पालिकाध्यक्ष यशपाल बेनाम सहित इसी मामले के दो अन्य आरोपियों को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पौड़ी की अदालत ने न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है। आरोपियों ने बुधवार को कोर्ट में सरेंडर किया था। आरोपियों की जमानत अर्जी पर सुनवाई गुरुवार को होगी।
जिला आबकारी अधिकारी ने पौड़ी कोतवाली में इस मामले की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। आरोप है कि 24 अप्रैल को पौड़ी डीएम कार्यालय में वार्ता के दौरान पालिकाध्यक्ष पौड़ी यशपाल बेनाम, बिंजाल संस्था की अध्यक्ष सरिता नेगी और अशोक बिष्ट ने जिला आबकारी अधिकारी पौड़ी प्रभा शंकर मिश्रा के साथ अभद्रता और गाली-गलौच की थी। आबकारी अधिकारी ने इस मामले में पुलिस को तहरीर दी थी। जिस पर कोतवाली पौड़ी ने 27 अप्रैल को मुकदमा दर्ज किया। सहायक अभियोजन अधिकारी श्रद्धा रावत ने बताया है कि चार्ज शीट दाखिल होने के बाद कोर्ट ने समन जारी किए थे। बुधवार को आरोपियों ने कोर्ट में सरेंडर किया। साथ ही जमानत अर्जी लगाई। कोर्ट ने आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है और जमानत अर्जी पर सुनवाई की तिथि गुरुवार को नियत की।