पाॅजीटिव पाये गये स्वास्थ्यकर्मियों की रिपोर्ट पर संदेह, दोबारा होगी जांच

(एनएन सर्विस)
राज्य में प्रतिदिन कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। शुक्रवार को 28 स्वास्थ्यकर्मियों समेत 104 लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। अब प्रदेश में संक्रमित मरीजों की संख्या 2206 पहुंच गई है। संक्रमित स्वास्थ्यकर्मियों में 17 देहरादून और 11 टिहरी के बताए जा रहे हैं। जबकि 1433 मरीज ठीक होकर घर जा चुके हैं। प्रदेश में अब 663 एक्टिव केस हैं।
स्वास्थ्य विभाग के हेल्थ बुलेटिन के अनुसार शुक्रवार को अल्मोड़ा में 14, बागेश्वर में सात, देहरादून में चार (17 स्वास्थ्यकर्मी भी, जिन्हें रिपोर्ट में जोड़ा नहीं गया), हरिद्वार में आठ, नैनीताल में आठ, पौड़ी में दो, पिथौरागढ़ में चार, ऊधमसिंह नगर में 12 और टिहरी में तीन कोरोना संक्रमित मिले हैं।
टिहरी जिले में 28 संक्रमित मरीज मिले हैं। इनमें सीएचसी हिंडोलाखाल में 11 स्वास्थ्यकर्मियों में कोरोना की पुष्टि हुई है, जबकि छह महाराष्ट्र व मुंबई, एक राजस्थान, दो नासिक से लौटे हैं और आठ मरीज संपर्क में आए हुए हैं। अल्मोड़ा जिले में 14 मरीजों में 12 की ट्रेवल हिस्ट्री दिल्ली की है। हरिद्वार और नैनीताल जिले में आठ-आठ, बागेश्वर जिले में सात, पिथौरागढ़ जिले में चार और पौड़ी जिले में एक ही परिवार के 2 लोग संक्रमित मिले हैं। वहीं, देर रात ऊधमसिंह नगर जिले में भी 12 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई है।
वहीं देहरादून जिले में शुक्रवार को चार डॉक्टरों और 13 स्वास्थ्य कर्मियों समेत 21 लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई है। डॉक्टरों में एक वीवीआईपी के वरिष्ठ फिजीशियन भी शामिल हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.बीसी रमोला ने 17 स्वास्थ्यकर्मियों की रिपोर्ट पॉजिटिव आने की पुष्टी की है। लेकिन संदेह जताते हुए सभी के सैंपल दोबारा जांच के लिए भेजने की बात भी कही है।

कोटद्वार के दो मार्केट 20 जून तक बंद
कोटद्वार में मालिनी मार्केट और जिला परिषद मार्केट अब शनिवार 20 जून तक बंद रहेंगे। व्यापारी के परिवार के पांच लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि होने के बाद बाजार बंद रहने की अवधि बढ़ाई गई है। यहां व्यापारी परिवार की तीन दुकानें हैं। इससे पूर्व गुरुवार की सुबह व्यापारी तीन दिन से बंद दुकानें खोलने के लिए पहुंचे। लेकिन पुलिस ने प्रशासन के आदेश बताते हुए उन्हें इसकी इजाजत नहीं दी। लिहाजा, चैथे दिन भी मालिनी और जिला परिषद बाजार में सन्नाटा पसरा रहा। एसडीएम योगेश मेहरा ने बताया कि पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर संक्रमण को फैलने से बचाने के लिए एहतियात के तौर पर 20 जून तक मालिनी मार्केट और जिला परिषद मार्केट को बंद करने का निर्णय लिया गया है। इसके बाद आगे फैसला लिया जाएगा।

महापौर की सक्रियता से नगर निगम ऋषिकेश बना सर्वश्रेष्ठ कोरोना वारियर

(एनएन सर्विस)
नगर निगम ऋषिकेश महापौर अनीता ममंगाई के नेतृत्व में लगातार कोरोना संक्रमण के काल में उत्कृष्ट कार्य किया जा रहा है। इसी के मद्देनजर उत्तराखंड शासन ने विभागीय रूप से नगर निगम ऋषिकेश को सर्वश्रेष्ठ कोरोना वारियर के रूप में चयनित किया है। जिलाधिकारी देहरादून की ओर से जानकारी देते हुए बताया गया कि कोरोना संक्रमण के बीच ऋषिकेश महापौर के निर्देशन में ऋषिकेश में सेनेटाइजेशन, साफ-सफाई और भोजन वितरण कार्य बेहतर ढंग से किया गया है। लगातार नगर निगम ऋषिकेश जिस तत्परता के साथ त्वरित कार्यवाही करते हुए व्यवस्थाएं संभाल रहा है वह प्रशंसनीय है।
नगर निगम ऋषिकेश को यह सफलता महापौर ममंगाई के नेतृत्व में मिली है। गौरतलब है कि महापौर लगातार सक्रिय रुप से फील्ड में उतरकर स्वयं मोर्चा संभाले हुए है। शासन ने इस बात का स्वयं संज्ञान भी लिया है। वहीं, महापौर ने यह सफलता नगर निगम के अधिकारियों और समस्त कर्मचारियों को समर्पित की है। उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी ने इसकी सूचना स्वयं उन्हें देर रात फोन पर दी। उन्होंने उनके नेतृत्व में किये जा रहे कार्यों की प्रशंसा करते हुए आगे भी इसकी तरह के कार्यों को करते हुए जनसेवक के सच्चे कार्यों को समर्पित रहने के लिए हौसला अफजाई भी की।
इस पर महापौर ने एक वीडियों संदेश जारी करते हुए सभी को धन्यवाद देते हुए कहा कि यह सफलता आप सभी के सामूहिक प्रयास और कार्यों का नतीजा है। आप सभी हमारे सर्वश्रेष्ठ कोरोना वारियर हैं यह सम्मान में आप सभी को समर्पित करती हूं। उन्होंने उम्मीद जताई कि आगे भी इससे अच्छा और उत्कृष्ट कार्य निरंतर किया जाएगा जिसमें सभी का सहयोग प्राप्त होगा।
इसके अलावा जिलाधिकारी देहरादून ने सिविल सोसायटी से कन्फेड्रशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स, उत्तराखण्ड के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष कोहली को भी कोरोना वॉरियर घोषित किया गया।

स्वास्थ्य कर्मियों का मनोबल बढ़ाने राज्यपाल पहुंची दून अस्पताल

(एनएन सर्विस)
राज्यपाल बेबी रानी मौर्य गुरुवार को कोविड-19 के उपचार से सम्बंधित व्यवस्थाओं का जायजा लेने दून अस्पताल पहुँची। उन्होंने वहाँ उपस्थित वरिष्ठ चिकित्सकों और स्टाफ से बातचीत की। राज्यपाल ने ऐसे मरीजों की व्यवस्थाओं एवं ओपीडी के बारे में भी पूछा जो कोविड संक्रमण से प्रभावित नहीं हुए हैं। राज्यपाल ने कहा कि वर्तमान में कोविड मरीजों के लिए सबसे कारगर दवा सोशल वैक्सीन है अर्थात प्रेम और सहानुभूति से उनका इलाज किया जाय। राज्यपाल ने आईसीयू में भर्ती कोविड मरीजों से वीडियो काॅल पर बात की। उन्होंने मरीजों का मनोबल बढ़ाया। राज्यपाल ने अस्पताल की नर्सों का उत्साह बढ़ाते हुए उनसे उनकी समस्याओं के बारे में पूछा। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिए कि नर्सों के हितों और उनकी सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाय। राज्यपाल ने कोविड वार्ड से निकलने वाले बाॅयो मेडिकल कूड़े के निस्तारण की जानकारी माँगी। अस्पताल प्रबंधन द्वारा बताया गया कि कूड़ा बहुत सावधानी के साथ एकत्र कर रूडकी के कूड़ा दहन संयंत्र में जलाने के लिए भेजा जाता है। राज्यपाल ने कूड़ा निस्तारण की सख्त मॉनिटरिंग के निर्देश देते हुए कहा कि इसमें कोई भी लापरवाही नहीं होनी चाहिए। राज्यपाल ने दून मेडिकल काॅलेज के प्रधानाचार्य से अस्पताल की मौजूदा सुविधाओं और व्यवस्थाओं पर विस्तृत जानकारी प्राप्त की। राज्यपाल ने ग्राफिक एरा स्थित क्वारंटीन सेंटर का भी स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने क्वारंटीन केन्द्र में तैनात स्टाॅफ से बात की।

दून मेडिकल काॅलेज के डाॅ आशुतोष सयाना ने बताया कि राजकीय दून मेडिकल काॅलेज में अभी तक कुल 391 कोरोना पाॅजिटिव मरीज भर्ती हुए हैं। कुल 73 मरीज आईसीयू में भर्ती हुए हैं जिनमें 27 कोरोना पाॅजिटिव तथा 46 मरीज संभावित श्रेणी में पाये गये हैं। उन्होंने बताया कि कैन्सर मरीजों की कीमोथैरपी कोरोनेशन अस्पताल में की जा रही है। 6,874 मरीजों की कोविड लैब में कोराना टेस्ट की जांच की गयी। 115 मरीज डायलिसिस के लिए भर्ती हुए हैं जिनमें कोविड संभावित 6 मरीज हैं। उन्होंने जानकारी दी कि आज अस्पताल में कुल 78 मरीज भर्ती हैं जिनमें से 64 मरीज कोरोन पाॅजिटिव हैं तथा 14 मरीज संभावित हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में अस्तपाल में 17,178 फेस मास्क, 6,420 हैण्ड सेनिटाइजर, 5,253 एन95 मास्क, 3,628 पी.पी.ई किट तथा 13,956 हाईड्रोक्सी क्लोरो क्वीन टैबलेट उपलब्ध हैं। वर्तमान में अस्तपाल में मरीजों हेतु 263 बैड उपलब्ध हैं जिनमें कोविड पाॅजिटीव मरीजों हेतु 168 बैड, सस्पेक्टेड केस हेतु 60 बैड एवं 35 आई.सी.यू बैड उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि महिला अस्पताल में कुल 84 डिलिवरी की गई जिनमें से 06 कोरोना पाजिटिव हैं एवं 78 संभावित हैं। इसके अतिरिक्त उन्होंने जानकारी दी कि अस्तपाल में बेसिक लाॅईफ सपोर्ट प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। हेल्पलाइन काॅल के माध्यम से लगभग 15000 लोगों को कोरोना से संबंधित जानकारी दी गई एवं प्रत्येक दिन ई-संजीवनी ओपीडी के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
इस अवसर पर सीएमओ डाॅ0 बी.सी.रमोला, सी.एम.एस डाॅ0 के.के.टम्टा, डाॅ0 एन.एस.खत्री, राजभवन के वरिष्ठ फिजिशियन डाॅ0 महावीर सिंह आदि उपस्थित थे।

मरीजों में संक्रमण की दर बढ़ी लेकिन ठीक होने की दर में भी बड़ा सुधार

(एनएन सर्विस)
राज्य में बुधवार को कोरोना के 81 नए मरीज मिले। अब कुल मरीजों की संख्या 2023 हो गई है। वहीं 38 मरीजों को अस्पतालों से छुट्टी भी मिल गई है। कोरोना वायरस को हराकर ठीक होने वाले मरीजों की संख्या 1254 पहुंच गई है। जबकि 717 मरीजों का राज्य के विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है।
अपर सचिव स्वास्थ्य युगल किशोर पंत ने बताया कि बुधवार को अल्मोड़ा में 14, देहरादून में 35, नैनीताल में आठ, पौड़ी में एक, टिहरी में नौ, रुद्रप्रयाग में दो और उत्तरकाशी, हरिद्वार में 3, बागेश्वर 5, यू एस नगर 3 मरीज में कोरोना वायरस की पुष्टि हुई है। बुधवार को कुल 656 सैंपल की रिपोर्ट आई जिसमें से 81 पॉजिटिव जबकि 613 की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। अपर सचिव ने बताया कि विभिन्न जिलों के 1254 मरीज ठीक होकर अस्पतालों से घर चले गए हैं। जबकि 717 का इलाज अभी चल रहा है। राज्य में कोरोना मरीजो के दोगुना होने की दर 26 दिन के करीब पहुंच गई है। जबकि रिकवरी रेट भी तकरीबन 62 प्रतिशत हो गया है।
लेकिन देखा जा रहा है कि मरीजों में संक्रमण की दर भी लगातार बढ़ रही है। राज्य में कोरोना के मामले बढ़ने के साथ ही कंटेनमेंट जोन भी बढ़ रहे हैं और अब इनकी संख्या 86 हो गई है। अकेले हरिद्वार जिले में सर्वाधिक 51 कंटेनमेंट जोन बनाए गए हैं। जबकि देहरादून में 21 कंटेनमेंट जोन बनाए गए हैं।

ऋषिकेश मंडी 24 जून तक के लिए सील

(एनएन सर्विस)
ऋषिकेश क्षेत्र में अब कृषि उत्पादन मंडी समिति परिसर में कोरोना वायरस ने पैर पसार लिए हैं। यहां मंडी समिति अध्यक्ष विनोद कुकरेती सहित छह अन्य लोगों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। प्रशासन इन सभी के प्रथम और द्वितीय संपर्क में आने वाले लोगों की खोजबीन कर रहा है।
देहरादून निरंजनपुर स्थित कृषि उत्पादन मंडी समिति में कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ रहे मामलों को देखते हुए कृषि उत्पादन मंडी समिति ऋषिकेश में रैंडम सैंपलिंग ली गई थी। 13 जून को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ऋषिकेश कृषि मंडी समिति में 97 लोगों के सैंपल लिए थे। जिनमें मंडी समिति अध्यक्ष, कर्मचारी, व्यापारी, ट्रांसपोर्टर और पल्लेदार शामिल थे। इन सभी के सैंपल को जांच के लिए चंडीगढ़ लैब भेजा गया था। वहां से जांच रिपोर्ट बुधवार रात 9 बजे पहंुची है। इस रिपोर्ट में मंडी समिति परिसर में सात लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। यह सभी लोग एसिम्टोमेटिक यानी बिना कोरोना लक्षण वाले पाए गए हैं। इन सात लोगों में मंडी समिति अध्यक्ष विनोद कुकरेती सहित छह अन्य व्यापारी शामिल है। मंडी समिति अध्यक्ष ने फोन पर इस बात की पुष्टि की है।

श्रमिक स्पेशल ट्रेन से पहुंचे प्रवासियों ने केन्द्र और राज्य सरकार का आभार जताया

(एनएन सर्विस)
महाराष्ट्र के ठाणे स्टेशन से श्रमिक स्पेशल ट्रेन राज्य के 992 प्रवासियों को लेकर लगभग रात डेढ़ बजे लालकुआं जंक्शन पहुंच गई। यहां थर्मल स्क्रीनिंग के बाद सभी यात्रियों को रोडवेज की 35 बसों के माध्यम से उनको घरों के लिए रवाना किया गया। करीब 27 घंटे का सफर कर पहुंची ट्रेन में 900 वयस्क और 92 यात्री 5 साल से कम उम्र के है। वहीं, ट्रेन पहुंचने पर प्रशासनिक अफसरों ने प्रवासियों का उत्तराखण्ड पहुंचने पर स्वागत किया। अधिकारियों ने यात्रियों को सोशल डिस्टेंस मेटेंन करवाया। स्टेशन के प्रवेश और निकास द्वारों पर पर्याप्त सिविल और रेलवे पुलिस के जवान मुश्तैदी के साथ तैनात रहे। कुल 1400 प्रवासियों ने प्रदेश वापसी के लिए रिजर्वेशन कराया था। इसमें 992 यात्री ट्रेन से लौट आए। यात्रियों के मुताबिक उनसे 670 रुपए प्रति व्यक्ति किराया लिया गया। ट्रेन ठाणे स्टेशन से करीब 31 मिनट विलंब से चली। स्पेशल ट्रेन में कुल 24 कोच थे। 27 घंटे में ट्रेन से 1553 किमी का सफर तय किया।

सरकार का आभार जताया
प्रवासियों ने उनके लिए श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाए जाने पर केंद्र और राज्य सरकार का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के उन्हें काफी दिक्कतों का समाना करना पड़ा। उन्होंने सरकार से गुजारिश की थी। आज घर वापसी होने पर वह सरकार का धन्यवाद देते है।

मुख्यमंत्री ने पीएम को 300 करोड़ के प्रोजेक्ट शुरू करने की जानकारी दी

(एनएन सर्विस)
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिग में प्रतिभाग किया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में कोविड-19 एवं अनलॉक-1 के बाद की परिस्थितियों पर विचार विमर्श किया गया। आत्मनिर्भर भारत की दिशा में उठाए गए कदमों पर भी विचार विमर्श किया गया।
वीडियो कांफ्रेंसिग के बाद मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मीडिया से अनौपचारिक बात करते हुए कहा कि इस दिशा में उत्तराखण्ड द्वारा काफी प्रगति की गई है। राज्य सरकार द्वारा लगभग 300 करोड़ के प्रोजेक्टों पर कार्य शुरू किया गया है। कोरोना के बाद लगभग 90 प्रतिशत उद्योगों ने कार्य करना आरम्भ कर दिया है। राज्य में तमाम विपरीत परिस्थितियों के बावजूद आर्थिक गतिविधियों को बढाने के लिए काम किया गया है। राज्य के युवाओं एवं राज्य में लौटे प्रवासियों के लिये रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना प्रारम्भ की गई है। योजना का लाभ आधिक से अधिक युवाओं को उपलब्ध हो इसके लिये जिलाधिकारियों को धनराशि उपलब्ध करायी गई है। कल ही 110 करोड़ रूपये जिलाधिकारियों को स्वीकृत की गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मनरेगा में 23 हजार से अधिक नए रजिस्ट्रेशन कराए गए है। इनमें से 17 हजार से अधिक लोगों को काम भी उपलब्ध कराया गया है। मनरेगा में कुल 3 लाख 64 हजार श्रमिक नियोजित हैं। जबकि कृषि एवं इससे सम्बन्धित कार्यों के लिये 5 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। राज्य में पर्यटन को गति देने के लिये भी योजना बनायी जा रही है।

प्रधानमंत्री ने किससे कहा-कोरोना वायरस की जमीनी हकीकत जानना चाहता हुं

(एनएन सर्विस-डेस्क)
कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कांफ्रेंसिग के माध्यम से ं21 राज्यों के मुख्यमंत्रियों, उपराज्यपालों और प्रशासकों के साथ वार्ता की। प्रधानमंत्री ने राज्यों के मुख्यमंत्रियों से कहा, अनलॉक एक को दो सप्ताह बीत चुके हैं। आज मैं आप लोगों से कोरोना वायरस की जमीनी हकीकत जानना चाहता हुं। जिससे कि आगे की रणनीति बनाने में मदद मिल सके।
उन्होंने कहा कि भारत में कोरोना वायरस से ठीक होने की दर 50 फीसदी है। हमारे लिए एक भारतीय की मौत होना भी ठीक नहीं है लेकिन यह भी सच है कि भारत उन देशों में से एक है जहां कोरोना के चलते कम मौत हुई हैं। इस समय बिना मास्क या फेस कवर के बाहर निकलने की सोचना भी ठीक नहीं है। दो गज की दूरी, हाथ धोना और सैनिटाइजर का इस्तेमाल बहुत आवश्यक है। बाजार खुलने और लोगों के बाहर निकलने के साथ ही ये नियम बहुत जरूरी हो गए हैं। 
भविष्य में जब भारत की कोरोना वायरस के खिलाफ जंग का विश्लेषण होगा, यह समय याद रखा जाएगा कि कैसे हमने एक साथ मिल कर यह लड़ाई लड़ी थी और सहयोग की भावना से कैसे काम किया जाता है इसका उदाहरण पेश किया था। हमें इस बात का हमेशा ध्यान रखना है कि हम कोरोना को जितना रोक पाएंगे, उसका बढ़ना जितना रोक पाएंगे, उतनी ही हमारी अर्थव्यवस्था खुलेगी, हमारे दफ्तर खुलेंगे, बाजार खुलेंगे, यातायात के साधन खुलेंगे और उतने ही रोजगार के नए अवसर भी बनेंगे। 
किसान के उत्पाद की मार्केटिंग के क्षेत्र में हाल में जो सुधार किए गए हैं, उससे भी किसानों को बहुत लाभ होगा। इससे किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए नए विकल्प उपलब्ध होंगे, उनकी आय बढ़ेगी और स्टोरेज के अभाव के कारण उनको जो नुकसान होता था, उसे भी हम कम कर पाएंगे। लोकल उत्पादों के लिए जिस रणनीति की घोषणा की गई है, उसका भी लाभ हर राज्य को होगा। इसके लिए जरूरी है कि हम हर ब्लॉक, हर जिले में ऐसे उत्पादों की पहचान करें, जिनकी प्रोसेसिंग या मार्केटिंग करके, एक बेहतर उत्पाद हम देश और दुनिया के बाजार में उतार सकते हैं।

इन राज्यों के मुख्यमंत्रियों से आज हुई वार्ता
पंजाब, चंडीगढ़, उत्तराखंड, हिमाचल, लद्दाख, झारखंड, छत्तीसगढ़,गोवा, केरल, पुडुचेरी,असम, त्रिपुरा, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम, सिक्किम, मणिपुर, नागालैंड, अंडमान-निकोबार, दादर नगर हवेली और दमन दीव, लक्षद्वीप। आज प्रधानमंत्री ने उन राज्यों से बात की जहां कोरोना संकट अन्य राज्यों की अपेक्षा कम है। 

कल 15 राज्यों के साथ करेंगे बातचीत
कल प्रधानमंत्री 15 राज्यों के मुख्यमंत्रियों और जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल से बातचीत करेंगे। इनमें महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, कर्नाटक, गुजरात, बिहार और उत्तर प्रदेश शामिल हैं। इससे पहले प्रधानमंत्री ने शनिवार को कोविड-19 महामारी से ज्यादा प्रभावित इलाकों में इसके प्रसार को रोकने के लिए उठाए गए कदमों और स्थिति के प्रभावी प्रबंधन के रोडमैप की समीक्षा की थी।

गोली लगने से गंभीर घायल महिला को एम्स ऋषिकेश ने दिया नया जीवनदान

(एनएन सर्विस)
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश के ट्राॅमा सर्जरी विभाग की टीम ने हाल ही में गोली लगने से गंभीररूप से घायल एक महिला का जटिल ऑपरेशन कर उसकी जान बचाई है। कूकेहाड़ी, हरिद्वार निवासी इस 45 वर्षीया महिला को बीती 29 मई की सुबह करीब 8 बजे किसी ने गोली मारकर गंभीररूप से घायल कर दिया था। परिजनों द्वारा घायल को एम्स ऋषिकेश के ट्रॉमा सेंटर की इमरजेंसी में लाया गया, जहां ट्राॅमा सर्जरी विभाग की टीम ने तत्काल उसका परीक्षण किया व उपचार प्रारंभ किया।
चिकित्सकों के अनुसार घायल महिला के शरीर के बाएं कंधे,छाती, पेट, बाईं जांघ व बाएं हाथ की कलाई पर अनगिनत छर्रे लगे हुए थे, शरीर के तमाम हिस्सों में छर्रे लगे होने की वजह से लगातार खून का रिसाव हो रहा था। जांच के उपरांत पता चला कि पेट में छर्रे लगने की वजह से आंतों में सुराख हो गया है, जिसके चलते महिला का तत्काल जटिल ऑपरेशन करने का निर्णय लिया गया। ट्राॅमा सर्जरी विभागाध्यक्ष प्रो. कमर आजम की देखरेख में असिस्टेंट प्रोफेसर डा. अजय कुमार, सीनियर रेजिडेंट डा. रूबी कटारिया व डा. विशाल पाटिल इस जटिल सर्जरी को अंजाम दिया गया। उन्होंने बताया कि छर्रे लगे होने के कारण खाने की नली का निचला हिस्सा, पेट, छोटी व बड़ी आंतें व मलाशय में 50 से अधिक छेद पाए गए, जिनका सफलतापूर्वक उपचार किया गया।
चिकित्सकीय टीम द्वारा बताया गया कि इन्फिरियर मीजेंट्रिक आर्टरी नामक खून की धमनी के फटने के कारण शरीर में खून का रिसाव हो रहा था,जिसे उपचार कर बंद कर दिया गया। साथ ही मरीज के शरीर के कुछ अन्य हिस्सों में लगी चोटों का उपचार दवा द्वारा भी किया गया। करीब पांच घंटे में चिकित्सकों की पूरी जिम्मेदारी व कठिन परिश्रम से इस जटिल ऑपरेशन में सफलता हासिल कर ली गई। इसके बाद मरीज को दो दिन वेंटीलेटर पर चिकित्सकों की निगरानी में रखने के बाद एक सप्ताह तक भर्ती रखा गया। पूर्णरूप से स्वस्थ होने के बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। गौरतलब है कि कोरोना वायरस के मद्देनजर पूरे ऑपरेशन के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरती गई, ऐसी स्थिति में चिकित्सकों ने पीपीइ किट, फेशिल्ड लगाकर इस जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।
एम्स की ट्रामा सर्जरी टीम को इस तरह के सराहनीय कार्य के लिए एम्स निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत जी, डीन हॉस्पिटल अफेयर्स प्रो. यूबी मिश्रा ने बधाई दी गई है। एम्स संस्थान के निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रघ्वि कांत जी ने बताया कि इमरजेंसी व ट्राॅमा से संबंधित जटिल मामलों के लिए संस्थान के पास वेंटीलेटर सिस्टम व आईसीयू की मुकम्मल सुविधाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि गोली लगने जैसे मामलों में मरीजों में सबसे अधिक ब्लड की जरुरत होती है, लिहाजा हमारे पास संस्थागत ब्लड बैंक के माध्यम से 24 घंटे रक्त की सुविधा उपलब्ध है,जिससे मरीज की जान को बचाया जा सके व उसके इलाज में किसी तरह की दिक्कतें नहीं आएं।

एम्म ऋषिकेश में कीमियोथेरेपी और डाइलिसिस की सुविधाएं फिर से बहाल, मिली राहत

(एनएन सर्विस)
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश में डाइलिसिस और कीमियोथेरेपी के लिए मरीजों को अब इंतजार नहीं करना पड़ेगा। लॉकडाउन के चलते संस्थान में बीते मार्च माह में स्थगित की गई ओपीडी व अन्य कई सेवाएं अब धीरे धीरे सुचारू की जा रही हैं। ऐसे में डाइलिसिस व कीमियोथेरेपी से जुड़े मरीजों को भी जल्द यह सुविधाएं मिल सकेंगी। कोविड-19 के विश्वव्यापी प्रकोप के चलते एम्स संस्थान में बीते मार्च माह में वाह्य रोगी विभाग ओपीडी समेत कई अन्य नियमित स्वास्थ्य सेवाएं स्थगित कर दी गई थी। जिसकी वजह कोरोना वायरस के संक्रमण से एक-दूसरे लोगों का बचाव व सरकार की गाइड लाइन का शब्दशरू पालन सुनिश्चित कराना था। जिसके कारण कैंसर के मरीजों के लिए संस्थान में उपलब्ध कीमियोथेरेपी व किडनी संबंधी रोगों से ग्रसित मरीजों की डाइलिसिस आदि सुविधाओं को भी कुछ समय के लिए स्थगित कर दिया गया था। इससे संबंधित रोगों से ग्रस्त मरीजों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था और वह इन सुविधाओं को लेकर लगातार संस्थान से संपर्क बनाए हुए थे। लिहाजा ऐसे मरीजों की परेशानी के मद्देनजर एम्स ऋषिकेश ने कीमियोथेरेपी व डाइलिसिस की सुविधाएं फिर से बहाल कर दी हैं।
गौरतलब है कि ऋषिकेश नगर व समीपवर्ती इलाकों में किडनी संबंधी रोगों से ग्रसित काफी संख्या में मरीज हैं, जो एम्स में इसके नियमित उपचार के लिए आते हैं। ऐसे में खासकर उन लोगों को डाइलिसिस की सुविधा फिर से नियमिततौर पर मिल सकेगी जो पहले से ही संस्थान में इस सुविधा का लाभ लेते रहे हैं। जबकि संस्थान में रेडियोथेरेपी की सुविधा लॉकडाउन के शुरुआती दिनों में कुछ समय स्थगित कर दी गई थी, इसके बाद से इसे सुचारू कर दिया गया था, एम्स संकायाध्यक्ष अस्पताल प्रशासन प्रो. यूबी मिश्रा ने बताया कि इन दिनों एक दिन में डाइलिसिस के अधिकतम 9 और कीमियोथेरेपी के 12 मरीजों का ही उपचार हो पा रहा है। जिसके लिए एम्स परिसर में अलग से वार्ड स्थापित किया गया है। उन्होंने बताया कि संस्थान में कीमियोथेरेपी और डाइलिसिस कराने के लिए आने वाले मरीजों को इससे पूर्व कोविड स्क्रीनिंग करानी होगी। जिसके बाद कोविड नेगेटिव रिपोर्ट आने पर ही वह इन स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे। उन्होंने बताए कि ऐसे मरीजों को किसी तरह की असुविधा नहीं हो इसके लिए उन्हें एम्स की वेबसाइट पर ऑनलाइन अथवा संस्थान की टेलिमेडिसिन ओपीडी के लिए उपलब्ध कराए गए टेलीफोन नंबरों के माध्यम से पंजीकरण की प्रक्रिया को अपनाना चाहिए।