कोरोना संक्रमण के लगातार मिल रहे केस, प्रदेश में 824 एक्टिव केस

आज दोपहर तक कोरोना संक्रमण के 50 नए मामले सामने आए हैं। अब प्रदेश में संक्रमित मरीजों का आंकड़ा 1355 हो गया है। वहीं, जांच रिपोर्ट में 1118 सैंपल निगेटिव मिले हैं। जबकि 498 संक्रमित मरीजों को इलाज के बाद घर भेजा जा चुका है। अपर सचिव स्वास्थ्य युगल किशोर पंत ने बताया कि अभी भी 824 एक्टिव केस हैं।
स्वास्थ्य विभाग के बुलेटिन के अनुसार, आज देहरादून में 24, हरिद्वार में 32, पौड़ी में दो, टिहरी में आठ संक्रमित मामले में आए हैं। वहीं, देहरादून में शनिवार देर रात और रविवार सुबह दो कोरोना संक्रमित मरीज की मौत हो गई है। अब तक प्रदेश में 13 संक्रमित मरीजों की जान जा चुकी है।
वहीं, कोरोना संक्रमण की जांच के लिए लैब की सुविधा बढ़ने के बाद भी सैंपलिंग की रफ्तार घटने का अंदेशा जताया जा रहा है। तीन दिनों से प्रदेश में प्रतिदिन 500 से 600 सैंपल ही जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। इससे पहले एक दिन में एक हजार से अधिक सैंपल लिए जा रहे थे।
जबकि कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए सरकार ने भी सैंपलिंग बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। वहीं, आईआईपी देहरादून में लैब शुरू होने के साथ ही स्वास्थ्य विभाग ने चंडीगढ़ निजी लैब के साथ सैंपल टेस्टिंग के लिए एमओयू किया है। अभी प्रदेश में पांच सरकारी लैब, एक निजी पैथोलॉजी लैब के साथ चंडीगढ़ की लैब सैंपल जांच अनुबंध हुआ है।
सोशल डेवलपमेंट फॉर कम्युनिटी फाउंडेशन के अध्यक्ष अनूप नौटियाल का कहना है प्रदेश में प्रतिदिन लिए जा रहे सैंपलों का आकलन करने पर जांच में ठहराव सा आ गया है। देखा जा रहा है कि पिछले तीन दिनों में जांच के लिए भेजने जाने वाले सैंपलों की संख्या में कमी आई है। उन्होंने कहा कि इस समय प्रतिदिन 1200 से 1500 सैंपल जांच के लक्ष्य पर काम होना चाहिए।

साप्ताहिक बंदी पर निगम कर्मचारियों के साथ जुटी रही महापौर

महापौर अनीता ममगाई ने रविवार को हो रही साप्ताहिक बंदी का लाभ उठाते हुए पूरे बाजार क्षेत्र को एक बार फिर से सैनेटाइज करवाया। बता दें कि शहर के व्यापारियों द्वारा महापौर से अनलॉक वन में बाजार में लोगों की बढ़ती गतिविधियों के मद्देनजर सैनेटाइजेशन कराने का आग्रह किया गया था। जिस पर तुरंत संज्ञान लेते हुए महापौर रविवार सुबह से ही मोर्चे पर डट गई। तमाम प्रमुख बाजारों और यहां पड़ने वाले आश्रमों और धर्मशालाओं में सैनेटाइजेशन कराया।
कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए नगर निगम लोगों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठा रहा है। इसी कड़ी में रविवार को शहर के तमाम प्रमुख बाजारों में सैनिटाइजर का छिड़काव किया गया। महापौर अनिता ममगाई की अगुवाई में नगर निगम अमले ने सैनिटाइजर टैंकर और फॉगिंग मशीनो के साथ मुख्य बाजार में छिड़काव किया। हरिद्वार रोड़, त्रिवेणी घाट बाजार, रेलवे रोड, मुखर्जी मार्ग, देहरादून मार्ग सहित विभिन्न बाजारों में निगम प्रशासन की ओर से सप्ताहिक अवकाश पर जोरदार तरीके से सैनेटाइजेशन कराया गया। महापौर ने दुकानों के बाहर सेनेटाइजर का छिड़काव की कमान खुद संभाली। क्षेत्रवासियों से घरों से बाहर न निकलने और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने की अपील भी की।
महापौर अनीता ममगाई ने बताया कि वैश्विक महामारी को देखते हुए मार्च माह से ही निगम का फोकस सैनेटाइजेशन पर रहा है। लेकिन कुछ कपड़ों की दुकानों एवं अन्य व्यापारिक प्रतिषठानों में सेनेटाइजिंग मे दिक्कतें आ रही थी जिसे देख आज साप्ताहिक बंदी पर बाजारों को पूर्ण सैनेटाइजेशन कराया गया है। उन्होंने बताया कि अभियान के लिए उपजिलाधिकारी, सहायक नगर आयुक्त और सैनेट्री इंस्पेक्टर को आदेशित किया गया है कि अपनी निगरानी में यह कार्य पूर्ण करायें। महापौर के अनुसार अनलॉक वन में अब सरकार का ध्यान लोगों की परेशानियों को दूर करने के साथ अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए पूरी तरह से बाजारों को खोलने पर है। आने वाले दिनों में शहर के बाजारों में भी लोगों की आवाजाही और बढ़ेगी जिसके लिए आज बाजारों को पूरी तरह से सैनेटाइजेशन कराया गया है। आगे भी यह अभियान समय-समय पर निरंतर जारी रहेगा। इस दौरान पार्षद गुरविंदर सिंह, राजपाल ठाकुर, पवन शर्मा, हितेंद्र पवार, राजेश भट्ट, संजय पंवार आदि मौजूद रहे।

संस्थागत क्वारंटीन से 500 लोगों को घर भेजा, आज राज्य में 62 मामले आएं

प्रदेशभर में आज कोरोना संक्रमण के 62 मामले सामने आए हैं। अब राज्य में कुल संक्रमित मामलों की संख्या 1215 हो गई है। जबकि 309 मरीज ठीक हो चुके हैं। आज नैनीताल में चार, अल्मोड़ा में पांच, चमोली व चंपावत में तीन, देहरादून में 23, हरिद्वार व पौड़ी में एक, रुद्रप्रयाग में 14 और टिहरी में आठ संक्रमित मरीज मिले हैं।
बात देहरादून की करें तो दून अस्पताल में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ते जा रहे है। अस्पताल के स्टाफ में लगातार तीन दिन से कोरोना के केस सामने आ रहे हैं। आज यहां चार मामले सामने आए। जिसमें अस्पताल की दो स्टाफ नर्स, एक इलेक्ट्रिशियन व अस्पताल में भर्ती एक गर्भवती महिला में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। स्टेट कॉर्डिनेटर एनएस खत्री ने इन मामलों की पुष्टि की है। अब प्रदेश में कोरोना संक्रमण के कुल 1156 मामले हो गए हैं।
प्रदेश में बाहरी क्षेत्रों से आने वाले 33 हजार से अधिक लोगों को संस्थागत क्वारंटीन किया गया है। लगभग पांच सौ लोगों की संस्थागत क्वारंटीन की अवधि पूरी होने के बाद 14 दिन के होम क्वारंटीन में भेजा गया है। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार चार जून को प्रदेश में 33 हजार 942 लोग संस्थागत क्वारंटीन में रह रहे थे। वहीं, आज लगभग पांच सौ लोगों को सात दिन की अवधि पूरी होने के पर घर भेजा गया है। ये अब 14 दिन तक अपने घर में क्वारंटीन रहेंगे।
बता दें कि रेड जोन से आने और जाने के लिए पास बनाना अनिवार्य है। जबकि ऑरेंज जोन में एक जिले से दूसरे जिले में जाने के लिए सिर्फ ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना होगा। ऑनलाइन पंजीकरण ही पास माना जाएगा और उन्हें संस्थागत क्वारंटीन में नहीं रहना होगा।

मुख्यमंत्री ने कंटेनमेंट जोन पर सख्ती से नजर रखने के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने आज देर सांय सीएम आवास में आयोजित बैठक में देहरादून में कोविड-19 के संक्रमण की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि देहरादून के लिए फुल प्रूफ प्लान तैयार किया जाए। शनिवार व रविवार दो दिन देहरादून के बंद रहने के दौरान व्यापक सेनेटाईजेशन करवाना सुनिश्चित किया जाए। फिजिकल डिस्टेंस को बनाए रखने के लिए ज्यादा भीड़ भाड़ वाली जगहों पर अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए जाएं। कंटेनमेंट जोन पर सख्ती से नजर रखी जाए। यथासंभव टेस्टिंग बढाई जाये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पेशेंट केयर मेनेजमेन्ट पर सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। कोरोना संक्रमण के प्रति संवेदनशील वृद्ध जनों, गम्भीर बीमारियों से ग्रस्त लोगों पर विशेष ध्यान देना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमितों की कान्टेक्ट ट्रेसिंग में लीकेज न हो। चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों को संक्रमण से सुरक्षा सुनिश्चित हो। जहां भी फिजीकल डिस्टेंसिंग, मास्क की अनिवार्यता व अन्य मानकों का उल्लंघन हो वहां सख्त कार्रवाई की जाए। आमजन की जागरूकता पर विशेष ध्यान दिया जाए।
बैठक में विधायक खजानदास, मेयर सुनील उनियाल गामा, मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, डीजीपी अनिल कुमार रतूड़ी, सचिव अमित नेगी, नितेश झा, आयुक्त गढवाल रविनाथ रमन, शैलेश बगोली, नगर आयुक्त विनय शंकर पाण्डे, डीएम आशीष श्रीवास्तव व अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

क्वारंटीन सेंटर में किसी प्रकार की कोई लापरवाही न बरतें अधिकरीः डीएम मंगेश घिल्डियाल

कोरोना वायरस को लेकर जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने वीडियों कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जिले के उप जिलाधिकारियों एवं प्रभारी चिकिसा अधिकारियो की बैठक ली। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए जब तक कोरोना की जांच रिपोर्ट नही आ जाती तब तक क्वारंटीन सेंटर में रखे व्यक्ति को घर जाने की अनुमति किसी भी दशा में न दी जाए। जिलाधिकारी ने कहा, कन्टेनमेंट जोन में किसी भी तरह का आवागम नही होगा। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया की यदि कन्टेनमेंट जोन में केन्द्र सरकार द्वारा जारी गाइड लाइन का उलंघन पाया जाता है, तो संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि कन्टेनमेंट जोन एक गंभीर विषय है, इसमे किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नही होगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि कन्टेनमेंट जोन का औचक निरीक्षण किया जाएगा और किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर कड़ी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। वही कल से कन्टेनमेंट जोन पर लगाये गए बैरियर की फोटो अनिवार्य रूप से उपलब्ध करने के निर्देश दिए है। जिलाधिकारी ने प्रभारी चिकित्साधिरारियो को कन्टेनमेंट जोन में प्रत्येक परिवार का दैनिक रूप से स्वास्थ्य परीक्षण कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए है।

जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया की कोरोना पाॅजीटिव व्यक्ति के संपर्क में आये व्यक्तियो (कांटेक्ट ट्रेसिंग से) उन व्यक्तियो को अनिवार्य रूप से संस्थागत क्वारंटीन किये जाने के निर्देश दिए है। कोरोना महामारी आपदा के दौरान तमाम व्यवस्थाओ हेतु तहसील स्तर पर प्रयाप्त धनराशि की उपलब्धता के बावजूद लंबित बीजकांे के भुगतान न किये जाने पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। प्रभारी चिकिसाधिकारियो को स्पष्ट निर्देश दिए की कोरोना के लक्षण वाले व्यक्ति को कौन सी दवाई देनी है कौन सी नही, इस हेतु हेल्थ टीमों को नियमित रूप से प्रशिक्षित करने के निर्देश भी दिए है।

सरकारी लैब में अभी 6133 सैंपलों की जांच जारी, तेजी से बढ़ रहे संक्रमित मरीज

प्रदेश में कोरोना वायरस के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। अभी तक सरकार ने प्रदेश के सभी जिलों को ऑरेंज जोन में शामिल किया था। लेकिन अब लगातार बढ़ रहे मामलों को देखते हुए सरकार ने नैनीताल को ऑरेंज से हटाकर रेड जोन में शामिल कर दिया है। वहीं, ऊधमसिंह नगर को ग्रीन जोन में शामिल किया गया है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार, नैनीताल में अब तक करीब 260 मामले सामने आ चुके हैं। ऊधमसिंह नगर में संक्रमित मरीजों की संख्या 82 हो गई है। वहीं इसके बाद अब 11 जिले ऑरेंज जोन में शामिल हैं।
प्रदेशभर में रविवार को 158 मरीजों में कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। अपर सचिव स्वास्थ्य युगल किशोर पंत ने इसकी पुष्टि की है। वहीं, दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल की एक महिला डॉक्टर भी संक्रमित मिलीं हैं। दून मेडिकल कॉलेज के डिप्टी एमएस और कोरोना के स्टेट कोऑर्डिनेटर डॉ. एनएस खत्री ने जानकारी दी। इसके साथ ही अब प्रदेश में सक्रमित मरीजों का आंकड़ा 907 पहुंच गया है। 
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार, आज देहरादून में 49, हरिद्वार में 17, नैनीताल में 31, टिहरी में तीन, अल्मोड़ा में 18, चंपावत में चार, पौड़ी में छह, ऊधमसिंह नगर में 20, चमोली में दो, उत्तरकाशी में सात और रुद्रप्रयाग में एक संक्रमित केस मिला है। अभी भी प्रदेश में 692 एक्टिव केस हैं। इसके साथ ही अब नैनीताल को रेड जोन में शामिल कर दिया है। जबकि ऊधमसिंह नगर को ग्रीन जोन में शामिल किया गया है। अपर सचिव युगल किशोर पंत ने बताया कि 102 मरीज ठीक होकर अपने घर लौट चुके हैं। चार सरकारी लैब में अभी 6133 सैंपलों की जांच चल रही है। इनकी रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है।
उत्तराखंड के मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने कहा कि प्रदेश में कोरोना संक्रमण अभी सामुदायिक फैलाव के फेज में नहीं आया है। जितने भी पॉजिटिव केस आए हैं, उनकी ट्रैवल हिस्ट्री और कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग जारी है। ज्यादातर मामले बाहर से लौटे प्रवासियों के संक्रमित होने के आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग संक्रमण से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है। मीडिया के माध्यम से उन्होंने जनता से अपील की है कि आने वाले दिनों में और अधिक अनुशासन बनाए रखने की जरूरत है। कहा कि धीरे-धीरे बाजार के खुलने में ढील दे रहे हैं, लेकिन लोगों को दुकानों में भीड़ एकत्रित नहीं होने देनी है।

सतपाल महाराज पाॅजीटिव, कैबिनेट में शामिल हुए मंत्री और अधिकारी होंगे क्वारंटीन

कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज व उनके परिवार और स्टाफ के 23 सदस्य कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। बेटे, बहुएं और पांच साल के पोते में भी संक्रमण की पुष्टि हुई है। जबकि बड़े बेटे का सैंपल दोबारा जांच के लिए भेजा गया है। कल पूर्व मंत्री अमृता रावत कोरोना पॉजिटिव पाई गई थीं। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने महाराज और उनके परिवार के सभी सदस्यों के साथ ही आवास में काम करने वाले कर्मचारियों के सैंपल जांच के लिए भेजे थे।
इनमें कैबिनेट मंत्री महाराज, उनके छोटे बेटे सुयश, बड़ी बहू आराध्य, छोटी बहू मोहिनी, पांच साल के पोते श्रेयांश में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। जबकि बड़े बेटे श्रद्धेय का सैंपल दोबारा से जांच के लिए भेजा जा रहा है। वहीं, महाराज के आवास में काम करने वाले 17 कर्मचारी भी संक्रमित मिले है।
महाराज और उनका परिवार कोरोना संक्रमित मिलने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। महाराज की पत्नी अमृता रावत को रविवार सुबह ही एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराया गया था, इसके बाद दोपहर में महाराज और अन्य लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई। जिसके बाद महाराज समेत लोगों को भी एम्स ऋषिकेश में भर्ती करा दिया गया।
स्वास्थ्य विभाग के अपर सचिव युगल किशोर पंत ने बताया कि कैबिनेट मंत्री महाराज और उनके परिवार के सदस्यों व स्टाफ में कोरोना की पुष्टि हुई है। विभाग की ओर से 41 सैंपल जांच के लिए गए थे। इसमें 22 सैंपल कोरोना पॉजिटिव आए हैं। सभी को भर्ती कराया गया है। इन सभी के संपर्क में आए लोगों को चिन्हित करने की कोशिश की जा रही है।

वहीं, पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के परिवार में कोरोना संक्रमण की पुष्टि होने पर प्रशासन ने सर्कुलर रोड, डालनवाला स्थित उनके आवास के आसपास का क्षेत्र पाबंद (सील) कर दिया है। क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन बना दिया है। अगले आदेश तक यहां के लोग क्षेत्र से बाहर नहीं जाएंगे। इस दौरान क्षेत्र के बैंक, दुकानें और अन्य प्रतिष्ठान भी बंद रहेंगे।
जिलाधिकारी डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने रविवार को इसके आदेश जारी कर दिए हैं। पर्यटन मंत्री के सर्कुलर रोड स्थित आवास के पूरब में कर्जन रोड, पश्चिम में अब्दुल्ला खान का मकान, उत्तर में अमित अग्रवाल का मकान और दक्षिण में 13 म्यूनिसिपल रोड के क्षेत्र को पाबंद किया है। डीएम ने कहा कि इस क्षेत्र में जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति अब प्रशासन कराएगा।
परिवार का एक सदस्य खरीदारी के लिए बाहर निकल सकता है। मोबाइल वैन के जरिए पाबंद क्षेत्र में दूध की सप्लाई की जाएगी। नगर निगम को क्षेत्र की साफ-सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के साथ मुनादी कर लोगों को जागरूक करने के निर्देश जारी किए गए हैं। इसके अलावा पुलिस क्षेत्र की बैरिकेडिंग करेगी। सीएमओ को सामुदायिक स्वास्थ्य पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि अगर कोई इमरजेंसी है तो कंटेनमेंट जोन के लोग पुलिस के टोल फ्री नंबर 112 पर संपर्क कर सकते हैं। आदेश का पालन न करने वाले लोगों के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।

एहतियात बरतते हुए होंगे होम क्वारंटीन
कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज के कोरोना पॉजिटिव आने से सरकार पर कोरोना संक्रमण का खतरा मंडराने लगा है। पॉजिटिव आने से पहले महाराज मंत्रिमंडल की बैठक में शामिल हुए थे। इस बैठक में मुख्यमंत्री समेत सभी कैबिनेट मंत्री, मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह सहित शासन के अन्य उच्च अधिकारी मौजूद थे। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने एहतियात बरतते हुए सभी बैठकें निरस्त कर दी हैं, जबकि कई मंत्री होम क्वारंटीन में चले गए हैं।
हालांकि आईसीएमआर की गाइडलाइन के अनुसार मंत्रिमंडल की बैठक जिस फार्मेट में होती है, वह संक्रमण के लिहाज से लो रिस्क श्रेणी में आती है। महाराज के पॉजिटिव आते ही सरकार में हड़कंप मच गया है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने रविवार को अपनी सभी बैठकें निरस्त कर दी। उन्होंने किसी से मुलाकात भी नहीं की।
वहीं अधिकांश मंत्रियों ने खुद को होम क्वारंटीन कर लिया है। महाराज के साथ बैठक में मौजूद होने से कई मंत्री भी सहमे हुए हैं कि कहीं उनमें कोरोना का लक्षण न आ जाए। मुख्य सचिव उत्पल कुमार ने बताया कि मंत्रिमंडल में जो भी अधिकारी शामिल थे, उनमें से आधे अधिकारी होम क्वारंटीन होंगे और आधे वर्क फ्रॉम होम करेंगे।

पत्नी के पाॅजीटिव होने से एक दिन पहले कैबिनेट बैठक में शामिल हुए थे महाराज

कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज की पत्नी अमृता रावत कल कोरोना पॉजिटिव पाई गईं। जिलाधिकारी डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव और अपर सचिव युगल किशोर पंत ने इसकी पुष्टि की। उन्होंने बताया कि अमृता रावत की तबीयत खराब थी। शनिवार सुबह देहरादून की एक निजी लैब में उनकी कोरोना जांच की गई, देर शाम रिपोर्ट पॉजिटिव आई।
अमृता रावत की रिपोर्ट पाॅजीटिव आने की खबर से स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन में हड़कंप मच गया। एक दिन पहले ही कैबिनेट में सतपाल महाराज शामिल हुए थे। ऐसे में राज्य की कैबिनेट और शासन के वरिष्ठ अधिकारियों में चिंता होना लाजिमी है। सतपाल महाराज के कोविड टेस्ट के बाद ही कुछ स्थिति साफ हो पायेगी। क्योकि रिपोर्ट अगर पाॅजीटिव आती है तो नियमानुसार सभी को क्वारंटीन करना होगा। बता दें कि कैबिनेट में मुख्यमंत्री सहित अन्य मंत्री भी शामिल थे। ऐसे में यह देश का पहला राज्य होगा जहां पूरी सरकार को ही क्वारंटीन होना पड़ेगा। लेकिन महाराज की रिपोर्ट नेगेटिव आती है तो यह सभी के लिए राहत की बात होगी।  
बता दें कि अभी कुछ दिन पहले ही दिल्ली से मंत्री सतपाल महाराज से मिलने आए लोगों को मंत्री आवास में ही क्वांरटीन कर दिया गया था। संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के घर के बाहर क्वारंटीन का स्टीकर भी चस्पा किया गया था। 
कुछ लोग दिल्ली से सतपाल महाराज से मिलने उनके सर्कुलर रोड स्थित घर पर आए थे। इसलिए केंद्र सरकार की गाइड लाइन के हिसाब से महाराज के घर आए तीन लोगों को प्रशासन ने उनके आवास में ही होम क्वांरटीन कर दिया था। वहीं मंत्री ने अपना ऑफिस भी सरकारी आवास में शिफ्ट कर दिया था।

कांग्रेस के निशाने पर आएं महाराज
कांग्रेस पार्टी की ओर से सतपाल महाराज सहित पूरी कैबिनेट और मुख्यमंत्री को क्वारंटीन करने की मांग की गई है। साथ ही ऐसे अधिकारी जो बैठक में शामिल हुए उन्हें भी ऐतिहातन के तौर पर क्वारंटीन करने और सभी का सैंपल लेने की बात की जा रही है। सोशल मीडिया में भी महाराज की पत्नी के पाॅजीटिव पाये जाने पर कई तरह की प्रतिक्रिया देखने को मिली।

मदन कौशिक पर बढ़ा दबाव
उत्तरी हरिद्वार में एक युवक के कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद शासकीय प्रवक्ता और कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक के उपर दबाव बढ़ गया है। कारण यह कि युवक तीन दिन पहले प्रदेश के कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक समेत कई लोगों के संपर्क में आया था। दरअसल, युवक खड़खड़ी में मदद के लिए बांटा गया राशन लेने पहुंचा था। वहीं, सोशल मीडिया पर लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या मंत्री समेत अन्य को भी क्वारंटाइन किया जाएगा। दरअसल, खड़खड़ी क्षेत्र के रामलीला मैदान में गरीब, असहाय व जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए राशन बांटा गया था। इस कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक के अलावा एक बड़े संत, एक कथावाचक व कई पार्षद और बड़ी संख्या में समर्थक शामिल हुए थे।

रात्रिकालीन कर्फ्यू रहेगा, रात नौ से सुबह पांच बजे तक पाबंदी

बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच देश को फिर से पटरी पर लाने के लिए केंद्र सरकार ने 68 दिनों की बंदी के बाद चरणबद्ध तरीके से बंदिशें हटाने का एलान कर दिया। 30 जून तक चलने वाले लॉकडाउन-5.0 के दौरान पाबंदियां सिर्फ कंटेनमेंट जोन में रहेंगी। इसके अलावा बाकी जगहों पर सभी गतिविधियां चरणबद्ध तरीके से शुरू होंगी। एक जून से पूरे देश में कहीं भी लोग आ जा सकेंगे। इसके लिए किसी पास या मंजूरी की जरूरत नहीं होगी। वहीं, देशभर में रात का कर्फ्यू अब रात नौ बजे से सुबह पांच बजे तक रहेगा। इस दौरान सिर्फ आवश्यक गतिविधियों की मंजूरी होगी।
अनलॉक-1 के पहले चरण में केंद्रीय गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के मुताबिक आठ जून से सभी धार्मिक स्थल, होटल, रेस्टोरेंट और शॉपिंग मॉल खुल सकेंगे। वहीं, दूसरे चरण में स्कूल-कॉलेज समेत सभी शिक्षण संस्थानों को खोलने की तैयारी है। हालांकि इसकी तारीख राज्यों से पहले चरण के फीडबैक के आधार पर जुलाई में तय होगी। इसके बाद तीसरे चरण में अंतरराष्ट्रीय उड़ानें, मेट्रो रेल, स्वीमिंग पूल, जिम, सामाजिक, सांस्कृतिक, खेल, राजनीतिक गतिविधियां शुरू करने पर फैसला होगा।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अनलॉक-1 के विस्तृत दिशा-निर्देश के तहत कंटेनमेंट जोन में पाबंदियां पहले की तरह ही 30 जून तक लागू रहेंगी। कंटेनमेंट जोन का निर्धारण संक्रमण स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन करेगा। इस जोन में सिर्फ चिकित्सा तथा आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं की ही मंजूरी होगी। राज्य और केंद्र शासित क्षेत्र कंटेनमेंट जोन के बाहर बफर जोन तय कर हालात के मुताबिक कुछ पाबंदियां लगा सकते हैं। इसके अलावा अन्य क्षेत्रों में भी जरूरत के हिसाब से पाबंदियां लगाई जा सकेंगी।

दूसरे राज्य में जाने के लिए पास जरूरी नहीं, नियम तोड़ने पर होगी सजा
सोमवार से एक राज्य से दूसरे राज्य में जाने या राज्य के भीतर कहीं भी लोगों और वस्तुओं की आवाजाही पर कोई पाबंदी नहीं होगी। इसके लिए अलग से कोई मंजूरी या ई-पास भी जरूरी नहीं होगा। हालांकि कोई राज्य या केंद्र शासित प्रदेश अगर स्वास्थ्य कारणों से आवाजाही रोकना चाहता है तो इस बारे में पहले व्यापक रूप से प्रचार-प्रसार करना होगा। श्रमिक स्पेशल, विशेष ट्रेनें, घरेलू विमान सेवाएं तथा विदेश में फंसे भारतीयों की वापसी जारी रहेगी। कोई भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश वस्तुओं की आपूर्ति या आवाजाही पर रोक नहीं लगा सकेगा।

नियम तोड़ने पर सजा का प्रावधान
महामारी के दौरान सरकार आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 और आईपीसी की धारा-188 के तहत कार्रवाई करेगी। आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत निमभन परिस्थितियों में कार्रवाई की जाएगी।
अकारण किसी अधिकारी या अन्य सरकारी कर्मचारी के काम में बाधा डालने पर धारा-51 के तहत एक साल की सजा व जुर्माना
केंद्र या राज्य सरकार की तरफ से दिए गए निर्देशों का पालन नहीं करने पर भी धारा-51 के तहत एक साल की सजा व जुर्माना
सरकारी राहत कार्यों को लेकर किसी तरह का झूठा दावा करने पर धारा-52 के तहत दो साल की सजा व जुर्माना
राहत अभियान के तहत मिले सामान या पैसे में घपला करने पर धारा-53 की तहत दो साल की सजा व जुर्माना
आपदा या महामारी को लेकर किसी तरह की झूठी अफवाह फैलाने पर धारा-54 के तहत एक साल की सजा या जुर्माना
किसी सरकारी विभाग की तरफ से किए गए अपराध के लिए विभागीय प्रमुख होगा दोषी, धारा-55 (1) के तहत कार्रवाई
यदि यह साबित हो कि अपराध विभागीय प्रमुख के बजाय अन्य अधिकारी ने किया है तो धारा-55 (2) के तहत कार्रवाई
बिना इजाजत लिए आपदा के दौरान ड्यूटी से गायब रहने वाले सरकारी अधिकारी को धारा-56 के तहत एक साल की सजा या जुर्माना
धारा-65 के तहत दिए गए आदेश का पालन करने में असफल रहने वाले व्यक्ति को एक साल कैद या जुर्माना या दोनों सजा
कंपनियों द्वारा अधिनियम के तहत जारी निर्देशों का पालन नहीं करने पर धारा-58 के तहत आपराधिक कार्रवाई
धारा-55 व धारा-56 के तहत किए गए अपराध में अभियान की कार्रवाई धारा-59 के तहत पूरी की जाएगी
अधिनियम की धारा-60 के तहत कोई भी अदालत कुछ खास परिस्थितियों में मामले का संज्ञान नहीं लेगी

पहला चरण
धार्मिक स्थल, सार्वजनिक पूजा स्थल, होटल, रेस्तरां और शॉपिंग मॉल आठ जून से खुलेंगे। इनके लिए स्वास्थ्य मंत्रालय दिशा-निर्देश जारी करेगा।

दूसरा चरण
स्कूल, कॉलेज, कोचिंग आदि शिक्षण संस्थान राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से चर्चा के बाद खुलेंगे। राज्य सरकारें और केंद्र शासित प्रदेश अभिभावकों तथा शिक्षण संस्थान संचालकों से विचार विमर्श कर केंद्र को फीडबैक देंगे। इसके आधार जुलाई में इन्हें खोलने पर फैसला होगा।

तीसरा चरण
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों, मेट्रो रेल, सिनेमाघर, जिम, स्वीमिंग पूल, मनोरंजन पार्क, थियेटर, बार, सभागार, सामाजिक, राजनीतिक, खेल, मनोरंजन, शैक्षणिक, सांस्कृतिक, धार्मिक समारोह और अन्य बड़े कार्यक्रमों को शुरू करने की तारीखों का फैसला हालात के आकलन के बाद तीसरे चरण में होगा।
कार्य स्थलों के लिए ये हैं दिशानिर्देश, चेहरा ढकना और सोशल डिस्टेंसिंग अनिवार्य
सार्वजनिक जगहों, कार्य स्थलों और सफर के दौरान चेहरा ढकना अनिवार्य होगा।
सार्वजनिक स्थलों पर हर किसी को दो गज (छह फुट) की दूरी का पालन करना होगा।
बड़ी सार्वजनिक सभाओं व कार्यक्रमों पर रोक रहेगी। शादी में 50 से ज्यादा और अंतिम संस्कार में 20 से ज्यादा लोगों के शामिल होने पर पाबंदी।
सार्वजनिक जगहों पर थूकना होगा दंडनीय अपराध, लगेगा जुर्माना।
सार्वजनिक स्थलों पर शराब पीना, गुटखा और तंबाकू इत्यादि खाने पर रहेगी रोक।
 
कार्यालयों के लिए दिशानिर्देश
यथासंभव वर्क फ्रॉम होम लागू हो
दफ्तरों, कार्यस्थलों, दुकानों, बाजारों, उद्योगों और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में बिजनेस ऑवर का पालन हो
कर्मचारियों की थर्मल स्क्रीनिंग, हाथ धोने और आने जाने वाले द्वार पर हैंड सैनिटाइजर की व्यवस्था हो
कार्यस्थलों में नियमित तौर पर सैनिटाइजेशन हो। शिफ्ट बदलने के दौरान भी रखें सफाई का ध्यान
सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो। शिफ्ट के बीच पर्याप्त अंतराल हो
कर्मचारियों के आरोग्य सेतु एप का इस्तेमाल करने पर जोर दिया जाए

प्रवासियों में तेजी से हो रही कोरोना की पुष्टि, एक दिन में 200 पाॅजीटिव केस मिले

राज्य में कोरोना को लेकर स्थिति विकट होने लगी है। हर दिन संक्रमितों का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। कल राज्य में रेकार्ड 216 नए मरीजों के सामने आने के से राज्य सरकार के साथ ही आमजन की नींद उड़ गई है। सर्वाधिक पॉजिटिव संख्या 85 नैनीताल जिले की है, जबकि 68 मरीज देहरादून से हैं। अल्मोड़ा में 21, बागेश्वर व टिहरी में आठ-आठ, हरिद्वार, पौड़ी व ऊधमसिंहनगर में पांच-पांच, उत्तरकाशी में चार व रुद्रप्रयाग में छह नए मामले सामने आए हैं। संक्रमितों में अधिसंख्य महाराष्ट्र, गुरुग्राम, दिल्ली से लौटे प्रवासी हैं। अभी तक प्रदेश में कोरोना के 726 मामले आए हैं। जिनमें 105 स्वस्थ हो चुके हैं। वर्तमान में उत्तराखंड में 613 एक्टिव केस हैं। इसके अलावा तीन मरीज राज्य से बाहर चले गए हैं। कोरोना संक्रमित पांच मरीजों की मौत हो चुकी है।
स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार को 1296 सैंपल की जांच रिपोर्ट मिली है। जिनमें 1080 की रिपोर्ट निगेटिव व 216 केस पॉजिटिव हैं। सर्वाधिक 85 नैनीताल जिले से हैं। 27 मई महाराष्ट्र से बड़ी संख्या में प्रवासी ट्रेन से लालकुंआ पहुंचे थे। इनमें से 319 लोगों के सैंपल लिए गए हैं, आज पॉजिटिव आए 80 लोग इन्हीं में शामिल हैं। दिल्ली और गुरुगाम से लौटे दो-दो और रामपुर उप्र से लौटे एक शख्स भी कोरोना संक्रमित मिला। सभी संक्रमित रामनगर में क्वारंटाइन थे, अब उन्हें आइसोलेट किया जा रहा है। देहरादून में 68 मरीज देहरादून मिले।
इनमें बाहरी राज्यों से लौटे 34 लोगों को क्वारंटाइन सेंटरों में रखा गया है। जबकि 11 लोग पूर्व में ही दून मेडिकल कॉलेज के कोरोना संदिग्ध वार्ड में भर्ती हैं। ये निरंजनपुर सब्जी मंडी के संक्रमित मुनीम के संपर्क में आए हैं। सब्जी मंडी के आढ़ती के एक कर्मचारी की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है। अन्य 22 संक्रमितों में एम्स ऋषिकेश का नर्सिंग ऑफिसर, लैब टेक्नीशियन, सिक्योरिटी गार्ड, वहां भर्ती दो भर्ती मरीज और लालबहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी मसूरी का एक कर्मचारी, बैराज कॉलोनी निवासी पिता-पुत्र, ऋषिकेश में क्वारंटाइन नरेंद्रनगर निवासी युवक और विकासनगर क्षेत्र के लोग शामिल हैं। ये सभी लोग बाहर से आए हैं और बॉर्डर पर सैंपलिंग के बाद इन्हें क्वारंटाइन किया गया था।
जनपद अल्मोड़ा में 21 प्रवासी बीती 23 मई को मुम्बई से ट्रेन से लालकुआं पहुंचे थे। 24 मई को अल्मोड़ा पहुंचने पर इन्हें क्वारंटाइन किया गया था। इसके अलावा 24 मई को ही गुरुग्राम से लौटे एक युवक को बेस हॉस्पिटल में आइसोलेट किया गया था। इन सभी की रिपोर्ट पॉजिटिव है। टिहरी में मुंबई से लौटे आठ लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव है। हरिद्वार में कोरोना संक्रमित मिले पांचों लोग मुंबई से आए हैं।
ऊधमसिंहनगर में मिले कोरोना संक्रमित पांच युवक मुंबई से लौटे हैं, इनमें दो वहां नौकरी करते थे और एक फल बेचता था। रुद्रप्रयाग में कोरोना पॉजिटिव दो युवक 20 मई को दिल्ली से अपने निजी वाहन से यहां पहुंचे थे, इन्हें संस्थागत क्वारंटाइन किया गया था। पौड़ी में संक्रमित मिले पांच युवक गुरुग्राम और मुंबई से लौटे हैं।