लक्ष्मणझूला में आवाजाही को लेकर मुख्यमंत्री ने विशेषज्ञों से साझा किए विचार

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि लक्ष्मण झूला उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक धरोहर है। पिछले 90 सालों से यह देश व दुनिया के पर्यटकों व श्रद्धालुओं के आकर्षण का केन्द्र रहा है। उन्होंने कहा कि लक्ष्मण झूला को संरक्षित करने के लिए यथा संभव प्रयास किये जायेंगे। इस पुल की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस पर आवाजाही दुबारा शुरू होने की स्थिति के सम्बन्ध में विशेषज्ञों से और सुझाव लिये जायेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हमारी हेरिटेज प्रोपर्टी है। इसे ठीक करने के सभी विषयों पर कार्य किया जायेगा। विशेषज्ञों की राय के बाद इसकी रेट्रोफिटिंग पर ध्यान दिया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रारम्भ में इसके एक स्क्वायर मीटर में 200 किलो भार क्षमता आंकी गई थी। वर्तमान में इसका पिलर झुक रहा है, आज आधुनिक तकनीक के दौर में इसे कैसे ठीक किया जा सकता है यह देखा जायेगा। मुख्यमंत्री का कहना है कि इस पुल से जन भावानायें जुड़ी हैं, इसका भी हमें ध्यान रखना होगा।
मंगलवार को ग्राफिक ऐरा विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों ने मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत से भेंट की, उन्होंने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि उनके संस्थान के तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा लक्ष्मण झूला का जीर्णोद्धार किया जा सकता है। ग्राफिक ऐरा के प्रो. पार्थो सेन ने कहा कि अत्याधुनिक तकनीक का प्रयोग करके इस पुल को बचाया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पुल के लिए तकनीकी अध्ययन आई.आई.टी के वैज्ञानिकों द्वारा किया गया है उनकी सलाह के मद्देनजर ही जन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इसमें आवाजाही बन्द की गई है। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद भी यदि इसके संरक्षण में कोई तकनीकी जानकारी प्राप्त हो सकती है तो इस दिशा में भी पहल की जा सकती है। उन्होंने ग्राफिक ऐरा विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों व लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से सभी तकनीकी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कार्ययोजना बनाने को कहा। उन्होंने कहा कि आईआईटी की रिपोर्ट के हर पहलू का गहनता से अध्ययन किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षा की दृष्टि से कोई भी लापरवाही नहीं बरती जायेगी जरूरत पड़ने पर लक्ष्मण झूला को बचाने के लिए अन्य विशेषज्ञों की राय भी ली जायेगी।
इस अवसर पर मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, ग्राफिक ऐरा विश्वविद्यालय से डा. सुभाष गुप्ता, डा. अंकुश मित्तल, डा. संजीव कुमार, डा. पवन कुमार इमानी, डा. प्रदीप जोशी, श्रीपर्णा शाह व अर्चना रावत उपस्थित थे।

जल पुलिस के जवानों के पास नहीं हैं सुरक्षा उपकरण, फिर भी बचा रहे लोगों को

ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट पर गंगा में डूबने से बचाने के लिए 40वीं वाहिनी पीएससी की ई कंपनी तैनात है। लोगों की सुरक्षा के लिए तैनात इन जवानों के पास खुद के बचाव के बुनियादी उपकरण नहीं हैं। हालात यह है कि लोगों को बचाने में इन जवानों को सड़ चुके लाइफ जैकेट के सहारे गंगा की लहरों जूझना पड़ रहा है।

ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट पर प्रतिदिन करीब 15 से 20 हजार लोग गंगा स्नान, पितृ तर्पण के लिए पहुंचते हैं। इस घाट पर प्रतिदिन टिहरी डैम से पानी भी छोड़ा जाता है। इससे यहां पानी का बहाव बढ़ जाता है। कई बार गंगा स्नान के दौरान लोग दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं। किसी भी अप्रिय घटना से बचाने के लिए इस घाट पर उत्तराखंड पुलिस की एक जल चौकी भी है। यहां नौ जवान हर समय मुस्तैद रहते हैं, लेकिन गंभीर बात यह है कि इन जवानों के पास जरूरी सुरक्षा उपकरण नहीं हैं। वर्ष 2010 में मिलीं लाइफ जैकट अभीतक बदली नहीं गई हैं। फिलवक्त लाइफ जैकेट की हालात काफी खराब हो चुकी है। जैकेट के अंदर का फॉम गल चुका है। सिलाई उधड़ चुकी है। अमूमन लाइफ जैकेट की मियाद दो साल होती है। इसके बाद निष्प्रयोज्य मान ली जाती है। बहरहाल यात्रियों के साथ किसी दुर्घटना की स्थिति में जल पुलिस के जवानों को इन्हीं सड़ चुकीं लाइफ जैकेट के सहारे गंगा की लहरों से जूझना पड़ता है। जल पुलिस के हेड कांस्टेबल मदन सिंह चौहान ने बताया कि जल चौकी पर नौ जवान हैं। कांवड़ यात्रा के दौरान जवानो की संख्या बढ़ाई जाती है।

यह सामान है उपलब्ध
सामान संख्या
लाइफ जैकेट्स 12
लाइफ ब्वाय 02
थ्रो बैग 02
सर्चिंग कांटा 02
साइकिल 02

इन सामानों की है दरकार
सामान संख्या
लाइफ जैकेट्स 10
लाइफ बाय 03
थ्रो बैग 03
सर्चिंग कांटा 02
राफ्ट 01
डीप डाइवर 01
40वीं वाहनी पीएससी ई-कंपनी के कंपनी कमांडर वीरेन्द्र सिंह चौहान का कहना है कि विभागीय मुख्यालय देहरादून को जरूरी उपकरणों की सूची भेजी गई है। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर राफ्ट हरिद्वार तथा मुनिकीरेती कार्यालय से रेस्क्यू के लिए भेजी जाती है।

हेमकुंड साहिब यात्रा को पॉलिथीन मुक्त बनाने की गुरूद्वारा ट्रस्ट ने की पहल

माता वैष्णो देवी की तरह ही श्रीहेमकुंड साहिब में भी श्रद्धालुओं को डिग्रेडेबल थैले में प्रसाद दिया जाएगा। यात्रा को पॉलिथीन मुक्त बनाने के लिए गुरुद्वारा श्रीहेमकुंड मैनेजमेंट ट्रस्ट इस साल से यह पहल करने जा रहा है। इसके लिए उसने पूरी तैयारी भी कर ली है। यह थैला दिखने में प्लास्टिक की तरह ही होगा, लेकिन जमीन पर पड़ा रहने पर यह 180 दिन यानी छह माह में खाद में बदल जाएगा।

यह पूरी तरह सल्फर और गंध मुक्त होगा। अभी तक होता यह है कि रोक के बावजूद यात्रा पर पहुंचने वाले श्रद्धालु पॉलिथीन का उपयोग धड़ल्ले से करते हैं। इस पर रोक के लिए यह पहल की जा रही है। ट्रस्ट के उपाध्यक्ष सरदार नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा के मुताबिक यात्रियों से पॉलिथीन का कोई भी सामान यात्रा मार्ग पर उपयोग न करने की विशेष अपील की गई है। ट्रस्ट का मानना है कि उसकी पहल से श्रद्धालु यहां की सकारात्मक छवि लेकर अपने यहां लौटेंगे। पिछले वर्ष श्री हेमकुंड साहिब के लिए करीब ढाई लाख श्रद्धालु दर्शन को पहुंचे थे।

पहला जत्था 30 मई को होगा रवाना
चारधाम यात्रा की तरह श्रीहेमकुंड यात्रा को भी संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति की संचालित करती है। इस वर्ष काफी बर्फवारी होने के चलते एक जून से श्री हेमकुंड साहिब के कपाट खुलेंगे। इसके लिए पहला जत्था 30 मई को रवाना होगा। रोटेशन के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी बृज भानु प्रकाश गिरी ने बताया कि इस वर्ष एक जून से हर रोज गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट को चार बसें प्रदान की जाएंगी। डिमांड बढ़ने पर यह संख्या बढ़ाई भी जा सकती है।

इन देेशों से पहुंचेंगे श्रद्धालु
श्री हेमकुंड साहिब के दर्शन के लिए भारत के सभी प्रांतों के श्रद्धालुओं के अलावा अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, मलेशिया, कनाडा, बैंककॉक, न्यूजीलैंड, इटली, बेल्जियम, पाकिस्तान सहित कई देशों के श्रद्धालु दर्शन को हर वर्ष पहुंचते हैं।

अक्षय तृतीया पर भगवान भरत की परिक्रमा कर मांगा आशीर्वाद

अक्षय तृतीया के मौके पर मंगलवार को तीर्थ नगरी के पौराणिक श्री भरत मंदिर में ऋषिकेश नारायण भरत भगवान के दर्शनों को श्रद्धालुओं की भीड़ छाई रही।

श्रद्धालुओं ने श्रीभरत भगवान के मंदिर में दर्शन और 108 परिक्रमा की। श्रद्धालु भगवान भरत के जयकारे भी लगाते दिखाई दिए। उन्होंने परिक्रमा के बाद भगवान भरत के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। साथ ही मनोकामना भी मांगी। कई श्रद्धालुओं ने मनोकामना पूरी होने पर मंदिर में माथा टेककर परिक्रमा की। इस अवसर पर श्रद्धालुओं के लिए मीठा शर्बत की भी व्यवस्था स्थानीय लोगों की ओर से हुई थी। दूसरी ओर अक्षय तृतीया के अवसर पर नगर के ज्वैलर्स की दुकानों में भीड़ छाई रही। लोग सोने व चांदी के बर्तन, सिक्के आदि सामानों की खरीदारी करते दिखाई दिए

ऐसी मान्यता है कि पौराणिक भगवान भरत जी के मंदिर की 108 परिक्रमा करने से भगवान बदरीनाथ के दर्शनों का जितना पुण्य प्राप्त होता है। खास बात यह है कि भरत भगवान की मूर्ति भी उसी शालीग्राम पत्थर से बनी है, जिससे बद्रीनाथ भगवान की मूर्ति बनाई गई है। इसके अलावा अक्षय तृतीया के दिन ही भरत भगवान के चरणों के दर्शन करने का सौभाग्य श्रद्धालुओं को प्राप्त होता है। अक्षय तृतीया के दिन से ही चार धाम यात्रा का विधिवत शुभारंभ हो जाता है। आज के दिन ही यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट भी खोले जाते हैं। इस मौके पर सोना खरीदना भी लाभकारी बताया गया है।

पॉलिथीन जब्तीकरण के दौरान प्रशासन के साथ हुई नोंकझोंक, आठ कुंतल जब्त

इन दिनों ऋषिकेश में नगर निगम की ओर से पॉलिथीन हटाओं अभियान चल रहा है। बुधवार को भी टीम पॉलिथीन के खिलाफ छापेमारी अभियान चला रही थी। टीम बीटीसी रोड पर दिल्ली ट्रेडर्स नामक दुकान पर पहुंची। टीम ने यहां से प्रथम चरण में 03 कुंतल पॉलिथीन जब्त कर ली। इसके बाद व्यापारियों ने टीम को घेर लिया और आगे कार्रवाई न करने को कहा। इसके बाद व्यापारी मुख्य नगर आयुक्त चतर सिंह चौहान, उप जिलाधिकारी प्रेमलाल से भी उलझते रहे। पुलिस बल की मौजूदगी में करीब आठ कुंतल पॉलिथीन जब्त हुई।

दुकान संचालक दीपक गुप्ता व आसपास के व्यापारी ललित मोहन मिश्र, मनोज कालड़ा आदि निगम की कार्रवाई का विरोध करने लगे। सूचना पाकर मुख्य नगर आयुक्त चतर सिंह चौहान और उप जिलाधिकारी प्रेमलाल भी मौके पर पहुंचे। दोनों अफसरों ने दुकान में प्रवेश कर निरीक्षण की कोशिश की तो व्यापारियों ने उन्हें अंदर घुसने नहीं दिया।

इस दौरान व्यापारियों और मुख्य नगर आयुक्त (एमएनए) के बीच काफी देर तक नोकझोंक की स्थिति बनी रही। एमएनए दुकान और गोदाम का निरीक्षण कर पॉलिथीन जब्त करने का तर्क दे रहे थे, तो दूसरी ओर व्यापारी 03 कुंतल पॉलिथीन जब्त कर कार्रवाई को रफादफा करने की जिद पर अड़े रहे। आखिरकार व्यापारियों का अड़ियल रुख नाकाम रहा और दो चक्रों में हुई कार्रवाई के दौरान कुल आठ कुंतल पॉलिथीन जब्त की गई।

चारधाम यात्राः सहायता केंद्र शुरू, प्रत्येक विभाग के एक कर्मी रहेगा मौजूद

उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा में जाने के लिए अन्य राज्यों से तीर्थनगरी पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की दिक्कत न हो, इसके लिए एक मई से बीटीसी परिसर में हेल्प डेस्क शुरू होगी। इस डेस्क पर विभिन्न विभागों के कर्मचारी तैनात रहेंगे, जो अपने विभाग की शिकायतों का निस्तारण करेंगे। यह सहायता केंद्र सुबह छह से रात आठ बजे तक खुला रहेगा।

बस ट्रांजिट कंपाउंड स्थित पर्यटन विभाग के कार्यालय में उप जिलाधिकारी प्रेमलाल के नेतृत्व में बैठक आयोजित हुई। बैठक में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी डॉ. अनिता चमोला ने बाहरी राज्यों की बसों में यहां से सवारियां बैठाने पर रोक लगाने की बात कही। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बॉर्डर चौक पोस्ट पर वाहनों की चेकिंग कर यात्री सूची मांगी जाएगी। यदि ग्रीन कार्ड सही पाया गया तो चौकपोस्ट से परिवहन विभाग का होलोग्राम व मोहर लगाई जाएगी। यात्री सूची न दिखा पाने पर बाहरी राज्यों का ग्रीन कार्ड जब्त किया जाएगा। इसके अलावा बस को सीज कर पूरे यात्रा सीजन के लिए उसे ब्लैक लिस्ट किया जाएगा।

गढ़वाल आयुक्त वीबीआरसी पुरुषोत्तम ने पूर्व में हुई बैठक में सभी विभागों को यात्रियों की सुविधा के लिए एक कंट्रोल रूम बनाने को कहा था। इस मामले में सोमवार को हुई बैठक में यह तय हुआ कि एक मई से चारधाम यात्रा सीजनल सहायता केंद्र के नाम से हेल्प डेस्क शुरू होगी। इसमें प्रशासन सहित परिवहन, पर्यटन, पुलिस, संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति, नगर निगम, रोडवेज का एक-एक कर्मचारी बैठेगा। इससे जिस यात्री को जिस विभाग से शिकायत होगी। उससे वह विभाग मौके पर ही सुनवाई करेगा। यह सहायता केंद्र सुबह छह से रात आठ बजे तक खुला रहेगा।

स्लोगन बोर्ड से तीर्थ यात्रियों को करेंगे जागरूक
बैठक में यह सवाल उठा कि बीटीसी परिसर पर कुछ ट्रेवल एजेंसियों के एजेंट अनधिकृत रूप से घूमते हैं, जो यात्रियों को डायवर्ट करने का काम करते हैं। इसके लिए उप जिलाधिकारी प्रेमलाल ने कहा कि बीटीसी परिसर पर जगह-जगह अनधिकृत ट्रेवल एजेंटो से सावधान, कृप्या बस की बुकिंग रोटेशन के काउंटर से ही कराए आदि स्लोगन लिखे बोर्ड लगाए जाएंगे।
ड्राइविंग के इन बातों का ध्यान रखना होगा

एआरटीओ डॉ. अनिता चमोला ने कहा कि यात्रा शुरू होने में हफ्ते भर का समय शेष रह गया है। ऐसे में बस चालकों के लिए परिवहन विभाग ने कुछ जरूरी दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। कोई भी बस चालक चप्पल पहनकर गाड़ी नहीं चलाएगा। चालक आठ घंटे से ज्यादा ड्राइविंग नहीं करेगा। बस में ओवर लोडिंग नहीं की जाएगी। इसके अलावा यात्रा को दस दिन के बजाये नौ दिन में पूरा करने के लिए ओवर स्पीड पर भी नियंत्रण करने को कहा गया है। यात्रा के दौरान बस चालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वह नशा न करें। साथ ही ड्राइविंग के दौरान मोबाइल इस्तेमाल पर भी प्रतिबंध रहेगा।

यात्रा के दौरान कोई भी समस्या यात्रियों को न हो पाएः गढ़वाल आयुक्त

गढ़वाल आयुक्त वीबीआरसी पुरूषोत्तम ने यात्रा की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक ली। उन्होंने गढ़वाल मंडल के सभी जिलाधिकारियों को यात्रा के दौरान किसी भी यात्री को समस्या न होने को कहा।

शनिवार को नगर निगम के सभागार मे आयोजित बैठक गढवाल आयुक्त वीबीआरसी पुरुषोत्तम, पुलिस आईजी गढ़वाल अजय रोतेला ने संयुक्त रूप से मंडल के सभी विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक की। आरटीओ विभाग यात्रा सीजन के दौरान चलने वाली गाड़ियों को पकड़े जाने के बाद उन्हें रखे जाने की समस्या से भी अवगत कराया। जिसके लिए यात्रा मार्गों पर स्थानीय पुलिस चौकियों को थानों से सहयोग किए जाने की बात कही गई।

आरटीओ विभाग ने पहले से पकड़ी गई गाड़ियों के निलामी का समाधान किये जाने का मामला भी उठाया। जिसका समाधान एक महीने में किए जाने का निर्देश दिया गया। हेमकुंड गुरुद्वारे के प्रबंधक स. दर्शन सिंह ने गोविंदघाट से बनने वाली सड़क की समस्या को उठाया, जिस पर पीडब्ल्यूडी के अधिकारी ने बताया कि बजट के अभाव मे कुछ कार्य नहीं हो पाया था। जिस पर गढ़वाल आयुक्त ने तत्काल बजट स्वीकृत कर कार्य को किये जाने के लिए निर्देशित किया।

इस बार चार धाम यात्रा के अतिरिक्त दो धाम के लिए भी परिवहन निगम अतिरिक्त बसें संचालित करेगा। सिंगल रोड पर चलने वाली बसों को भी चिन्हित किया गया है। बैठक में यह भी कहा कि संयुक्त रोटेशन से चलने वाली बसों के साथ कुमाऊं मंडल की 25 बसों को भी अतिरिक्त रखा जाए। बैठक में बसों में पिछली बैठकों में स्वच्छता को लेकर दिए गए निर्देश कोई कार्रवाई ना होने पर भी नाराजगी जताते हुए कहा कि सभी बसों में कूड़ेदान की व्यवस्था की जाए। इसी के साथ पूरे यात्रा मार्ग पर हो रहे प्लास्टिक के उपयोग को पूरी तरह प्रतिबंधित किए जाने के निर्देश दिए गए।

यात्रियों के पंजीकरण को 25 से लगेंगे काउंटर

उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा के लिए इस वर्ष भी त्रिलोक सिक्योरिटी सिस्टम इंडिया ही फोटोमैट्रिक पंजीकरण करेंगी। पर्यटन विभाग ने संस्था का अनुबंध वर्ष 2020 तक के लिए बढ़ा दिया है।

चारधाम यात्रा में पांच मई को पहली बस रवाना होगी। यात्रा में रवाना होने वाले वाहनों के ग्रीन कार्ड बनने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। रोजाना एआरटीओ कार्यालय में ग्रीन कार्ड के लिए वाहनों की फिटनेस की जांच की जा रही है। तो वहीं 25 अप्रैल को बस स्टैंड ऋषिकेश में फोटोमैट्रिक पंजीकरण केंद्र के काउंटर भी खुल जाएंगे।

इन दिनों फोटोमैट्रिक पंजीकरण केंद्र में साफ-सफाई और रंग रोगन का काम चल रहा है। 25 अप्रैल से पहले फोटोमैट्रिक पंजीकरण के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएंगी। ऋषिकेश में फोटोमैट्रिक पंजीकरण के लिए करीब 17 काउंटर खुलेंगे। इसमें से 15 काउंटर बस ट्रांजिट कंपाउंड और 2 काउंटर गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब में खोले जाएंगे।

बीते वर्ष ऋषिकेश में 19 फोटोमैट्रिक पंजीकरण पंजीकरण केंद्र खोले गए थे। त्रिलोक सिक्योरिटी सिस्टम इंडिया प्रालि के मैनेजर प्रेम आनंत ने बताया कि इस वर्ष सबसे पहले 25 अप्रैल तक ऋषिकेश में फोटोमैट्रिक पंजीकरण काउंटर में पंजीकरण का कार्य शुरू हो जाएगा। जिसमें चारधाम यात्रा जाने वाले यात्री अपना पंजीकरण करा सकेंगे।

इन जगहों पर खुलेंगे फोटोमैट्रिक पंजीकरण केंद्र
त्रिलोक सिक्योरिटी सिस्टम इंडिया प्रा.लि. के मैनेजर प्रेमआनंद ने बताया कि दुबाटा, बड़कोट, हीना उत्तरकाशी, फाटा केदारनाथ मार्ग, सोनप्रयाग केदारनाथ मार्ग, पांडुकेश्वर बद्रीनाथ मार्ग, गोविंद घाट हेमकुंठ साहिब, रेलवे स्टेशन हरिद्वार, राही मोटल हरिद्वार, गुरूद्वारा ऋषिकेश और बस स्टैंड ऋषिकेश में चारधाम यात्रा के लिए फोटोमैट्रिक पंजीकरण केंद्र खोले जाएंगे।

सुविधाओं के इंतजाम नहीं, यात्रा शुरू होने में 21 दिन शेष

गंगोत्री, यमुनोत्री, बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम की यात्रा शुरू होने में मात्र 21 दिन शेष है। मगर, सुविधाओं का चारधाम यात्रा के प्रवेश द्वार ऋषिकेश में अभाव बना हुआ है। श्रद्धालुओं के लिए न पानी की समुचित व्यवस्था, न बैठने के लिए उचित स्थान और गंदगी का अंबार जैसे विषयों पर आखिर प्रशासन कब ध्यान देगा। अगर ऐसा ही रहा तो बाहरी राज्यों से यहां लाखों की संख्या में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं का जत्था आखिर राज्य की क्या छवि लेकर वापस लौटेगा।

यात्रा शुरू होने में एक माह से कम का समय रह गया है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने अतिक्रमण को लेकर बाजार में कुछ दिन औपचारिक अभियान चलाकर खानापूर्ति की थी। अतिक्रमण की यही स्थिति बीटीसी परिसर में भी बनी हुई है। यहां यात्रा के मद्देनजर पसरे अतिक्रमण को हटाने का दावा हर वर्ष किया जाता है। मौजूदा स्थिति यह है कि यहां अतिक्रमण जोरों पर है।

मालवाहक वाहनों का चारधाम यात्रा बस ट्रांजिस्ट कंपाउंड से कोई लेना देना नहीं है, लेकिन प्रशासन की अनदेखी के कारण पुलिस माल वाहक वाहनों का संचालन बीटीसी के प्रवेश व निकासी मार्गों पर कर रही है। इतना ही नहीं बीटीसी बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ने वाले संपर्क मार्ग पर दिन भर माल वाहनों में लोडिंग व अनलोडिंग का सिलसिला जारी है। इससे बद्रीनाथ-केदारनाथ के यात्री वाहनों के साथ ही यहां से विभिन्न मार्गों के लिए संचालित होने वाले निगम की बसों का आवागमन भी बाधित होता है।

हरिद्वार को कुंभ की सौगात, सभी विद्युत लाइनें होंगी भूमिगत

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने आईपीडीएस योजना के अंतर्गत कुम्भ क्षेत्र में विभिन्न विद्युत लाईनों को भूमिगत किये जाने वाली 388.49 करोड़ लागत की योजना का भूमि पूजन कर शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री ने कुम्भ स्मारक मैदान हरिद्वार में 4.99 करोड़ लागत 33/11 केवी उपसंस्थान गैण्डीखाता हेतु 22 किमी की 33 केवी लाईन का भी शिलान्यास किाय। मुख्यमंत्री ने कहा कि उपसंस्थान गैण्डीखाता के निर्माण होने से गैण्डीखाता, चिड़ियापुर, लालढांग, मिठी बैरी, पीली पड़ाव क्षेत्र के लगभग 4000 उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित होगी व वोल्टेज में सुधार होगा।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने 70.11 करोड़ रूपये की विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास भी किया। खानपुर, पिरान कलियर, हरिद्वार ग्रामीण, झबरेड़ा, भगवानपुर, रूडकी तथा ज्वालापुर विधानसभा के लिए कुल 56.14 करोड़ की कुल 39 योजनाओं का शिलान्यास किया। इनमें 32 लोनिवि, 5 पेयजल व सिंचाई विभाग विभाग की 2 योजनाएं सम्मिलित हैं। इसके अतिरिक्त विधानसभा रानीपुर, झबरेडा, हरिद्वार शहर में ग्रानिविप्र, चिकित्सा विभाग, लघु सिंचाई विभाग की 13.97 करोड़ रूपये की योजनाओं का लोकार्पण किया। जिनमें रानीपुर विधानसभा में ग्रामीण निर्माण विभाग प्रखण्ड द्वारा ग्रामीण निर्माण विभाग प्रखण्ड-हरिद्वार के कार्यालय भवन का निर्माण, झबरेड़ा में लघु सिंचाई विभाग द्वारा कार्यालय सहायक अभियंता, लघु सिंचाई उपखण्ड रूड़की का भवन निर्माण तथा हरिद्वार शहर विधानसभा में चिकित्सा विभाग द्वारा राजकीय मेला चिकित्सालाय हरिद्वार में लोकनिजी सहभागिता के अन्तर्गत डायलिसिस केन्द्र का लोकार्पण किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुम्भ क्षेत्र हरिद्वार के अन्तर्गत 33 केवी की 54 किमी तथा 11 केवी 122 किमी की भूमिगत लाईनो, 140.20 किमी की भूमिगत एलटी लाईन, 50 किमी स्ट्रीट लाईट केबल के साथ ही विभिन्न विद्युत लाईनों को भूमिगत करने से कुम्भ क्षेत्र का सौन्दर्यीकरण होगा। उन्होंने कहा कि योजना का लाभ जनपदवासियों के साथ ही हरिद्वार में वर्ष भर आने वाले श्रद्धालुओं को, कुम्भ एवं कांवड़ व समय-समय पर होने वाले मेलों में विद्युत सुरक्षा मिलेगी। किसी भी प्रकार के मौसम आँधी, तूफान व बरसात में निर्बाध विद्युत आपूर्ति बनी रहेगी।
कार्यक्रम में कैबीनेट मंत्री मदन कौशिक, विधायक आदेश चैहान, सुरेश राठौर, बीस सूत्रीय कार्यक्रम के उपाध्यक्ष नरेश बंसल, पशु कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष डाॅ. विनोद आर्य, मेयर अनीता शर्मा, सचिव ऊर्जा राधिका झा, एमडी यूपीसीएल बी.सी. मिश्रा आदि उपस्थित थे।