मधुबन आश्रम संचालक परमानंद पर लगे गंभीर आरोप, इन धाराओं में हुआ मुकदमा

मधुबन आश्रम संचालक परमानंद दास महाराज पर ट्रस्टियों ने संपत्ति का उपयोग निजी तौर पर करने, आश्रम की आय का गबन करने सहित कई गंभीर आरोप लगाए हैं। ट्रस्टियों ने संचालक की नियुक्ति पर भी सवाल पैदा किए हैं। ट्रस्टियों ने थाना मुनिकीरेती में तहरीर भी दी है। तहरीर के आधार पर पुलिस ने आश्रम संचालक परमानंद दास महाराज के खिलाफ अमानत कर खयानात, धोखाधड़ी तथा गबन का मुकदमा दर्ज कर लिया है।

घटनाक्रम के अनुसार, बुधवार को स्कॉन न्यू वृंदावन ईस्ट ट्रस्ट के सदस्य आरके माहेश्वरी, डॉ. रवि खतान्हार, हेमंत ठाकुर, रविंद्र मल्ल्या मधुबन आश्रम पहुंचे। यहां मधुबन आश्रम की सिक्योरिटी ने उन्हें आश्रम में प्रवेश नहीं करने दिया। ट्रस्टियों ने इसका कड़ा विरोध जताया। उन्होंने आश्रम संचालक को उनसे बात करने को कह, लेकिन संचालक ने उनसे कोई बात नहीं की। इसके बाद वहां हंगामे की स्थिति उत्पन्न हो गई। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची, और किसी तरह हंगामे को शांत कराया। इसके बाद ट्रस्टियों ने थाना पहुंच तहरीर दी।

उन्होंने बताया कि ट्रस्ट का गठन 1986 में किया गया था। ट्रस्ट मुंबई में रजिस्टर्ड है। ट्रस्ट की ओर से मधुबन आश्रम पर भक्तियोग स्वामी को मंदिर की पूजा अर्चना के लिए नियुक्त किया गया था, जिनकी 12 अप्रैल वर्ष 2017 को हो गई। उन्होंने कहा कि वर्तमान में अपने को आश्रम संचालक बताने वाला व्यक्ति धोखाधड़ी तथा कुछ स्थानीय लोगों की मिलीभगत से संचालन कर रहा है, जबकि ट्रस्ट की ओर से इन्हें नियुक्त नहीं किया गया है। साथ ही ट्रस्ट के बैंक अकाउंट के बजाए निजी अकाउंट पर चढ़ावे की धनराशि डाली जा रही है। साथ ही आश्रम की संपत्ति को निजी तौर पर प्रयोग में लाया जा रहा है। तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।

थानाध्यक्ष मुनिकीरेती राम किशोर सकलानी ने बताया कि ट्रस्ट के सदस्यों की ओर से दिए गए कागजात के आधार पर यह प्रतीत होता है कि उक्त लोग ही ट्रस्टी हैं तथा वर्तमान में आश्रम का संचालन कर रहे प्रेम प्रकाश राणा उर्फ परमानंद दास अवैध रूप से आश्रम पर बैठे हैं। उन्होंने बताया कि आरोपी के खिलाफ अमानत पर खयानात, धोखाधड़ी तथा गबन का मुकदमा दर्ज कर लिया है।

मैनेजर से आश्रम संचालक बन बैठा परमानंद
बुधवार को आश्रम ट्रस्टियों ने बताया कि वर्तमान में स्वयं को आश्रम का संचालक बताने वाला प्रेम प्रकाश राणा उर्फ परमानंद दास पूर्व में मंदिर के रेस्टोरेंट का मैनेंजर के पद पर तैनात था। ट्रस्ट की ओर से नियुक्त भक्तियोग स्वामी की मृत्यु के पश्चात परमानंद दास ने स्वयं साधु बनकर अपने को स्वयंभू महाराज घोषित कर दिया है।

ट्रस्ट ने बैंक अकाउंट कराया फ्रीज
ट्रस्ट के सदस्यों ने कहा कि परमानंद दास की ओर से आश्रम में ठहरने वाले श्रद्धालुओं से लिए जाने वाला शुल्क तथा मंदिर के दानपात्र पर आने वाला शुल्क अपने निजी अकाउंट में डाला जा रहा है। उन्होंने इस पर जब परमानंद दास से वार्ता करनी चाही तो उन्होंने गोलमोल जवाब दिया। इस पर ट्रस्ट ने आश्रम के पंजाब नेशनल बैंक के अकाउंट को फ्रीज करा दिया है।

ऑन लाइन बुकिंग के जरिये दिया जा रहा कमरा
परमानंद दास पर ट्रस्ट के सदस्यों ने यह भी आरोप लगाया है कि उक्त व्यक्ति ने आश्रम को निजी होटल बनाया हुआ है। यहां ऑनलाइन बुकिंग के जरिये टूरिस्टों को महंगे दाम पर कमरा दिया जा रहा है। इसका ट्रस्ट घोर विरोध करता है। साथ ही यहां अपने परिवार के सभी सदस्यों को बैठा रखा है।

परमानंद बोले, जो ट्रस्टी नहीं, वह कर रहे दावा
मधुबन आश्रम संचालक परमानंद दास महाराज ने कहा कि उक्त लोग जो ट्रस्टी होने का दावा कर रहे हैं, दरअसल वह ट्रस्ट के सदस्य ही नहीं हैं। आश्रम का ट्रस्ट वर्ष 1986 में आठ सदस्यीय बना था। इनमें से छह ट्रस्ट के सदस्य ठीक से काम नहीं कर रहे थे तथा मधुबन आश्रम को स्कॉन ट्रस्ट के साथ मिलाकर खुर्दबुर्द करना चाहते थे। ट्रस्ट के मुख्य आर्बिटर किरतनानंद भक्तिपाद ने वर्ष 1995 में इन्हें पत्र भेजकर निकाल दिया था। उक्त सारे पत्र हमारे पास सुरक्षित है। किरतनानंद भक्तिपाद की मृत्यु के बाद यह लोग भक्तियोग स्वामी के पास भी गए, लेकिन वह भी इनके झांसे में नहीं आए। इसके बाद यह लोग सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत से मिले और झूठी कहानी सुनाई। बुधवार को अमित रावत नामक व्यक्ति आश्रम पहुंचा और सीएम के आदेश का हवाला देकर निकाले गए इन छह ट्रस्टियों को कब्जा दिलाने की बात कहने लगा। जब हमने इनका प्रस्ताव नहीं स्वीकार किया। तो पुलिस में जाकर झूठी तहरीर दी और झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया। परमानंद दास ने पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए और कहा कि पुलिस ने बिना जांच पड़ताल किए उनके ऊपर गंभीर धाराएं लगा दी हैं।

लक्ष्मणझूला पुलः वैकल्पिक पुल को मिले तीन करोड़ रूपए

राज्य सरकार ने विश्व प्रसिद्ध लक्ष्मण झूला के पास वैकल्पिक पुल का निर्माण कराने के लिए प्रथम चरण के तहत वित्तीय प्रावधान कर दिया है। शासन ने शुक्रवार को सेतु निर्माण के लिए 3.360 करोड़ रुपये की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी। नया वैकल्पिक पुल 150 मीटर का होगा। लोनिवि के उपसचिव जीवन सिंह ने वित्तीय स्वीकृति का शासनादेश जारी किया।

प्रदेश सरकार पुराने और जर्जर हो चुके लक्ष्मण झूला पुल से आवाजाही पहले ही प्रतिबंधित कर चुकी है। आवाजाही पर रोक लगाने के बाद मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने लोक निर्माण विभाग को जल्द से जल्द वैकल्पिक झूला पुल तैयार करने के निर्देश दिए थे।

उनके निर्देश पर लोक निर्माण विभाग की टीम स्थलीय निरीक्षण करने के बाद सर्वेक्षण में जुट गई। विभाग ने शासन को प्राथमिक आगणन रिपोर्ट सौंपी थी। जिस पर वित्तीय स्वीकृति जारी कर दी गई है। अब वित्तीय प्रावधान करने के बाद लोक निर्माण विभाग को झूला पुल निर्माण की एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करनी होगी। इस रिपोर्ट के आधार पर शासन अगले चरण की वित्तीय स्वीकृति प्रदान करेगा।

अलग-अलग कूड़े का उठान और उपयोग पर कोरिया करेगा सहयोग

नगर निगम ऋषिकेश की संकरी गलियों में अब कूड़ा उठान के लिए ई-रिक्शा का सहारा लिया जाएगा। इसके लिए नगर निगम प्राथमिकता पर काम कर रहा है। शुरुआती चरण में निगम क्षेत्र की गलियां और घर से गलियों के बाहर तक आने की दूरी का आंकलन किया जा रहा है। इसके बाद ही ई-रिक्शा की जरूरत का अंदाजा लग पाएगा। बृहस्पतिवार को मेयर अनिता ममगाईं ने एडीबी (एशियन डेवलपमेंट बैंक) और केईआईटीआई (कोरिया एनवायरमेंट इंडस्ट्री एवं टेक्नालॉजी इंस्टीट्यूट) के प्रतिनिधिमंडल के साथ वार्ता के दौरान यह जानकारी दी। नगर निगम में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर प्री फिजिबिलिटी रिपोर्ट के लिए केईआईटीआई और एडीबी ज्वाइंट मिशन के लिए बैठक आयोजित हुई। इस दौरान तीनों नगर निकायों के जनप्रतिनिधियों तथा क्षेत्र के व्यापारियों, स्कूल प्राध्यापकों आदि ने ऋषिकेश में ठोस अपशिष्ट पदार्थों को लेकर अपने-अपने सुझाव दिए। बता दें कि एडीबी नगर निगम ऋषिकेश को कूड़ा प्रबंधन के लिए फंड जारी कर रहा है जबकि केईआईटीआई से सही तरह से कूड़ा प्रबंधन के लिए सुझाव लिए जा रहे हैं। बैठक में पालिकाध्यक्ष मुनिकीरेती रोशन रतूड़ी, नगर पंचायत जौंक अध्यक्ष माधव अग्रवाल, शहरी विकास विभाग से सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर रवि पांडे, एडीबी से बागेश कुमार, सैमदास गुप्ता, नगर आयुक्त चतर सिंह चैहान, अधिशासी अधिकारी पालिका मुनिकीरेती बद्री प्रसाद भट्ट, केईआईटीआई से स्यूंगडू किम, येचांम जोंग, टाडातेरु ह्यासी, ली सैंग क्यू आदि उपस्थित रहे।


पब्लिक का सहयोग होना जरुरीः प्रो. किम
कोरिया एनविरोनमेंट इंडस्ट्री एवं टेक्नालॉजी इंस्टीट्यूट के प्रोफेसर व ठोस अपशिष्ट के एक्सपर्ट स्यूंगडू किम ने कहा कि कूड़ा निस्तारण की योजना को पूरा करने के लिए तीन चरण आवश्यक हैं। पहला पब्लिक का साथ, दूसरा टेक्निकल और तीसरा फाइनेंस। उन्होंने कहा कि शुरूआती दौर में छह माह तक इसका रोडमैप तैयार होगा। इसके बाद डीटीआर तैयार होगी। उन्होंने बताया कि कोरिया में नगर का कूड़ा आर्गेनिक, रिसाइकिल तथा डिस्पोजल के रूप में बनता है। वहां घरों से कूड़ा उठान के लिए कूड़ा बैग अलग-अलग साइज में दिए गए हैं। जितना बड़ा बैग होगा, उतना ही ज्यादा चार्ज होगा। उन्होंने बताया कि वहां मंडी से निकलने वाले कूड़े को तुरंत जानवरों को आहार के रूप में दिया जाता है।

सीसीटीवी कैमरों से रखेंगे नजर
पालिकाध्यक्ष ने बताया कि क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरों के लिए पुलिस को 17 लाख तथा नगर पालिका को 25 लाख रुपए मिले हैं। इन सीसीटीवी कैमरों के जरिए रात में खुले में कूड़ा डालने वालों पर नकेल कसी जा रही है। इसी क्रम में नियमों का उल्लंघन करने वालों पर चालान की कार्रवाई की जा रही है। रोशन रतूड़ी ने बताया कि हमारे यहां सफाई कर्मियों को समय से वेतन जारी किया जा रहा है। इससे कर्मचारियों का मनोबल हमेशा बरकरार रहता है। दूसरी ओर नगर निगम की कार्यप्रणाली पूरी तरह से लचर दिखी। यहां तमाम दावों के बावजूद न तो सड़कों से आवारा पशु हट पाए, आउटसोर्सिंग कर्मियों के बकाया वेतन का मामला भी विवादों में रहा। इसके अलावा तमाम कोशिशों के बावजूद कूड़े का निस्तारण बेहतर ढंग से नहीं हो पा रहा है।


मुनिकीरेती पालिका कूड़ा निस्तारण में अव्वल
नगर पालिका मुनिकीरेती ने स्वच्छता के मामले में नगर निगम ऋषिकेश को आइना दिखाया है। बृहस्पतिवार को निगम में हुई बैठक में पालिकाध्यक्ष रोशन रतूड़ी ने एडीबी और केईआईटीआई की टीम के समक्ष अपनी रिपोर्ट पेश की। उन्होंने बताया कि उनकी पालिका क्षेत्र में प्रति परिवार को 20 रुपये में थैला दिया गया है। पॉलिथीन पर प्रतिबंध लगाने के लिए लोगों में चालान की कार्रवाई के जरिये भय बनाने पर काम किया जा रहा है। क्षेत्र में प्रतिदिन 12 टन कूड़ा एकत्र होता है, इसमें से आठ टन हरिद्वार भेजा जाता है, चार टन को रिसाइकिल कर गड्ढे भरने के उपयोग में लाया जा रहा है। मुनिकीरेती पालिका में प्रत्येक घर में गमला दिया गया है। इसमें गीले कूड़ा का इस्तेमाल खाद के रूप में किया जा रहा है। सूखा कूड़ा पालिकाकर्मी उठाते हैं।

सुझावों पर एक नजर…
– छोटी गलियों से कूड़ा उठान के लिए डिब्बे उपलब्ध कराए जाएं
– कूड़ा डंपिंग की व्यवस्था आबादी क्षेत्र से दूर इलाके में हो
– पॉलिथीन पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया जाए
– गंगा नदी में पूजन सामग्री न डाली जाए
– पॉलिथीन की जगह जूट के उत्पाद वितरित कर प्रचलन में लाएं
– गीला कूड़ा और सूखा कूड़ा अलग-अलग उठाया जाए
– वार्डों से कूड़ा उठान से पूर्व गोविंदनगर ट्रंचिंग ग्राउंड से कूड़ा हटाया जाए
– वैकल्पिक तौर पर आईडीपीएल कांवड़ मेला पार्किंग स्थल पर कूड़ा डंप हो
– गीले कूड़े को घर में ही खाद बनाने का हुनर सिखाया जाए
– कूड़े के प्लास्टिक से फर्नीचर बनाने का उपक्रम प्रचलन में लाया जाए

लक्ष्मणझूला में आवाजाही को लेकर मुख्यमंत्री ने विशेषज्ञों से साझा किए विचार

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि लक्ष्मण झूला उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक धरोहर है। पिछले 90 सालों से यह देश व दुनिया के पर्यटकों व श्रद्धालुओं के आकर्षण का केन्द्र रहा है। उन्होंने कहा कि लक्ष्मण झूला को संरक्षित करने के लिए यथा संभव प्रयास किये जायेंगे। इस पुल की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस पर आवाजाही दुबारा शुरू होने की स्थिति के सम्बन्ध में विशेषज्ञों से और सुझाव लिये जायेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हमारी हेरिटेज प्रोपर्टी है। इसे ठीक करने के सभी विषयों पर कार्य किया जायेगा। विशेषज्ञों की राय के बाद इसकी रेट्रोफिटिंग पर ध्यान दिया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रारम्भ में इसके एक स्क्वायर मीटर में 200 किलो भार क्षमता आंकी गई थी। वर्तमान में इसका पिलर झुक रहा है, आज आधुनिक तकनीक के दौर में इसे कैसे ठीक किया जा सकता है यह देखा जायेगा। मुख्यमंत्री का कहना है कि इस पुल से जन भावानायें जुड़ी हैं, इसका भी हमें ध्यान रखना होगा।
मंगलवार को ग्राफिक ऐरा विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों ने मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत से भेंट की, उन्होंने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि उनके संस्थान के तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा लक्ष्मण झूला का जीर्णोद्धार किया जा सकता है। ग्राफिक ऐरा के प्रो. पार्थो सेन ने कहा कि अत्याधुनिक तकनीक का प्रयोग करके इस पुल को बचाया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पुल के लिए तकनीकी अध्ययन आई.आई.टी के वैज्ञानिकों द्वारा किया गया है उनकी सलाह के मद्देनजर ही जन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इसमें आवाजाही बन्द की गई है। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद भी यदि इसके संरक्षण में कोई तकनीकी जानकारी प्राप्त हो सकती है तो इस दिशा में भी पहल की जा सकती है। उन्होंने ग्राफिक ऐरा विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों व लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से सभी तकनीकी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कार्ययोजना बनाने को कहा। उन्होंने कहा कि आईआईटी की रिपोर्ट के हर पहलू का गहनता से अध्ययन किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षा की दृष्टि से कोई भी लापरवाही नहीं बरती जायेगी जरूरत पड़ने पर लक्ष्मण झूला को बचाने के लिए अन्य विशेषज्ञों की राय भी ली जायेगी।
इस अवसर पर मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, ग्राफिक ऐरा विश्वविद्यालय से डा. सुभाष गुप्ता, डा. अंकुश मित्तल, डा. संजीव कुमार, डा. पवन कुमार इमानी, डा. प्रदीप जोशी, श्रीपर्णा शाह व अर्चना रावत उपस्थित थे।

जल पुलिस के जवानों के पास नहीं हैं सुरक्षा उपकरण, फिर भी बचा रहे लोगों को

ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट पर गंगा में डूबने से बचाने के लिए 40वीं वाहिनी पीएससी की ई कंपनी तैनात है। लोगों की सुरक्षा के लिए तैनात इन जवानों के पास खुद के बचाव के बुनियादी उपकरण नहीं हैं। हालात यह है कि लोगों को बचाने में इन जवानों को सड़ चुके लाइफ जैकेट के सहारे गंगा की लहरों जूझना पड़ रहा है।

ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट पर प्रतिदिन करीब 15 से 20 हजार लोग गंगा स्नान, पितृ तर्पण के लिए पहुंचते हैं। इस घाट पर प्रतिदिन टिहरी डैम से पानी भी छोड़ा जाता है। इससे यहां पानी का बहाव बढ़ जाता है। कई बार गंगा स्नान के दौरान लोग दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं। किसी भी अप्रिय घटना से बचाने के लिए इस घाट पर उत्तराखंड पुलिस की एक जल चौकी भी है। यहां नौ जवान हर समय मुस्तैद रहते हैं, लेकिन गंभीर बात यह है कि इन जवानों के पास जरूरी सुरक्षा उपकरण नहीं हैं। वर्ष 2010 में मिलीं लाइफ जैकट अभीतक बदली नहीं गई हैं। फिलवक्त लाइफ जैकेट की हालात काफी खराब हो चुकी है। जैकेट के अंदर का फॉम गल चुका है। सिलाई उधड़ चुकी है। अमूमन लाइफ जैकेट की मियाद दो साल होती है। इसके बाद निष्प्रयोज्य मान ली जाती है। बहरहाल यात्रियों के साथ किसी दुर्घटना की स्थिति में जल पुलिस के जवानों को इन्हीं सड़ चुकीं लाइफ जैकेट के सहारे गंगा की लहरों से जूझना पड़ता है। जल पुलिस के हेड कांस्टेबल मदन सिंह चौहान ने बताया कि जल चौकी पर नौ जवान हैं। कांवड़ यात्रा के दौरान जवानो की संख्या बढ़ाई जाती है।

यह सामान है उपलब्ध
सामान संख्या
लाइफ जैकेट्स 12
लाइफ ब्वाय 02
थ्रो बैग 02
सर्चिंग कांटा 02
साइकिल 02

इन सामानों की है दरकार
सामान संख्या
लाइफ जैकेट्स 10
लाइफ बाय 03
थ्रो बैग 03
सर्चिंग कांटा 02
राफ्ट 01
डीप डाइवर 01
40वीं वाहनी पीएससी ई-कंपनी के कंपनी कमांडर वीरेन्द्र सिंह चौहान का कहना है कि विभागीय मुख्यालय देहरादून को जरूरी उपकरणों की सूची भेजी गई है। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर राफ्ट हरिद्वार तथा मुनिकीरेती कार्यालय से रेस्क्यू के लिए भेजी जाती है।

हेमकुंड साहिब यात्रा को पॉलिथीन मुक्त बनाने की गुरूद्वारा ट्रस्ट ने की पहल

माता वैष्णो देवी की तरह ही श्रीहेमकुंड साहिब में भी श्रद्धालुओं को डिग्रेडेबल थैले में प्रसाद दिया जाएगा। यात्रा को पॉलिथीन मुक्त बनाने के लिए गुरुद्वारा श्रीहेमकुंड मैनेजमेंट ट्रस्ट इस साल से यह पहल करने जा रहा है। इसके लिए उसने पूरी तैयारी भी कर ली है। यह थैला दिखने में प्लास्टिक की तरह ही होगा, लेकिन जमीन पर पड़ा रहने पर यह 180 दिन यानी छह माह में खाद में बदल जाएगा।

यह पूरी तरह सल्फर और गंध मुक्त होगा। अभी तक होता यह है कि रोक के बावजूद यात्रा पर पहुंचने वाले श्रद्धालु पॉलिथीन का उपयोग धड़ल्ले से करते हैं। इस पर रोक के लिए यह पहल की जा रही है। ट्रस्ट के उपाध्यक्ष सरदार नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा के मुताबिक यात्रियों से पॉलिथीन का कोई भी सामान यात्रा मार्ग पर उपयोग न करने की विशेष अपील की गई है। ट्रस्ट का मानना है कि उसकी पहल से श्रद्धालु यहां की सकारात्मक छवि लेकर अपने यहां लौटेंगे। पिछले वर्ष श्री हेमकुंड साहिब के लिए करीब ढाई लाख श्रद्धालु दर्शन को पहुंचे थे।

पहला जत्था 30 मई को होगा रवाना
चारधाम यात्रा की तरह श्रीहेमकुंड यात्रा को भी संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति की संचालित करती है। इस वर्ष काफी बर्फवारी होने के चलते एक जून से श्री हेमकुंड साहिब के कपाट खुलेंगे। इसके लिए पहला जत्था 30 मई को रवाना होगा। रोटेशन के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी बृज भानु प्रकाश गिरी ने बताया कि इस वर्ष एक जून से हर रोज गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट को चार बसें प्रदान की जाएंगी। डिमांड बढ़ने पर यह संख्या बढ़ाई भी जा सकती है।

इन देेशों से पहुंचेंगे श्रद्धालु
श्री हेमकुंड साहिब के दर्शन के लिए भारत के सभी प्रांतों के श्रद्धालुओं के अलावा अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, मलेशिया, कनाडा, बैंककॉक, न्यूजीलैंड, इटली, बेल्जियम, पाकिस्तान सहित कई देशों के श्रद्धालु दर्शन को हर वर्ष पहुंचते हैं।

अक्षय तृतीया पर भगवान भरत की परिक्रमा कर मांगा आशीर्वाद

अक्षय तृतीया के मौके पर मंगलवार को तीर्थ नगरी के पौराणिक श्री भरत मंदिर में ऋषिकेश नारायण भरत भगवान के दर्शनों को श्रद्धालुओं की भीड़ छाई रही।

श्रद्धालुओं ने श्रीभरत भगवान के मंदिर में दर्शन और 108 परिक्रमा की। श्रद्धालु भगवान भरत के जयकारे भी लगाते दिखाई दिए। उन्होंने परिक्रमा के बाद भगवान भरत के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। साथ ही मनोकामना भी मांगी। कई श्रद्धालुओं ने मनोकामना पूरी होने पर मंदिर में माथा टेककर परिक्रमा की। इस अवसर पर श्रद्धालुओं के लिए मीठा शर्बत की भी व्यवस्था स्थानीय लोगों की ओर से हुई थी। दूसरी ओर अक्षय तृतीया के अवसर पर नगर के ज्वैलर्स की दुकानों में भीड़ छाई रही। लोग सोने व चांदी के बर्तन, सिक्के आदि सामानों की खरीदारी करते दिखाई दिए

ऐसी मान्यता है कि पौराणिक भगवान भरत जी के मंदिर की 108 परिक्रमा करने से भगवान बदरीनाथ के दर्शनों का जितना पुण्य प्राप्त होता है। खास बात यह है कि भरत भगवान की मूर्ति भी उसी शालीग्राम पत्थर से बनी है, जिससे बद्रीनाथ भगवान की मूर्ति बनाई गई है। इसके अलावा अक्षय तृतीया के दिन ही भरत भगवान के चरणों के दर्शन करने का सौभाग्य श्रद्धालुओं को प्राप्त होता है। अक्षय तृतीया के दिन से ही चार धाम यात्रा का विधिवत शुभारंभ हो जाता है। आज के दिन ही यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट भी खोले जाते हैं। इस मौके पर सोना खरीदना भी लाभकारी बताया गया है।

पॉलिथीन जब्तीकरण के दौरान प्रशासन के साथ हुई नोंकझोंक, आठ कुंतल जब्त

इन दिनों ऋषिकेश में नगर निगम की ओर से पॉलिथीन हटाओं अभियान चल रहा है। बुधवार को भी टीम पॉलिथीन के खिलाफ छापेमारी अभियान चला रही थी। टीम बीटीसी रोड पर दिल्ली ट्रेडर्स नामक दुकान पर पहुंची। टीम ने यहां से प्रथम चरण में 03 कुंतल पॉलिथीन जब्त कर ली। इसके बाद व्यापारियों ने टीम को घेर लिया और आगे कार्रवाई न करने को कहा। इसके बाद व्यापारी मुख्य नगर आयुक्त चतर सिंह चौहान, उप जिलाधिकारी प्रेमलाल से भी उलझते रहे। पुलिस बल की मौजूदगी में करीब आठ कुंतल पॉलिथीन जब्त हुई।

दुकान संचालक दीपक गुप्ता व आसपास के व्यापारी ललित मोहन मिश्र, मनोज कालड़ा आदि निगम की कार्रवाई का विरोध करने लगे। सूचना पाकर मुख्य नगर आयुक्त चतर सिंह चौहान और उप जिलाधिकारी प्रेमलाल भी मौके पर पहुंचे। दोनों अफसरों ने दुकान में प्रवेश कर निरीक्षण की कोशिश की तो व्यापारियों ने उन्हें अंदर घुसने नहीं दिया।

इस दौरान व्यापारियों और मुख्य नगर आयुक्त (एमएनए) के बीच काफी देर तक नोकझोंक की स्थिति बनी रही। एमएनए दुकान और गोदाम का निरीक्षण कर पॉलिथीन जब्त करने का तर्क दे रहे थे, तो दूसरी ओर व्यापारी 03 कुंतल पॉलिथीन जब्त कर कार्रवाई को रफादफा करने की जिद पर अड़े रहे। आखिरकार व्यापारियों का अड़ियल रुख नाकाम रहा और दो चक्रों में हुई कार्रवाई के दौरान कुल आठ कुंतल पॉलिथीन जब्त की गई।

चारधाम यात्राः सहायता केंद्र शुरू, प्रत्येक विभाग के एक कर्मी रहेगा मौजूद

उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा में जाने के लिए अन्य राज्यों से तीर्थनगरी पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की दिक्कत न हो, इसके लिए एक मई से बीटीसी परिसर में हेल्प डेस्क शुरू होगी। इस डेस्क पर विभिन्न विभागों के कर्मचारी तैनात रहेंगे, जो अपने विभाग की शिकायतों का निस्तारण करेंगे। यह सहायता केंद्र सुबह छह से रात आठ बजे तक खुला रहेगा।

बस ट्रांजिट कंपाउंड स्थित पर्यटन विभाग के कार्यालय में उप जिलाधिकारी प्रेमलाल के नेतृत्व में बैठक आयोजित हुई। बैठक में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी डॉ. अनिता चमोला ने बाहरी राज्यों की बसों में यहां से सवारियां बैठाने पर रोक लगाने की बात कही। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बॉर्डर चौक पोस्ट पर वाहनों की चेकिंग कर यात्री सूची मांगी जाएगी। यदि ग्रीन कार्ड सही पाया गया तो चौकपोस्ट से परिवहन विभाग का होलोग्राम व मोहर लगाई जाएगी। यात्री सूची न दिखा पाने पर बाहरी राज्यों का ग्रीन कार्ड जब्त किया जाएगा। इसके अलावा बस को सीज कर पूरे यात्रा सीजन के लिए उसे ब्लैक लिस्ट किया जाएगा।

गढ़वाल आयुक्त वीबीआरसी पुरुषोत्तम ने पूर्व में हुई बैठक में सभी विभागों को यात्रियों की सुविधा के लिए एक कंट्रोल रूम बनाने को कहा था। इस मामले में सोमवार को हुई बैठक में यह तय हुआ कि एक मई से चारधाम यात्रा सीजनल सहायता केंद्र के नाम से हेल्प डेस्क शुरू होगी। इसमें प्रशासन सहित परिवहन, पर्यटन, पुलिस, संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति, नगर निगम, रोडवेज का एक-एक कर्मचारी बैठेगा। इससे जिस यात्री को जिस विभाग से शिकायत होगी। उससे वह विभाग मौके पर ही सुनवाई करेगा। यह सहायता केंद्र सुबह छह से रात आठ बजे तक खुला रहेगा।

स्लोगन बोर्ड से तीर्थ यात्रियों को करेंगे जागरूक
बैठक में यह सवाल उठा कि बीटीसी परिसर पर कुछ ट्रेवल एजेंसियों के एजेंट अनधिकृत रूप से घूमते हैं, जो यात्रियों को डायवर्ट करने का काम करते हैं। इसके लिए उप जिलाधिकारी प्रेमलाल ने कहा कि बीटीसी परिसर पर जगह-जगह अनधिकृत ट्रेवल एजेंटो से सावधान, कृप्या बस की बुकिंग रोटेशन के काउंटर से ही कराए आदि स्लोगन लिखे बोर्ड लगाए जाएंगे।
ड्राइविंग के इन बातों का ध्यान रखना होगा

एआरटीओ डॉ. अनिता चमोला ने कहा कि यात्रा शुरू होने में हफ्ते भर का समय शेष रह गया है। ऐसे में बस चालकों के लिए परिवहन विभाग ने कुछ जरूरी दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। कोई भी बस चालक चप्पल पहनकर गाड़ी नहीं चलाएगा। चालक आठ घंटे से ज्यादा ड्राइविंग नहीं करेगा। बस में ओवर लोडिंग नहीं की जाएगी। इसके अलावा यात्रा को दस दिन के बजाये नौ दिन में पूरा करने के लिए ओवर स्पीड पर भी नियंत्रण करने को कहा गया है। यात्रा के दौरान बस चालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वह नशा न करें। साथ ही ड्राइविंग के दौरान मोबाइल इस्तेमाल पर भी प्रतिबंध रहेगा।

यात्रा के दौरान कोई भी समस्या यात्रियों को न हो पाएः गढ़वाल आयुक्त

गढ़वाल आयुक्त वीबीआरसी पुरूषोत्तम ने यात्रा की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक ली। उन्होंने गढ़वाल मंडल के सभी जिलाधिकारियों को यात्रा के दौरान किसी भी यात्री को समस्या न होने को कहा।

शनिवार को नगर निगम के सभागार मे आयोजित बैठक गढवाल आयुक्त वीबीआरसी पुरुषोत्तम, पुलिस आईजी गढ़वाल अजय रोतेला ने संयुक्त रूप से मंडल के सभी विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक की। आरटीओ विभाग यात्रा सीजन के दौरान चलने वाली गाड़ियों को पकड़े जाने के बाद उन्हें रखे जाने की समस्या से भी अवगत कराया। जिसके लिए यात्रा मार्गों पर स्थानीय पुलिस चौकियों को थानों से सहयोग किए जाने की बात कही गई।

आरटीओ विभाग ने पहले से पकड़ी गई गाड़ियों के निलामी का समाधान किये जाने का मामला भी उठाया। जिसका समाधान एक महीने में किए जाने का निर्देश दिया गया। हेमकुंड गुरुद्वारे के प्रबंधक स. दर्शन सिंह ने गोविंदघाट से बनने वाली सड़क की समस्या को उठाया, जिस पर पीडब्ल्यूडी के अधिकारी ने बताया कि बजट के अभाव मे कुछ कार्य नहीं हो पाया था। जिस पर गढ़वाल आयुक्त ने तत्काल बजट स्वीकृत कर कार्य को किये जाने के लिए निर्देशित किया।

इस बार चार धाम यात्रा के अतिरिक्त दो धाम के लिए भी परिवहन निगम अतिरिक्त बसें संचालित करेगा। सिंगल रोड पर चलने वाली बसों को भी चिन्हित किया गया है। बैठक में यह भी कहा कि संयुक्त रोटेशन से चलने वाली बसों के साथ कुमाऊं मंडल की 25 बसों को भी अतिरिक्त रखा जाए। बैठक में बसों में पिछली बैठकों में स्वच्छता को लेकर दिए गए निर्देश कोई कार्रवाई ना होने पर भी नाराजगी जताते हुए कहा कि सभी बसों में कूड़ेदान की व्यवस्था की जाए। इसी के साथ पूरे यात्रा मार्ग पर हो रहे प्लास्टिक के उपयोग को पूरी तरह प्रतिबंधित किए जाने के निर्देश दिए गए।