मेले से संबंधित जितने भी पुल है, उनका निर्माण समय सीमा के अंदर होः सीएम

बुधवार को सचिवालय में कुम्भ मेले के आयोजन से सम्बन्धित उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि कुम्भ मेले के निर्माण कार्यों में और अधिक तेजी लाने के लिये डबल शिफ्ट में कार्य करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। कुम्भ मेले से सम्बन्धित जितने भी पुलों का निर्माण किया जाना है उनके निर्माण की समय सीमा निर्धारित कर उन्हें पूर्ण करने के प्रयास हों। उन्होंने कहा कि पुलों का समय पर निर्माण होने से सडकों के निर्माण में और अधिक सुविधा होगी।

मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिये कि यदि निजी संस्थायें स्वयं के व्यय पर स्नान घाटों का निर्माण करती है तो इसके लिये उन्हें डीपीआर एवं तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराया जाए। मेला क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने तथा स्वच्छता पर भी विशेष ध्यान देने पर भी उन्होंने बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुम्भ के आयोजन में ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए कि श्रद्धालु कुम्भ के सुखद अनुभव के साथ लौंटे। मुख्यमंत्री ने अखाड़ों के प्रमुख प्रतिनिधियों को सुरक्षा उपलब्ध कराने के भी निर्देश सम्बन्धित अधिकारी को दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी कुम्भ मेले की ऐसी व्यवस्थायें होनी चाहिए ताकि यह आयोजन भविष्य के आयोजनों के लिये भी मिसाल बन सके।

उन्होंने कुम्भ क्षेत्र के बिजली व गैस पाइप लाइन को अंडर ग्राउंड किये जाने में भी तेजी लाने को कहा। कुम्भ की व्यवस्थाओं के लिये जो भी जरूरत होगी वह उपलब्ध करायी जायेगी। सभी अधिकारी तालमेल से कार्य करें। मुख्यमंत्री ने हरिद्वार की देवभूमि के अनुरूप उसकी पहचान बनाये रखने पर भी ध्यान देने को कहा। उन्होंने निर्देश दिये कि असामाजिक गतिविधियों पर सख्ती बरती जाए। अतिक्रमण को हटाने की दिशा में भी उन्होंने प्रभावी कार्यवाही के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिद्वार महाकुम्भ 2021, दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक व आध्यात्मिक मेला होगा। वैश्विक स्तर के इस मेले में दुनिया भर के देशों से करोड़ों श्रद्धालु आएंगे। तद्नुसार हमें इसकी व्यापक व्यवस्थायें सुनिश्चित करनी होंगी।

नगर विकास मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि कुम्भ मेला की सफलता सभी के सामूहिक प्रयासों से जुड़ी है। इस कुम्भ में बेहतर व्यवस्थायें कर देश व दुनिया के श्रद्धालुओं को आवश्यक व्यवस्थायें करानी होंगी। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी अपनी जिम्मेदारी समझें। उन्होंने संत महात्माओं के सुझावों पर भी ध्यान देने को कहा। उन्होंने कुम्भ क्षेत्र के सीमांकन के साथ ही नये क्षेत्रों में आवश्यक अवस्थापना सुविधायें विकसित करने पर भी ध्यान देने को कहा।

बैठक में मेलाधिकारी दीपक रावत ने विस्तृत प्रस्तुतीकरण के माध्यम से मेलाक्षेत्र एवं मेले में की जाने वाली व्यवस्थाओं का व्यापक प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने बताया कि कुम्भ मेले के सम्बन्ध में विभागों से प्राप्त प्रस्तावों का परीक्षण कर वांछित धनराशि के वास्तविक आगणन का प्रस्ताव शासन को शीघ्र उपलब्ध कराया जायेगा।

आज आएगा अयोध्या भूमि विवाद पर फैसला

सुप्रीम कोर्ट आज अयोध्या भूमि विवाद मामले में बहुप्रतीक्षित फैसला सुनाएगा। मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) रंजन गोगोई की अगुवाई वाली पांच जजों की संविधान पीठ सुबह साढ़े 10 बजे इस मामले में फैसला सुनाएगी। सुप्रीम कोर्ट में इस मामले पर 40 दिन तक चली मैराथन सुनवाई के दौरान हिंदू और मुस्लिम पक्ष की दलीलें सुनने के बाद पीठ ने 16 अक्तूबर को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।

केशवानंद भारती मामले में रिकॉर्ड 68 दिन तक चली सुनवाई के बाद अयोध्या भूमि विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट के इतिहास में दूसरी सबसे लंबी सुनवाई हुई थी। वहीं, फैसले की संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे देश में सुरक्षा व्यवस्था और चाक चौबंद कर दी गई है। इस बीच, अयोध्या मामले पर फैसले के मद्देनजर यूपी सरकार ने सोमवार तक सभी स्कूल-कॉलेजों को बंद रखने के निर्देश दिए हैं।

यह-यह है इंतजाम
कर्नाटक में धारा 144 लागू, सुप्रीम कोर्ट के बाहर धारा 144 लागू, मोहन भागवत करेंगे देश को संबोधित, अयोध्या में अर्धसैनिक बलों की तैनाती, हवाई सर्विलांस, हाई अलर्ट पर पंजाब, नितिन गडकरी ने की शांति बनाए रखने की अपील, रामलला के पुजारी ने की शांति बनाए रखने की अपील, फैसले से पहले पांच जजों की मौजूदगी में एक घंटे तक बैठक

इन जजों के फैसले पर है देश की नजर
अयोध्या विवाद में मामले की सुनवाई करने वाली संवैधानिक बेंच में सीजेआई रंजन गोगोई के अलावा जस्टिस शरद अरविंद बोबडे, जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस एस अब्दुल नजीर शामिल हैं। इन्हीं जजों की पीठ शनिवार को फैसला सुनाएगी।

पीएम के आध्यात्मिक गुरू के आश्रम पहुंची जशोदाबेन, किए समाधि के दर्शन

तीर्थनगरी पहुंचकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पत्नी जशोदाबेन ने पति के आध्यात्मिक गुरु रहे ब्रह्मलीन स्वामी दयानंद की समाधि स्थल पर पहुंची। यहां उन्होंने माथा टेका और पूजा अर्चना की। इसके बाद उन्होंने पीपल की परिक्रमा कर रक्षा सूत्र बांधा। यहां के बाद आश्रम के उपाध्यक्ष साक्षातकृतानंद सरस्वती, आश्रम प्रबंधक गुणानंद रयाल, शकुंतला रयाल ने उन्हें शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया।

इस दौरान राम चौबे, जय कुमार तिवारी सहित स्थानीय लोगों ने उनके मुलाकात कर उन्हें गंगाजल का कलश तथा शिवत्व का प्रतीक रुद्राक्ष की माला भेंट की। इसके बाद वह वह वापस हरिद्वार लौट गईं।

बलूनी के स्वास्थ्य लाभ कामना को गंगा आरती की

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया समन्यवक और उत्तराखंड से राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी के बेहतर स्वास्थ्य लाभ की कामना के लिए भाजपा कार्यकर्ताओं और उनके समर्थकों ने त्रिवणी घाट में गंगा आरती की। गौरतलब है कि सोशल मीडिया में अनिल बलूनी के द्वारा स्वयं को बीमार बताये जाने और इलाज होने की जानकारी साझा की गई थी। तब से लगातार से उनकी स्वास्थ्य लाभ कामना के लिए जगह-जगह ईश्वर से उनकी स्वस्थ जीवन को लेकर प्रार्थनाओं का दौर शुरु हो गया है।
त्रिवेणी घाट में गंगा की विशेष आरती और पूजा कर भाजपा कार्यकर्ताओं और उनके शुभचिंतकों ने गंगा मां से उनके दीर्घायु होने की कामना की। इस अवसर पर उन्होंनेे कहा कि राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी जल्द स्वस्थ होकर उत्तराखंड प्रदेश और राष्ट्र की सेवा में उपस्थित होंगे। भाजपा युवा मोर्चा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य विपिन कैंथोला, राज्यमंत्री भगतराम कोठारी और पूर्व राज्यमंत्री संदीप गुप्ता ने कहा कि बलूनी ने अपना जीवन संगठन और समाज को समर्पित किया है। ऐसे में संगठन के साथ ही समाजिक लोगों में उनके सवास्थ्य को लेकर चिंता है। हम सभी उनके स्वास्थ्स लाभ की माना को लेकर गंगा से प्रार्थना करते है कि वे शीघ्र स्वस्थ हो। इस अवसर पर कपिल गुप्ता, गौरव कैंथोला, पंकज शर्मा, पवन शर्मा, रोमा सहगल पार्षद सुंदरी कंडवाल, लव काम्बोज, विजय बडोनी, जयेश राणा, हैप्पी सेमवाल, गुरूपाल बत्रा, त्रिवेंद्र नेगी, अनुराग पयाल, खुमेंद्र, अमन कुकरेती आदि उपस्थित रहे।

व्यय वित्त समिति के तीन प्रस्तावों पर मुख्य सचिव ने दी स्वीकृति

मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार को बैठक आयोजित की गई। बैठक में व्यय वित्त समिति के तीन प्रस्तावों पर स्वीकृति प्रदान की गयी।
महाकुम्भ मेला 2021 के दृष्टिगत दीन दयाल पार्किंग से चण्डी देवी पुल तक गंगा नदी के दांये किनारे पर आस्था पथ के निर्माण की प्रस्तुत 2070.60 लाख रूपये की लागत की परियोजना को स्वीकृति प्रदान की गयी।

शहरी विकास विभाग द्वारा प्रस्तुत एक अन्य कुम्भ मेला 2021 के अन्तर्गत वीरभद्र बैराज, ऋषिकेश से चण्डी घाट हरिद्वार तक 23.70 कि.मी. लम्बे मार्ग की सड़कों की मरम्मत व जीर्णोद्धार एवं सुदृढ़ीकरण कार्य की 1329.29 लाख लागत की परियोजना को स्वीकृति प्रदान की गयी।

शहरी विकास विभाग द्वारा प्रस्तुत एक अन्य महाकुम्भ मेला 2021 के अन्तर्गत जनपद देहरादून के विकास खण्ड डोईवाला के अन्तर्गत ऋषिकेश में आस्था पथ का पुनरोद्धार, बाढ़ सुरक्षा के कार्य सम्बन्धित 1157.65 लाख की लागत की परियोजना को स्वीकृति प्रदान की गयी। उक्त तीनों प्रस्तावों की संस्तुति राज्य योजना आयोग द्वारा भी की गयी है।

कुभ क्षेत्र को केबल लैस बनाने के लिए बिजली व गैस पाइप लाइन के निर्माण में तेजी लाएंः त्रिवेन्द्र

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शनिवार को मेला नियन्त्रण भवन हरिद्वार में कुम्भ मेला 2021 की आयोजन व्यवस्थाओं की शासन के उच्चाधिकारियों एवं सभी अखाड़ो के प्रतिनिधियों के साथ व्यापक समीक्षा की। इस अवसर पर नगर विकास मंत्री मदन कौशिक, मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, सचिव नगर विकास शैलेश बगोली, गढ़वाल आयुक्त रविनाथ रमन, मेलाधिकारी दीपक रावत, आईजी मेला संजय गुंज्याल, अखाड़ा परिषद् के अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरि, महामंत्री मंहत हरिगिरी सहित सभी अखाड़ो के प्रतिनिधि तथा सभी सम्बन्धित अधिकारी मौजूद थे। इस अवसर मुख्यमंत्री ने संत महात्माओं को सम्मानित भी किया।

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि आगामी कुम्भ मेला दिव्य एवं भव्यता के साथ आयोजित हो, इसके लिये समेकित प्रयासों पर ध्यान दिया जाय, सभी विभागों को अपनी जिम्मेदारी भी समझनी होगी। आगामी कुम्भ मेले में लगभग 12 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की सम्भावना के दृष्टिगत व्यवस्थाये सुनिश्चित की जाय। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी कुम्भ मेले की ऐसी व्यवस्थायें होनी चाहिए ताकि यह आयोजन भविष्य के आयोजनों के लिये मिसाल बने। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुम्भ मेले में बेहतर स्वास्थ्य सुविधायें उपलब्ध कराने के साथ ही नेत्र चिकित्सा के लिए नेत्र कुम्भ भी आयोजित किया जाय। उन्होंने कुम्भ क्षेत्र को केबल लैस बनाने के लिये बिजली व गैस पाइप लाइन को अण्डर ग्राउंड किये जाने में भी तेजी लाने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिद्वार को जोड़ने वाली सभी सड़को एवं पुलों के निर्माण मंे तेजी लाई जाय। इसके लिये दो या तीन शिफ्ट में कार्य करने की प्रक्रिया अपनायी जाय।

मुख्यमंत्री ने कहा है कि स्थाई प्रकृति के काम अक्टूबर 2020 तक पूरे कर लिए जाएं। समयबद्धता और गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। इस वैश्विक मेले में बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालु, राज्य के दूसरे पर्यटन स्थलों में भी जा सकते हैं। तमाम तरह की सुविधाएं विकसित करने मे आधुनिकतम तकनीक का प्रयोग करने पर भी उन्होंने बल दिया।

नगर विकास मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि कुम्भ मेला की सफलता सभी के सामुहिक प्रयासों से जुड़ी है। इस कुम्भ में बेहतर व्यवस्थायें कर देश व दुनिया के श्रद्वालुओं को आवश्यक व्यवस्थायें करानी होगी। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी अपनी जिम्मेदारी समझे। उन्होंने संत महात्माओं के सुझावों पर भी ध्यान देने को कहा। अखाड़ा परिषद् के अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरि तथा महामंत्री महंत हरिगिरि ने कुम्भ क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने, आन्तरिक सड़को के निर्माण साफ सफाई पेयजल पेशवाई मार्गो के निर्माण मेला क्षेत्र की भूमि को अतिक्रमण से मुक्त करने अखाड़ो को भूमि उपलब्ध कराने, अखाड़ो के निर्माण के लिये आवश्यक धनराशि की उपलब्धता की बात कही। उन्होंने मेले के सफल आयोजन के लिये पूरा सहयोग का भी आश्वासन दिया।

महाकुंभ में भीड़ प्रबंधन की जो प्लानिंग हो, उसे कई बार परखा जाए

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने वर्ष 2021 में हरिद्वार में होने वाले महाकुम्भ की तैयारियों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि महाकुम्भ की व्यवस्थाएं, इसकी दिव्यता और भव्यता के अनुरूप हों। महाकुम्भ में देश-विदेश से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए हर आवश्यक सुविधा जुटाई जाए। सुरक्षा में किसी तरह की चूक की गुंजाईश नहीं रहनी चाहिए। इसके लिए भीड़ प्रबंधन की जो भी प्लानिंग की जाए, उसे बार-बार परख भी लिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे स्वयं महाकुम्भ की तैयारियों पर नजर रख रहे हैं। समय-समय पर तैयारियों के स्थलीय निरीक्षण के साथ इसकी समीक्षा भी करते रहेंगे।

हरिद्वार महाकुम्भ 2021, दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक व आध्यात्मिक मेला होगा। वैश्विक स्तर के इस मेले में दुनिया भर के देशों से करोड़ों श्रद्धालु आएंगे। इसमें किसी भी स्तर पर कोई लापरवाही क्षम्य नहीं हो सकती है। मुख्यमंत्री ने शासन स्तर पर भी महाकुम्भ की तैयारियों की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने, कुम्भ मेलाधिकारी को दैनिक तौर पर तैयारियों का स्थलीय निरीक्षण करने को कहा है। शासन स्तर से किसी भी तरह की आवश्यकता होने पर तत्काल अवगत कराया जाए। महाकुम्भ की तैयारियों में संत महात्माओं का मार्गदर्शन लेना सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा है कि स्थाई प्रकृति के काम अक्टूबर 2020 तक पूरे कर लिए जाएं। समयबद्धता और गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। इस वैश्विक मेले में बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालु, राज्य के दूसरे पर्यटन स्थलों में भी जा सकते हैं, इसलिए कुम्भ मेले के दौरान लोगों को प्रदेश के पर्यटन स्थलों की जानकारी देने के लिए पर्यटन सूचना केंद्र स्थापित किए जाएं। तमाम तरह की सुविधाएं विकसित करने मे आधुनिकतम तकनीक का प्रयोग किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षा व भीड़ प्रबंधन मे तैनात किए जाने वाले पुलिसकर्मियों का व्यवहार कुशल होना जरूरी है। सुरक्षा के लिए हर आवश्यक व्यवस्था समय से कर ली जाए। रेलवे व निकटवर्ती दूसरे राज्यों के अधिकारियों से समन्वय रखा जाए। स्नान घाटों सहित पूरे कुम्भ क्षेत्र में सफाई की पूरी व्यवस्था रहे। श्रद्धालुओं के लिए स्वास्थ्य, पेयजल, पार्किंग, आवास व शौचालय की सम्पूर्ण सुविधा रहनी चाहिए।

मुनिकीरेती पुलिस ने बिना वीजा और पासपोर्ट 18 साल से रह रहे विदेशी को पकड़ा

बिना पासपोर्ट और वीजा के पिछले 18 वर्षों से एक विदेशी नागरिक साधुवेश में तीर्थनगरी में डेरा डाले हुए है। कई साल से अवैध निवास कर रहे विदेशी नागरिक के बारे में पुलिस और एलआईयू को शुक्रवार को पता चल पाया। पुलिस सूचना मिलने के बाद मुनिकीरेती क्षेत्र स्थित नावघाट पहुंची। जब नागरिक से उसके वैध दस्तावेज मांगे गए तो उसने काफी देर तक एलआईयू टीम को प्रवचन के झांसे में उलझाए रखा। आखिरकार स्वीकार किया कि उसके पास कोई पासपोर्ट, वीजा या निवास का कोई वैध दस्तावेज नहीं है।
अवैध रूप से निवास कर रहा जर्मन नागरिक जर्गेन रुडोल्फ 1981 में भारत आया था। इस दौरान पिछले 38 साल से वह महाराष्ट्र सहित दक्षिण भारत के विभिन्न शहरों में रहा। पिछले 18 साल से वह ऋषिकेश क्षेत्र में स्थान बदल-बदल कर रह रहा है। फिलहाल उसका मौजूदा ठिकाना मुनिकीरेती स्थित नावघाट बना हुआ है। वह गंगा किनारे बने सीढ़ी पर टेंट डालकर रह रहा है। अवैध तरीके से रहने की सूचना मिलने के बाद करीब 12 बजे मुनिकीरेती पुलिस और एलआईयू की सब इंस्पेक्टर उमा चैहान अपनी टीम के साथ पूछताछ को पहुंचे। पूछताछ के दौरान जर्गेन रुडोल्फ ने पहले तो आनाकानी की। बाद में अपना मूल निवास भी बताने से इनकार कर दिया।
बाद में उसने कुछ दस्तावेज दिखाए जिसके मुताबिक वह जर्मन नागरिक है, और 1981 में भारत आ गया था। तब से वह गेरुआ वस्त्र पहने पिछले 18 सालों से तीर्थनगरी में अलग-अलग स्थानों पर रह रहा है। एलआईयू एसआई उमा चैहान के मुताबिक अवैध निवास कर रहे जर्मन नागरिक की सूचना संबंधित एंबेसी को दी जाएगी। फिलहाल अभी मामले की पड़ताल की जा रही है। वहीं थाना अध्यक्ष मुनिकीरेती आरके सकलानी का कहना है कि विदेशी नागरिक के अवैध प्रवास संबंधी मामले की गहन छानबीन हो रही है। दस्तावेजों की पड़ताल के बाद कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, विदेशी जर्गन रुडोल्फ का कहना है कि उसके पास वीजा, पासपोर्ट सहित सभी वैध दस्तावेज थे। कई साल पहले कुछ बदमाशों ने रुपयों के लालच में सारे दस्तावेज फाड़कर फेंक दिए। उनके पास पैसे भी नहीं हैं। जर्मन एंबेसी में एक बार मदद की गुहार लगाई थी। इसके बावजूद एंबेसी के लोग सहयोग नहीं कर रहे हैं। रुडोल्फ का कहना है कि अब उसने भारतीय संस्कृति को आत्मसात कर लिया है। उसका नया नाम आशाराम गिरि है। पूरा विश्व मेरा कुटुंब है। परिवार में कोई नहीं है। मां गंगा ही मेरी सबसे बड़ी शुभचिंतक है।

कैबिनेट में प्रस्ताव लाकर, हरिद्वार, यूएसनगर और देहरादून में बांग्लादेशियों की पहचान करवाएंगे सीएम

राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) को उत्तराखंड में लागू करने के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने संकेत दिए है। सीएम ने हरिद्वार, यूएसनगर और देहरादून को इस मामले में ज्यादा संवेदनशील माना है। उन्होंने कहा कि चूंकि उत्तराखंड सीमांत प्रदेश है, इसकी सीमा पर शुरू से ही घुसपैठ का अंदेशा रहा है। इसके अलावा मैदानी जिलों में गैर उत्तराखंडी आबादी का फैलाव हुआ है।

यह सवाल तब और भी अधिक ध्वनित हुआ जब हरिद्वार जिले के पिरान कलियर में नासिर नामक संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ा गया। इस व्यक्ति ने पुलिस को बताया कि वो बांग्लादेश के ढाका का नागरिक है। इस खुलासे के बाद से हरिद्वार में रोहिंग्या मुसलमानों और बांग्लादेशियों की घुसपैठ एक बड़ी पहेली है। जिसे हल करने के लिए भाजपा विधायक संजय गुप्ता मुख्यमंत्री से लेकर जिलाधिकारी तक से बार-बार मांग उठा चुके हैं।

करोड़ो की संख्या में श्रद्धालु कुंभ में पहुंचे, इसके लिए करेंगे प्रचार प्रसार

2021 के हरिद्वार महाकुम्भ को सकुशल सम्पन्न कराने के लिए मुख्यमंत्री आवास स्थित कैम्प कार्यालय में मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत व शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरी महाराज एवं महासचिव हरि गिरी महाराज के साथ बैठक की।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि 2021 में हरिद्वार में भव्य महाकुंभ का आयोजन किया जायेगा। उन्होंने कहा कि 11 अक्टूबर 2019 को हरिद्वार में अखाड़ा परिषदों के साथ सकुशल कुंभ कराने के लिए बैठक की जायेगी। आखाड़ा परिषद के सभी संतों के सुझावों को सरकार गम्भीरता से लेगी। भव्य एवं सुन्दर कुंभ कराने के लिए सरकार कृत संकल्प है। करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु हरिद्वार कुंभ में आयें, इसके लिए व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जायेगा और इसके साथ ही उनकी सुख-सुविधा का पूरा ध्यान भी रखा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुम्भ मेले की तैयरियों में संत समाज के साथ निरंतर संवाद बनाए रखा जाएगा। कुंभ मेला प्रारम्भ होने से पूर्व हरिद्वार में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूर्ण कर ली जायेंगी। संत समाज का हमें निरंतर सहयोग मिलता रहा है। संत समाज के सुझावों को ध्यान में रखते हुए महाकुम्भ के लिए सुनियोजित कार्ययोजना बनाई जायेगी।

शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि आगामी महाकुंभ एक बड़ी चुनौती है। सकुशल कुंभ कराने के लिए विस्तृत कार्य योजनाएं बनाई जा रही है। संत समाज के आशीर्वाद से सकुशल कुंभ का आयोजन किया जायेगा। उन्होंने कहा कि कुंभ में स्वच्छता का विशेष ध्यान दिया जायेगा।

अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरी महराज ने कहा कि महाकुभ में सुरक्षा व्यवस्था में अखाड़ा परिषदों द्वारा पूरा सहयोग दिया जायेगा। उन्होंने सुझाव दिया कि कुंभ मेले में होने वाले स्थाई प्रकृति के कार्यों की शुरूआत जल्द ही शुरू हो जाये। अखाड़ा परिषदों के लिए स्थान समय पर चिन्हित कर लिये जाए। उन्होंने अखाड़ों के लिए स्थाई प्रकृति के कार्य करने पर भी बल दिया। महाकुंभ में अखाड़ों के रहने का कलेण्डर बने व उसका व्यापक प्रचार-प्रसार भी हो। मेले के लिए पार्किंग स्थल, सड़कों के चौड़ीकरण, पुलों के निर्माण, एवं सुचारू आवागमन हेतु अभी से ही सुनियोजित कार्ययोजना बन जाए। सुझाव दिया कि कुंभ मेले के लिए गंगा की स्वच्छता के साथ ही हरिद्वार की सफाई व्यवस्था का भी विशेष ध्यान रखा जाए।