सीता माता मंदिर निर्माण को बनेगा राज्य स्तरीय ट्रस्ट, सीएम होंगे अध्यक्ष

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मंगलवार को सचिवालय में सीतोंस्यू में सीता माता मंदिर बनाये जाने के सबंध में बैठक ली। सीता माता के मन्दिर निर्माण के लिए एक राज्य स्तरीय ट्रस्ट बनाया जायेगा, जिसके अध्यक्ष मुख्यमंत्री होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मंदिर धार्मिक संस्थाओं एवं जन सहयोग से बनाया जाएगा। इस मन्दिर के लिए सीता माता से जुड़े सभी स्थानों की शिला, मिट्टी एवं जल लाया जायेगा साथ ही उत्तराखण्ड के सभी 13 जनपदों से कुछ लोगों की कमेटी बनाकर उत्तराखण्ड के मंदिरों की शिला एवं मिट्टी सीता माता मंदिर के लिए लाई जाएगी।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि सीता माता मंदिर के समीप जटायु का मंदिर बनाया जायेगा। यह मंदिर ऐसे स्थान पर बनाया जायेगा, जहां से सीता माता मंदिर के दर्शन भी हों। सीतोंस्यू में जिस स्थान पर सीता माता ने समाधि ली थी, उस स्थान पर प्राचीन स्वरूप को वैसा ही रखा जायेगा। उन्होंने कहा कि देवप्रयाग से सीतासैंण तक श्रद्धालुओं के लिए आवागमन हेतु उचित व्यवस्थाएं की जाएंगी।

मुनिकीरेती नगर पालिका 100 फीट ऊंचे झंडे को फहराने जा रही

युवाओं में देश प्रेम की अलख जगाने के लिए नगर पालिका परिषद मुनिकीरेती-ढालवाला के सुमन पार्क में 100 फीट ऊंचा राष्ट्रीय ध्वज ‘तिरंगा’ लगाने जा रही है। इस स्थान को पर्यटन स्थल का रूप देने के लिए सेल्फी प्वाइंट विकसित किया जाएगा। यहां राष्ट्रीय पशु, पुष्प, पक्षी, खेल तथा करेंसी की विशालकाय मूर्तियां स्थापित की जाएंगी। अपनी तरह का यह अनूठा पर्यटन स्थल न सिर्फ राष्ट्र प्रेम बल्कि बच्चों में देश से जुड़ी अहम जानकारियों से रूबरू कराएगा।

पालिका की ओर से इसके लिए तैयारियां जोरों पर हैं। नगर पालिका परिषद मुनिकीरेती-ढालवाला के अध्यक्ष रोशन रतूड़ी ने बताया कि यह सेल्फी प्वाइंट फरवरी तक तैयार हो जाएगा। बताया कि इस सेल्फी प्वाइंट का आइडिया दिल्ली के कनाट प्लेस से मिला। वहां 100 फीट ऊचे तिरंगे को देख सभी लोग अभिवादन कर रहे थे। इस दृश्य से लोगों के अंदर स्वतरू ही राष्ट्रप्रेम व्यक्त हो रहा था। बताया कि इसी को देखते हुए एक प्रस्ताव तैयार कर नगर पालिका बोर्ड की बैठक में रखा गया। प्रस्ताव पर सभी सदस्यों ने अपनी सहमति दी। पालिकाध्यक्ष के मुताबिक तिरंगा की छांव में विकसित होने वाले सेल्फी प्वाइंट को विकसित करने में करीब 14 लाख रुपये खर्च होंगे।

ये होगी सेल्फी प्वाइंट की खासियत
ढालवाला के सुमन विहार में लगने वाला 100 फीट ऊंचा झंडा राजस्थान में तैयार किया जा रहा है। इसे पैराशूट के कपड़े से तैयार किया जा रहा है। यह कपड़ा तुलनात्मक रूप से काफी हल्का, मजबूत और पक्के रंग का होता है। इस कारण यह ऊंचाई पर लहराता रहता है। झंडे को प्रत्येक छह माह में बदला जाएगा। इस ध्वज की लंबाई 30 मीटर तथा चौड़ाई 20 मीटर होगी। इस ध्वज को रात्रिकाल में आकर्षक बनाने के लिए चार बड़ी वॉर्म लाइटें लगाई जाएंगी, जो 400 वॉट की होंगी।

लखनऊ में बनाई जा रहीं मूर्तियां
झंडे के चारों तरफ राष्ट्रीय प्रतीकों को जगह दी जाएगी। इसके तहत राष्ट्रीय पहचान मोर, टाइगर, कमल, हॉकी, करेंसी की प्रतिमा लखनऊ में बनाई जा रही हैं। पालिकाध्यक्ष ने बताया कि इन राष्ट्रीय प्रतीकों को झंडे के चारों ओर लगाया जाएगा।

मानव बम से मिली दुर्गा मंदिर को उड़ाने की धमकी, डीआईजी ने कहा जो भी होगा कार्रवाई होगी

ऋषिकेश कोतवाली क्षेत्रांतर्गत श्री दुर्गा मंदिर को मानव बम से उड़ा देने की धमकी मिली है। इस मामले में पर्वतीय सांस्कृतिक एवं जन कल्याण समिति के नेतृत्व में मंदिर के पुजारी और श्रद्धालुओं ने एसडीएम से मिलने के बाद अज्ञात के खिलाफ तहरीर दी है।

इस पर डीआईजी अरुण मोहन जोशी ने शरारत करने वाले लोगों को चिह्नित कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। जानकारी के अनुसार, बृहस्पतिवार की सुबह श्री दुर्गा मंदिर के पुजारी भूपेंद्र बडोनी रोजाना की तरह मंदिर के कपाट खोलने पहुंचे।

कपाट खोलकर देखा तो वहां एक पत्र पड़ा हुआ मिला। पुजारी ने पत्र उठाकर देखा तो उसमें दुर्गा मंदिर को मानव बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। तीन लाइन के पत्र के बीच आईएसआईएस लिखा हुआ है।

पुजारी ने तत्काल सूचना मंदिर समिति के अन्य पदाधिकारियों और पार्षद विपिन पंत को दी। सूचना पाकर सभी मंदिर पहुंचे और पत्र पढ़ा। इसके बाद सभी उप जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और एसडीएम प्रेमलाल को मामले में संज्ञान लेकर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की।

पार्षद विपिन पंत ने कहा कि इस तरह से धमकी देने का मामला पूर्व में कभी नहीं हुआ है। डीआईजी अरूण मोहन जोशी ने कहा कि पत्र डालने के पीछे किसकी शरारत है। पुलिस को ऐसे तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने को कहा गया है। इस घटना में जो भी संदिग्ध व्यक्ति मिलेंगे, उनका हस्तलेख मिलान किया जायेगा।

लोकतंत्र के प्रति देशवासियों का बढ़ा विश्वासः ओम बिरला

लोक सभा अध्यक्ष ओम बिड़ला, मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत एवं विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचन्द अग्रवाल ने बुधवार को भारत के विधायी निकायों के पीठासीन अधिकारियों एवं सचिवों के 79वें वार्षिक सम्मेलन का दीप प्रज्ज्वलन कर शुभारम्भ किया। भारत के विधायी निकायों के पीठासीन अधिकारियों एवं सचिवों का उत्तराखण्ड में पहला सम्मेलन है।

लोक सभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। यहां पूरी पारदर्शिता के साथ चुनाव होते हैं। लोकतंत्र के प्रति देशवासियों का विश्वास बढ़ा है, इसके परिणामस्वरूप 17वें लोक सभा चुनाव में 67.40 प्रतिशत मतदान हुआ। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि संसदीय सत्र में सभी सदस्यगणों को अपना पक्ष रखने का पूरा मौका मिले। 17वीं लोक सभा के गठन के बाद पहला सत्र 37 दिन तक चला।, इसमें 35 विधेयक पारित हुए। इस दौरान एक दिन भी संसद की कार्यवाही स्थगित नहीं हुई। प्रश्नकाल एवं शून्यकाल में सदस्यों के अधिकतम प्रश्नों को रखने का मौका दिया। पहली बार निर्वाचित होने वाले सदस्यों को सदन में अधिक से अधिक बोलने के लिए आग्रह किया। पहले सत्र में संसद की 125 प्रतिशत प्रोडक्टिविटी रही। दूसरे सत्र में भी सदस्यों को चर्चा करने के लिए पर्याप्त अवसर दिया गया, इस सत्र में भी 115 प्रतिशत प्रोडक्टिविटी रही।

लोक सभा अध्यक्ष ने कहा कि 2021 में इस सम्मेलन को 100 साल पूरे होंगे, जबकि 2022 में भारत अपनी आजादी की 75वीं वर्षगांठ मनायेगा। हमारा प्रयास है कि लोकतंत्र के इन मंदिरों में सभी की जनता के प्रति जवाबदेही हो। विधानसभा सदन अधिक से अधिक चले इसके लिए भी इस सम्मेलन में चर्चा होगी। हमारा प्रयास होगा कि जो भी लक्ष्य निर्धारित करें, वह अवश्य पूर्ण हो।

सदन का अध्यक्ष एक अभिभावक की तरहः सीएम
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने इस सम्मेलन में प्रतिभाग कर रहे सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह पहला मौका है जब उत्तराखंड को इस तरह के आयोजन की मेजबानी मिली है। यह हमारे लिए गर्व की बात है। एक स्वस्थ और मजबूत लोकतंत्र में आप जैसे लोगों की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका होती है। सदन का अध्यक्ष एक अभिभावक की तरह होता है। सदन में सबको अधिकतम अवसर देना, सबकी सुनने का दायित्व होता है, इसके लिए विशेष कौशल की जरूरत होती है, जिसका सभी बड़ी कुशलता से निर्वहन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में जिस तरह लोक सभा में कार्य हो रहा है, वह एक ऐतिहासिक कार्य हो रहा है। लोकसभा अध्यक्ष श्री बिड़ला जी ने कुशलता से सदन को संचालित किया है। उत्तराखण्ड में भी विधानसभा अध्यक्ष जी ने विधानसभा में सदस्यों को अधिकतम प्रश्न उठाने का मौका दिया है।

उत्तराखंड धर्म एवं आध्यात्म का केंद्रः प्रेमचंद
विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचन्द अग्रवाल ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड में भारत के विधायी निकायों के पीठासीन अधिकारियों एवं सचिवों को सम्मेलन पहली बार आयोजित किया जा रहा है। इस सम्मेलन में संविधान की दसवीं अनुसूची, शून्य काल सहित सभा के अन्य साधनों के माध्यम से संसदीय लोकतंत्र का सुदृढ़ीकरण, क्षमता तथा निर्माण आदि विषयों पर चर्चा होगी। इस अवसर पर उन्होंने उत्तराखण्ड के धार्मिक, आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन में जो भी मंथन होगा, उसके भविष्य में बहुत अच्छे परिणाम मिलेंगे। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड विधानसभा को प्लास्टिक मुक्त किया गया है। उत्तराखण्ड गंगा, यमुना का उद्गम स्थल है, इसके साथ ही उत्तराखण्ड के चारों धामों सहित ऋषिकेश एवं हरिद्वार का पौराणिक काल से धार्मिक महत्व है। उत्तराखण्ड धर्म एवं आध्यात्म का केन्द्र रहा है। उत्तराखण्ड में नंदा देवी राजजात यात्रा का ऐतिहासिक महत्व है।

हाईकोर्ट के निर्देश पर प्रशासन की टीम ने किया परमार्थ निकेतन का निरीक्षण, हुआ चौकाने वाला खुलासा

51 वर्षों से बिना लीज अनुबंध के परमार्थ निकेतन चल रहा है। इसका खुलासा शनिवार को हुई पैमाइश के बाद हुआ है। हाईकोर्ट के आदेश पर जिलाधिकारी पौड़ी धीरज गर्ब्याल ने प्रशासन की एक टीम को पैमाइश करने के लिए परमार्थ निकेतन भेजा। इस दौरान राजस्व, सिंचाई और वन विभाग के अधिकारियों ने परमार्थ निकेतन स्थित गंगा घाट की पैमाइश की। इस दौरान सामने 51 वर्ष पहले ही परमार्थ निकेतन की वन विभाग से हुई लीज डीड की अवधि समाप्ति वाली बात निकलकर आई।

हाईकोर्ट ने पौड़ी डीएम को सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे के मामले में 16 दिसंबर को रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने यह आदेश एक याचिका के बाद दिया है। याचिका में यह आरोप है कि परमार्थ निकेतन ने सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण किया है। पैमाइश के दौरान खुलासा हुआ कि वन विभाग ने परमार्थ निकेतन को 2.3912 एकड़ भूमि लीज पर दी थी। लीज की अवधि वर्ष 1968 में ही समाप्त हो चुकी है। इस तथ्य की पुष्टि राजाजी टाइगर रिजर्व के निदेशक पीके पात्रो ने की है। उन्होंने बताया कि परमार्थ निकेतन का वन विभाग के साथ केवल 15 वर्षों का अनुबंध हुआ था, लेकिन लीज अनुबंध खत्म होने के बाद अफसरों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। पैमाइश करने वाली टीम में एसडीएम श्याम सिंह राणा, सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता सुबोध मैठाणी, रेंज अधिकारी धीर सिंह, पटवारी कपिल बमराड़ा शामिल थे।

परमार्थ निकेतन का भूमि संबंधी विवाद वीरपुर खुर्द में भी जोर पकड़ रहा है। दरअसल यहां परमार्थ की ओर से संचालित गुरुकुल भी वन विभाग की भूमि पर संचालित है। आरोप है कि निकेतन ने यहां 27 एकड़ भूमि पर अवैध कब्जा कर रखा है। इस संदर्भ में पशुपालन विभाग ने भी कोर्ट में काउंटर दाखिल कर स्पष्ट किया है कि उक्त भूमि वन विभाग की है। इस मामले में डीएफओ देहरादून राजीव धीमान का कहना है कि परमार्थ निकेतन की ओर से वीरपुर खुर्द में संचालित गुरुकुल का लीज अनुबंध 1978 में समाप्त हो चुका है। फिलहाल यहां हुए अवैध कब्जे को खाली करवाने के मामले में अफसर अभी चुप्पी साधे हुए हैं। परमार्थ निकेतन के प्रभाव को देखते हुए अफसरों में भी कार्रवाई को लेकर संशय बना हुआ है।

उधर, टाईगर रिजर्व के निदेशक पीके पात्रों ने अनुसार केवल 15 वर्षों के लिए परमार्थ को लीज पर भूमि दी गई थी। वर्ष 1968 में परमार्थ निकेतन के साथ वन विभाग का लीज अनुबंध समाप्त हो गया था। वर्ष 2003 तक परमार्थ निकेतन टाईगर रिजर्व को कर शुल्क जमा करता रहा। लीज के नवीनीकरण के लिए आश्रम की ओर से कई बार कहा गया। वर्ष 1980 में वन अधिनियम के तहत लीज पर देने का प्रावधान खत्म कर दिया गया है। इस कारण लीज के नवीनीकरण का मामला रुक गया।

प्रकृति संरक्षण में सहायक है नमामि गंगेः किंग कार्ल-16 गुस्ताफ

बृहस्पतिवार को स्वीडन के किंग कार्ल-16 गुस्ताफ, क्वीन सिल्विया, मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत, केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत व उत्तराखण्ड के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने हरिद्वार के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का उद्घाटन किया। बता दें कि सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट नमामि गंगे के अंतर्गत 14 एमएलडी क्षमता का है तथा इसकी लागत 41.40 करोड़ रूपए है।

किंग कार्ल 16 गुस्ताफ ने कहा कि उन्हें यहां आकर बहुत ही प्रसन्नता हो रही है। भारत एवं भारत के लोगों में बहुत सी सम्भावनाएं हैं। उन्होंने गंगा नदी के संरक्षण एवं संवर्द्धन के लिये किये जा रहे प्रयासों को सराहनीय बताते हुए नमामि गंगे प्रोजेक्ट की सफलता की कामना की। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भारत में प्रकृति और वन्यजीवन के संरक्षण के लिए किये जा रहे प्रयासों से प्रकृति के संरक्षण में सहायता मिलेगी।

गंगा की निर्मलता के लिए गम्भीरता से प्रयास किए जा रहे हैं
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने स्वीडन के किंग कार्ल 16 गुस्ताफ का उत्तराखण्ड आगमन पर स्वागत एवं अभिनन्दन करते हुए कहा कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा गंगा की निर्मलता एवं अविरलता के क्षेत्र में ठोस पहल हुई। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार जलीय जीवों के लिए गम्भीरता से प्रयास कर रही है, जिसके अच्छे परिणाम देखने को मिल रहे हैं।

रसायनों के प्रयोग को कम करने की आवश्यकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि इतने कम समय में गंगा की निर्मलता के लिए सराहनीय कार्य हुए हैं। खेतों में प्रयोग किए जाने वाले रसायन का गंगा के प्रदूषण में महत्वपूर्ण भाग है, जिसे रोकने की जरूरत है। गंगा की निर्मलता को बनाये रखने के लिए औद्योगिक कचरे के उपचार की नितान्त आवश्यकता है। साथ ही, कृषि में इस्तेमाल होने वाले रसायनों के प्रयोग को अत्यधित न्यून करने की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री ने अपने आस-पास के नदी-नालों को स्वच्छ रखने में आमजन के सहयोग की अपील करते हुए कहा कि हमें सिंगल यूज प्लास्टिक के प्रयोग को बंद करके अपने प्रदेश के साथ ही देश को स्वच्छ बनाने में अपना सहयोग देना चाहिए।

उत्तराखण्ड में सीवेज ट्रीटमेंट प्लान के 34 प्रोजेक्ट्स में 23 प्रोजेक्ट्स पूर्ण
केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने स्वीडन के किंग कार्ल 16 गुस्ताफ एवं क्वीन सिल्वा का देवभूमि उत्तराखण्ड में स्वागत करते हुए कहा कि यह देवभूमि विश्व प्रसिद्ध पावन नदी गंगा का उद्गम स्थल भी है। उन्होंने कहा कि गंगा नदी भारत के 32 प्रतिशत भूभाग को सिंचित करती है और भारत की लगभग 42 प्रतिशत जनसंख्या को आजीविका का साधन उपलब्ध कराती है।

केन्द्रीय मंत्री शेखावत ने कहा कि गंगा नदी के संरक्षण के साथ ही स्वच्छ एवं अविरल बनाये रखने के लिए भारत सरकार द्वारा नमामि गंगे प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। इस अभियान के अच्छे परिणाम देखने को मिल रहे हैं। पृथ्वी की ईकोलॉजी एवं स्वस्थ नागरिक जीवन के लिए प्रोपर वेस्ट मैनेजमेंट की बहुत ही आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में सीवेज ट्रीटमेंट प्लान के 34 प्रोजेक्ट्स शुरू किए गए हैं, जिनमें से 23 प्रोजेक्ट्स पूर्ण हो चुके हैं।

इससे पूर्व स्वीडन के किंग कार्ल-16 गुस्ताफ, क्वीन सिल्विया का जौलीग्रान्ट एयरपोर्ट, देहरादून पहुंचने पर राज्य के प्रोटोकॉल मंत्री धनसिंह रावत ने स्वागत किया। यहां से किंग कार्ल-16 गुस्ताफ और क्वीन सिल्विया ऋषिकेश गए जहां उन्होंने प्रसिद्ध रामझूला पुल, गंगा माता मंदिर व स्नान घाट का भ्रमण किया एवं पूजा अर्चना भी की।

ऋषिकेश नगर निगम के एक वर्ष पर संकल्प से शिखर की ओर शीर्षक पुस्तक का सीएम ने किया विमोचन

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत सोमवार को श्रीभरत मन्दिर इण्टर कॉलेज, ऋषिकेश में नगर निगम ऋषिकेश के एक वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नगर निगम ऋषिकेश के अन्तर्गत लगभग 3 करोड़ 80 लाख रूपये की विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने खाण्ड गांव बाईपास रोड एवं कृष्णा नगर कालोनी को नगर निगम ऋषिकेश में शामिल किये जाने, भरत मन्दिर इण्टर कॉलेज को फर्नीचर के लिए 10 लाख रूपये प्रदान करने। ऋषिकेश में लोक निर्माण विभाग के भवन का पुनरूद्धार कर एक अतिथि गृह बनाये जाने की घोषणा की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नगर निगम ऋषिकेश के लिए 10 कूड़ा निस्तारण वाहनों को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया एवं नगर निगम की विकास पुस्तिका ‘संकल्प से शिखर की ओर’ का विमोचन भी किया।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि ऋषिकेश नगर निगम में पिछले एक साल में विकास के अनेक कार्य हुए। 2021 में हरिद्वार में भव्य महाकुंभ का आयोजन किया जायेगा। इस महाकुंभ में करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु आयेंगे। इस दृष्टि से हमें सुनियोजित तरीके व तेजी से कार्य करने होंगे। ऋषिकेश में जो सीवरेज ओर पाईपलाईन का कार्य चल रहा है, उनमें और तेजी लाने के निर्देश उन्होंने दिये। विश्व में देवभूमि के रूप में उत्तराखण्ड की पहचान है। सरकार का प्रयास है कि धार्मिक स्थलों का नियोजित विकास हो। उत्तराखण्ड चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या में तेजी से वृद्धि हो रही है। इस वर्ष 36 लाख 50 हजार से अधिक श्रद्धालु चारधाम यात्रा पर आये। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रद्धालुओं को सुविधायुक्त तथा सुरक्षित कराना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों के सुनियोजित विकास के लिए चारधाम श्राइन बोर्ड का गठन किया जा रहा है। यह श्राइन बोर्ड हमारी भविष्य की जरूरत है। इससे सभी के हितों को संरक्षित रखने का प्रयास किया जायेगा। देश के अनेक बड़े मन्दिरों के लिए श्राइन बोर्ड की व्यवस्था है। राज्य में श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के दृष्टिगत चारधाम श्राइन बोर्ड का गठन राज्य सरकार का अहम सुधारवादी कदम है। ऋषिकेश में स्वछता, सीवरेज, पेयजल व अन्य कार्यो के लिए 2100 करोड़ रूपये की योजना बनायी गई है। हमारा प्रयास है कि आगामी कुम्भ स्वच्छ एवं ग्रीन कुंभ के रूप में आयोजित है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छ भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए स्वच्छता में सबको अपना योगदान देना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 24 हजार खाली पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया गतिमान है। युवा सरकारी सेवाओं में जाने के लिए पूरी लगन से पढ़ाई करें।

मेयर ऋषिकेश अनिता ममगाईं ने कहा कि पिछले एक साल में नगर निगम ऋषिकेश के विकास के लिए हर संभव प्रयास किये गये हैं। स्वच्छता, पथ प्रकाश, सीवरेज, पेयजल एवं निर्माण कार्यों पर विशेष ध्यान दिया गया है। पिछले एक साल में 09 करोड़ से अधिक के कार्य किये गये एवं 07 करोड़ के कार्य प्रगति पर हैं।

2022 तक गुप्तकाशी व ऊखीमठ में हर घर में पानी का नल

मुख्यमंत्री ने सिंचाई विभाग की 288.25 लाख, शिक्षा विभाग की 457.67 लाख, स्वास्थ्य विभाग की 355.95 लाख, क्रीडा विभाग की 250.00 लाख, लोक निर्माण विभाग की 531.26 लाख, पेयजल निगम की 474.99 लाख योग 2358.12 लाख की योजनाओं का शिलान्यास किया। इसके साथ ही, सिंचाई विभाग 5334.24 लाख, शिक्षा विभाग 60.00 लाख, सैनिक कल्याण 48.80 लाख एवं लोक निर्माण विभाग की 298.26 लाख कुल मिलाकर 5741.30 लाख की योजनाओं का शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने कुल 8099.42 लाख की योजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण किया।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि यह देवभूमि है यहाँ अतिथि देवो भव से स्वागत किया जाता है इसलिए भ्रष्टाचार करने वाले अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में प्रदेश के सभी 1200 माध्यमिक विद्यालयो में स्मार्ट कक्षाये शुरू की जायेगी जिससे नौनिहालो का पठन – पाठन सुव्यवस्थित ढंग से संचालित हो सके। उन्होंने कहा कि पौडी जनपद के फलस्वाडी गाँव में सीता सर्किट बनाने की योजना तैयार की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहां कि क्षेत्र की हर समस्या के निराकरण के लिए प्रदेश सरकार गम्भीर है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने इस अवसर पर घोषणा की कि गौण्डार, चिलौण व तोषी को यातायात से जोड़ा जायेगा और 2022 तक गुप्तकाशी व ऊखीमठ में हर घर में पानी उपलब्ध कराया जायेगा। मुख्यमंत्री ने बाह्मणखोली के लिए दो किमी मोटर मार्ग के लिए भी स्वीकृति प्रदान की।

रविवार को गिरीया गाँव में प्रधान पुजारी बागेश लिंग व वेदपाठी यशोधर मैठाणी ने बह्म बेलापर पंचांग पूजन के तहत भगवान मदमहेश्वर की डोली व साथ चल रहे अनेक देवी – देवताओं के निशाणो की पूजा अर्चना व अभिषेक कर आरती उतारी तथा सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भगवान मदमहेश्वर के निर्वाण दर्शन कर पुण्य अर्जित किया। ठीक नौ बजे भगवान मदमहेश्वर की डोली गिरीया गाँव से विदा होकर ऊखीमठ के लिए रवाना हुई तथा सैकड़ों श्रद्धालुओं ने डोली का फापज व सलामी में पुष्प वर्षा कर मन्नत माँगी। सलामी से सैकड़ों श्रद्धालुओं ने जय बोले के उदघोषो के साथ डोली की अगुवाई की। सैकड़ों श्रद्धालुओं की जयकारो व महिलाओ के मागल गीतों से ऊखीमठ क्षेत्र का वातावरण भक्तिमय बना रहा। भगवान मदमहेश्वर की चल विग्रह उत्सव डोली के मंगोलचारी पहुँचने पर रावल भीमा शंकर लिंग ने परम्परा अनुसार डोली पर सोने का छत्र अर्पित किया ग्रामीणों ने अर्घ्य लगाकर विश्व कल्याण की कामना की।

मेयर अनिता ने 14वें वित्त आयोग व कुंभ मेला बजट से तीन करोड तीस लाख की पथ प्रकाश योजना का किया शिलान्यास

ऋषिकेश की सड़कें भी अब दूधिया रोशनी में नहाती दिखेंगी। मेयर अनिता ममगाईं ने शनिवार को 14वें वित्त आयोग व कुंभ मेला बजट से 3.30 करोड़ रुपए की योजना का शिलान्यास किया। कोयलघाटी पर किए गए शिलान्यास के बाद मेयर ने प्रेसवार्ता बुलाकर योजना की विस्तृत जानकारी दी।

प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने बताया कि नीम करोली मंदिर से चंद्रभागा पुल और देहरादून रोड, तहसील रोड सहित आईएसबीटी परिसर के करीब छह किमी क्षेत्र में 330 विद्युत पोल लगाए जाने हैं। उक्त योजना के पूर्ण होते ही शहर की पथ प्रकाश व्यवस्था बेहद शानदार हो जाएगी। इसके अतिरिक्त नगर निगम आईडीपीएल से एम्स तक डिवाइडर का निर्माण करेगा। यह सभी कार्य आगामी महाकुंभ से पूर्व कर लिए जाएंगे। इसकी तैयारी निगम स्तर पर प्रारंभ कर दी गई है।

उन्होंने बताया कि हरिद्वार रोड स्थित खाली भूखंड में कूड़े के पहाड़ को हटाने की कवायद भी नगर निगम ने प्रारंभ कर दी है। मेयर ने कहा कि नये वर्ष के आगाज के साथ ही शहर में विकास कार्यों की चमक दिखाई देने लगेगी।

महिला उत्पीड़न रोकने के लिए सेल का गठन
नगर निगम में कार्यरत महिला कर्मचारियों के साथ बदसलूकी, अत्याचार, शोषण अथवा पुरुष सहकर्मी की ओर से अभद्रता करने पर कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए निगम में महिला सेल का गठन किया गया है। नगर आयुक्त नरेंद्र सिंह क्वींरियाल के मुताबिक महिला कर्मियों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए सेल का गठन किया गया है। इसमें सहायक नगर आयुक्त ऐलम दास, कर अधीक्षक निशात अंसारी, सफाई निरीक्षक सचिन रावत सदस्य बनाए गए हैं। निगम में एक स्क्रीनिंग कमेटी भी गठित की गई है। इस कमेटी का काम निगम में कार्यरत ऐसे कर्मचारियों को चिह्नित करना है जो काम करने में अक्षम या लापरवाह हैं। कमेटी ऐसे कर्मचारियों को 50 वर्ष की आयु के बाद वीआरएस दिलाने की संस्तुति शासन को करेगा। इस कमेटी में सहायक नगर आयुक्त विनोद लाल, लेखाकार राजकुमार सिंह, विमलेश सेमवाल को शामिल किया गया है।

मातृसदन के परमाध्यक्ष ने की केंद्र सरकार से मांग, कुंभ क्षेत्र को केंद्र शासित प्रदेश घोषित किया जाए

केंद्र सरकार कुंभ क्षेत्र को केंद्र शासित प्रदेश घोषित करें। तभी गंगा और कुंभ क्षेत्र को खनन माफियाओं से बचाया जा सकता है। यह बात मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती ने प्रेसवार्ता के दौरान कही।

स्वामी शिवानंद सरस्वती ने कहा कि राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन की ओर से स्पष्ट आदेश हैं कि गंगा और उसकी सहायक नदियों में किसी तरह का खनन नहीं किया जाएगा। लेकिन हरिद्वार से सटे लालढांग क्षेत्र में गंगा की सहायक नदियों में वन विकास निगम की ओर से खनन का काम शुरू करा दिया गया है। इससे साफ है कि गंगा और कुंभ क्षेत्र की प्रदेश सरकार को जरा भी चिंता नहीं है।

स्वामी शिवानंद सरस्वती का कहना है कि वह इस बारे में जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजेंगे। इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी भी दी है कि अगर सरकार ने गंगा और सहायक नदियों में खनन पर रोक नहीं लगाई तो मातृसदन की ओर से अनशन शुरू कर दिया जाएगा।