मुख्य सचिव ने बदरीनाथ पहुंचकर पुनर्निर्माण कार्यों का लिया जायजा

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने बदरीनाथ पहुंच कर चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं और पुर्नर्निमाण कार्याे का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने श्रद्वालुओं की यात्रा को सरल, सुगम एवं सुविधाजनक बनाने और पुर्नर्निमाण कार्याे को समय से पूरा करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी सुबह करीब 10ः30 बजे पर्यटन विभाग के विशेष कार्यधिकारी भाष्कर खुल्वे, पर्यटन सचिव सचिन कुर्वे और डीजीपी अभिनव कुमार के साथ हेलीकॉप्टर से बदरीनाथ पहुंची। धाम में पहुंचने पर उन्होंने यात्रा व्यवस्थाओं और पुनर्निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। मुख्य सचिव ने निर्देशित किया कि चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की यात्रा को सरल, सुगम और सुविधाजनक बनाने के लिए समुचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाए। वैकल्पिक मार्गाे को भी सुचारू रखा जाए।

बदरीनाथ में संचालित पुनर्निर्माण कार्याे का स्थलीय निरीक्षण करते हुए मुख्य सचिव ने कार्यदायी संस्थाओं को निर्माण कार्याे को गुणवत्ता के साथ तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुनर्निर्माण कार्याे में समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए। इस दौरान उन्होंने शेष नेत्र व बद्रीश झील, अराइवल प्लाजा, अंतरराष्ट्रीय बस अड्डा, रिवर फ्रंट डेवलपमेंट कार्यों की पूरी जानकारी ली। उप जिलाधिकारी ने चारधाम यात्रा व्यवस्था और पुनर्निर्माण कार्यों की प्रगति के बारे में विस्तार से अवगत कराया।

मुख्य सचिव के निरीक्षण के दौरान पर्यटन विभाग के विशेष कार्याधिकारी भाष्कर खुल्वे, पर्यटन सचिव सचिन कुर्वे और डीजीपी अभिनव कुमार, एसडीएम सी.एस. वशिष्ठ, कार्यदायी संस्था के अधिशासी अभियंता विपुल सैनी, सहायक अभियंता सनी पालीवाल, ईओ सुनील पुरोहित सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।

अतिरिक्त मजदूर लगाकर यात्रा से पहले पूरे करें सभी अनिवार्य कार्यः मुख्य सचिव

मुख्य सचिव उत्तराखण्ड राधा रतूड़ी ने श्री केदारनाथ धाम पहुँचकर पुनर्निर्माण एवं विकास कार्यों का जायजा लेते हुए समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने विभिन्न निर्माण एवं पुनर्निर्माण कार्यों की रफ्तार बढ़ाते हुए 10 मई को श्री केदारनाथ धाम के कपाट खुलने से पहले सभी अनिवार्य कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। इसके लिए अतिरिक्त मजदूर एवं संसाधन इस्तेमाल करने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की समस्या न हो इसका विशेष ध्यान रखा जाए।

एक दिवसीय केदारनाथ भ्रमण पर मुख्य सचिव उत्तराखण्ड, पर्यटन विभाग उत्तराखंड सरकार के विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) भास्कर खुल्बे, डीजीपी अभिनव कुमार, पर्यटन सचिव सचिन कुर्वे करीब 07ः45 बजे हेलिकॉप्टर से केदारनाथ हैलीपैड पर पहुचें। उन्होंने जिलाधिकारी एवं लोनिवि के अधिकारियों से वर्तमान में गतिमान पुनर्निर्माण एवं विकास कार्यों की जानकारी ली। जिसके बाद मंदाकिनी- सरस्वती घाट, गेस्ट हाउस, अस्पताल, आस्था पथ, केदारनाथ मंदिर परिसर सहित अन्य निर्माणाधीन कार्यों का जायजा लेते हुए तय डेडलाइन से पहले सभी कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। आस्था पथ एवं वाटर एटीएम सहित अन्य अनिवार्य कार्यों पर अतिरिक्त लेबर लगाने के निर्देश संबंधित विभागों को देते हुए यात्रा शुरू होने से पहले सभी कार्य पूरे करने के निर्देश दिए, ताकि श्रद्धालुओं को कोई समस्या न हो। इसके साथ ही जिलाधिकारी को अधिक संसाधनों का प्रयोग करते हुए निर्माण कार्यों में तेजी लाते हुए गोल चबूतरे से मंदिर परिसर तक कॉरिडोर का कार्य तेजी से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं संबंधित एजेंसियों को निर्माण कार्यों में इस्तेमाल हो रही सामाग्री में गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखने के निर्देश भी दिए। इसके अलावा श्रद्धालुओं की सुविधाओं का ध्यान रखने एवं यात्रा सुगम- सुव्यवस्थित बनाने के लिए हर संभव प्रयास करने को भी कहा। करीब 10ः30 बजे मुख्य सचिव हैलीपैड से बदरीनाथ के लिए रवाना हुई।

इस दौरान मुख्य सचिव, भास्कर खुल्बे, डीजीपी अभिनव कुमार एवं जिलाधिकारी सौरभ गहरवार ने स्थानीय व्यापारियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं भी सुनी। व्यापरियों से वार्ता करते हुए अधिकारियों ने उन्हें उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।

डीजीपी अभिनव कुमार ने पुलिस विभाग के लिए केदारनाथ में तैयार हो रहे भवन एवं व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए संबंधित संस्थाओं को निर्माण कार्य में गुणवत्ता का ध्यान रखते हुए समय से सभी कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।

इस अवसर परअधीक्षण अभियंता आठवां वृत्त लोनिवि टिहरी मुकेश परमार, डीडीएमए विनय झिंक्वाण, सहायक अभियंता लोनिवि राजविंद्र सिंह, मनीष, अजय थपलियाल सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

चुनावी व्यस्तता के बावजूद सीएम यात्रा तैयारियों की नियमित रूप से कर रहे मॉनिटरिंग

चारधाम यात्रा को लेकर राज्य सरकार की तैयारियां अब अंतिम चरण में हैं। चुनावी व्यस्तता के बावजूद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी यात्रा तैयारियों की नियमित मॉनिटरिंग कर रहे हैं। साथ ही अधिकारियों से भी इस संबंध में नियमित रूप से संपर्क में बने हुए हैं।
इस बार की चारधाम यात्रा और भी अधिक दिव्य और भव्य हो एवं आम श्रद्धालुओं को किसी तरह की कोई परेशानी न हो इसके मद्देनजर राज्य सरकार के स्तर से पुख्ता कार्यवाही की जा रही है।
गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडेय ने बताया कि मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देशों के क्रम में मुख्य सचिव उत्तराखंड शासन की ओर से सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को इस आशय का पत्र भेजा गया है कि यात्रा के शुरुआती 15 दिनों (विशेष रूप से केदारनाथ धाम) में वीवीआइपी दर्शनों को जितना हो सके टाला जाए ताकि आम श्रद्धालुओं को दर्शनों में किसी तरह की परेशानियों का सामना न करना पड़े। साथ ही इस संबंध में हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार को भी सूचित किया जा रहा है।
गढ़वाल कमिश्नर महोदय द्वारा यह भी अवगत कराया गया है कि हेली सेवाओं में किसी भी तरह की कालाबाजारी एवं ठगी जैसी घटनाएं न हो सकें, यह सुनिश्चित करने हेतु इस बार केवल आईआरसीटीसी की आधिकारिक वेबसाइट से टिकटों की बुकिंग की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा उन्होंने आमजन से भी अपील की है कि वे राज्य सरकार द्वारा अधिकृत आईआरसीटीसी से ही हेली बुकिंग करें। उन्होंने कहा कि, सुगम और सुरक्षित चारधाम यात्रा के लिए राज्य सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और इसके लिए हर संभव प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस बार यात्रा को लेकर तमाम अतिरिक्त व्यवस्थाएं की जा रही हैं ताकि श्रद्धालुओं को कम से कम परेशानी हो।

20 स्थानों पर पार्क हो सकेंगे 1495 वाहन, एप के माध्यम से होगी मॉनिटरिंग
केदारनाथ यात्रा को लेकर इस बार राज्य सरकार की ओर से वृहद तैयारियां की गई हैं। गढ़वाल कमिश्नर श्री विनय शंकर पांडेय ने बताया कि इस बार गत वर्ष की तुलना में हर प्रकार से श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं में बढ़ोतरी की गई है। गत वर्ष केदारनाथ यात्रा मार्ग में जहां कुल 9 पार्किंग का संचालन किया जा रहा था तो उस बार कुल 20 स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था की गई है। यहां 1495 वाहनों की पार्किंग की सुविधा उपलब्ध होगी। पहली बार वाहनों की मॉनिटरिंग के लिए एप बनाई गई है।

700 सफाई कर्मियों की रहेगी तैनाती
यात्रा मार्ग पर सफाई व्यवस्था को लेकर भी बेहतर इंतजाम किए गए हैं। गत वर्ष जहां 617 सफाई कर्मियों को इस कार्य में लगाया गया था तो इस बार कुल 700 कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। यात्रा रूट में पहली बार चार नए हाई टेक मॉड्यूलर शौचालय एवं 4 नए मोबाइल मॉड्यूलर शौचालय की व्यवस्था की गई है। इसके अतिरिक्त एक रोड स्वीपिंग मशीन भी सफाई कार्य में लगाई जाएगी।

पूरी तरह से निगरानी में रहेंगे घोड़े-खच्चर
इस बार यात्रा रूट पर चलने वाले सभी 4000 घोड़े-खच्चरों की निगरानी भी प्रशासन के स्तर से की जाएगी। गत वर्ष तक आंशिक रूप से मॉनिटरिंग का कार्य किया जाता था। इसके अलावा हॉकर्स के लिए पहली बार पहचान पत्र जारी किए जाएंगे। इसके अलावा, स्वास्थ्य जांच के साथ ही 30 टन क्षमता का वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट सोनप्रयाग में बनाने के साथ ही डंपिंग ग्राउंड की व्यवस्था की गई है। इस बार रोस्टर प्रणाली के संचालन की भी व्यवस्था की जा रही है। इस बार घोड़े-खच्चरों के लिए 24 घंटे संचालित कुल 15 पानी की चरी संचालित की जाएंगी। इसके अलावा, घोड़े-खच्चरों के साथ चलने वालों के लिए 197 लोगों की क्षमता की दो डोरमेट्री की व्यवस्था की गई है।

सोनप्रयाग से गौरीकुंड तक सड़क चौड़ीकरण
सोनप्रयाग से गौरीकुंड तक सड़क मार्ग को गत वर्ष की तुलना में और भी बेहतर कर दिया गया है। अधिकांश स्थानों पर 5 से 8 मीटर तक सड़क का चौड़ीकरण किया गया है।

स्वास्थ्य सुविधाओं में किया गया इजाफा
स्वास्थ्य सुविधाओं में भी इस बार अपेक्षित सुधार किया गया है। कुल 5 एम्बुलेंस की तैनाती के साथ ही पहली बार 3 गोल्फ कार्ट तैनात की जा रही है। गढ़वाल कमिश्नर महोदय ने बताया कि ऐसा प्रथम बार किया जा रहा है कि स्थानीय व्यवस्थाओं को न छेड़ते हुए सभी चिकित्सकों की व्यवस्था इससे इतर की जा रही है ताकि स्थानीय निवासियों को स्वास्थ्य सुविधाओं के लिहाज से परेशानी न झेलनी पड़े। वहीं, लगभग 18 स्थानों पर स्वास्थ्य जांच केंद्र संचालित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यात्रा पर आने से पहले लोगों को चाहिए कि वे अपनी स्वास्थ्य जांच के बाद ही यात्रा पर आएं।

मुख्य सचिव प्रत्येक सप्ताह चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं की करेंगी बैठकः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में आगामी चारधाम यात्रा की तैयारियों की बैठक लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिये कि चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले यात्रा मार्गों पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाए। चारधाम यात्रा से जुड़े सभी विभागों के सचिव यात्रा मार्गों का स्थलीय निरीक्षण कर सभी व्यवस्थाएं समय पर पूर्ण कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने मुख्य सचिव को निर्देश दिये कि चारधाम यात्रा की सभी तैयारियों को लेकर साप्ताहिक समीक्षा बैठक की जाए। चारधाम यात्रा में यातायात प्रबंधन और कानून व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए डीजीपी को भी चारधाम यात्रा से पूर्व स्थलीय निरीक्षण के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये हैं। बुजुर्ग श्रद्धालुओं के लिए चारधाम यात्रा मार्ग पर जग्ह-जगह प्राईवेट हेल्थकेयर टेस्टिंग किट की व्यवस्था की जायेगी।
चारधाम यात्रा मार्गों पर प्लास्टिक और कूड़ा प्रबंधन के लिए बेहतर व्यवस्थाएं की जाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड की चारधाम यात्रा देश-दुनिया के श्रद्धालुओं के लिए आस्था के प्रमुख केन्द्र हैं। यह सुनिश्चित किया जाए कि देवभूमि उत्तराखण्ड का अच्छा संदेश देश और दुनिया तक जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि यात्रा मार्गों में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए। प्लास्टिक और कूड़ा प्रबंधन के लिए चारधाम यात्रा से जुड़े जनपदों के जिलाधिकारियों को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा धनराशि उपलब्ध कराई जाए।

घोड़े और खच्चर चालकों का किया जायेगा वेरिफिकेशन ।
चारधाम यात्रा के लिए घोड़ा और खच्चर चालकों का वेरिफिकेशन कराया जाए। तथा सभी का पुलिस और आपराधिक रिकॉर्ड चेक कर लिया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि जो भी घोड़े और खच्चर चारधाम यात्रा में लगाये जाएं उनका स्वास्थ्य परीक्षण के बाद ही पंजीकरण किया जाए। घोड़े और खच्चरों के लिए गर्म पानी की पर्याप्त व्यवस्था रखी जाय।

चारधाम यात्रा पर आने वाले सभी श्रद्धालुओं से शालीनतापूर्ण व्यवहार किया जाए।
मुख्यमंत्री ने बैठक में अधिकारियों को यह भी निर्देश दिये कि चारधाम यात्रा मार्गों पर विद्युत, पेयजल और सड़कों की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। यात्रा मार्गों पर जगह-जगह बने शौचालयों को दुरस्त किया जाए एवं महिलाओं के लिए पृथक शौचालय की व्यवस्था की जाए। चारधाम यात्रा से जुड़े सभी अधिकारी और कर्मचारी शालीनता एवं सहनशीलता का परिचय दें, यह सुनिश्चित किया जाए कि श्रद्धालुओं के साथ अभद्रता न हो। यात्रा ड्यूटी में तैनात सुरक्षाकर्मी अलर्ट मोड पर रहें। यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रत्येक छह घंटे के बाद सुरक्षा में तैनात कर्मियों को आराम दिया जाए। यात्रा में आने वाले वाहन चालकों के रहने और सोने की उचित व्यवस्था की जाए। यह भी प्रयास हो कि चारधाम यात्रा में जाने वाले वाहनों में दो-दो वाहन चालकों की व्यवस्था हो। वाहनों की फिटनेस का विशेष ध्यान रखा जाए।

चारधाम यात्रा के दृष्टिगत श्रद्धालुओं को आवश्यक सूचनाएं समय पर मिल सके, इसके लिए सूचना तंत्र मजबूत किया जाए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि चारधाम यात्रा के कुशल प्रबंधन के लिए सभी विभाग अलर्ट मोड पर रहें। श्रद्धालुओं को मौसम से संबंधित जानकारी, यातायात प्रबंधन और अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी समय पर प्राप्त हो, इसके लिए श्रद्धालुओं को आवश्यक सूचनाएं ससमय प्राप्त हो इसके लिए सोशल मीडिया का बेहतर प्रयोग किया जाए। होटल, गेस्ट हाउस एवं होम स्टे में चारधाम यात्रा संबंधित निर्देशिका विभिन्न भाषाओं में उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। इस निर्देशिका में चारधाम के साथ ही अन्य पर्यटक स्थलों की जानकारी भी विस्तृत रूप से दी जाए।

10 मई 2024 को श्री केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलेंगे जबकि 12 मई 2024 को श्री बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलेंगे। अभी तक चारधाम यात्रा के लिये 15 लाख से अधिक श्रद्धालु ऑनलाईन रजिस्ट्रेशन करा चुके है।

वनाग्नि पर प्रभावी नियंत्रण के लिए भी अलर्ट मोड पर रहें अधिकारीः मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में इस समय चारधाम यात्रा के साथ ही वनाग्नि को रोकना महत्वपूर्ण विषय है। उन्होंने कहा कि वनाग्नि की रोकथाम के लिए वन विभाग के अलावा अन्य विभाग भी अलर्ट मोड पर रहें। वनाग्नि की घटनाओं को रोकने के लिए सूचना तंत्र और मजबूत किया जाए। क्विक रिस्पांस टाईम कम से कम किया जाए। वनाग्नि पर प्रभावी रोकथाम के लिए स्थानीय स्तर पर लोगों का सहयोग लिया जाए।

बैठक में पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज, शहरी विकास मंत्री प्रेमचन्द अग्रवाल, बदरी-केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेन्द्र अजय, मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, डीजीपी अभिनव कुमार, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली, सचिन कुर्वे, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, अरविन्द सिंह ह्यांकी, डॉ. रंजीत सिन्हा, डॉ. आर. राजेश कुमार, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी एवं चारधाम यात्रा से जुड़े विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और वर्चुअल माध्यम से संबंधित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

चारधाम यात्रा 2024ः 11 भाषाओं में जारी की गई है हेल्थ एडवायजरी

चारधाम यात्रा 2024 के लिये शासन ने चार धाम यात्रा के लिए श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य जांच को मानक प्रचालन कार्यविधि जारी कर दी है। इसके अंतर्गत यात्रियों को यात्रा पर आने से पहले और यात्रा के दौरान उठाए जाने वाले कदमों की जानकारी दी गई है। इस बार यात्रा मार्ग पर 50 स्थानों पर स्वास्थ्य केंद्र बनाए जा रहे हैं। यहां पर यात्रियों की उच्च रक्तचाप व मधुमेह समेत 28 मानकों पर जांच की जाएगी।

सचिव स्वास्थ्य डा आर राजेश कुमार ने बताया कि यात्रा के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। पर्यटन विभाग की वेबसाइट क्रियाशील हो गई है। इसमें स्वास्थ्य संबंधी एक कालम भी रखा गया है। इसमें यात्री अपने स्वास्थ्य संबंधी जानकारी भरेंगे, जो उन्हें जरूरत के समय उपचार उपलब्ध कराने में मदद करेगी।

सचिव स्वास्थ्य ने बताया कि चार धाम यात्रा के लिए मानक प्रचालन कार्यविधि 11 भाषाओं में तैयार की गई है। इसे हिंदी व अंग्रेजी के अलावा गुजराती, मराठी, तेलगु समेत नौ भाषाओं में तैयार कर संबंधित राज्यों को भेजा गया है। उन्होंने बताया कि चार धाम में बनाए बनाए जाने वाले स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सक व स्वास्थ्य कार्मिकों के साथ ही स्वास्थ्य मित्रों की तैनाती भी की जाएगी।

यहां दवा व आक्सीजन सिलिंडर समेत सभी जरूरी उपकरण रखे जाएंगे। स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों के साथ ही छह से अधिक प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मी तैनात किए गए हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में विशेषज्ञ चिकित्सकों के साथ ही एक दर्जन से अधिक प्रशिक्षित स्टाफ की तैनाती की गई है।

सचिव स्वास्थ्य ने बताया कि यात्रा मार्गों पर हेल्थ एटीएम भी लगाए जा रहे हैं। यहां ब्लड प्रेशर, शुगर, वजन, लंबाई, शरीर का तापमान, शरीर में आक्सीजन आदि की जांच की जाएगी। इसमें काम करने वाले तकनीकी स्टाफ को पूरा प्रशिक्षण दिया गया है।

सचिव स्वास्थ्य ने बताया कि श्रद्धालुओं के लिए टेलीमेडिसन की भी सुविधा रखी गई है। इनके द्वारा किसी भी प्रकार की गंभीर स्थिति में 24 घंटे विशेषज्ञ चिकित्सकों की सलाह प्राप्त की जा सकती है।

सचिव स्वास्थ्य ने बताया कि चारधाम यात्रा में उत्तराखंड के अलावा दूसरे राज्यों के चिकित्सक भी अपनी सेवाएं देने के इच्छुक रहते हैं। ऐसे में सभी राज्यों के स्वास्थ्य सचिवों को पत्र लिखकर चारधाम यात्रा की अवधि में कार्य करने के इच्छुक चिकित्सकों की जानकारी मांगी गई है।

सचिव स्वास्थ्य ने बताया कि बदरीनाथ व केदारनाथ धाम में स्थापित चिकित्सालयों के लिए उपकरणों की खरीद शुरू कर दी गई है। जल्द ही उपकरण चिकित्सालयों में पहुंच जाएंगे। इससे इस वर्ष इन दोनों धामों में श्रद्धालुओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी।

रामनवमी पर हनुमान चालीसा पाठ कर मंत्री अग्रवाल ने वितरित किया प्रसाद

अयोध्या में श्रीरामलला विराजित होने के बाद पहली रामनवमी के अवसर पर हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन किया गया। इसमें क्षेत्रीय विधायक व मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने कार्यकर्ताओं और व्यापारियों के साथ सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ किया। साथ ही कार्यकर्ताओं और रामभक्तों में प्रसाद भी वितरित किया। इसके अलावा रामनवमी के अवसर पर श्रीगंगा आरती भी की गई।

त्रिवेणी घाट मार्ग स्थित श्रीरधुनाथ मंदिर में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें मंत्री डा. अग्रवाल ने कार्यकर्ताओं के साथ सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ किया। उन्होंने कहा कि पांच शताब्दियों की प्रतीक्षा के बाद हमें रामनवमी इस तरह से मनाने का अवसर मिला है, यह देशवासियों की इतने वर्षों की कठिन तपस्या, त्याग और बलिदान का सुफल है।

इस दौरान मंत्री डा. अग्रवाल ने कार्यकर्ताओं और श्रीरामभक्तों में प्रसाद भी वितरित किया। बता दें कि बीते माह 22 जनवरी को अयोध्या में श्रीराम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के दौरान श्रीरघुनाथ मंदिर त्रिवेणी घाट पर मंत्री डा. अग्रवाल ने कार्यकर्ताओं और श्रीराम भक्तों के साथ कार्यक्रम का सीधा प्रसारण देखा था।

इस मौके पर मण्डल अध्यक्ष सुमित पंवार, जिलाध्यक्ष अल्पसंख्यक मोर्चा सतीश सिंह, वन निगम के सदस्य देवदत्त शर्मा, जिला उपाध्यक्ष दिनेश सती, संजय शास्त्री, जितेंद्र अग्रवाल, बृजेश शर्मा, शम्भू पासवान, कृष्ण कुमार सिंघल, मंडल महामंत्री नितिन सक्सेना, नंद किशोर जाटव, विवेक शर्मा, मंडल अध्यक्ष युवा मोर्चा जगावर सिंह, अभिनव पाल, अनिता तिवारी, उषा जोशी, ज्योति पांडेय, रेखा चौबे, सचिन अग्रवाल, संजीव सिलस्वाल, व्यापारी नेता अखिलेश मित्तल, संजय कोहली, प्रकाश जाटव, राहुल शर्मा, विनोद शर्मा, सागर साधुका, राकेश जी, आनंद गोपाल गिरी, दीपक गुप्ता, कृष्ण कुमार लांबा, मोतीराम टुटेजा, शिवम टुटेजा, सौरभ गर्ग, प्रतीक पुंडीर, प्रदीप गुप्ता, राहुल पाल, नीरज कुशवाहा, अमित पुंडीर, गजेंद्र पाल, सुरेंद्र मोहन, मोहन पाहवा, मदनलाल जाटव, हरिशंकर मदान, सतबीर पाल आदि उपस्थित रहें।

28 करोड़ रूपये से कैंची धाम में होगी प्रकाश की व्यवस्था, सीएम ने किये स्वीकृत


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्री कैंची धाम तीर्थ में प्रकाश व्यवस्था और सौंदर्यीकरण के लिए 28 करोड़ रुपए धनराशि स्वीकृत की है। उन्होंने कहा कि कैंची धाम में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या साल दर साल बढ़ रही है, इसे देखते हुए यहां पर तमाम व्यवस्थाएं की जा रही हैं। मुख्यंमत्री ने कहा कि हमारी सरकार केदारखंड और मानसखंड के अंतर्गत आने वाले समस्त मंदिरों के साथ ही प्रदेश के समस्त तीर्थ स्थलों के विकास के लिए संकल्पित है।
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सीएम ने आगामी चारधाम यात्रा की तैयारियों एवं मॉनिटरिंग हेतु कमेटी गठित किए जाने के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय देहरादून में चारधाम यात्रा 2024 की तैयारियों के सम्बन्ध में आयोजित बैठक में प्रतिभाग करते हुए आगामी चारधाम यात्रा की तैयारियों एवं मॉनिटरिंग हेतु कमिटी गठित किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने चारों धामों में यातायात प्रबंधन के सुगम संचालन हेतु एसपी/ एडिशनल एसपी रैंक के अधिकारी को नियुक्त किए जाने, सभी अधिकारी एवं विभागों में आपसी समन्वय से कार्य किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा बीते सालों की यात्रा में जो कमी एवं समस्याएं सामने आई हैं, उनके अनुभवों से, प्लानिंग से काम कर उन समस्याओं को इस वर्ष दूर किया जाए। संपूर्ण पैदल मार्गाे एवं संवेदनशील इलाकों में सीसीटीवी लगाए जाए। उन्होंने कहा यात्रियों के साथ ही स्थानीय लोगों के हितों का भी ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा शासन स्तर से चारों धामों की लाइव मॉनिटरिंग की जाए साथ ही आपदा कंट्रोल रूम का सुचारू संचालन किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खराब मौसम पूर्वानुमान की सूचना यात्रियों तक समय से पहुंचे। जिसके लिए यात्रियों के मोबाईल पर अलर्ट मैसेज की व्यवस्था की जाए। पैदल मार्गाे की नियमित सफ़ाई हो। यात्रा मार्ग पर बने शौचालयों में विशेष तौर पर साफ सफाई रखी जाए। यात्रा मार्गाे पर शौचालय की संख्या भी बढ़ाई जाए। उन्होंने मिशन मोड पर प्लास्टिक फ्री चार धाम पर काम करने के निर्देश दिए। यात्रा प्रारंभ होने से पूर्व ही चारों धामों में 24 घंटे विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित कर ली जाए। पैदल मार्गाे में स्ट्रीट लाइट भी लगाई जाए। साथ ही यात्रा मार्ग पर सुचारू पेयजल आपूर्ति व्यवस्था की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चार धाम मार्गों का सुधारीकरण यात्रा से पूर्व कर लिया जाए। जिन स्थानों पर अधिकांश मार्ग अवरूद्ध होते है ऐसे स्थानों का चिन्हीकरण कर जे.सी.बी / मशीन आदि की व्यवस्था की जाए। यात्रा के दौरान कोई भी मार्ग बंद होने पर उसे तुरंत खोले जाने की व्यवस्था की जाए। उन्होंने चारधाम यात्रा हेतु बसों व टैक्सियों आदि की आवश्यकता के सम्बन्ध में आंकलन कर पूर्व में व्यवस्था किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य संबंधित व्यवस्थाओं का विस्तार जल्द किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा चारधाम यात्रा मार्गों पर अस्थाई चिकित्सा केन्द्रों में चिकित्सा व अपेक्षित स्टाफ की तैनाती के साथ जीवनरक्षक दवाई, उपकरण, पोर्टेबल आक्सीजन सिलेण्डर एवं एम्बुलेन्स / एयर एम्बुलेंस की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा घोड़े खच्चरों को होने वाली बीमारियों की रोकथाम हेतु पैदल मार्गों पर पशु चिकित्सकों की तैनाती की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रा सीजन में धामों एवं यात्रा मार्गाे पर एस०डी०आर०एफ०, पुलिस बल, जल पुलिस, गोताखोर, ट्रैफिक पुलिस की तैनाती का प्रबन्धन किया जाए साथ ही जहां आवश्यकता हो वहां अस्थाई पुलिस चौकी की स्थापना भी की जाए ।उन्होंने कहा यात्रा के दौरान अच्छा कार्य करने वाले लोगों / विभागों को सम्मानित किए जाएगा।

इस दौरान बैठक में कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल, मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, बी.के.टी.सी अध्यक्ष अजेंद्र अजय, प्रमुख सचिव आर.के सुधांशु, डीजीपी अभिनव कुमार, सचिव सुभाष बगौली, वर्चुअल माध्यम से विभिन्न जिलों के जिला अधिकारी, एवं अधिकारीगण उपस्थित रहे।

सीएम ने देहरादून-अयोध्या, देहरादून-अमृतसर, देहरादून-पंतनगर-वाराणसी के लिये किया हवाई सेवाओं का शुभारम्भ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जौलीग्रांट एयर पोर्ट से देहरादून-अयोध्या, देहरादून-अमृतसर, देहरादून-पंतनगर-वाराणसी के लिये एयर कनेक्टिविटी के अंतर्गत दीप प्रज्जवलित कर, केक काटकर तथा फ्लैग ऑफ़ कर एलाइंस एयर की उड़ानों का शुभारम्भ किया।
मुख्यमंत्री ने इस मौक़े पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि हमारा यह प्रयास है कि सम्पूर्ण उत्तराखंड के अंदर लोगों का आवा-गमन सुविधाजनक, सरल व आसान हो, इसके लिये हम निरंतर प्रयासरत हैं तथा देश के लोग उत्तराखण्ड के विभिन्न स्थानों में आसानी से आ जा सकें, जिसके लिये हम लगातार कार्य कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने हवाई सेवाओं का उल्लेख करते हुये कहा कि इसके पूर्व हमने देहरादून से पिथौरागढ़ तथा पिथौरागढ़ से देहरादून के लिये एयर कनेक्टिविटी करने के साथ ही हल्द्वानी से चम्पावत, मुनस्यारी तथा पिथौरागढ़ के लिये हेली सेवाओं का शुभारम्भ कर चुके हैं। उन्होंने आज प्रारम्भ हो रही उड़ानों का उल्लेख करते हुये कहा कि आज का दिन काफी शुभ है, जिसके तहत देहरादून-अयोध्या, देहरादून-अमृतसर, देहरादून-पंतनगर-वाराणसी के लिये हवाई सेवाओं का शुभारम्भ किया गया है।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का उल्लेख करते हुये कहा कि उनके नेतृत्व तथा कालखण्ड में हवाई सेवा क्षेत्र सहित प्रत्येक क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति हुई है।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने इन हवाई सेवाओं के माध्यम से अयोध्या आदि स्थानों के लिये यात्रा करने वाले यात्रियों से जय श्री राम के उद्घोष के बीच मुलाकात तथा बातचीत की और उन्हें मंगल यात्रा की शुभकामनायें दीं।
इस अवसर पर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, सचिव सचिन कुर्बे, अपर सचिव सी. रवि शंकर, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी यूकाडा दयानन्द सरस्वती, हरीश कोठारी सहित सम्बंधित पदाधिकारी तथा अधिकारीगण उपस्थित थे।

पूर्व के यात्रा सीजन के दौरान हुई दुर्घटनाओं का डेथ ऑडिट होगा तैयार

प्रदेश में आगामी चारधाम यात्रा को श्रद्धालुओं तथा पर्यटकों के लिए सहज, सुगम, सुखद तथा सुरक्षित बनाने के दृष्टिगत मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने यात्रा मार्ग पर जरूरी इन्फ्रास्ट्रक्चर पूरी तरह तैयार करने हेतु सभी विभागों को दो महीने की डेडलाइन दी है। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने आम यात्रियों की सुविधाओं के लिए यात्रा रजिस्ट्रेशन को अधिक से अधिक ऑनलाइन प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही सीएस ने वीआईपी दर्शन के कारण जनसामान्य को किसी तरह की परेशानी न हो इसके लिए सुव्यवस्थित प्रबन्धन करने के निर्देश दिए हैं।

यात्रा मार्ग पर सड़क दुर्घटनाओं एवं रोड सेफटी के मामलों को गम्भीरता से लेते हुए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने जिलाधिकारियों को रोड सेफ्टी से सम्बन्धित सभी पहलुओं विशेषकर क्रेश बैरियर लगवाने के प्रस्ताव शीघ्र शासन स्तर पर भेजने, पुलिस एवं परिवहन की संयुक्त टीमों द्वारा गत वर्षो में यात्रा सीजन के दौरान हुई सड़क दुर्घटनाओं का डेथ ऑडिट करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने सचिवालय में चारधाम यात्रा की तैयारियों की समीक्षा करते हुए आगामी चार धाम यात्रा को केजुअल्टी फ्री यात्रा बनाने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को 15 अप्रैल तक सड़कों के मरम्मत, पैच्स आदि का कार्य पूर्ण करने की डेडलाइन दी है। लोक निर्माण विभाग द्वारा जानकारी दी गई कि इस वर्ष रोड सेफटी आदि कार्यो के लिए 600 करोड़ रूपये अनुमोदित है। मुख्य सचिव ने यात्रा मार्गो पर ड्राइवरों की सुविधा के लिए रेस्ट रूप एवं सस्ते भोजन की व्यवस्था करने तथा इन रेस्ट रूम्स का संचालन स्थानीय युवाओं को सौंपने के निर्देश दिए हैं।

हैली सर्विसेज के रजिस्ट्रेशन के ऑनलाइन फर्जीवाड़े की घटनाओं को पूरी तरह से रोकने तथा साइबर क्रिमिनलस् पर कड़ी निगरानी सुनिश्चित करने के दृष्टिगत मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने ‘‘हेली सेवाओं की बुकिंग केवल आईआरसीटीसी के माध्यम से ही’’ का संदेश यात्रा रजिस्ट्रेशन के समय तथा विभिन्न माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने हैली सेवाओं के फर्जीवाड़े के मामलों की गम्भीरता से जांच के लिए एसटीएफ को पूर्णतः सक्रिय करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा यात्रा सीजन के दौरान ग्रीष्मकाल में गैरसैंण में होने वाले विधानसभा सत्र के साथ साथ ही यात्रा व्यवस्थाओं के भी शांतिपूर्ण संचालन हेतु विशेष निर्देश दिए गए हैं।

चारधाम यात्रा के दौरान यात्रियों हर समय बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्धता को शीर्ष प्राथमिकता पर लेते हुए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने निर्देश दिए है कि चारधाम यात्रा मार्गों पर ड्यूटी पर लगे डॉक्टर्स की रोस्टर बनाकर तैनाती की जाय तथा इसके साथ ही पहले से ही उत्तरकाशी, चमोली एवं रूद्रप्रयाग जिलों के स्वास्थ्य केन्द्रों पर तैनात डॉक्टर्स की ड्यूटी चारधाम यात्रा में न लगाई जाय बल्कि यात्रा मार्ग पर बाहर से युवा डॉक्टर्स की तैनाती की जाय। इसके साथ ही मुख्य सचिव ने यात्रा मार्ग पर घोड़े खच्चरों की हेल्थ स्क्रीनिंग हेतु चेक पोस्ट पर ही व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं।

यात्रा के दौरान प्लास्टिक के बोतलों के उपयोग को हतोत्साहित करने के उद्देश्य से मुख्य सचिव रतूड़ी ने
ठनल ठंबा ठवजजसम पहल को पूरे यात्रा मार्ग पर लागू करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही उन्होंने जगह जगह पर्याप्त संख्या में वाटर एटीएम लगाने के भी निर्देश पेयजल विभाग को दिए हैं।

बैठक में सचिव सचिन कुर्वे, पंकज कुमार पाण्डेय, विनय शंकर पाण्डेय, अरविन्द सिंह हयांकी, डा0 आर राजेश कुमार, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी तथा वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारी उपस्थित थे।