अब दंगाईयों से होगी निजी, सरकारी संपत्ति क्षति की पूरी वसूली

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार ने “दंगारोधी“ यानी दंगे के दौरान होने वाले संपूर्ण नुकसान की भरपाई को देश के सबसे कठोर (अध्यादेश) कानून को मंजूरी दे दी है। इस कानून के तहत अब निजी और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर दंगाइयों से क्षति की पूरी वसूली की जाएगी। इसके अलावा 8 लाख तक का बड़ा जुर्माना और दंगा नियंत्रण में सरकारी अमले और अन्य कार्य पर आने वाले खर्चे की भरपाई भी की जाएगी। आज मंत्रिमंडल ने इस कानून को मंजूरी देकर राज्यपाल की स्वीकृति को भेज दिया है।

देवभूमि में धामी सरकार कड़े और बड़े फैसलों से नित नई इबारत लिख रही है। देश का सबसे बड़ा नकलरोधी कानून लागू करने तथा समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक को मंजूरी देने के बाद आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कैबिनेट ने दंगा रोकने तथा दंगाइयों से निपटने को उत्तराखंड लोक (सरकारी) तथा निजी संपत्ति क्षति वसूली (अध्यादेश) कानून 2024 पर मुहर लगा दी है। इस कानून से राज्य में दंगा, फसाद, हड़ताल, बंद जैसे उपद्रव और अशांति के दौरान निजी और लोक संपत्ति को क्षति पहुंचाने वाले अब बच नहीं पाएंगे। कानून के मुताबिक क्षति पर संपत्ति के नुकसान की वसूली के साथ कड़ी सजा भुगतनी पड़ेगी। खासकर सरकारी, निजी संपत्ति के नुकसान की भरपाई के अलावा दंगे के दौरान किसी के अंग-भंग करने पर भी इलाज का पूरा खर्चा दंगाई से वसूला जाएगा। इसके अलावा दंगा नियंत्रण को पुलिस, प्रशासन या अन्य एजेंसियों पर दंगे के दौरान होने वाले पूरे खर्चे की वसूली भी की जाएगी। सरकार ने अन्य सजा और कार्रवाई के साथ दंगाइयों पर इस कानून से 8 लाख तक का जुर्माना लगाने का भी निर्णय लिया है। दंगाइयों से सख्ती से निपटने को सरकार ने विधिवत दावा अधिकरण (क्लेम ट्रिब्यूनल) गठित करने को भी मंजूरी दे दी है। ताकि कानून लागू होते ही अधिकरण के माध्यम से दंगाइयों पर कड़ी नकेल कसी जा सके।

क्लेम ट्रिब्यूनल को कार्रवाई के अधिकार
सरकार ने दंगाइयों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने पर उत्तराखंड लोक तथा निजी संपत्ति क्षति वसूली अध्यादेश 2024 के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए सरकार ने विधिवत दावा अधिकरण (क्लेम ट्रिब्यूनल) को भी मंजूरी दे दी है। इसी ट्रिब्यूनल के तहत दंगाइयों और उनके परिजनों , संपत्ति आदि से नुकसान की भरपाई की जाएगी। इसके लिए एडीएम श्रेणी के अधिकारी को दावा आयुक्त की जिम्मेदारी दी गई है। जबकि दावा अधिकरण में रिटायर्ड जज के अलावा अन्य सदस्यों को शामिल किया गया है।

संविधान में दी गई यह व्यवस्था
सरकार ने कैबिनेट में इस कानून को मंजूरी के बाद राज्यपाल की स्वीकृति को भेज दिया है। चूंकि वर्तमान में राज्य विधानमंडल सत्र नहीं चल रहा है, ऐसे में भारत का संविधान के अनुच्छेद 213 के खंड 1 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग कर राज्यपाल को इस कानून को राज्य में लागू करने के अधिकार प्राप्त हैं। राज्यपाल की मंजूरी के बाद राज्य में धामी सरकार का तीसरा बड़ा निर्णय और कानून “उत्तराखंड लोक तथा निजी संपत्ति वसूली अध्यादेश 2024“ राज्य में लागू हो जाएगा।

देवभूमि में कानून व्यवस्था और स्वरूप को बिगाड़ने की किसी को भी छूट नहीं है। कानून तोड़ने वालों को कड़ी सजा दी जाएगी। हमने दंगाइयों से निपटने को सख्त कानून को मंजूरी दे दी है। दंगाइयों को सजा भी दी जाएगी और नुकसान की पूरी भरपाई कराई जाएगी। इस कानून का राज्य में कड़ाई से पालन कराया जाएगा।
– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड सरकार।

धामी का प्रयास लाया रंग, रेल लाइन सर्वे को मिली मंजूरी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रेल मंत्रालय द्वारा काशीपुर-धामपुर के बीच 58 किलोमीटर रेल लाइन के सर्वे को मंजूरी प्रदान करने पर प्रसन्नता व्यक्त की है। इस संबंध में मुख्यमंत्री द्वारा पूर्व में केंद्रीय रेल मंत्री से अनुरोध किया गया था। मुख्यमंत्री ने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केन्द्रीय रेल मंत्री का आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी वर्षों में इस रेल लाइन के निर्माण से कुमाऊं क्षेत्र के यात्रियों को आवागमन में सुविधा होगी। पर्यटकों को भी इससे आवागमन में सुविधा होगी।

आदि कैलाश की यात्रा के दौरान पर्यटकों को मिले उचित सुविधाः राधा रतूड़ी

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सचिवालय में आदि कैलाश की यात्रा पर आने वाले पर्यटकों के लिए सुविधाओं और कनेक्टिविटी को मजबूत करने के सम्बन्ध में पर्यटन विभाग के साथ बैठक की। बैठक में जानकारी दी गई कि माननीय प्रधानमंत्री जी की परिकल्पना के अनुरूप पर्यटन विभाग द्वारा पिथौरागढ़ जिले के धारचूला क्षेत्र में स्थित आदि कैलाश अथवा छोटा कैलाश, ओम पर्वत, पार्वती सरोवर पवित्र धार्मिक स्थलां के दर्शनों के लिए हैली सेवाएं प्रारम्भ की जा रही हैं। आदि कैलाश एवं ओम पर्वत के दर्शन पर्यटकों द्वारा जौलिंगकौंग एवं नाबीढांग से कराये जाने की योजना है।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि विषम मौसम एवं उच्च हिमालयी क्षेत्रों के अत्यधिक ठण्ड व विषम मौसम के कारण सर्दियों के दौरान छः माह में यहां के नागरिकां के पास कोई व्यवसायिक गतिविधियां न होने के कारण उन्हें मजबूर होकर निचले क्षेत्रों में आजीविका हेतु पलायन करना पड़ता है, जबकि सामरिक दृष्टिकोण, धार्मिक पर्यटन एवं साहसिक पर्यटन की दृष्टि से यह क्षेत्र अत्यन्त महत्वपूर्ण होने के कारण इस क्षेत्र में विंटर टूरिज्म को बढ़ावा देकर एक ओर जहां इस क्षेत्र में वर्ष पर्यन्त नागरिकां की उपस्थिति से न केवल सामरिक दृष्टिकोण अपितु वहीं दूसरी ओर एक नया शीतकालीन पर्यटन गन्तव्य व उत्पाद केन्द्र तैयार कर स्थानीय नागरिकों के लिये रोजगार के संसाधन उपलब्ध कराने तथा राजस्व अर्जित का प्रमुख स्रोत विकसित हो सकता है।

बैठक में जानकारी दी गई कि हैली सेवाएं प्रारम्भिक रूप से छः माह के लिए संचालित किये जाने का प्रस्ताव है एवं छः माह के उपरान्त यात्रा संचालन का व्यापक परीक्षण कर भविष्य में इस योजना को नियमित रूप से यात्रियां/पर्यटकों के लिए संचालित किया जा सकेगा। मुख्य सचिव ने पर्यटन विभाग को आदि कैलाश क्षेत्र में पर्यटकों के लिए मूलभूत सुविधाओं को विकसित करने की कार्ययोजना पर गम्भीरता और तत्परता से कार्य करने के निर्देश दिए हैं।

बैठक में सचिव सचिन कुर्वे, अपर सचिव पूजा गर्ब्याल तथा पर्यटन विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

सीएम ने काठगोदाम-अमृतसर के बीच ट्रेन संचालन को मंजूरी मिलने पर पीएम का जताया आभार

काठगोदाम रेलवे स्टेशन से अमृतसर जंक्शन के लिए ट्रेन संचालन को रेल मंत्रालय ने मंजूरी प्रदान कर दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस हेतु प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार प्रकट करते हुए कहा कि इस रेल के चलने से यात्रियों को काफी सहूलियत होगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विगत 2 दिसंबर 2023 को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र भेजकर काठगोदाम से अमृतसर के मध्य सीधी रेल सेवा के संचालन का अनुरोध किया था।

अब, रेल मंत्रालय ने उनके इस अनुरोध को स्वीकार करते हुए काठगोदाम-अमृतसर के मध्य ट्रेन संचालन को मंजूरी प्रदान कर दी है। रेल मंत्रालय द्वारा मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर अवगत कराया गया है नयी ट्रेन के संचालन को मंजूरी दे दी गई है।

हमारा स्वप्न और संकल्प है कि एक आदर्श चंपावत बनाएंः धामी

मुख्यमंत्री ने चंपावत से वर्चुअल रूप से जुड़े लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि हिमालयन बास्केट की शुरुआत वर्ष 2018 में सुमित और स्नेहा थपलियाल ने की थी। उन्होंने कहा कि सुमित पेशे से एक इंजीनियर हैं और स्नेहा एक मार्केटिंग पेशेवर हैं। देवभूमि से होने के कारण, दोनों हमेशा स्थानीय लोगों को रोजगार देने के लिए कुछ अलग करना चाहते थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों ने डेयरी, खेती और उनके पहलुओं से संबंधित विकल्पों पर विचार कर हिमालयन बास्केट की स्थापना का निर्णय लिया।

हिमालयन बास्केट के तहत दूध, हल्दी, पुदीना जैसे कृषि उत्पाद खरीदकर इनसे अलग-अलग उत्पाद बनाकर विदेशों में सप्लाई करते हैं। उत्पाद बनाने के लिए 200 से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध करा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दूध से बनने वाले उत्पाद ’चुरपी’ और ’घी’ की अधिक डिमांड है। क्योंकि चुरपी गाय के दूध से बना एक विशेष कठोर पनीर है और दोनों ने उत्तराखंड में इसके उत्पादन का बीड़ा उठाया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस तरह सरकार और जिला प्रशासन की मदद से दोनों को बागवानी कोल्ड स्टोर लीज पर मिला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग भी इस क्षेत्र में काम कर रहे हैं हमारी सरकार उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा स्वप्न और संकल्प है कि एक आदर्श चंपावत बनाएं। इसके लिए हमें चाहिए कि चंपावत के जो भी उत्पाद हैं, वो सभी आदर्श होने चाहिए। इस अवसर पर जिलाधिकारी नवनीत पांडे, भाजपा जिलाध्यक्ष निर्मल मेहरा आदि उपस्थित रहे।

हल्द्वानी अतिक्रमण विवादः डीएम वंदना को कट्टरपंथियों से ट्रोलिंग, जनता ने किया समर्थन

हल्द्वानी के बनभूलपुरा में अवैध अतिक्रमणों के खिलाफ कार्रवाई करने वाली जिलाधिकारी वंदना सिंह सोशल मीडिया पर चर्चाओं का केंद्र बन गई हैं। कुछ कट्टरपंथी उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रेंड करवा रहे थे और उनके खिलाफ भड़काऊ अभियान चला रहे थे।

अब्दुल मलिक पर कार्रवाई का नतीजा?

अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद कट्टरपंथियों ने डीएम वंदना के खिलाफ “#अरेस्ट_वंदना_सिंह” ट्रेंड चलाया। उन पर आरोप लगाते हुए सांप्रदायिक रंग दिया गया। सोशल मीडिया ट्रेंड के विश्लेषण से पता चला कि इसमें ज्यादातर एक समुदाय विशेष के कट्टरपंथी समूह शामिल थे।

कथित प्रेस कॉन्फ्रेंस और झूठा माहौल

इसी कट्टरपंथी मानसिकता से ग्रसित कुछ लोगों ने दिल्ली प्रेस क्लब में डीएम के खिलाफ प्रेस कॉन्फ्रेंस की। ये लोग कभी बनभूलपुरा गए ही नहीं थे, लेकिन वहां से एक वीडियो के आधार पर वंदना सिंह के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश की। यही गिरोह अक्सर लोगों को भड़काने के लिए जाना जाता है।

सच सामने आया, मिला जनता का विश्वास

लेकिन सच छिपाए नहीं छिपता। जैसे ही सच्चाई सामने आई, सोशल मीडिया साईट एक्स पर “#isupportdmvandana” ट्रेंड शीर्ष पर चला गया। राष्ट्रीय मीडिया में भी डीएम वंदना की चर्चा होने लगी। शायद उत्तराखंड में पहली बार किसी डीएम ने इतनी ख्याति प्राप्त की, उन्हें लगातार सोशल मीडिया पर युवाओं द्वारा सपोर्ट और फॉलो किया जा रहा है। दूसरे शब्दों में कहें तो यह अराजक तत्वों पर सम्पूर्ण नारी शक्ति का तमाचा है।

सरकार का समर्थन, डीएम की निष्ठा

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूरे घटनाक्रम में डीएम का समर्थन किया, जिससे वह बिना किसी दबाव के अपना कर्तव्य पूरा कर सकीं। डीएम वंदना ने साबित किया कि अगर आप सत्य के साथ खड़े हों तो कोई ताकत आपको झुका नहीं सकती। उन्होंने सरकार और सीएम धामी को हर परिस्थिति में विश्वास रखने के लिए धन्यवाद दिया।

काशीपुर कलस्टरः ठोस अपशिष्ट प्रबंधन परियोजना के लिए 1429.89 लाख रूपये पर हुए अनुमोदन

काशीपुर कलस्टर की ठोस अपशिष्ट प्रबंधन परियोजना के लिए वित्त मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने 1429.89 लाख रूपये पर अपना अनुमोदन दिया है।

मंत्री डा. अग्रवाल ने बताया कि काशीपुर कलस्टर जिसमें काशीपुर, जसपुर और महुआडाबरा आदि की ठोस अपशिष्ट प्रबंधन परियोजना के लिए उनकी ओर से 1429.89 लाख रूपये को अपना अनुमोदन दिया है। उन्होंने बताया कि इसमें चतुर्थ राज्य वित्त आयोग से 571.956 लाख रूपये, स्वच्छ भारत मिशन से 500.46 लाख रूपये तथा काशीपुर कलस्टर से 357.4725 लाख रूपये स्वयं के वहन से करेगा।

उन्होंने बताया कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन का तात्पर्य है कि वातावरण एवं जन स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना ठोस कचरे के उपचार, निस्तारण, पुनः प्रयोग, पुनः चक्रण व ऊर्जा में परिवर्तन करने की प्रक्रिया से है।

उन्होंने बताया कि ठोस कचरा प्रबंधन की प्रक्रिया के अनेक लाभ है इन लाभों में जन स्वास्थ्य, पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी तंत्र को लाभ मिलता है, बताया कि पर्यावरण स्वच्छ रहता है।

उन्होंने बताया कि हमारे आसपास के सभी कचरे का उचित निपटान किया जाए तो हम पर्यावरण को आसानी से स्वच्छ रख सकते हैं। बताया कि कचरा प्रबंधन की पुनर्चंक्रण प्रक्रिया से हमें नए उत्पादों के लिए कच्चा माल प्राप्त होता है।

टनकपुर समाचारः केंद्रीय मंत्री ने किया 2217 करोड़ की 8 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का शिलान्यास

केन्द्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने आज टनकपुर में 2217 करोड़ की कुल 8 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इस अवसर पर टनकपुर के गांधी मैदान में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में उत्कृष्ट बुनियादी ढांचा तैयार करने के उद्देश्य से न केवल सड़कों और राजमार्गों का काम चल रहा है, बल्कि लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग 87 विस्तार पर दीवारों का भी निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बागेश्वर जिले में सरयू और गोमदी नदी पर दो पुलों की मरम्मत का कार्य भी 5 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। इन परियोजनाओं से न केवल पर्यटकों को लाभ होगा बल्कि स्थानीय लोगों के लिए भी आवागमन आसान हो जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके अलावा पर्यावरण को कोई नुकसान पहुंचाए बिना स्थानीय अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी। गडकरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में हम उत्तराखंड के विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं।

उन्होंने कहा कि काठगोदाम से नैनीताल सड़क को 2-लेन पेव्ड शोल्डर के साथ चैड़ा करने से नैनीताल-मानसखंड मंदिरों तक कनेक्टिविटी में सुधार होगा। काशीपुर से रामनगर रोड के 4-लेन चैड़ीकरण से पर्यटकों के लिए जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क और मानसखंड मंदिरों तक पहुंचना आसान हो जाएगा। कांगारछीना से अल्मोडा मार्ग के 2 लेन चैड़ीकरण से न केवल बागेश्वर जाने वाले पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी बल्कि उनका समय भी बचेगा। राष्ट्रीय राजमार्ग 309ए पर उडियारी बैंड से कांडा मार्ग के 2-लेन चैड़ीकरण और पुनर्वास से बागेश्वर में बागनाथ और बैजनाथ मंदिरों तक पहुंच आसान हो जाएगी। साथ ही बागेश्वर से पिथौरागढ़ तक का कठिन सफर बेहतर, सुरक्षित और समय की बचत होगी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कुमाऊं क्षेत्र के लिए 2217 करोड़ रुपये की 8 महत्वपूर्ण परियोजनाओं का शिलान्यास करने पर केंद्रीय मंत्री का आभार प्रकट करते हुए कहा कि मेरे लिए इन सभी परियोजनाओं का भूमि पूजन होना इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इस क्षेत्र के विधायक के रूप में मैंने इन योजनाओं के भूमि पूजन का जो स्वप्न देखा था वह स्वप्न आज पूर्ण हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करना हमारी प्राथमिकता है। हम निरंतर इस दिशा में तेज गति से आगे बढ़ रहे हैं। हमारी सड़कें विकास की द्योतक हैं, ये वो पथ है जिस पर आगे बढ़कर सर्वश्रेष्ठ उत्तराखंड का स्वप्न साकार होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के नेतृत्व में प्रदेश में जिस स्तर पर सड़कों का निर्माण कार्य किया जा रहा है वह अभूतपूर्व है। राज्य में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण व लोक निर्माण विभाग द्वारा मिलकर अनेक परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में विभाग के साथ बैठक कर प्रदेश में जारी सभी निर्माणाधीन और प्रस्तावित कार्यों की समीक्षा की थी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जारी विकास कार्यों की स्थिति संतोषजनक है और पूर्ण आशा है कि सभी योजनाएं तय समय पर पूर्ण हो जाएंगी।

उन्होंने कहा कि हमने चार धाम सड़क परियोजना की ही तरह मानसखंड कॉरिडोर को भी राज्य का फ्लैगशिप प्रोजेक्ट तय कर इस पर कार्य करना प्रारंभ कर दिया है। हम प्रदेश में केवल नए मार्गों का ही निर्माण नहीं कर रहे बल्कि इन पर आवाजाही को सुरक्षित करने पर भी कार्य कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के मार्गदर्शन में हमारे सीमांत इलाकों तक सड़कों का नेटवर्क बन रहा है। सामरिक दृष्टि से अतिमहत्वपूर्ण इस सड़क नेटवर्क की जरुरत वर्षों से महसूस की जा रही थी और आज डबल इंजन की सरकार दशकों से लंबित कार्यों को पूर्ण करने का कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा प्रदेश धार्मिक दृष्टि से अति महत्वपूर्ण प्रदेश है। हमारे चारधाम, हमारे तीर्थ, हमारे मंदिर, हमारी आस्था के स्थान, ये सिर्फ दर्शन करने के स्थल ही नहीं हैं,ये हमारी हजारों वर्षों पुरानी सभ्यता की अमिट निशानियां हैं। भारत ने हर संकट का सामना करते हुए कैसे खुद को अटल रखा, ये उसकी साक्षी है। कोई भी देश अपने अतीत को मिटाकर, भुलाकर, कभी विकसित नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि हमें संतोष है कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व वाली सरकार में बीते 10 वर्षों में स्थितियां बदल गई हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने प्रधानमंत्री के नेतृत्व में चारधामों के साथ ही मानसखंड मंदिर माला मिशन के तहत मन्दिरों के जीर्णोद्धार का संकल्प लिया है। जिसके तहत केदारनाथ, बद्रीनाथ, यमुनोत्री और गंगोत्री के साथ ही टनकपुर-पिथौरागढ़ की सड़क कनेक्टिविटी में सुधार के लिए चारधाम आल वेदर सड़क परियोजना पर वृहद स्तर पर कार्य चल रहा है। साथ ही दिल्ली-देहरादून एलिवेटेड रोड का निर्माण कार्य भी तीव्र गति से चल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे यह बताते हुए अत्यंत प्रसन्नता हो रही है कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना का कार्य भी शीघ्र पूर्ण कर लिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार जनसेवा को ध्येय मान कर कार्य कर रही है और हमारा लक्ष्य उत्तराखंड का सर्वांगीण विकास है। प्रधानमंत्री जी की अपेक्षा के अनुरुप हम उत्तराखण्ड को प्रत्येक क्षेत्र में आदर्श राज्य बनाने के लिए निरंतर प्रयत्नशील हैं। हम जन-जन की आशाओं और आकांक्षाओं को पूर्ण करने के लिए पूरी ऊर्जा के साथ दिन रात निरंतर कार्य कर रहे हैं। जबकि पूर्व की सरकारों ने वादों को पूरा करने की गारंटी देते हुए केवल वोटबैंक की राजनीति का हर वर्ग को छलने का कार्य किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पूरा देश कह रहा है कि ‘मोदी की गारंटी यानी गारंटी पूरा होने की गारंटी’। प्रधानमंत्री जी ने सड़कों के विकास, नए हवाई अड्डों का निर्माण, गरीबों, महिलाओं, युवाओं और किसानों को मूल सुविधाएं देने की गारंटी दी है और सभी देख रहे हैं कि आज इनमें से अधिकतर गारंटियां पूरी हो रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार हर लाभार्थी तक पहुंचने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा लक्ष्य हर नागरिक का जीवन आसान बनाने का है और हम अपने इस प्रयास में सफल हो रहे हैं।

इस अवसर पर केंद्रीय रक्षा एवं पर्यटन राज्य मंत्री अजय भट्ट ने कहा कि विगत 10 वर्षों में भारत का कायाकल्प हुआ है। दुनिया आज भारत का लोहा मान रही है। सांसद अजय टम्टा ने अल्मोड़ा संसदीय क्षेत्र में किये जा रहे विभिन्न विकास कार्यों के साथ ही चारधामों एवं मानसखंड मंदिर माला को जोड़ने हेतु बनाई जा रही सड़क परियोजनाओं एवं प्रस्तावित परियोजनाओं के बारे में अवगत कराया।

इस अवसर पर विधायक काशीपुर त्रिलोक सिंह चीमा, प्रदेश मंत्री हेमा जोशी, जिला पंचायत अध्यक्ष ज्योति राय, भाजपा जिलाध्यक्ष निर्मल महर, मुख्य अभियंता सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय डीके शर्मा, जिलाधिकारी नवनीत पाण्डे, पुलिस अधीक्षक अजय गणपति समेत विभिन्न जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

सीएम धामी की बड़ी घोषणा, वनभुलपुरा में अतिक्रमण स्थल पर पुलिस थाना बनेगा

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी हल्द्वानी के वनभुलपुरा की घटना पर हरिद्वार में आक्रमक दिखे। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि वनभुलपुरा में अतिक्रमण वाले स्थान पर पुलिस थाना बनाया जाएगा। इसके अलावा देवभूमि में कानून को तोड़ने वालों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जल्द घटना के लिए जिम्मेदार सभी षड्यंत्रकारी सामने लाये जांएगे।

हरिद्वार में नारी शक्ति महोत्सव को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि हल्द्वानी के वनभुलपुरा की घटना निंदनीय है। जिस तरह से अराजक तत्वों ने महिला पुलिस कर्मियों, पुलिस फोर्स के जवानों और नियमानुसार अतिक्रमण हटाने गई टीम के साथ अभद्रता की, वह देवभूमि में बर्दाश्त करने लायक नहीं है। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि वनभुलपुरा मामले में कानून अपना काम कर रहा है। सभी अतिक्रमण को हटाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने घोषण की कि अतिक्रमण वाले स्थान पर पुलिस थाना बनाया जाएगा। इससे पहले मुख्यमंत्री ने अल्मोड़ा और लोहाघाट (चंपावत) में भी हल्द्वानी की घटना पर कहा था कि वनभुलपुरा की घटना के सभी जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी। सरकार अतिक्रमण पर न झुकेगी, न रुकेगी और सभी अतिक्रमण हटाते रहेगी।

टनकपुर के फागपुर में सीएम ने जनता को बताई सरकार की उपलब्धियां

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गांव चलो अभियान के तहत चंपावत जिले के तहसील टनकपुर के फागपुर में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में प्रतिभाग किया। फागपुर पहुंचने पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों व लोगों द्वारा मुख्यमंत्री का स्वागत किया गया।

फागपुर में गांव चलो अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित जनता को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने केन्द्र और राज्य सरकार द्वारा नारी सशक्तिकरण के लिए चलायी जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं, कार्यक्रमों व सरकार की उपलब्धियों से लोगों को अवगत कराते हुए नारी शक्ति को इस पर्वतीय राज्य की रीढ़ कहा। इस दौरान उन्होंने प्रदेश सरकार द्वारा राज्य के विकास हेतु किए जा रहे अनेकों विकास कार्यों के अतिरिक्त चंपावत जिले में हो रहे अनेकों विकास कार्यों व स्वीकृत योजनाओं की जानकारी दी।

गांव चलो अभियान अंतर्गत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बनबसा हेलीपैड से सीधे फागपुर निवासी सबिता देवी पत्नी दिनेश आर्या के घर पहुंचे जहां उन्होंने परिवार वालों का हाल-चाल जाना और वार्ता की। उन्होंने वहा चारा कुट्टी मशीन भी चलायी। मुख्यमंत्री के समक्ष परिवार जनों ने अपने कच्चे गोठ की समस्या रखी, जिस पर मुख्यमंत्री ने उप जिलाधिकारी टनकपुर को तत्काल इस संबंध में कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उसके बाद मुख्यमंत्री धामी गांव में ही स्थित संगीता रावल पत्नी राजकुमार रावल के घर पहुंचे और वहां नन्हे मुन्ने बच्चों से बात की और उन्हें चॉकलेट, टाफी दी, अपने पास मुख्यमंत्री को पाकर बच्चे और स्थानीय लोग काफी खुश नजर आए। मुख्यमंत्री ने वहा चाखा(पत्थर की हाथ वाली चक्की) चलाया और भट्ट की दाल को दला। मुख्यमंत्री के अचानक ही दोनों परिवारों में पहुंचने से घर के सभी लोग काफी उत्साहित, खुश नजर आए और उनका स्वागत किया।
फागपुर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विवेकाधीन कोष से मनीषा देवी पत्नी देवेंद्र सिंह बिष्ट निवासी कैनाल कॉलोनी चांदनी को 01 लाख तथा मीना देवी पत्नी स्वर्गीय विपिन कुमार निवासी बोरागोठ टनकपुर को 50 हजार की धनराशि स्वीकृत करते हुए शीघ्र प्रदान करने के निर्देश उपजिलाधिकारी को दिए।

मुख्यमंत्री ने फागपुर भ्रमण के दौरान क्षेत्र के विकास के लिए 07 घोषणाएं की जिसमें टनकपुर स्टेडियम का उच्चीकरण तथा 400 मीटर सिंथेटिक ट्रैक, इंडोर स्विमिंग पूल, बहुउद्देशीय हॉल का निर्माण किया जाएगा।
टनकपुर एवं बनबसा क्षेत्र में अर्बन फॉरेस्ट योजना के अन्तर्गत पृथक-पृथक वृहद पार्क का निर्माण किया जाएगा।
ग्राम सभा फागपुर में आन्तरिक मार्गों का निर्माण किया जाएगा।
राजकीय प्राइमरी पाठशाला फागपुर व जूनियर हाईस्कूल फागपुर का रूपान्तरण, स्मार्ट कक्षा का निर्माण व आधुनिकीकरण किया जायेगा।
राजकीय जूनियर हाईस्कूल फागपुर का नाम डा० भीमराव अम्बेडकर के नाम पर रखा जायेगा।
बनबसा केनाल गेट से देवीपुरा धनुष पुल तक सड़क को हॉटमिक्स किया जायेगा।
टनकपुर में नशा मुक्ति केन्द्र की स्थापना की जाएगी।

इस अवसर पर सांसद अजय टम्टा, उपाध्यक्ष वन एवं पर्यावरण दीपक मेहरा, जिला पंचायत सदस्य किरण देवी, भाजपा प्रदेश मंत्री हेमा जोशी, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष टनकपुर विपिन कुमार, शिवराज सिंह कठायत, ग्राम प्रधान हर्षवर्धन, उप जिला अधिकारी आकाश जोशी समेत विभिन्न जनप्रतिनिधि, भारी संख्या में जनता मौजूद रही।