चीन में उत्तराखंड के अंगद ने भारत का नाम किया रोशन

उत्तराखंड के अंगद बिष्ट की फुर्ती, मुक्कों और गजब के कुश्ती कौशल का दुनिया लोहा मान रही है। मिक्स् मार्शल आर्ट्स में अंगद बिष्ट रोज नए कीर्तिमान रच रहे हैं। बीते रविवार को एक बार एंगद की धमक दुनिया ने देखी जब उन्होंने चीन में आयोजित रोड टु यूएफसी के मुकाबले में फिलीपींस के जॉन अल्मांजा को हराकर रोड टू यूएफसी के सेमीफाइन में प्रवेश किया।

रोड टू यूएफसी मिक्स मार्शल आर्ट की ऐसी चौंपियनशिप है जिसमें एशिया के टॉप एथलीट भाग लेते हैं। और अपने प्रतिद्वंदियों को मात देकर फाइनल में जाते हैं। फाइनल जीतने वाला रेसलर दुनिया की सबसे खतरनाक मिक्स मार्शल आर्ट प्रतियोगिता यूएफसी (अल्टीमेट फाइटिंग चौंपियनशिप) के लिए क्वालिफाई करते हैं।

रविवार को फ्लाइवेट कैटेगरी में जैसी ही क्वाटरफाइनल मुकाबला शुरू हुआ अंगद बिष्ट ने विरोधी पर ताबड़तोड़ पंच बरसाना शुरू कर दिए। अंगद की फुर्ती और रौब के आगे विरोधी टिक नहीं सका औऱ बुरी तरह पिट गया। इसे देखते हुए रेफरी ने टेक्निकल नॉक आउट (ज्ज्ञव्) पद्धति से फैसला अंगद के पक्ष में दिया। आपको बता दें कि जब रेफरी को लगता है कि एक पहलवान के आगे दूसरा पहलवान कहीं नहीं टिक पा रहा और उसकी जान को भी खतरा हो सकता है, ऐसी स्थिति में ज्ज्ञव् से फैसला दिया जाता है। सेमीफाइनल मुकाबले में अंगद का मुकाबला कोरिया के रेसलर चाइ डोंग हून से होगा।

अंगद की जीत पर उनके गृह जनपद रुद्रप्रयाग में खुशियों का माहौल है। प्रदेशभर से सोशल मीडिया पर अंगद को उनकी उपलब्धि के लिए बधाई मिल रही है।

अंगद बिष्ट मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स में उत्तराखंड के युवाओं को प्रतिभाशाली बनाने के लिए देहरादून में म्यूटेंट एम.एम.ए. एकेडमी चलाते हैं। अंगद से कोचिंग लेने देशभर के फाइटर देहरादून आ रहे हैं। वह महिला फाइटरों को भी कोचिंग दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि पहाड़ के युवाओं का स्टेमिना और बॉडी स्ट्रक्चर काफी मजबूत होता है, बस जरूरत है तो उन्हें अच्छी कोचिंग की, जो प्रयास उनकी तरफ से पिछले किया जा रहा है।

देवभूमि ऋषिकेश मार्शल आर्टस ट्रेनिंग सेंटर के 60 खिलाड़ियों ने की बैल्ट परीक्षा उत्तीर्ण

सिको काई कराटे इंटरनेशनल इंडिया के तत्वधान में आज देव भूमि ऋषिकेश मार्शल आर्ट्स ट्रेनिंग सेंटर की कोच शिवानी गुप्ता द्वारा खिलाड़ियों की बैल्ट परीक्षा ली गई। कोच शिवानी गुप्ता ने बताया कि बैल्ट परीक्षा से खिलाड़ी का मनोबल बढ़ता है और वह स्वयं को और बेहतर बनाने की कोशिश करता है।

कोच शिवानी गुप्ता ने बताया कि माधवन, दीक्षा देवनाथ, सलोनी, प्राची नौटियाल, अनय अग्रवाल, विनय, राघव, ध्रुव, श्री गुप्ता, अवयुक्त,रमन, दिग्विजय, ओंकार, ईवा, अवनी, आदित्य, अंशुमन, वेदांश, रियांश, करण,आरव, सोमेश सेमवाल,इशांत, सक्षम, अनुराग चमोली,शौर्य, शिवानी, पार्थ, काव्या रौतेला, वर्णिका ने यैलो बैल्ट परीक्षा उत्तीर्ण की। कार्तिक पोरवाल, दिव्यता मान, निकिता कौशिक, अंशिका रावत, श्रेया गोला, वैष्णवी चौहान, गरिमा, योगेश, नैतिक, संजय, समष्टि, समृद्धि, विष्णु, अनुराग ने ऑरेंज बैल्ट परीक्षा उत्तीर्ण की। हर्षित भट्ट, रक्षित, अंश, श्लोक, साइमन,वीर, तविषा,तेजस्वी ने ग्रीन बेल्ट परीक्षा उत्तीर्ण की।भव्या चौहान आस्था शाश्वत ने ब्लू बेल्ट परीक्षा उत्तीर्ण की।
जबकि सीनियर कैटेगरी में प्रिया वर्मा, सोनाक्षी पात्रों, सानिया, जयवर्धन रमोला, सार्थक भट्ट ने ब्राउन बेल्ट की परीक्षा उत्तीर्ण की।

इस अवसर पर कराटे इंडिया ऑर्गेनाइजेशन महासचिव संजीव कुमार जांगड़ा, कोच विपिन डोगरा एवं खेल प्रेमियों ने खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दी उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।

मंत्री अग्रवाल ने ग्रेपलिंग खिलाड़ियों को किया सम्मानित

क्षेत्रीय विधायक व मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने ग्रेपलिंग एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड द्वारा सातवीं स्टेट ग्रेपलिंग चौपियनशिप कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान खिलाड़ियों को प्रशस्ति पत्र व मैडल देकर सम्मानित किया।

श्री भरत मन्दिर पब्लिक स्कूल के हॉल में कार्यक्रम का शुभारंभ कर डॉ अग्रवाल ने कहा कि टूर्नामेंट किसी भी खेल का हो, यह हमें आपसी सौहार्द, भाईचारा को बढ़ावा देता हैै। इस तरह के आयोजन से हमारी प्रतिभाओं को एक मंच मिलता है और इस मंच के जरिए अपने हुनर को निखारने का मौका भी।

डॉ अग्रवाल ने कहा कि जहां तक बात ग्रेपलिंग, कुश्ती, कराटे और मार्शल आर्ट की हो तो आजकल के माहौल को देखते हुए सभी अभिभावकों को अपने बच्चों को इस तरह के खेल के प्रति रूचि दिखानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे आपके बच्चों को प्रत्यक्ष रूप से शारीरिक विकास तो होगा ही, साथ ही अप्रत्यक्ष रूप से मानसिक विकास भी होगा।

डॉ अग्रवाल ने प्रतिभाग कर रहे खिलाड़ियों को कहा कि मैच में चाहे विपरीत परिस्थितियां भी क्यों न बन रही हो, उस दौरान खेल भावना का विशेष ध्यान देना चाहिए। कहा कि क्यों कि खेल कोई भी हो, हमें झगड़ना नहीं सीखाता।

इस मौके पर डॉ अग्रवाल ने सातवीं प्रदेश ग्रेपलिंग चौंपियनशिप 2024 के लिए आयोजकों को बधाई दी। इस मौके पर महंत वत्सल प्रपन्नाचार्य, अध्यक्ष ग्रेपलिंग एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड अखिलेश मित्तल, जिला उपाध्यक्ष दिनेश सती, महासचिव नवीन रयाल, कोषाध्यक्ष सागर गर्ग, महिला मोर्चा मण्डल अध्यक्ष माधवी गुप्ता, मंडल अध्यक्ष अनुसूचित मोर्चा राधे जाटव, मण्डल अध्यक्ष युवा मोर्चा जगावर सिंह, सुधा असवाल, अनिल रावत, अभिनव पाल आदि उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों से खेल के क्षेत्र में देश व प्रदेश का नाम रोशन करने का किया आह्वान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने परेड ग्राउंड के बहुउद्देशीय हॉल में रोल बाल फेडरेशन ऑफ़ इंडिया द्वारा आयोजित 16वीं सब जूनियर (अंडर-14) बॉयज एंड गर्ल्स नेशनल रोल बाल चौंपियनशिप में प्रतिभाग करते हुये खिलाड़ियों का उत्साहवर्द्धन किया।

मुख्यमंत्री ने इस मौक़े पर उत्तराखंड तथा हिमाचल के बीच आयोजित मैच का आनंद लिया तथा खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। मुख्यमंत्री ने इससे पहले सभी खिलाड़ियों का परिचय लिया तथा खेल के क्षेत्र में देश व प्रदेश का नाम रोशन करने का आह्वान किया।

उल्लेखनीय है कि 25 से 28 अप्रैल, 2024 तक आयोजित राष्ट्रीय स्तर की इस सब जूनियर (अंडर-14) बॉयज एंड गर्ल्स नेशनल रोल बाल चैपियनशिप में देशभर की 28 टीमें भाग ले रही हैं।

इस अवसर पर नेशनल रोल बाल चैंपियनशिप के प्रेजिडेंट पंकज भारद्वाज, सेकेट्री चिरतानजी नेगी, अमित भाटिया, आशीष नेगी, डॉ. वरुण प्रताप सिंह, प्रियांक शर्मा, प्रमोद कुमार सहित बड़ी संख्या में खेल प्रेमी मौजूद रहे।

उत्तराखंड राज्य स्तरीय किक बॉक्सिंग प्रतियोगिता में ऋषिकेश के खिलाड़ियों का रहा जलवा

उत्तराखंड एमेच्योर किकबॉक्सिंग एसोसिएशन के तत्वाधान में देहरादून में उत्तराखंड राज्य स्तरीय किकबॉक्सिंग प्रतियोगिता परेड ग्राउंड देहरादून बैडमिंटन हॉल में आयोजित की गई।

प्रतियोगिता में नेशनल रेफरी किक बॉक्सिंग एवम कोच शिवानी गुप्ता ने बताया कि प्रतियोगिता का शुभारंभ 21 अप्रैल 2024 को उत्तराखंड एमेच्योर किक बॉक्सिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष अरविंद कोटनाला ने दीप प्रज्वलित कर किया।

प्रतियोगिता में देवभूमि ऋषिकेश मार्शल आर्ट ट्रेनिंग सेंटर के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मनन डोगरा दो स्वर्ण, हर्षित भट्ट दो स्वर्ण, दिव्यता थापा दो स्वर्ण, सोनाक्षी पात्रों दो स्वर्ण, तविषा तनेजा दो स्वर्ण,वर्णिका दो स्वर्ण, श्लोक गैरोला स्वर्ण एवम रजत,निकिता कौशिक स्वर्ण एवम रजत,सान्या स्वर्ण एवम रजत, भव्या चौहान दो रजत, शिवानी रजत एवम कांस्य, गरिमा कोठियाल दो रजत,माधवन रजत एवम कांस्य, सार्थक भट्ट दो स्वर्ण, अंश पाल दो रजत, प्राची नौटियाल दो कांस्य पदक हासिल किए।

कोच शिवानी गुप्ता ने बताया कि खिलाड़ियों का चयन राष्ट्रीय स्तरीय प्रतियोगिता महाराष्ट्र पुणे के लिए हुआ है। इस अवसर पर उत्तराखंड एमेच्योर के किक बॉक्सिंग एसोसिएशन अध्यक्ष अरविंद कोटनाला, वर्किंग प्रेसिडेंट ओम प्रकाश मल, महासचिव सत्येंद्र कुमार, कोच मुक्ति, कोच विपिन डोगरा, कोच सुमित कुमार, कोच आदर्श कुमार, कोच मिंटू सैनी सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे और उन्होंने खिलाड़ियों के उज्जवल भविष्य की कामना की।

युवा जितनी ईमानदारी, लगन और मेहनत से काम करेंगे, आगे की राह उतनी ही सुगम और सरल होगीः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य सेवक सदन में खेल नीति-2021 के अंतर्गत विभिन्न पदों पर चयनित राज्य के 31 विशिष्ट खिलाड़ियों को खेल विभाग, गृह विभाग, युवा कल्याण एवं वन विभाग में आउट ऑफ टर्न सेवायोजन, परिवहन विभाग में 25 कनिष्ठ सहायकों तथा उद्यान विभाग में 28 सहायक लेखाकारों को नियुक्ति पत्र प्रदान किये। इस प्रकार कुल 84 अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री ने नियुक्ति पत्र वितरित किये।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में सभी अभ्यर्थियों को बधाई एंव शुभकामनाएं देते हुये कहा कि आपने यह सफलता कड़ी मेहनत व परिश्रम से हासिल की है। उन्होंने चयनित अभ्यर्थियों से अपेक्षा की कि वे अपने दायित्व का संवेदनशीलता, जिम्मेदारी और जवाबदेही के साथ निर्वहन करेंगे। उन्होंने कहा कि आप जितनी ईमानदारी, लगन और मेहनत से काम करेंगे, आपके आगे की राह उतनी ही सुगम और सरल होगी।
मुख्यमंत्री ने खेल नीति 2021 का उल्लेख करते हुये कहा कि इसके तहत हमने अन्तर्राष्ट्रीय व राष्ट्रीय खेलों में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न सरकारी नौकरी देने का जो वादा किया था, उसे हम आज धरातल पर उतरते हुए देख रहे हैं। उन्होने कहा कि हमने तय किया है कि जो भी युवा खेल की दुनिया में उत्तराखंड का नाम रोशन करेंगे, उन्हें प्रोत्साहित किया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेलों के साथ ही खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय खेलों में प्रतिभाग करने के लिए तमाम सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं तथा सरकार खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने और उन्हें उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित करके, खिलाड़ियों का मनोबल निरन्तर बढ़ा रही है। उन्होंने आउट ऑफ टर्न नियुक्त प्रक्रिया का जिक्र करते हुये कहा कि यह प्रक्रिया सभी अन्तर्राष्ट्रीय, राष्ट्रीय पदक विजेताओं के लिए संजीवनी का कार्य करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्यान, परिवहन विभाग की तरह ही विगत माहों में प्रतिदिन युवाओं को विभिन्न विभागों के अन्तर्गत नियुक्ति पत्र देने का सिलसिला जारी है। उन्होंने कहा कि हमने संकल्प लिया है कि देवभूमि के मेहनती युवाओं को हर हाल में पूरी पारदर्शिता के साथ रोजगार उपलब्ध कराएंगे। इस संकल्प को सिद्धि तक पहुंचाने में हम कामयाब हुये हैं तथा नकल माफियाओं को नकल विरोधी सख्त कानून बनाकर सलाखों के पीछे भेजा है। उन्होंने कहा कि हमने महज तीन माह में ही लगभग पांच हजार युवाओं को नर्सिंग अधिकारी, वन आरक्षी, सहायक लेखाकार, डिप्टी जेलर व बन्दी रक्षक, ग्राम विकास अधिकारी आदि के पदों पर नियुक्ति पत्र प्रदान कर रोजगार उपलब्ध कराया है तथा ढाई साल की बात की जाये तो रोजगार उपलब्ध कराने का यह आंकड़ा 20 हजार से भी अधिक है।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उल्लेख करते हुये कहा कि उनके नेतृत्व में देश में रोजगार के अभूतपूर्व अवसर उपलब्ध हो रहे हैं तथा रोजगार देने का इतना बड़ा अभियान आज तक देश के इतिहास में नहीं चलाया गया है। उन्होंने कहा कि पदों को भरने की जो पहल हमने की है, यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में हमने युवाओं को सरकारी क्षेत्र में रोजगार देने के साथ-साथ स्वरोजगार के क्षेत्र में भी आगे बढ़ाने का बीड़ा उठाया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने प्रयाग पोर्टल और युवा उत्तराखंड एप लांच किया है, जिसमें युवा रोजगार के साथ ही स्वरोजगार के लिए रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। इसके साथ ही होम स्टे, मौन पालन के साथ ही अन्य क्षेत्रों में युवाओं को स्वरोजगार के लिए ऋण भी उपलब्ध करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विकल्प रहित संकल्प के मंत्र के साथ हम उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए निरन्तर कार्य कर रहे हैं तथा आप लोगों को नियुक्ति पत्र देना भी हमारे संकल्प का हिस्सा है।
कार्यक्रम को कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी तथा रेखा आर्य ने भी सम्बोधित करते हुये, सरकार की उपलब्धियों पर विस्तृत प्रकाश डाला तथा चयनित अभ्यर्थियों को बधाई व शुभकामनायें दी।
इस अवसर पर विधायकगण, प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, डीजीपी अभिनव कुमार, सचिव परिवहन अरविन्द सिंह ह्यांकी, महानिदेशक कृषि व उद्यान डॉ. रणवीर सिंह चौहान, ए.डी.जी. अमित सिन्हा, अपर निदेशक उद्यान डॉ0 आरके सिंह, वन विभाग के अधिकारीगण सहित संबंधित पदाधिकारी एवं अधिकारी गण उपस्थित थे।

राजीव गांधी क्रिकेट स्टेडियम को राज्य सरकार ने अपने नियंत्रण में लिया

नेशनल कम्पनी लॉ ट्रिब्यूनल के निर्देशों का अनुपालन न किये जाने के कारण राजीव गांधी अंतराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के संचालन हेतु अधिकृत की गई फर्म मे देहरादून इन्टीग्रेटेड अरीना लि. से सम्पत्ति को खाली कराकर राज्य सरकार के नियंत्रण में लिया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में खेल अवस्थानात्मक सुविधाओं को मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में ये निर्णय लिया गया है। इससे राज्य में खेल परिसम्पत्तियों के संरक्षण एवं आगामी राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन में भी मदद मिलेगी। ज्ञातव्य है कि राजीव गाँधी अन्तर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम को निविदा के आधार पर मेर्सस आई०टी०यू०ए०एल० को दिया गया था जिस हेतु उनके द्वारा देहरादून इन्टीग्रेटेड अरीना लि० कम्पनी को निर्मित कर राज्य सरकार के साथ मई, 2018 में अनुरक्षण एवं संचालन हेतु अनुबंन्ध गठित किया गया था। कोविड महामारी काल में उक्त कंपनी ने स्टेडियम के संचालन हेतु प्रर्याप्त वित्तीय संसाधन के अभाव में इन्सोल्वेन्सी हेतु मा० एन०सी०एल०टी में वाद दायर किया गया था। मा० एन०सी०एल०टी द्वारा इस हेतु आई०आर०पी० श्री अन्सुल पठानिया को रिजोल्यूशन प्लान हेतु नियुक्त किया गया था। माह नवम्बर, 2023 में मा० एन०सी०एल०टी द्वारा मेर्सस ट्राइवर इन्टरप्राइजेज के रिजोल्यूशन प्लान को स्वीकार करते हुये आदेश निर्गत किये गये थे। परन्तु उक्त कम्पनी द्वारा नई संचालन एजेंसी के रूप में राज्य सरकार से ना तो अनुमोदन प्राप्त किया गया ना ही मूल अनुबंधी शर्तों के अनुरूप एस्क्रो खाता खोला गया और ना ही अपेक्षित बैंक गारंटी उपलब्ध करायी गई, अपितु स्टेडियम में कार्यक्रम आयोजन हेतु विभिन्न संस्थाओं से धनराशि बुकिंग हेतु ली गयीं।
एनसीएलटी के निर्णय उपरान्त मै. देहरादून इन्टीग्रेटेड अरीना लि० को अनुबन्ध की नियमों के पालन हेतु दिनांक 12.12.2023 को अनुबन्ध की शर्तों अनुसार नोटिस दिया गया था जिसका संज्ञान उनके द्वारा नहीं लिया गया तथा प्रतिनिधियों द्वारा बैठक हेतु समय मांगने उपरान्त भी बैठक हेतु नहीं आये। नयी संस्था द्वारा की जा रही बुकिंग के विरूद्ध थाना रायपुर मे एक प्राथमिकी भी पीड़ित संस्था द्वारा दर्ज की गयी है जिसकी जांच पुलिस स्तर पर गतिमान है। राज्य एवं परिसंम्पत्ति के संरक्षण हित में दिनांक 13.02.2024 को पुनः नोटिस जारी कर संपत्ति को खाली करने के निर्देश दिये गये थे जिसके क्रम में आज दिनांक 17.02.2024 को संस्था द्वारा परिसर को रिक्त कर दिया गया है एवं राज्य सरकार द्वारा जन हित में स्टेडियम का नियंत्रण ले लिया गया है।

खेल मानसिक, शारीरिक और सामाजिक विकास से अत्यधिक अहमः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज रायपुर, देहरादून में राज्य स्तरीय खेल महाकुंभ का शुभारंभ किया। राज्य के सभी जनपदों से राज्य स्तरीय खेल महाकुंभ में प्रतिभाग करने आये खिलाड़ियों के बीच जाकर मुख्यमंत्री ने उनका उत्साह बढ़ाया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य स्तरीय खेल महाकुंभ में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को स्पोर्ट्स किट प्रदान की जाएगी। राज्य स्तरीय खेल महाकुंभ के शुभारंभ के अवसर पर बालक वर्ग की 800 मीटर दौड़ स्पर्धा के प्रथम तीन स्थान पाने वाले खिलाड़ियों को मुख्यमंत्री ने पुरस्कृत भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल मानसिक, शारीरिक और सामाजिक विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं। खेल टीमवर्क से कार्य करने का अवसर प्रदान करते हैं। राज्य स्तर पर आयोजित होने वाला यह खेल महाकुंभ उत्तराखण्ड के युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने के लिए एक उत्कृष्ट मंच प्रदान करता है। पंचायत स्तर, ब्लॉक स्तर और जिला स्तर पर खेलने के बाद खिलाड़ियों को राज्य स्तर पर इस खेल महाकुंभ में अपनी खेल प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन करने का अवसर मिलता है। खेल महाकुंभ का उद्देश्य प्रतिभाग करने वाले खिलाड़ियों को राष्ट्रीय एवं अंतराष्ट्रीय स्तर की बड़ी खेल प्रतियोगिताओं के लिए भी तैयार करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में होने वाले आगामी 38वें राष्ट्रीय खेल, उत्तराखंड की खेल प्रतिभाओं के विकास में मील का पत्थर साबित होंगे। 38वें राष्ट्रीय खेलों के आयोजन के लिए विभिन्न अवस्थापना सुविधाएं तैयार करना प्रारंभ कर दिया गया है। जिसके अंतर्गत राष्ट्रीय खेल सचिवालय का गठन किया गया है, जिससे इन खेलों का संचालन बेहतर रूप से किया जा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेलों को तेजी से बढ़ावा मिला है। भारत ने हाल में चीन में संपन्न हुए एशियाई खेलों में रिकार्ड 107 पदक जीते। नए जोश के साथ भारत 2030 ’’युवा ओलंपिक’’ और 2036 में ’’ओलंपिक’’ खेलों की मेजबानी के लिए तैयार है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में खेलों का बजट भी पहले के मुकाबले तीन गुना हो चुका है। उत्तराखण्ड में भी गांव से लेकर शहर तक के युवा खिलाड़ियों के लिए अभिनव प्रयोग किये जा रहे हैं। हरिद्वार बने फ्लाईओवर के नीचे खाली पड़ी जगह का प्रयोग कर वहां बैडमिंटन कोर्ट, बास्केटबाल कोर्ट, ओपन जिम बनाये जा रहे हैं। सरकार युवा खिलाड़ियों के लिए नौकरियों में खेल कोटे को भी पुनः प्रारंभ करने के लिए प्रयासरत है। राज्य सरकार प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने के लिए राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सीधे सरकारी नौकरी भी देने जा रही है। नई खेल नीति में राज्य के युवा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए उचित आर्थिक प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने खेल विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि आगामी राष्ट्रीय खेलों के लिए सभी तैयारियां तेजी से की जाए। खिलाड़ियों की डाइट से लेकर उनके रहने व हर सुविधा की व्यवस्थाएं की जाए। उत्तराखण्ड में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय खेलों में राज्य का अच्छा प्रदर्शन हो, इसके लिए अभी से अच्छे खिलाड़ियों की खोज कर उनके बेहतर प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि टीम वर्क के साथ हमें उत्तराखंड को खेलों में आगे लेकर जाना है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस खेल महाकुंभ में प्रतिभाग कर रहे हमारे युवा खिलाड़ी अगले वर्ष होने वाले राष्ट्रीय खेलों के साथ ही भविष्य में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखण्ड का ही नहीं बल्कि देश का नाम रोशन करेंगे।

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में खेलों को बढ़ावा देने के लिए राज्य में तेजी से कार्य हो रहे हैं। राज्य में नई खेल नीति लागू की जा चुकी है। जिसमें खिलाड़ियों को हर संभव सुविधा देने के प्रयास किये गये हैं। राज्य में 08 से 14 वर्ष की आयु के लगभग चार हजार खिलाड़ियों को मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन खेल छात्रवृत्ति दी जा रही है। मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना से राज्य में 14 से 23 वर्ष के 2600 खिलाड़ियों को लाभान्वित किया जा रहा है। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए स्पोर्ट डेवलपमेंट फंड बनाया जा रहा है। चम्पावत के लोहाघाट में गर्ल्स स्पोर्ट कॉलेज बनाया जा रहा है।

इस अवसर पर विधायक उमेश शर्मा ‘काऊ’, विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा, खेल निदेशक जितेन्द्र सोनकर एवं खेल विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

सीएम ने उत्तराखंड को 38वें राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी करने तथा राष्ट्रीय खेल ध्वज मिलने पर प्रदेशवासियों को दी बधाई

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में आयोजित 38वें राष्ट्रीय खेल ध्वज हस्तांतरण एवं 37वें राष्ट्रीय खेल गोवा-2023 में उत्तराखंड के पदक विजेता खिलाड़ियों के सम्मान समारोह में शामिल हुये। मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड को 38वें राष्ट्रीय खेलों के आयोजन तथा राष्ट्रीय खेल ध्वज मिलने पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी है। देवभूमि को यह उपलब्धि प्रदान करने के लिए 37वें राष्ट्रीय खेलों के समापन अवसर पर ’’राष्ट्रीय खेल ध्वज’’ उपराष्ट्रपति द्वारा राज्य की खेल मंत्री श्रीमती रेखा आर्या के नेतृत्व में गये प्रतिनिधि मण्डल को सौंपा गया था, जिसे आज राष्ट्रीय खेल सचिवालय, उत्तराखण्ड को सौंपा जा रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उत्तराखण्ड राज्य में आयोजित होने वाले 38वें राष्ट्रीय खेल अभूतपूर्व एवं गौरवशाली होगें और निश्चित रूप से यह खेल राज्य को खेल भूमि के रूप में पहचान दिलाने में मील का पत्थर साबित होगें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में खेल संस्कृति का निरन्तर प्रसार हो रहा है, जिसका प्रतिफल आज हम सबके समक्ष है। उत्तराखण्ड राज्य के खिलाड़ी राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में निरन्तर बेहतर प्रदर्शन करते आ रहे हैं। गुजरात में आयोजित 36वें राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखण्ड राज्य के खिलाड़ियों द्वारा 18 पदक प्राप्त किये गये थे जबकि इस वर्ष 37वें राष्ट्रीय खेलों में हमारे खिलाड़ियों ने 24 पदक अर्जित किये हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के खिलाड़ी आगामी प्रतियोगिताओं में अपना वर्चस्व भी स्थापित करेंगे इसका उन्हें विश्वास है। उन्होंने कहा कि खेल से सद्भावना व आपसी एकता बढ़ती है। खिलाड़ियों में सिर्फ खेल की भावना होती है। वे जाति, धर्म व सीमा के बंधन से आजाद होते हैं। समाज के लोगों को खिलाड़ियों से सबक लेने की जरूरत है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज नये भारत, शक्तिशाली भारत, गौरवशाली भारत का निर्माण हो रहा है साथ ही खेल सहित प्रत्येक क्षेत्र में लगातार उल्लेखनीय प्रगति हो रही है। अब हमारे देश में खिलाड़ियों के सामर्थ्य का सम्मान हो रहा है। किसी देश में खेल का ‘’इको सिस्टम’’ कितना बेहतर है यह ओलंपिक में उस देश के क्वालिफाई करने वाली खिलाड़ियों की संख्या से पता चलता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2012 में लंदन में हुए ओलंपिक के लिए भारत के 83 एथलीट ने क्वालिफाई किया था। लेकिन, मोदी सरकार के रहते हुए दो ओलंपिक रियो डी जेनेरियो 2016 और टोक्यो 2020 ओलंपिक के लिए क्रमशः 117 और 126 खिलाड़ियों ने क्वालिफाई किया। 9 साल पहले के मुकाबले खेल बजट आज तीन गुणा हो चुका है। इस साल के लिए केंद्र सरकार ने युवा और खेल मंत्रालय को करीब तीन हजार तीन सौ नब्बे करोड़ रुपए का बजट दिया है। खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएँ और प्रशिक्षण उपलब्ध कराकर 2024 के पेरिस ओलंपिक और पैरालंपिक में प्रदर्शन और बेहतर करने में इससे मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि आज देश के गली-गली से निकले टैलेंट अब विश्व स्तरीय प्रशिक्षण पाकर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश को गौरवान्वित कर रहे है। और इस वर्ष भारत ने एशियाई खेलों का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा प्रारंभ की गई नई पहल ’‘खेलो इंडिया’’ अभियान से निकले करीब सवा सौ खिलाड़ी एशियाई खेलों का हिस्सा बने, जिनमें से 36 खिलाड़ियों ने मेडल भी जीते। राज्य सरकार भी खेलों को बढावा देने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। हमने कुछ समय पूर्व राज्य के प्रतिभाशाली और उभरते हुए खिलाड़ियों के लिए खेल छात्रवृत्ति देने का निर्णय लिया था, इस योजना को प्रारंभ कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल के मैदान में भी उत्तराखंड अग्रणी राज्य बने और इसी के तहत राज्य में खेल और खिलाड़ियों के प्रोत्साहन हेतु ’’नई खेल नीति’’ लाई गई है। खिलाड़ियों को जमीनी स्तर से खेल क्षेत्र में रूचि लाने हेतु 14 से 23 वर्ष तक के खिलाड़ियों को 2000 प्रति माह छात्रवृत्ति एवं 10 हजार रुपए प्रति वर्ष खेल के सामान आदि खरीदने हेतु ’’मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना’’ के तहत धनराशि उपलब्ध कराई जा रही है। इसके साथ ही ’’मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना’’ में 08 से 14 वर्ष के उभरते खिलाड़ियों को 1500 रूपये प्रतिमाह की खेल छात्रवृत्ति दी जा रही है। खिलाड़ियों को नियमानुसार त्वरित वित्तीय लाभ दिये जाने हेतु ’’मुख्यमंत्री खेल विकास निधि’’ की स्थापना की गयी है।

उन्होंने कहा कि राज्य में खिलाड़ियों को प्रतियोगिता एवं प्रशिक्षण शिविरों में एवं यात्रा के दौरान दुर्घटना होने पर आर्थिक सहायता की व्यवस्था भी की है। ग्रामीण परिवेश के खिलाड़ियों के लिए ओपन जिम खोलने के लिए 10 करोड़ रूपये के बजट का प्रावधान किया है। प्रदेश सरकार विश्वविद्यालयों में व्यवसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु 5 प्रतिशत स्पोर्टस कोटा की व्यवस्था करने के लिये नियमावली बनाने जा रही है। इसके साथ ही निजी खेल क्षेत्रों के माध्यम से खेल अवस्थापना सुविधाओं के निर्माण हेतु अनुदान दिये जाने की भी व्यवस्था की गई है।

उन्होंने कहा कि राज्य के अन्तर्राष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न सेवायोजन प्रदान किये जाने की व्यवस्था की गयी है, जिसे लागू किये जाने की प्रक्रिया भी अंतिम चरण में है। राज्याधीन सेवाओं में सेवायोजन के लिए 4 प्रतिशत खेल कोटे को पुनः लागू किये जाने की कार्यवाही भी अंतिम चरण में है। उन्होंने खिलाडियों से अपेक्षा की कि वे दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ मेहनत करें, राज्य सरकार उनके साथ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सफलता का एक ही मूल मंत्र है ’’विकल्प रहित संकल्प’’ खिलाड़ी अपना लक्ष्य निर्धारित करें और उस लक्ष्य को पाने के लिए जी जान से जुट जाएं, जिस भी क्षेत्र में जाएं, उस क्षेत्र में श्रेष्ठ प्रदर्शन करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम प्रधानमंत्री मोदी की अपेक्षा के अनुरुप उत्तराखण्ड को प्रत्येक क्षेत्र में आदर्श राज्य बनाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं। इस कार्य में उन्होंने सभी से सहयोग की भी अपेक्षा की।
इस अवसर पर खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि राज्य में खेलों के विकास हेतु मुख्यमंत्री बेहद गंभीर है। उनके द्वारा युवा खिलाडियों को प्रोत्साहित करने हेतु विभिन्न योजनाएं प्रारंभ की गई हैं। खेल मंत्री ने कहा कि हाल ही में मुख्यमंत्री द्वारा लोहाघाट में गर्ल्स स्पोर्ट्स कॉलेज की स्थापना को संस्तुति प्रदान की गई है। खिलाड़ियों के भोजन भत्ते में भी ऐतिहासिक वृद्धि की गई है। उन्होंने खिलाड़ियों का आह्वान किया कि उत्तराखंड में होने वाले 38वें राष्ट्रीय खेलों में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें।

इस अवसर पर रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ, विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा, निदेशक खेल जितेंद्र कुमार सोनकर, उत्तराखंड ओलंपिक एसोसिएशन के महासचिव डी. के. सिंह आदि उपस्थित थे।

गौरव के पलः वर्ल्ड किकबॉक्सिंग चैंपियनशिप में भारत का प्रतिधिनित्व करेंगी तीर्थनगरी की शिवानी

उत्तराखंड तीर्थ नगरी ऋषिकेश की मार्शल आर्ट कोच शिवानी गुप्ता पुर्तगाल में होने वाली आगामी वर्ल्ड किक बॉक्सिंग चैंिपयनशिप 2023 में भारत के किक बॉक्सिंग टीम का प्रतिनिधित्व करेगी।

इस चैंपियनशिप के लिए भारतीय टीम में चयनित होने वाली उत्तराखंड की शिवानी गुप्ता विदेश की धरती पर 70 किलो भार वर्ग लाइट कांटेक्ट इवेंट, किक लाइट इवेंट में चुनौती पेश करेंगी।

इस अवसर पर वाको इंडिया किक बॉक्सिंग अध्यक्ष संतोष अग्रवाल एवं उत्तराखंड एमेच्योर किकबॉक्सिंग एसोसिएशन अध्यक्ष अरविंद कोटनाला, ओम प्रकाश मल, महासचिव सत्येंद्र कुमार, देवभूमि ऋषिकेश मार्शल आर्ट ट्रेनिंग सेंटर अध्यक्ष सत्यवीर सिंह तोमर, महासचिव अलक्षेंद्र सिंह सहित नगरभगर के गणमान्य लोगों व खेल प्रेमियों ने शिवानी गुप्ता को चयन के लिए बधाई दी। बता दें कि भारतीय किकबॉक्सिंग टीम पुर्तगाल के लिए 18 नवंबर को रवाना होगी।