आपदा प्रभावितों को खाद्यान्न, पेयजल और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को देहरादून के रायपुर व थानो क्षेत्र के विभिन्न आपदा ग्रस्त क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण के बाद सचिवालय में आपदा प्रबन्धन कन्ट्रोल रूम में आपदा से उत्पन्न स्थिति का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने सचिव आपदा प्रबन्धन के साथ ही आपदा से जुड़े अन्य उच्चाधिकारियों के साथ भी स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने पौड़ी, टिहरी एवं अल्मोड़ा आदि जनपदों के जिलाधिकारियों से दूरभाष पर वार्ता कर अतिवृष्टि से जनपदों में हुए नुकसान की जानकारी प्राप्त की।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को लापता लोगों को ढूढ़ने, रास्तों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के साथ ही प्रभावितों को खाद्यान्न पेयजल तथा चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री के निर्देश पर वाडिया इंस्ट्यिट एवं हेस्को द्वारा भी अपनी टीम के साथ किया आपदा ग्रस्त क्षेत्रों का निरीक्षण किया। टीम द्वारा प्रतिवर्ष आपदा से होने वाले नुकसान को रोकने के सम्बन्ध में भी अपने सुझाव मुख्यमंत्री को देगी।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि खाद्यान्न, दवाइयां, ईंधन आदि आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई को एक बार फिर से चेक कर लिया जाए। संचार नेटवर्क में कोई समस्या न आए इसके लिये मोबाईल ऑपरेटर कम्पनियों से लगातार समन्वय रखा जाए।
मुख्यमंत्री ने ऐसा सिस्टम बनाने को कहा कि राज्य मुख्यालय से प्रसारित सूचना सीमांत क्षेत्रों तक अविलंब पहुंच जाए। सभी विभागीय सचिव और विभागाध्यक्ष आपदा की दृष्टि से अपने-अपने विभागों की नियमित रूप से मॉनिटरिंग करे। आपदा की स्थिति में प्रभावितों के रहने के लिये चिन्हित भवनों और स्थानों का फिर से सुरक्षा की दृष्टि से परीक्षण किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जो मार्ग अवरुद्ध हुए हैं, लोगों को आवागमन के लिए वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था की जाए। जिन इन क्षेत्रों में पेयजल एवं विद्युत की आपूर्ति बाधित हुई है उन क्षेत्रों में विद्युत एवं पेयजल की जल्द सुचारू व्यवस्थाएं की जाय। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आवागमन को सुचारू करने के लिए शीघ्र वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। इसके लिये नदियों व बरसाती नालों के चौनलाइजेशन पर भी ध्यान दिया जाय।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन एवं एसडीआरएफ की टीमें निरंतर राहत एवं बचाव कार्यों के साथ ही अन्य व्यवस्थाएं कर रही हैं। राज्य सरकार सेना से भी संपर्क में हैं। अगर हेलीकॉप्टर की अवश्यकता पड़ी तो सेना से भी मदद ली जाएगी। स्टेट के हेलीकॉप्टर को भी आपदा प्रभावित क्षेत्रों के लिए अलर्ट मोड पर रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा में घायल हुए लोगों को मैक्स अस्पताल में भर्ती किया गया है। उन्होंने स्वयं मैक्स अस्पताल जाकर घायलों का हाल चाल जाना तथा उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है। उन्होंने बताया कि इस आपदा में अब तक चार लोगों की मृत्यु हुई है। 13 लोग घायल हुए हैं तथा 12 लोग लापता है। 5 गौशाला क्षतिग्रस्त हुई हैं तथा 78 पशु हानि हुई है।
बताया गया कि पर्याप्त संख्या में एसडीआरएफ व एनडीआरएफ की टीमें तैनात हैं। रियल टाइम मॉनिटरिंग की जा रही हैं। भूस्खलन से रास्ते बंद होने पर तुरंत खोलने के लिए विभिन्न स्थानों पर जेसीबी आदि लगाई गयी हैं।
इस अवसर पर सचिव आपदा प्रबन्धन रणजीत सिन्हा, अपर सचिव रिद्धिम अग्रवाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने अतिवृष्टि से प्रभावित टपकेश्वर मन्दिर क्षेत्र का भी स्थलीय निरीक्षण किया तथा स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को भविष्य में आपदा से होने वाले नुकसान को कम करने की कार्ययोजना पर ध्यान देने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने टपकेश्वर मंदिर में पूजा अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की भी कामना की।

मौके पर पहुंचकर सीएम ने जानी प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने थानो, कुमाल्डा एवं उसके आसपास के आपदा प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने कमिश्नर गढ़वाल एवं जिलाधिकारी टिहरी को निर्देश दिए कि आपदा प्रभावित क्षेत्र के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाएं। उनके लिए भोजन एवं अन्य आवश्यक सामग्री की पर्याप्त व्यवस्था की जाय।
मुख्यमंत्री ने जेसीबी से आपदा प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जो मार्ग अवरुद्ध हुए हैं, लोगों को आवागमन के लिए वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था की जाए। जिन इन क्षेत्रों में पेयजल एवं विद्युत की आपूर्ति बाधित हुई है उन क्षेत्रों में विद्युत एवं पेयजल की जल्द सुचारू व्यवस्थाएं की जाय।
थानों मार्ग पर क्षतिग्रस्त पुल का निरीक्षण करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आवागमन को सुचारू करने के लिए शीघ्र वैकल्पिक व्यवस्था की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन एवं एसडीआरएफ की टीमें निरंतर राहत एवं बचाव कार्यों के साथ ही अन्य व्यवस्थाएं कर रही हैं। विधायकगण अपने क्षेत्रों में हर स्थिति पर निगरानी कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री विधायकगणों से फोन पर वार्ता कर हर स्थिति का जायजा ले रहें हैं। सेना से भी संपर्क में हैं। अगर हेलीकॉप्टर की अवश्यकता पड़ी तो सेना से भी मदद ली जाएगी। स्टेट के हेलीकॉप्टर को भी आपदा प्रभावित क्षेत्रों के लिए अलर्ट मोड पर रखा गया है।
इस अवसर पर विधायक उमेश शर्मा काऊ, प्रीतम सिंह पंवार, गढ़वाल कमिश्नर सुशील कुमार, डीआईजी गढ़वाल के.एस. नगन्याल, जिलाधिकारी टिहरी डॉ. सौरभ गहरवार, एसएसपी टिहरी नवनीत सिंह भुल्लर एवं जिला प्रशासन के अधिकारी उपस्थित रहे।

सितम्बर से गंगा में फिर शुरु होगी राफ्टिंग

ऋषिकेश में राफ्टिंग का बेसब्री से इंतजार करने वाले लोगों के लिए एक सितंबर से तीर्थनगरी में राफ्टिंग के संचालन पर लगी रोक हट जाएगी। जिसके बाद आप एक बार फिर राफ्टिंग का लुत्फ उठा सकते है।
आपको बता दें कि यहां 280 राफ्टिंग कंपनियां हैं और 575 राफ्टों का संचालन उन कंपनियों के तहत किया जाता है। ऋषिकेश में क्लब हाउस से राम झूला तक की राफ्टिंग की जाती है जो कि 9 किलोमीटर की दूरी तय करती है और इसका प्रति व्यक्ति रेट 600 है। ब्रह्मपुरी से रामझूला तक भी 600 प्रति व्यक्ति रेट है और यह भी 9 किलोमीटर की दूरी तय करती है। शिवपुरी से राम झूला तक 15 किलोमीटर की दूरी के हजार रुपए हर एक व्यक्ति से चार्ज किए जाते हैं। शिवपुरी से मरीन ड्राइव तक 10 किलोमीटर की राफ्टिंग में हर व्यक्ति से 600 रुपए चार्ज किए जाते हैं।
कोडियाला से राम झूला तक 35 किलोमीटर की राफ्टिंग में 2500 चार्ज किए जाते हैं तो वहीं कोडियाला से शिवपुरी तक 20 किलोमीटर की राफ्टिंग में हर व्यक्ति से 1500 रुपए लिए जाते हैं। बता दें कि कोडियाला से राम झूला तक तकरीबन 35 किलोमीटर के रास्ते में गंगा के सबसे अधिक खतरनाक और रोमांचक रैपिड पड़ाव पड़ते हैं और पर्यटक इनका खूब आनंद लेते हैं। ऋषिकेश में गंगा घाटी के कोडियाला मुनिकीरेती इको जोन में 1 जुलाई से मानसून के चलते रिवर राफ्टिंग का संचालन नहीं हो रहा है।
राफ्टिंग एक्टिविटी 1 जुलाई से 31 अगस्त तक बंद रहती है। ऐसे में राफ्टिंग के शौकीनों को दो माह का लंबा इंतजार करना पड़ता है। इस साल सीजन में जुलाई तक 5 लाख से ज्यादा सैलानी ऋषिकेश में राफ्टिंग का लुत्फ उठा चुके हैं। इससे करीब 25 हजार से ज्यादा परिवारों की आजी​विका चल रही है। मगर अब बरसात के बाद नए सत्र में राफ्ट एक बार फिर से गंगा नदी में उतरेंगे और लंबे समय के बाद पर्यटक राफ्टिंग का मजा ऋषिकेश में ले सकते हैं।

सरकार उद्योगों के अनुकूल वातावरण बना रही-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को गोल्ड प्लस ग्लास फैक्ट्री, थिथोला, रूड़की के शुभारम्भ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुये मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गोल्ड प्लस ग्लास फैक्ट्री के शुभारम्भ की सभी को हार्दिक बधाई व शुभकामनायें दी। उन्होंने कहा कि चाहे कानून-व्यवस्था की स्थिति हो या अन्य, पूरे देश के अंदर उत्तराखण्ड में उद्योगों के लिये सबसे अनुकूल वातावरण है। अगर उद्योग बढ़ेंगे तो जीडीपी बढ़ेगी, बजट बढ़ेगा तथा युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। जो भी उद्योग स्थापित हों, उनमें प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से क्षेत्रीय लोगों को रोजगार मिलना चाहिये। उन्होंने सभी का आह्वान करते हुये कहा कि उत्तराखण्ड के विकास में सभी अपना पूर्ण सहयोग दें। यह देश का अमृत काल है। सभी को कर्मयोगी की तरह काम करना होगा तथा यह दशक उत्तराखण्ड का दशक है। उत्तराखण्ड हर क्षेत्र में आगे रहेगा तथा 25वें स्थापना दिवस पर उत्तराखण्ड को देश के श्रेष्ठ राज्य के रूप में स्थापित करेंगे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमने प्रदेश की राजधानी देहरादून में उद्योग जगत से जुड़े लोगों के साथ बैठक की, जिसमें उनकी जो भी समस्यायें थी, उनके बारे में विस्तृत विचार-विमर्श किया, जिसके फलस्वरूप हमने यह सुनिश्चित किया कि सरकार द्वारा उद्योगों को जो सुविधायें दी जा रही हैं, उनका भी सरलीकरण किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरलीकरण, समाधान, निस्तारीकरण और सन्तुष्टि हमारा मूल मंत्र है। हमने संकल्प लिया है कि सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास तथा सबके प्रयास से उत्तराखण्ड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनायेंगे। चारधाम यात्रा का जिक्र करते हुये उन्होंने कहा कि अभी तक 30 लाख रजिस्टर्ड श्रद्धालु चारधाम के दर्शन कर चुके हैं तथा इस बार नया कीर्तिमान स्थापित होगा। उन्होंने कहा कि जहां तक कांवड़ मेले का प्रश्न है,चार करोड़ से ज्यादा शिव भक्त कांवड़ मेले में आये, जो अपने आप में रिकार्ड है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में आज भारत हर क्षेत्र में विकास कर रहा है तथा समृद्ध, शक्तिशाली एवं दिशा देने वाला भारत बन गया है।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुये हरिद्वार सांसद डॉ रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि उत्तराखण्ड में हर तरह से उद्योगों के अनुरूप वातावरण है। उन्होंने कहा कि हम उत्तराखण्ड को 2025 तक आदर्श राज्य बनाना चाहते हैं, जिसे देखकर पूरा देश गौरव करेगा। डॉ निशंक ने प्रधानमंत्री के मेड इन इण्डिया, कौशल इण्डिया आदि का जिक्र करते हुए कहा कि आज पूरी दुनिया में हिंदुस्तान का माथा ऊंचा हो रहा है। अब पूरी दुनिया में मेड इन इण्डिया होगा। उन्होंने कहा कि आज भारत हर क्षेत्र में तेजी से विकास कर रहा है।
इस अवसर पर रूड़की विधायक प्रदीप बत्रा, खानपुर विधायक उमेश कुमार, पूर्व विधायक कुंवर प्रणव चौम्पियन, पूर्व विधायक संजय गुप्ता, पूर्व विधायक यतीश्वरानन्द, भाजपा नेता अनिल गोयल, फैक्ट्री के चेयरमैन सुभाष त्यागी, भाजपा जिला अध्यक्ष डॉ जयपाल सिंह चौहान, जिलाधिकारी विनय शंकर पाण्डेय, मुख्य विकास अधिकारी प्रतीक जैन, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ योगेन्द्र सिंह रावत सहित सम्बन्धित अधिकारी एवं पदाधिकारीगण उपस्थित रहे।

जौनसार बाबर के प्रथम कवि के काव्य संग्रह रमणी जौनसार का विमोचन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को आई.आर.डी.टी सभागार, सर्वे चौक, देहरादून में जौनसार बाबर के प्रथम कवि पं. शिवराम द्वारा रचित काव्य संग्रह ’रमणी जौनसार ’ एवं पं. शिवराम शर्मा के व्यक्तित्व व कृतित्व पर केन्द्रित ग्रंथ ’जौनसार बावर के जननायक पं. शिवराम’ पुस्तक का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि चकराता क्षेत्र में पंडित शिवराम शर्मा मूर्ति लगाये जाने के लिए प्रस्ताव आयेगा तो उस क्षेत्र में उनकी मूर्ति स्थापित की जायेगी। उनके द्वारा लिखी गई कविताओं का संग्रह कर संजोया जायेगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पं. शिवराम की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन करते हुए कहा कि पं. शिवराम की कविता संकलनों से नई पीढ़ी को व्यापक रूप से पुराने गौरवशाली इतिहास के बारे में पता चलेगा। पंडित शिवराम ने हिंदी को अपनी अभिव्यक्ति का माध्यम बनाया। उन्होंने अपना जीवन समाजिक कार्यों के लिए समर्पित किया एवं कविताओं के माध्यम से समाज में अलख जगाने का कार्य किया। उनके संघर्ष एवं उनके द्वारा किए गए कार्यों को आने वाली पीढ़ियों को अपनी स्मृति में लाना जरूरी है। उन्होंने कहा उनकी रचनाओं के माध्यम से अन्य महापुरुषों से भी परिचय होता है।
इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, केबिनेट मंत्री प्रेमचंद्र अग्रवाल, गणेश जोशी, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक सविता कपूर, मुन्ना सिंह चौहान, पद्मश्री लीलाधर जगूड़ी, एससी-एसटी आयोग के अध्यक्ष मूरत राम शर्मा, अनिल गोयल, रामशरण नौटियाल, प्रताप सिंह रावत, पद्मश्री प्रेमचन्द शर्मा आदि उपस्थित रहे।

नीरजा देवभूमि चौरिटेबल ट्रस्ट ने शुरु किया निःशुल्क शिक्षण संस्थान

नीरजा देवभूमि चौरिटेबल ट्रस्ट ने निर्धन वर्ग के छात्र-छात्राओं को शिक्षित करने के लिए निशुल्क शिक्षण संस्थान की शुरुआत की है। आज शिक्षण संस्थान के शुरुआत में किया गया सहयोग वीरेंद्र गुसाईं द्वारा किया गया। राजेंद्र सिंह गुसाईं ट्रस्ट मैं सहयोग अपने माता की याद मैं किया करते हैं। ट्रस्ट ने इस शिक्षण संस्थान को निर्धन वर्ग के बच्चों के लिए निशुल्क संचालन किया है। जिसमें बच्चों को प्राइमरी से पांचवी कक्षा तक ट्यूशन, क्रीडा और विभिन्न प्रकार की कला सिखाई जाएगी। जिससे बच्चों को आगे चलकर अपने फ्यूचर को लेकर ज्यादा कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ेगा। ट्रस्ट संस्थापक नीरजा गोयल ने कहा ट्रस्ट का सदैव यही प्रयास रहा है कि समाज के निर्धन वर्ग के लोगों और उनके बच्चों को कभी किसी परिस्थिति में किसी कठिनाई का सामना ना करना पड़े।
इस दौरान मुख्य अतिथि भरत मन्दिर के महंत वत्सल, हरिशानन्द, कार्यक्रम की अध्यक्षता डीबीपीएस रावत, पूर्व प्रधानाचार्य अजय शर्मा, डीपी रतूड़ी, रीणा शर्मा पार्षद, राजेंद्र प्रेम सिंह बिष्ट पार्षद, भावना सिंधी अध्यक्ष सिंधी लेडीज क्लब, ट्रस्ट सहसंस्थापक नूपुर गोयल, सीमा खुराना, मनप्रीत, मनजीत, प्रिंस गुप्ता, कमल, सोनी ध्रुव, खुशी, दुर्गेश, आशु, उषा चौहान, पूनम, आचार्य सन्तोष व्यास, मनोज गुप्ता, सुनील थपलियाल, वरुण जैन, अध्यापिका शिखा पाल, मंजू द्वारा बच्चों को अध्ययन कराया जाएगा।

पुलिस लाइन में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी उत्सव कार्यक्रम मनाया

पुलिस लाइन, देहरादून में आयोजित श्रीकृष्ण जन्माष्टमी उत्सव कार्यक्रम में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि) ने बतौर मुख्य अतिथि एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बतौर विशिष्ट अतिथि प्रतिभाग किया। कार्यक्रम के दौरान कलाकारों द्वारा भगवान कृष्ण और राधा पर आधारित गीतों को प्रस्तुत किया गया जिसने पूरे वातावरण को भक्तिमय कर दिया। इस मौके पर छोटे बच्चों ने कृष्ण और राधा पर आधारित नृत्य प्रस्तुत किए।
इस दौरान राज्यपाल ने जन्माष्टमी पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि श्रीकृष्ण जन्मोत्सव हमारे लिए सदैव एक उत्साह, आनंद, प्रेरणा और उमंग लेकर आता है। भगवान श्रीकृष्ण का जीवन चरित्र, व्यक्तित्व और उनके उपदेश हमें अलौकिक मार्ग दिखाते हैं। उन्होंने कहा की पुलिस प्रशासन का यह एकमात्र त्यौहार होता है जिसे काफी बेहतर तरीके से मनाया जा रहा है। पुलिस प्रशासन 24 घंटे जनता की सेवा में तत्पर रहती है और आज उनके के लिए यह त्योहार महत्वपूर्ण होता है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्री कृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान श्री कृष्ण का प्रत्येक अवतार मनुष्य को जीवन जीने कि नई सीख देता है। भगवान श्री कृष्ण की प्रेरणा मनुष्य को सफल एवं समृद्ध बनाती है। उन्होंने कहा जब-जब धर्म की हानि हुई भगवान श्री कृष्ण ने विभिन्न अवतारों में धर्म एवं संसार की रक्षा की है।
कार्यक्रम में प्रथम महिला गुरमीत कौर, पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ’निशंक’, कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायक खजान दास, विधायक मुन्ना सिंह चौहान, विधायक सविता कपूर, विधायक खजान दास, गीता धामी, डीजीपी अशोक कुमार एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

जल संरक्षण एवं संवर्धन के लिये समेकित प्रयासों की जरूरत-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय स्थित सभागार में आयोजित बोधिसत्व विचार श्रृंखला-बिन पानी सब सून विचार संगोष्ठी को सम्बोधित किया। संगोष्ठी में प्रत्यक्ष एवं वर्चुअल रूप से विभिन्न विषय विशेषज्ञों ने अपने महत्वपूर्ण सुझाव रखे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बोधिसत्व विचार श्रृंखला के अंतर्गत बिन पानी सब सून के रूप में विचार श्रृंखला की यह 8वीं संगोष्ठी है। उन्होंने कहा कि पानी जीवन का आधार है। जल संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में समेकित प्रयासों की जरूरत बताते हुए मुख्यमंत्री ने इस क्षेत्र से जुडे विषय विशेषज्ञों एवं बुद्धिजीवियों के विचारों एवं सुझावों को राज्यहित में उपयोगी एवं व्यावहारिक बताया। उन्होंने कहा कि जल के महत्व, संवर्धन एवं संरक्षण से सम्बन्धित संगोष्ठी के मंथन से निकलने वाला अमृत राज्य की लगभग 17 छोटी-बड़ी नदियों का जल स्तर बढ़ाने के प्रयासों को फलीभूत करने वाला होगा।
मुख्यमंत्री नेे कहा कि ऐसे महत्वपूर्ण विषय पर और अधिक विषय विशेषज्ञों के सुझावों का लाभ लेने के लिये राज्य स्तर पर एक फोरम का गठन किया जायेगा। उन्होंने इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम को जन जन का कार्यक्रम बनाने पर बल देते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों की सफलता के लिये सरकार के साथ सभी को सहयोगी बनना होगा। ऐसे कार्यक्रमों का ज्ञान विज्ञान एवं अनुसंधान के माध्यम से आगे बढ़ाना होगा तभी हम अपनी विरासत को पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ने में भी सफल हो पायेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जन संवर्धन की दिशा में राज्य में आजादी के अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में प्रति जनपद 75 अमृत सरोवर बनाये जा रहे हैं। इस प्रकार प्रदेश में कुल 1275 अमृत सरोवर तैयार किये जायेंगे।
संगोष्ठी में विषय विशेषज्ञों द्वारा दिये गये सुझावों के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में बांज के जंगलों के विस्तार, बंजर जमीन को उपजाऊ बनाये जाने तथा चीड के प्रबंधन पर ध्यान दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि जल का बेहतर प्रबंधन से ही हम जल को बचा पायेंगे तथा नदियों के जल स्तर को बढ़ाने में सफल हो पायेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति आयोग की बैठक में उन्होंने हिमालयी राज्यों के लिये अलग नीति बनाये जाने की बात रखी है। राज्य की इकोनॉमी एवं इकोलॉजी का बेहतर समन्वय कर हम संसाधनों का बेहतर उपयोग कर पायेंगे। उन्होंने कहा कि हमें अपने व्यवहार में पानी बचाने की प्रवृत्ति को अपनाना होगा। प्रदेश में जल स्त्रोतों के चिन्हीकरण के साथ ही ग्राम इकाइयों को इससे जोड़ने का प्रयास किया जायेगा।
इस अवसर पर पद्म कल्याण सिंह रावत ने गैर हिमानी नदियों को बचाने के लिये बांज व चौड़ी पत्ती के वृक्षों के रोपण पर ध्यान देने के साथ ही चीड़ का वैज्ञानिक प्रबंधन पर बल दिया। उनका सुझाव था कि होम स्टे योजना के तहत पहाड़ी शैली के भवनों के निर्माण के लिये चीड़ के पेड़ों के दोहन की व्यवस्था हो। बंजर खेतों को आबाद करने तथा बुग्यालों को बचाने की दिशा में भी पहल किये जाने का उनका सुझाव था।
पानी राखो आंदोलन के प्रणेता डॉ. सच्चिदानंद भारती ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में जल तलैया बनाने तथा धारे नोले के पुनर्जीवीकरण के लिये सरल व टिकाऊ तकनीकि पर ध्यान दिया जाए, जो लोगों को सहजता से जोड़ने का भी कार्य करें। उनका कहना था क धारे बचेंगे तो नदियां भी बचेंगी।
पर्यावरणविद राजेन्द्र सिंह बिष्ट ने सुझाव दिया कि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग, पानी के स्त्रोतों का चिन्हीकरण तथा जल संरक्षण के लिये ग्राम पंचायतों को जिम्मेदारी दी जाए। हेस्को के डॉ. विनोद खाती का कहना था कि खेत बंजर होने के कारण पहाड़ों में भूजल संरक्षण में कठिनाई आ रही है।
इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ वाटर मैनेजमेंट भुवनेश्वर के डॉ. अशोक नायक, रिमोट सेंसिंग के डॉ प्रवीन, सेंट्रल ग्राउंड वाटर बोर्ड के निदेशक डॉ. प्रशांत राय, जल विज्ञान केन्द्र की सुश्री भक्ति देवी, डॉ रीमा, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाइड्रोलॉजी के डॉ. राजेश कुमार सिंह, नौला के श्री बिशन सिंह, कंसल्टेंट श्री भुवन जोशी, वाडिया इंस्टीट्यूट के डॉ. के. सी. सैन, एचएनबी गढ़वाल केन्द्रीय विश्व विद्यालय के प्रो. मोहन सिंह पंवार आदि ने भी अपने महत्वपूर्ण सुझाव रखे। इस अवसर पर श्री भुपेन्द्र बसेड़ा द्वारा पानी के महत्व को दर्शाने वाली कैच द वाटर-कैच द रेन गीत की भी प्रस्तुति दी गयी।
इस अवसर पर सचिव मुख्यमंत्री आर. मीनाक्षी सुंदरम भी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन उत्तराखंड विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत ने किया।

मुख्यमंत्री ने बैडमिंटन खेलकर खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को बहुउद्देशीय क्रीडा भवन, परेड ग्राउंड, देहरादून में उत्तरांचल राज्य बैडमिंटन एसोसिएशन द्वारा आयोजित ’उत्तराखण्ड राज्य सीनियर बैडमिंटन प्रतियोगिता’ का शुभारंभ किया। यह प्रतियोगिता 21 अगस्त 2022 तक चलेगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वयं बैडमिंटन खेल खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाया।
मुख्यमंत्री ने मौजूद सभी खिलाड़ियों को उनके भविष्य हेतु शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि बच्चे खेल की विभिन्न विधाओं में सराहनीय प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदेश के खिलाड़ी आज विश्व पटल पर राज्य एवं देश का नाम रोशन कर रहे हैं। हमारे खिलाड़ियों ने अपने संकल्प, इच्छा शक्ति और परिश्रम के आधार पर अच्छा मुकाम हांसिल किया है। खिलाड़ी अपने संघर्ष एवं मेहनत के बलबूते पर अपने सपनों को पूरा करते हैं। खिलाड़ी की सफलता से क्षेत्रवासियों, राज्यवासियों एवं देश की भावनाएं जुड़ती हैं, हजारों लोगों का आशीर्वाद उनके साथ होता है, एक खिलाड़ी की सफलता से अन्य खिलाड़ी भी प्रोत्साहित होते हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा उत्साह और उमंग से मनुष्य में ऊर्जा का संचार होता है, संकल्प एवं दृढ़ इच्छाशक्ति ही हमें हमारी सफलता की ओर ले जाती हैं। उन्होंने कहा आज हर क्षेत्र में भारत लीडर के रूप में आगे बढ़ रहा है। नए भारत का निर्माण हो रहा है। हम अमृत काल में प्रवेश कर गए हैं। इस अमृत काल में भारत एवं राज्य प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़े इसके लिए हम सभी ने अपनी जिम्मेदारियों को समझते हुए राष्ट्र के प्रति योगदान देना है। खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य में नई खेल नीति बनाई गई है। खिलाड़ियों की सुविधा अनुसार एवं उनके हितों को ध्यान में रखते हुए समय-समय पर खेल नीति में और सुधार किये जायेंगे। नई खेल नीति में कई प्रावधान किए गए हैं, जिससे हमारे नौजवान खेल के क्षेत्र में नई बुलंदियां हासिल करें।

सरकार ने ऋषिकेश में अवस्थापना विकास के लिए 1600 करोड रुपये मांगे

धर्म एवं योग नगरी ऋषिकेश को पूर्णरूप से सुविधा सम्पन्न बनाये जाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री की पहल पर ऋषिकेश नगर के एकीकृत शहरी अवस्थापना विकास परियोजना हेतु वित्तीय मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा यूरोपीय वित्तपोषण संस्था को 160 मीलियन यूरो की सहायता हेतु प्रस्ताव प्रेषित किया गया है। परियोजना की कुल लागत लगभग 200 मीलियन यूरो (लगभग रू0 1600 करोड़) है। परियोजना हेतु भारत सरकार व राज्य सरकार का वित्तीय अनुपात 80ः20 प्रस्तावित है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उत्तराखण्ड में इन्फ्रास्ट्रक्चर में अभूतपूर्व विकास हो रहा है। ऋषिकेश में एकीकृत शहरी अवस्थापना विकास परियोजना से विश्व में योग नगरी के रूप में विख्यात ऋषिकेश नगर में स्थानीय नागरिकों एवं पर्यटकों को बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
परियोजना के अंतर्गत चौबीसों घंटे पेयजल आपूर्ति प्रणाली, पेयजल मीटर वर्षाजल प्रबन्धन व बाद सुरक्षा, सार्वजनिक स्वच्छता सुविधाएं, स्मार्ट शहरी स्थल, परिधान व सामान कक्ष, प्रतीक्षालय, घाट और व्यापारिक स्थल का विकास, सड़के और यातायात प्रबंधन भूमिगत उपयोगिता नालिका नागरिक सुरक्षा और सुविधाओं हेतु विकसित एकीकृत नियंत्रण व आदेश केन्द्र, स्मार्ट स्तम्भ व ऊर्जा बचत हेतु उपकरणों की स्थापना, परिवहन केंद्र, बस टर्मिनल और पार्किंग इत्यादि के कार्य किए जायेंगे।
प्रत्येक वर्ष ऋषिकेश में लाखों पर्यटकों का आवागमन धार्मिक एवं साहसिक पर्यटन गतिविधियों के लिए किया जाता है। ऐसे में अतिरिक्त सुविधाओं को विकसित किए जाने के दृष्टिगत विकास कार्य किए जाने की आवश्यकता है। यातायात संकुलन से होने वाली परेशानी को कम करने के उद्देश्य से ऊंचे पथों का निर्माण किया जायेगा।
परियोजना के पूर्ण होने पर नागरिक जीवनशैली व जीवन योग्यता मानकों में वृद्धि होगी, स्थानीयों के व्यापारिक व आजीविका स्तर में सुधार होगा, नागरिकों व पर्यटकों को बेहतर पेयजल एवं स्वच्छता सुविधाएं प्राप्त हो सकेंगी, जीविकोपार्जन गतिविधियों में वृद्धि होगी, यातायात में सरलता होगी तथा पर्यटकों को उच्चस्तरीय सुविधाएं प्राप्त हो सकेगी।