सांसद बलूनी को बोरगांव के विकास की सता रही चिंता, प्रतिनिधि को भेजा गांव

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया समन्यवक और राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी द्वारा गोद लिए गए गैर आबाद ’’बोरगांव’’ के निवासियों के साथ आज उनके प्रतिबनिधियों ने एक बैठक की। इस बैठक में गांव के कई विषयों पर चर्चा हुई।
बैठक की अध्यक्षता राज्यसभा सांसद की ओर से बोरगांव के निवासियों के साथ भाजपा युवा मोर्चा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य और जम्मू-कश्मीर के प्रदेश प्रभारी विपिन कैंथोला ने की। उन्होंने बताया कि बैठक में ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं को साझा किया। ग्रामीणों का कहना था कि गांव के संपर्क मार्ग के लिए सड़क का निर्माण शीघ्र ही पूरा होना चाहिये। ग्रामीणों ने गांव को जोड़ने वाली नदी पर पुल के निर्माण का भी सुझाव दिया। ग्रामीणों का कहना था कि संपर्क मार्ग बनने से ग्रामीण जल्द अपने गांव वापस आएंगे और गांव के विकास के लिए सहभागिता निभाएंगे। सांसद के प्रतिनिधि विपिन कैंथोला ने ग्रामीणों को बताया कि गांवों को आबाद करने के लिए एक बड़े स्तर पर बैठक का आयोजन होगा। जिसमें होमस्टे और पुनर्वास को लेकर एक बड़ी कार्य योजना बनाई जायेगी। कार्ययोजना को साकार करने के लिए स्वयं सासंद बलूनी अपनी ओर से मदद करेंगे।
इस अवसर पर ग्रमीणों ने सिद्धबली मंदिर में सांसद अनिल बलूनी के अच्छे स्वास्थ्य की कामना की। ग्रामीणों ने कहा कि हम सभी ग्रमीण अपने गांव को विकसित करने और फिर से बसवाट करने के लिए सांसद से कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करने को तैयार है। ग्रामीणों ने अनिल बलूनी का धन्यवाद भी दिया कि उन्होंने इस ओर उनके गांव का चयन किया है। बैठक में जिला पंचायत उपाध्यक्ष सुमन कोटनाला, विपिन कोटनाला, भाजपा नगर महांमत्री कोटद्वार धर्मवीर गुसांई, आशीष जदली, देवेन्द्र नेगी, राजीव नेगी, सुरेंद्र सिंह, मनोज कोटनाला, बबली कोटनाला, आशीष नेगी, बलबीर नेगी राकेश नेगी के साथ कई ग्रामीण उपस्थित रहे।

आधार कार्ड नहीं बना तो दे डाली सीएम के फोन पर धमकी, हिरासत में

मुख्यमंत्री के मोबाइल पर हरकी पैड़ी को पेट्रोल बम से उड़ाने की धमकी देने वाले युवक को पुलिस ने हिरासत में लिया। जब उससे कारण पूछा गया तो उसे बताया कि उसका आधार कार्ड नहीं बन रहा था। इससे क्षुब्ध होकर उसने सीएम को फोन पर धमकी देने दी।
क्रिमिनल इंवेस्टिगेशन यूनिट (सीआईयू) ने बीते रविवार देर शाम मामले में हरकी पैड़ी क्षेत्र के एक रेस्टोरेंट पर कार्यरत पौड़ी के युवक को हिरासत में लिया था। कई घंटे चली पूछताछ के बाद उसे सीआरपीसी की धारा 41 का नोटिस देकर छोड़ दिया गया।

बीते शनिवार सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत के मोबाइल फोन पर आई एक कॉल ने सभी को हिलाकर रख दिया था। उस वक्त फोन सीएम के प्रोटोकॉल अधिकारी आनंद सिंह रावत के पास था। उन्हीं की ओर से इस संबंध में हरिद्वार कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया था।

मुकदमा दर्ज होते ही हरकत में आई सीआईयू ने मोबाइल फोन नंबर के आधार पर रविवार देर शाम एक युवक केशवानंद नौटियाल पुत्र विद्यादत्त नौटियाल निवासी गांव आंताखोली चैलीसेंण कण्डारस्यू (जिला पौड़ी) हाल निवासी एमटी कालोनी प्रेमनगर, देहरादून को हिरासत में ले लिया।

उसके कब्जे से धमकी में इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन को भी बरामद कर लिया। देर रात तक सीआईयू कार्यालय में आला अफसरान ने बारी बारी से युवक से लंबी पूछताछ की। पता चला कि केशवानंद का आधार कार्ड नहीं बना है। वह जहां भी नौकरी के लिए जाता है, उससे इसकी मांग की जाती है। कई बार कोशिश के बावजूद उसका कार्ड नहीं बन सका। इससे व्यथित होकर उसने सीधे सीएम के नंबर पर ही कॉल कर धमकी दे दी।

कोतवाली प्रभारी प्रवीण सिंह कोश्यारी ने बताया कि आरोपी हाल ही में इलाहाबाद से लौटा है। उसके तीन बच्चे और पत्नी गांव में ही रहते हैं, जिनसे उसका दो साल से कोई संपर्क नहीं है।

आरोपी ने बताया कि 2016 में आधार कार्ड न बन पाने के कारण वह पौड़ी में आयोजित मुख्यमंत्री जनता दरबार में गया था। उचित कार्रवाई न होने के चलते गुस्से में उसने 17 फरवरी 2016 के दिन श्रीनगर थाना में फोन कर सीएम को नुकसान पहुंचाने की बात कही थी। उसके बाद पुलिस ने लुधियाना से गिरफ्तार कर उसे जेल भेज दिया था।

राज्य के विकास में विद्युत उत्पादन की अहम भूमिका

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत को उत्तराखण्ड जल विद्युत निगम के अध्यक्ष एवं सचिव राधिका झा तथा प्रबन्ध निदेशक एसएन वर्मा ने दस करोड़ दो लाख तीन हजार दो सौ बासठ (10,02,03,262) की धनराशि के लाभांश का चेक भेंट किया।
यूजेवीएन को स्थापना दिवस की बधाई देते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि निगम को अपनी विशिष्टता बनाये रखनी होगी। उन्होंने निगम के अधिकारियों से भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को भी ध्यान में रखते हुए कार्य योजना बनाने को कहा, इसके लिये बेहतर कार्य संस्कृति, लगन, अनुशासन एवं ईमानदारी से योजनाओं के क्रियान्वयन के प्रति ध्यान दिये जाने पर बल दिया।
ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिये यूजेवीएन के प्रयासों की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने इस दिशा में समेकित प्रयासों की जरूरत बतायी, उन्होंने कहा कि राज्य के विकास में विद्युत उत्पादन की महत्वपूर्ण भूमिका है। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने यूजेवीएन द्वारा 99.2 प्रतिशत विद्युत क्षमता के उत्पादन के लिये बधाई दी। उन्होंने प्रदेश में विद्युत उत्पादन के प्रति समेकित प्रयासों की भी जरूरत बतायी। सचिव ऊर्जा राधिका झा ने मुख्यमंत्री को प्रदेश की विद्युत उत्पादन क्षमता एवं इस दिशा में किये जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।

डिजिटल माध्यम की बढ़ती ताकत को समझना जरूरीः स्मृति ईरानी

केंद्रीय मंत्री महिला एवं बाल विकास, स्मृति जुबिन ईरानी ने कंटेंट क्रियेशन पर सर्वाधिक बल देते हुए कहा कि जितनी तेजी से विश्व में कंटेंट क्रियेशन बदल रहा है उतना ही प्रगतिशील हमारा सिस्टम भी होना चाहिए। प्रदेश में एक कंटेंट क्रियेशन वर्किंग ग्रुप स्थापित किया जाए। प्रोडक्शन फेसिलिटेशन इसके समन्वय में काम करे। डिजिटल माध्यम की बढ़ती ताकत का उपयोग करने के लिए भी पुख्ता व्यवस्था हो। स्थानीय भाषाओं पर भी फोकस किया जाए।
कंटेंट क्रियेशन वर्किंग ग्रुप स्थापित हो
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि फिल्म शूटिंग के लिए अन्य सुविधाओं के साथ-साथ कंटेंट क्रियेशन पर भी ध्यान दिए जाने की जरूरत है। इसके लिए प्रदेश में एक कंटेंट क्रियेशन वर्किंग ग्रुप स्थापित करना होगा। इस ग्रुप के समन्वय में प्रोडक्शन फेसिलिटेशन किया जाए। यह वर्किंग ग्रुप हमारी भाषायी ताकत को मजबूत करने का भी काम करेगा। केवल बॉलीवुड तक सीमित न रहकर बहुभाषायी कंटेंट क्रियेटर की व्यवस्था हो।
डिजिटल क्रांति के लिए हो पुख्ता तैयारी
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कंटेंट क्रियेशन में बहुआयामी प्लेटफार्म को समझना होगा। फिल्म व टेलिविजन के साथ डिजिटल क्रांति के लिए भी तैयारियां पुख्ता होनी चाहिए। आने वाले समय में डिजिटल मीडिया सबसे सशक्त माध्यम बनने जा रहा है।
स्थानीय भाषाओं पर भी हो फोकस
स्थानीय भाषाओं में भी कंटेंट क्रियेशन पर फोकस करना होगा। बडे निर्माताओं और स्थानीय कंटेंट क्रियेटर के बीच सेतु स्थापित किया जाए। प्रादेशिक भाषाओं में भी तकनीकी को मजबूत करना होगा। एकेडेमिक्स ऑफ फिल्म मेकिंग एंड प्रोडक्शन मैनेजमेंट स्किल्स पर भी ध्यान दिया जाए। हाईस्कूल से ही इसकी शिक्षा की व्यवस्था हो।
उत्तराखण्ड के इतिहास व संस्कृति का हो अभिलेखीकरण और डिजिटलीकरण
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड का इतिहास और संस्कृति बहुत समृद्ध है। पूरे विश्व से इसका परिचय कराए जाने की आवश्यकता है। इसके लिए राज्य के इतिहास व संस्कृति का अभिलेखीकरण व डिजीटलीकरण कर डिजिटल मीडिया के माध्यम से सम्पूर्ण विश्व तक पहुंच स्थापित करनी होगी।

विशेषज्ञों के सुझावों पर अमल करेगी राज्य सरकार: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि राज्य में फिल्म, टीवी सीरियल आदि की शूटिंग को बढ़ावा देने के लिए सरकार फिल्मकारों व इस क्षेत्र के विशेषज्ञों के सुझावों को अमल में लाएगी। गत वर्ष इन्वेस्टर्स समिट के समय जो भी सुझाव मिले थे उन्हें समाहित करते हुए राज्य की फिल्म नीति बनाई गई। इसके सकारात्मक परिणाम भी देखने को मिले हैं। बड़ी संख्या में यहां फिल्मों व टीवी सीरियलों की शूटिंग हुई है। दक्षिण भारत की भी बहुत सी नामी फिल्मी हस्तियां यहां आई हैं।
राज्य में है फिल्म शूटिंग के अनुकूल माहौल
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड को प्रकृति से सुन्दरता का वरदान प्राप्त है। यहां जैसी लोकेशन कहीं और शायद ही हो। हमारे यहां प्रभावी सिंगल विंडों सिस्टम लागू किया गया है जहां से औसतन 3-4 दिनों में सभी तरह की क्लियरेंस दे दी जाती हैं। यहां शूटिंग कर चुके फिल्मकार भी इस बात की प्रशंसा करते हैं कि उत्तराखण्ड में फिल्म शूटिंग के समय स्थानीय लोगों द्वारा किसी प्रकार का व्यवधान नहीं किया जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में फिल्म निर्माण से संबंधित संस्थाएं स्थापित की जा सकती हैं। इसमें सहयोग देने के लिए राज्य सरकार तत्पर है।
पैनल डिस्कशन में फिल्म नीति पर की गई चर्चा
कान्क्लेव में चार सत्र आयोजित किए गए जिनमें उत्तराखण्ड की फिल्म नीति और राज्य में फिल्म शूटिंग को बढ़ावा देने पर चर्चा के साथ ही राज्य में शूटिंग कर चुके फिल्मकारों का फीडबैक भी लिया गया।
प्रसिद्ध फिल्मी हस्तियों ने किया प्रतिभाग
मसूरी में आयोजित फिल्म कान्क्लेव में फिल्म जगत से जुड़ी नामचीन हस्तियों ने प्रतिभाग किया। इनमें विशाल भारद्वाज, तिग्मांशु धूलिया, मुजफ्फर अली, जैकी भगवानी, नारायण सिंह, अजय अरोड़ा, तरूण आदर्श, कविता चैधरी, भरत बाला आदि ने प्रतिभाग किया।

एमडीडीए की टीम ने सील किया निर्माणाधीन भवन

मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने गंगा से 50 मीटर के दायरे में बिना नक्शे के निर्माणाधीन एक भवन पर सील की कार्रवाई की है। एमडीडीए की यह एक सप्ताह के भीतर तीसरी सील की कार्रवाई हैं। बृहस्पतिवार को सील की कार्रवाई के लिए एमडीडीए की ओर से तीन अवैध भवनों की सूची तैयार की गई थी। जब तक कार्रवाई अमल में आती उससे पहले ही दो निर्माणकर्ताओं ने कमिश्नर गढ़वाल से स्टे ऑर्डर लाकर अफसरों को थमा दिया। एमडीडीए ने एक सप्ताह के भीतर यह दूसरी कार्रवाई की है।
टीम करीब सवा बारह बजे मौनी साईं बाबा की कुटिया के समीप पहुंची। यहां एनजीटी के नियमों को ताक पर रखते हुए गंगा से मात्र 50 मीटर के दायरे में भवन का निर्माण किया जा रहा था। भवन का नक्शा भी पास नहीं हुआ था। इस भवन के निर्माण की शुरूआत में ही एमडीडीए ने 17 अक्तूबर को चेतावनी देकर निर्माण कार्य पर रोक लगाने को कहा था। इस पर निर्माणकर्ता दीपक दहिया ने प्राधिकरण को निर्माण न करने का आश्वासन दिया था। इसके बावजूद यहां धड़ल्ले से निर्माण किया गया।
बृहस्पतिवार को एमडीडीएम के अधिशासी अभियंता श्याम मोहन शर्मा के नेतृत्व में कर्मचारियों ने उक्त भवन को सील कर दिया। अधिशासी अभियंता श्याम मोहन शर्मा ने बताया कि सील की कार्रवाई दीपक दहिया के निर्माणाधीन भवन पर की गई है। इसके अलावा दो अन्य भवनों पर भी सील की कार्रवाई की जानी थी, लेकिन निर्माणकर्ता राधा बल्लभ गुप्ता और गगन क्रमशः घाट रोड तथा भरत विहार ने स्टे ऑर्डर की प्रति प्रस्तुत की है। स्टे के आधार पर इन दोनों निर्माणकर्ताओं के भवन को सील की कार्रवाई से दूर रखा गया है।

क्लेमेंटाउन थाना सर्वश्रेष्ठ, मुख्यमंत्री ने किया सम्मानित

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने पुलिस लाईन, देहरादून में राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर आयोजित रैतिक परेड में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने परेड का निरीक्षण किया व राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाई। इस अवसर पर क्लेमेंटाउन थाना को सर्वश्रेष्ठ थाना चयनित होने पर सम्मानित किया गया। पुलिस के अधिकारियों को उत्कृष्ट कार्यों एवं विवेचना के लिए सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की आजादी के बाद देशी रियासतों के एकीकरण में लोह पुरूष सरदार बल्लभ भाई पटेल की अहम भूमिका रही। आजादी के बाद अंग्रेज भारत को छोड़कर तो चले गये थे, लेकिन उन्होंने देश को अनेक रियासतों में बांट दिया। देश की एकता और अखण्डता के लिए लिये सरदार पटेल ने रियासतों का एकीकरण कर अंग्रजों के सपने को चकनाचूर किया। सरदार पटेल जी का किसानों के लिए भी अद्धितीय चिंतन रहा। उनका मानना था कि बिना किसानों के भारत की कल्पना नहीं की जा सकती।
प्रशासनिक क्षेत्र के अलावा उनका अन्नपूर्ण भारत के लिए विशेष चिंतन रहा। मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के प्रयासों से सरदार पटेल जी के ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ का सपना साकार हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह वर्ष जम्मू-कश्मीर की धारा 370 से आजादी का वर्ष भी है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का भविष्य उज्ज्वल दिखाई दे रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब सरदार पटेल अहमदाबाद के मेयर थे, तब उन्होंने 222 दिन तक स्वच्छता को लेकर अभियान चलाया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देशवासियों से सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त भारत बनाने का आह्वाहन किया है। सरदार पटेल जी का जीवन आदर्श हमें हमेशा प्रेरित करता रहेगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नैनीताल में ज्योलिकोट के पास पुलिस वाहन दुर्घटना में मृतक पुलिस कर्मियों को श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन पुलिस कर्मियों के परिवारजनों को राज्य सरकार द्वारा हर सम्भव मदद दी जायेगी।
पुलिस महानिदेशक अनिल कुमार रतूड़ी ने कहा सरदार पटेल जी ने भारत के प्रथम गृह मंत्री बनने के बाद देशी रियासतों के विलय एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल जी के जीवन से प्रेरणा लेते हुए हमें देश की अखण्डता व सम्प्रभुता को अक्षुण्ण रखते हुए कार्य करना होगा। उत्तराखण्ड पुलिस राज्य एवं देश को अक्षुण्ण रखने का पूरा प्रयास करेगी।
इस अवसर पर उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह, विधायक हरवंश कपूर, खजान दास, गणेश जोशी, देशराज कर्णवाल, उमेश शर्मा काऊ, मेयर देहरादून सुनील उनियाल गामा, मेयर ऋषिकेश अनीता मंमगाई, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, पुलिस महानिदेशक कानून एवं व्यवस्था अशोक कुमार, पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी एवं गणमान्य उपस्थित थे।

जल नीति बनाने वाला देश के चुनिंदा राज्यों में शामिल हुआ उत्तराखंड

सांस्कृतिक नगरी के रुप में विख्यात अल्मोड़ा में राज्य बनने के बाद दूसरी बार कैबिनेट बैठक हुई है। इसमें लंबे समय से प्रतीक्षारत जल नीति-2019 को मंजूरी दे दी गई। इसमें राज्य में जल संरक्षण व जल दोहन को लेकर कड़े प्रावधान किए जाएंगे। जीबी पंत राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण शोध एवं सतत विकास संस्थान कोसी कटारमल में बुधवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रीमंडल की बैठक में 15 प्रस्तावों पर मुहर लगी।
बैठक के बाद सरकार के प्रवक्ता मदन कौशिक ने पत्रकारों को बताया कि उत्तराखंड, जल नीति लागू करने वाले देश के चुनिंदा राज्यों में शामिल हो गया है। इस नीति का लक्ष्य राज्य के सभी जल संसाधनों को संरक्षित करना, पर्यावरण को संतुलित करना, प्रभावी क्रियान्वयन के लिए ढांचा तैयार करना है। राज्य में सिचाई, उद्योग, पशुपालन आदि के लिए केवल तीन फीसद जल की आवश्यकता है। अगर हम पूरे उपलब्ध जल का तीन फीसद रोकने में सफल रहे तो विकास की ओर आगे बढ़ेंगे। जल आवंटन की प्राथामिकता, भूजल के उपयोग, सिचाई, ईको टूरिज्म, जल विद्युत विकास से लेकर किस तरह वाटर चार्ज लेंगे, इस पर मंत्रिमंडल में विस्तार से चर्चा की गई है। इस नीति को बनाने से पहले हमने 14 विभागों व संस्थानों से विचार-विमर्ष किया गया था। इसे मंजूरी मिलना बड़ी उपलब्धि है।
सरकारी प्रवक्ता कौशिक ने बताया कि कुमाऊं विश्वविद्यालय के सोबन सिंह जीना परिसर अल्मोड़ा में अब आवासीय विश्वविद्यालय अल्मोड़ा संचालित होगा। यहां पर नया विश्वविद्यालय को विस्तार मिलने से अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़ व चम्पावत के महाविद्यालय संबद्ध हो जाएंगे। इसके लिए विधानसभा में जल्द ही एक्ट के जरिये मंजूरी दी जाएगी। देहरादून सिटी मिशन को पीपीपी मोड में दिया गया है। इसकी सफलता के बाद इस प्रोजेक्ट को अन्य शहरों में भी लागू किया जाएगा। इसमें परिवहन मंत्री यशपाल आर्य, कृषि मंत्री सुबोध उनियाल, संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज, उच्च शिक्षा राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार डॉ. धन सिंह रावत, राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार रेखा आर्य मौजूद रही।

कैबिनेट में इन प्रस्तावों को भी मिली मंजूरी
1. अल्मोड़ा में सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय को आवासीय विश्वविद्यालय बनाने को मंजूरी ।
2. उत्तराखण्ड की जल नीति 2019 को मंजूरी ।
3. प्रदेश सरकार द्वारा जनकल्याणकारी योजनाओं को पीपीपी मोड नीति-2012 में संशोधन।
4. राज्य की आइटीआइ में फीस वृद्धि को मंजूरी। प्रतिवर्ष 3900 रूपये शुल्क देना होगा। इस फीस का कुछ हिस्सा शासन को भेजा जाएगा।
5. प्रदेश में जंगली जानवरों व आपदा से फसल, जान-माल की हानि का मुआवजा अब वन विभाग के बजाय आपदा के फंड से मिलेगा ।
6. टिहरी झील के पास आइटीबीपी के एडवेंचर सेंटर को मंजूरी। सेंटर के लिए भूमि की व्यवस्था होने तक पर्यटन विभाग के भवनों का उपयोग किया जाएगा।
7. डॉ. आरएस टोलिया उत्तराखंड प्रशासन अकादमी नैनीताल की सेवा नियमावली को मंजूरी ।
8. प्रदेश सरकार के सभी मंत्री अपने आयकर का भुगतान स्वयं वहन करेंगे। अभी तक मंत्रियों के आयकर का भुगतान प्रदेश सरकार द्वारा किया जा रहा था।
9. राजभवन अधिष्ठान में नियमावली संशोधन पर सहमति। अब राज्यपाल सचिवालय और राजभवन की एक ही नियमावली होगी।
10. पंडित दीनदयाल उपाध्याय गृह आवास (होम-स्टे) नियमावली में संशोधन। अब पुराने घर के नवीनीकरण अथवा उसमें सुविधाएं बढ़ाने के लिए 143 कराने की जरूरत नहीं। बैंक से ऐसे होमस्टे को अब मिल सकेगा ऋण।
11. मोटरयान नियमावली में संशोधन, अब 30 दिन के भीतर संबंधित थाने को रिपोर्ट देनी अनिवार्य होगी।
12. उत्तराखंड डेयरी सहकारी फेडरेशन के तहत उच्च प्राथमिक व प्राथमिक स्कूलों के लगभग 6 लाख बच्चों को सप्ताह में 1 दिन पौष्टिक दूध मिलेगा। इसमें छह करोड़ शासन खर्च करेगा।
13. पशुपालन विभाग के तहत वैक्सीनेटर सेवा नियमावली को मंजूरी।
14. उत्तराखंड राजस्व अभिलेख 2019 का प्रख्यापन किया गया, इसके लिए प्रदेश में 10 सदस्य कमेटी बनेगी और जिलों में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी बनाई जाएगी।
15. उत्तराखण्ड राजस्व अभिलेख नियमावली 2019 की स्वीकृति।

मुख्य सचिव ने सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम को लेकर बुलाई अहम बैठक

मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने सड़क दुर्घटनाओं के लिए चिन्हित और सम्भावित स्थलों को अविलम्ब ठीक कराने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियन्त्रण के लिए सभी संबंधित विभागों से आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिये।
सचिवालय सभागार में सड़क सुरक्षा से संबंधित बैठक में मुख्य सचिव ने सड़क सुरक्षा निधि में उपलब्ध धनराशि को सड़क सुरक्षा कार्य में उपयोग करने हेतु शीघ्र ही एक बैठक बुलाने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इस निधि में जमा धन का 25 प्रतिशत सड़क सुरक्षा कार्यों में खर्च करने का प्राविधान भी है।
बैठक में अपर मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने बताया कि प्रदेश में 1500 संवेदनशील स्थल चिन्हित किये गये हैं जिसमें से 51 स्थलों को निर्माण विभाग, 47 स्थलों को राष्ट्रीय राजमार्ग एवं लोक निर्माण विभाग तथा 09 स्थलों को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण इस प्रकार कुल 107 स्थलों सही कर दिया गया है। शेष 941 स्थलों पर लोक निर्माण विभाग 358 स्थलों पर राष्ट्रीय राजमार्ग एवं लोक निर्माण विभाग तथा 48 स्थानों पर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण तथा 46 स्थलों पर राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम एवं सीमा सड़क संगठन द्वारा संवेदनशील स्थलों को सही करने का कार्य किया जा रहा है।
बैठक का संचालन करते हुए अपर परिवहन आयुक्त सुनीता सिंह ने बताया कि उच्चतम न्यायालय की मानीटरिंग कमेटी के निर्देश पर लीड एजेन्सी के सदस्यों की नियुक्ति हेतु अपर मुख्य सचिव, लोक निर्माण विभाग के एक अभियंता, पुलिस महानिदेशक के प्रतिनिधि के रूप में सहायक निदेशक स्तर के यातायात अधिकारी की नियुक्ति करने के भी निर्देश दिए हैं। इस हेतु चिकित्सा, शिक्षा विभाग द्वारा एक-एक अधिकारी पूर्व से ही नियुक्त किये गये हैं, जो स्वतंत्र रूप से सड़क सुरक्षा एजेन्सी में पूर्णकालिक सदस्य रहेंगे। बैठक में बताया गया कि प्रदेश गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष वाहन दुर्घटनाओं की संख्या में कमी आयी है। बैठक में सचिव परिवहन शैलेश बगौली, पुलिस महानिदेश अनिल रतूड़ी, पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) अशोक कुमार के साथ ही परिवहन विभाग के अधिकारी भी उपस्थित थे।

एम्स ने किया टेलीमेडिसिन तकनीक पर करार

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश और अमेरिकी कंपनी इवोल्को के मध्य टेलीमेडिसिन तकनीक को लेकर करार हो गया है। अब मरीज घर बैठे भी एम्स के विशेषज्ञों से सलाह ले सकता है।
एम्स निदेशक प्रो. रविकांत ने बताया कि इवोल्को कंपनी कैलिफोर्निया में स्थापित है, जिसकी भारत में लखनऊ और बेंगलुरु में शाखाएं स्थापित हैं। कंपनी ने आर्टिफिसियल इंटेलिजेंस पर आधारित पेसेंट स्क्रीनिंग एंड टेलीमेडिसिन तकनीक को विकसित करने का कार्य किया है। उन्होंने बताया कि पर्वतीय इलाकों में रहने वाले लोगों को चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए एम्स संस्थान ने कंपनी के साथ करार किया है।
निदेशक ने बताया कि टेलीमेडिसिन तकनीक से दूर दराज के पहाड़ी क्षेत्रों के मरीज एम्स के विशेषज्ञ चिकित्सक से घर बैठे ही चिकित्सकीय सलाह प्राप्त कर सकेंगे। इससे पर्वतीय क्षेत्रों में निवास करने वाले लोगों को न सिर्फ शीघ्र चिकित्सकीय सहायता मिलेगी वरन वह अपने गांवों से सैकड़ों किलोमीटर की लंबी दूरी तय कर उपचार के लिए एम्स ऋषिकेश में आने की समस्या से निजात पा सकेंगे। इससे उनके समय और धन की मितव्ययता भी नहीं होगी। एम्स टेलीमेडिसिन यूनिट की नोडल ऑफिसर प्रो. वर्तिका सक्सेना ने बताया कि समझौता ज्ञापन पर एम्स की ओर से निदेशक प्रो. रवि कांत व इवोल्को कंपनी की ओर से वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. विनीत ध्यानी ने हस्ताक्षर किए।
गौरतलब है कि एम्स ऋषिकेश की स्थापना रोगियों को बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए की गई है, जिसके तहत एम्स प्रशासन मरीजों को विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने को सतत प्रयासरत है। इसी उद्देश्य से अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश में वर्ष 2018 के जून माह में टेलीमेडिसिन इकाई की स्थापना की गई, इकाई के माध्यम से दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में स्थापित स्वास्थ्य केंद्रों में टेली परामर्श, टेली चिकित्सा सेवा व टेली चिकित्सा शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। इस अवसर पर एम्स टेलीमेडिसिन यूनिट के सदस्य डॉ. योगेश बेहुरूपी, डॉ. मधुर उनियाल आदि उपस्थित थे।

आरोपी चाहे धरती पर हो या आकाश में, हर हाल में गिरफ्तार करें पुलिसः टीएसआर

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने गृह, आबकारी व पुलिस विभाग के अधिकारियों को रविवार को तलब किया। उन्होंने अधिकारियों से पथरिया पीर, देहरादून की घटना व इसके बाद की गई कार्यवाही की विस्तार से जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पूरे मामले में जिस व्यक्ति का मुख्य आदमी का नाम सामने आ रहा है, उसे जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए। वह आदमी चाहे धरती पे हो, आसमान में हो या पाताल में हो, हर हाल में पकङा जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर किसी के संरक्षण की बात पाई जाती है, तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पूरे घटनाक्रम की गहराई से जांच की जाए। उन्होंने सख्त नाराजगी जताते हुए कहा कि शहर के बीचों बीच कुछ चल रहा हो और हमारी एजेंसियों को पता न चले, कैसे हो सकता है। घटना के हर पहलू की बारीकी से जांच की जाए। इसमें जो भी दोषी या जिम्मेदार पाया जाएगा उस पर सख्त कार्यवाही की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे प्रदेश में पुलिस व आबकारी विभाग अवैध शराब की छापेमारी के अभियान चलाए। इसमें जिन लोगों की भी मिलीभगत हो, उन्हें पकड़ा जाए और सख्त से सख्त एक्शन लिया जाए। मुख्यमंत्री ने महकमें के अधिकारियों से कहा कि अगर अवैध शराब का व्यापार करने वालों के खिलाफ कार्यवाही को और सख्त करने के लिए आबकारी एक्ट में किसी प्रकार के संशोधन की जरूरत हो तो उसका प्रस्ताव तैयार करें। अवैध शराब या नशे के व्यापार को रोकने में आम जनता का भी सहयोग लिया जाए। कहीं से भी इस प्रकार की कोई शिकायत आती है तो उसे पूरी गम्भीरता से लिया जाए।
बैठक में मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, डीजी लाॅ एंड आर्डर अशोक कुमार, प्रमुख सचिव आनंदबर्द्धन, सचिव नितेश झा, आईजी गढ़वाल रेंज अजय रौतेला, आयुक्त आबकारी सुशील कुमार, जिलाधिकारी देहरादून सी.रविशंकर, एसएसपी अरूण मोहन जोशी मौजूद थे।