22 माह की सरकार ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मुख्यमंत्री आवास स्थित जनता मिलन हाॅल में पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि पिछले 22 माह में राज्य सरकार द्वारा प्रदेश हित में अनेक नीतिगत निर्णय लिये गये हैं। राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों तक जनकल्याणकारी योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित की गई है। प्रदेश के अर्थिक विकास एवं पिछड़ेपन को दूर करने तथा उद्योगों को बढावा देकर निवेश की व्यापक संभावनाएं तलाशी है।
निवेश से बदलेगी तस्वीर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पहली बार इन्वेस्टर्स समिट का सफल आयोजन कर 1 लाख 24 हजार करोड़ के एमओयू साइन किए गये। इसमें से रू0 40 हजार करोड़ के निवेश पहाड़ी क्षेत्रों के लिए किए गए हैं। पहाड़ों पर लघु उद्योगों का विकास किया जा रहा है। बागेश्वर में पहली लीसा फैक्ट्री की शुरुआत हुई है। इसमें से लगभग रू0 10 हजार 300 सौ करोड़ के प्रोजेक्ट जल्द धरातल पर उतरने लगेंगे। इससे 20 हजार रोजगार सृजित होंगे। मार्च तक यह लगभग 13 हजार करोड होने का अनुमान है। आने वाले 3 चार महीनों में 30 हजार करोड़ रुपए के अन्य प्रोजेक्ट भी धरातल पर दिखाई देने लगेंगे।
विकास दर और प्रति व्यक्ति आय बढ़ी
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की विकास दर और प्रति व्यक्ति आय में बढोतरी हुई है। वर्ष 2018-19 में राज्य का सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) 2,14,993 करोड़ अनुमानित है। राज्य में अनुमानित आर्थिक विकास दर 2017-18 में 6.82 फीसद थी जो 2018-19 में बढ़कर 7.03 प्रतिशत हो गई है। जबकि राष्ट्रीय स्तर पर यह औसत दर 7.2 प्रतिशत है। वर्ष 2018-19 में उत्तराखंड में प्रति व्यक्ति आय यानि एक आदमी की सालाना कमाई 1,90.284 रुपये है जबकि देश की प्रति व्यक्ति आय 1,25,397 है। हालांकि विकास दर और प्रति व्यक्ति आय में मैदानी जिलों और पहाड़ी जिलों में बहुत फर्क है। हमारी कोशिश इसी फर्क को पाटने की है। हम पहाड़ों को ध्यान मे रखकर योजनाएं बना रहे हैं।
अटल आयुष्मान योजना बनी लोगों का कवच
मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना लोगों का रक्षा कवच बनी है। प्रदेश के सभी 23 लाख परिवारों को निशुल्क स्वास्थ्य सुरक्षा सालाना 5 लाख रुपए तक कैशलेस इलाज की सुविधा प्रदान की जा रही है।
इस योजना में अब तक 11 लाख से ज्यादा गोल्डन कार्ड बनाये जा चुके है। करीब 3 हजार लोगों का निशुल्क इलाज किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 तक जहां राज्य में 17 साल में केवल 1123 डॉक्टर तैनात थे, वहीं हमने 17 महीनों में 1137 नए डॉक्टरों की भर्तियां की है। 26 जनवरी से निशुल्क एयर एंबुलेंस सेवा शुरू कर रहे हैं। दुर्गम क्षेत्रों के लिए यह वरदान साबित होगी। अल्मोड़ा में डायलिसिस सेवा शुरू की गई है, पिथौरागढ़, श्रीनगर, कोटद्वार में जल्द शुरू करने वाले हैं। पहली बार राज्य में टेलीमेडिसिन और टेलीरेडियोलॉजी जैसी आधुनिक तकनीकें लाई गई हैं। आशा कार्यकत्रियों के बकाया भुगतान के लिए रू0 33 करोड़ जारी किए हैं। एएनएम और आशाओं के लिए दुर्घटना बीमा योजना शुरू की है।

यौन शोषण की शिकायतों का 90 दिन में करना होगा निराकरण

राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर गुरूवार को रिंग रोड स्थित किसान भवन में महिला एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने सुरक्षा बटन, शिकायत पंजीकरण पोर्टल, बेटी बचाओ बेटी पढाओ गीत का लोकार्पण किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता स्थानीय विधायक उमेश शर्मा काऊ ने की।
इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि महिलाओं ने अपनी प्रतिभा के बल पर प्रत्येक क्षेत्र में नये आयाम हासिल किये हैं। उन्होंने बालिकाओं से आत्म निर्भर एवं निर्भीकता से कार्य करने की अपेक्षा की। उन्होंने कहा कि महिला ही से संसार का सृजन होता है, उनके बिना मानव समाज की कल्पना करना निरर्थक है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा बालिकाओं के संरक्षण के लिए अनेक कदम उठाये गये हैं।
उन्होंने आज लाॅंच किये गये she-box पोर्टल के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि महिलाओं को कार्य स्थल पर यौन शोषण/उत्पीड़न के विरूद्ध सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने हेतु अधिकार दिया गया है। भारत सरकार द्वारा यौन उत्पीड़न के सम्बन्धित शिकायत को आॅनलाईन पंजीकृत कराने के लिये www.shebox.nic.in प्लेटफार्म तैयार किया गया है, जिसमें कोई भी महिला, कार्यरत बालिग किशोरी जो किसी संगठन यथा सार्वजनिक, सरकारी एवं निजी क्षेत्र में कार्य करती हो अपने विरूद्ध उक्त वेबसाइट पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकती है। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न से सम्बन्धित नोडल विभाग होने के कारण आरती बलोदी, राज्य परियोजना अधिकारी, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास, उत्तराखण्ड को राज्य स्तरीय नोडल अधिकारी she-box नामित किया गया है एवं जिला स्तर पर जिलाधिकारी/अपर जिलाधिकारी नोडल अधिकारी नामित किये गये है, जो she-box पर आॅनलाइन रजिस्टर्ड है, एवं अपने जनपदों से सम्बन्धित कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की शिकायतों का निवारण करेंगें। उक्त वेबसाईट पर दर्ज की गयी शिकायतों को कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न अधिनियम के अनुसार 90 दिनों के अन्दर निस्तारण किया जाना अनिवार्य है। आॅनलाइन होने के कारण इस वेबसाईट पर पंजीकृत शिकायतों को भारत सरकार द्वारा भी अनुश्रवण किया जाता है।
उन्होंने दूसरी योजना पैनिक बटन के बारे में कहा कि महिला सुरक्षा के लिए यह बेहद अहम योजना है। पैनिक बटन में पुलिस कंट्रोल रूम और महिला हेल्प लाइन के नंबर रहेंगे। इस मौके पर अलग अलग जिलों से आई महिलाओं को सुरक्षा बटन प्रदान किये गए व कार्यक्रम में मौजूद सभी महिला पत्रकारों को भी रेखा आर्या ने सुरक्षा बटन भेंट किये ।
महिला एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि पैनिक बटन को मोबाइल एप से भी लिंक किया जा सकता है। इसे कीरिंग, ब्रैसलेट अथवा अन्य किसी रूप में महिलाएं अपने पास रख सकती हैं। यह डिवाइस इंटरनेट और जीपीएस से लिंक रहेगी, जिसमें 12 मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड होंगे। यह नंबर परिजनों, मित्रों व अध्यापकों आदि किसी के भी हो सकते हैं। इस बटन को दबाने में तीन सेकंड लगेंगे। खतरा होने पर बटन दबाते ही 30 सेकंड के भीतर खतरे का संदेश सभी रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर चला जाएगा ।
इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने अनुसचिव दीपक कुमार द्वारा रचित ‘बेटी बचाओ बेटी पढाओ’ गीत की सीडी को लाॅंच किया।
इस अवसर पर कार्यक्रम अध्यक्ष क्षेत्रीय विधायक उमेश शर्मा काऊ ने कार्यक्रम को उपयोगी बताते हुए महिलाओं एवं बच्चों के विकास के लिये मंत्रालय द्वारा किये जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि आज लाॅंच किये गये इन योजनाओं से महिलाओं के संरक्षण में और सहयोग मिलेगा।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूडी ने कहा कि महिला एवं बाल विकास मंत्री के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं के कल्याण के लिये अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाये गये है। उन्होंने महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित प्रधानमंत्री मात्र वंदना योजना, राष्ट्रीय पोषण अभियान, मुख्यमंत्री बाल पोषण अभियान, नन्दा गौरा योजना, आजीविका योजना आदि के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
इस अवसर पर निदेशक सुश्री झरना कमठान, राज्य परियोजना निदेशक सुश्री आरती बलोदी सहित समस्त विभाग के अधिकारी एवं महिलाएं उपस्थित थी।

रुड़की की जनसभा में किसानों को नई सौगात दे गए मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने हरिद्वार जनपद में अटल आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना की शुरूआत रूड़की नगर से की। रूड़की के नेहरू स्टेडियम में मुख्यमंत्री ने इस योजना के तहत लाभार्थियों को गोल्डन कार्ड वितरित किये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के बीपीएल परिवारों को स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए भारत सरकार द्वारा आयुष्मान योजना का शुभारम्भ किया गया। उत्तराखण्ड में अटल आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना का लाभ प्रदेश के सभी 23 लाख परिवारों को दिया जायेगा। प्रत्येक परिवार चाहे वो किसी भी वर्ग से आता हो सभी को 5 लाख रूपये तक का स्वास्थ्य बीमा लाभ राज्य सरकार द्वारा दिया जायेगा। प्रदेश में अभी तक कुल 6 लाख 21 हजार 822 गोल्डन कार्ड बन चुके हैं।
प्रदेश में अभी तक 2266 मरीजों का इस योजना के तहत मुफ्त इलाज हो चुका है। हरिद्वार जनपद के 1 लाख 54 हजार परिवारों को सुविधा के लिए गोल्डन कार्ड के रूप में पंजीकृत कर लिया गया है और यह पंजीकरण प्रक्रिया निरंतर चलती रहेगी। हरिद्वार जिले में अभी तक 454 मरीजों को अटल आयुष्मान योजना के तहत मुफ्त इलाज हो चुका है। इसके लिए सरकार से कोई अंतिम समय सीमा निर्धारित नहीं की गयी है। समाज के प्रत्येक वर्ग को सुलभ इलाज दिये जाने के लिए योजना को पूर्णतः कैशलेस व पेपर लेस बनाया गया है।
मुख्यमंत्री ने हरिद्वार और उधमसिंह नगर के किसानों का सरचार्ज माफ किये जाने, रूड़की नगर के लिए मंच से घोषणा करते हुए कहा कि रूड़की नगर निगम सभागार के जीर्णोद्धार तथा निगम के संसाधनों से आॅडिटोरियम, रूड़की राजकीय इण्टर काॅलेज के जीर्णोद्धार, रूड़की गंगनहर के दोनो ओर सौंदर्यीकरण, रूड़की बस अड्डा का परिवहन निगम के संसाधनों से जीर्णोद्धार, गणेशपुर पुल के दोनों ओर घाटों का निर्माण एवं सौंदर्यीकरण, गणेशपुर से रामपुर चुंगी तक पथ प्रकाश व्यवस्था तथा दोनों ओर आरएम पुल का निर्माण तथा रूड़की के लिए 18 करोड़ रूपये लागत की सड़कों के निर्माण की घोषणा की।
इस दौरान खानपुर विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन, रूडकी विधायक श्री प्रदीप बत्रा, झबरेड़ा विधायक देशराज कर्णवाल, राज्यमंत्री विनोद आर्य आदि उपस्थित थे।

जावड़ेकर ने राज्य सरकार को दी बड़ी राहत

केंद्र सरकार ने उत्तराखंड सरकार को बड़ी राहत प्रदान की है। केन्द्र सरकार ने पौड़ी गढ़वाल स्थित श्रीनगर एनआइटी मामले में राज्य के रुख पर अपनी मुहर लगा दी है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने शुक्रवार को नई दिल्ली में केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर से मुलाकात की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि एनआइटी श्रीनगर का कैंपस नहीं बदला जाएगा। श्रीनगर में आइटीआइ और रेशम बोर्ड की भूमि पर अस्थायी रूप से नया कैंपस बनाया जाएगा। इसके साथ ही केंद्र सरकार ने विशिष्ट बीटीसी शिक्षकों के बाद अब बचे हुए शिक्षकों को भी राहत देने का भरोसा दिलाया है। शिक्षा के अधिकार के तहत राज्य को मिलने वाली राशि का बकाया जल्द देने की सहमति भी केंद्र सरकार ने जताई है।
एनआइटी श्रीनगर पर गठित हाईपावर कमेटी ने केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की मौजूदगी में ही हाईपावर कमेटी की रिपोर्ट पर विस्तार से चर्चा की। यह सहमति बनी कि एनआइटी श्रीनगर कैंपस नहीं बदलेगा। समिति की रिपोर्ट में यह स्पष्ट हो गया कि सुमाड़ी की भूमि संस्थान के निर्माण के लिए किसी भी तरह अनुपयुक्त नहीं रही है। इस अवसर पर उच्च शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ धन सिंह रावत मौजूद थे।

मुख्यमंत्री पहुंचे नारी निकेतन, दिए नियमित स्वास्थ्य चेकअप के निर्देश

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि राज्य सरकार नारी निकेतन व राजकीय शिशु गृह में रहने वाले संवासनियों व बालिकाओं की अभिभावक है। बालिकाओं व संवासनियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निरन्तर प्रयासों की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने जिला बाल संरक्षण अधिकारी देहरादून को निर्देश दिए कि नारी निकेतन में रहने वाली बालिकाओं को पढ़ाई के साथ-साथ रोजगार उन्मुख कौशल विकास व बागवानी आदि का भी प्रशिक्षण दिया जाए। इसके लिए कौशल विकास विभाग से अनुबन्ध किया जाए। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने नारी निकेतन में रहने वाली संवासनियों व बालिकाओं के नियमित हैल्थ चैकअप के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मानसिक रूप से दिव्यांग संवासनियों की सभी सुविधाओं का ध्यान रखा जाए। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने 1 जनवरी को नए वर्ष के अवसर पर केदारपुरम देहरादून स्थित राजकीय सम्प्रेक्षण गृह, नारी निकेतन व राजकीय शिशु गृह पहुंचकर वहां उपस्थित बालक-बालिकाओं, संवासनियों व बच्चों को नववर्ष की शुभकामनाएं दी।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने जिला प्रोबिशन अधिकारी, जिला बाल संरक्षण अधिकारी देहरादून को नारी निकेतन के भवन को ग्रीन बिल्डिंग के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि संवासनियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए नारी निकेतन भवन को राष्ट्रीय स्तर की आदर्श ग्रीन बिल्डिंग के रूप में विकसित करने के साथ ही सभी अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित करवाई जाए। मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने राजकीय सम्प्रेक्षण गृह (किशोर सुधार गृह) में रहने वाले बालकों से विस्तृत अनौपचारिक बातचीत की। मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने बालक-बालिकाओं से उनकी पढ़ाई, भविष्य की योजनाओं व रूचि के बारे में पूछा व उन्हें जीवन सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने की प्रेरणा दी।

लोकलुभावन फैसले से कैबिनेट ने 2018 को दी विदाई

उत्तराखंड सरकार ने इस वर्ष की आखिरी कैबिनेट में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं जिनमें गन्ने का समर्थन मूल्य और नगर निगमों के बजट में वृद्धि की गई है। इसे 3 राज्यों में भाजपा को मिली हार के मद्देनजर भी देखा जा रहा है। कैबिनेट के फैसलों की जानकारी शासकीय प्रवक्ता मदन कौशिक ने दी। उन्होंने कहा कि कैबिनेट ने लोक सेवा आयोग से सम्बन्धित व्यवस्थाधिकारी और व्यस्थापक पदों की सेवा नियमावली में संशोधन किया गया है। गन्ने के समर्थन मूल्य में बदलाव किया गया है। 3 राज्यों की हार का असर उत्तराखंड सरकार पर भी नजर आया। कैबिनेट ने किसानों को ध्यान में रखते हुए गन्ने की अगेती फसल के लिए 327 अगेती और सामान्य प्रजाति में 317 रु प्रति कुन्तल निर्धारित की गयी है।
उत्तराखंड भवन निर्माण एवम आवास विकास उपविधि विनियम के मानकों में संशोधन, किया गया। भवन निर्माण नीति में संशोधन, पहाड़ो ओर मैदान के बीच वाले भाग में फुट हिल नीति बनेगी, प्राधिकरणों को इसमे कार्य करने के लिए कहा गया है, देहरादून नैनीताल अल्मोड़ा पौड़ी टिहरी चंपावत जिलो में प्राधिकरण काम करेंगे, फुट हिल में भवनों की ऊंचाई 21 मीटर से ज्यादा नही होगी, सड़क को चैड़ाई 9 मीटर घटाकर 6.75 मीटर निर्धारित की गयी।

आवासीय क्षेत्र में एकल आवासीय एवं व्यवसायिक भवन के लिए वन टाईम सेटलमेंट की व्यवस्था की गयी। कम्पाउन्डिग फीस में छूट दी गयी है। उत्तराखण्ड भवन निर्माण एवं विकास उपविधि विनियम 2011 के मानक में संशोधन। नगर निगम अधिनियम 1965 की धारा 135 ओर 136 में किया गया बदलाव, करते हुए वित्तीय अधिकार में बढ़ोत्तरी की गयी। नगर आयुक्त को 50 हजार से 10 लाख का वित्तीय अधिकार दिए गए। मेयर को 1 लाख से 12 लाख का वित्तीय अधिकार देनेे पर भी सहमती बनी। 5 लाख से अधिक जनसंख्या वाले मेयर को 12 लाख एवं 5 लाख कम जनसंख्या से कम वाले नगर निगम वाले मेयर को 6 लाख का वित्तीय अधिकार प्रदान किया गया। साथ ही कार्यसमिति को 25 लाख एवं बोर्ड को असिमित वित्तीय अधिकार दिया गया।
उत्तराखंड पुलिस के इन्सपेक्टर सब इन्सपेक्टर के 33 प्रतिशत पद पदोन्नति से भरे जाएंगे, इसमेंं आर्म्ड फोर्स को भी शामिल किया गया। वेतन निर्धारण विसंगति दूर की गयी। सीधी भर्ती और पदोन्नति के 4600 ग्रेड-पे के अन्तर को दूर किया गया। इससे लगभग ढेड़ लाख कर्मचारी लाभांवित होंगे।

जानिए किसने कहा राजनीति बेहद कठिन, मगर मैं कर सकता हूं बदलाव…

सुपरस्टार रजनीकांत चेन्नई स्थित एक कॉलेज में छात्रों से कहा कि वे एक अच्छी सरकार चला सकते हैं। उन्होंने कहा कि अब जयललिता नहीं रहीं, करुणानिधि भी बीमार हैं। उन्होंने एमजीआर का नाम लेते हुए कहा कि मैं उनकी तरह राज्य की सेवा कर सकता हूं। उन्होंने कहा कि एमजीआर जैसे लोग हजारों साल में एक बार पैदा होते हैं।

एमजीआर एजुकेशनल एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट में एमजीआर की प्रतिमा का अनावरण करने के बाद रजनीकांत ने छात्रों से बातें कीं। रजनीकांत ने इस मौके पर एमजी रामचंद्रन की ही तरह सफेद धोती और शर्ट पहना था।

छात्रों से उन्होंने कहा कि मैं जानता हूं कि राजनीति का रास्ता बेहद कठिन है, लेकिन मैं एक अच्छी सरकार का नेतृत्व कर सकता हूं। उन्होंने एमजीआर के शासन का जिक्र करते हुए कहा कि मैं राज्य की जनता को एक बार फिर से वैसी ही सरकार दे सकता हूं. ईश्वर मेरे साथ है और मुझे विश्वास है कि मैं राज्य में ये बदलाव ला सकता हूं।

रजनीकांत ने कहा कि एम करुणानिधि, जीके मुप्पनर और दूसरे नेताओं के साथ मेरे अच्छे संबंध रहे हैं। इन लोगों से मैंने राजनीति सीखी है। राजनीति के रास्ते में तमाम मुश्किलें, कठिनाइयां और दिक्कतें आती हैं। इसका रास्ता कांटों से भरा हुआ है, लेकिन आपका नजरिया साफ हो, तो आप सब कुछ पार कर सकते हैं।

रजनीकांत ने इस दौरान उन लोगों को भी जवाब दिया जो कलाकारों के राजनीति में आने पर सवाल उठा रहे हैं। रजनीकांत ने कहा कि मैं स्वागत की उम्मीद नहीं करता, लेकिन आप हतोत्साहित क्यों कर रहे हैं। मैं अभी सिर्फ 67 साल का हूं. राजनेता अपना काम ठीक से नहीं कर रहे हैं, इसलिए हमें राजनीति में आना पड़ रहा है। पिछले साल के आखिरी दिन रजनीकांत ने राजनीति में आने का ऐलान किया था।

होली पर त्रिवेन्द्र ने जनता को दी बधाई

होली के अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने जनता से भेंट कर होली खेली। इस दौरान जनता ने उन्हें अबीर व गुलाल भी लगाया। इस मौके पर त्रिवेन्द्र बोले होली का पर्व हमारे सनातन धर्म परंपराओं में से एक पावन पर्व है। जिससे हमें सदैव प्रसन्न व उल्लासित रहने की सीख मिलती है।

मुख्यमंत्री आवास पर होली मिलन कार्यक्रम में जनता ने सीएम त्रिवेन्द्र को रंग लगाकर होली की शुभकामनायें दी। इस पर सीएम ने भी रंगो के पर्व की सभी प्रदेशवासियों को बधाई व शुभकामनायें दी। सीएम ने प्रदेशवासियों के उज्जवल भविष्य व दीर्घ जीवन, समृद्धि की कामना भी की। त्रिवेन्द्र बोले हमारे अधिकांश त्यौहार खेती, गांव और प्रकृति पर आधारित है। प्रकृति ने हमेशा सृजन का कार्य करती है। उन्होंने प्रदेश के सभी किसानों को होली की शुभकामना देते हुये कहा कि किसान अन्नदाता व ग्राम देवता है। किसानों की आय दोगुनी हो, इसके लिये केंद्र की मोदी सरकार वचनबद्ध है। मोदी सरकार ने उनके हित के लिये अनेक कल्याणकारी योजनाएं चलाई हुयी है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने होली के पावन पर्व पर राजभवन में राज्यपाल डा. केके पाल से भेंट की और उन्हें होली की शुभकामनाएं व बधाई दी। इस अवसर उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने भी राज्यपाल डा. केके पाल को होली की शुभकामनाएं दी।

गढ़वाली गीत कैने मारी पिचकारी से नेगी ने की वापसी

लोकगायक नरेन्द्र सिंह नेगी बीमारी की जंग जीतने के बाद एक बार फिर से गायकी से जलवा करने को तैयार है। होली का त्योहार नजदीक है और ऐसे में नेगी का पिचकारी सर्ररर, कैने मारी… वीडियो सॉन्ग सीएम आवास पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने रिलीज किया। होली के अवसर पर यह गढ़वाली गीत उनके प्रशंसकों के लिए किसी सौगात से कम नहीं है।

विदित हो कि बीमारी से उबरकर नेगी दा ने एक बार मंच में प्रस्तुति दी थी, मगर गढ़वाली वीडियो सॉन्ग उन्होंने पहली बार जारी किया है। समारोह में उन्होंने कहा कि वह अस्वस्थता के चलते लंबे समय से लोकगायिकी से दूर थे। यह गढ़वाली वीडियो सॉन्ग उन्होंने होली के खास मौके पर बनाया है। बीमारी के बाद यह लोकगीत लोगों को समर्पित करते हुए वह काफी ऊर्जावान महसूस कर रहे हैैं। उन्होंने यह गीत गाकर समारोह में रंग जमा दिया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि यह लोकगीत होली को खास बनाएगा। उन्होंने कहा कि नरेंद्र सिंह नेगी का लोकगायिकी के प्रति समर्पण भाव प्रेरणास्रोत है। उनके स्वस्थ होने के बाद से प्रदेशवासी उनकी आवाज सुनने की बेसब्री से प्रतीक्षा कर रहे थे, जो आज पूरी हुई।

महिलायें शी-बॉक्स के जरिये कर सकेंगी यौन उत्पीड़न की शिकायत

अब केंद्रीय महिला कर्मचारी ऑफिसों में यौन उत्पीड़न की शिकायत शी-बॉक्स के जरिए कर सकेंगी। इसके लिये केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने केंद्र सरकार में काम कर रही महिला कर्मचारियों के लिए ऑनलाइन प्लैटफॉर्म शी-बॉक्स लॉन्च किया है।

महिला और बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने कहा है कि शी-बॉक्स फिलहाल केंद्र सरकार की कर्मचारियों के लिए है। बाद में इसका विस्तार किया जाएगा और इसमें प्राइवेट सेक्टर को भी शामिल किया जाएगा। ऑफिस और कामकाज की जगह पर होने वाले उत्पीड़न की प्रकृति के लिए राष्ट्रीय स्तर का सर्वे कराने की बात भी मेनका गांधी ने कही है।

शी-बॉक्स का मतलब है सेक्सुअल हैरसमेंट इलेक्ट्रॉनिक बॉक्स। इसमें आई कोई भी शिकायत सीधे संबंधित मंत्रालय, विभाग की इंटरनल कंप्लेन कमेटी के पास भेज दिया जाएगा, जिसके पास इसकी जांच का अधिकार होगा। इंटरनल कंप्लेन कमेटी नियमों के मुताबिक कार्रवाई करेगी और शिकायत की स्थिति भी पीड़ित को बताती रहेगी।

अभी केंद्र सरकार में करीब 30.87 लाख कर्मचारी हैं। फिलहाल केंद्र सरकार की कर्मचारियों के लिए हैं जिसमें करीब 10.93 प्रतिशत महिला हैं। मेनका गांधी के मुताबिक पोर्टल में कैसी हरकतें यौन उत्पीड़न मानी जाएंगी यह भी बताया गया है। फर्जी शिकायतें ना आएं इस पर भी ध्यान दिया जाएगा।