मॉक अभ्यास का दस्तावेजीकरण करें सभी जनपदः बर्द्धन

भूकंप तथा भूकंप जनित आपदाओं से बचाव तथा भूकंप आने पर विभिन्न रेखीय विभागों की तैयारियों को परखने के लिए राज्य के सभी 13 जनपदों में 80 से भी अधिक स्थानों पर राज्य स्तरीय मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। यह पहला अवसर है जब यूएसडीएमए द्वारा इतने बड़े स्तर पर मॉक ड्रिल आयोजित की गई। उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा आयोजित मॉक ड्रिल की निगरानी राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से की गई। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने एसईओसी पहुंचकर मॉक ड्रिल का निरीक्षण किया। उन्होंने जिलाधिकारियों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद कर राहत एवं बचाव कार्यों की स्थिति, टीमों की तैनाती, क्षति तथा विभागीय समन्वय की वास्तविक तैयारियों की जानकारी ली। साथ ही उन्होंने ग्राउंड जीरो पर मौजूद इंसीडेंट कमाण्डरों तथा राहत एवं बचाव कार्य में जुटे कर्मियों से भी बात की। इस दौरान उन्होंने जनपदों से पूछा कि राज्य स्तर पर उन्हें किस प्रकार के सहयोग की आवश्यकता है।

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने कहा कि इस राज्यव्यापी मॉक ड्रिल का उद्देश्य भूकम्प जैसी आपदा में प्रशासनिक तत्परता का परीक्षण, विभिन्न विभागों के मध्य आपसी समन्वय को मजबूत करना, संचार एवं समन्वय तंत्र की खामियों की पहचान कर उन्हें दूर करना तथा फील्ड स्तर पर त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता का आकलन करना है, ताकि वास्तविक आपदा की स्थिति में किसी प्रकार की देरी या भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो।

मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि मॉक अभ्यास का विस्तृत डाक्यूमेंटेशन तैयार किया जाए और अभ्यास के दौरान जिन कार्यों में कमी या सुधार की आवश्यकता महसूस हुई है, उन्हें जिला स्तर पर प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि शासन द्वारा इन सुधारात्मक गतिविधियों के लिए आवश्यक संसाधन, तकनीकी सहायता और सभी तरह का सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने विशेष रूप से जोर दिया कि रेस्क्यू एवं रिलीफ टीमों के रिस्पांस टाइम को और बेहतर किया जाए, आईआरएस प्रणाली के तहत अधिकारियों द्वारा अपने-अपने दायित्वों की पुनः समीक्षा की जाए, एसईओसी और डीईओसी के बीच संचार व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जाए तथा अस्पतालों, स्कूलों, विद्युत परियोजनाओं और अन्य महत्वपूर्ण अवसंरचनाओं से जुड़े विभाग अपने एसओपी को दोबारा परखकर उनकी तत्परता सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि ऐसे मॉक अभ्यास राज्य की आपदा प्रबंधन क्षमता को मजबूत करते हैं और वास्तविक संकट के समय सुव्यवस्थित कार्रवाई सुनिश्चित करने में अत्यंत प्रभावी सिद्ध होते हैं।

उपाध्यक्ष राज्य सलाहकार समिति, आपदा प्रबंधन विभाग विनय कुमार रुहेला ने कहा कि भूकम्प मॉक ड्रिल राज्य की वास्तविक तैयारी का महत्वपूर्ण परीक्षण है और इस अभ्यास से मिली सीख को तुरंत लागू करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ड्रिल के दौरान जिन बिंदुओं पर सुधार की आवश्यकता सामने आई है, उन्हें विभागीय स्तर पर शीघ्रता से दूर किया जाए तथा फील्ड में तैनात सभी टीमें अपने-अपने दायित्वों के अनुरूप तत्परता बढ़ाएं। उन्होंने यह भी कहा कि जिला प्रशासन, यूएसडीएमए और सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय को और मजबूत करें, क्योंकि किसी भी आपदा में त्वरित और संगठित प्रतिक्रिया ही जन-जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करती है। रुहेला ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि उपकरण, जनशक्ति और संचार व्यवस्थाओं की समीक्षा नियमित रूप से होती रहे।

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने कहा कि जिन उद्देश्यों को लेकर मॉक ड्रिल आयोजित की गई, उन्हें हासिल करने में सफलता प्राप्त हुई है। कुछ कमियां मिलीं हैं, जिन्हें दूर किया जाएगा ताकि वास्तविक आपदा के समय किसी प्रकार की दिक्कत न आए। उन्होंने कहा कि अभ्यास में जो भी कमियां सामने आई हैं, उन्हें बिना किसी देरी के दूर किया जाए और सभी विभाग अपने सुझाव एवं अवलोकन यूएसडीएमए के साथ साझा करें, ताकि ड्रिल के वास्तविक अनुभव आगे की तैयारी में उपयोगी साबित हों।

उन्होंने यह निर्देश दिया कि आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता में किसी प्रकार की कमी न रहे और जिन उपकरणों का उपयोग फील्ड में किया जाना है, उनके संचालन का पूर्ण प्रशिक्षण अनिवार्य रूप से दिया जाए, ताकि किसी भी आपदा स्थिति में टीमें तुरंत और कुशलतापूर्वक कार्य कर सकें। उन्होंने यह भी कहा कि मॉक ड्रिल में शामिल सभी विभाग अपने रिस्पांस का व्यवस्थित डाक्यूमेंटेशन तैयार करें, जिससे प्रतिक्रिया समय, समन्वय और संसाधनों के उपयोग का गहन विश्लेषण हो सके।

सचिव सुमन ने क्विक रिस्पांस टीमों को और अधिक सक्षम, संसाधनयुक्त और त्वरित कार्रवाई के लिए तैयार रखने पर बल दिया, साथ ही स्वयंसेवकों की संख्या बढ़ाकर उन्हें नियमित प्रशिक्षण प्रदान करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य स्पष्ट है-आपदा में शून्य मृत्यु और इसे वास्तविकता में बदलने के लिए सभी विभागों को अपनी तैयारियों को और मजबूत, अधिक प्रभावी और समयबद्ध बनाना होगा।

इस अवसर पर आईजी फायर मुख्तार मोहसिन, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रशासन आनंद स्वरूप, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रियान्वयन डीआईजी राजकुमार नेगी, संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी मो0 ओबैदुल्लाह अंसारी, डॉ बिमलेश जोशी आदि मौजूद थे।

पर्वतारोही बछेंद्री पाल ने 10 लाख का चेक सीएम राहत कोष में किये जमा

प्रसिद्ध पर्वतारोही एवं पद्म भूषण सम्मान प्राप्त बछेंद्री पाल ने मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए 10 लाख रुपए का चेक प्रदान किया। यह चेक उनकी ओर से राज्य महिला उद्यमिता परिषद की उपाध्यक्ष विनोद उनियाल द्वारा मुख्यमंत्री को सौंपा गया।

मुख्यमंत्री ने बछेंद्री पाल के इस सामाजिक योगदान के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संकट की घड़ी में सहयोग एवं सेवा की भावना ही समाज को जोड़ती है। उन्होंने कहा कि ऐसे योगदान न केवल ज़रूरतमंदों की मदद करते हैं, बल्कि जनहित के कार्यों के प्रति लोगों को प्रेरित भी करते हैं।

साहित्य भावनाओं, विचारों और अनुभवों को व्यक्त करने का सशक्त माध्यमः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मोहनी रोड स्थित दून इंटरनेशल स्कूल में देहरादून लिटरेचर फेस्टिवल में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने वेणु अग्रहारा ढ़ींगरा द्वारा लिखित पुस्तक लीडिंग लेडीज ऑफ इण्डिया पुस्तक का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि साहित्य भावनाओं, विचारों और अनुभवों को व्यक्त करने का सशक्त माध्यम है। सामाजिक और सांस्कृतिक जागरूकता में भी साहित्य की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि लीडिंग लेडीज ऑफ इण्डिया पुस्तक पाठकों विशेष रूप से महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सशक्तीकरण के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। राज्य में महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा बनाये जा रहे उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा अनेक योजनाएं चलाई जा रही है। उन्होंने कहा कि समाज के समग्र विकास के लिए महिलाओं का सशक्त होना जरूरी है। आज बेटियां हर क्षेत्र में सराहनीय कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की आत्मा उसकी संस्कृति में बसती है। यहां की संस्कृति और परंपराओं को संजोये रखने की दिशा में सरकार निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत दो वर्षों से राज्य में प्रवासी उत्तराखण्डी सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। इसका मूल उद्देश्य लोगों को अपनी जड़ों से जोड़े रखना है। प्रवासी सम्मेलन के आयोजन के बाद से अनेक प्रवासियों द्वारा अपने मूल गांवों के विकास के साथ ही प्रदेश के विकास के सहयोगी बनने की इच्छा जताई गई है।

इस अवसर पर गीता पुष्कर धामी, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, दून इंटरनेशनल स्कूल समूह के संस्थापक डी.एस.मान एवं अन्य गणमान्य मौजूद थे।

जौलजीबी पिथौरागढ़ में मेले का शुभारंभ कर सीएम ने की कई घोषणाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जौलजीबी, पिथौरागढ़ में भारत-नेपाल सीमा पर काली और गोरी नदी के संगम पर आयोजित होने वाले ऐतिहासिक जौलजीबी मेला का शुभारंभ किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न घोषणाएं की। विकासखण्ड मुनस्यारी अन्तर्गत ग्राम हूपली में झलूड़ी से पल्याती तक मार्ग निर्माण किया जायेगा। बगीचा से धारचूला कोट ट्रैकिंग मार्ग एवं मेला स्थल का विकास कार्य कराया जायेगा। ग्राम पय्या पौड़ी से नालालेख शिव मंदिर तक ट्रैक रूट निर्माण कराया जायेगा। विकासखण्ड मुनस्यारी अन्तर्गत कालापानी से दशरथ पर्वत कुण्ड तक सम्पर्क मार्ग का निर्माण कार्य कराया जायेगा। विकासखण्ड मुनस्यारी के अन्तर्गत ग्राम सुरिंग में आन्तरिक सी०सी० मार्ग का निर्माण किया जायेगा। सिमगड़ नदी भैंसकोट में आर०सी०सी० पुलिया एंव सम्पर्क मार्ग का निर्माण कराया जायेगा एवं धारचूला में सैनिक विश्राम भवन बनाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मेला सदियों से भारत और नेपाल की सांस्कृतिक, आर्थिक और पारंपरिक मित्रता का प्रतीक है। जौलजीबी मेला केवल आयोजन नहीं, भारत-नेपाल की पारंपरिक मित्रता और आर्थिक-सामाजिक एकरूपता का प्रतिबिंब है। मुख्यमंत्री ने कहा वो स्वयं भी बचपन में इस मेले में आते थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत नेपाल की मित्रता और अधिक सुदृढ़ हुई है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उत्तराखंड की रजत जयंती के अवसर पर कहा था कि उत्तराखंड की आत्मा उसके मेलों और त्योहारों में बसती है और उन्होंने आह्वान किया कि राज्य में एक जिला-एक मेला कार्यक्रम प्रारंभ किया जाए। जिसमें जिले के एक प्रमुख मेले को विशेष सहयोग दिया जाएगा जिससे उस मेले के सांस्कृतिक और आर्थिक महत्व को बल मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से पिथौरागढ़ जनपद सहित इस क्षेत्र के समग्र विकास को सुनिश्चित करने हेतु पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। आज पिथौरगढ़ में साढ़े सात सौ करोड़ रूपए से अधिक की लागत से मेडिकल कॉलेज का निर्माण किया जा रहा है। 34 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से स्पोर्ट्स कॉलेज में आधुनिक मल्टीपर्पज हॉल का निर्माण कार्य भी कराया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा विकासखंड बेरीनाग में शीघ्र ही लगभग 28 करोड़ रुपये की लागत से एक भव्य स्टेडियम का निर्माण कार्य भी प्रारंभ होने जा रहा है। पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेज में लगभग 21 करोड़ रुपये की लागत से 50-बेड के क्रिटिकल केयर ब्लॉक का भी निर्माण करा रहे हैं। जिले में 25 करोड़ रुपए की लागत से अस्कोट, गंगोलीहाट और धारचूला में नए बस स्टेशनों के निर्माण के साथ ही, पिथौरागढ़ में रोडवेज वर्कशॉप का निर्माण कार्य भी कराया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा क्षेत्र में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत 327 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से विभिन्न सड़कों का निर्माण कार्य भी गतिमान है। पिथौरागढ़ में कनेक्टिवी को बढ़ावा देने के लिए नैनी सैनी एयरपोर्ट के विस्तारीकरण का कार्य तेज गति से आगे चल रहा है। जिसके लिए 450 करोड़ रुपये स्वीकृत किए जा चुके हैं और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी गतिमान है।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार, रोजगार एवं स्वरोजगार के माध्यम से युवाओं को आगे बढ़ा रही है। प्रदेश में आज रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं। अब प्रदेश में सरकारी भर्तियां पारदर्शी तरीके से हो रहीं हैं। जो प्रदेश के युवा प्रतिभा और परिश्रम के आधार पर सरकारी नौकरियां प्राप्त कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने इससे पहले राष्ट्रीय एकता पद यात्रा में प्रतिभाग किया।

इस अवसर पर विधायक हरीश धामी, विधायक बिशन सिंह चुफाल, भाजपा जिला अध्यक्ष गिरीश बिष्ट एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

सीएम ने ऋषिकेश इंटरनेशनल स्कूल के 12वें वार्षिकोत्सव कार्यक्रम का किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ढालवाला में ऋषिकेश इंटरनेशनल स्कूल के 12वें वार्षिकोत्सव कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने स्कूल प्रबंधन को 12वें वार्षिकोत्सव की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बच्चे हमारे भविष्य के कर्णधार हैं। कल वे विभिन्न क्षेत्रों में जाकर अपने माता-पिता, गुरुजनों के साथ ही देश-प्रदेश का नाम रोशन करेंगे। बच्चों को शिक्षा प्रदान करने के साथ ही उनमें अनुशासन, संस्कार एवं सेवाभाव की भावना विकसित किया जाना आवश्यक है। शिक्षा न केवल रोजगार तक सीमित रहे, बल्कि इसका उद्देश्य चरित्र निर्माण, राष्ट्र निर्माण एवं मानव उत्थान भी हो। उन्होंने कहा कि वार्षिकोत्सव कार्यक्रम की थीम ’सोल ऑफ इंडियन कल्चर’ अपने आप में बहुत महत्वपूर्ण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति सभी संस्कृतियों की जननी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत अपने गौरवशाली अतीत के साथ आगे बढ़ रहा है। आज सभी क्षेत्रों में भारत पताका लहरा रही है। बच्चे एआई के साथ साथ योग, संस्कार एवं सादगी के महत्व को भी समझ रहे हैं। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन एवं सहयोग से राज्य सरकार शिक्षा में गुणात्मक सुधार के लिए निरंतर कार्य किये जा रहे हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 लागू करना वाला उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य है। आज युवाओं को रोजगार के नए अवसर उपलब्ध हो रहे हैं, इसके लिए विभिन्न औद्योगिक संस्थानों के साथ समझौते किए गए है। इसके साथ ही स्टार्टअप हेतु ट्रेनिंग संस्थान स्थापित किए गए है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की आर्थिकी को मजबूत करने में महिला समूहों के उत्पादों की महत्वपूर्ण भूमिका है। आज हाउस ऑफ हिमालयाज के माध्यम से छोटे छोटे समूहों को बाजार उपलब्ध हो रहा है। राज्य में सख्त नकल विरोधी कानून बनाया गया है, उसके बाद से राज्य के 26 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की गई है। राज्य के समग्र विकास के लिए हर क्षेत्र में नवाचार किये जा रहे हैं।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, जिलाध्यक्ष भाजपा उदय सिंह रावत, स्कूल के चेयरमैन मोहन डंग, जिलाधिकारी टिहरी नितिका खण्डेलवाल, एसएसपी आयुष अग्रवाल, सहित अन्य गणमान्य मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने स्नेह राणा को दी बधाई और उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से आज मुख्यमंत्री आवास में महिला क्रिकेट विश्व कप विजेता टीम की सदस्य एवं उत्तराखंड की गौरव, क्रिकेटर स्नेह राणा ने शिष्टाचार भेंट की।

इस अवसर पर विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा भी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री धामी ने स्नेह राणा को भारतीय महिला क्रिकेट टीम की शानदार जीत पर हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि पूरे देश और उत्तराखंड के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि स्नेह राणा ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन और संघर्षशीलता से देश और प्रदेश का नाम विश्व पटल पर रोशन किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्नेह राणा जैसी खिलाड़ी उत्तराखंड की बेटियों के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को हरसंभव सहयोग और प्रोत्साहन देने के लिए प्रतिबद्ध है। खेल नीति के माध्यम से खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, नौकरी और आर्थिक सहायता जैसी सभी सुविधाएं दी जा रही हैं।

स्नेह राणा ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार की ओर से खिलाड़ियों को जो सहयोग मिल रहा है, उससे राज्य में खेलों का वातावरण और अधिक सशक्त हुआ है। उन्होंने कहा कि वे भविष्य में भी देश और प्रदेश का नाम रोशन करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेंगी।

मुख्यमंत्री धामी ने स्नेह राणा को आगे की प्रतियोगिताओं के लिए शुभकामनाएं दीं और कहा कि उनकी यह उपलब्धि उत्तराखंड की खेल प्रतिभाओं के लिए एक नया प्रेरक अध्याय है।

वर्चुअल रजिस्ट्री के पंजीकरण से समय की बचत होगीः बर्द्धन

मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में परिसंपत्तियों यथा भूमि के क्रय-विक्रय का वर्चुअल रजिस्ट्रेशन करने के संबंध में समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

मुख्य सचिव ने संबंधित अधिकारियों से वर्चुअल रजिस्ट्रेशन के कार्यों की प्रगति का स्टेटस लेते हुए निर्धारित टाइमलाइन में इसका क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि भूमि के क्रय-विक्रय का वर्चुअल रजिस्ट्रेशन पूर्ण करने के लिए सभी संबंधित हितधारकों से समन्वय स्थापित किया जाए।

उन्होंने निर्देश दिए कि संबंधित एप्लीकेशन/पोर्टल में इस तरह का प्रावधान किया जाए कि भूमि के क्रय – विक्रय से संबंधित जितने भी दस्तावेज विभिन्न हितधारकों, विभागों, निकायों और एजेंसियों के बीच शेयर करने होते हैं वे सभी दस्तावेज ऑटो मोड पर और पेपरलेस प्रक्रिया से त्वरित गति से शेयर हो जाए।

उन्होंने कहा कि इस परियोजना के तैयार होने से भूमि के क्रय- विक्रय में पारदर्शिता आएगी, विभिन्न विभागों, निकायों, एजेंसियों और हितधारकों के मध्य भूमि का एक जैसा और सही रिकॉर्ड साझा हो सकेगा तथा इससे भूमि के क्रय- विक्रय से जुड़े विवादों में भी कमी आएगी।

इस दौरान अधिकारियों ने अवगत कराया कि संबंधित एप्लीकेशन बन चुकी है तथा इस संबंध में आज प्राप्त हुए मार्गदर्शन के अनुसार इसका थोड़ा मॉडिफिकेशन किया जाएगा। उसके पश्चात इसके इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए टेंडरिंग प्रोसेस प्रारंभ की जाएगी।

अवगत कराया कि इस एप्लीकेशन /पोर्टल में भूमि के क्रय-विक्रय के संबंध में तीन तरह के विकल्प उपलब्ध रहेंगे।

पहले विकल्प के तहत भौतिक रूप से दस्तावेज सहित रजिस्ट्रेशन के लिए रजिस्ट्रार कार्यालय में उपस्थित होना होगा। दूसरे विकल्प के अंतर्गत रजिस्ट्रेशन कार्यालय में बिना किसी दस्तावेज़ के (पेपरलेस) उपस्थित होकर रजिस्ट्रेशन किया जा सकेगा।

तीसरे विकल्प के अंतर्गत बिना किसी मीडिएटर के वर्चुअल (ऑनलाइन) माध्यम से भूमि की रजिस्ट्री की जा सकेगी।

कहा कि इस परियोजना को 1 अप्रैल 2026 से पूरे राज्य में लागू करने के प्रयास किए जाएंगे।

इस दौरान बैठक में सचिव दिलीप जावलकर, अपर सचिव सोनीका व आलोक कुमार पांडेय, सहायक महानिरीक्षक निबंधक अतुल शर्मा, उपसचिव सुनील सिंह सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

मध्य क्षेत्रीय परिषद समिति की आगामी बैठक में प्रस्तुत करने हेतु एजेंडे को तत्काल तैयार करेंः बर्द्धन

मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में आगामी मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक में राज्य की ओर से प्रस्तुत किए जाने वाले बिंदुओं का एजेंडा तैयार करने के संबंध में समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

मुख्य सचिव ने ऐसे सभी विभागों जिनका अभी तक मध्य क्षेत्रीय परिषद की स्थाई समिति में प्रस्तुत किए जाने वाले प्रकरणों का एजेंडा अप्राप्त हैं को निर्देशित किया कि राज्य की ओर से विभागों द्वारा मध्य क्षेत्रीय परिषद समिति की आगामी बैठक में प्रस्तुत किए जाने वाले एजेंडे को तत्काल तैयार कर प्रस्तुत करें।

उन्होंने निर्देशित किया कि एजेंडे में उन सभी पक्षों का स्पष्ट और संक्षिप्त विवरण हो जिसमें भारत सरकार से जिस स्तर का सहयोग अथवा संशोधन अपेक्षित हो।

मुख्य सचिव ने समाज कल्याण विभाग को जौनसारी/जेनसारी शब्द विषयक प्रकरण के संबंध में निर्देश दिए कि उक्त प्रकरण को अनुसूचित जनजाति मंत्रालय को उनके पोर्टल में शब्द की स्पेलिंग को संशोधन करने का अनुरोध तैयार करें। साथ ही कहा कि इस संबंध में यदि विधायिका स्तर का संशोधन भी अपेक्षित हो तो उसका भी लीगल मार्गदर्शन प्राप्त कर लें। उन्होंने समाज कल्याण विभाग को निर्देशित किया कि भोटिया और राजी जनजाति हेतु जनपद पिथौरागढ़ में एक एकलव्य आदर्श विद्यालय की स्थापना तथा सामाजिक सुरक्षा पेंशन में बढ़ोतरी से संबंधित विषय का एजेंडा भी तैयार करें।

मुख्य सचिव ने ग्राम्य विकास विभाग को एसईसीसी (सोशियो इकोनॉमिक एंड कास्ट सेंसस) डाटा के स्थान पर अन्य मानक/ विकल्प बनाए जाने पर विचार करने का अनुरोध तैयार करने को कहा ताकि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के संबंध में आसानी से कार्रवाई की जा सके।

उन्होंने आपदा प्रबंधन, ऊर्जा, पेयजल और सिंचाई विभाग को आपदा से क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों के मानक में संशोधन करते हुए धनराशि में बढ़ोतरी विषयक एजेंडा तैयार करने, परिवहन विभाग को आरआरटीएस ( रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) को मोदीनगर, मेरठ से हरिद्वार तक विस्तारीकरण किए जाने हेतु अनुरोध तैयार करने तथा टनकपुर- बागेश्वर एवं ऋषिकेश- उत्तरकाशी रेल परियोजना में सड़क निर्माण के प्रावधान का भी उल्लेख का एजेंडा तैयार करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त कृषि विभाग को मंडी शुल्क से संबंधित प्रकरण का एजेंडा भी तैयार करने के निर्देश दिए।

इस दौरान बैठक में सचिव सचिन कुर्वे, विनोद कुमार सुमन, वीवीआर पुरुषोत्तम, बृजेश संत सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री धामी ने जनता मिलन कार्यक्रम में सुनी जन समस्याएं, किया मौके पर निस्तारण

राज्य रजत जयंती वर्ष उत्सव आयोजन के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनसंवाद तेज कर दिया है। इसी क्रम में उन्होंने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित जनता मिलन कार्यक्रम में प्रदेशभर से आए लोगों की समस्याएं और शिकायतें सुनीं। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनता से प्राप्त शिकायतों एवं मांगों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के साथ ही नियमित फीडबैक भी लिया जाए। उन्होंने कहा कि इस अवसर को हमें प्रशासन को जनता के और करीब ले जाने के रूप में इस्तेमाल करना होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य जन समस्याओं का समयबद्ध और संतोषजनक निस्तारण करना है। इसके लिए प्रत्येक विभाग को जिम्मेदारीपूर्वक कार्य करते हुए जन अपेक्षाओं के अनुरूप सक्रिय और संवेदनशील व्यवहार अपनाना होगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि जन समस्याओं का त्वरित निस्तारण किया जाए और शिकायत निवारण की प्रक्रिया को और अधिक सरल, पारदर्शी व तकनीकी माध्यमों से सुलभ बनाया जाए।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य की रजत जयंती वर्ष जनभागीदारी और संवाद का अवसर है। इस दौरान जनता से प्राप्त सुझावों और मांगों को नीति निर्माण प्रक्रिया का हिस्सा बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि राज्य के हर नागरिक को विकास योजनाओं का सीधा लाभ जनता को जल्दी मिले। उन्होंने जनता से भी राज्यहित में रचनात्मक सुझाव देने और जनसेवा के प्रयासों में सहभागी बनने का आह्वान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्रत्येक नीति और निर्णय का मूल उद्देश्य जनता का हित और प्रदेश का समग्र विकास है।

सीएस की अध्यक्षता में पीएम के संबोधन में दिए गए सुझावों पर आवश्यक कार्रवाई को विचार विमर्श हुआ

मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में सचिवालय सभागार में 25 वें उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस के शुभ अवसर पर आयोजित रजत जयंती समारोह में प्रधानमंत्री के संबोधन में सुझाए गए प्रमुख बिंदुओं पर आवश्यक कार्रवाई हेतु विचार- विमर्श किया गया।

विचार-विमर्श में सभी अधिकारियों से अगले 25 वर्षों में उत्तराखंड के लक्ष्यों और उसके अनुरूप रोडमैप बनाने तथा रजत जयंती व उसके उपलक्ष्य में नवंबर माह में आयोजित किए गए विभिन्न आयोजनों व कार्यक्रमों यथा प्रवासी सम्मेलन, युवा सम्मेलन, सांस्कृतिक उत्सव, राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री के आगमन इत्यादि में सामने आए अनुभव, फीडबैक और सुझावों को साझा किया गया।

मुख्य सचिव ने सभी अधिकारियों को उक्त अवधि के सुझावों, प्रयासों और अनुभवों का डॉक्यूमेंटेशन तैयार करने के निर्देश दिए।

उन्होंने सचिव प्रोटोकॉल को उक्त सभी सुझावों को कंपाइल करते हुए उसकी सूची तैयार करने को निर्देशित किया।

मुख्य सचिव ने निर्देशित किया कि प्रधानमंत्री द्वारा राज्य के सर्वांगीण विकास से संबंधित जो भी बिंदु सुझाए हैं उनका भी डॉक्यूमेंटेशन करें ताकि राज्य के समेकित विकास एवं नीति निर्माण में उन बिंदुओं को शामिल किया जा सके।

ज्ञातव्य है कि प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड के समेकित विकास के लिए महत्वपूर्ण बिंदु सुझाए।

प्रधानमंत्री द्वारा उत्तराखंड को स्पिरिचुअल कैपिटल ऑफ द वर्ल्ड के रूप में स्थापित करते हुए उसे ग्लोबल नेटवर्क से जोड़ने, उत्तराखंड की प्रत्येक विधानसभा में योग केंद्र, आयुर्वेदिक केंद्र, नेचुरोपैथी संस्थान, होमस्टे इत्यादि से युक्त एक कंप्लीट पैकेज तैयार करने, हर वाइब्रेंट विलेज खुद में एक छोटा पर्यटन केंद्र बन सके इसके लिए होम स्टे, स्थानीय भोजन और संस्कृति को बढ़ावा मिले ऐसे प्रयास करने को कहा।

प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड के स्थानीय मेलों और पर्वों को वर्ल्ड मैप पर लाने के लिए वन डिस्ट्रिक्ट, वन मेला जैसा अभियान चलाने को कहा। उन्होंने राज्य के पहाड़ी जनपदों को हार्टिकल्चर सेंटर बनाने पर फोकस करने, ब्लू बेरी, कीवी, हर्बल मेडिसिन प्लांट जैसी भविष्य की खेती तथा फूड प्रोसेसिंग, हस्तशिल्प, ऑर्गेनिक प्रोडक्ट इन सबके लिए एमएसएमईएस को नए सिरे से सशक्त बनाने पर बल देने को कहा।

प्रधानमंत्री ने तीर्थाटन, बारहमासी पर्यटन, ईको टूरिज्म, एडवेंचर टूरिज्म की संभावनाओं को और व्यापक और प्रबंधनीय तरीके से संपादित करने, राज्य को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में कन्वर्ट करने के लिए पांच से सात बड़े डेस्टिनेशन तैयार करके उन्हें विकसित करने की बात कही। उन्होंने उत्तराखंड के जीआई टैग प्राप्त कृषि उत्पादों तथा प्रोडक्ट को देश के घर-घर पहुंचाने का भी आह्वान किया।

प्रधानमंत्री ने हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड के तहत ग्लोबल मार्किट में उत्पादों को प्रतिस्पर्धा बनाने तथा उनके डिलीवरी मैकेनिज्म पर बेहतर तरीके से कार्य करने को भी कहा।

इस अवसर पर बैठक में प्रमुख सचिव आर के सुधांशु, एल एल फैनई व आर मीनाक्षी सुंदरम, विशेष प्रमुख सचिव रंजीत सिन्हा सहित विभिन्न सचिव व अपर सचिव उपस्थित थे।