सीएम ने किया उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निकार कर्मकार कल्याण बोर्ड में मनरेगा कर्मकारों के पंजीकरण का शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निकार कर्मकार कल्याण बोर्ड में मनरेगा कर्मकारों के पंजीकरण का विधिवत शुभारंभ किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार समाज के अंतिम व्यक्ति के विकास को केंद्र में रखते हुए कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऑनलाइन माध्यम से पंजीकरण का विधिवत शुभारंभ किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि इस पंजीकरण से मनरेगा श्रमिकों को उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निकार कर्मकार कल्याण बोर्ड की समस्त सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से राज्य सरकार भी समाज के अंतिम व्यक्ति को स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार के अवसर उपलब्ध कराते हुए, उन्हें हर तरह से सक्षम बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मनरेगा के तहत 16.3 लाख श्रमिक पंजीकृत हैं, जिसमें से 9.5 लाख श्रमिक एक्टिव हैं, इसमें से वर्ष में न्यूनतम 90 दिन काम करने वाले श्रमिक अब उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निकार कर्मकार कल्याण बोर्ड की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ ले सकेंगे। उन्होंने कहा कि वर्तमान में बोर्ड में पंजीकृत श्रमिकों की संख्या 5.35 लाख है, मनरेगा श्रमिकों के योजना से जुड़ने पर बोर्ड की सेवाओं का लाभ लाखों अन्य श्रमिकों तक पहुंच सकेगा।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि प्रदेश में जहां श्रमिकों का कल्याण हो वहीं उद्योगों और निवेशकों को भी प्रोत्साहन दिया जाए। उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में सकारात्मक वातावरण बनाया जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि अकेले खनन क्षेत्र लाखों लोगों को कई तरह से रोजगार देता है, पहले खनन को लेकर नकारात्मक धारणा रहती थी, लेकिन सरकार ने पारदर्शी नीतियों ने इस धारणा को तोड़ने का काम किया है, यही कारण है कि पहले खनन राजस्व सिर्फ 400 करोड़ रुपए का था जो अब बढ़कर 12 सौ करोड़ रुपए पहुंच गया है। खनन क्षेत्र में किए गए सुधारों को देखते हुए केंद्र सरकार भी राज्य को 200 करोड़ रुपए की सहायता प्रदान कर चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर विशेष जोर देते हैं, इसी क्रम में सरकार उद्योगों के लिए सिंगल विंडो सिस्टम जैसी सुविधा दे रही है। सरकार का प्रयास है कि निवेशकों को अनावश्यक औपचारिकताओं में ना उलझाया जाए।

इस मौके पर सचिव श्रीधर बाबू अदांकी ने बताया कि श्रम विभाग ओर ग्राम्य विकास विभाग के संयुक्त प्रयासों से इस योजना को संचालित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी के निर्देश के क्रम में श्रमिकों का पंजीकरण ऑनलाइन पोर्टल पर किया जा रहा है, अब विकास खंड स्तर पर मनरेगा श्रमिकों का पोर्टल पर पंजीकरण किया जाएगा। संचालन करते हुए श्रमायुक्त पीसी दुम्का ने कहा कि अब मनरेगा श्रमिक, बोर्ड में पंजीकृत अन्य श्रमिकों की तरह स्वास्थ्य सहायता, दो बच्चों की शिक्षा, दो बेटियों की शादी और श्रमिक की मृत्यु पर मिलने वाली सहायता के साथ ही अन्य योजनाओं के लाभ ले सकते हैं। इस मौके पर आयुक्त ग्राम्य विकास अनुराधा पाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित हुए।

नई दिल्ली में आयोजित हुआ भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला, उत्तराखंड दिवस में सीएम धामी ने किया प्रतिभाग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित 44वें भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले के तहत उत्तराखंड पवेलियन में उत्तराखंड दिवस समारोह एवं इस अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक संध्या में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। इस अवसर पर नाट्यशाला थियेटर में उत्तराखण्ड के लोक कलाकारों द्वारा आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये गये। इस वर्ष व्यापार मेले की थीम ’’एक भारत श्रेष्ठ भारत’’ रखी गयी है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला हमारी संस्कृति, हस्तशिल्प, और समृद्ध विरासत को वैश्विक मंच पर प्रतिष्ठित करने का अवसर प्रदान करता है। यही नहीं इस मेले में आयोजित होने वाली सांस्कृतिक संध्या के माध्यम से हमारी लोक संस्कृति और उत्तराखंडी परंपराओं की जीवंत झलक देखने को मिलती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमारे पारंपरिक मेलों, उत्सवों और लोक संस्कृति को बढ़ावा देने हेतु “वन डिस्ट्रिक्ट, वन फेस्टिवल” के रूप में विकसित करने का आव्हान किया है। इस पहल से हमारे राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित होने वाले पारंपरिक मेलों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी। हमारे स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प, लोककला और पर्यटन को भी इससे पहचान मिलेगी।

उत्तराखंड को प्रत्येक क्षेत्र में अग्रणी बनाने का है हमारा संकल्प
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में हमारी सरकार उत्तराखंड को प्रत्येक क्षेत्र में अग्रणी बनाने का संकल्प लेकर आगे बढ़ रही है। इसके लिये प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, खेल, पेयजल और हवाई कनेक्टिविटी जैसे सभी प्रमुख क्षेत्रों में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने की दिशा में सार्थक प्रयास किए जा रहे हैं।

राज्य में ‘वोकल फॉर लोकल’, ‘मेक इन इंडिया’ और ‘स्टार्टअप इंडिया’ जैसी पहलों के माध्यम से विकसित भारत एवं विकसित उत्तराखंड बनाने के स्वप्न को साकार करने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। देवभूमि उत्तराखंड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी हम निरंतर प्रयासरत हैं।

राज्य में केदारखंड और मानसखंड क्षेत्र के मंदिरों के सौंदर्यीकरण के लिए योजनाएं बनाने के साथ हरिपुर कालसी में यमुनातीर्थ स्थल के पुनरुद्धार, हरिद्वार ऋषिकेश कॉरिडोर और शारदा कॉरिडोर के निर्माण की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।

हमारी लोक संस्कृति हमारी पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे प्रवासी उत्तराखंडी राज्य से बाहर कही भी बसे हों लेकिन वो अपनी लोक आस्था, संस्कृति, खान-पान और अपनत्व की भावना को सदैव जीवंत रखते हैं तथा उनकी दहलीज पर आज भी ऐंपण की कलाकृति देखने को मिल जाती है जो उत्तराखंड की पहचान है।

उन्होंने कहा कि उन्हें आज राजस्थान के पवित्र तीर्थ पुष्कर में, वहाँ के पर्वतीय समाज द्वारा निर्मित ‘उत्तराखंड धर्मशाला आश्रम’ का लोकार्पण करने का भी अवसर मिला यह हम सबके लिये गर्व की बात है कि हमारे लोगों द्वारा किसी दूसरे राज्य में इस प्रकार से अपनी सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखने का सराहनीय प्रयास किया गया है। हमारे पर्वतीय समाज के लोग उत्तराखंड के बाहर अपनी संस्कृति, भाषा और सद्भाव की भावना को हमेशा जीवंत रखने का प्रयास करते हैं जो हमारे लिये सम्मान की बात है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य की रजत जयंती वर्ष के अवसर पर अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में राज्य के पवेलियन में लगने वाले स्थानीय उत्पादों के स्टॉलों पर लगने वाले शुल्क को माफ किया जाएगा। उन्होंने सांस्कृतिक प्रस्तुति देने वाले कलाकारों, संगीतकारों और सांस्कृतिक दलों के साथ सभी उद्यमियों और शिल्पकारों को भी धन्यवाद दिया। जिन्होंने राज्य के हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों को इस मंच पर प्रदर्शित करने का सराहनीय प्रयास किया है।

मुख्यमंत्री ने इस पर भी प्रसन्नता व्यक्त की है कि इस वर्ष राज्य पवेलियन में हथकरघा बुनकरों एवं अन्य उत्पाद धारकों द्वारा अब तक 01 करोड़ का बिजनेस किया गया तथा 2.50 करोड के ऑर्डर प्राप्त किये। उन्होंने उम्मीद जताई कि उनके उत्पादों की बिक्री 2.50 करोड़ से अधिक की होगी।

राज्य में औद्योगिक विकास एवं निवेश पर दिया जा रहा है विशेष ध्यान
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली-देहरादून एलिवेटेड रोड, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना, भारतमाला और पर्वतमाला परियोजना, अमृत योजना, ऑल वेदर रोड और उड़ान योजना जैसी महत्त्वाकांक्षी परियोजनाओं के माध्यम से प्रदेश के बुनियादी ढांचे को नए आयाम प्रदान किए जा रहे हैं। इसके साथ ही प्रदेश में औद्योगिक विकास को प्रोत्साहित करने के लिए भी निरंतर कार्य किया जा रहा है। राज्य में निवेश को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2023 में ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट का आयोजन किया था। इसके सुखद परिणाम हमारे सामने हैं। इस समिट के अंतर्गत प्राप्त हुए 3.56 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश समझौतों में से लगभग 1 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने में हमें सफलता मिली है। औद्योगिक नीति, लॉजिस्टिक नीति, स्टार्टअप नीति और एमएसएमई नीति सहित 30 से अधिक नीतियां बनाकर उद्योगों को बेहतर माहौल और अवसर प्रदान करने का प्रयास किया है। इसके साथ ही, राज्य में स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर कार्य हो रहा है।

स्थानीय आजीविका के बढाये गये हैं अवसर
राज्य में ‘एक जनपद, दो उत्पाद’ योजना के माध्यम से स्थानीय आजीविका के अवसरों को बढावा देने के साथ हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड के माध्यम से पारंपरिक उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक पहचान दिलाने में भी हमें कामयाबी मिली है। ‘स्टेट मिलेट मिशन’, ‘फार्म मशीनरी बैंक’, ‘एप्पल मिशन’, ‘नई पर्यटन नीति’, ‘नई फिल्म नीति’, ‘होम स्टे’, ‘वेड इन उत्तराखंड’ और ‘सौर स्वरोजगार योजना’ जैसी पहलों के माध्यम से प्रदेश की स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने की भी प्रभावी पहल की गई है। उन्होंने कहा कि हमारे समेकित प्रयासों का परिणाम है कि विभिन्न चुनौतियों का सामना करते हुए भी बीते साढ़े चार वर्षों में प्रदेश ने कई उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं।

राष्ट्रीय स्तर पर मिली राज्य को सराहना
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के विकास के प्रति हमारे समर्पित प्रयासों का परिणाम है कि नीति आयोग द्वारा जारी वर्ष 2023-24 के सतत् विकास के लक्ष्यों को हासिल करने के इंडेक्स में उत्तराखंड को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। साथ ही, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में उत्तराखंड को एचीवर्स तथा स्टार्टअप रैंकिंग में लीडर्स की श्रेणी भी प्राप्त हुई है।

देवभूमि का मौलिक स्वरूप बनाये रखने के लिये हो रहे हैं प्रयास
प्रदेश में सख्त धर्मांतरण विरोधी और दंगा विरोधी कानूनों को लागू किया गया है। राज्य में ऑपरेशन कालनेमी चलाकर जहां हमने संस्कृति को बदनाम करने वाले लोगों को पकड़ने का काम किया है, कड़ी कार्रवाई करते हुए 10 हजार एकड़ से अधिक की सरकारी भूमि को अवैध अतिक्रमण से मुक्त कराया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने राज्य में नया कानून लागू कर मदरसा बोर्ड को भी समाप्त करने का निर्णय लिया है। जुलाई 2026 के बाद राज्य में वे मदरसे बंद हो जाएंगे जो हमारी सरकार द्वारा दिए गए सरकारी सेलेबस को अपने यहां नहीं पढ़ाएंगे। राज्य में नकल माफियाओं पर अंकुश लगाने के लिए देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून भी लागू किया है। जिसके परिणामस्वरूप पिछले साढ़े चार वर्षों में राज्य के 26 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी प्राप्त करने में सफलता प्राप्त हुई है, राज्य से भ्रष्टाचार को समाप्त करने के लिए ‘’ज़ीरो टॉलरेंस’’ की नीति के साथ संकल्पित होकर कार्य किया जा रहा है। पिछले साढ़े चार वर्षों में भ्रष्टाचार में लिप्त 200 से अधिक लोगों को जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाया गया है।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सभी से प्रधानमंत्री के “स्वदेशी अपनाओ देश को मजबूत बनाओ’’ के मंत्र को आत्मसात करते हुए अधिक से अधिक स्वदेशी उत्पादों का उपयोग करने की भी अपेक्षा की। इससे हम अपने कारीगरों, किसानों और उद्यमियों को सशक्त बनाते हुए आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को भी मजबूती प्रदान करने में सफल होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार उत्तराखण्ड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के अपने इस “विकल्प रहित संकल्प’’ को पूर्ण करने हेतु निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने सभी प्रवासी राज्य वासियों से प्रदेश के विकास में सहयोगी बनने की अपेक्षा करते हुए सभी निवेशकों को हर संभव सुविधा एवं सहायता उपलब्ध कराने का विश्वास दिलाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा उद्देश्य सभी के सहयोग से सशक्त एवं समृद्ध उत्तराखंड का निर्माण करना है, हम सब मिलकर ही आदर्श एवं अग्रणी उत्तराखंड के निर्माण की परिकल्पना को पूर्ण कर सकते हैं।

इस अवसर पर लोकसभा सांसद राजलक्ष्मी शाह, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा, उत्तराखंड हथकरघा एवं हस्तशिल्प विकास परिषद के उपाध्यक्ष वीरेन्द्र दत्त सेमवाल, उत्तराखंड सरकार की मीडिया सलाहकार समिति के अध्यक्ष प्रो. गोविंद सिंह, उद्योग सचिव विनय शंकर, इंडियन ट्रेड प्रोमोशन ऑर्गेनाइजेशन के एमडी नीरज खैरवाल, सचिव संस्कृति युगल किशोर पंत, महानिदेशक एवं आयुक्त उद्योग डॉ. सौरभ गहरवार, स्थानिक आयुक्त अजय मिश्रा उपस्थित रहे।

सीएम धामी ने प्रदेशवासियों को दी बड़ी राहत, राज्य में अगले एक वर्ष तक नहीं बढ़ेगी वाहन फिटनेस फीस

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर राज्य सरकार ने उत्तराखंड के वाहन स्वामियों को महत्वपूर्ण राहत प्रदान करते हुए पुराने (15 वर्ष) कमर्शियल वाहनों की फिटनेस फीस में वृद्धि को आगामी 21 नवम्बर 2026 तक स्थगित कर दिया है। इस संबंध में परिवहन विभाग द्वारा अधिसूचना जारी कर दी गई है। अधिसूचना सचिव परिवहन बृजेश कुमार संत द्वारा जारी की गई।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में 15 वर्ष पुराने कमर्शियल वाहनों की फिटनेस फीस में 10 गुना तक की वृद्धि की गई थी। प्रदेश की जनभावनाओं को देखते हुए राज्य सरकार ने यह निर्णय लिया है कि उत्तराखंड के वाहन स्वामियों पर इसका तात्कालिक बोझ नहीं डाला जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार आमजन के हितों को सर्वाेपरि रखते हुए ऐसे निर्णय ले रही है, जिनसे जनता पर अनावश्यक आर्थिक बोझ न पड़े। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार हमेशा जनता-जनार्दन की अपेक्षाओं के अनुरूप कार्य करती रहेगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि “हमारी सरकार का संकल्प जनता को राहत देना और जनहित में त्वरित निर्णय लेना है। हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा कमर्शियल वाहनों की फिटनेस फीस में की गई वृद्धि को देखते हुए हमने इसे उत्तराखंड में एक वर्ष के लिए स्थगित कर दिया है। इस अवधि में पूर्व निर्धारित फीस ही लागू रहेगी। हम नहीं चाहते कि प्रदेश के वाहन स्वामियों और परिवहन कारोबार से जुड़े लोगों पर अचानक अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़े। आने वाले समय में केंद्र सरकार द्वारा किये जाने वाले पुनरीक्षण के अनुसार ही राज्य में नई दरें लागू की जाएंगी।”

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि “हमारी सरकार जनता के लिए संवेदनशील है। गरीब, मध्यम वर्ग, टैक्सी व ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़े हजारों लोगों का हित सुरक्षित रखना हमारी प्राथमिकता है। जनहित के निर्णयों में हम किसी भी प्रकार की देरी नहीं होने देंगे।”

उत्तराखंड में संविधान दिवस पर सभी शिक्षण संस्थानों में सामूहिक वंदे मातरम गायन का आयोजन

‘संविधान दिवस’ के अवसर पर प्रदेश के सभी राजकीय एवं निजी शिक्षण संस्थानों में राष्ट्र गीत ‘वन्दे मातरम्’ का सामुहिक गायन किया जायेगा। जिसमें 20 लाख से अधिक छात्र-छात्राएं प्रतिभाग करेंगे। शिक्षण संस्थानों में आयोजित होने वाले सामुहिक गायन कार्यक्रम में प्रदेश के राज्यपाल व मुख्यमंत्री सहित सभी महानुभाव व जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम के सफल संचालन को लेकर सम्बंधित विभागों के विभागीय अधिकारियों को निर्देश दे दिये गये हैं।

सूबे विद्यालयी शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने आज सचिवालय स्थित एफआरडीसी सभागार में विद्यालयी शिक्षा, उच्च शिक्षा, संस्कृत शिक्षा एवं चिकित्सा शिक्षा विभागों की संयुक्त समीक्षा बैठक ली। जिसमें उन्होंने विभागीय अधिकारियों को प्रदेशभर समस्त राजकीय एवं निजी शिक्षण संस्थानों, तकनीकी संस्थानों, चिकित्सा शिक्षा संस्थानों, व्यावसायिक पाठ्यक्रम संचालित करने वाले संस्थानों सहित प्रशिक्षण संस्थानों में आगामी 26 नवम्बर को ‘संविधान दिवस’ को वृहद स्तर पर मनाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि इस महत्पूर्ण अवसर पर 20 लाख से अधिक छात्र-छात्राएं, एनएसएस, स्काउट्स एंड गाइड व एनसीसी गाइड प्रातः 9ः30 बजे एक साथ राष्ट्र गीत ‘वन्दे मातरम्’ का सामुहिक गायन करेंगे। डाॅ. रावत ने कहा कि प्राथमिक विद्यालयों से लेकर महाविद्यालयों में आयोजित होने वाले सामुहिक गायन कार्यक्रम में प्रदेश के राज्यपाल व मुख्यमंत्री भी प्रतिभाग करेंगे। इसके अलावा उक्त कार्यक्रम में स्वाधीनता सेनानी पद्मश्री सम्मान से सम्मानित गणमान्य व्यक्तियों सहित जिलों के प्रभारी मंत्रियों, सांसदों, विधायकों, सरकार में दर्जा राज्य मंत्रियों, नगर निगमों के महापौरों, जिला पंचायत अध्यक्षों, नगर निकायों के अध्यक्षों, ब्लाॅक प्रमुखों, जिला पंचायत व क्षेत्र पंचायत सदस्यों, ग्राम प्रधानों सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिये गये हैं। इसके अतिरिक्त डाॅ. रावत ने विभागीय अधिकारियों को ‘वन्दे मातरम्’ के सामुहिक गायन कार्यक्रम की वीडियो रिकार्डिंग के साथ ही फोटोग्राफी अनिवार्य रूप से करने के निर्देश दिये, जिनको जियोटैग भी किया जायेगा। उन्होंने आयोजन संबंधी उत्कृष्ट वीडियो, फोटो व विशिष्ट उपलब्धि को www.vandemataram150.in वेबसाइट व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर अपलोड़ करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिये। कार्यक्रम के सफल संचालन के लिये उन्होंने सम्बंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को ब्लाॅक व जिला स्तर पर नोडल अधिकारियों की नियुक्ति कर आवश्यक समन्वय स्थापित के निर्देश भी बैठक में दिये। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम का मकसद युवा पीढ़ी में भारतीय संविधान व राष्ट्रगीत के प्रति सम्मान और राष्ट्रभावना को मजबूत करना है, साथ ही राष्ट्रप्रेम, राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीय प्रतिबद्धता व राष्ट्रीय एकता की भावना को भी विकसित करना है।

बैठक में सचिव उच्च एवं तकनीकी शिक्षा डाॅ. रणजीत सिन्हा, सचिव संस्कृत शिक्षा दीपक गैरोला, संयुक्त सचिव उच्च शिक्षा विक्रम यादव, निदेशक उच्च शिक्षा वी.एन. खाली, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डाॅ. अजय आर्य, निदेशक माध्यमिक शिक्षा डाॅ. मुकुल कुमार सती, निदेशक प्राथमिक शिक्षा अजय कुमार नौडियाल, निदेशक संस्कृत शिक्षा कंचन देवराड़ी सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

सीएम ने स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी सभागार, श्री सिद्धबली हनुमान द्वार तथा शहीद चौक का लोकार्पण एवं उद्घाटन किया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज रुड़की के जीवनदीप आश्रम में आयोजित भव्य पाँच दिवसीय धार्मिक एवं सामाजिक महोत्सव में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर उन्होंने सनातन संस्कृति के संरक्षक परम पूजनीय संत-महात्माओं, धर्माचार्यों एवं उपस्थित श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए कहा कि संत समाज जीवन्त तीर्थ के समान होता है, जो समाज को सत्पथ की ओर प्रेरित करता है।

मुख्यमंत्री ने परम पूज्य पद्मभूषण ब्रह्मलीन स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी महाराज को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए परम पूज्य जगद्गुरु महामंडलेश्वर स्वामी यतीन्द्रानन्द गिरि महाराज सहित सभी संत जनों को साष्टांग प्रणाम किया। उन्होंने कहा कि संतों की दिव्य उपस्थिति मन और आत्मा में नई ऊर्जा का संचार करती है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि जीवन दीप सेवा न्यास के इस पांच दिवसीय महोत्सव में शतचंडी महायज्ञ, श्री भक्तमाल कथा, 1100 बालिकाओं का पूजन, पाठ्य सामग्री वितरण एवं पाँच कन्याओं के सामूहिक विवाह जैसे आध्यात्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम समाज में सेवा-भावना का अद्भुत संदेश दे रहे हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी सभागार, श्री सिद्धबली हनुमान द्वार तथा शहीद चौक का लोकार्पण एवं उद्घाटन भी किया। उन्होंने कहा कि शहीद चौक हमारे अमर बलिदानियों के साहस और राष्ट्रभक्ति का स्मारक है, जो आने वाली पीढ़ियों को निरंतर प्रेरित करता रहेगा। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि मैंन मार्ग से सुनहरा मार्ग चौराहे को शहीद चौक के नाम दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी महाराज ने राष्ट्र, धर्म एवं मानवता की सेवा में अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर समाज को त्याग, करुणा एवं सेवा का पवित्र मार्ग दिखाया। उन्हीं की प्रेरणा से जीवन दीप सेवा न्यास शिक्षा, स्वास्थ्य, संस्कार, महिला सशक्तिकरण, गौ-संरक्षण सहित विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट सेवा कार्य कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज विश्वभर में भारत की सनातन संस्कृति का गौरव बढ़ा है। उन्होंने उल्लेख किया कि-भव्य राम मंदिर निर्माण, बद्रीनाथ-केदारनाथ धाम पुनर्निर्माण, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, महाकाल लोक निर्माण जैसी पहलें हमारी सांस्कृतिक चेतना के पुनर्जागरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम हैं।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार उत्तराखंड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी बनाने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। केदारखंड एवं मानसखंड मंदिर क्षेत्रों के सौंदर्यीकरण के साथ यमुनातीर्थ स्थल का पुनरुद्धार, हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर, शारदा कॉरिडोर निर्माण, दून विश्वविद्यालय में सेंटर फॉर हिन्दू स्टडीज की स्थापना जैसे महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं।

राज्य की सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक संरचना को संरक्षित रखने का संकल्प
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सांस्कृतिक मूल्यों एवं सामाजिक संरचना की रक्षा के लिए पूर्णत संकल्पबद्ध है। उन्होंने बताया कि धर्मांतरण विरोधी कानून एवं सख्त दंगारोधी कानून लागू किए गए हैं।

लैंड जिहाद, लव जिहाद, थूक जिहाद जैसी जिहादी मानसिकताओं के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की गई है। लैंड जिहाद पर 9 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को मुक्त कराया गया है। प्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू कर समान कानून व्यवस्था स्थापित की गई है।

युवाओं के हित में सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया, जिससे 26,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिली। अवैध गतिविधियों में संलिप्त 250 से अधिक अवैध मदरसों को सील किया गया तथा नया कानून लागू कर मदरसा बोर्ड समाप्त करने का निर्णय लिया गया है, जिसके बाद 1 जुलाई 2026 से गैर-मानक मदरसे स्वतः बंद हो जाएंगे।

‘‘ऑपरेशन कालनेमि’’ के अंतर्गत सनातन धर्म को बदनाम करने वालों पर कठोर कार्रवाई की गई है।

उत्तराखंड को श्रेष्ठ राज्य बनाने का संकल्प
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार ‘‘विकल्प रहित संकल्प’’ के साथ राज्य को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने हेतु सतत प्रयासरत है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि संत-महात्माओं के आशीर्वाद और जनसहयोग से उत्तराखंड निश्चित ही एक आदर्श एवं अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित होगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के धर्मपत्नी गीता धामी ने कहा कि सौभाग्य का दिन है कि आज जीवन दीप आश्रम द्वारा पांच दिवसीय महोत्सव आयोजित किया गया है, जिसमें हमें भी आने का सौभाग्य प्राप्त हुआ उन्होंने कहा कि जीवन दीप आश्रम सनातन धर्म का निर्वहन करते हुए समाज हित में कार्य कर रहे हैं तथा आज इस पंच दिवसीय महोत्सव में 1100 कन्याओं पूजन एवं भोजन कराया जा रहा है तथा 06 कन्याओं का सामूहिक विवाह किया जा रहा है।उन्होंने सभी कन्याओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनका जीवन सुखी, समृद्ध एवं मंगलमय हो और सुखमय जीवन व्यतीत करे।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 11 कन्याओं का पूजन किया तथा उन्हें उपहार एवं दक्षिणा भेंट की तथा मुख्यमंत्री ने 06 कन्याओं के सामूहिक विवाह पर उनको शुभकामनाएं एवं आशीर्वाद दिया तथा उनके सुखद जीवन को कमाना की।

इस अवसर पर जून अखाड़े के महामंडलेश्वर यतिद्रनंद गिरी महाराज ने भवन के लोकार्पण के लिए मुख्यमंत्री सहित सभी जनप्रतिनिधियों एवं क्षेत्र वासियों का कार्यक्रम में शामिल होने पर आभार व्यक्त किया। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष/सचिव निरंजनी अखाड़ा श्रीमहंत रविन्द्र पुरी महाराज, राष्ट्रीय संगठन महामंत्री (भारत साधु समाज) महामंडलेश्वर स्वामी प्रबोधानंद गिरी, राष्ट्रीय मंत्री (भारत साधु समाज) महामंडलेश्वर स्वामी रूपेंद्र प्रकाश, जूना अखाड़ा महामंडलेश्वर स्वामी मैत्रेयी गिरी, कोठारी महंत बड़ा उदासीन अखाड़ा श्रीमहंत राघवेंद्र दास, महामंडलेश्वर स्वामी विवेकानंद सरस्वती (नंगली दरबार) महामंडलेश्वर स्वामी शिव प्रेमानंद, प्रदेश प्रवक्ता (भारत साधु समाज) महंत स्वामी अमृतानंद, महेंद्र स्वामी सत्यव्रता नंद सरस्वती,स्वामी विनोद महाराज,स्वामी प्रकाशा नंद महाराज,राज्य मंत्री विनय रोहिल्ला,जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, रुड़की मेयर अनीता अग्रवाल, विधायक रुड़की प्रदीप बत्रा, जिलाध्यक्ष रुड़की मधु सिंह, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश गिरी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष राजेंद्र चौधरी, जिला महामंत्री रुड़की अक्षय प्रताप सिंह, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष दिनेश कौशिक, महामंत्री सागर गोयल, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोभाल सहित विभिन्न क्षेत्रों से साधु संत, जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता एवं क्षेत्रवासी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने दिया बार एसोसिएशन की विभिन्न समस्याओं के समाधान का आश्वासन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से अध्यक्ष संघर्ष समिति बार एसोसिएशन प्रेमचंद शर्मा एवं अध्यक्ष बार एसोसिएशन देहरादून मनमोहन कंडवाल के नेतृत्व में संगठन के पदाधिकारियों ने भेंट की। उन्होंने नए जिला न्यायालय परिसर में अधिवक्ताओं हेतु आवंटित भूमि पर तथा पुराने जिला जजी परिसर की भूमि अधिवक्ताओं के पक्ष में आवंटित करने व दोनों स्थानों पर सरकार द्वारा अधिवक्ताओं के चौंबर के निर्माण कराए जाने संबंधी ज्ञापन सौंपा।

मुख्यमंत्री ने संगठन के पदाधिकारी को आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं के समाधान के लिए राज्य सरकार प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि आपसी वार्तालाप एवं विचार-विमर्श से ही समस्याओं का समाधान हो सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के विकास में हम सबको सहयोगी बनना होगा राज्य आंदोलन के वे स्वयं साक्षी रहे हैं, इसमें अधिवक्ताओं का भी योगदान रहा है। हम सबको राज्य के वित्तीय संसाधनों पर भी ध्यान देना होगा।

मुख्यमंत्री ने अधिवक्ताओं से अपना आंदोलन समाप्त करने की अपेक्षा करते हुए कहा कि इस संबंध में समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए प्रशासन और अधिवक्ताओं की समिति गठित की जाए, इसमें किसी आर्किटेक्ट को भी शामिल कर कोई सर्वमान्य हल निकल जाने के प्रयास किए जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संबंध में जिलाधिकारी द्वारा प्रस्तुत आख्या एवं समस्याओं के समाधान से संबंधित बिंदुओं को कैबिनेट में रखते हुए उचित निर्णय लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि अधिवक्ताओं के चौंबर निर्माण के लिए राज्य सरकार भी आर्थिक सहयोग करेगी उन्होंने अधिवक्ताओं से सांसदों एवं विधायक गणों से भी सहयोग की मांग का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि इस संबंध में वे स्वयं भी पहल करेंगे। मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद सभी पदाधिकारी संतुष्ट नजर आए तथा मुख्यमंत्री का आभार भी जताया।

इस अवसर पर सचिव शैलेश बगौली, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह के साथ बार एसोसिएशन के अधिवक्ता राजबीर सिंह बिष्ट, मनमोहन लाम्बा, चन्द्रशेखर तिवारी, राजीव शर्मा, राजेश कुमार आर्य, अनुज शर्मा, अनिल पंडित, रंजन सोलंकी, व भानू प्रताप सिसोदिया उपस्थित थे।

सीएस की अध्यक्षता में हुई उच्चाधिकार प्राप्त व्यय समिति की बैठक

मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में उच्चाधिकार प्राप्त व्यय समिति की बैठक आयोजित की गई।

बैठक में प्रदेश के विकास से जुड़ी हुई विभिन्न परियोजनाओं पर विचार-विमर्श किया गया तथा सात परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई।

मुख्य सचिव ने कार्यदाई संस्थाओं को निर्देशित किया कि स्वीकृत परियोजनाओं को निर्धारित समय अवधि में पूरा किया जाए तथा उनकी बेहतर गुणवत्ता भी सुनिश्चित की जाए।

बैठक में यूआईडीबी के हरिद्वार के रोड़ी बेलवाला क्षेत्र का पुनरुद्धार व सती कुंड और आसपास के क्षेत्र के विकास से संबंधित प्रोजेक्ट को अनुमोदित किया गया। ऋषिकेश में आस्था पथ सौंदर्यकरण से संबंधित प्रोजेक्ट को अनुमोदित किया गया।

लोक निर्माण विभाग से संबंधित राज्य योजना के अंतर्गत देहरादून के विधानसभा क्षेत्र मसूरी के अंतर्गत देहरादून-किमाडी लंबीधार-कार्ट मैकेंजी-कंपनी गार्डन मोटर मार्ग के किलोमीटर 1 से 24 (सप्लाई कैंट से लंबीधार बासागाड़ मसूरी) तक सिंगल लेन से इंटरमीडिएट लेन में परिवर्तन हेतु अतिरिक्त पहाड़ कटान क्रॉस ड्रेन एवं दीवारों के निर्माण कार्य से संबंधित प्रोजेक्ट का अनुमोदन किया गया तथा देहरादून में महाराणा प्रताप चौक से 6 नंबर पुलिया रोड तक के चौड़ीकरण का अनुमोदन किया गया।

कुंभ और पेयजल विभाग से संबंधित हरिद्वार में पुलिस कमांड कंट्रोल सेंटर बिल्डिंग निर्माण तथा गृह विभाग और पेयजल विभाग से संबंधित प्रोजेक्ट हरिद्वार में अभियोजन विभाग के कार्मिकों हेतु टाइप द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ आवास के निर्माण परियोजना की स्वीकृति दी गई।

बैठक में प्रमुख सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव नितेश झा, पंकज पांडेय व श्रीधर बाबू अदांकी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

विभिन्न जनपदों के डीएम ने सर्वोत्तम पहलों पर दिया प्रस्तुतीकरण

एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर्स कॉन्फ्रेंस- 2025 का आयोजन आज दूसरे दिन भी मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में आयोजित किया गया।

कॉन्फ्रेंस में जिलाधिकारी अल्मोड़ा, पौड़ी गढ़वाल, देहरादून, टिहरी गढवाल, चमोली, नैनीताल और उत्तरकाशी द्वारा अपने जनपदों की Best Practices (सर्वोत्तम पहलों) पर प्रस्तुतिकरण दिया गया। उपस्थित अधिकारियों द्वारा उन पर व्यापक विचार-विमर्श किया गया।

जिलाधिकारी अल्मोड़ा ने Sports, Health and Wellness विषय पर प्रस्तुतीकरण दिया।
कहा कि प्रदेश के युवा खिलाड़ियों को बेहतर खेल सुविधाएं प्रदान किये जाने तथा नयी प्रतिभाओं को अवसर प्रदान किये जाने हेतु स्पोर्ट्स और कम्युनिटी फिटनेस जोन तैयार किया गया है।
कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर (EWS) 100 बच्चों को फ्री कोचिंग और ट्रेनिंग के साथ- साथ अन्य सहायता दी जा रही है।

जिलाधिकारी पौड़ी ने पिरूल और इनवेसिव बायोमास लाइवलीहुड पर प्रस्तुतिकरण देते हुए कहा कि स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की सहायता से पिरूल से बायोमास तैयार किया जा रहा है। जिससे महिलाओं को नियमित रूप से आय प्राप्त हो रही है। वनाग्नि तथा जंगली जानवरों से होने वाली हानियों को कम करने का प्रयास किया जा रहा है।

महिला SHG के सदस्यों के माध्यम से 1800 टन लैंटाना, पिरूल और अन्य हानिकारक प्रजाति की वनस्पतियों को हटाया जा रहा है।
इसमें 280 महिलाएं भी शामिल हैं।

जिलाधिकारी, नैनीताल द्वारा Urban Infrastructure & Mobility विषय पर पर प्रस्तुतिकरण दिया गया। जिसके अन्तर्गत नैनीताल शहर हेतु लक्ष्य आधारित, सतत विकास का रोडमैप प्रस्तुत किया गया। जिस पर मुख्य सचिव द्वारा सभी नगर निकायों को एक रोडमैप तैयार करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी, देहरादून द्वारा बाल भिक्षानिवृति निवारण प्रयास पर अपना प्रस्तुतिकरण दिया गया।

कहा कि देहरादून में भिक्षावृति में लिप्त बच्चों के पढ़ने, खेलने तथा स्किल डेवलपमेंट हेतु एक केन्द्र स्थापित किया गया है, जिसमें ऐसे बच्चों को चिन्हित कर उन्हें भिक्षावृति से बाहर निकाल कर सशक्त बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

नगर आयुक्त, नगर निगम देहरादून द्वारा भी देहरादून नगर की समस्याओं के सुधार हेतु बनाए गये मॉडल का प्रस्तुतीकरण दिया गया।

जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल द्वारा जनपद में Youth के एप्रोच विषय पर प्रस्तुतीकरण दिया गया।

उन्होंने कहा कि जनपद में युवाओं को स्वरोजगार और सकारात्मक एक्टिविटीज में प्रेरित करने के लिए स्वरोजगार और कौशल विकास पर ध्यान केंद्रित किया गया है।

उन्होंने यूथ के लिए कैप्सूल कोर्स, मोबिलिटी सपोर्ट, कैरियर हब और बेस्ड फ्लेक्सिबल स्किलिंग पाथ-वे तैयार किये जाने का प्रस्ताव दिया।

जिलाधिकारी उत्तरकाशी द्वारा धराली में आयी भीषण आपदा में हुई क्षति तथा भविष्य में इसके रोकथाम हेतु किये जा रहे कार्यों का प्रस्तुतिकरण दिया तथा Ecology and Livelihood विषय पर प्रोजेक्ट का प्रस्तुतीकरण दिया, जिसकी सराहना की गयी।

मुख्य सचिव द्वारा स्पोर्ट्स, ग्रीन लाइवलीहुड और यूथ एम्पावरमेंट में इनोवेटिव मॉडल की सराहना की गयी।

उन्होंने सभी अधिकारियों को डिस्ट्रिक्ट की बेस्ट प्रैक्टिसेज को बढ़ाने और भविष्य के प्लान को विकसित उत्तराखंड 2047 के साथ संयुक्त करने के निर्देश दिये।

कॉन्फ्रेंस में प्रमुख सचिव आर के सुधांशु, एल एल फैनई व आर मीनाक्षी सुंदरम सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

प्रशासनिक अधिकारी सम्मेलन में हुआ विकसित उत्तराखंड 2047 पर मंथन

उत्तराखंड सरकार ने आज अपनी दीर्घकालिक विकास प्राथमिकताओं को पुनः रेखांकित करते हुए नीति-निर्माताओं, वरिष्ठ प्रशासकों और जिला अधिकारियों को विकसित उत्तराखंड/2047 के रोडमैप को आगे बढ़ाने के लिए एक साथ लाया।

अपने उद्घाटन संबोधन में मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने एओसी को क्षेत्रीय अधिकारियों और नीति-निर्माताओं के बीच प्रत्यक्ष संवाद का महत्वपूर्ण मंच बताया। उन्होंने कहा कि आमने-सामने की भागीदारी समन्वय को मजबूत करती है और उन क्षेत्रीय मुद्दों पर स्पष्टता लाती है, जिनके समाधान के लिए नीति-स्तरीय हस्तक्षेप आवश्यक है। मुख्य सचिव ने पर्यटन, बागवानी, स्वास्थ्य एवं वेलनेस और शहरी विकास को राज्य की विकास यात्रा के प्रमुख स्तंभों के रूप में चिन्हित करते हुए अनियोजित शहरी विस्तार को रोकने हेतु नियोजित एवं सतत शहरीकरण की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि “विकसित उत्तराखंड 2047 तभी साकार होगा जब नीति निर्माण में जमीनी वास्तविकताओं का समुचित प्रतिबिंब हो। आशा है कि यह विचार-विमर्श हमारे साझा दीर्घकालिक लक्ष्य के लिए ठोस और समन्वित समाधान प्रदान करेगा।”

प्रमुख सचिव डा. आर. मीनाक्षी सुन्दरम ने विकसित उत्तराखंड 2047 की विजनिंग प्रक्रिया प्रस्तुत की और 2025 से 2047 तक सतत विकास प्राप्त करने हेतु प्रस्तावित व्यापक आर्थिक मार्गों का विवरण दिया। बताया गया कि राज्य का जीएसडीपी 3.78 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 2047 तक 28.92 लाख करोड़ रुपये तक पहुँचने का अनुमान है। उन्होंने उच्च-मूल्य कृषि की ओर संक्रमण, सेवा क्षेत्र के विस्तार, डिजिटल पहुँच एवं गुणवत्ता के सुदृढ़ीकरण, साथ ही शिक्षा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र के उन्नयन की आवश्यकता पर जोर दिया।

वित्त सचिव दिलीप जावलकर ने राज्य की वित्तीय स्थिति प्रस्तुत करते हुए उभरती चुनौतियों जैसे अनुदानों की समाप्ति, राजस्व वृद्धि में मंदी और व्यय में बढ़ोतरी का उल्लेख किया। उन्होंने साक्ष्य-आधारित नीति-निर्माण, यथार्थवादी अनुमान, लाइफ-साइकिल लागत आकलन और विभागों के बीच समन्वय को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया ताकि राज्य की दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित की जा सके।

इंफ्रास्ट्रक्चर एवं मोबिलिटी रोडमैप प्रस्तुत करते हुए सचिव पंकज पांडे ने पिछले 25 वर्षों में बेहतर कनेक्टिविटी के क्षेत्र में हुई प्रगति को रेखांकित किया और डी-कंजेशन उपायों, मजबूत एवं लचीले बुनियादी ढांचे, तथा सार्वजनिक परिवहन के बेहतर एकीकरण की आवश्यकता पर बल दिया, विशेषकर पर्यटन तथा आर्थिक विकास को गति देने के लिए।

पर्यटन विभाग की अतिरिक्त सचिव ने विंटर टूरिज्म की अवधारणा प्रस्तुत की। इस संबंध में कुछ सर्किट चिन्हित किए गए हैं तथा इसे क्रियाशील बनाने के लिए नीतियों एवं प्रभावी अभिसरण की आवश्यकता पर बल दिया।

इसके अतिरिक्त, बागेश्वर, पिथौरागढ़, चम्पावत, उधम सिंह नगर और हरिद्वार के जिलाधिकारियों द्वारा क्रमशः हर्बल एवं औषधीय पौधों, वाइब्रेंट विलेजेज, बागवानी की संभावनाएँ, आकांक्षी जिला पहल तथा कचरा प्रबंधन से संबंधित जिला-स्तरीय उत्कृष्ट कार्यों का प्रस्तुतीकरण किया गया। विभिन्न जिला-स्तरीय चुनौतियों को भी जिलाधिकारियों द्वारा साझा किया गया। इस पर मुख्य सचिव ने सुझाव दिया कि चुनौतियों के समाधान एवं राज्य के त्वरित विकास हेतु कुछ संस्थागत ढाँचे विकसित किए जाने आवश्यक हैं।

बैठक में अपर सचिव नवनीत पांडेय ने सम्मेलन का सफल संचालन किया।

इस दौरान बैठक में प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु व एल एल फैनई सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

उपलब्धिः उत्तराखंड को खनन क्षेत्रों में सुधार कार्यों पर केंद्र से मिले 100 करोड़ रूपये

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में खनन क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रदर्शन और लगातार सुधारों के चलते उत्तराखंड एक बार फिर केंद्र सरकार से बड़ी प्रोत्साहन राशि हासिल करने में सफल रहा है। केंद्र के खान मंत्रालय ने वर्ष 2025-26 की विशेष सहायता योजना के तहत उत्तराखंड को माइनर मिनरल्स रिफॉर्म्स मैं 100 करोड़ रुपये की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि प्रदान की है। इससे पहले भी माह अक्टूबर 2025 मैं राज्य को एसएमआरआई रैंकिंग मैं दूसरा स्थान प्राप्त होने पर 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि मिल चुकी है। इस प्रकार खनन क्षेत्र में उत्कृष्ट सुधारों और बेहतर नीतियों की बदौलत उत्तराखंड को कुल 200 करोड़ रुपये की प्रोहोत्सन राशि प्राप्त हो चुकी है।

राज्य ने हाल के वर्षों में खनन सुधारों पर जोर देते हुए बेहतर नीतियां लागू की हैं, जिसका परिणाम यह है कि उत्तराखंड ने खनन सेक्टर में देश में नंबर-1 स्थान हासिल किया है। केंद्र द्वारा जारी ताज़ा कार्यालय ज्ञाप दिनांक 18.11.2025 में बताया गया है कि राज्य ने खनन क्षेत्र से जुड़ी अधिकांश सुधारात्मक कार्यवाहियों को समय पर और प्रभावी ढंग से लागू किया है। खासतौर पर माइनर मिनरल रिफॉर्म्स से संबंधित 7 में से 6 प्रमुख सुधारों के मानकों को सफलतापूर्वक पूरा किया गया, जिससे राज्य ने प्रथम स्थान प्राप्त किया गया है!

खनन क्षेत्र में उत्तराखंड सरकार द्वारा अपनाई गई पारदर्शी और व्यवसाय-हितैषी नीतियों ने सरकार की आय में अभूतपूर्व वृद्धि की है। खनन विभाग के सुदृढ़ प्रबंधन तथा नई नीतियों ने न केवल सरकारी खजाने को मजबूती दी है, बल्कि प्रदेश में खनन कारोबार से लाखो लोगो को रोजगार प्राप्त हो रहा है और इससे जुड़े लाखों व्यापारियों और उद्यमियों को भी आर्थिक लाभ प्राप्त हो रहा है। स्थानीय लोगो और सरकारी कार्यदायी संस्था को सस्ते दाम पर निर्माण सामग्री मिल रही है खनन गतिविधियों के चलते राज्य में रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिली है।

केंद्र सरकार ने अपनी समीक्षा रिपोर्ट में स्वीकार किया है कि उत्तराखंड खनन क्षेत्र में लगातार प्रगति कर रहा है और सुधारों को तेजी से लागू कर रहा है। इसी प्रदर्शन को देखते हुए केंद्र ने वित्त मंत्रालय से राज्य को 100 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि का आदेश जारी किया गया है है।

उक्त आदेश में शामिल राज्यों, नागालैंड, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड, में उत्तराखंड का प्रदर्शन सबसे बेहतर दर्ज किया गया है। मंत्रालय के आदेश के अनुसार, सभी राज्यों ने खनन में सुधार प्रक्रिया और अधिक प्रभावी बनाई गई है।

इस उपलब्धि के साथ यह साफ हो गया है कि उत्तराखंड का खनन क्षेत्र राज्य सरकार के लिए राजस्व का एक मुख्य स्रोत साबित हो रहा है। बढ़ती पारदर्शिता, बेहतर नीति निर्माण और समयबद्ध सुधारों की वजह से उत्तराखंड अब देश के खनन परिदृश्य में एक मजबूत और विश्वसनीय पहचान बना रहा है!
उत्तर प्रदेश,हिमाचल ,जम्मू कश्मीर आदि राज्य भी उत्तराखंड की खनन नीतियों का अनुसरण कर रहे है।

प्रदेश में खनन क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए ई नीलामी प्रणाली, सैटेलाइट आधारित निगरानी जैसे कई कदम उठाए गए हैं। सरकार पर्यावरण का ध्यान रखते हुए, अवैध खनन पर लगाम कस रही है। जिसके सकारात्मक परिणाम नज़र आने लगे हैं।
पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड।

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सीएम ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं के लिए 170.13 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कुम्भ मेला-2027 के 11 नवीन निर्माण कार्यों के लिए राज्य स्तरीय एम्पावर्ड समिति की बैठक में संस्तुत ₹ 37.34 करोड़ स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री द्वारा 15वें वित्त आयोग की अनुशंसाओं के अंतर्गत उत्तराखण्ड राज्य में अग्निशमन सेवाओं एवं आधुनिकरण हेतु स्वीकृत ₹ 79 करोड़, राज्य योजना के अन्तर्गत जनपद पौड़ी गढ़वाल के विधानसभा क्षेत्र पौड़ी के विकास खण्ड पाबौ में सीकू तिमली मोटर मार्ग के पुनर्निर्माण एवं सुधारीकरण कार्य हेतु ₹ र्3.2्र6 करोड़ के साथ ही विधानसभा क्षेत्र प्रतापनगर में पीपलडाली से म्यूण्डा ललवाली तक मोटर मार्ग का नवनिर्माण कार्य हेतु ₹ 1.78 करोड़ की योजना स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री द्वारा मुख्यमंत्री घोषणा के तहत जनपद चम्पावत के विधानसभा क्षेत्र चम्पावत के टनकपुर में ग्राम पंचायत नायकगोठ के किरोडा नाले में 480.00 मीटर एवं 120.00 मीटर स्पान पुल के निर्माण हेतु ₹ 48.38 करोड तथा जनपद टिहरी के विधानसभा क्षेत्र नई टिहरी हेतु की गयी नई टिहरी में स्थित विद्या मंदिर इण्टर कालेज में सामुदायिक भवन का निर्माण संबंधी घोषणा के क्रियान्वयन हेतु ₹ 91.84 लाख के सापेक्ष पूर्व में स्वीकृत कुल धनराशि ₹ 55.10 लाख के अनुक्रम में अवशेष धनराशि ₹ 36.74 लाख की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।