परंपरा से परे निर्णय: धामी नेतृत्व ने बदली उत्तराखंड की राजनीतिक धारा

उत्तराखंड की राजनीति में वर्षों से एक अनकही परंपरा चली आ रही थी कार्यकाल का अंतिम वर्ष आते-आते, विशेषकर मार्च के आसपास, नेतृत्व परिवर्तन लगभग तय मान लिया जाता था। यह एक तरह से राजनीतिक अस्थिरता का प्रतीक बन चुकी थी। लेकिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस स्थापित धारणा को न केवल चुनौती दी, बल्कि उसे निर्णायक रूप से ध्वस्त कर दिया।

धामी के नेतृत्व में पहली बार भाजपा ने उत्तराखंड में मुख्यमंत्री को रिपीट कर स्थिरता का संदेश दिया था और अब पांचवें वर्ष में मंत्रिमंडल विस्तार कर यह स्पष्ट कर दिया गया है कि यह सरकार परंपरागत राजनीति से अलग, आत्मविश्वास और प्रदर्शन की राजनीति पर चल रही है। जहां विरोधी दल यह अनुमान लगा रहे थे कि इतिहास खुद को दोहराएगा और धामी को भी बदला जाएगा, वहीं धामी ने एक सधे हुए राजनीतिक कौशल के साथ पूरा परिदृश्य ही बदल दिया।

इस महत्वपूर्ण मंत्रिमंडल विस्तार के साथ सरकार ने क्षेत्रीय और राजनीतिक संतुलन को भी साधने का प्रयास किया है। शपथ लेने वाले जनप्रतिनिधियों में भीमताल से विधायक राम सिंह कैड़ा, राजपुर रोड (देहरादून) से खजान दास, रुड़की से प्रदीप बत्रा, रुद्रप्रयाग से भरत सिंह चौधरी तथा हरिद्वार से मदन कौशिक शामिल हैं। इन नेताओं का अनुभव, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और संगठनात्मक पकड़ न केवल मंत्रिमंडल को और सशक्त बनाएगी, बल्कि धामी सरकार की विकासात्मक प्राथमिकताओं को भी नई गति प्रदान करेगी।

यह मंत्रिमंडल विस्तार केवल एक प्रशासनिक कवायद नहीं, बल्कि एक सशक्त राजनीतिक संदेश है नेतृत्व में विश्वास, संगठन में संतुलन और भविष्य की स्पष्ट रणनीति। धामी ने यह दिखाया है कि वे परिस्थितियों के शिकार नहीं बल्कि उन्हें अपने पक्ष में मोड़ने वाले नेतृत्वकर्ता हैं।

सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि धामी ने न केवल प्रदेश में अपनी पकड़ मजबूत की है बल्कि केंद्रीय नेतृत्व का भी पूर्ण विश्वास अर्जित किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर गृह मंत्री अमित शाह और शीर्ष संगठन तक, जिस प्रकार धामी को निरंतर समर्थन मिला है, वह उनकी विश्वसनीयता और कार्यक्षमता का प्रमाण है।

एक युवा मुख्यमंत्री के रूप में धामी ने जिस प्रकार निर्णायक फैसले लिए हैं, उसने उनकी छवि को ‘अस्थायी विकल्प’ से आगे बढ़ाकर ‘स्थायी नेतृत्व’ में परिवर्तित कर दिया है। आज उत्तराखंड की राजनीति में यदि कोई चेहरा स्थिरता, निर्णायकता और भविष्य की दिशा का प्रतीक बनकर उभरा है, तो वह पुष्कर सिंह धामी हैं।

मंत्रिमंडल विस्तार के इस फैसले ने एक और संकेत साफ कर दिया है भाजपा अब उत्तराखंड में नेतृत्व को लेकर किसी प्रयोग के मूड में नहीं है। धामी केवल वर्तमान के मुख्यमंत्री नहीं, बल्कि भविष्य की राजनीति के केंद्र बिंदु बन चुके हैं। यही कारण है कि अब यह चर्चा केवल अटकल नहीं, बल्कि एक संभावित रणनीति के रूप में देखी जा रही है कि 2027 का विधानसभा चुनाव भी धामी के नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा।

उत्तराखंड की राजनीति में यह एक युगांतकारी परिवर्तन है जहां अस्थिरता की जगह स्थिरता ने ली है और परंपरा की जगह प्रदर्शन ने। इस परिवर्तन के केंद्र में हैं—एक युवा, आत्मविश्वासी और निर्णायक नेता, पुष्कर सिंह धामी।

मंत्री सतपाल महाराज का स्वास्थ्य हाल जानने एम्स पहुंचे सीएम धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एम्स ऋषिकेश पहुंचकर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज के स्वास्थ्य की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों से सतपाल महाराज जी के स्वास्थ्य की विस्तृत जानकारी प्राप्त की तथा उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को उनके उपचार में सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।

एलपीजी सिलेंडर होमडिलिविरी सुनिश्चित कराने को जिले की प्रत्येक गैस एजेंसी पर अधिकारी तैनात

जिलें में एलपीजी गैस की आपूर्ति, वितरण, बैकलॉग के सम्बन्ध में जिलाधिकारी सविन बसंल की अध्यक्षता में ऋषिपर्णा सभागार कलेक्ट्रेट में जिला प्रशासन की क्यूआरटी एवं सम्बन्धित जिला स्तरीय अधिकारी, गैस एजेंसियों के स्वामी एवं तेल कम्पनियों के पदाधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिला प्रशासन ने गैस एजेसियों पर होमलिडिविरी व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने हेतु एजेंसियों पर अधिकारी तैनात कर दिए गए है, जो एजेंसी पर होने वाली प्रत्येक गतिविधि पर नजर रखेंगे वस्तुस्थिति से अवगत कराएगें।

जिलाधिकारी ने बढते बैकलॉग का कारण जाना तो तेल कम्पनियों के अधिकारियों ने बताया कि 03 दिन जब बुंकिग सोफ्टवेयर में काईसिस आ गई थी तो मैन्युअल रजिस्टर में अंकन कर उपभोक्ताओं को गैस की आपूर्ति की गई, जिसकी लगभग 25 से अधिक की एन्ट्री साफ्टवेयर पर अद्यतन होनी बाकी है तथा 11 मार्च से गैस बुकिंग व डिलिविरी के समय शहरी क्षेत्र में 25 दिन तथा ग्रामीण क्षेत्रों 45 दिन कर दिया गया है उससे पूर्व की जो एडवांस बुकिंग हो रखी हैं वह बैकलॉग में दर्शाई गयी है, जिससे बैकलॉग बढा हुआ दिख रहा हैं। जिस पर जिलाधिकारी ने जिला पूर्ति अधिकारी को निर्देश दिए कि तेल कम्पनियों से सम्पर्क करते हुए आज शाम तक मैन्युअल एन्ट्री को साफ्टवेयर पर एजेंसी के माध्यम से एन्ट्री कराएं तथा जिन उपभोक्ताओं की एडवांस बुकिंग 25 एवं  45 दिन का बैकलॉग दिख रहा है उनकी संख्या अलग-2 दर्शाते हुए शाम तक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। निर्देशों का अनुपालन न करने पर सम्बधित गैस एजेसीं तेल कम्पनियों पर कार्यवाही के निर्देश दिए हैं।

जिलाधिकारी ने पुलिस अधीक्षक नगर को निर्देश दिए कि छापेमारी में जो अवैध रूप सिलेंडर पकड़े जा रहे हैं उनको ट्रेस किया जाए कि वह किस गैस एजेंसी के है, सम्बन्धित गैस एजेंसी की पहचान करते हुए एजेंसी स्वामी को नामजद करते हुए मुकदमा दर्ज कर जेल भेजे। जिलाधिकारी ने जिले की गैस एजेंसीवार नामित क्यूआरटी में शामिल 30 अधिकारियों को निर्देश दिए कि गैस एजेंसी पर स्टॉक, बैकलॉग, वितरण आदि रजिस्टर का अवलोकन कर प्रतिदिन की सम्पूर्ण आख्या प्रेषित करें। साथ ही निर्देशित किया यह सुनिश्चित कर लिया जाए कि किसी भी गैस एजेंसी व गोदाम से सिलेंडर न दिया जाए तथा उपभोक्ताओं को सिलेंडर होमडिलिवरी के माध्यम से ओटीपी आधार पर ही दिया जाए तथा एजेंसियों पर उपभोक्ता जागरूकता फ्लैक्सी, बुकिंग नम्बर, उपभोक्ताओं के लिए बड़े-बडे अक्षरों में जानकारी चस्पा रहे।

जिला प्रशासन की होमडिलिविरी व्यवस्था से एजेंसियों पर जुटने वाली भीड़ से हो रही अव्यवस्था से निजात मिला है वहीं कानून व्यवस्था भी नियंत्रण में है। जिला प्रशासन की क्यूआरटी के औचक निरीक्षणों एवं  एलपीजी कालाबाजारी करने वालों पर दर्ज हुए मुकदमों एवं एजेंसियों की नाफरमानी पर की गई प्रवर्तन की कार्यवाही से गैस की कालाबाजारी करने वालों में भी भय का माहौल है। उपभोक्ताओं को होमडिलिविरी के माध्यम से ओटीपी आधार पर गैस उपलब्ध कराई जा रही है।  जिला प्रशासन द्वारा गैस की कालाबाजारी पर 05 मुकदमें दर्ज किए गए हैं तथा 03 को जेल भेजा, 150 घरेलू, 139 व्यवसायिक तथा 07 छोटे सिलेंडर जब्त किए हैं।

बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व के.के मिश्रा, पुलिस अधीक्षक नगर प्रमोद कुमार, नगर मजिस्ट्रेट प्रत्युष सिंह, नगर आयुक्त नगर निगम ऋषिकेश गोपालराम बिनवाल, उप जिलाधिकारी हरिगिरि, उप जिलाधिकारी अपर्णा ढौंडियाल, उप जिलाधिकारी अपूर्वा सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी के.के अग्रवाल, निदेशक ग्राम्य विकास अभिकरण विक्रम सिंह, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार एवं  क्यूआरटी के सभी अधिकारी सहित तेल कम्पनियों एवं गैस एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे तथा उप जिलाधिकारी ऋषिकेश योगेश मेहर,  उप जिलाधिकारी विकासनगर विनोद कुमार सहित क्यूआरटी में शामिल अन्य अधिकारी एवं तेल कम्पनियों के प्रतिनिधि ऑनलाईन माध्यम से जुडे़ रहे।

धामी सरकार की पहल, सर्किट हाउस एनेक्सी का होगा कायाकल्प

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी व मुख्य सचिव के दिशा-निर्देशों में राज्य की अतिथि सुविधाओं को आधुनिक और आकर्षक बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। इसी क्रम में गुरुवार को राज्य अतिथि गृह सर्किट हाउस एनेक्सी, देहरादून में नवीनीकरण कार्य को लेकर स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण की अध्यक्षता आवास व राज्य संपत्ति सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने की। इस दौरान उन्होंने नवीनीकरण की प्रस्तावित योजना का गहन अवलोकन करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

*लोकसंस्कृति के साथ विकसित होगा आधुनिक गेस्ट हाउस*
निरीक्षण के दौरान यह तय किया गया कि सर्किट हाउस एनेक्सी को केवल मरम्मत तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान और आधुनिक सुविधाओं के समन्वय के रूप में विकसित किया जाएगा। विशेष रूप से मीटिंग हॉल के संपूर्ण नवीनीकरण के साथ उसकी दीवारों पर राज्य की लोक संस्कृति को दर्शाने वाली पेंटिंग्स लगाने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे यहां आने वाले अतिथियों को प्रदेश की समृद्ध परंपरा की झलक मिल सके।

*पहले चरण में कमरों और डोरमैट्री का होगा कायाकल्प*
नवीनीकरण कार्य को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। प्रथम चरण में मुख्य भवन के कक्ष संख्या 1 से 12 तक (भूतल के 1 से 6 और प्रथम तल के 7 से 12) का कायाकल्प किया जाएगा। इसके साथ ही डोरमैट्री के भूतल पर स्थित कक्ष संख्या 19 से 22 तक के चार कमरों का भी नवीनीकरण किया जाएगा। इन कमरों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित करने के साथ उनकी आंतरिक साज-सज्जा को भी बेहतर बनाया जाएगा।

*कोरिडोर लाइटिंग और लॉन क्षेत्र में खुलापन बढ़ाने के निर्देश*
आवास व राज्य संपत्ति सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने कोरिडोर में बेहतर प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि आवागमन के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो। साथ ही डोरमैट्री के कक्षों से सटे लॉन क्षेत्र में खुलापन बढ़ाने के लिए बाउंड्री हटाने के निर्देश भी दिए गए हैं।

*दूसरे चरण में विस्तार और नई सुविधाओं पर फोकस*
द्वितीय चरण में गेस्ट हाउस परिसर में उपलब्ध स्थान का उपयोग करते हुए इसके विस्तार की संभावनाओं पर विचार किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, गेस्ट हाउस में ठहरने वाले अतिथियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए नए गद्दों की खरीद और प्रत्येक कक्ष में डीटीएच कनेक्शन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए हैं। इस मौके पर अपर सचिव लक्ष्मण सिंह, मुख्य व्यवस्थाधिकारी आलोक सिंह चौहान, वरिष्ठ व्यवस्थाधिकारी पी.एल. शाह तथा पेयजल निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर राकेश चंद्र तिवारी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

आवास व राज्य संपत्ति सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार राज्य के अतिथि गृहों को आधुनिक और सुविधाजनक बनाने की दिशा में कार्य तेजी से किया जा रहा है। सर्किट हाउस एनेक्सी का नवीनीकरण केवल संरचनात्मक सुधार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान को भी प्रमुखता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि चरणबद्ध तरीके से सभी कक्षों का कायाकल्प किया जाएगा और अतिथियों को उच्च स्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही, भविष्य में गेस्ट हाउस के विस्तार की भी योजना है, जिससे बढ़ती आवश्यकता को पूरा किया जा सके।

डीएम के आदेशों की अहवेलना, गैस एजेंसी के सिलेंडर जब्त, मुकदमा दर्ज

एलपीजी गैस की कालाबाजारी रोकने तथा शतप्रतिशत् होमडिलिविरी सुनिश्चित करवाने के जिलाधिकारी सविन बसंल के निर्देशों के अनुपालन में जिले में क्षेत्रवार क्यूआरटी टीम गठित की गई है। क्यूआरटी टीम आज क्षेत्रवार गैस एजेंसियों के निरीक्षण करते हुए एलपीजी गैस की मांग, आपूर्ति आदि सभी गतिविधियों देखी। जिलाधिकारी जिलें में गैस आपूर्ति/वितरण बैकलॉक की स्वयं मॉनिटिरिंग कर रहे है।

जिला प्रशासन के आदेशों की नाफरमानी पर शहीद हीरा गैस एजेंसी शिमला बाईपास रोड के सिलेंडर जिला प्रशासन ने जब्त कर लिए तथा गैस एजेंसी स्वामी के विरूद्ध मुकदमा दर्ज कर दिया है। जिलाधिकारी को शिकायत प्राप्त हुई कि हीरा गैस एजेंसी द्वारा जिला प्रशासन के होमडिलिविरी सम्बन्धी आदेश की अहवेलना करते हुए उपभोक्ताओं को ऐजेंसी से ही गैस सिलेंडर वितरित किये जा रहे हैं, जिससे भारी भीड़ लग गई है तथा कानून व्यवस्था पर विपरित असर पड़ने की संभावना है। जिस पर जिलाधिकारी ने तत्काल गैस एजेंसी पर कार्यवाही के निर्देश दिए। जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुपालन में उप जिलाधिकारी विकासनगर विनोद कुमार क्यूआरटी टीम सहित मौके पर पंहुचे।

हीरा गैस सर्विस, नया गांव पेलियो, देहरादून द्वारा होम डिलीवरी न करते हुये घरेलू गैस सिलेण्डर का वितरण गैस गोदाम में ट्रक के माध्यम से किया जा रहा था। तत्काल प जिलाधिकारी, विकासनगर, तहसीलदार विकासनगर एवं जिला पूर्ति कार्यालय के पूर्ति निरीक्षकों कि संयुक्त टीम द्वारा मौके पर जाकर उक्त प्रकरण के सम्बन्ध में जांच की गई।

जिलाधिकारी द्वारा विगत दिवस सभी गैस एजेंसियों को गैस की होम डिलीवरी के निर्देश दिये गये है किन्तु गैस एजेन्सी द्वारा गोदाम से उपभोक्ताओं को गैस वितरित की जा रही थी, जिससे ऐजेंसी पर भारी भीड़ लग गई तथा कानून व्यवस्था बिगड़ने की प्रबल संभावना बन रही थी। जिला प्रशासन ने सम्बन्धित गैस एजेन्सी के विरूद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 (यथा संशोधित), आपदा प्रबन्धन अधिनियम-2005 एवं भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराओं के अन्तर्गत थाना पटेलनगर में वाद दर्ज कराया गया तथा गैस सिलेण्डर आदि को जब्त कर लिया गया जिसे जिला पूर्ति अधिकारी एवं सम्बन्धित तेल कम्पनी की सुपुर्दगी में दे दिये गये हैं।

जिला प्रशासन द्वारा प्रसारित 1077, 0135-2626066, 2726066 और व्हाट्सएप नंबर 7534826066 के माध्यम से 05 बजे तक कुल 111 शिकायतें एलपीजी गैस की आपूर्ति के सम्बन्ध में दर्ज हुई है, वही कंट्रोल रूम में मौजूद जिला खाद्य पूर्ति विभाग, देहरादून में एलपीजी गैस की आपूर्ति, सिलेंडर उपलब्धता या अन्य किसी प्रकार की समस्या को लेकर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में आज लगभग 18120 अधिक उपभोक्ताओं कोे घरेलू तथा 21 अपभोक्ताओं को व्यवसायिक गैस सिलेंडर की आपूर्ति की गई है। जबकि घरेलू गैस सिलेंडर में 75 हजार के लगभग बैकलॉग है।

जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुपालन में अपर जिलाधिकारी वित्त एंव राजस्व के के मिश्रा कन्ट्रोलरूम से जिले में गैस वितरण, आपूर्ति की मॉनिटिरिंग जनमानस की समस्या के निस्तारण हेतु निगरानी बनाए हुए है।

केंद्रीय गृह मंत्री के हरिद्वार आगमन को लेकर शासन-प्रशासन की सभी तैयारियाँ पूर्ण

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह शनिवार, 7 मार्च 2026 को हरिद्वार में आयोजित कार्यक्रम ‘जन-जन की सरकार : चार साल बेमिसाल’ में प्रतिभाग करेंगे। इस कार्यक्रम को लेकर शासन-प्रशासन द्वारा सभी तैयारियाँ पूर्ण कर ली गई हैं तथा श्री अमित शाह के स्वागत के लिए कार्यक्रम स्थल बैरागी कैम्प के साथ ही हरिद्वार शहर को सजाया-संवारा जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार का भ्रमण कर इस विराट आयोजन की तैयारियों का जायजा लिया तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बैरागी कैम्प पहुँचकर प्रस्तावित कार्यक्रमों की तैयारियों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जनसभा स्थल, मंच, प्रदर्शनी क्षेत्र, पार्किंग व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंधन, यातायात व्यवस्था, पेयजल, विद्युत आपूर्ति तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं का विस्तृत अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कार्यक्रम की रूपरेखा और व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त करते हुए निर्देश दिए कि कार्यक्रम के सुव्यवस्थित एवं सुचारु आयोजन के लिए सभी तैयारियों का वरिष्ठ अधिकारी भली-भाँति परीक्षण कर लें। उन्होंने आमजन की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखने के भी निर्देश दिए।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह शनिवार को हरिद्वार के बैरागी कैम्प में राज्य सरकार के चार वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित जनसभा को संबोधित करेंगे। साथ ही वे राज्य सरकार की उपलब्धियों पर आधारित विकास प्रदर्शनी तथा नई न्याय संहिताओं पर केंद्रित राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का उद्घाटन भी करेंगे। इस अवसर पर शाह राज्य के विकास से जुड़ी अनेक महत्वपूर्ण परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी करेंगे।

मुख्यमंत्री के निरीक्षण के दौरान वन मंत्री सुबोध उनियाल, भाजपा के प्रदेश संगठन मंत्री अजय कुमार, प्रदेश उपाध्यक्ष अनिल गोयल, उपाध्यक्ष आपदा प्रबंधन विनय रोहिला, विधायक रानीपुर आदेश चौहान, मेयर नगर निगम हरिद्वार किरन जैसल, मेयर नगर निगम रूड़की श्रीमती अनीता देवी, नगर पालिका ऋषिकेश के अध्यक्ष शंभू पासवान, पूर्व विधायक स्वामी यतीश्वरानंद, भाजपा के हरिद्वार जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा, आयुक्त गढ़वाल मंडल विनय शंकर पाण्डे, एडीजी अजय प्रकाश अंशुमन, पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल राजीव स्वरूप, कुंभ मेलाधिकारी सोनिका, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, अपर सचिव पर्यटन अभिषेक रूहेला, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर, एमडी सिडकुल सौरभ गहरवार, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी, मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्रा, अपर जिलाधिकारी पी.आर. चौहान, अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती, सचिव एचआरडीए मनीष कुमार, उपजिलाधिकारी जितेन्द्र कुमार तथा एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

संस्कृत की सबसे बड़ी विशेषता इसका वैज्ञानिक व्याकरण: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में संस्कृत छात्र प्रतिभा सम्मान कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने गार्गी बालिका संस्कृत छात्रवृत्ति, डॉ. भीमराव अंबेडकर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति संस्कृत छात्रवृत्ति भी विद्यार्थियों को प्रदान की। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रतियोगी परीक्षा स्वाध्याय केन्द्र एवं ई-संस्कृत संभाषण शिविर का वर्चुअल शुभारंभ और उत्तराखण्ड संस्कृत विश्वविद्यालय के त्रैमासिक पत्र संस्कृत वार्ता का विमोचन भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड की पहचान ऊँचे पर्वतों और ऐतिहासिक मंदिरों से ही नहीं, बल्कि ज्ञान और आस्था की भाषा देववाणी संस्कृत से भी है। वेदों से लेकर उपनिषदों तक, रामायण से लेकर महाभारत तक, आयुर्वेद से लेकर खगोलशास्त्र तक, गणित से लेकर दर्शनशास्त्र तक हमारे ज्ञान की जड़ें संस्कृत में ही निहित हैं। संस्कृत हमारे अतीत की स्मृति मात्र नहीं, बल्कि हमारे भविष्य की संभावना भी है। संस्कृत की सबसे बड़ी विशेषता इसका वैज्ञानिक व्याकरण है। पाणिनि द्वारा रचित अष्टाध्यायी आज भी विश्व के भाषाविदों के लिए आश्चर्य का विषय है। आज विश्व के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में संस्कृत की वैज्ञानिकता पर विभिन्न प्रकार के शोध किए जाते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रतिबद्धता के साथ निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में संस्कृत को आधुनिक और व्यवहारिक भाषा के रूप में स्थापित करने के विशेष प्रयास किए गए हैं। संस्कृत साहित्य को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध कराया जा रहा है। एआई के माध्यम से संस्कृत ग्रंथों को नए स्वरूप में सबके सामने रखा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड सदियों से संस्कृत अध्ययन और शोध का केंद्र रही है। राज्य में संस्कृत को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। सभी जनपदों में आदर्श संस्कृत ग्रामों की स्थापना की गई है। उत्तराखंड में संस्कृत को द्वितीय राजभाषा का दर्जा प्रदान किया गया है। राज्य में पहली बार ‘गार्गी संस्कृत बालिका छात्रवृत्ति योजना’ की शुरुआत की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड संस्कृत अकादमी, हरिद्वार के माध्यम से अखिल भारतीय शोध सम्मेलन, अखिल भारतीय ज्योतिष सम्मेलन, अखिल भारतीय वेद सम्मेलन, अखिल भारतीय संस्कृत कवि सम्मेलन, संस्कृत शिक्षक कौशल विकास कार्यशाला और संस्कृत छात्र प्रतियोगिता जैसे विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। संस्कृत विद्यार्थियों के लिए सरकारी सहायता, शोध कार्यों में सहयोग एवं रोजगार के अवसर सुनिश्चित कर इसे नई पीढ़ी में लोकप्रिय बनाने के प्रयास किये जा रहे हैं।

संस्कृत शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि सरकार द्वारा राज्य में संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए अनेक नवाचार किये हैं। संस्कृत विश्वविद्यालय में सुविधाओं को बढ़ाया गया है। प्रत्येक जनपद में एक-एक संस्कृत ग्राम बनाये गये हैं। संस्कृत को बढ़ावा देने के अलग सिस्टम बनाने की दिशा में कार्य किये जा रहे हैं।

इस अवसर पर विधायक सविता कपूर, खजान दास, सचिव संस्कृत शिक्षा दीपक कुमार, उत्तराखण्ड संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रमाकान्त पाण्डेय, निदेशक संस्कृत शिक्षा कंचन देवराड़ी मौजूद थे।

दिव्य, भव्य और ऐतिहासिक होगा कुंभ मेला: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में कुंभ मेला-2027 की तैयारियों की समीक्षा की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिद्वार में अगले वर्ष आयोजित होने वाला कुंभ मेला दिव्य, भव्य और ऐतिहासिक होगा। मेले के दौरान श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधा, सुगमता और सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस महाआयोजन की व्यवस्थाओं में कोई भी कमी नहीं रहने दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कुंभ मेले से संबंधित कार्य निर्धारित समय पर पूर्ण करने के सख्त निर्देश देते हुए कहा कि सभी विभाग बेहतर समन्वय के साथ कार्य करें और लिए गए निर्णयों का अविलंब अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।

मेला नियंत्रण भवन, हरिद्वार में आयोजित इस बैठक में मुख्यमंत्री ने मेले की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने पिछली बैठक में दिए गए निर्देशों पर हुई कार्रवाई तथा वर्तमान में चल रहे कार्यों की प्रगति की जानकारी भी ली। मुख्यमंत्री ने मेले से संबंधित सभी कार्य आगामी अक्टूबर माह तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मेले के लिए सभी प्रमुख स्थायी कार्यों को स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है तथा अस्थायी कार्यों के प्रस्तावों को अंतिम रूप देकर उन्हें भी समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जाए। जोन एवं सेक्टर स्तर पर की जाने वाली तैयारियों को तय लक्ष्यों और समयसीमा के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण ढंग से संपन्न करने के निर्देश दिए गए। निर्माण कार्यों की मॉनिटरिंग हेतु थर्ड पार्टी ऑडिट भी कराने के निर्देश दिए गए।

मुख्यमंत्री ने मेले के दौरान परिवहन एवं पार्किंग की प्रभावी एवं पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर देते हुए वैकल्पिक मार्गों को चिन्हित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं के सुरक्षित एवं सुविधाजनक आवागमन तथा स्नान की समुचित व्यवस्था की जाए। संभावित भीड़ को ध्यान में रखते हुए स्नान, आवागमन एवं ठहराव के लिए विस्तृत योजना तैयार की जाए। महिला एवं वृद्ध श्रद्धालुओं के लिए विशेष प्रबंध किए जाने के भी निर्देश दिए गए।

कुंभ क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कार्य में स्वयंसेवी संगठनों का सहयोग भी लिया जाए। स्वास्थ्य सुविधाओं की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि बीमार श्रद्धालुओं को निकटतम स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाने के लिए बोट एवं बाइक एंबुलेंस की व्यवस्था की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंभ मेले के सुव्यवस्थित एवं सफल आयोजन के लिए साधु-संतों, अखाड़ों, जनप्रतिनिधियों तथा धार्मिक एवं स्वयंसेवी संगठनों का सहयोग लिया जाए और उनके सुझावों को ध्यान में रखकर कार्य किए जाएं।

उन्होंने कुंभ मेले में चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती पर जोर दिया। साथ ही साइबर सुरक्षा, अग्निशमन व्यवस्था तथा रेस्क्यू कार्यों के लिए दक्ष कार्मिकों की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा।

स्थायी कार्यों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि कुंभ क्षेत्र में निर्मित सभी पुलों का सुरक्षा ऑडिट कराया जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर उनकी मरम्मत समय पर पूर्ण की जाए। गंगा नदी के घाटों के अनुरक्षण हेतु यदि गंग नहर के क्लोजर की आवश्यकता हो तो उत्तर प्रदेश के अधिकारियों से समन्वय स्थापित किया जाए। घाटों के सुदृढ़ीकरण, सुरक्षा रेलिंग तथा फिसलन-रोधी व्यवस्थाएं समय से पूर्ण की जाएं। कुंभ प्रारंभ होने से पूर्व सभी विद्युत लाइनों को भूमिगत कर लिया जाए।

कुंभ क्षेत्र में भूमि प्रबंधन एवं आवंटन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसकी मॉनिटरिंग मेलाधिकारी स्वयं करें तथा क्षेत्र को अतिक्रमणमुक्त रखा जाए।

बैठक में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, सुबोध उनियाल तथा पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने भी प्रतिभाग करते हुए उपयोगी सुझाव दिए। इस अवसर पर मेलाधिकारी सोनिका ने बैठक में मेले से संबंधित स्वीकृत कार्यों की प्रगति की जानकारी दी तथा प्रस्तावित कार्यों एवं व्यवस्थाओं पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण प्रस्तुत किया। बैठक में सचिव, शहरी विकास विभाग नितेश कुमार झा; सचिव, लोक निर्माण विभाग पंकज कुमार पाण्डे; आयुक्त, गढ़वाल मंडल विनय शंकर पाण्डेय; सचिव, पेयजल रणवीर सिंह चौहान; सचिव, सिंचाई युगल किशोर पंत, सचिव, पर्यटन धीराज गर्ब्याल; अपर पुलिस महानिदेशक ए.पी. अंशुमान तथा उत्तर रेलवे के मुरादाबाद मंडल की डीआरएम विनीता श्रीवास्तव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने मेले की तैयारियों की विस्तृत जानकारी दी।

बैठक में मेयर हरिद्वार किरन जैसल, मेयर रुड़की अनीता अग्रवाल, मेयर ऋषिकेश शंभू पासवान, विधायक रानीपुर आदेश चौहान, विधायक रुड़की प्रदीप बत्रा, विधायक हरिद्वार ग्रामीण अनुपमा रावत, विधायक ज्वालापुर रवि बहादुर, दायित्वधारी अजीत चौधरी, जयपाल सिंह चौहान, देशराज कर्णवाल, शोभाराम प्रजापति, पूर्व मंत्री एवं प्रदेश उपाध्यक्ष स्वामी यतीश्वरानंद, जिलाध्यक्ष भाजपा हरिद्वार आशुतोष शर्मा, जिलाध्यक्ष रुड़की डॉ. मधु, पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल राजीव स्वरूप, सचिव सी. रविशंकर, आनंद स्वरूप, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर, मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्रा, अपर जिलाधिकारी पी.आर. चौहान, अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।

टिहरी झील को ग्लोबल डिटिनेशन के रूप में विकसित करने को प्रभावी कार्ययोजना बनाएं: बर्द्धन

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने टिहरी झील को ग्लोबल डिटिनेशन के रूप में विकसित किये जाने के लिये प्रभावी कार्ययोजना बनाये जाने के निर्देश दिये है। उन्होंने सचिव पर्यटन को उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद के स्तर पर टिहरी झील एवं उसके समीपवती क्षेत्रो को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किये जाने तथा अवस्थापना सुविधाओं के विकास की योजनाओं के क्रियान्वयन से पूर्व टिहरी लेक डिटिनेशन का पर्यटन के दृष्टिगत विस्तृत मास्टर प्लान तैयार करने के भी निर्देश दिये।

सोमवार को सचिवालय में पर्यटन विकास परिषद द्वारा टिहरी लेक प्रोजेक्ट के तहत सतत् समावेशी अनुकूल जलवायु आधारित पर्यटन विकास योजनाओं की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने निर्देश दिये कि टिहरी लेक को ग्लोबल डिटिनेशन के रूप में विकसित किये जाने संबंधी भारत सरकार को भेजे जाने वाले प्रस्ताव में शामिल किया जाय। उन्होने टिहरी लेक का पूरा मास्टर प्लान तैयार करने के लिये अनुभवी कन्सलटेन्ट की नियुक्ति के साथ पर्यटन विभाग को इसी के दृष्टिगत अपनी कार्ययोजना तैयार करने को कहा।

मुख्य सचिव ने टिहरी लेक के चारों ओर रिंग रोड तैयार करने की कार्ययोजना में तेजी लाये जाने, टिहरी लेक में प्रस्तावित सी प्लान योजना के साथ रिंग रोड पर कम से कम दो हेलीपैड बनाए जाने की व्यवस्था के भी निर्देश दिये। इसके लिये उन्होंने सचिव वित्त से सचिव पर्यटन, नागरिक उड्डयन तथा लाके निर्माण से समन्वय कर योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिये।

मुख्य सचिव ने कहा कि टिहरी लेक को ग्लोबल डिटिनेशन के रूप में पहचान दिलाने के लिये आवश्यक है कि यहां पर विश्व स्तरीय अवस्थापना सुविधाओं का विकास हो, उन्होंने लोक निमार्ण विभाग को रिग रोड के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि रिंग रोड बनने से अन्य अवस्थापना सुविधाओं के विकास में भी तेजी आ सकेगी। मुख्य सचिव ने ऋषिकेश मुनि की रेती तथा लोहाघाट चम्पावत के पर्यटन विकास से संबंधित योजनाओं के प्रस्ताव भी शीघ्र तैयार करने के निर्देश दिये ताकि सभी प्रस्तावों को मास्टर प्लान के साथ समयान्तर्गत भारत सरकार को प्रेषित किया जा सके।

बैठक में सचिव दिलीप जावलकर, श्रीधर बाबू अदांकी, अपर सचिव अभिषेक रोहेला, गिरधारी सिंह रावत, एवं अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

डीएम सविन बंसल प्रमुख जनगणना अधिकारी नामित

भारत सरकार, गृह मंत्रालय द्वारा जनगणना प्रक्रिया के अग्रिम चरण में प्रवेश करने के दृष्टिगत जिलाधिकारी को प्रमुख जनगणना अधिकारी नामित किया गया है। गृह मंत्रालय द्वारा अपेक्षा की जा रही है कि जनगणना चार्ज अधिकारियों की नियुक्ति, उनके साथ नियमित बैठकें आयोजित कर क्षेत्र निर्धारण, अन्तर्विभागीय समन्वय, कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार करना तथा अधीनस्थ कर्मचारियों की नियुक्ति की कार्यवाही समयबद्ध रूप से पूर्ण कर त्वरित रूप से मंत्रालय को अवगत कराया जाए।
इसी क्रम में निदेशक जनगणना (गृह मंत्रालय, भारत सरकार) एवं जिला प्रशासन देहरादून की संयुक्त बैठक 28 जनवरी 2026 को आहूत की गई। बैठक में मुख्य कार्यकारी अधिकारी, कैन्ट बोर्ड गढ़ी एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, छावनी परिषद क्लेमनटाउन को विधिवत लिखित सूचना एवं दूरभाष के माध्यम से अवगत कराए जाने के बावजूद उनके द्वारा बैठक में प्रतिभाग नहीं किया गया। इस पर निदेशक जनगणना द्वारा कड़ा रोष व्यक्त किया गया।

इसके पश्चात 31 जनवरी 2026 को पुनः बैठक आयोजित की गई, जिसकी सूचना 28 जनवरी 2026 को ही प्रेषित कर दी गई थी। साथ ही अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) द्वारा बैठक के महत्व को स्पष्ट करते हुए दोनों छावनी परिषदों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों से व्यक्तिगत रूप से दूरभाष पर संपर्क कर बैठक में प्रतिभाग करने का अनुरोध भी किया गया। इसके बावजूद दोनों अधिकारी पुनः बैठक में अनुपस्थित रहे।
अधिकारियों की अनुपस्थिति के कारण संबंधित छावनी क्षेत्रों का क्षेत्र निर्धारण नहीं हो सका तथा जनगणना से संबंधित प्रारम्भिक कार्यवाही भी प्रारम्भ नहीं हो पाई। इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए निदेशक जनगणना (गृह मंत्रालय, भारत सरकार) द्वारा जिला प्रशासन देहरादून को संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध Census Act, 1948 के अंतर्गत कार्यवाही की संस्तुति की गई है।
जिला प्रशासन देहरादून एवं निदेशक जनगणना द्वारा संयुक्त रूप से Census Act, 1948 की धारा 6, 7 एवं 11 (जिसमें एक माह तक के कारावास का प्रावधान है) के अंतर्गत अग्रिम विधिक कार्यवाही अमल में लाई जा रही है।