केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ग्रामीण भारत के सकारात्मक बदलाव के प्रयासों में उत्तराखंड की सक्रिय भागीदारी को सराहा

केन्द्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र भेजकर अवगत कराया है कि डिजिटल इंडिया भूमि अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम (डीआईएलआरएमपी) के क्रियान्वयन के लिए केन्द्र सरकार द्वारा उत्तराखंड को और धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी। चौहान ने ग्रामीण भारत के सकारात्मक बदलाव के प्रयासों में केन्द्र सरकार के साथ उत्तराखंड की सक्रिय भागीदारी की सराहना करते हुए उम्मीद जताई है कि मुख्यमंत्री धामी के कुशल नेतृत्व में उत्तराखंड राज्य में डीआईएलआरएमपी के क्रियान्वयन में नए कीर्तिमान स्थापित करेगा।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा केन्द्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र भेजकर ग्रामीण विकास मंत्रालय की केंद्रीय क्षेत्रीय योजना के तहत उत्तराखंड राज्य को 478.50 करोड़ रु. की विशेष सहायता राशि प्रदान करने का आग्रह किया गया था। डीआईएलआरएमपी के तहत राज्य के प्रयासों एवं जरूरतों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने लिडार जैसे आधुनिक सर्वेक्षण तकनीक के माध्यम से उत्तराखंड राज्य की सम्पूर्ण भूमि का सर्वेक्षण/पुनःसर्वेक्षण के लिए 350 करोड़ रु. की स्वीकृति दिए जाने और तहसील स्तर पर बनाए जा रहे आधुनिक अभिलेख कक्षों के निर्माण की बकाया धनराशि जारी किए जाने का भी अनुरोध किया गया था।

इस संबंध में केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर अवगत कराया है कि राज्य के पास उपलब्ध डीआईएलआरएमपी निधि से पांच गांवों में सर्वेक्षण/पुनः सर्वेक्षण के प्रयौगिक परीक्षण के कार्य में उत्तराखंड का पूर्ण सहयोग प्रदान किया जाएगा। प्रयोगिक परीक्षण के परिणाम के आधार पर कालांतर में सम्पूर्ण ग्रामीण क्षेत्रों में पूर्ण सर्वेक्षण/पुनः सर्वेक्षण के कार्य के लिए राज्य को और निधि प्रदान की जाएगी। तहसील स्तर पर बनाए जा रहे आधुनिक अभिलेख कक्षों के निर्माण की बकाया धनराशि भी शीघ्र जारी कर दी जाएगी। केन्द्रीय मंत्री चौहान ने कहा है कि एग्री स्टैक कार्यक्रम के तहत राज्य को वित्तीय सहायता प्रदान करने के मामले में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के स्तर पर कार्यवाही की जा रही है और वह स्वयं इस मामले को देख रहे हैं।
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उत्तराखंड में सशक्त भू-कानून लागू करने के साथ ही राज्य सरकार द्वारा भू-अभिलेखों का डिजिटाईजेशन के महत्वपूर्ण कार्य को समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में डिजिटल भारत की परिकल्पना के अनुरूप आधुनिक और पारदर्शी भूमि प्रबंधन प्रणाली विकसित करने की राष्ट्रव्यापी मुहिम में उत्तराखंड राज्य अग्रणी भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रहा है। इस दिशा में केन्द्र सरकार के द्वारा प्रदान किया जा रहा सहयोग व समर्थन हमारे इन प्रयासों को और अधिक गति देगा। जिसके लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के प्रति राज्य सरकार आभारी है।
– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सख्त निर्देश पर अलर्ट मोड़ पर अधिकारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग और पुलिस प्रशासन अब गैर-पंजीकृत एवं मानकों से नीचे चल रहे नशा मुक्ति केंद्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की दिशा में एकजुट हो चुके हैं।

प्रदेश भर में ऐसे कई नशा मुक्ति केंद्र संचालित हो रहे हैं जो न तो निर्धारित मानकों को पूरा करते हैं और न ही पंजीकरण की वैध प्रक्रिया का पालन करते हैं। परिणामस्वरूप इनमें भर्ती मरीजों की देखरेख, मानसिक स्वास्थ्य और पुनर्वास की प्रक्रिया सवालों के घेरे में रही है। अब यह सब नहीं चलेगा। राज्य सरकार की मंशा साफ है या तो मानक पूरे करो, या बंद हो जाओ। इसी क्रम में राज्य मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों और स्टेट टास्क फोर्स (एसटीएफ) के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री नवनीत सिंह के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें ऐसे अपंजीकृत और अवैध नशा मुक्ति केंद्रों की पहचान, जांच और बंदी की प्रक्रिया को लेकर विस्तृत रणनीति पर चर्चा हुई।

सहयोग में एसटीएफ, हर जनपद में होगी निगरानी तेज

राज्य मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण और जनपद स्तरीय निरीक्षण टीमों को अब एसटीएफ की टीमें सक्रिय सहयोग देंगी। आने वाले दिनों में सभी जनपदों में औचक निरीक्षण की गति और सघन की जाएगी।

मानकहीन केंद्रों को नहीं मिलेगी छूट

राज्य मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि बिना वैध पंजीकरण के चल रहे सभी केंद्रों की पहचान की जाए, ऐसे केंद्रों पर आर्थिक दंड और कानूनी कार्रवाई हो, तत्काल बंद करने की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। यह पूरी प्रक्रिया मानसिक स्वास्थ्य देखरेख अधिनियम के तहत संचालित होगी। इस महत्वपूर्ण बैठक में राज्य मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण की ओर से संयुक्त निदेशक डॉ. एस. डी. बर्मन एवं सहायक निदेशक डॉ. पंकज सिंह उपस्थित रहे। सभी संबंधित एजेंसियों के बीच सामंजस्य के साथ कार्रवाई सुनिश्चित करने पर सहमति बनी।

गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं- डॉ. आर. राजेश कुमार

स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि राज्य में संचालित सभी नशा मुक्ति केंद्रों की निरंतर निगरानी की जाए। जो भी केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम मानकों को पूरा नहीं कर रहे, उन पर त्वरित और सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की मंशा साफ है मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं और पुनर्वास केंद्रों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सभी नशा मुक्ति केंद्र “शेल्टर होम” मात्र न बनें, बल्कि पूर्ण पुनर्वास की दिशा में कार्य करें।

धामी सरकार की प्रतिबद्धता स्पष्ट

स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश को नशे के चंगुल से बाहर निकालने के लिए प्रशासन, स्वास्थ्य एवं पुलिस विभाग मिलकर आक्रामक रणनीति पर काम कर रहे हैं। सरकार की मंशा स्पष्ट है उत्तराखंड को नशामुक्त बनाना है तो नशा मुक्ति केंद्रों को मानकों के अनुसार सशक्त और जवाबदेह बनाना होगा। यह अभियान केवल निरीक्षण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें जनहित में कठोर प्रशासनिक निर्णय लिए जाएंगे, ताकि नशा मुक्ति की आड़ में चल रही अनियमितताओं पर पूर्ण विराम लगाया जा सके।

सीएम अखिल भारतीय स्वर्णकार संघ की गोल्ड एपरेसल की कार्यशाला एवं राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में सम्मिलित हुए

सीएम धामी ने प्रदेश के सभी स्वर्णकारो से आग्रह किया है कि वे उत्तराखंड की पारंपरिक आभूषणों को भी वैश्विक मंचों पर भी प्रस्तुत करने का प्रयास करें। मुख्यमंत्री ने कहा है कि आज संपूर्ण विश्व भारतीय कला, संस्कृति और डिज़ाइन की ओर आकर्षित हो रहा है इसलिए हमें चाहिए कि हम अपने पारंपरिक डिज़ाइन को वैश्विक बाजार की मांग के अनुरूप ढालें, जिससे भविष्य में ‘लोकल टू ग्लोबल’ का सपना साकार हो सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्णकारों का यह प्रयास हमारी युवा पीढ़ी को भी अपनी संस्कृति और विरासत से जोड़ने का माध्यम बनेगा, जो आज आधुनिकता की दौड़ में अपने पारंपरिक आभूषणों और लोकशिल्प से विमुख होती जा रही है।

मुख्यमंत्री ने स्वर्णकारों को आश्वस्त किया है कि यदि उनके संगठन के माध्यम से कोई ठोस प्रस्ताव लेकर आते हैं, जो हमारे राज्य में स्वर्णकार समाज के कौशल विकास, पारंपरिक आभूषणों के संरक्षण और उनके वैश्वीकरण को बढ़ावा देने में सहायक हो तो राज्य सरकार उसे पूरा सहयोग प्रदान करेगी। सरकार राज्य में स्वर्णकार बोर्ड बनाने के विषय पर विचार करेगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सन इन पार्क होटल, देहरादून में आयोजित अखिल भारतीय स्वर्णकार संघ की गोल्ड एपरेसल की कार्यशाला एवं राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए।

भारत की गौरवशाली परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने में स्वर्णकारों की महत्वपूर्ण भूमिका

अखिल भारतीय स्वर्णकार संघ की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में देशभर से आए स्वर्णकारो, उद्यमियों, कारीगरों और हस्तशिल्पियों का उत्तराखंड आगमन पर स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि स्वर्णकार केवल आभूषणों का निर्माण नहीं करते, बल्कि भारत की गौरवशाली परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने तथा उसे अगली पीढ़ियों तक पहुंचाने का कार्य भी करते हैं। हमारे इतिहास में स्वर्णकारों ने न केवल आभूषणों के माध्यम से भारतीय नारी की सुंदरता को सजाया है, बल्कि राजाओं- महाराजाओं के समय में मुद्रा निर्माण से लेकर मंदिरों की शिल्पकला तक में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

प्रधानमंत्री के प्रयासों से देश के कारीगरों, शिल्पकारों और स्वदेशी उत्पादों को नई पहचान मिली

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में ‘वोकल फॉर लोकल’, ‘मेक इन इंडिया’, ‘मेड इन इंडिया’ और ‘स्टार्टअप इंडिया’ जैसी पहलों के माध्यम से ’आत्मनिर्भर भारत’ के स्वप्न को साकार करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री जी के अथक प्रयासों के परिणामस्वरूप आज देश के कारीगरों, शिल्पकारों और स्वदेशी उत्पादों को न केवल नई पहचान मिल रही है, बल्कि वैश्विक मंच पर भी उनका गौरव बढ़ रहा है।

भारत बनेगा वैश्विक ज्वेलरी मैन्युफैक्चरिंग और डिजाइनिंग हब

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में भारत को वैश्विक ज्वेलरी मैन्युफैक्चरिंग और डिजाइनिंग का हब बनाने हेतु प्रयासरत हैं। इस दिशा में केंद्र सरकार द्वारा आधारभूत संरचना के विकास, कौशल प्रशिक्षण, निर्यात संवर्धन और गुणवत्ता मानकों को सुनिश्चित करने हेतु बहुआयामी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। प्रधानमंत्री ने पिछले वर्ष मुंबई में ’भारत रत्न मेगा कॉमन फैसिलिटी सेंटर’ की आधारशिला रखी थी, जो देश में जेम्स एंड ज्वैलरी सेक्टर को विश्वस्तरीय तकनीक, अत्याधुनिक डिजाइनिंग सुविधाएं और वैश्विक प्रतिस्पर्धा की क्षमता प्रदान करने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है।

उत्तराखंड में पारंपरिक कारीगरों को आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन एवं सहयोग से हमारी सरकार भी प्रदेश में पारंपरिक कौशल को बढ़ावा देने और हस्तशिल्प से जुड़े समुदायों को सशक्त करने हेतु अनेक योजनाएं चला रही है। हम विभिन्न कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से पारंपरिक कारीगरों को आधुनिक तकनीकों से प्रशिक्षित करने का प्रयास कर रही है।
आर्थिक सहायता योजनाओं के अंतर्गत लघु एवं कुटीर उद्योगों को सस्ती दरों पर ऋण और सब्सिडी की सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने राज्य में अनेक विभिन्न योजनाओं और नीतियों को सफलतापूर्वक लागू किया है, जिससे आज राज्य का समग्र विकास सुनिश्चित हो रहा है। यही कारण है कि हमारा राज्य ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में एचीवर्स और स्टार्टअप रैंकिंग में लीडर्स की श्रेणी में आया है। आज हमारा राज्य युवाओं को रोजगार देने में भी अग्रणी राज्य बनकर उभरा है, हमने एक वर्ष में बेरोजारी दर में 4.4 प्रतिशत की कमी लाकर राष्ट्रीय औसत को भी पीछे छोड़ने का काम किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने राज्य हित में कई ऐतिहासिक निर्णय भी लिए हैं, जिन्हें पूर्व की सरकारों ने अपने राजनीतिक स्वार्थों के चलते ठंडे बस्ते में डाल दिया था। हमने देश में सबसे पहले “समान नागरिक संहिता” को लागू करने का ऐतिहासिक कार्य किया है। साथ ही, हमने प्रदेश में देश का सबसे प्रभावी नकल विरोधी कानून लागू किया है, जिसके परिणाम स्वरूप उत्तराखंड में पिछले 3 वर्ष में लगभग 23 हजार से अधिक युवाओं ने सरकारी नौकरियां पाने में सफलता प्राप्त की है।

ऑपरेशन कालनेमि“ का विस्तार किया जाएगा

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार देवभूमि उत्तराखंड के सांस्कृतिक मूल्यों और डेमोग्राफी को संरक्षित रखने के प्रति भी पूर्ण रूप से संकल्पबद्ध है। इसी संकल्प के साथ, हमने प्रदेश में लैंड जिहाद, लव जिहाद और थूक जिहाद जैसी घृणित मानसिकताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की है, साथ ही, हमने प्रदेश में एक सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून भी लागू किया है।वर्तमान में पूरे प्रदेश भर में चल रहा “ऑपरेशन कालनेमि“ सनातन धर्म को बदनाम करने वाले ढोंगियों का पर्दाफाश कर रहा है। इस ऑपरेशन को आने वाले दिनों में और अधिक विस्तार प्रदान करने की हमारी मंशा है।

कार्यक्रम में विधायक खजान दास, सविता कपूर, बृज भूषण गैरोला, प्रीतम पंवार, उत्तराखंड स्वर्णकार संघ सहित विभिन्न राज्यों के स्वर्णकार संघो सदस्य, बड़ी संख्या में देशभर और राज्य से आए स्वर्णकार, उद्यमी कारीगर और हस्तशिल्पी उपस्थित थे।

विद्यार्थी जीवन की चुनौतियों के समाधान को उच्च शिक्षण संस्थानों को कारगर प्रयास करने होंगेः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक कार्यक्रम में ‘सस्टेनेबल वेलनेस ऑफ स्टूडेंट्सः अ कलेक्टिव रिस्पॉन्सिबिलिटी इन हायर एजुकेशन‘ पुस्तक का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्रों के मनोविज्ञान का ध्यान रखते हुए विद्यार्थी जीवन की चुनौतियों के समाधान की दिशा में विश्वविद्यालयों एवं उच्च शिक्षण संस्थाओं को कारगर प्रयास करना होगा। इस दिशा में पुस्तक के प्रकाशन की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने पुस्तक का हिन्दी संस्करण भी तैयार किए जाने की अपेक्षा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड राज्य में सबसे पहले नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू की गई है। छात्रों को गुणवत्तापरक शिक्षा देने तथा उनके कौशल विकास के साथ ही छात्रों के कल्याण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों को ज्ञान के केन्द्र के साथ ही छात्रों के कल्याण के केन्द्र के रूप में भी विकसित करना होगा।

निदेशक उच्च शिक्षा विभाग उत्तराखंड प्रो. कमल किशोर पांडे, कुमाऊं विश्वविद्यालय की डीएसबी परिसर की गृह विज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. लता पांडे तथा सेंटर फॉर पालिसी रिसर्च नई दिल्ली के निदेशक डा. रामानंद द्वारा संयुक्त रूप संपादित सस्टेनेबल वेलनेस ऑफ स्टूडेंट्सः अ कलेक्टिव रिस्पॉन्सिबिलिटी इन हायर एजुकेशन‘ पुस्तक में उच्च शिक्षा संस्थानों में छात्रों के कल्याण से संबंधित विभिन्न पहलुओं और इससे जुड़े हितधारकों की भूमिका को विस्तार से रेखांकित किया गया है।

इस अवसर पर उपाध्यक्ष उच्च शिक्षा उन्नयन समिति डॉ. देवेंद्र भसीन, डॉ. जयपाल चौहान, भाजपा के प्रदेश महामंत्री आदित्य कोठारी, महानिदेशक यू कॉस्ट प्रो. दुर्गेश पंत, डॉ. के डी पुरोहित मौजूद थे।

साप्ताहिक रूप से पानी की गुणवत्ता प्रत्येक डिस्ट्रीब्यूशन टैंक के पास प्रदर्शित की जाएः सीएस

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में पूंजीगत व्यय, केंद्र सहायतित, वाह्य सहायतित प्रोजेक्ट, नाबार्ड के साथ ही केपीआई और केओआई के सम्बन्ध में बाकी बचे 36 विभागों की समीक्षा की। विगत दिवस मुख्य सचिव ने 12 विभागों की समीक्षा की थी।

मुख्य सचिव ने सभी विभागों को सितंबर माह तक पूंजीगत बजट का 50 प्रतिशत खर्च किया जाने का वर्क प्लान तैयार कर नियोजन को उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी विभागों द्वारा 15 अगस्त तक सभी प्रस्ताव अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराए जाने हेतु भी निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि लक्ष्यों को समय से हासिल करने के लिए लगातार मॉनिटरिंग की जाए, इसके लिए सम्बन्धित सचिव एवं विभागाध्यक्षों द्वारा पाक्षिक एवं साप्ताहिक समीक्षा की जाए।

मुख्य सचिव ने पेयजल की गुणवत्ता जांच और आमजन के लिए प्रदर्शित किए जाने के लिए मैकेनिज्म तैयार किए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि साप्ताहिक रूप से पानी की गुणवत्ता प्रत्येक डिस्ट्रीब्यूशन टैंक के पास प्रदर्शित की जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पेयजल गुणवत्ता की दृष्टि से जीरो आरओ की दिशा में कार्य करना है। उन्होंने सिंचाई विभाग को भी सौंग बांध परियोजना में तेजी लाए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने विभाग को फंड मैनेजमेंट प्लान तैयार किए जाने के भी निर्देश दिए। कहा कि सिंचाई विभाग अपने ‘की आउटकम इंडीकेटर‘ में सिंचाई क्षेत्र में बढ़ोत्तरी और वाटर बॉडी रिचार्ज, चौक डैम से भूजल में बढ़ोत्तरी को शामिल करे।

मुख्य सचिव ने वन विभाग को अगले 15 दिनों में सर्वाईवल नॉर्म्स को संशोधित किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बायो फेंसिंग के लिए मॉडल फेंसिंग साईट विकसित साईट विकसित किए जाने की भी बात कही। कहा कि ‘की आउटकम इंडीकेटर‘ में ईको पार्क से पर्यटकों की संख्या में कितने प्रतिशत बढ़ोत्तरी हुयी। ऐसे ही माउंटेनियरिंग और ट्रेकिंग के लिए भी अलग से केओआई निर्धारित किया जाए। उन्होंने वन विभाग को वन उपज से राजस्व के नए संसाधन जुटाने पर भी फोकस किए जाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने परिवहन विभाग की समीक्षा के दौरान एएनपीआर कैमरों को बढ़ाए जाने और एसपीवी शीर्घ शुरू किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग को एएनपीआर कैमरों से हुए चालान की बिलिंग और संग्रह क्षमता बढ़ाए जाने की आवश्यकता है।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, सचिव शैलेश बगौली, नितेश कुमार झा, सचिव कुर्वे, दिलीप जावलकर, डॉ. वी. षणमुगम, डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, अपर सचिव हिमांशु खुराना, मनमोहन मैनाली सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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नाबार्ड के अंतर्गत पोषित योजनाओं के संबंध में उच्च अधिकार प्राप्त समिति की बैठक

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में नाबार्ड के अंतर्गत ग्रामीण अवसंरचना विकास निधि से पोषित योजनाओं के सम्बन्ध में उच्च अधिकार प्राप्त समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि विभागों को यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट शीघ्र उपलब्ध करायें। उन्होंने कहा कि विभाग फंड्स का आहरण करवा लें, ताकि प्रदेश को कुल फंड्स का आबंटन बढ़ाया जा सके।

मुख्य सचिव ने नाबार्ड के अधिकारियों एवं विभागों को आने वाले वर्षों में नाबार्ड का बजट 1200 करोड़ रूपए तक पहुंचाने की दिशा में कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हम सभी को सोर्स ऑफ फंड तलाशने की आवश्यकता है। कहा कि नाबार्ड और सम्बन्धित विभाग प्रदेश में चेन लिंक फेंसिंग के लिए फंड्स की सम्भावनाएं तलाशें।

मुख्य सचिव ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि अगस्त माह के अंत तक सभी विभाग अपने-अपने प्रस्ताव उपलब्ध करा दें। उन्होंने धीमे चल रहे प्रोजेक्ट्स पर विभागों को लगातार मॉनिटरिंग कर प्रोजेक्ट की गति बढ़ाए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने विभिन्न प्रोजेक्ट्स के डिस्बर्समेंट और रिम्बर्समेंट शीघ्र कराए जाने की बात भी कही। उन्होंने नाबार्ड को उनके पोर्टल की खामियों को भी शीघ्र दूर किए जाने के निर्देश दिए, ताकि विभाग पोर्टल पर अपडेट कर सकें।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, सचिव डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, सी. रविशंकर, अपर सचिव हिमांशु खुराना, मनमोहन मैनाली सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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रिक्त पदों की सूचना 15 अगस्त, 2025 तक उपलब्ध कराई जाएः सीएस

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने समस्त विभागों को निर्देशित किया है कि वे चयन वर्ष 2025-26 के अन्तर्गत पदोन्नति कोटे से भरे जाने वाले रिक्त पदों का आंकलन, दिनांक 01 जुलाई 2025 तक की स्थिति के अनुसार करते हुए, संबंधित सूचना अनिवार्य रूप से दिनांक 15 अगस्त, 2025 तक कार्मिक एवं सतर्कता विभाग को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।

मुख्य सचिव ने कहा कि पदोन्नति की प्रक्रिया को समयबद्ध एवं व्यवस्थित रूप से संपन्न कराने के लिए यह आवश्यक है कि सभी विभाग समय पर आंकलन कर निर्धारित प्रारूप में सूचनाएं भेजें, ताकि विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक नियत समय पर आयोजित की जा सके। मुख्य सचिव ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन पदों पर पात्र कार्मिक उपलब्ध नहीं हैं अथवा अन्य कारणों से पदोन्नति नहीं की जा सकी है, उनके संबंध में उचित कारणों का स्पष्ट उल्लेख किया जाना अनिवार्य होगा।

सीएम ने पीएम मोदी के दूसरे सबसे लंबे कार्यकाल पूर्ण करने पर दी प्रदेशवासियों को बधाई

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भारत के इतिहास में प्रधानमंत्री के रूप में दूसरा सबसे लम्बा कार्यकाल पूर्ण करने पर प्रदेशवासियों की ओर से शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। विश्व में भारत की अलग पहचान स्थापित हो रही है। उनके नेतृत्व में अंत्योदय के सिद्धांत पर समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक विकास की धारा पहुंचाने का काम हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भारत को पुनः विश्व गुरु के रुप में स्थापित करने के लिए निरंतर परिश्रम कर रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री को नए भारत का निर्माता बताते हुए कहा कि भारत हर क्षेत्र में नवाचार के माध्यम से आगे बढ़ रहा है। साइंस एवं टेक्नोलॉजी, इनोवेशन के क्षेत्र में अनेक कार्य हो रहे हैं और कई नये ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं। प्रधानमंत्री ने 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को देश और दुनिया के सामने रखा है। प्रत्येक भारतवासी के लिए सौभाग्य की बात है कि उनका नेतृत्व हम सभी को प्रदान हो रहा है। मुख्यमंत्री ने भगवान बद्री विशाल और बाबा केदार से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वस्थ जीवन और दीर्घायु की कामना की है।

उत्तराखंड के सभी स्कूल भवनों का सुरक्षा ऑडिट होगा, सीएम ने दिए निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में उच्च स्तरीय बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिये कि प्रदेश के सभी स्कूल भवनों का सुरक्षा ऑडिट किया जाए। जर्जर एवं असुरक्षित स्कूल भवनों में बच्चों को किसी भी स्थिति में न बैठाया जाए। बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जहां भी स्कूल भवन मरम्मत योग्य हो, वहां शीघ्र मरम्मत कराया जाए और जहां पुनर्निर्माण की आवश्यकता हो, वहां उसकी कार्य योजना बनाकर तत्परता से क्रियान्वयन किया जाए।

प्रदेश के सभी पुलों का भी सुरक्षा ऑडिट करने के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने दिये हैं। उन्होंने कहा कि जिन पुलों की स्थिति खराब हो रही है, उनका आवश्यकतानुसार मरम्मत और पुनर्निर्माण का कार्य प्राथमिकता पर किया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि पुलों की स्थिति पर नियमित निगरानी रखी जाए और कहीं भी जर्जर पुलों के कारण कोई जनहानि न हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि त्रियुगीनारायण और राज्य के अन्य स्थल जो वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किये जा रहे हैं, उनकी कार्यवाही में तेजी लाई जाय। यह राज्य के पर्यटन और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इन स्थलों के विकास में गुणवत्ता, सुविधा और सांस्कृतिक गरिमा का विशेष ध्यान रखा जाए। साथ ही, अन्य राज्यों की वेडिंग पॉलिसी का अध्ययन भी किया जाए ताकि उत्तराखंड में एक प्रभावी और आकर्षक वेडिंग डेस्टिनेशन नीति विकसित की जा सके।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि राज्य में दो स्पिरिचुअल इकोनॉमिक जोन विकसित किये जाने की दिशा में तेजी से कार्य किये जाएं। उन्होंने कहा कि यह पहल राज्य में धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पर्यटन को सुदृढ़ करने के साथ ही आर्थिक गतिविधियों को भी सशक्त करेगी। संबंधित विभागों को इस दिशा में आपसी समन्वय के साथ ठोस कार्य योजना बनाकर कार्य करने के उन्होंने निर्देश दिए हैं।

बैठक में प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली, विनय शंकर पाण्डेय, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, आईजी के.एस.नगन्याल, अपर सचिव बंशीधर तिवारी मौजूद थे।

मुख्यमंत्री पहुंचे खटीमा, गेस्ट हाउस में सुनी लोगों की समस्याएं, निस्तारण को दिए निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लोक निर्माण विभाग अतिथि गृह खटीमा में क्षेत्र की जनता से मुलाकात की तथा उनकी समस्याएं सुनी। मुख्यमंत्री ने समस्याओं के निस्तारण हेतु सरलीकरण, समाधान, निस्तारण एवं संतुष्टि के आधार पर हल करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार आमजन की परेशानियों को दूर कराने के प्रति गंभीर है और आमजन की समस्याओं का निराकरण करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि जन समस्याओं के समयबद्ध तरीके से निराकरण करने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिये गये हैं। हमारी पूरी कोशिश है कि लोगों को अपने काम के लिये अनावश्यक रूप से परेशान न होना पड़े।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जन समस्याओं का समाधान तेजी से हो इसके लिए जिलाधिकारियों को नियमित रूप से जन समस्याओं को सुनने के निर्देश दिये गये हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे स्वयं जनपदों के भ्रमण के दौरान सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं का लगातार फीडबैक ले रहे हैं। जिलाधिकारियों को जनपदों में जनता दरबार, तहसील दिवस आदि की नियमित बैठकें करने के भी निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश की जनता के हित में काम कर रही है और जनहित में जटिल से जटिल मुद्दों को भी सुलझाया जा रहा है।

इस दौरान मेयर काशीपुर दीपक बाली, रूद्रपुर विकास शर्मा, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, प्रेम सिंह टुरना, दर्जा मंत्री शंकर कोरंगा,राजपाल सिंह, गंभीर सिंह धामी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय जनता उपस्थित थी।

सीएम ने विभिन्न विकास योजनाओं के लिये दी वित्तीय स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड जल संस्थान एवं पेयजल निगम के अनुरक्षणाधीन पम्पिंग पेयजल योजनाओं, नगरीय पेयजल योजनाओं एवं ग्रामीण पेयजल योजनाओं के रख-रखाव हेतु रू0 62 करोड़, जनपद चम्पावत के विकासखण्ड पाटी में मल्टीलेवल पार्किंग तथा बहुउद्देश्यीय भवन निर्माण कार्य हेतु रू0 11.04 करोड़, जनपद अल्मोड़ा के विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत जागेश्वर में चितई पेटशाल भेटाडागी मोटर मार्ग (पेटशाल-बमनस्वाल-सुवाखान) मोटर मार्ग में परिवर्तन करते हुए पुनः निर्माण/सुधारीकरण, डामरीकरण के कार्य हेतु रू0 4.66 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री ने जनपद उधम सिंह नगर के विधानसभा क्षेत्र बाजपुर में चकरपुर घनसारा मार्ग के स्थानीय लेवडा नदी पर स्पान पुल एवं पहुंच मार्ग के निर्माण कार्य हेतु रू0 2.83 करोड़, जनपद रूद्रप्रयाग के विकासखण्ड ऊखीमठ में ओमकारेश्वर मंदिर के समीप कार पार्किंग के निर्माण हेतु रू0 1.16 करोड़, जनपद उत्तरकाशी के जानकीचट्टी के निकट गंगनानी (गरम पानी) में टनल पार्किंग की डी.पी.आर. गठन हेतु रू0 3.18 लाख की धनराशि का अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री ने जनपद उधम सिंह नगर के विधानसभा क्षेत्र बाजपुर में सरदार नगर-बाजपुर-केशोवाला-बन्नाखेडा-बैलपड़ाव-कोटाबाग-कालाढूंगी मोटर मार्ग की लेवडा नदी पर सेतु के निर्माण कार्य का भी अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विभिन्न विद्यालयों के नाम परिवर्तित किये जाने की दी स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के विभिन्न विद्यालयों के नाम परिवर्तित करते हुए राजकीय इण्टर कालेज चिपलघाट, पौड़ी गढ़वाल को शहीद भगत सिंह रावत राजकीय इण्टर कालेज चिपलघाट, पौड़ी गढ़वाल, राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, मैन्द्रथ (चकराता) देहरादून को पं० सैराम राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, मैन्द्रथ, (चकराता) देहरादून, राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, पुण्डेरगांव, पौडी गढ़वाल को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व० कुंवर सिंह रावत राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, पुण्डेरगांव, पौड़ी गढ़वाल तथा अ0उ0रा0इ0का0 डीडीहाट, पिथौरागढ को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व० माधो सिंह जंगपांगी अ0उ0रा0इ0का0 डीडीहाट, पिथौरागढ़ किये जाने की स्वीकृति प्रदान की है।

राज्य में निवेश को बढावा देने को निवेशकों की सुविधाओं और सहूलियतों का पूरा ध्यान रखें: सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में आयोजित उद्योग विभाग की गेमचेंजर योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन्वेस्टर्स समिट में प्राप्त निवेश प्रस्तावों की ग्राउंडिंग की दिशा में और अधिक तेजी से कार्य किया जाय।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य में निवेश को बढावा देने के लिए निवेशकों की सुविधाओं और सहूलियतों का पूरा ध्यान रखा जाय। मुख्यमंत्री ने उच्चाधिकारियों को राज्य में निवेश करने वाले शीर्ष पचास निवेशकों से व्यक्तिगत रूप से नियमित संपर्क बनाए रखने के निर्देश देते हुए कहा कि निवेशकों की सुविधा हेतु निवेश मित्रों की तैनाती की जाय। मुख्यमंत्री ने ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस, उद्यम रजिस्ट्रेशन से लेकर जमीन आवंटन तक की प्रक्रिया की निरंतर मॉनिटरिंग करने तथा सिंगल विंडो सिस्टम को अधिक सरल बनाने के निर्देश भी दिए ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएम स्वरोजगार योजना के तहत लाभार्थियों की संख्या में और अधिक वृद्धि की जाय। राज्य में यह योजना काफी कारगर साबित हो रही है। इस योजना से अभी तक लगभग पैंतीस हजार लोग लाभान्वित हो चुके हैं। राज्य में लाई गई सभी नई नीतियों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के साथ ही अधिकाधिक युवाओं को इन नीतियों से लाभान्वित करने का प्रयास किया जाय। एक्सपोर्ट पॉलिसी के तहत राज्य के उत्पादों को बढावा देने के साथ ही निर्यात से जुड़ लोगों को भी प्रोत्साहन दिया जाय। मुख्यमंत्री ने पर्वतीय जिलों में हैंडलूम, होमस्टे और एग्रो-बेस्ड लघु उद्योगों को प्राथमिकता देने के साथ ही स्टार्टअप पॉलिसी को उद्योग विभाग के साथ जोड़कर यूथ इनक्यूबेशन सेंटर खोले जाने के भी निर्देश दिए।

बैठक में सचिव उद्योग विनय शंकर पाण्डेय ने बताया कि अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रीयल कॉरीडोर के तहत खुरपिया फार्म में 1002 एकड़ क्षेत्रफल में विश्वस्तरीय अवस्थापना सुविधाओं से युक्त इंटीग्रेटेड मैन्यूफैक्चरिंग कलस्टर के निर्माण की महत्वाकांक्षी योजना के क्रियान्वयन के लिए एसपीवी का गठन हो चुका है। 1265 करोड़ रूपये की लागत की इस परियोजना के बन जाने से लगभग 22 हजार लोगों को रोजगार मिल सकेगा। इस परियोजना के लिए केन्द्र सरकार के द्वारा रू. 207 करोड़ की धनराशि अवमुक्त की जा चुकी है। उद्यमिता को बढावा देने के लिए हरिद्वार में 280 यूनिट्स, पंतनगर में 18 यूनिट्स और सेलाकुई में 12 यूनिट्स की क्षमता वाली फ्लैटेड फैक्टरी निर्माण का कार्य प्रगति पर है।

बैठक में अवस्थापना अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष विश्वास डाबर, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, आर.मीनाक्षी सुंदरम एवं उद्योग विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।