जागेश्वर धाम देवभूमि उत्तराखंड की पौराणिक सांस्कृतिक विरासत का प्रतीकः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जागेश्वर मंदिर समिति द्वारा आयोजित श्रावणी मेले 2025 के शुभारंभ अवसर पर वर्चुअल माध्यम से प्रतिभाग करते हुए सभी श्रद्धालुओं एवं आयोजकों को मेले की शुभकामनाएं दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जागेश्वर धाम देवभूमि उत्तराखंड की पौराणिक सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि श्रावणी मेला न केवल एक धार्मिक आयोजन है, बल्कि यह हमारी लोक आस्था, परंपराओं एवं सांस्कृतिक मूल्यों का जीवंत प्रतीक भी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सांस्कृतिक विरासत के पुनरुत्थान का अमृत काल चल रहा है। अयोध्या में श्रीराम मंदिर, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, महाकाल लोक तथा केदारनाथ-बद्रीनाथ धाम के पुनर्निर्माण इसके उत्कृष्ट उदाहरण हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार मानसखंड मंदिर माला मिशन के अंतर्गत कुमाऊं के प्रमुख धार्मिक स्थलों के संरक्षण एवं विकास के लिए प्रतिबद्ध है। जागेश्वर मास्टर प्लान के प्रथम चरण में ₹146 करोड़ की स्वीकृति दी जा चुकी है। दूसरे चरण की विकास परियोजनाएं भी स्वीकृत हो चुकी हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपद अल्मोड़ा में कोसी नदी के किनारे 40 किमी का साइकिल ट्रैक, शीतलाखेत को ईको टूरिज्म, द्वाराहाट और बिनसर को आध्यात्मिक पर्यटन के रूप में विकसित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड को अग्रणी राज्य बनाने के लिए कार्यरत है। नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार उत्तराखंड ने सतत विकास लक्ष्यों में देश में पहला स्थान प्राप्त किया है। राज्य में बेरोजगारी दर राष्ट्रीय औसत से कम हुई है। पिछले चार वर्ष में 24 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा धार्मिक व सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा हेतु सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून, समान नागरिक संहिता और ऑपरेशन कालनेमी जैसे कठोर कदम भी उठाए गए हैं।

कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, विधायक मोहन सिंह मेहरा, उपाध्यक्ष मंदिर प्रबंधन समिति नवीन भट्ट, जिलाधिकारी अल्मोड़ा आलोक कुमार पांडेय, मुख्य विकास अधिकारी रामजी शरण शर्मा मौजूद थे।

विसिल ब्लोअर के इनपुट की प्रतीक्षा न करते हुए प्रोएक्टिव होकर रैंडमली छापेमारी करेंः बर्द्धन

मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में संबंधित अधिकारियों के साथ एंटी ड्रग्स कैंपेन अभियान की समीक्षा बैठक आयोजित हुई।

मुख्य सचिव ने कहा कि राजधानी देहरादून में विभिन्न तकनीकी, मेडिकल और उच्च शिक्षण संस्थानों में नशा मुक्ति अभियान के तहत की जा रही एनफोर्समेंट की कार्रवाई से संतोष व्यक्त नहीं किया जा सकता।

उन्होंने निर्देशित किया कि ऐसे सभी शैक्षणिक संस्थानों तथा उसके सराउंडिंग स्थित रेस्टोरेंट, ढाबों इत्यादि पर रैंडमली छापेमारी करें। ड्रग लेने के वाले व्यक्ति की सैंपलिंग करें और उनका मेडिकल भी करें।

उन्होंने सभी शैक्षणिक संस्थानों को एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत उनकी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने को निर्देशित करने को कहा। साथ ही निर्देशित किया कि जो शैक्षणिक संस्थान एंटी ड्रग कैंपेन में लापरवाही दिखाते हैं उन पर एक्ट के अंतर्गत सख्त वैधानिक कार्रवाई करें।

मुख्य सचिव ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि ड्रग्स से संबंधित विसिल ब्लोअर्स की सूचना पर ही डिपेंड ना रहें बल्कि प्रोएक्टिव होकर औचक छापेमारी करते हुए ड्रग्स पैडलर और यूजर को धर दबोचें।

मुख्य सचिव ने सख्त एनफोर्समेंट की कार्रवाई करने के अतिरिक्त सभी शैक्षणिक संस्थानों में सिविल सोसाइटी के सदस्यों, इस क्षेत्र में सक्रिय छळव्, महिला और युवा मंगल दलों के समन्वय से जागरूकता कैंपेन भी निर्देश दिए।

उन्होंने अवेयरनेस कैंपेन के लिए प्रचार प्रसार हेतु सोशल मीडिया का भी अधिक -से -अधिक उपयोग करने के निर्देश भी दिए।

इस दौरान बैठक में पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर राजेश कुमार, उप महानिरीक्षक निवेदिता कुकरेती, जिलाधिकारी देहरादून सबिन बंसल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून अजय कुमार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ नवनीत सिंह भुल्लर सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
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एमपीएसीएस को ग्रोथ सेंटर और एनआरएलएम से कनेक्ट करेंः मुख्य सचिव

मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित हुई।

मुख्य सचिव ने सहकारिता विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि डच्।ब्ै को ग्रोथ सेंटर और एनआरएलएम से कनेक्ट करें। जिससे लाभार्थियों को अधिक विकल्प मिले। कहा कि लोगों को सहकारिता विभाग से संबंधित सभी प्रकार की योजनाओं और सेवाओं का लाभ एक ही प्लेटफार्म पर मिले इसके लिए कंप्यूटरीकरण और अन्य इंप्रूवमेंट के किया जा रहे कार्यों के टारगेट को शीघ्रता से पूरा करें।

उन्होंने कहा कि संचालित योजनाओं में नवाचार पर विशेष ध्यान दिया जाए। साथ ही एमपीएसीएस को एपीओ के रूप में संयोजित करने हेतु नाबार्ड का सहयोग प्राप्त करें।

उन्होंने 672 बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि ऋण सहकारी समितियों एवं 331 राज्य/जिला सहकारी बैंक की शाखाओं के माध्यम से अल्पकालीन ऋण तथा कृषि एवं इससे जुड़े लाभार्थियों एवं स्वयं सहायता समूह को मध्यकालीन ऋण वितरण में तेजी लाने के निर्देश दिए।

बैठक में विभागीय अधिकारियों ने विभाग में चल रही योजनाओं की भौतिक और वित्तीय प्रगति से अवगत कराया तथा विभाग द्वारा किए जा रहे इन्नोवेटिव प्रयासों की भी जानकारी साझा की।
विभागीय अधिकारियों ने अवगत कराया कि विभाग के अधीन दीन दयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना, राज्य समेकित सहकारी विकास परियोजना, स्टेट मिलेटस मिशन योजना, मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना, मोटर साईकिल टैक्सी इत्यादि योजना संचालित की जा रही है।

दीन दयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना के तहत योजनारम्भ (अक्टूबर 2017) से अब तक कुल 1109389 लाभार्थियों एवं 6190 स्वंय सहायता समूहों को कुल रूपये 6747.64 करोड का ऋण वितरित किया गया है।

इस वर्ष अल्पकालीन 170600 लाख एवं मध्यकालीन ऋण 44500 लाख का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जबकि एमपैक्स के माध्यम से कृषक सदस्यों को उनकी कृषि उत्पादन बढाने हेतु 13513.467 मी0टन रासायनिक/जैविक उर्वरक वितरण का लक्ष्य है। मूल्य समर्थन योजनान्तर्गत गेहूं खरीद के लिये इस वर्ष 266.3 मी0 टन का लक्ष्य है।

राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम के माध्यम से राज्य में संचालित राज्य समेकित सहकारी विकास परियोजना के अन्तर्गत चार क्षेत्रक सहकारिता, मत्स्य, भेड- बकरी पालन एवं डेयरी विकास के अन्तर्गत जनपदवार विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।

स्टेट मिलेट मिशन योजना के अंतर्गत उत्तराखण्ड राज्य सहकारी संघ लि०, देहरादून द्वारा मिलेट्स फसलों की खरीद कर कृषकों को उचित मूल्य प्रदान किया जा रहा है।वित्तीय वर्ष 2024-25 में 239 क्रय केन्द्र के माध्यम से कुल 9499 कृषकों से 31716.877 कुन्तल मंडुवा (रागी) खरीदकर कुल रू0 13.59 करोड़ का भुगतान किया गया है। मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजनान्तर्गत अब तक कुल 60387 मी० टन सायलेज / पशुआहार वितरित कर 52273 लाभार्थियों को लाभान्वित किया गया।

मोटर साईकिल टैक्सी योजना के अंतर्गत सहकारी बैंकों के माध्यम से वाहन क्रय किये जाने हेतु रू० 60 हजार से 01 लाख 25 हजार तक का 02 वर्षों तक ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराये जाने की व्यवस्था है। जिसके तहत योजनारम्भ से कुल 309 लाभार्थियों को कुल रू0 386.04 लाख का ऋण वितरित किया गया है।

इस दौरान बैठक में सचिव वी वी आर सी पुरुषोत्तम, अपर सचिव मेहरबान सिंह बिष्ट सहित संबंधित अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।

गृहमंत्री के आगमन को लेकर सीएस ने की समीक्षा बैठक

मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में आगामी 19 जुलाई को जनपद उधम सिंह नगर में गृह मंत्री के प्रस्तावित भ्रमण कार्यक्रम की तैयारियों के संबंध में समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

मुख्य सचिव ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि गृह मंत्री के आगमन से संबंधित सभी तैयारियों और व्यवस्थाओं को समय से पूरा करना सुनिश्चित करें।

उन्होंने कहा कि सुरक्षा, यातायात और अन्य व्यवस्थाओं को मौसम को ध्यान में रखते हुए संपादित करें तथा उसका वैकल्पिक प्लान भी तैयार रखें।

संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि जिन विकास योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया जाना है उनकी सूची तैयार करें।

इस अवसर पर बैठक में प्रमुख सचिव आर के सुधांशु, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

सीएम ने बताया भ्रष्टाचार मुक्त बनाने में जनता के समर्थन को अभियान की सबसे बड़ी ताकत

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में ‘भ्रष्टाचार मुक्त उत्तराखंड’ के लिए मुख्यमंत्री द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी को भ्रष्टाचार मुक्त उत्तराखंड की शपथ भी दिलाई।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश को भ्रष्टाचार से मुक्त बनाने की दिशा में उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी दी और जनता के समर्थन को इस अभियान की सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि यह अभिनंदन समारोह केवल एक सम्मान नहीं, बल्कि उत्तराखंड को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के सपने को साकार करने का उत्सव है। यह सम्मान उत्तराखंड की सवा करोड़ जनता का है, जो ईमानदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही के मूल्यों के साथ राज्य के विकास की दिशा में अग्रसर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार के विरुद्ध की जा रही कार्रवाई व्यक्तिगत विजय नहीं, बल्कि यह जनता के विश्वास, ईमानदारी की ताकत और युवाओं की उम्मीदों की जीत है। राज्य सरकार ने ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति के तहत पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए तकनीक का व्यापक उपयोग किया है, जिसमें ऑनलाइन ट्रांसफर प्रक्रिया, परीक्षा प्रणाली की निगरानी और जन शिकायत निवारण के लिए सीएम हेल्पलाइन 1905 और भ्रष्टाचार की शिकायतों के लिए 1064 जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में अनियमितता, ट्रांसफर-पोस्टिंग में भ्रष्टाचार और योजनाओं में कमीशनखोरी जैसे मामलों में कठोर कार्रवाई की गई। पिछले तीन वर्षों में भ्रष्टाचार में लिप्त 200 से अधिक लोगों को जेल भेजा गया है। पिछले चार वर्षों में राज्य में 24 हजार से अधिक लोगों को सरकारी नौकरी प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में समान नागरिक संहिता को लागू करने, सख्त नकल विरोधी कानून बनाने, लैंड जिहाद व लव जिहाद के विरुद्ध कार्रवाई तथा धर्मांतरण और दंगारोधी कानूनों के माध्यम से शासन व्यवस्था को मज़बूती प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि इन कदमों ने यह प्रमाणित किया है कि यदि दृढ़ इच्छाशक्ति हो तो किसी भी चुनौती का सामना सफलतापूर्वक किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में छद्म वेशधारियों की मूल पहचान उजागर करने के लिए “ऑपरेशन कालनेमि” चलाया जा रहा है। अब तक 200 से अधिक संदिग्धों को पकड़ा गया है, जिनमें कुछ बांग्लादेशी घुसपैठिए भी शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने जनता से अपील की कि ऐसे तत्वों की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के “ना खाऊँगा, ना खाने दूँगा” के मंत्र को अपनाते हुए राज्य सरकार पारदर्शी, जवाबदेह और जनहितकारी शासन व्यवस्था के निर्माण के लिए संकल्पबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रदेश को भ्रष्टाचार मुक्त, सांस्कृतिक रूप से समृद्ध और देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।

इस अवसर पर विधायक खजान दास, स्वामी चिदानंद सरस्वती, किशन गिरी महाराज, राकेश ओबेरॉय, पंकज गुप्ता एवं विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद थे।

उत्तराखंडः परियोजना के तहत 5.60 लाख चिन्हित परिवारों की आजीविका संवर्द्धन का लक्ष्य

ग्रामोत्थान परियोजना (ग्रामीण उद्यम वेग वृद्धि परियोजना) प्रदेश के 10 हजार निर्धनतम परिवारों की आजीविका को सहारा देने में कारगर साबित हुई है। परियोजना के तहत प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में निवासरत कुल 5.60 लाख जरूरतमंद परिवारों की आजीविका में वृद्धि करने का लक्ष्य रखा गया है।

ग्राम्य विकास विभाग, अंतराष्ट्रीय कृषि विकास निधि की वित्तीय सहायता से इस परियोजना का संचालन कर रहा है। वर्ष 2023 से लागू यह योजना अब प्रदेश के सभी 13 जनपदो के 95 विकासखडों में लागू की जा चुकी है। परियोजना का लक्ष्य कृषि आधारित गतिविधियों में सक्रिय किसानों, उत्पादक समूहों, आजीविका संघों को बैंको के माध्यम से वित्तीय सहयोग प्रदान करते हुए ग्रामीण उद्यमशीलता को बढ़ावा देते हुए, जरूरतमंद परिवारों की आय को दोगुना करना है। इस परियोजना की कुल लागत 2789.27 करोड़ है। जिसमें अल्पआय वाले, 5.60 लाख परिवारों को शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें से अब तक 3.24 लाख से अधिक परिवारों को योजना से जोड़ दिया गया है। परियोजना के तहत अति गरीब 10 हजार परिवारों को विशेष पैकेज के जरिए आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है, अच्छी बात यह है कि शुरुआती दो साल में योजना के तहत लक्ष्य से अधिक 10732 परिवारों को इसका लाभ मिल चुका है।

परियोजना के तहत दुग्ध उत्पदान, बकरी पालन, मुर्गीपालन, रिटेल रिपेयर शॉप आदि गतिविधियों के जरिए, कुल 7341 परिवारों की वार्षिक आय, में डेढ़ लाख रुपए से अधिक तक की वृद्धि हुई है। साथ ही इस परियोजना की विभिन्न गतिविधियों में शामिल 3751 महिलाओं की सालाना आय एक लाख से अधिक पहुंचा जा चुकी है।

सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में पर्याप्त रोजगार के अवसर उपलब्ध हों, इसके लिए ग्रामोत्थान परियोजना संचालित की जा रही है। इसका लक्ष्य सीमित आय वाले परिवारों को उनके कौशल और आस पास मौजूद संसाधनों से जोड़ते हुए, आजीविका के अवसर प्रदान करना है। योजना निर्धनतम परिवारों के लिए वरदान साबित हो रही है।
पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड

सीएम के निर्देश पर राज्य के सेब को मिलने जा रही विशिष्ट पहचान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर जनपद उत्तरकाशी एवं देहरादून के सेब उत्पादक किसानों को उत्तराखण्ड़ के सेब की विशिष्ट पहचान दिलाने तथा सेब की बेहतर पैकेजिंग के लिये कार्टन का वितरण शुरू कर दिया गया है।

कृषकों के सेब उत्पाद को उत्तराखण्ड ब्राण्ड के यूनिवर्सल कार्टन/कोरोगेटेड फाइबर बोर्ड बॉक्स (सी०एफ०बी०) मय एप्पल ट्रे में विक्रय करते हुए उत्तराखण्ड में उत्पादित सेब को विशिष्ट पहचान दिलाने तथा कृषकों को उनके उत्पाद का अधिक मूल्य प्रदान कराने के उद्देश्य से जनपद उत्तरकाशी के कृषकों की 3.85 लाख यूनिवर्सल कार्टन की मांग तथा जनपद देहरादून के कृषकों की 0.75 लाख यूनिवर्सल कार्टन की मांग सूचीबद्ध फर्मों/कम्पनियों को उपलब्ध कराते हुए उद्यान सचल दल केन्द्रों के माध्यम से कृषकों में वितरण का कार्य प्रारम्भ किया गया है।

प्रदेश के कृषकों/सेब उत्पादक अब उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा संचालित राज्य सैक्टर की उत्तर फसल प्रबन्धन योजनान्तर्गत 50 प्रतिशत राजसहायता पर यूनिवर्सल कार्टन प्राप्त कर अपने उत्पाद का अधिक मूल्य प्राप्त करेंगे तथा उत्तराखण्ड के सेब उत्पाद को विशिष्ट पहचान दिलाने में अपना अहम सहयोग प्रदान कर सकेंगे।

उत्तराखण्ड में जैविक कृषि तथा बागवानी की अपार संभावनाएं हैं, राज्य में बागवानी के समुचित विकास के लिये नीति बनाई गई है, सरकार बागवानी को निरंतर बढ़ावा दे रही है। राज्य सरकार द्वारा बागवानी के क्षेत्र में सेब की खेती को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जा रहा है। राज्य में सेब उत्पादन तथा सेब उत्पादक किसानों को सेब के उत्पादन तथा सेब के उचित मूल्य प्राप्त कराये जाने की दिशा में सरकार निरंतर कार्य कर रही है।
पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड़

अब राज्य में सरकारी सेवाओं में चयन का आधार केवल और केवल मेरिट, प्रतिभा व योग्यताः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शनिवार को आई आर डी टी ऑडिटोरियम देहरादून में हिमालयन हेरिटेज सोसाइटी द्वारा आयोजित भगवती सुरकंडा मां दिव्य जागर विमोचन समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने जागर गायक प्रीतम भरतवाण के सुरकंडा देवी पर जागर का विमोचन किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जागरो के माध्यम से हमारे पूर्वजों ने प्रकृति, पर्वत, नदियों और देवशक्तियों के साथ संवाद स्थापित किया। हमारी ये जागर परंपरा वेद मंत्रों जितनी ही गूढ़ है, जिसे केवल गाया ही नहीं जाता बल्कि अनुभव भी किया जाता है। जागर में शब्द नहीं बल्कि शक्ति होती है, प्रत्येक बोल, प्रत्येक ताल और ढोल की थाप में एक आध्यात्मिक शक्ति होती है, जो देवत्व को आमंत्रित करती है। इसलिए इस प्रकार के प्रयासों को प्रोत्साहन देना हम सभी का कर्तव्य है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण हेतु निरंतर प्रयास कर रही है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि मां सुरकंडा देवी, हमारी लोक आस्था, संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा का प्रतीक हैं, उनके इतिहास, महिमा और गौरवशाली कथा को चलचित्रों के माध्यम से जीवंत रूप देने का जो अद्भुत कार्य हमारे प्रदेश के महान लोक गायक पद्म प्रीतम भरतवाण जी ने किया है, वह अनुकरणीय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रीतम भरतवाण का यह प्रयास न केवल मां सुरकंडा की महिमा को जन-जन तक पहुंचाएगा, बल्कि हमारी नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने में भी अहम भूमिका निभाएगा। 52 शक्तिपीठों में से एक मां सुरकंडा देवी का मंदिर लोगों की श्रद्धा और शक्ति का केंद्र है। सदियों से यहां पर लोकगाथाएं गाई जाती रही हैं, जागर गाए जाते रहे हैं। आज, जब इस अमूल्य धरोहर को संगीत, चलचित्र, और सांस्कृतिक शिल्प के माध्यम से संजोया गया है, तो यह प्रयास अत्यंत ही सराहनीय है।

मुख्यमंत्री ने आह्वान किया कि राज्य के लोग हमेशा अपनी जड़ों से जुड़े रहें और उत्तराखंड की लोक पंरपराओं को जन-जन तक पहुंचाने में अपना योगदान सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की संस्कृति, परंपराएं और विरासत हमारी आत्मा का हिस्सा हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज पूरे भारत में ’’विकास भी और विरासत भी’’ के उद्घोष के साथ जहां एक ओर अभूतपूर्व विकास कार्य करवाए जा रहे हैं। उनके मार्गदर्शन एवं सहयोग से हमारी राज्य सरकार भी प्रदेश के विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के लिए भी निरंतर प्रयासरत है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री केदारनाथ धाम एवं श्री बद्रीनाथ धाम में पुनर्निर्माण कार्यों के साथ ही मानसखंड के पौराणिक मंदिरों’ के पुनरुत्थान एवं सौंदर्यीकरण हेतु करोड़ों की लागत से परियोजनाएँ संचालित की जा रही हैं। इसके साथ ही हम हरिद्वार-ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर और शारदा कॉरिडोर के निर्माण पर भी तेजी से कार्य कर रहे हैं। पहले मां सुरकंडा देवी मंदिर जाने के लिए पैदल चलना पड़ता था, लेकिन हमारी सरकार ने ही मंदिर तक रोपवे का संचालन प्रारंभ करवाया।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, जागर गायक प्रीतम भारतवाण सहित बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद रहे।

राष्ट्रीय खेलों के बाद उत्तराखंड में खेलों की नई उड़ान, सीएम धामी ने दिए लिगेसी प्लान पर तेज़ कार्यवाही के निर्देश

उत्तराखंड में आयोजित 38वें राष्ट्रीय खेलों की अभूतपूर्व सफलता के बाद अब राज्य सरकार खेलों को लेकर नई दृष्टि और रणनीति के साथ आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के खिलाड़ियों को निरंतर उच्च स्तरीय प्रशिक्षण और सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए राष्ट्रीय खेलों के दौरान निर्मित और उन्नत किए गए खेल ढांचे का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने हेतु मुख्य सचिव को शीघ्र कार्ययोजना तैयार करने और उस पर तेजी से अमल करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 38वें राष्ट्रीय खेल केवल एक आयोजन नहीं थे, बल्कि यह उत्तराखंड की खेल यात्रा में ऐतिहासिक मोड़ सिद्ध हुए हैं। पहली बार राज्य ने 100 से अधिक पदक जीतकर पदक तालिका में सातवां स्थान प्राप्त किया और अपने प्रदर्शन से पूरे देश का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि “खेलों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता और खिलाड़ियों की मेहनत ने मिलकर यह असाधारण उपलब्धि संभव बनाई है।”

राष्ट्रीय खेलों के आयोजन के लिए तैयार की गई अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं अब राज्य के खिलाड़ियों के लिए प्रशिक्षण केंद्र के रूप में उपयोग होंगी। देहरादून के महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज और हल्द्वानी के इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को आधुनिक सुविधाओं से युक्त किया गया है। इसके साथ ही राज्य के आठ शहरों में 23 खेल अकादमियों की स्थापना की योजना भी लिगेसी प्लान का हिस्सा है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि खेल ढांचे को निष्क्रिय नहीं रहने दिया जाएगा, बल्कि इसका अधिकतम उपयोग किया जाएगा ताकि राज्य के युवा प्रतिभाओं को अपने घर के पास ही उच्च स्तरीय प्रशिक्षण मिल सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2021 में लागू नई खेल नीति के सकारात्मक परिणाम दिखने लगे हैं। इसमें खिलाड़ियों को उनकी उपलब्धियों के अनुसार आकर्षक प्रोत्साहन राशि, सरकारी नौकरी, छात्रवृत्तियां और सम्मान देने का प्रावधान किया गया है। ओलंपिक स्तर के पदक विजेताओं को दो करोड़ रुपये तक की राशि देने की घोषणा से खिलाड़ियों में नया उत्साह आया है।

खेल विश्वविद्यालय का निर्माण – दूरदृष्टि से लिया गया फैसला

हल्द्वानी में बनने वाला खेल विश्वविद्यालय राज्य की खेल संस्कृति को संस्थागत रूप देगा। यह न केवल प्रशिक्षण और रिसर्च का केंद्र बनेगा, बल्कि कोचिंग, खेल विज्ञान, फिजियोथेरेपी, मैनेजमेंट आदि में भी युवाओं को अवसर प्रदान करेगा।
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मुख्यमंत्री धामी ने कहा,
“उत्तराखंड को आज खेल भूमि के रूप में देखा जा रहा है, यह पूरे राज्य के लिए गर्व की बात है। राष्ट्रीय खेलों की सफलता ने एक नई चेतना जागृत की है। सरकार खेल और खिलाड़ियों के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी तन्मयता से जुटी हुई है। मैदानों से लेकर पहाड़ों तक हर जगह खेल प्रतिभाओं के लिए एक नया और उज्जवल भविष्य आकार ले रहा है।”

राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिए निर्देश

केन्द्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं का लोगों को पूरा लाभ मिले, इसके लिए लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं के तहत ऋण देने की प्रक्रियाओं का और सरलीकरण किया जाए। जन समस्याओं का समाधान करना हमारी शीर्ष प्राथमिकता हो। कृषि बीमा योजनाओं में बीमा क्लेम की प्रक्रियाओं के सरलीकरण की दिशा में विशेष ध्यान दिया जाए। जनपदों में ऋण जमा अनुपात बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाए। ये निर्देश मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने सचिवालय में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की विशेष बैठक के दौरान अधिकारियों को दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का ऋण जमा अनुपात बढ़ाने की दिशा में और प्रयास किए जाएं। वित्तीय वर्ष 2024-25 में राज्य का ऋण जमा अनुपात 54 प्रतिशत से बढ़कर 54.26 प्रतिशत हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसे 60 प्रतिशत तक ले जाने के लिए और प्रभावी प्रयास किए जाएं। राज्य के पर्वतीय जनपदों, विशेषकर टिहरी, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा, पौड़ी और बागेश्वर जनपदों में ऋण जमा अनुपात बढ़ाने के लिए विशेष ध्यान दिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लोगों को एक ही स्थान पर एक ही दिन में मिले, इसके लिए अक्टूबर में सभी जनपदों में बड़े स्तर पर कैम्प का आयोजन किया जाए, जिसमें सभी विभाग और बैंकर्स साथ बैठकर जन समस्याओं का समाधान करें और उन्हें विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित करें।

बैठक में जानकारी दी गई कि उत्तराखंड में प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के अंतर्गत प्रति लाख पर 48 हजार व्यक्तियों को बीमा कवरेज प्राप्त हुआ है, जो राष्ट्रीय औसत 40 हजार से अधिक है। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अंतर्गत राज्य में प्रति ऋणकर्ता को औसत ऋण राशि 93,900 रुपये वितरित की गई है, जो राष्ट्रीय औसत 62,686 की तुलना में काफी अधिक है। प्रधानमंत्री जन-धन योजना के अंतर्गत राज्य में अब तक 39 लाख खाते खोले जा चुके हैं, यह आंकड़ा पर्वतीय राज्यों में सबसे अधिक है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में राज्य में अग्रिमों में 10.26 प्रतिशत और जमा में 9.09 प्रतिशत की वृद्धि रही। राज्य सरकार की वीर चंद्र सिंह गढ़वाली योजना एवं मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के अंतर्गत पिछले तीन वर्षों में निरंतर अच्छी प्रगति रही। राज्य के कुल 06 लाख 10 हजार 636 किसानों ने के.सी.सी. सुविधा का लाभ लिया है, जिनमें से 67 प्रतिशत छोटे और सीमांत किसान हैं। राज्य में 70.23 प्रतिशत स्वयं सहायता समूहों का क्रेडिट लिंकेज है। विगत तीन वर्षों में एस.एच.जी. की संख्या में 21 प्रतिशत वृद्धि हुई है।

बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव दिलीप जावलकर, नितेश कुमार झा, राधिका झा, श्रीधर बाबू अदांकी, आरबीआई के रीजनल डायरेक्टर अरविंद कुमार, एसबीआई के मुख्य महाप्रबंधक देवाशीष मिश्रा, अपर सचिव रंजना राजगुरु, हिमांशु खुराना, मनमोहन मैनाली और संबंधित बैंकों के अधिकारी उपस्थित थे।

सीएम ने सूर्य भगवान की मूर्ति के जलाभिषेक को कलश यात्रा का दिखाई हरी झंडी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास देहरादून से कुशीनगर जनपद में भगवान सूर्य की मूर्ति के जलाभिषेक के लिए कलश यात्रा का फ्लैग ऑफ किया।

कुशीनगर में सूर्य की मूर्ति के जलाभिषेक के लिए देश से लगभग 151 पवित्र नदियों का जल एकत्र किया जा रहा है। इसी क्रम में देवभूमि उत्तराखंड की पवित्र नदियों से एकत्रित जल की कलश यात्रा को मुख्यमंत्री ने रवाना किया।

इस दौरान महामंडलेश्वर 1008 डॉक्टर स्वामी संतोषानंद देव महाराज, पूर्वांचल महोत्सव समिति के अध्यक्ष विनय राय और समिति के सदस्य मौजूद रहे।