सीएम ने दिए चारधामों के लिए नियमित चार्टर सेवा शुरु करने के निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नागरिक उड्डयन विभाग की निर्माणाधीन परियोजनाओं में तेजी लाने के साथ ही राज्य में हेली सेवाओं के संचालन में सुरक्षा मानकों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं।

आज सचिवालय में आयोजित नागरिक उड्डयन विभाग की गेमचेंजर योजनाओं की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य में दूरस्थ क्षेत्रों तक आवाजाही को सुगम बनाने के लिए हवाई सेवाओं का नेटवर्क बढ़ाया जाना जरूरी है, इसी के साथ हवाई सेवाओं में सुरक्षा मानकों का भी सख्ती से पालन कराया जाए। मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड में एयरो स्पोर्ट्स को भी बढ़ावा देने के प्रयास किए जाने के साथ ही चारधामों के लिए नियमित चार्टर सेवा शुरु करने के भी निर्देश दिए।

बैठक में सचिव नागरिक उड्डयन श्री सचिन कुर्वे ने बताया कि पायलट प्रशिक्षण के लिए पंतनगर में नया फ्लाइंग ट्रेनिंग स्कूल स्थापित किया जा रहा है। नागरिक उड्डयन क्षेत्र में प्रशिक्षित पायलट की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए यह केन्द्र एक महत्वपूर्ण कदम है। हवाई यातायात को ज्यादा सुरक्षित बनाने के लिए इसरो के साथ मिलकर डिजिटल मैपिंग की क्षमता विकसित की जा रही है। उकाडा के माध्यम से उत्तराखंड एयर कनेक्टिविटी स्कीम के तहत देहरादून- जोशीमठ, जोशीमठ- बद्रीनाथ के बीच शटल सेवा और पिथौरागढ़- धारचूला और पिथौरागढ़- मुनस्यारी के बीच हवाई सेवा शुरु करने की तैयारी की जा रही है। इसी तरह आदि कैलाश क्षेत्र में तीर्थाटन ओर पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए गुंजी से सीधी हेलीकॉप्टर सेवा शुरु करने की योजना है। केदारनाथ हेली सेवा को मजबूत बनाने के लिए, गरुड्चट्टी के पास अतिरिक्त हेलीपैड बनाया जा रहा है।

बैठक में जानकारी दी गई कि पंतनगर और जौलीग्रांट एयरपोर्ट के विस्तार से संबंधित कार्य किए जा रहे हैं। पंतनगर एयरपोर्ट विस्तार कार्य 2027-28 तक पूरा होने की उम्मीद है। इसी तरह वर्ष 2026 तक जौलीग्रांट एयरपोर्ट को इंटरनेशनल मानकों के अनुसार विकसित किया जा रहा है। गुंजी, मुनस्यारी, आदि कैलाश क्षेत्र की आवश्यकताओं एवं पर्यटन विकास की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए पिथौरागढ़ हवाई पट्टी को रीजनल हब सेंटर के रूप में विकसित किया जा रहा है। साथ ही भारतीय सेना के सहयोग से सीमांत क्षेत्रों में नए हेलीपैड भी बनाए जाने की योजना है।

बैठक में अवस्थापना अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष विश्वास डाबर, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, आर.मीनाक्षी सुंदरम, सचिव सचिन कुर्वे, उकाडा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशीष चौहान , अपर सचिव विनीत कुमार, उकाडा के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजय टोलिया एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

सीएम निर्देश, स्वच्छता सर्वेक्षण में अच्छा प्रदर्शन करने वाले निकायों को प्रोत्साहित करें

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में शहरी विकास विभाग की गेम चेंजर योजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि राज्य के सभी नगरीय क्षेत्रों में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाय। स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरूक करते हुए इस काम में जनसहभागिता भी सुनिश्चित की जाय। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वच्छता सर्वेक्षण में अच्छा प्रदर्शन करने वाले नगर निकायों को प्रोत्साहित किया जाय।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता के साथ ही स्ट्रीट लाईट, सीवर लाईन, पार्किंग व्यवस्था, ट्रैफिक प्रबंधन, ई वेस्ट के निस्तारण सहित नागरिक सुविधाओं की समुचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जांय। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को नगर निकायों के राजस्व बढ़ाने के लिए नवाचार को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में नए पार्कों के निर्माण के साथ ही पुराने पार्कों के सौंदर्यीकरण व बेहतर रख-रखाव पर भी विशेष ध्यान दिया जाय। शहरी विकास विभाग के अधीन संचालित 90 प्रतिशत केन्द्रीय सहायता वाली योजनाओं पर प्राथमिकता से कार्य किया जाय।

बैठक में सचिव शहरी विकास नितेश झा ने बताया कि प्रदेश के विभिन्न शहरों में आधुनिक सुविधाओं से युक्त देवभूमि रजत जयंती पार्क विकसित किए जा रहे हैं। इन पार्कों में योग, वॉक और ओपन जिम की सुविधा भी होगी। 9 नवंबर 2026 तक सभी पार्क बनकर तैयार हो जाएंगे। नगर क्षेत्रों में प्रतिवर्ष पचास लाख लीटर वर्षा जल संचय करने की योजना पर कार्य किया जा रहा है। राज्य के सभी 11 नगर निगमों में केन्द्रीयकृत नित्रंण व प्रबंधन प्रणाली के माध्यम से स्ट्रीट लाईट प्रबंधन की व्यवस्था की जा रही है।

बैठक में अवस्थापना अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष विश्वास डाबर, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव श्रीधर बाबू अदांकी, अपर सचिव गौरव कुमार, सी.पी.पी.जी.जी. के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज पंत एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

हाउस ऑफ़ हिमालयाज के उत्पादों की यूनिटी मॉल के माध्यम से विपणन की व्यवस्था सुनिश्चित करें: सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के अम्ब्रेला ब्रांड ‘हाउस ऑफ हिमालयाज‘ का टर्न ओवर वर्ष 2030 तक एक सौ करोड़ रूपए किए जाने का लक्ष्य तय करते हुए इसके उत्पादों की यूनिटी मॉल के माध्यम से भी विपणन की व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने प्रत्येक विकासखंड में एक-एक स्मार्ट गांव विकसित किए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि इन गांवों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराते हुए सभी परिवारों को रोजगार से जोड़ने की दिशा में कार्य किया जाय।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में ग्राम्य विकास विभाग के अंतर्गत संचालित गेमचेंजर योजनाओं-मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना, ग्रोथ सेंटर योजना, हाऊस ऑफ हिमालयाज तथा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस योजना की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने ग्रामीण उद्यमिता को बढावा देने के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश देते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के संसाधन बढाने के साथ ही रिवर्स पलायन करने वाले लोगों को हर संभव प्रोत्साहन दिया जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए ‘डोर स्टेप डिलीवरी सिस्टम‘ को मजबूत किया जाय।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बाजार उपलब्ध कराने के लिये अंब्रेला ब्रांड ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ के उत्पादों के विपणन के लिए ठोस रणनीति बनाकर काम किया जाय। इसके उत्पादों की गुणवत्ता का भी विशेष ध्यान रखा जाय। मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यावसायिक दृष्टिकोण अपनाते हुए ग्रोथ सेंटर्स के उत्पादों को बेहतर बनाने के लिए ठोस प्रयास किए जांय। जिससे स्थानीय लोगों की आजीविका में वृद्धि हो सके। ग्रोथ सेंटर्स को कौशल विकास से जोड़ने के लिए भी काम किया जाय।

मुख्यमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों में महिला उद्यमिता को बढावा देने के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस योजना के तहत आवश्यक कौशल, संसाधन और सहायता प्रदान करने के साथ ही प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और बाजार तक पहुंच सुनिश्चित करने की उपयुक्त व्यवस्था किए जाने के भी निर्देश दिए।

बैठक में सचिव ग्राम्य विकास राधिका झा द्वारा ग्राम विकास विभाग की गेंमचेंजर योजनाओं का प्रस्तुतिकरण दिया गया। उन्होेंने बताया कि राज्य में अभी तक एक लाख पैंसठ हजार महिलाओं को लखपति दीदी बनाया जा चुका है। आगामी तीन सालों में एक लाख और महिलाओं को लखपति दीदी बनाए जाने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के तहत तीन सालों में पन्द्रह हजार ग्रामीण उद्यमों को सहायता प्रदान की जाएगी। हाऊस ऑफ हिमालयाज के अंतर्गत राज्य के 150 से अधिक उत्पादों को जोड़े जाने के लिए चरणबद्ध ढंग से कार्य किए जा रहे हैं।

इस अवसर पर ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी, अवस्थापना अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष विश्वास डाबर, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव श्रीधर बाबू अदांकी, अपर सचिव झरना कमठान, अपर सचिव अनुराधा पाल, सी.पी.पी.जी.जी. के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज पंत एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

डिजिटल उत्तराखंड के एकीकृत प्लेटफॉर्म से तय रोड़मेप पर कार्यवाही करें: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘डिजिटल उत्तराखंड‘ के एकीकृत प्लेटफॉर्म के माध्यम से नागरिक सेवाओं की सरल, सुविधाजनक और पारदर्शी उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए तय रोडमैप के अनुसार प्रभावी व समयबद्ध कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुड गवर्नेंस के लिए राज्य सरकार की इस महत्वपूर्ण गेमचेंजर डिजिटल पहल को सफल बनाने के लिए सभी संबंधित विभाग तत्परता से कार्यवाही सुनिश्चित करें।

गेमचेंजर योजनाओं को लेकर सचिवालय में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री ने डिजिटल उत्तराखंड प्लेटफॉर्म के क्रियान्वयन की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य को डिजिटल युग की मुख्यधारा में लाने की दिशा में इस पहल से शासन प्रणाली को पारदर्शी और प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी और नागरिकों तक संवाद और सेवाओं के वितरण के तरीके में भी क्रांतिकारी बदलाव हो सकेगा। उन्होंने कहा कि इस प्लेटफॉर्म को सुगम, सुविधाजनक और सुरक्षित बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाय।

बैठक में सचिव सूचना प्रोद्यौगिकी नितेश झा ने जानकारी दी कि डिजिटल उत्तराखंड प्लेटफॉर्म को राज्य सरकार की सभी योजनाओं के त्वरित एक्सेस लिंक तथा सेवाओं के लिए डिजीटल एकल एक्सेस प्वांइंट के रूप में विकसित किया जा रहा है। इससे डेटा आधारित प्रशासन और कार्यक्षमता व दक्षता में अपेक्षित सुधार कर नागरिक सेवाओं के वितरण एवं योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

इस अवर पर अवस्थापना अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष विश्वास डाबर, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव श्रीधर बाबू अदांकी, निदेशक आईटीडीए गौरव कुमार, सी.पी.पी.जी.जी. के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज पंत एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

उत्तराखंड की महिलाओं को अपमानित करने का आरोप लगा महिला ने कराया मुकदमा

एक यू-ट्यूब चैनल पर पवन सेमवाल नाम के व्यक्ति द्वारा अपनी फेसबुक आईडी से एक गीत प्रसारित/ प्रचारित किया गया था, जिसमें उसके द्वारा उत्तराखंड में महिलाओं व बेटियों की लज्जा का अनादर का प्रयास करते हुए उनके विरुद्ध अभद्र टिप्पणी की गई। अभियुक्त द्वारा पूर्व में उक्त वीडियो को यूट्यूब चैनल से हटा दिया गया था, परंतु दिनांक 19/07/2025 को उक्त व्यक्ति पवन सेमवाल द्वारा पुन: उसी यूट्यूब चैनल पर अपनी फेसबुक आईडी से उक्त गाने को पुनः प्रचारित/ प्रसारित करते हुए आम जन के बीच उत्तराखंड की महिलाओं के प्रति हीनभावना को फैलाने का प्रयास किया गया, उक्त गीत से आहत होकर एक महिला द्वारा कोतवाली पटेल नगर में उक्त संबंध में दी गई तहरीर के आधार पर पवन सेमवाल के विरुद्ध मु०अ०सं०- 369/25 धारा- 196/353(1)(b)/79 भारतीय न्याय संहिता के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया, जिसमें पुलिस टीम द्वारा अभियुक्त पवन सेमवाल को दिल्ली के कल्याणपुरी थाने में नियमानुसार बुलाकर उससे आवश्यक पूछताछ हेतु देहरादून लाया गया, जहां अभियुक्त से आवश्यक पूछताछ के उपरांत उसे विवेचना के अंतर्गत धारा 35(a) BNSS का नोटिस तामील कराकर थाने से सकुशल रवाना किया गया। अभियुक्त को भविष्य में विवेचना में सहयोग करने के लिए अंतर्गत धारा 35(a) BNSS कानूनी हिदायत दी गई।

उत्तराखंड: ऑपरेशन कालनेमि और धर्मांतरण कानून से पाखंडियों पर प्रहार

उत्तराखंड की पहचान संस्कृति, परंपरा, और आध्यात्मिकता से है। ‘देवभूमि’ कहलाने वाले इस पावन राज्य में हर कण में आस्था है और हर नागरिक के जीवन में शांति, सहिष्णुता और सद्भाव बसता है। लेकिन बीते कुछ वर्षों में कुछ असमाजिक तत्वों और उपद्रवियों ने इसकी मर्यादा को भंग करने में कोई कमी नहीं छोड़ी, जिसे सीएम धामी के धाकड़ प्रहार ने ध्वस्त कर दिया।

उत्तराखंड की सांस्कृतिक अस्मिता और धार्मिक मर्यादा से खिलवाड़ करने वालों पर अब सरकार ने सीधा वार किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में शुरू हुए सख्त अभियानों का असर अब साफ दिख रहा है। असामाजिक तत्वों में कानून का डर और खौफ दोनों है।

पहले प्रदेश में लालच, भय या धोखे से धर्मांतरण की घटनाएं प्रकाश में आती रहती थी लेकिन मुख्यमंत्री बनने के बाद ही सीएम धामी ने ये स्पष्ट कर दिया कि उत्तराखंड की धार्मिक स्वतंत्रता की मर्यादा को किसी भी कीमत पर लांघने नहीं दिया जाएगा। वर्ष 2022 में पारित उत्तराखंड धर्म‑स्वतंत्रता अधिनियम, 2022 के तहत जबरन धर्मांतरण को गैर-जमानती और संज्ञेय अपराध घोषित किया गया। दोषियों को 2 से 10 वर्ष की सज़ा और ₹25,000 से ₹10 लाख तक जुर्माना का प्रावधान किया गया है। हाल ही में छांगुर बाबा गिरोह के पांच सदस्यों के खिलाफ दर्ज मुकदमा भी इसी संकल्प का परिचायक है।

प्रदेश में भगवा चोले और धार्मिक पहचान की आड़ में लोगों को ठगी का शिकार बनने वाले और उनकी आस्था के साथ खिलवाड़ करने वाले तत्वों की तेजी से पहचान हो रही है। मुख्यमंत्री धामी के निर्देश पर चलाया गया “ऑपरेशन कालनेमि” एक ऐसा सशक्त अभियान है, जिसका उद्देश्य उत्तराखंड की शांति, सुरक्षा और संस्कृति की रक्षा करना है।

प्रदेश के 13 जिलों में चलाए जा रहे इस ऑपरेशन के तहत अब तक कुल 2448 लोगों की पहचान की गई, 377 संदिग्धों को चिह्नित किया गया और भगवा चोले की आड़ में पहचान छिपा कर लोगों को ठगने पर 222 अभियुक्तों पर कार्यवाही शुरू कर दी गई है जबकि 140 गिरफ्तारियां सुनिश्चित की गईं।

इस अभियान के तहत संवेदनशील इलाकों में पहचान पत्र, निवास प्रमाण, और दस्तावेजों की भी गहन जांच की जा रही है ताकि कोई ढोंगी बच न पाए।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यह प्रमाणित किया है कि जब नेतृत्व संकल्पित हो, तो अस्मिता पर उठे हर हाथ को रोका जा सकता है।धर्म की रक्षा, अस्मिता की सुरक्षा, और प्रदेश की आत्मा – उत्तराखंडीयत की पहचान बनाए रखना ही धामी सरकार का मूल मंत्र है।

लाइलाज राजू का बिना समय गंवाए डीएम ने भिजवाया निजी बर्न स्पेशिलिस्ट हॉस्पिटल

जिला प्रशासन के सहयोग से हेल्पिंग हेंड चिकित्सालय में असहाय व्यथित राजू का सफल आपरेशन कर लिया तथा राजू पूरी तरह से स्वस्थ है। जिलाधिकारी सविंन बसंल के निर्देश पर जिला प्रशासन की टीम प्रतिदिन राजू का हालचाल जानने चिकित्सालय जाती है तथा जिला प्रशासन की टीम चिकित्सालय के सम्पर्क में है। जिलाधिकारी ने चिकित्सालय प्रबन्धन का राजू के उपचार में सहयोग हेतु अभार व्यक्त किया। जिला प्रशासन तथा हेल्पिंग हेंड चिकित्सालय के सहयोग से राजू के उपचार चल रहा है। जिला प्रशासन राजू के पुनर्वास की भी तैयारी कर रहा है इसके लिए जिलाधिकारी ने सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।

विगत दिवस कलेक्टेट परिसर में असहाय राजू पंहुचा जिसका एक हाथ बुरी तरह से जला हुआ था। राजू ने जिलाधिकारी को अपनी पीड़ा सुनाते हुए बताया कि वह होटल में मजदूरी कराता है तथा चमोली में उसका गर्म पानी से जल गया, दून अस्पताल ने हायर सेंटर को रेफर कर दिया है, उसके पास उपचार के लिए पैसे नही है। जिस पर जिलाधिकारी संविन बसंल ने बर्न स्पेशलिस्ट निजी चिकित्सालय से दूरभाष पर वार्ता करते हुए राजू के उपचार का अनुरोध किया जिस हेल्पिंग हेंड हॉस्पिटल के डॉ कुश ने राजू को तत्काल हास्पिटल भेजने को कहा। जिला प्रशासन ने सारथी वाहन से राजू को चिकित्सालय में भर्ती कराया।

दरअसल असहनीय पीड़ा से छटपटाते हुए अचानक राजू नाम का एक व्यक्ति डीएम दफ्तर पहुंचा। कहा ‘‘साहिब मेरा नाम राजू है। मेरे कोई भी अपना नही है, लावारिस हूॅ। गढ़वाल से आया हूॅ। मेरे हाथ पर गरम पानी गिरने से हाथ जल गया है। इलाज की जरूरत है। बहुत दर्द हो रहा है। अस्पताल में कोई डॉक्टर नहीं सुन रहा, बहुत परेशान हूॅ, हाथ की सर्जरी होनी है। पैसा नही है, मदद करों। अपने रुंधे कंठ से ये कहते कहते राजू की आंखें दर्द के आंसुओं से छलक उठी।

जिलाधिकारी सविन बंसल ने पूरी संवेदना के साथ असहाय, अनाथ राजू की मार्मिक व्यथा सुनी। राजू के अधजले हाथ के असीमित और असहनीय पीड़ा को महसूस किया और बिना वक्त जाया करते राजू के उपचार हेतु फोन पर चिकित्सकों से परामर्श किया। दून अस्पताल ने राजू के हाथ की गंभीर हालत को देखते हुए हायर सेंटर रेफर करने की सलाह दी। जिलाधिकारी ने सहस्रधारा आईटी पार्क स्थित एक निजी अस्पताल में स्पेशलिस्ट चिकित्सक डॉ कुश से वार्ता की और राजू को तत्काल प्रशासन के सारथी वाहन से चिकित्सक के पास पहुंचाया। जहां अब राजू के अधजले हाथ का मुफ्त इलाज हो रहा है।

एक्स पर नंबर-1 पर ट्रेंड हुआ उत्तराखंड निवेश उत्सव

प्रदेश में ₹01 लाख करोड़ रुपये की ग्राउंडिंग पूरी होने पर रुद्रपुर, ऊधम सिंह नगर में उत्तराखंड निवेश उत्सव मनाया गया तो सोशल मीडिया पर इसकी धूम मच उठी। सोशल मीडिया साइट X (पूर्व में ट्विटर) पर #UttarakhandNiveshUtsav दिनभर देशभर में नंबर-1 पर ट्रेंड करता रहा।

आम नागरिकों के साथ ही देश के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े उद्यमियों और निवेशकों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और प्रदेशवासियों को इस उपलब्धि पर बधाई दी।

कई सोशल मीडिया यूज़र्स ने सीएम धामी को “कुशल प्रशासक” बताते हुए लिखा कि उत्तराखंड में इतने बड़े पैमाने पर निवेश की ग्राउंडिंग संभव हो सकी है, तो इसका श्रेय उनके निर्णायक नेतृत्व, पारदर्शी कार्यशैली और विकास के प्रति प्रतिबद्ध दृष्टिकोण को जाता है। कई प्रतिक्रियाओं में यह भी कहा गया कि मुख्यमंत्री धामी के विजन के चलते ही आज उत्तराखंड निवेश, नवाचार और नौकरियों का केंद्र बनता जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2023 में देहरादून में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) के दौरान ₹3 लाख करोड़ से अधिक के निवेश करार किए गए थे। उस समय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने व्यक्तिगत रूप से देश और विदेश के निवेशकों से संवाद किया, रोड शो किए और उत्तराखंड को निवेश के अनुकूल राज्य के रूप में प्रस्तुत किया। उन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि आज ₹1 लाख करोड़ से अधिक का निवेश धरातल पर उतर चुका है।

इस निवेश से प्रदेश में 81,000 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की संभावना है। यह पहली बार है जब प्रदेश में किए गए निवेश करारों का 33% से अधिक हिस्सा धरातल पर उतरने में सफल हुआ है। इससे उत्तराखंड देश के निवेश मानचित्र पर एक भरोसेमंद और सक्रिय राज्य के रूप में उभरा है।

सीएस की अध्यक्षता में हुई सिंचाई विभाग के जलाशयों में जमा सिल्ट को निकाले जाने के संबंध में बैठक

मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में सिंचाई विभाग के जलाशयों में जमा सिल्ट को निकाले जाने के संबंध में संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित हुई।

मुख्य सचिव ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन जलाशयों में अधिक मात्रा में सिल्ट जमा हो चुका है तथा जिससे उसकी धारण क्षमता में अत्यधिक कमी आई है उनके सिल्ट को निकालने के लिए प्रस्ताव तैयार कर शासन को प्रस्तुत करें। जिससे जलाशयों की धारण क्षमता में वृद्धि हो जाए तथा उसके डाउनस्ट्रीम में किसी भी तरह के जलभराव की आशंका न रहे।

उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि सिल्ट निकालने के लिए फॉरेस्ट रिजर्व क्षेत्र के मानक का पालन करते हुए प्रस्ताव तैयार करें तथा इसके लिए राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान, रुड़की जैसे संस्थान से स्टडी करवाना भी सुनिश्चित करें। ताकि सिल्ट निकालने की प्रक्रिया वैज्ञानिक तरीके से संपन्न की जा सके।

बैठक में सचिव युगल किशोर पंत, चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन रंजन कुमार मिश्रा, सिंचाई विभाग से सुभाष चंद्र पांडेय, मुख्य महाप्रबंधक जल संस्थान डी. के. सिंह सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

विभिन्न प्रजाति के पौधे रोपकर मनाया हरेला पर्व

श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज में हरेला पर्व के अवसर पर विद्यालय परिसर में वृक्षारोपण किया गया। जिसमें विद्यालय के एनसीसी, एनएसएस, स्काउट गाइड एवं विद्यालय परिवार द्वारा कई छायादार, फलदार पौधे रोपे गए।

विद्यालय के प्रधानाचार्य यमुना प्रसाद त्रिपाठी ने सभी कैडेटों को हरेला पर्व का महत्व बताते हुए कहा कि हरेला देवभूमि का लोक पर्व है। यह देवियों की पूजा से जुड़ा हुआ है। जिसमें जुलाई अगस्त माह में नो दिन पहले हरियाली बोई जाती है दसवें दिन इसे पूजा अर्चना के बाद काटा जाता है कन्याओं का पूजन ओर फिर प्रसाद बांटा जाता था यह लोक पर्व है।

यह पर्यावरण रक्षण संरक्षण संवर्धन से जोड़ते हुए उत्तराखंड सरकार ने इसे त्योहार के रूप में अपनाया हे संपूर्ण उत्तराखंड में इस दिवस पर हजारों वृक्ष लगाए जाते हैं जो वर्तमान में अत्यधिक विस्तार से बढ़ता जा रहा है।

इस अवसर पर लेफ्टिनेंट लखविंदर सिंह, एनसीसी अधिकारी विकास नेगी, जितेंद्र विष्ट, संजीव कुमार, हरि सिंह, रमेश बुटोला, शालिनी कपूर, सुमित्रा महर, विनीता गवाड़ी, पूजा, आदि उपस्थित थे।