विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में निर्माण के लिए सीएम ने दी वित्तीय स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभिन्न विकास कार्यों हेतु वित्तीय एवं प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। मुख्यमंत्री ने सीआरआईएफ (केन्द्रीय सड़क अवसंरचना निधि) के अन्तर्गत जनपद हरिद्वार के बहादराबाद-धनौरी-इमलीखेड़ा भगवानपुर-गागलहेड़ी राज्य मार्ग-68 तथा पुहाना इकबालपुर-झबरेड़ा-गुरुकुल नारसन राज्य मार्ग-28 पर रोड फर्नीचर, रोड मार्किंग तथा अन्य विविध कार्यों हेतु 260.35 लाख की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।
मुख्यमंत्री ने विधानसभा क्षेत्र लोहाघाट के अन्तर्गत विभिन्न 2 निर्माण कार्यों हेतु 389.83 लाख रूपये, टीएसपी के अन्तर्गत विधानसभा क्षेत्र सितारगंज में बिज्टी मार्ग होते हुये ग्राम करघाटा में कलासेन के घर एवं रसोईपुर मार्ग से बिज़्टी लिंक मार्ग का नव निर्माण हेतु 114.77 लाख रूपये, विधानसभा क्षेत्र रूद्रप्रयाग के अन्तर्गत विभिन्न 2 निर्माण कार्यों हेतु 100.35 लाख रूपये, विधानसभा क्षेत्र बीएचईएल के अन्तर्गत विभिन्न 7 निर्माण कार्यों हेतु 383.60 लाख रूपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कोविड-19 के कारण चारधाम यात्रा एवं पर्यटन गतिविधियों पर प्रतिकूल प्रभाव के दृष्टिगत वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली एवं दीनदयाल उपाध्याय होम स्टे योजना हेतु ऋण पर 6 माह के ब्याज की प्रतिपूर्ति हेतु प्रथम चरण में राहत कोष से 2 करोड़ रूपये की स्वीकृति तथा मुख्यमंत्री घोषणा के क्रम में कोविड-19 उपचार में तैनात कुल 1559 चिकित्सकों को प्रति चिकित्सक के लिए 10 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि हेतु 1,55,90,000 रूपये की धनराशि की स्वीकृति प्रदान की है।
मुख्यमंत्री ने चीनी मिल सितारगंज में आउटसोर्स एजेन्सी के माध्यम से पेराई सत्र 2021-22 में संचालन कराये जाने हेतु 19.27 करोड़ रूपये की भी वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।

सीएम ने किसानों से कहा-हर वर्ग की चिंता कर रही सरकार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में विधायक हरभजन सिंह चीमा के नेतृत्व में बाजपुर के किसानों के प्रतिनिधिमण्डल ने भेंट की। उन्होंने किसानों के हित में किये जा रहे प्रयासों के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जन समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए सरकार नो पेंडेंसी के आधार पर कार्य कर रही है। किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए राज्य सरकार द्वारा प्रभावी प्रयास किये जा रहे हैं। सरकार जनता के साथ साझीदार के रूप में कार्य कर रही है। जन सुविधा के लिए कार्यों के सरलीकरण, समाधान और निस्तारण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अधिकारियों को प्रत्येक कार्य दिवस में 10 से 12 बजे तक जन समस्याओं को सुनकर उनका समाधान करने के निर्देश दिये गये हैं। सभी जनपदों में तहसील दिवसों का आयोजन किया जा रहा है। जितनी भी घोषणाएं की जा रही हैं, सभी पूरी की जायेंगी। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री बिशन सिंह चुफाल एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

धामी ने नाकाम किए विपक्ष के सभी वार, जनहित और विकास से जुड़े कई फैसले लिये

उत्तराखण्ड विधानसभा का पांच दिवसीय मानसून सत्र मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के लिए धमाकेदार रहा। शुरुआत से अन्त तक मुख्यमंत्री ने जमकर बैटिंग की। उन्होंने न सिर्फ विपक्ष के हर वार को नाकाम किया बल्कि ऑन स्पॉट कई लोकप्रिय फैसले किए। 6 भविष्य के तय रोड मैप को धरातल पर उतारने के लिए 5762 करोड़ का अनुपूरक बजट भी पारित करवाया। खासी तवज्जो मिलने से विपक्ष भी मुख्यमंत्री का मुरीद हो गया। पांच दिन के सत्र में कई बार ऐसे मौके भी आए कि विपक्ष के विधायकों ने सीएम धामी की दिल खोलकर सराहना की।
विधानसभा का पांच दिवसीय सत्र मुख्यमंत्री धामी का बतौर मुख्यमंत्री पहला सत्र था। चूंकि 18 मार्च 2022 से पहले राज्य में नई सरकार का गठन होना है, लिहाजा यह मौजूदा सरकार का अंतिम सत्र भी माना जा रहा है। ऐसे में मुख्यमंत्री धामी पर सत्र के दौरान अपनी परफॉर्मेंस को लेकर काफी दवाब था, लेकिन उन्होंने दृढ़ इच्छाशक्ति और कार्य संस्कृति के बूते इस चुनौती को अवसर में बदल दिया। सदन में धामी ने ग्रेड पे के मामले में पुलिस कर्मियों को वचन दिया कि उनके साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। एक झटके में उन्होंने नंदा गौरा कन्याधन योजना की राशि पाने से वंचित तकरीबन 33 हजार कन्याओं के लिए 50 करोड़ की राशि देने का ऐलान कर दिया। केंद्र की तर्ज पर उन्होंने राज्य के लगभग तीन लाख राज्य कर्मियों व पेंशनर्स का 11 फीसदी डीए बढ़ाने में कोई लागदृलपेट नहीं की। राज्य की वित्तीय स्थिति से जुड़े ये निर्णय मुख्यमंत्री धामी की त्वरित निर्णायक क्षमता को प्रदर्शित करते हैं। इतना ही नहीं बिजली उपभोक्ताओं को बिल का एकमुश्त लंबित भुगतान करने पर फिक्स्ड और विलम्ब शुल्क की छूट दे दी। सत्र के दौरान सदन में पर्याप्त मौजूदगी के साथ ही शासन स्तर की बैठकों पर भी उनका फोकस रहा।
सदन के बाहर और भीतर विपक्ष की बातों को भी उन्होंने पूरा सम्मान दिया। अपने मांगों को मानने के लिए पोस्टर और नारे का सहारा लेने वाले विपक्ष के विधायकों को दुलारते हुए उनकी मांगों के निस्तारण का गंभीर प्रयास किया। अधिकारियों को बुलाकर उनकी मांगों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश भी दिए। संभवतया उत्तराखण्ड में किसी मुख्यमंत्री ने इस तरह की पहल पहली बार की है। भले ही धामी पहली बार मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं लेकिन सत्र के दौरान उनमें कहीं भी आत्मविश्वास और अनुभव की कमी नजर नहीं आई।

नई शिक्षा नीति से हमारी युवा पीढ़ी के जीवन में क्रांतिकारी परिवर्तन आएगाः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि नई शिक्षा नीति हमारी एजुकेशन सिस्टम को भारतीय संस्कृति के साथ आधुनिक ज्ञान-विज्ञान से जोड़ेगी। इससे हमारी युवा पीढ़ी और छात्र छात्राओं के जीवन में क्रांतिकारी परिवर्तन आएगा। मुख्यमंत्री ने नई शिक्षा नीति के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री, डिजीटल एजुकेशन के वर्चुअल समिट में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड से हमारे एजुकेशन सिस्टम में काफी परिवर्तन आया है। शिक्षा में आईटी का प्रयोग बढ़ा है। राज्य सरकार ने भी डिजिटल एजुकेशन में महत्वपूर्ण पहल की हैं। प्रदेश के राजकीय विद्यालयों के 10वीं और 12वीं के छात्र छात्राओं को प्री-लोडेड कन्टेन्ट के साथ मोबाईल टैबलेट उपलब्ध कराए जाएंगे। क्वालिटी एजुकेशन के लिए निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। डिग्री कालेजों में हाई फाई इंटरनेट उपलब्ध कराया जा रहा है। संघ लोक सेवा आयोग, एनडीए, सीडीएस एवं उसके समकक्ष प्रारम्भिक परीक्षा पास करने पर मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार की तैयारी के लिए परिवार की आर्थिक स्थिति के आधार पर 50 हजार रूपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। प्रधानमंत्री के विजन को साकार रूप देने के लिए शिक्षा में आईटी के उपयोग को बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।

डिजिटल एजुकेशन के वर्चुअल समिट में तेलंगाना के आयुक्त तकनीकी शिक्षा नवीन मित्तल, सीबीएसई के निदेशक विश्वजीत साहा, एनसीईआरटी के सचिव मेजर हर्ष कुमार, एपीजे एजुकेशन के आदित्य बेरलिआ, सीएससी एसपीवी के ऋषिकेश सहित शिक्षा जगत से जुड़े अन्य महानुभाव उपस्थित थे।

शहर की मलिन बस्तियों से अतिक्रमण न हटाये जाने के निर्णय पर विधायकों ने जताया सीएम का आभार

देहरादून की मलिन बस्तियों से वर्ष 2024 तक अतिक्रमण न हटाये जाने के निर्णय की विधायकों ने राज्य सरकार द्वारा गरीबो के हित में लिया गया सराहनीय निर्णय बताया है। इस सम्बन्ध में देहरादून के विधायकों ने रविवार को मुख्यमंत्री आवास में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भेंट कर उनका आभार व्यक्त किया। विधायकों ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा गरीबों के हित में लिये गये इस निर्णय से हजारों गरीबों को राहत मिली है। उन्होंने जनहित में लिये जा रहे त्वरित निर्णय के लिये भी मुख्यमंत्री के प्रयासों को सराहा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा गरीबों के हित में यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि गरीबों के कल्याण के लिये प्रधानमंत्री आवास योजना वरदान साबित हो रही है, इससे जरूरत मंद लोगो का अपने आवास का सपना पूरा हो रहा है। प्रदेश में अधिक से अधिक लोगों को आवास उपलब्ध हो इसके लिये प्रभावी प्रयास किये जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा विश्वास जन समस्याओं के समाधान के प्रति है। सभी क्षेत्रों का विकास हमरा ध्येय है, राज्य सरकार गरीबों व असहायों के हित में खड़ी रहेगी। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य समस्याओं को उलझाने में नही बल्कि सुलझाने में है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री वंशीधर भगत, गणेश जोशी, विधायक हरवंश कपूर, खजान दास, विनोद चमोली, उमेश शर्मा काऊ के साथ मेयर देहरादून सुनील उनियाल गामा भी उपस्थित थे।

ग्राफिक एरा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस में सीएम ने किया स्पूतनिक-वी वैक्सीन का शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सेलाकुई रोड स्थित ग्राफिक एरा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस धूलकोट माफी में स्पूतनिक-वी वैक्सीन का शुभारंभ किया। उत्तराखंड में इसके साथ ही स्पूतनिक वैक्सीन का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी, विधायक सहदेव सिंह पुंडीर भी उपस्थित थे।

टीकाकरण कार्यक्रम शुरू होने से पूर्व उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के निधन पर 02 मिनट का मौन रखा गया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य में कोविड टीकाकरण तेजी से चल रहा है। इस वर्ष दिसंबर माह तक राज्य में शत प्रतिशत टीकाकरण किया जाएगा। टीकाकरण के लिए केंद्र सरकार से राज्य को पूरा सहयोग मिल रहा है। इस माह अभी तक केंद्रीय सरकार से राज्य को 17 लाख वैक्सीन मिल चुकी हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में व्यापक स्तर पर टीकाकरण के लिए प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों तक टीकाकरण कैम्प लगाए गए हैं। कोविड की संभावित तीसरी लहर के लिए भी राज्य सरकार की पूरी तैयारी है। राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं को और मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि टीकाकरण अभियान में लगातार तेजी लाई जा रही है। बागेश्वर जनपद कोविड वैक्सीन की शत प्रतिशत डोज लगाने वाला पहला जनपद एवं शत प्रतिशत कोविड वैक्सीन की पहली डोज लगाने वाला पहला विकासखंड खिर्सू है। आज स्पूतनिक वैक्सीन के शुभारम्भ पर टीकाकरण स्थल पर 100 लोगों का टीकाकरण किया गया।

धामी सरकार की बड़ी पहल-207 प्रकार की पैथोलॉजिकल जांचे अब निःशुल्क

उत्तराखण्ड में स्वास्थ्य सेवाओं के विकास एवं विस्तार के लिये एक नयी योजना अस्तित्व में आ गयी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत की उपस्थिति में निःशुल्क पैथोलॉजी जांच योजना का शुभारम्भ करते हुए इसे राज्य की जनता को समर्पित किया। देहरादून के जिला चिकित्सालय (कोरोनेशन) अस्पताल) में आयोजित शुभारम्भ कार्यक्रम की अध्यक्षता राजपुर विधायक खजान दास द्वारा की गयी।

निशुल्क जांच योजना से आमजन को मिलेगा लाभः मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस निःशुल्क जांच योजना का लाभ समाज के अन्तिम छोर पर खड़े लोगों तक पहुंचेगा। अभी तक धन के अभाव में जो लोग अपनी जांच नहीं करा पाते थे, अब उन्हें कोई परेशानी नहीं होगी। राज्य सरकार का प्रयास है कि जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचे।

दिसम्बर तक शत प्रतिशत कोविड वैक्सीनेशन
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं की मजबूती पर राज्य सरकार का विशेष ध्यान है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में तेजी से सुधार हुआ है। राज्य में 72 प्रतिशत लोगों को कोविड वैक्सीन की पहली डोज लग चुकी है, जबकि 23 प्रतिशत लोगों को दूसरी डोज लग चुकी है। दिसम्बर तक राज्य में शत प्रतिशत कोविड टीकाकरण किया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में पिछले सात सालों में केन्द्र सरकार से उत्तराखण्ड को हर क्षेत्र में मदद मिली है। सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास का प्रधानमंत्री का एजेण्डा रहा है। इस माह केन्द्र से राज्य को काविड की 17 लाख वैक्सीन मिली। अगले माह से और अधिक वैक्सीन केन्द्र से मिलेंगी।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य में निःशुल्क जांच योजना की अच्छी शुरूआत हुई। इस योजना का लाभ सभी को मिलेगा। इस योजना के प्रसार के लिए हर जिले में बड़े आयोजन किये जायेंगे। अटल उत्तराखण्ड आयुष्मान योजना के तहत सभी परिवारों को 5 लाख रूपये तक का निःशुल्क उपचार दिया जा रहा है। इसस योजना के तहत अभी तक 3 लाख 17 हजार से अधिक लोगों का मुफ्त ईलाज हो चुका है।

मरीजों को जांच संबंधित सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध रहेंगी
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के सहयोग से राज्य के प्रमुख जिला, उप जिला चिकित्सालयों तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र स्तर पर चरणबद्ध तरीके से निःशुल्क जांच योजना आज से लागू हो गयी है। इस योजना के लागू होने से मरीजों को उपचार के दौरान डायग्नोस्टिक एवं जांच संबंधित सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध होगी। यह योजना पूरे वर्ष भर कार्यशील रहेगी, ताकि आईपीडी, ओपीडी एवं इमरजेन्सी में आने वाले मरीजों को पैथोलॉजी जांच के लिए किसी प्रकार की असुविधा उत्पन्न न हो।

पहले चरण में 6 जिलों की 38 और दूसरे चरण में शेष जिलों की 32 चिकित्सा इकाइयों पर चरणबद्ध तरीके से लागू की जा रही योजना
योजना के प्रथम चरण में निःशुल्क जांच की सुविधा राज्य के 6 जनपदों क्रमशः अल्मोड़ा, टिहरी, देहरादून, नैनीताल, हरिद्वार एवं ऊधमसिंहनगर में स्थित 38 जिला उप जिला चिकित्सालय तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर चरणबद्ध तरीके से लागू की जा रही है। द्वितीय चरण में राज्य के शेष जनपदों के 32 चिकित्सा इकाईयों पर यह सुविधा चरणबद्ध तरीके से लागू होगीं।

योजना में 207 प्रकार की पैथोलॉजिकल जांचें शामिल
योजना का क्रियान्वयन राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा लोक निजी सहभागिता के अनुसार होगा। निःशुल्क जांच योजना के अन्तर्गत 207 प्रकार की पैथोलॉजिकल जांच को सम्मिलित किया गया है, जिसके लागू होने से सरकारी अस्पतालों में पैथोलॉजी सुविधाओं का सुदृढीकरण होगा।

स्टैंडर्ड डायग्नोस्टिक प्रोटोकॉल का पालन किया जाएगा सुनिश्चित
सेवा प्रदाता के साथ किए गए अनुबंध के अनुसार लैब, प्रयोगशाला हब मॉडल के अनुसार कार्य करेगी, जिसे कलेक्शन सेंटर एंड टेस्टिंग सेंटर या स्पोक कलेक्शन सेंटर मॉडल अनुरूप क्रियान्वित किया जायेगा। लैब द्वारा की जाने वाली समस्त जांचों एवं वहां पर कार्य करने वाले तकनीशियन, पैथोलॉजिस्ट एवं अन्य मानव संसाधन के संबंध में एनएबीएल गाईडलाईन,, एसओपी का अनुपालन करना आवश्यक किया गया है।
पैथोलॉजी सैम्पल जांच रिपोर्ट के संबंध में आन्तरिक एवं बाह्य गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सेवा प्रदाता द्वारा स्टैंडर्ड डायग्नोस्टिक प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित किया जायेगा। इसके अतिरिक्त यह लैब समुदाय हेतु प्राइमरी डायग्नोस्टिक टेस्ट की उपलब्धता भी सुनिश्चित करेगी।
वित्तीय वर्ष 2021-22 के अन्तर्गत राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा इस योजना को संचालित करने के लिए रू० 5 करोड़ का बजट प्राविधान किया गया है। मिशन द्वारा अनुबंधित फर्म के स्तर से लगभग 500 मानव संसाधन का रोजगार सृजन होगा, जिन्हें सेवा प्रदाता की ओर से नियुक्त किया जा रहा है। इस योजना के लागू होने से उपचार के दौरान मरीजों के अतिरिक्त जेब खर्च में कटौती होगी और जन सामान्य को स्वास्थ्य उपचार लेने में सहायता होगी।
योजना के शुभारम्भ अवसर पर सचिव अमित नेगी, स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. तृप्ति बहुगुणा, निदेशक एनएचएम डॉ० सरोज नैथानी, जिला चिकित्सालय की प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. शिखा जंगपांगी, चन्दन हैल्थ केयर के डायरेक्टर अमित श्रीवास्तव, एनएचएम तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारीगण एवं जिला चिकित्सा के समस्त चिकित्सक एवं अन्य स्टॉफ उपस्थित हुए।

जनसंख्या नियंत्रण और भूकानून पर कमेटी का गठन-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 75 वें स्वतंत्रता दिवस पर पुलिस लाईन में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में ध्वजारोहण किया। मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता सेनानियों, सैन्य और अर्धसैन्य बलों के जवानों को नमन करते हुए उत्तराखण्ड राज्य निर्माण के सभी अमर शहीदों और आंदोलनकारियों को भी श्रद्धापूर्वक नमन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हम जिस खुली हवा में सांस ले रहे हैं, वह महान स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग एवं बलिदान का प्रतिफल है। इसी त्याग एवं बलिदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और देश को एक नये संकल्प के साथ आगे बढ़ाने के उद्देश्य से माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वतंत्रता के अमृत महोत्सव का आह्वान किया है। हम सभी 130 करोड़ भारतवासियों को अपना हाथ बढ़ाना होगा, तभी स्वतंत्रता के अमृत महोत्सव का उद्देश्य पूर्ण होगा।

सुंदर लाल बहुगुणा प्रकृति संरक्षण पुरस्कार
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने उद्बोधन में अनेक महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने कहा कि विश्व प्रसिद्ध पर्यावरणविद स्वर्गीय सुंदर लाल बहुगुणा जी का प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उनकी स्मृति में हम 2 लाख रूपए राशि का ‘‘सुंदर लाल बहुगुणा प्रकृति संरक्षण पुरस्कार’’ प्रारम्भ करने जा रहे हैं।

राज्य भाषा एवं संस्कृति अकादमी की स्थापना
राज्य की स्थानीय संस्कृति और भाषाओं के अध्ययन एवं शोध के लिए राज्य भाषा एवं संस्कृति अकादमी की स्थापना की जाएगी।

प्रदेश के राजकीय स्कूलों के कक्षा 10 और 12 के छात्र-छात्राओं को निशुल्क मोबाईल टैबलेट
ऑन लाईन पढ़ाई को और सुगम बनाने के लिए राज्य के राजकीय स्कूलों के कक्षा 10 और 12 के छात्र-छात्राओं को निशुल्क मोबाईल टैबलेट प्रदान करेंगे। इन मोबाईल टैबों में सभी शिक्षण सामग्री पहले से लोड रहेंगी। यही नही कोरोना की तीसरी लहर से अपने बच्चों को बचाने के लिये हमने यह निर्णय लिया है कि हम बच्चों की इम्यूनिटी बढ़ाने वाले खाद्य सामग्री का वितरण करेंगे।

बड़े शहरों में ट्रैफिक समस्या के निस्तारण के लिए आउटर रिंग रोड़
मुख्यमंत्री ने कहा कि हल्द्वानी, देहरादून, हरिद्वार, रुद्रपुर शहरों की ट्रैफिक समस्या के निराकरण के लिए आउटर रिंग रोड का निर्माण कराया जाएगा। स्पोर्ट्स कॉलेज, रायपुर को अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्पोर्ट्स विश्वविद्यालय बनाने का प्रयास किया जाएगा। प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना में राज्य के नगरीय क्षेत्रों में बेघर लोगों के लगभग 25 हजार घर बनाएंगे।

पर्वतीय क्षेत्रों में वेरिफिकेशन ड्राइव
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश मे पलायन और भूमि की अनाधिकृत खरीद-फरोख्त के सम्बन्ध में जनता द्वारा चिंता प्रकट की जा रही है, इस विषय में हमारी सरकार पर्वतीय क्षेत्रों में वेरिफिकेशन ड्राइव शूरू करने जा रही है। इस वेरिफिकेशन के माध्यम से हम ये सुनिश्चित करेंगे कि पहाड़ की संस्कृति एवं सामाजिक परिवेश को सुरक्षित रखा जा सके।

हिम प्रहरी योजना, भू कानून पर उच्च स्तरीय समिति
पलायन की समस्या की रोकथाम के लिये हम शीघ्र ही उत्तराखण्ड के नौजवानों एवं पूर्व सैनिकों की सहायता से केन्द्र सरकार के साथ मिलकर हिम प्रहरी योजना लागू करेंगे। भू-कानून को लेकर जो आशंकायें व्यक्त की गई हैं, उन पर समग्र रूप से विचार के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया जायेगा, जो एक ओर उत्तराखण्ड की भूमि के संरक्षण का ध्यान रखेगी वहीं दूसरी ओर रोजगार एवं निवेश सम्बन्धी विषयों का भी ध्यान रखेगी।

देवस्थानम बोर्ड पर तीर्थपुरोहितों के अधिकारों और जनभावनाओं का रखा जाएगा ध्यान
मुख्यमंत्री ने कहा कि देवस्थानम बोर्ड को लेकर समय-समय पर चिंता व्यक्त की गयी है। हमारी सरकार तीर्थपुरोहितों के अधिकारों तथा जनभावनाओं का हमेशा ध्यान रखेगी। प्रदेश के वरिष्ठ नेता श्री मनोहरकांत ध्यानीजी से इस विषय पर आग्रह किया गया है कि वे देवस्थानम बोर्ड के बारे में सभी वर्गों से राय लेकर एक रिपोर्ट प्रस्तुत करें ताकि देवस्थानम बोर्ड के सम्बन्ध में जनभावनाओं के अनुरूप एक सुविचारित निर्णय लिया जा सके।

जनसंख्या नियंत्रण के लिए प्रभावी कानून हेतु उच्च स्तरीय समिति
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज सम्पूर्ण विश्व, पर्यावरण और क्लाइमेट चेंज की चुनौती के प्रति अत्यंत संवेदनशील है और जनसंख्या वृद्धि इस समस्या को और अधिक बढा रही है। प्रदेश की जनता भी इसको लेकर विशेष रूप से चिंतित है। हमारी सरकार जनसंख्या नियंत्रण के लिये एक उच्चस्तरीय समिति का गठन कर एक प्रभावी कानून लागू करने की दिशा में ठोस कदम उठायेगी।

अल्मोड़ा और पौड़ी को परस्पर रेलमार्ग से जोडने की सम्भावना तलाशी जाएगी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि नरेंद्र सिंह नेगी ने हमारी लोक संस्कृति और सामाजिक सरोकारों को अपने गीत-संगीत के माध्यम से देश दुनिया तक पहुंचाने का काम किया है। नरेंद्र सिंह नेगी जी को पद्म पुरस्कार दिए जाने की संस्तुति कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सांस्कृतिक नगरी अल्मोड़ा और पौड़ी को परस्पर रेलमार्ग से जोड़ने की सम्भावना तलाशी जाएगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक देश-एक विधान-एक निशान का संकल्प साकार किया
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के विजन और संकल्प शक्ति से पिछले 7 वर्षों में देश ने कई ऐतिहासिक उपलब्धियां प्राप्त की हैं। हमारा देश कई ऐसे महान निर्णयों का साक्षी बना है, जिनकी कल्पना भी इससे पहले मुश्किल थी। सैकड़ों वर्षों के संघर्ष के बाद अयोध्या में हम सभी के आराध्य भगवान श्री राम के भव्य मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ है। यह माननीय प्रधानमंत्री की संकल्प शक्ति है कि हमारे जम्मू कश्मीर के भाई बहनों को धारा 370 और 35ए से आजादी मिली। एक देश, एक विधान और एक निशान का संकल्प साकार हुआ है। मुस्लिम बहनों को तीन तलाक से हो रहे शोषण से आजादी मिली। भारत विरोधी ताकतों को मुंहतोड़ जवाब दिया जा रहा है।

दुनिया का सबसे बड़ा कोविड वैक्सीनेशन अभियान भारत में
आज देश का हर घर बिजली से रोशन है। करोड़ों परिवारों को दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य सुरक्षा योजना, आयुष्मान योजना से स्वास्थ्य रक्षा कवच मिला है। उज्जवला योजना से हमारी माताओं-बहनों का जीवन आसान हुआ है। कोरोना के इस मुश्किल दौर में आदरणीय मोदी जी के नेतृत्व में भारत ने एक सफल लड़ाई लड़ी है। दुनिया का सबसे बड़ा निःशुल्क वैक्सीनेशन अभियान हमारे देश मे चल रहा है। मुख्यमंत्री ने इसके लिए उत्तराखण्ड की समस्त जनता की ओर से प्रधानमंत्री जी को धन्यवाद दिया।

प्रधानमंत्री ने राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भागीदारी के लिए इकोसिस्टम विकसित किया
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री हमारी युवा शक्ति पर पूरा विश्वास है। देश के युवा खुलकर अपनी प्रतिभा और अपने सपनों के अनुसार खुद को विकसित कर सके इसके लिए प्रधानमंत्री की प्रेरणा से एक इकोसिस्टम तैयार किया जा रहा है। शिक्षा व्यवस्था हो, सामाजिक व्यवस्था हो या कानूनी बारीकियां, हर चीज में इन बातों को केंद्र में रखा जा रहा है। प्रधानमंत्री का कहना है कि देश और समाज में बहुत से बदलाव लाने हैं, और ये बदलाव देश के युवाओं को ही करने हैं। मुख्यमंत्री ने देश के युवाओं पर इतना विश्वास जताने और देश की प्रगति में भागीदारी के लिए युवाओं को अवसर देने के लिए युवाओं की ओर से प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया।

प्रदेश में युवाओं को रोजगार के लिए राज्य सरकार कृतसंकल्प
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने युवाओं को रोजगार के सर्वश्रेष्ठ अवसर उपलब्ध कराने की प्रतिज्ञा की है और इस दिशा में मजबूत कदम भी उठाए हैं। विभिन्न विभागों में लगभग 22 से 24 हजार रिक्त पदों और बैकलॉग की रिक्तियों पर भर्ती करने का निर्णय लिया है। सिर्फ सरकारी नौकरी ही नहीं हम युवाओं को स्वरोजगार के लिये भी प्रेरित कर रहे हैं। हमारा मानना है कि हमारे युवा साथी रोजगार मांगने वाले के स्थान पर रोजगार देने वाले बनें। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना और मुख्यमंत्री स्वरोजगार नैनो उद्यम योजना भी प्रारम्भ की गई है।

युवाओं के हित में लिए महत्वपूर्ण निर्णय
अतिथि शिक्षकों का वेतन 15 हजार से बढ़ाकर 25 हजार रूपए करने का निर्णय लिया है। राज्य के मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस इन्टर्न के स्टाईपेंड को 7500 रूपए से बढ़ाकर 17 हजार रूपए प्रतिमाह किया है। संघ लोक सेवा आयोग, पी.सी.एस., एन.डी.ए., सी. डी. एस और उसके समकक्ष प्रतियोगी परीक्षाओं में लिखित परीक्षा पास करने पर परिवार की आर्थिक स्थिति के आधार पर अभ्यर्थी को साक्षात्कार की तैयारी के लिये 50 हजार रुपए की वित्तीय सहायता दी जायेगी।

सैनिकों का किया सम्मान
मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड, वीर भूमि भी है, जिसे प्रधानमंत्री जी ने सैन्य धाम की संज्ञा भी दी है। यहां लगभग प्रत्येक परिवार का कोई न कोई सदस्य देश की रक्षा के लिये सैन्य अथवा अर्द्धसैन्य बलों में तैनात रहता है। सरकार शहीद सैनिकों के परिवारजनों के साथ खड़ी है। शहीद सैनिकों के परिवार के एक सदस्य को उसकी योग्यता अनुसार सरकारी नौकरी देने का प्राविधान किया गया है। विशिष्ट सेवा पदक से अलंकृत सैनिकों को अनुमन्य राशि में कई गुना बढ़ोत्तरी की गई है। उत्तराखंड से द्वितीय विश्व युद्ध की वीरांगनाओं एवं पूर्व सैनिकों को प्रतिमाह दी जाने वाली पेंशन को 8 हजार रुपए से बढ़ाकर 10 हजार रुपए करने का भी निर्णय लिया गया है।

कोविड प्रभावितों को राहत के लिए दिए पैकेज
कोरोना की सम्भावित तीसरी लहर को देखते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थायें सुनिश्चित की गई हैं। सभी जिला अस्पतालों, सी. एच. सी., पी. एच. सी. में पर्याप्त संख्या में ऑक्सीजन, आई.सी.यू., वेंटिलेटर, जरूरी दवाईयों के साथ ही बच्चों के अलग से वार्ड की व्यवस्था की गई है। सबको मुफ्त कोविड वैक्सीनेशन अभियान में उत्तराखण्ड देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। अगले 4 माह में प्रदेश में शत् प्रतिशत वैक्सीनेशन कर दिया जाएगा। विपरीत परिस्थितियों के बावजूद हमने कोविड से प्रभावित लोगों को जितना सम्भव हो सकता है, राहत पहुंचाने की कोशिश की है। प्रदेश में कोविड-19 से प्रभावित पर्यटन एवं परिवहन के क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए लगभग 200 करोड़ रूपये का पैकेज दे रहे हैं। इससे लगभग 01 लाख 64 हजार लोग लाभान्वित होंगे। स्वास्थ्यकर्मियों को प्रोत्साहन देने और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करने के लिये 205 करोड़ रूपये का पैकेज दे रहे हैं। कोविड प्रभाव को देखते हुए लोक सेवा आयोग की परिधि के अंतर्गत एवं लोक सेवा आयोग की परिधि से बाहर समूह-ग के पदों पर चयन में अभ्यर्थियों को अधिकतम आयु सीमा में एक वर्ष की छूट दी गई है।

किसान कल्याण
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने देश के किसानों की आय को दोगुना करने का संकल्प लिया है। उत्तराखण्ड इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। सुगंधित और औषधीय पौधों की खेती को बढ़ावा देने पर सरकार कार्य कर रही है।
प्रदेश में लगभग 650 खाद्य प्रसंस्करण केन्द्र हैं, जिनकी संख्या को बढ़ाने पर भी कार्य किया जा रहा है। बागवानी को बढ़ावा देने के लिये सरकार विभिन्न योजनाओं में अनुदान दे रही है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से अब तक प्रदेश के लगभग 9 लाख किसानों को लाभान्वित किया गया है। दीन दयाल उपाध्याय सहकारिता योजना के अन्तर्गत किसानों को 3 लाख रूपए और महिला स्वयं सहायता समूहों को 05 लाख रूपए तक का ऋण बिना ब्याज के उपलब्ध कराया जा रहा है। सौर ऊर्जा और पिरूल ऊर्जा नीति, ग्रामीण युवाओं की आजीविका में सहायक हो रही है।

होमस्टे से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिल रही मजबूती
पर्यटन का क्षेत्र भी एक ऐसा क्षेत्र है, जिसको ग्रामीणों एवं युवाओं की आजीविका से जोड़ने में हमने कामयाबी प्राप्त की है। हमारी होम स्टे योजना से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। ट्रैकिंग मार्गों पर भी होम स्टे को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है। साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए इसकी अलग से विंग बनाई गई है।

मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना
प्रधानमंत्री जी के ’बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान को आगे बढ़ाते हुए हमने मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना की शुरूआत की है। इसके तहत प्रथम दो बालिकाओं के जन्म पर माता और नवजात कन्या शिशु को मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट उपलब्ध कराई जा रही है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अन्तर्गत राज्य के लगभग 63 लाख लोगों को प्रति व्यक्ति प्रति माह 5 किलो राशन मिल रहा है।

अटल आयुष्मान योजना
अटल आयुष्मान योजना में राज्य के सभी परिवारों को 5 लाख रूपए वार्षिक की निशुल्क चिकित्सा सुविधा देने वाला उत्तराखण्ड, देश का पहला राज्य है। देशभर के 22 हजार से अधिक अस्पताल इसमें सूचीबद्ध हैं।

विकास की राह पर प्रदेश
पिछले साढ़े चार वर्षों में सरकार ने विकास के हर फ्रंट पर उल्लेखनीय कार्य किये हैं। सतत् विकास लक्ष्य सूचकांक में वर्ष 2018 में हम 10वें स्थान पर थे और आज हमारा स्थान तीसरा हो गया है। ऊर्जा और कानून व्यवस्था संबंधी इंडेक्स में हमारा राज्य प्रथम स्थान पर है। जहां पिछली सरकार ने 1639 किलोमीटर लम्बाई की सड़कों को अपग्रेड करते हुए 23 नये राज्य मार्ग बनाये थे, हमारी सरकार ने वर्ष 2017 के बाद से 5000 किलोमीटर से भी अधिक लम्बाई के मार्गों को अपग्रेड करके 250 से भी अधिक मार्ग निर्मित किये हैं।

केंद्र का मिला सहयोग, इन्फ्रास्ट्रक्चर को मिली मजबूती
मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार का भी भरपूर सहयोग मिल रहा है। केंद्र सरकार द्वारा एक लाख करोड़ रूपए से अधिक की विभिन्न के परियोजनाएं प्रदेश के लिए स्वीकृत हुई हैं। 125 किमी लम्बी ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना और 889 किलोमीटर की ऑल वेदर रोड परियोजना पर तेजी से काम किया जा रहा है। बी. आर. ओ द्वारा पिथौरागढ़, चमोली, उत्तरकाशी आदि सीमांत जनपदों में सड़कों और पुलों का निर्माण किया जा रहा है।
प्रदेश में नये राष्ट्रीय राजमार्गों के लिये 01 हजार करोड़ और केन्द्रीय सड़क निधि के अन्तर्गत लगभग 915 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्राप्त हुई है। वह समय दूर नहीं जब दिल्ली से देहरादून केवल 2 घंटे में आ सकेंगे। हरिद्वार-देहरादून का सफर अब केवल 45 मिनिट में पूरा किया जा रहा है। देहरादून से टिहरी झील के लिए 2-लेन टनल और पीलीभीत-खटीमा राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण के लिए भी केंद्र से सहमति मिली है। वर्षों से रुके हुए डोबरा चांठी पुल के पूरा होने से प्रतापनगर और टिहरी के बीच 80 किलोमीटर की दूरी कम हुई है, और क्षेत्र की जनता को राहत मिली है। जौलीग्रांट एयरपोर्ट को अंतर्राष्ट्रीय स्तर का बनाया जा रहा है। ऊधमसिंहनगर में ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट विकसित किया जा रहा है। उत्तराखण्ड पहला राज्य है, जहां उड़ान योजना में हेली सर्विस शुरू की गई है।

प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में भव्य केदारपुरी का पुनर्निर्माण
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में केदारनाथ धाम का पुनर्निर्माण करते हुए इसे पहले से भी अधिक भव्यता प्रदान की गई है। बद्रीनाथ धाम के लिए भी कार्ययोजना बनाई जा रही है। इसके अतिरिक्त भारतमाला परियोजना, भारत नेट फेज-2, जमरानी बहुद्देशीय परियोजना, नमामि गंगे, स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट जैसी कई परियोजनाएं उत्तराखण्ड के विकास में अपना योगदान दे रही हैं।

अनेक परियोजनाओं को मिली केंद्र से मंजूरी
दिल्ली-रामनगर कॉर्बेट इको ट्रेन चलाने की भारत सरकार ने सैद्धांतिक सहमति दी है। टनकपुर बागेश्वर के ब्राडगेज सर्वे और डोईवाला से गंगोत्री यमुनोत्री के रेललाइन के सर्वे की भारत सरकार द्वारा सहमति दी गई है। हरिद्वार-देहरादून रेललाइन के दोहरीकरण का कार्य जल्द पूरा किया जाएगा। पिछले 4 वर्षों में केन्द्र सरकार के सहयोग से उत्तराखण्ड में अनेक उच्च स्तरीय संस्थाओं की स्थापना हुई है।

नई खेल नीति लाई जाएगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की बेटी वंदना कटारिया ने महिला हॉकी टीम में शानदार प्रदर्शन करते हुए हम सभी का सर गर्व से ऊंचा किया है। इससे उत्साहित होकर हमने प्रदेश में खेलों को प्रोत्साहित करने के लिये नई खेल नीति लाने का निर्णय लिया है। देहरादून में खेलो इंडिया स्टेट लेवल सेंटर और स्पोर्ट्स साइंस सेंटर का निर्माण किया जाएगा। उत्तराखण्ड के सभी 13 जनपदों में न्यूनतम एक सेंटर स्थापित किया जायेगा ।

कोविड काल में निराश्रित बच्चों को मिला मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना का सहारा
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड काल में प्रभावित परिवारों के निराश्रित बच्चों को वात्सल्य योजना का सहारा दिया है। ऐसे बच्चों को 21 वर्ष की आयु तक 3000 रुपये प्रति माह दिये जायेंगे। राज्य सरकार इन बच्चों का एक अभिभावक की तरह पूरा संरक्षण करेगी।

सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। हमारी सरकार अन्त्योदय की भावना के अनुरूप विकास का लाभ अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास कर रही है। हमारा एजेंडा विकास का एजेंडा है। मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर संकल्प लेने का आह्वान किया कि राष्ट्र निर्माण और राष्ट्र सेवा के लक्ष्य में अपना शत्-प्रतिशत योगदान देंगे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पुलिस के अधिकारियों एवं कर्मचारियों, खिलाड़ियों, पर्वतारोहियों, चिकित्सकों, पर्यावरण मित्रों एवं विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारियों को भी सम्मानित किया। उन्होंने चयनित किसानों को सम्पत्ति कार्ड भी वितरित किए। जिनको पुरस्कृत किया गया उनमें पुलिस से उप निरीक्षक निशांत कुमार, कृष्ण चन्द्र भट्ट, उमेश कुमार, मुख्य आरक्षी राधे बल्लभ राणा, सुनील तोमर, भगवती प्रसाद, पुलिस उपाधीक्षक राजन सिंह रौतेला, अंशुल मिश्रा शामिल हैं।
मुख्यमंत्री द्वारा उत्कृष्ट कार्यों के लिए पर्वतारोहण के क्षेत्र में कर्नल आई.एस. थापा, कर्नल अमित बिष्ट, हवलदार अनिल कुमार, नायक चन्द्र सिंह नेगी को पुरस्कृत किया गया। खेल के क्षेत्र में हॉकी में वन्दना कटारिया, फुटबॉल में अनिरुद्ध थापा, बॉक्सिंग में निवेदिता कार्की एवं उप क्रीडाधिकारी द्रोणाचार्य पुरस्कार प्राप्त प्रशिक्षक के.जे.एस. कलसी को पुरस्कृत किया गया। कोविड काल में सराहनीय कार्यों के लिए चिकित्सा के क्षेत्र में निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य डॉ. एस.के. गुप्ता, प्रभारी निदेशक डॉ. सरोज नैथानी, सहायक निदेशक व राज्य प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. कुलदीप मार्ताेलिया, संयुक्त निदेशक डॉ. हरीश चन्द्र मार्ताेलिया को सम्मानित किया गया। कोविड काल में सराहनीय कार्य के लिए पर्यावरण मित्र सोनू पाल, मनोज, रमन एवं रवि को पुरस्कृत किया गया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा कोविड काल की द्वितीय लहर के दौरान सराहनीय योगदान देने के लिए सिविल डिफेंस, राधा स्वामी सत्संग, देहरादून, संत निरंकारी मिशन मसूरी, दून व्यापार मण्डल से रवि आनन्द, वाणा फाउण्डेशन से बीर सिंह, रामकृष्ण मिशन सोसायटी देहरादून एवं लिण्डे इंडिया सेलाकुई को भी पुरस्कृत किया गया।
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचन्द अग्रवाल, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह, मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायक खजान दास, मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु, पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार, शासन एवं पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी एवं गणमान्य उपस्थित थे।

लखेड़ा, गौचर और गैरसैण में विशेषज्ञ डाॅक्टरों की मांग को लेकर सीएम से मिले

भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय मीडिया टीम के सदस्य सतीश लखेड़ा ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भेंटकर गौचर और गैरसैण (जनपद चमोली) के अस्पतालों में चिकित्सकों की तैनाती के संबंध में मुलाकात की। मुख्यमंत्री धामी ने चिकित्सकों की तैनाती सुनिश्चित करने हेतु सचिव स्वास्थ्य को निर्देश जारी किए।

उन्होंने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गैरसैण एवं उप सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गौचर अस्पतालों पर बहुत बड़ी आबादी के उपचार की जिम्मेदारी है उसके अनुरूप अस्पतालों की उपचार क्षमता नहीं है। गौचर अस्पताल में तो मात्र एक चिकित्सक की तैनाती है। गैरसैण और कर्णप्रयाग विकासखंड के दुर्गम क्षेत्रों के नागरिकों के यह निकटतम केंद्र हैं। चिकित्सक न होने से नागरिकों को उपचार के लिए अन्यत्र शहरों में जाना पड़ता है जो कि बहुत खर्चीला और असुविधाजनक है।अस्पतालों के मानकों के अनुसार दोनों स्वास्थ्य केंद्रों में पर्याप्त संख्या में डॉक्टरों की तैनाती की अपेक्षा है।

मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि इन दोनों केंद्रों में शीघ्र ही चिकित्सकों की तैनाती की जायेगी ताकि नगर क्षेत्र के अतिरिक्त आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों को बहुत सुविधा होगी विशेषकर गर्भवती महिलाओं, शिशुओं और बुजुर्गों को बड़ी राहत मिलेगी। लखेड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री धामी की कार्यशैली और अनुभव उनके कामकाज में स्पष्ट दिखाई दे रहा है। वह प्रमाणिक रुप से कार्य करने वाले मुख्यमंत्री हैं और प्रदेश के हर क्षेत्र में उनके द्वारा विकास कार्यों की निगरानी और समयबद्धता प्रदेश की तस्वीर बदलेगी।

स्वतंत्रता दिवस को भव्य रुप से मनाने के निर्देश

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. सन्धु ने विभागीय अधिकारियों को स्वतंत्रता दिवस को भव्य तरीके से मनाने के लिए कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों को जो तैयारियां की जानी हैं उसको समय से संपादित करें। कार्यक्रम में प्रतिभाग करने वाले लोग अनिवार्य रूप से मास्क पहनकर प्रतिभाग करेंगे और सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन करेंगे। आमंत्रित किये गये लोगों को ई-पास जारी करें तथा विगत वर्षों में विभिन्न विभागों के कार्मिकों द्वारा किये गये बेहतर कार्यों तथा कोरोना काल में बेहतरीन कोरोना वारियर्स को सम्मानित करवाने के लिये सभी विभाग ऐसे लोगों की सूची खेल विभाग को सौंप दें।
उन्होंने निर्देश दिये कि सभी जिलाधिकारी सुनिश्चित करें कि स्वतंत्रता सेनानियों को उनके आवास पर जाकर सम्मानित किया जाये तथा मुख्य कार्यक्रम में जिन लोगों को सम्मानित किया जाना है उनका अनिवार्य रूप से आरटीपीसीआर टेस्ट करके ही उन्हें सम्मिलित किया जाये। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को कार्यक्रम से जोड़ने और एक भारत श्रेष्ठ भारत तथा आत्म निर्भर भारत का संदेश प्रसारित करने को कहा।
राज्य स्तरीय मुख्य कार्यक्रम परेड ग्राउंड में आयोजित होना प्रस्तावित हैं जहां पर मुख्यमंत्री द्वारा प्रातः 10 बजे ध्वजारोहण करके कार्यक्रम की शुरूआत करेंगे। तत्पश्चात परेड की सलामी और सम्मान समारोह में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित करेंगे। इस बार भी परेड में पैरामिलिट्री फोर्स, पी.ए.सी, नागरिक पुलिस, होमगार्ड आदि के दस्ते भाग लेंगे।
विभिन्न जनपदों में प्रभारी मंत्री ध्वजारोहण करके कार्यक्रम की शुरुआत करेंगे। सभी सरकारी और गैर सरकारी भवनों पर सम्बन्धित विभागाध्यक्ष, कार्यालयाध्यक्ष द्वारा प्रातः 9 बजे ध्वजारोहण किया जायेगा तथा जनपद देहरादून के कलक्ट्रेट में जिलाध्यक्ष द्वारा प्रातः 9ः30 बजे ध्वजारोहण किया जायेगा।
इस बार के मुख्य कार्यक्रम में कोविड-19 के चलते बच्चों का प्रतिभाग नहीं कराया जायेगा। एन.सी.सी को परेड में सम्मिलित नहीं किया जायेगा, सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित नहीं किये जायेंगे तथा कवि सम्मेलन भी आयोजित नहीं किया जायेगा। विगत वर्ष की तरह स्वतंत्रता सेनानियों को उनके घर जाकर सम्मानित किया जायेगा। विभिन्न सार्वजनिक भवन में साफ-सफाई और उनको प्रकाशमान किया जायेगा और विभिन्न जनपदों में वृक्षारोपण अभियान भी चलाया जायेगा।
महत्वपूर्ण स्थलों, चैराहों पर देश भक्ति गीतों का प्रसारण किया जायेगा। एक सप्ताह पूर्व से ही शहीद स्थल, पार्क व स्मरणीय व्यक्तियों के स्टैच्यू इत्यादि की साफ-सफाई की जायेगी तथा टी.वी, रेडियो, सोशल मीडिया के माध्यम से देश भक्ति के गीतों का प्रसारण किया जायेगा।
इस दौरान बैठक में अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, एल.एल. फैनई, पुलिस महानिरीक्षक संजय गुंज्याल, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, डॉ. रंजीत सिन्हा, एस.ए. मुरूगेशन, एच.सी. सेमवाल, प्रभारी सचिव डॉ. वी. षणमुगम, विनोद कुमार सुमन, महानिदेशक सूचना रणवीर सिंह चैहान सहित सम्बंधित विभागीय अधिकारी बैठक में उपस्थित थे तथा सभी जिलाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े हुए थे।