सीएम की, आपदा में राहत कार्यों के लिये सहयोग करने की अपील

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में हाल ही में आयी आपदा में राहत कार्यों के लिये सहयोग के लिये केन्द्र सरकार के साथ ही उत्तर प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश तथा गुजरात आदि राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ ही अन्य संस्थानों का आभार जताया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा के इस कठिन दौर में राज्य सरकार अपने उपलब्ध संसाधनों का उपयोग कर पीड़ितों की मदद कर रही है। उन्होंने कहा कि संकट के समय यदि सभी लोग सहायता के लिये आगे आयेंगे तो निश्चित रूप से इस आपदा में हम आपदा प्रभावितों की बेहतर मदद कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने औद्योगिक संस्थानों, स्वयं सेवी संस्थाओं, अन्य विभिन्न संस्थाओं सहित सभी से अपील की है कि दैवीय आपदा के दृष्टिगत प्रदेश को इस समय आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था हेतु सभी की मदद की आवश्यकता है। उन्होंने सभी से यथा सम्भव सहयोग की भी अपील की है।

आखिर सीएम क्यो हुए सीएम भावुक और अधिकारियों से क्या बोले

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आपदा कार्यों को संवेदनशील होकर पूरी गंभीरता से लेते हुए पूरे मनोयोग से अधिकारी कार्य करें ताकि उन्हें व सरकार को जनता याद रखे। उन्होंने आपदा कार्यों को शीघ्र दुरूस्त करने हेतु जनपद नैनीताल व ऊधम सिंह नगर को आपदा मद से 50 करोड़ की धनराशि देने की घोषणा मुख्यमंत्री ने की।
मुख्यमंत्री ने सर्किट हाउस काठगोदाम में आपदा कार्यों की समीक्षा बैठक लेते हुए कहा कि आपदा से पीड़ित एवं प्रभावित परिवारों को उनके पारिवारिक सदस्यों की भॉति चिन्तन करते हुए शीघ्राति शीघ्र राहत पहुंचाना सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने भावुक होते हुए कहा कि आपदा के इस दौर में किसी ने अपना बेटा-बाप, मां-बहन एवं पारिवारिक सदस्य खोये हैं, परिवार में एक भी सदस्य के जाने से परिवार की परिस्थिति एवं दिनचर्या बदल जाती है, इसको संवेदनशील होकर सोचते हुए शीघ्रता से सभी प्रभावितों को राहत पहुंचाना सुनिश्चित करें।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिये कि अधिकारी कार्यों को समयबद्ध तरीके से धरातल पर लाना सुनिश्चित करें कोई भी ढिलाई बरदाश्त नहीं की जायेगी। लापरवाही करने वाले अधिकारियों को कतई बख्शा नहीं जायेगा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि नियमित कार्यों के स्थान पर आपदा सम्बन्धित कार्यों को प्राथमिकता से करें ताकि जनता को राहत मिल सके व जनजीवन सामान्य हो सके। उन्होंने कहा कि सड़के, बिजली, पानी व संचार व्यवस्थाऐं स्थायी रूप से बहाल न होने तक तुरन्त वैकल्पिक व्यवस्थाओं से बहाल की जायें तथा स्वास्थ्य सेवाएं भी दुरूस्त रखी जाये। धन की कोई कमी नहीं है, कार्यों को समयबद्धता, गुणवत्ता व पारदर्शिता से किये जायें। उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावितों को सहायता राशि तत्काल वितरित करें ताकि पीड़ितों को राहत मिल सके। जिस पर जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल ने बताया कि जनपद में 99 लाख की सहायता राशि वितरित की जा चुकी है जिसमें 17 मृतकों के परिवार शामिल हैं, और प्रभावितों का सहायता राशि वितरित की जा रही है।
आपदा प्रभावित क्षेत्रों में खाद्यान्न एवं आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बनी रहे, इस पर पैनी नज़र रखे तथा इसमें कोई कमी नहीं होनी चाहिए। आवश्यकतानुसार हैली सेवा का उपयोग करते हुए प्रभावितों राहत सामाग्री उपलब्ध करायी जाये। मुख्यमंत्री निर्देश दिये कि काश्तकारों की फसल हानि का आंकलन मानवीय दृष्टिकोण रखते हुए शीघ्रता से करें ताकि उन्हें भी मुआवजा राशि तुरन्त दी जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मण्डल में दुर्घटना सम्भावित पेड़ों के कटान की प्रक्रिया को और अधिक सरल करने हेतु वनाधिकारियों से वार्ता करते हुए खतरा बने पेड़ों का कटान कराने के निर्देश आयुक्त कुमाऊॅ मण्डल को दिये ताकि संभावित दुर्घटना से बचा जा सके। उन्होंने चोपड़ा गांव में आबादी क्षेत्र के ऊपर अटके बड़े-बड़े बोल्डरों को हटाने की व्यवस्था कराने के निर्देश जिलाधिकारी को दिये। उन्होंने चुकम में आपदा के दौरान बेघर हुए परिवारों के लिए टैण्ट की व्यवस्था करने के साथ ही खाद्य सामाग्री भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। उन्होंने निर्देशित करते हुए कहा कि वर्षाकाल में नहरों, गूलों के पानी का रूख कस्बो व घरों की ओर हो गया है, इसे रोकने हेतु कार्य योजना बनाने के निर्देश सिंचाई विभाग के अभियंताओं को दिये। वर्षाकाल में पेयजल हेतु उपयोग करने वाले पानी में एलम, ब्लीचिंग पाउडर के साथी क्लोरीनाइजेशन करना सुनिश्चित करें ताकि जनता को शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो सके, इसके साथ ही उन्होंने निर्देश दिये कि जल भराव वाले क्षेत्रों में दवा का छिड़काव करें ताकि डेंगू व अन्य जल जनित बीमारियों से बचा जा सके।
मुख्यमंत्री ने सिडकुल के पास चोरगलिया-सितारगंज मार्ग को गड्डामुक्त करने हेतु सिडकुल से धनराशि लोनिवि को तुरन्त हस्तान्तरित कराने के निर्देश मण्डलायुक्त को दिये। उन्होंने लोनिवि को निर्देश दिये कि 7 नवम्बर से पहले सड़क को गड्डामुक्त करना सुनिश्चित करें। उन्होंने गोला पुल-सर्किट हाउस के मध्य गड्डायुक्त सड़क पर नाराजगी व्यक्त करते हुए अधिशासी अभियंता को तुरन्त गड्डामुक्त करने के निर्देश दिये।
केन्द्रीय रक्षा एवं पर्यटन राज्य मंत्री अजय भट्ट ने कहा कि अधिकारी कार्यों को गंभीरता से लें, समय की बरबादी न करें तथा आदेशों को गंभीरता से लेते हुए आपदा कार्य त्वरित गति से पूर्ण करे। उन्होंने कहा विभागीय अधिकारियों को जो भी धनराशि, उपकरण आदि चाहिए उसकी मांग जिलाधिकारी को दें, धनराशि की कोई कमी नहीं है।
बैठक में काबीना मंत्री बंशीधर भगत, धनसिंह रावत, जनपद प्रभारी मंत्री स्वामी यतीश्वरानन्द, विधायक दीवान सिंह बिष्ट, नवीन दुम्का, जिला पंचायत अध्यक्ष बेला तोलिया, मेयर डॉ.जोगेन्द्र पाल सिंह रौतेला सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

आपदाग्रस्त क्षेत्रों में मूलभूत सुविधायें निर्धारित समय में पूरी की जाये-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद पिथौरागढ़ में तहसील धारचूला पंहुचकर आपदा से हुए नुकसान का जायजा लेते हुए आपदा प्रभावितों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी। उन्होंने आपदा प्रभावितों को राहत राशि के चैक भी वितरित किए।
मुख्यमंत्री ने तहसील धारचूला मुख्यालय एवं जिला मुख्यालय में अधिकारियों के साथ बैठक कर आपदा राहत कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को तत्काल राहत, पुनर्वास एवं पुनर्निर्माण के कार्यों को तेजी से करने के निर्देश दिए।
उन्होंने क्षेत्र के मृतक व्यक्तियों के प्रति दुःख एवं संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि दुःख की, इस घड़ी सरकार उनके साथ खड़ी है और उनकी हर संभव मदद करेगी। धारचूला में मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावितों को कुल 23 लाख रुपये की धनराशि के चैक वितरित किए।
धारचूला के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जिला मुख्यालय पंहुचकर नैनीसैनी एयरपोर्ट के विश्राम गृह में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक कर आपदा से हुए नुकसान की विभागवार समीक्षा की। उन्होंने कहा कि राहत, बचाव एवं पुनर्निर्माण कार्यों में तेजी लाते हुए रिस्टोरेशन कार्य कराए जाय। उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में खाद्यान्न समेत आवश्यक सामग्री की आपूर्ति नियमित रूप से की जाय। जनपद में सड़क, संचार, विद्युत तथा पेयजल समेत सभी मूलभूत सुविधाओं को यथाशीघ्र दुरुस्त करते हुए स्वास्थ्य एवं शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त रखा जाय,ताकि जनता को किसी भी प्रकार की समस्या न हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बंद सड़कों को खोले जाने का कार्य युद्ध स्तर पर किया जाय। इस हेतु अतिरिक्त मशीनरी को लगाया जाय। उन्होंने निर्देश दिये कि जिले में आगामी 7 नवम्बर तक सभी सड़कों को गड्ढा मुक्त किए जाने का लक्ष्य रखा गया है, इस हेतु यथाशीघ्र कार्य प्रारम्भ किया जाप, साथ ही उन्होंने सभी सड़क मार्गों में झाड़ी कटान व नाली निर्माण का भी कार्य कराने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि कृषि,औद्यानिकी को भी जितनी क्षति हुई है, उसका भी तुरंत आंकलन किया जाय।
जिलाधिकारी डॉ आशीष चौहान ने जनपद में विगत दिनों तेज बारिश से हुए नुकसान और प्रशासन द्वारा किए गए राहत, बचाव एवं पुनर्निर्माण कार्यों के बारे में जानकारी दी। विगत दिनों हुई भारी वर्षा से जनपद में कुल 105 सड़कें बंद हो गई थी जिसमें से 66 सड़कों को यातायात हेतु खोल दिया गया है। शीघ्र ही सभी सड़कों को यातायात हेतु खोल दिया जाएगा। जिले में उच्च हिमालयी क्षेत्र में फसे लगभग 120 पर्यटकों को हैलीकॉप्टर से सुरक्षित निकाल लिया गया है। इसके अतिरिक्त 108 क्षतिग्रस्त पेयजल लाईनों में से 87 लाईनों को अस्थाई रूप से सुचारू कर दिया गया है, भारी वर्षा से जिले के कुल 580 गाँवों में विद्युत व्यवस्था बाधित हो गई थी जिसमें से 559 गांवों में विद्युत व्यवस्था सुचारू कर दी गई है।
बैठक से पहले, मुख्यमंत्री एवं सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों आदि के द्वारा सभी दिवंगतों की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया। तहसील पिथौरागढ़ के ग्राम सटगल निवासी भगवान राम तथा छाना पांडेय निवासी निर्मला पांडेय को क्रमशः 48 हजार तथा 39 हजार 900 रुपये के चेक वितरित किए गए। बैठक के उपरांत मुख्यमंत्री द्वारा जनता की समस्याएं भी सुनी। इस दौरान उन्होंने कहा कि मौसम विभाग की चेतावनी के मद्देनजर प्रदेश में अलर्ट जारी करते हुए सभी पूर्व तैयारियां की गई जिस कारण प्रदेश में हुई इस भीषण वर्षा में जनहानि को कम कर पाए। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही पुनर्निर्माण के कार्य पूर्ण कर लिए जाएंगे, इस हेतु तेजी से कार्य किया जा रहा है।
इस दौरान कैबिनेट मंत्री बिशन सिंह चुफाल, डॉ. धन सिंह रावत, विधायक चंद्रा पंत, मीना गंगोला, अध्यक्ष जिला पंचायत दीपिका बोहरा, अध्यक्ष नगर पालिका राजेन्द्र रावत, अध्यक्ष जिला सहकारी बैंक मनोज सामंत, सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि व विभागों के अधिकारी आदि मौजूद रहे।

चंपावत पहुंचे सीएम, पीड़ित परिवारों को बधांया ढ़ाढंस

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज आपदा प्रभावित जनपद चम्पावत में हालात का जायजा लिया। उन्होंने चम्पावत के तेलवाडा में जाकर आपदा में मृतकों के परिजनों से मिलकर उनके प्रति संवेदना व्यक्ति की। मुख्यमंत्री ने दिवंगतों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना भी की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार उनकी पीड़ा को समझती है तथा इस मुश्किल घड़ी में सरकार पीड़ितों एवं आम जनमानस के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि सरकार की तरफ से पीड़ितों को हर संभव मदद दी जाएगी। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि जनपद में आपदा प्रभावितों को जल्द से जल्द मुवावजे देने की कार्रवाई पूरी की जाए।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने सर्किट हाउस में समस्त जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने कहा कि राहत एवं बचाव कार्यों में लापरवाही ना बरती जाए तथा कहा कि बचाव व राहत कार्यों में तेजी से काम किया जाएं।
उन्होंने निर्देश दिए कि शीघ्र, अति शीघ्र आपदा प्रभावित इलाकों में राशन व्यवस्था समेत मूलभूत आवश्यकताओं की व्यवस्था की जाए। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि आपदा से निपटने के लिए उपकरणों की आवश्यकता है तो क्रय कर लिए जाएं। उन्होंने निर्देश दिए की जिन परिवारों को विस्थापित किया जाना है, उनके लिए स्थान का जल्द से जल्द चयन कर उन्हें विस्थापित की जाने की कार्रवाई जल्द से जल्द की जाए। कहा की युद्ध स्तर पर कार्य करें। उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देश दिए कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों का भू सर्वेक्षण किया जाए। जिसमे एडीएम को उसका नोडल अधिकारी बनाया जाए। प्रशासन को निर्देश दिए कि आपदा ग्रस्त लोगों को हर सम्भव सहयोग दिया जाए।
उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिए कि जनपद में संचार, सड़क, बिजली तथा पानी जैसी मूलभूत आवश्यकताओं समेत सभी व्यवस्थाओं को जल्द से जल्द दुरुस्त किया जाए।
जिलाधिकारी विनीत तोमर ने जनपद में राहत कार्यों के बारे में जानकारी दी। इस दौरे पर मुख्यमंत्री के साथ आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, विधायक पूरण फर्त्याल, कैलाश गहतोड़ी तथा स्थानीय जनप्रतिनिधि समेत अन्य मौजूद रहे।

आपदा पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद समय पहुंचाये-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को चमोली जिले के आपदा प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेने के बाद कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ आपदा राहत कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अवरुद्ध मार्गाे, क्षतिग्रस्त बिजली और पेयजल लाईनों को जल्द से जल्द बहाल करने तथा आपदा पीड़ित परिवारों तक हर संभव मदद पहुंचाने के निर्देश दिए अधिकारियों को दिए।
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि आपदा प्रभावित सभी क्षेत्रों में मेडिकल सुविधा एवं दवाइयां पहुंचाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि लोगों के जीवन को बचाने के लिए पूरे प्रदेश में एयर एंबुलेंस की व्यवस्था की गई है। उन्होंने निर्देश दिए कि गैस सिलेण्डर फटने से जिला अस्पताल गोपेश्वर में भर्ती गंभीर घायलों को आज ही एयर एम्बुलेंस से हायर सेंटर रेफर किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा राहत कार्याे में संसाधनों की कोई कमी नही होने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि अतिवृष्टि के कारण जो भी सड़के अवरूद्व हुई है उनको जल्द से जल्द बहाल करें। इसके लिए यदि अतिरिक्त जेसीबी मशीन या कही पर जेसीबी मशीन एयर लिफ्ट करने की आवश्यकता है तो संज्ञान में लाया जाए। जिन क्षेत्रों में विद्युत एवं पेयजल लाईनें क्षतिग्रस्त हुई है उनको तत्काल सुचारू किया जाए। प्रभावित क्षेत्रों में खाद्यान्न की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करें। जिन क्षेत्रों में दूरसंचार व्यवस्था बाधित हुई है वहां पर वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर डब्लूएलएल फोन की व्यवस्था की जाए। लोक निर्माण विभाग को आगामी 7 नवंबर तक सभी सड़कों को गढडा मुक्त बनाने के निर्देश भी दिए। कहा कि इसमें किसी प्रकार की लापरवाही न की जाए।
मुख्यमंत्री ने आपदा में त्वरित कार्यवाही के लिए जिला प्रशासन के कार्यों की सराहना भी की। कहा कि आपदा में सभी ने अच्छा कार्य किया है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बद्रीनाथ में मास्टर प्लान के तहत संचालित कार्यों के बारे में भी जानकारी ली। बैठक से पूर्व मुख्यमंत्री ने गोपेश्वर जिला अस्पताल पहुंचकर यहां पर भर्ती मरीजों का हाल भी जाना।
जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री को चमोली जिले में आपदा से हुए नुकसान और संचालित राहत व बचाव कार्यों की जानकारी दी।
बैठक में पर्यटन एवं जनपद के प्रभारी मंत्री सतपाल महाराज, आपदा प्रबंधन मंत्री डा. धन सिंह रावत, भाजपा जिला अध्यक्ष रघुवीर बिष्ट, जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष गजेन्द्र सिंह रावत सहित पुलिस अधीक्षक यशवंत सिंह चौहान, बीआरओ के कमांडर कर्नल मनीष कपिल एवं समस्त विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

पीएम स्वनिधि के पंजीकृत लाभार्थियों के लिए 17 करोड़ रूपये स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा के क्रम में पीएम स्वनिधि योजनान्तर्गत पंजीकृत सभी लाभार्थियों को रू. 2000 प्रतिमाह की दर से 5 माह तक आर्थिक सहायता प्रदान किये जाने हेतु प्रथम किस्त के रूप में 17 करोड़ रूपये की स्वीकृति का शासनादेश जारी कर दिया गया है।

सीएम ने चमोली जिले का दौरा कर प्रभावितों का दर्द जाना

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को चमोली जिले के आपदा प्रभावित डुंग्री गांव का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने अतिवृष्टि के कारण भूस्खलन में लापता दो लोगों के परिजनों से भेंट करते हुए परिवार को सांत्वना दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्रभावित परिवारों की हर संभव मदद करेगी। उन्होंने डुंग्री गांव में आपदा से हुए नुकसान का जायजा भी लिया और अधिकारियों को राहत व बचाव कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिए। भरोसा दिया कि किसी भी संसाधन की कमी नही होने दी जाएगी। सर्वेक्षण के दौरान मुख्यमंत्री के साथ पर्यटन एवं जिला प्रभारी मंत्री सतपाल महाराज एवं आपदा प्रबंधन मंत्री डा. धनसिंह रावत भी मौजूद रहे।

प्रभारी मंत्री अपने जिलों में राहत कार्यों का स्थलीय निरीक्षण कर प्रभावितों की मदद करे-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी जनपदों के प्रभारी मंत्रीगणों से अपेक्षा की है कि प्रदेश में घटित प्राकृतिक आपदा से प्रभावित लोगों को तत्काल राहत इत्यादि प्रदान किये जाने के उद्देश्य से अपने-अपने जनपदों का अविलम्ब भ्रमण करते हुए आपदा प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण, बचाव एवं राहत कार्यों की समीक्षा, राहत सामग्री/धनराशि का वितरण एवं प्रभावित परिवारों की कुशल क्षेम तथा क्षतिग्रस्त कार्यों का पुनर्निर्माण इत्यादि की कार्यवाही त्वरित गति से सम्पन्न कराने की व्यवस्था की जाय। उन्होंने कहा कि जनपद के अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की जाय ताकि आपदा से प्रभावित जनमानस को यथासमय आसानी से राहत इत्यादि प्राप्त हो सके तथा क्षतिग्रस्त कार्यों को समय से पूर्ण कराया जा सके।
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया है कि वर्तमान समय में उत्तराखण्ड राज्य के लगभग समस्त जनपद अतिवृष्टि के कारण आपदा से अत्यधिक प्रभावित हुए हैं। इस आपदा से जनपदों में भूस्खलन, बाढ़ इत्यादि के कारण अत्यधिक नुकसान एवं जनहानि भी हुई है। उक्त आपदा की स्थिति से निपटने के लिये सरकार निरन्तर राहत एवं बचाव कार्यों के लिये पूर्णरूपेण प्रयासरत है। मुख्यमंत्री ने इस सम्बन्ध में सभी से व्यक्तिगत ध्यान देने के साथ ही आवश्यक सहयोग की भी अपेक्षा की है।

मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार ने राहत व बचाव कार्य बेहतर ढंग से चलाया-अमित शाह

केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने प्रदेश के आपदा प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर हालात का जायजा लिया। उनके साथ राज्यपाल उत्तराखण्ड ले.ज. (से.नि.) गुरमीत सिंह, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, केन्द्रीय रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट, उत्तराखण्ड के आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ धन सिंह रावत व राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी भी थे।
इसके बाद राज्य अतिथि गृह, जौलीग्रांट में केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने उच्च स्तरीय बैठक में प्रदेश में आपदा की स्थिति और संचालित राहत व बचाव कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार देवभूमि की हर सम्भव सहायता करेगी। भविष्य में और बेहतर आपदा प्रबंधन के लिए क्या किया जा सकता है, राज्य सरकार इस संबंध में अपने सुझाव भेजे। आपदाग्रस्त व जलभराव वाले क्षेत्रों में मेडिकल टीमें भेजी जाएं ताकि किसी तरह की बीमारियों को फैलने से रोका जा सके। क्षतिग्रस्त बिजली लाईनों को पूरी तरह जल्द से जल्द ठीक की जाए। केंद्रीय व राज्य की एजेंसियों में बेहतर समन्वय देखने को मिला, इसे इसी प्रकार बनाए रखा जाए। बैठक में केन्द्रीय गृह मंत्री के समक्ष प्रस्तुतिकरण देते हुए बताया गया कि भारी बारिश का अलर्ट मिलने के तत्काल बाद मुख्यमंत्री स्तर पर समीक्षा की गई। तुरंत इन्सीडेंस रेस्पोंस सिस्टम को राज्य व जिला स्तर पर सक्रिय कर दिया गया। एहतियातन तीर्थ यात्रियों और पर्यटकों को सुरक्षित स्थानों पर रोक लिया गया। साथ ही स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित कर दिया गया। विभिन्न माध्यमों से यात्रियों और जनसाधारण को भी अलर्ट किया गया। ट्रैकर्स को भी अलर्ट किया गया। नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखी गई और आवश्यक कदम उठाए गए। आईएमडी के अनुसार सामान्य रूप से 1.1 मिमि बारिश होती है जबकि अभी 122.4 मिमि बारिश हुई। इन दो दिनों में सभी जगह रिकार्ड बारिश हुई। परंतु सही समय पर अलर्ट और तदनुसार एहतियात कदम उठाने से हानि को कम किया जा सका। प्रदेश में इस समय एनडीआरएफ की 17 टीमें तैनात हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्र से मिले सहयोग पर आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सेना, एनडीआरएफ, सीडब्ल्यूसी, बीआरओ के साथ मिलकर राज्य सरकार आपदा की तीव्रता को कम कर सकी। लोगों को अधिक से अधिक राहत पहुंचाने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। चारों धाम की यात्रा शुरू की जा चुकी है।
बैठक में केन्द्रीय रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट, उत्तराखण्ड के आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ धन सिंह रावत, मुख्य सचिव डॉ एस एस संधु, अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, डीजीपी अशोक कुमार, प्रमुख सचिव आर के सुधांशु, सचिव एस ए मुरूगेशन, डॉ बीवीआरसी पुरुषोत्तम, डीआईजी एसडीआरएफ रिद्धिम अग्रवाल उपस्थित थे। बैठक में भारत सरकार के अधिकारी भी उपस्थित थे।
बैठक के बाद केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि इस संकट की स्थिति में भारत सरकार हर तरीके से देवभूमि के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बहुत अच्छे से काम किया है। इस कारण से कम नुकसान हुआ है। आने वाले दिनों में भी इसी प्रकार का समन्वय रहेगा।
अमित शाह ने कहा कि दो घंटे के हवाई निरीक्षण और समीक्षा बैठक में स्थिति का जायजा लिया। यह बात स्पष्ट है कि भारत सरकार द्वारा सही समय पर अलर्ट करने से नुकसान को कम किया जा सका। 24 घंटे पहले चेतावनी मिलने से मुख्यमंत्री ने पूरे सिस्टम को एक्टिवेट किया। लोगों को भी अलर्ट कर दिया गया। चारधाम यात्रियों को पहले ही सुरक्षित स्थानों पर रोक दिया गया। इसी का परिणाम है कि अभी तक चारधाम यात्रियों में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। यात्रा अब शुरू भी कर दी गई है। सभी एजेंसियां समय पर सक्रिय हो गई थी। प्रधानमंत्री जी ने मुख्यमंत्री से बात कर समय पर राज्य को हेलीकॉप्टर उपलब्ध कराए। भारत सरकार से हर सम्भव सहयोग दिया जा रहा है। सेंटर वाटर कमीशन और सिंचाई विभाग में अच्छा समन्वय रहा। अभी तक 64 दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु हुई हैं। कुछ लोग लापता हैं। ज्यादातर सड़कें खुल गई हैं। पेयजल, बिजली, टेलीफोन नेटवर्क की आपूर्ति भी काफी बहाल कर दी गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने राहत व बचाव कार्य बहुत अच्छे से चलाया। इससे बहुत सी जानों को बचाया जा सका। 3500 लोगो को रेस्क्यू किया गया जबकि 16 हजार लोगों को एहतियातन सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। एनडीआरएफ की 17 टीमें, एसडीआरएफ की 60 टीमें, पीएसी की 15 कम्पनियां और पुलिस के 5 हजार जवान आज भी बचाव व राहत में लगे हैं। जल्द ही सामान्य स्थिति हो जाएगी। नुकसान का आंकलन किया जा रहा है। वास्तविक नुकसान का आंकलन पूरे सर्वे के बाद हो पाएगा। वैसे डिजास्टर फंड में उत्तराखण्ड को पहले से ही 250 करोड़ रुपए की राशि दी गई है। इससे काम किया जा रहा है।

मेरा और मेरी पार्टी का एजेंडा राज्य का विकास करना है-धामी

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को छोड़कर राज्य में अन्य सभी पार्टियों का एजेंडा केवल चुनाव है और वह प्रदेश को आगे बढ़ाने के लिए ईमानदारी से काम कर रहे हैं। धामी ने एक न्युज एजेंसी को दिए साक्षात्कार कहा, भाजपा को छोड़कर सभी पार्टियां उत्तराखंड में चुनाव के लिए काम कर रही हैं। ये साढ़े चार साल गायब रहती हैं और अंत में चुनाव के समय आकर अपनी घोषणाएं करना शुरू कर देती हैं, इसलिए उनका एजेंडा केवल चुनाव है। उन्होंने कहा, हमारा एजेंडा केवल चुनाव नहीं है। हम प्रदेश को आगे बढ़ाने के लिए ईमानदारी से काम कर रहे हैं। (प्रधानमंत्री नरेंद्र) मोदी जी ने हमें विजन-2025 दिया है। जब 2025 में राज्य 25 वर्ष का होगा, तब यह हर क्षेत्र में आगे होगा और हिंदुस्तान का एक आदर्श राज्य होगा। उन्होंने (मोदी ने) स्वयं कहा है और वह इसके लिए प्रयासरत हैं। हम इसे साकार बनाने के लिए प्रयासरत हैं। इसके लिए हम सभी का आशीर्वाद चाहते हैं, जो मिल भी रहा है।
दलित नेता यशपाल आर्य के भाजपा छोड़कर कांग्रेस में जाने के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे भाजपा पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा, हमारी पार्टी एक लोकतांत्रिक और संगठन आधारित पार्टी है। हमारी पार्टी देश प्रथम, पार्टी द्वितीय और व्यक्ति अंतिम के सिद्धांत पर काम करती है और हमारा लक्ष्य प्रदेश को आगे बढाना है। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता इस आधार पर काम नहीं करते कि कौन आता है और कौन जाता है तथा वे इस आधार पर काम करते हैं कि देश और प्रदेश के लिए क्या अच्छा है।
कांग्रेस के दल-बदल को बढ़ावा नहीं देने, लेकिन भाजपा की ऐसी गतिविधियों का जवाब देने से न चूकने संबंधी पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए धामी ने कहा, श्श्एक तरफ हरीश रावत कहते हैं कि हम दल-बदल को बढ़ावा नहीं देंगे और दूसरी तरफ वह ऐसा कर भी रहे हैं। कांग्रेस महासचिव रावत ने कहा था कि कांग्रेस दल-बदल को बढ़ावा नहीं देती और उत्तराखंड के लिए इसे अशुभ मानती है लेकिन अगर भाजपा दल-बदल की गेंद से हमारे साथ खेलेगी, तो हम भी चूकेंगे नहीं।
धामी ने कहा, यदि लोग उनकी पसंद के हैं तो वे कहते हैं कि आ जाइए और पसंद के नहीं हैं तो उनके लिए अपने मानक बना देते हैं। किसान आंदोलन के कारण चुनावों में भाजपा को नुकसान पहुंचने की संभावना के बारे में पूछे जाने पर धामी ने सीधा जवाब नहीं दिया और कहा कि वह एक सैनिक परिवार के होने के साथ ही स्वयं एक किसान भी हैं। उन्होंने कहा, सभी किसान हमारे भाई हैं और हम आपस में मिलते-जुलते और बात करते रहते हैं। हम एक परिवार है। चुनाव एक अलग विषय है। मैं उनके बीच से हूं और मुझे लगता है कि वे ऐसा सोचेंगे भी नहीं।
चारधाम प्रबंधन देवस्थानम बोर्ड को भंग किए जाने को लेकर पुरोहितों के आंदोलन के बारे में धामी ने कहा कि वह स्वयं सबसे बात कर रहे हैं और इस संबंध में वरिष्ठ भाजपा नेता मनोहर कांत ध्यानी की अध्यक्षता में बनी समिति सभी पक्षों को सुनकर नवंबर तक अपनी रिपोर्ट दे देगी। पलायन के मुददे पर धामी ने कहा कि वन अनुसंधान संस्थान के पूर्व निदेशक एस एस नेगी की अध्यक्षता में बने पलायन आयोग ने इस पर काम किया है और कई रिपोर्ट तैयार की हैं। उन्होंने कहा, हम पलायन रोकने के लिए स्वरोजगार जैसी योजनाएं लाकर नए सिरे से काम कर रहे हैं ताकि लोगों को काम मिले, उनकी आजीविका चल सके।
अपने 100 दिन के कार्यकाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी कोशिश रही है कि नौकरशाही सही से काम करे और लोगों की समस्याओं का निस्तारण हो। उन्होंने कहा कि घोषणाएं करने से पहले उन्होंने संबंधित विभागों से आकलन कराया और उसके बाद वित्त विभाग से परामर्श लिया, जिससे उनके लाभ लोगों को जल्द मिलने लगे। उन्होंने कहा कि कोविड-19 से ज्यादा प्रभावित हुए पर्यटन, स्वास्थ्य, परिवहन और सांस्कृतिक क्षेत्रों के लिए उन्होंने पैकेज घोषित किए।
धामी ने भरोसा जताया कि चुनाव के परिणाम भाजपा के अनुकूल रहेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के केंद्र में आने के बाद से उत्तराखंड के लिए ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन, चारधाम आल वेदर रोड, हवाई संपर्क, भारत माला परियोजना और भव्य केदारपुरी निर्माण, 250 करोड़ रुपए के बदरीनाथ मास्टर प्लान सहित चारों धामों के लिए 700 करोड़ रुपए से ज्यादा के काम समेत कई ऐतिहासिक कार्य हुए हैं और इसका लाभ भाजपा को मिलेगा।